नारायण प्रसाद सेन रायपुर (शोर संदेश) सेलून व्यवसाय करने वाले ऐसे लोग होते हैं जो रोज कमाते हैं और रोज उसी आय से अपने घर परिवार का खर्चा चलाते हैं | छत्तीसगढ़ में लगातार प्रथम एवं द्वितीय लॉकडाउन के चलते लंबे समय से सेलून व्यवसाय बंद होने के कारण सेलून व्यवसायियों की आर्थिक स्थिति बद से बदतर हो चुकी है साथ ही सेलून व्यवसायियों को व्यवसाय करने हेतु कब तक अनुमति मिलेगी यह भी अभी अनिश्चित है | ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ में जब पहला लॉकडाउन 2020 में लगा था तब सेलून व्यवसाय संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजीव कुमार सेन ने कहा था कि चुंकि सेलून व्यवसाई अभी तक सेवक के रूप में काम करते आए हैं तो उन्हें लॉकडाउन की इस विषम परिस्थितियों में सेलून व्यवसायियों को 15000 रुपये प्रति माह की आर्थिक मदद एवं 50 लाख रुपये का बीमा तथा सरकार की गाइडलाइन के अनुसार सैनिटाइजर, पी.पी.ई.किट तथा कोरोना से सावधानी बरतने वाले गाइडलाइन का पोस्टर निःशुल्क सरकार सैलून व्यवसायियों को उपलब्ध कराएं| इसकी मांग संजीव कुमार सेन ने माननीय राज्यपाल महोदया अनुसुइया उइके, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत, रायपुर कलेक्टर महोदय एस. भारतीदासन से ज्ञापन सौंपकर प्रथम लॉकडाउन के समय शासन से मांग की थी जिसका आज तक शासन की ओर से इन बातों को संज्ञान में लेकर कुछ कार्यवाही हुई या नहीं इसका जवाब आज तक नहीं मिल पाया |लगातार सेलून व्यवसाय पर कोरोना के कारण लॉकडाउन के चलते दुकान ना खुलने से 40 से 60 प्रतिशत ग्राहक ट्रिमर खरीद कर घर में ही कटिंग और दाढ़ी बना रहे हैं जिससे ग्राहकी का बहुत फर्क पड़ रहा है | एक तरफ राज्य सरकार तो मान ही रही है कि सेलून व्यवसाय से दुकान खोलने पर कोरोना संक्रमण फैलता है साथ ही दूसरी तरफ केंद्र सरकार भी यह मान रही है कि सेलून व्यवसाय से कोरोना संक्रमण फैलता है तभी तो दुकान को खोलने की अनुमति नहीं दी जा रही है जबकि सैलून व्यवसाय करने वाले पुरखों से यह व्यवसाय करते आ रहे हैं लेकिन किसी को कोई संक्रमण नहीं फैला है लेकिन बैठे-बिठाए कुछ लोग जबरदस्ती का झूठा आरोप लगाकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं तो इसका खामियाजा सेलून व्यवसाई क्यों भुगते | सेलून व्यवसाय के लिए अभी तक कोई कठोर व्यवस्था नहीं की गई है लेकिन सेलून व्यवसायियों को ही व्यवस्था बनाने के लिए शासन द्वारा हमेशा प्रतिबंधित क्यों किया जाता है यह सेलून व्यवसाय संघ जानना चाहता है? छत्तीसगढ़ सैलून व्यवसाय संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजीव कुमार सेन ने पुनः शासन से मांग की है कि सेलून व्यवसाय को अति शीघ्र ही व्यवसाय करने की अनुमति दी जाए व शासन द्वारा सेलून व्यवसायियों को लॉकडाउन अवधि के लिए आर्थिक मदद हेतु 15000 रुपये प्रतिमाह प्रदान किया जाए साथ ही सैलून व्यवसायियों को 50,00000 रुपये का बीमा एवं शासन की गाइडलाइन के अनुसार सैनिटाइजर, पी.पी. ई. किट एवं कोरोना की सावधानी हेतु गाइडलाइन वाले पोस्टर शासन निःशुल्क उपलब्ध कराएं एवं सेलून व्यवसायियों को वैक्सीन में प्राथमिकता देकर अतिशीघ्र वैक्सीनेशन कराया जाए |