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बजट के बाद कृषि सुधारों पर मंथन, पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे वेबिनार को संबोधित

06-Mar-2026
नई दिल्ली ( शोर संदेश )। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए “कृषि और ग्रामीण परिवर्तन” विषय पर बजट के बाद आयोजित वेबिनार को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस वेबिनार का उद्देश्य कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों में सुधार और संभावनाओं पर चर्चा करना है।
इस थीम के तहत प्रधानमंत्री चार प्रमुख क्षेत्रों को कवर करते हुए आठ अलग-अलग वेबिनार सत्र आयोजित कर रहे हैं। इनमें कृषि, पशुपालन और डेयरी, मत्स्य पालन तथा ग्रामीण आजीविका जैसे अहम क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन सत्रों में इन क्षेत्रों के विकास और निवेश को बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।
वेबिनार में काजू, नारियल, चंदन, अगरवुड, बादाम, अखरोट और चीड़ जैसी फसलों की क्षमता को उजागर करते हुए उच्च मूल्य वाली कृषि को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही कृषि के लिए एआई संचालित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और भारत विस्तार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
सत्रों में पशुपालन मूल्य शृंखला में निजी क्षेत्र के निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देने, मत्स्य पालन के लिए जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास तथा तटीय मत्स्य पालन मूल्य शृंखलाओं को मजबूत करने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा ‘एसएचई-मार्ट्स’ के जरिए ग्रामीण महिला उद्यमियों द्वारा बनाए गए उत्पादों की बाजार तक पहुंच बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा।
केंद्रीय बजट 2026-27 में उच्च मूल्य वाली कृषि, संबद्ध क्षेत्रों और प्रौद्योगिकी आधारित खेती पर विशेष जोर दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण रोजगार सृजन और कृषि पद्धतियों के आधुनिकीकरण के लिए कई लक्षित हस्तक्षेपों का प्रस्ताव रखा है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट में कृषि क्षेत्र के लिए 1,62,671 करोड़ रुपए के आवंटन की घोषणा की है, जो 2025-26 के संशोधित अनुमान 1,51,853 करोड़ रुपए से लगभग 7% अधिक है। मंत्रालय का व्यय हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ा है। यह 2013-14 में लगभग 21,933.50 करोड़ रुपए था, जो 2025-26 के बजट अनुमानों में बढ़कर लगभग 1,51,853 करोड़ रुपए हो गया है।
बजट 2026-27 का उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देना है ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके। इसके साथ ही पूर्वोत्तर क्षेत्र में अगर के वृक्षों और देश के पहाड़ी इलाकों में बादाम, अखरोट और चीड़ के मेवों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि लगभग 3 करोड़ लोग अपनी आजीविका के लिए नारियल पर निर्भर हैं, जिनमें करीब 1 करोड़ किसान शामिल हैं। प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों में पुराने और कम उत्पादक पेड़ों को नई पौधों और उन्नत किस्मों से बदलने सहित विभिन्न उपायों के साथ नारियल प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी।   
 


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