नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पर रवाना होने से पहले जारी अपने प्रस्थान वक्तव्य में कहा कि उनकी यह यात्रा यूरोप और जी-7 देशों के साथ भारत की बढ़ती साझेदारी को नई गति देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह दौरा भारत के रणनीतिक, आर्थिक और नवाचार सहयोग को और मजबूत करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की सामरिक दृष्टि में फ्रांस का विशेष स्थान है। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष की शुरुआत में इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को ‘विशेष वैश्विक सामरिक साझेदारी’ के स्तर तक उन्नत किया गया था। नीस में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ होने वाली बैठक में फरवरी से अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी और सहयोग के अगले चरणों पर चर्चा होगी। साथ ही, दोनों नेता वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे।
पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वह 14 जून को नीस में राष्ट्रपति मैक्रों के साथ ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन करने को लेकर उत्साहित हैं। भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के तहत आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ने का मंच बनेगा और उच्च शिक्षा संस्थानों से उभर रहे नवाचारों को बढ़ावा देगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह 14 और 15 जून को स्लोवाकिया की राजकीय यात्रा करेंगे। 1993 में स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक दौरा द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देगा। इस दौरान उनकी मुलाकात स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से होगी। साथ ही, वे वहां के व्यापारिक नेताओं के साथ भी बातचीत करेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि स्लोवाकिया से वह फ्रांस के एवियां पहुंचेंगे, जहां 16 और 17 जून को आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन 2026 में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि जी-7 में भारत की उपस्थिति साझेदार देशों के विश्वास और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतीक है। यह लगातार आठवां अवसर है जब भारत को जी-7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत इस मंच पर अपने विचार रखने के साथ-साथ ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को भी मजबूत आवाज देगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वह 18 जून को पेरिस में अपनी यात्रा का समापन करेंगे, जहां राष्ट्रपति मैक्रों के साथ विवाटेक 2026 में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि यह यूरोप का सबसे बड़ा प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन है और इस बार इसमें भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय पवेलियन होगा। उन्होंने पेरिस में भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात को लेकर भी उत्साह व्यक्त किया।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि फ्रांस और स्लोवाकिया की उनकी यात्रा यूरोप और जी-7 के साथ भारत की गहन होती सहभागिता को नई गति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यह दौरा महाद्वीप के देशों और अन्य वैश्विक साझेदारों के साथ सहयोग के दायरे का विस्तार करने की भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगा।