नई दिल्ली। (शोर संदेश) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली में रक्षा सेवाओं के लिए वित्तीय शक्तियों के संशोधित प्रत्यायोजन (डेलीगेशन ऑफ फाइनेंशियल पावर्स) को जारी किया। चिकित्सा और निर्माण परियोजनाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में वित्तीय शक्तियों में 100% तक वृद्धि की गई है। कुछ मामलों में यह बढ़ोतरी दोगुने से भी अधिक है। इस कदम से फील्ड कमांडरों की परिचालन क्षमता मजबूत होगी और अनुबंधों को शीघ्र अंतिम रूप देने के साथ परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
संशोधित वित्तीय शक्तियों के तहत चालू वित्त वर्ष के बजटीय आवंटन के अनुरूप राजस्व मार्ग से 1.25 लाख करोड़ रुपए से अधिक की खरीद को समर्थन मिलेगा। रक्षा मंत्रालय का मानना है कि इससे आवश्यक उपकरणों और सेवाओं की खरीद प्रक्रिया तेज होगी तथा सैन्य जरूरतों की समय पर पूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने और विदेशी मूल उपकरण निर्माताओं पर निर्भरता कम करने के लिए स्वदेशीकरण तथा अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) से संबंधित वित्तीय शक्तियों को दोगुना कर दिया गया है। इससे स्वदेशी रक्षा तकनीकों और उपकरणों के विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सेना, नौसेना और वायुसेना के कमांडरों को सौंपी गई विशेष वित्तीय शक्तियों में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। तत्काल परिचालन जरूरतों को पूरा करने के लिए निर्धारित कुल वित्तीय सीमा में भी 100% की बढ़ोतरी की गई है। इससे कमांडर आवश्यक संसाधनों की खरीद और तैनाती से जुड़े फैसले अधिक तेजी से ले सकेंगे।
संशोधित व्यवस्था में अग्रणी सेवा द्वारा संयुक्त-सेवा खरीद को बढ़ावा देने के लिए नए प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। सामान्य खरीद की तुलना में उच्चतर अधिकार क्षेत्र के साथ संयुक्त खरीद प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने का प्रयास किया गया है। इसके अलावा वस्तुओं और सेवाओं की खरीद को अधिक विकेंद्रीकृत बनाने के लिए कई नए सक्षम वित्तीय प्राधिकरणों की स्थापना की गई है।
वित्तीय शक्तियां आखिरी बार वर्ष 2021 में अधिसूचित की गई थीं। सैन्य बलों के विस्तार, बजटीय आवंटन में वृद्धि और परिचालन एवं रखरखाव व्यय में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए इन शक्तियों में संशोधन आवश्यक हो गया था। रक्षा मंत्रालय के अनुसार अक्टूबर 2025 में अधिसूचित संशोधित रक्षा खरीद नियमावली के साथ यह नया ढांचा रक्षा खरीद प्रक्रिया को और अधिक तेज तथा प्रभावी बनाएगा।
मंत्रालय का मानना है कि संशोधित वित्तीय शक्तियां त्वरित निर्णय लेने में मदद करेंगी और रक्षा बलों की आवश्यकताओं के अनुरूप संसाधनों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करेंगी। इससे सैन्य तैयारियों और परिचालन क्षमता को और मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर एनएस राजा सुब्रमणि, उपेंद्र द्विवेदी, कृष्णा स्वामीनाथन, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, सचिव (रक्षा उत्पादन) संजीव कुमार, सचिव (पूर्व सैनिक कल्याण) सुकृति लिखी, सचिव (रक्षा वित्त) विश्वजीत सहाय, वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ नागेश कपूर, कंट्रोलर जनरल ऑफ डिफेंस अकाउंट्स अनुग्रह नारायण दास सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।