नई दिल्ली (शोर सन्देश)। केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा ने आंध्र प्रदेश में किसानों के लिए उर्वरकों की उपलब्धता आसान बनाने के लिए प्वाइंट ऑफ़ सेल (पीओएस) सॉफ्टवेयर के नए संस्करण 3.1, एसएमएस सेवा और घर पर उर्वरक पहुंचाने की सुविधा के तहत ऋतु भरोसा केन्द्रलु (आरबीके) का शुभारंभ किया। श्री गौड़ा ने कहा कि डीबीटी प्रणाली अखिल भारतीय स्तर पर 1 मार्च, 2018 को शुरू की गई थी। तब से लेकर अबतक यह प्रणाली बहुत अच्छी तरह से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उर्वरक विभाग एकमात्र ऐसा विभाग है जिसने पूरे देश में उर्वरकों को सफलतापूर्वक गंतव्य तक पहुंचाने के लिए इस तरह की एक जटिल कंप्यूटर प्रणाली को लागू किया है। यह प्रणाली हमें राज्य, जिला और खुदरा बिक्री केन्द्रों पर वास्तविक समय के आधार पर उर्वरकों की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त करने और उसकी निगरानी करने में सक्षम बनाती है। इस प्रणाली के माध्यम से ही पिछले दो वर्षों में उर्वरक सब्सिडी पूरी तरह से किसानों तक पहुंचाई गई है। यह निश्चित रूप से सशक्त डीबीटी प्रणाली का एक सफल प्रयास रहा है। ऋतु भरोसा केन्द्रलू (आरबीके) के माध्यम से उर्वरकों की होम डिलीवरी की नई पहल के तहत, राज्य सरकार ने सभी ग्राम पंचायतों में ऐसे 10,641 केन्द्र शुरु किए हैं ताकि किसानों को सभी तरह की गुणवत्ता युक्त सेवाएं प्रदान की जा सकें। इस प्रणाली के तहत, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद किसान अपने गाँव में ऐसे किसी भी केन्द्र पर उर्वरकों के लिए खरीद का ऑर्डर दे सकते हैं। इस ऑर्डर के आधार पर उवर्रक उनके घर पर पहुंचा दिया जाएगा।