00 निजी स्कूलों ने लगातार बच्चों को दिया मानसिक तनाव
राजनांदगांव (शोर सन्देश)। जिला कार्यालय राजनांदगांव के सामने सोमवार को भूख हड़ताल रखी गई है। जिसमें समस्त निजी स्कूल में पढऩे वाले बच्चों के पालक एकजुट होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। पालकों ने शुल्क जमा नहीं करने के कारण निजी स्कूलों के स्कूल संचालकों ने बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा से वंचित किया है। जिससे बच्चों के ऊपर मानसिक दुष्प्रभाव पढ़ रहा है। परंतु पिछले कई महीनों से कोविड-19 के चलते हर परिवार की अर्थव्यवस्था डगमगा गई है। जिसके चलते पालक अभी फिश पटाने में सक्षम नहीं है परंतु प्रदेश के निजी स्कूल संचालकों ने एक याचिका दायर करवाई गई थी। शिक्षकों की सैलरी देने को आधार बनाया गया था, जिस आधार पर उच्च न्यायालय बिलासपुर ने सभी निजी स्कूलों को सिर्फ ट्यूशन फीस पालको से लेने के लिए कहां गया था। उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेशानुसार जो ट्यूशन फीस लेने के लिए निजी स्कूल संचालकों को छूट प्रदान की गई थी। परंतु इन निजी स्कूल संचालकों के मनमाने रूप से पूरे वर्ष की फीस पालको को जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। जिससे पालक बहुत ही परेशान होकर छत्तीसगढ़ छात्र पालक संघ, जिला शिक्षा अधिकारी और प्रशासन को अपनी समस्याओं से आपको अवगत भी कराया था, लेकिन प्रशासन ने अभी तक निजी स्कूलों के ऊपर कोई कारर्नवाई नही की। जिससे समस्त पालकों की नजर में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पर से भरोसा उठ गया है। इतना ही नहीं जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने निजी स्कूल संचालकों के ऊपर कार्रवाई ना करके समस्त पालकों को कोविड-19 संक्रमण काल में भी अपने बच्चों के हितों की लड़ाई लडऩे के लिए सड़कों पर उतरने पर मजबूर किया है। अगर 28 सितंबर को प्रशासन किसी भी प्रकार पालकों के ऊपर दबाव बनाया जाता है तो आने वाले समय में यह आंदोलन पूरे प्रदेश स्तर में उग्र रूप से होगा। राजनांदगांव के समस्त निजी स्कूलों के पालक जिले के समस्त निजी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों के पालक जिला कलेक्टर परिसर राजनांदगाँव के सामने फ्लाई ओवर के नीचे, 28 सितंबर को एकदिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल करेंगे। जिससे पालको की एकजुटता और निजी स्कूलों, प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश दर्ज कराएंगे।