नारायणपुर (छत्तीसगढ़)। बच्चों को अध्यापन कार्य से जोड़े रखना और पाठ्य सामग्री या छुट्टी के समय उन्हें किस प्रकार से अध्ययन करा सकें, यह प्रश्न बहुत ही जटिल था। छत्तीसगढ़ शासन और माननीय मुख्यमंत्री ने 7 अप्रेल को बच्चों के हित मे एक महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी योजना पढ़ई तुम्हर दुआर कार्यक्रम को लागू कर प्रदेश के सरकारी स्कूलों मे अध्ययनरत बच्चो को बेहतर शिक्षा प्रदान कराने के लिए ऑनलाइन क्लास का शुभारंभ किया गया। शासकीय विद्यालयों मे अध्ययनरत सभी बच्चों के लिए रामबाण साबित हो रहा है। क्योंकि स्थिति परिस्थिति अभी किसी भी प्रकार से सामान्य नहीं है. ऐसी स्थिति में राज्य शासन ने चलाये जा रहे महत्वपूर्ण कार्यक्रम पढ़ई तुम्हर दुआर योजना बच्चों के लिए बहुत ही लाभकारी साबित हो रहा है।
कलेक्टर ने आनलाईन कक्षा का संचालन प्रतिदिन जिला स्तर से समयसारिणी का निर्माण कर और कुशल शिक्षकों का चयन कर शिक्षकों के माध्यम से किया जा रहा है। जिले के कई क्षेत्रो मे मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी न के बराबर है. इसके बाबजूद भी शिक्षको ने अपने अपने स्तर से बच्चों तक इस योजना को पहुचाते हुये बच्चों को पढाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसका छोटा सा उदाहरण नारायणपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कोडोली और ओरछा जैसे सुदूर अंचल मे देखा गया। जहा कई बच्चों/पालकों के पास मोबाइल और नेटवर्क कनेक्टिविटी नही होने पर भी देवेन्द्र देवांगन, ओ.पी.पटेल, विनोद मिश्रा, दोबा गोटा, भोगा उसेडी, संतु मंडावी, सुकडी उसेडी आदि शिक्षकों ने ऑनलाइन पढ़ाई से संबंधित वीडियो और कंटेंट डाउनलोडकर सप्ताह में एक या दो दिन गांव मे जाकर एक्स जेंडर या स्वंय के मोबाइल के माध्यम से बच्चों को वीडियो देकर अध्यापन कार्य कराने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।