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केंद्र सरकार ने 23 और व्यक्तियों को ‘आतंकवादी’ घोषित किया, अमित शाह बोले- हर आतंकी मॉड्यूल को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है मोदी सरकार

04-Jul-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 23 और व्यक्तियों को गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत ‘आतंकवादी’ घोषित किया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार भारत और देशवासियों की सुरक्षा के लिए हर आतंकी मॉड्यूल को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। घोषित किए गए 23 आतंकवादियों में 17 पाकिस्तानी और 6 भारतीय नागरिक हैं, जो वर्तमान में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) से भारत विरोधी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ विजन को आगे बढ़ाते हुए गृह मंत्रालय ने प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े 23 खूंखार आतंकवादियों को यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित किया है। ये आतंकवादी भारत विरोधी गतिविधियों, आतंकी हमलों, आतंकवाद को बढ़ावा देने, हथियारों की तस्करी, सीमा पार घुसपैठ, आतंकी संगठनों की मदद, फंड जुटाने और आतंकवादियों की भर्ती जैसी गतिविधियों में शामिल हैं। मोदी सरकार भारत और देशवासियों की सुरक्षा के लिए हर आतंकी मॉड्यूल को खत्म करने के लिए कटिबद्ध है।”
गृह मंत्रालय के अनुसार, इन व्यक्तियों को औपचारिक रूप से आतंकवादी घोषित किए जाने से उनके वित्तीय नेटवर्क, आवाजाही, भर्ती क्षमता और आतंकवाद समर्थित गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही यह कदम राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल तत्वों के लिए कड़ा संदेश भी होगा। इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वित कानूनी, जांच और निवारक कार्रवाई को भी मजबूती मिलेगी।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में यूएपीए में संशोधन के बाद पहली बार व्यक्तियों को भी आतंकवादी घोषित करने का प्रावधान लागू किया था। गृह मंत्रालय के अनुसार, इस ताजा कार्रवाई के बाद अब तक अधिनियम की धारा 35 के तहत कुल 57 व्यक्तियों को यूएपीए की चौथी अनुसूची में ‘आतंकवादी’ के रूप में सूचीबद्ध किया जा चुका है।
गृह मंत्रालय द्वारा घोषित 23 आतंकवादियों में अधिकांश का संबंध जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम), लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जमात-उद-दावा (जेयूडी), हरकत-उल-मुजाहिद्दीन (एचयूएम), पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (पीएमएमएल), अल-कायदा और आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठनों से है। इन पर सीमा पार घुसपैठ, हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी, ड्रोन के जरिए हथियार पहुंचाने, आतंकी फंडिंग, युवाओं की भर्ती, प्रशिक्षण शिविर संचालित करने और भारत में कई बड़े आतंकी हमलों की साजिश रचने या उन्हें अंजाम देने के आरोप हैं।
गृह मंत्रालय ने जिन 23 व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया है, उनमें मसूद इलियास कश्मीरी, मोहम्मद मुसादिक, मुफ्ती मोहम्मद असगर खान, हाफिज अब्दुल शकूर, अब्दुल्ला जिहादी, फिरदौस अहमद भट, गुलाम फरीद, हारून रशीद गनई, बिलाल अहमद मीर, आबिद कयूम लोन, नजीर अहमद गुज्जर, अब्दुल रऊफ, अशफाक अहमद, हाफिज खालिद वालीद, मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की, मौलाना सैफुल्लाह खालिद, मोहम्मद याकूब, मौलाना यूसुफ ताईबी, ओवैस फारूज, कारी याकूब शेख, राणा इफ्तिखार, वसीम नूर जाट और मोहम्मद शहीद फैसल शामिल हैं।

 



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