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Janjgir-Champa

गांव में रोजगार, खेत में जल संरक्षण: चारपारा में आजीविका डबरी निर्माण से ग्रामीण विकास को मिल रही गति

15-Oct-2026
जांजगीर-चांपा।( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में ग्रामीण रोजगार सृजन, जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। विकसित भारत जी राम जी योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ जल संरक्षण एवं आजीविका से जुड़ी उपयोगी परिसंपत्तियों के निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चारपारा में हितग्राही सुदर्शन सिंह कंवर के खेत में आजीविका डबरी का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस कार्य से जहां ग्रामीण श्रमिकों को गांव में ही रोजगार मिल रहा है, वहीं भविष्य में जल संग्रहण के माध्यम से कृषि एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाएं भी विकसित हो रही हैं।
ग्राम पंचायत चारपारा में निर्माणाधीन आजीविका डबरी वर्षा जल के संग्रहण और उसके उपयोग की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। डबरी का निर्माण पूर्ण होने के बाद इसमें संचित जल का उपयोग कृषि कार्यों और अन्य आजीविका गतिविधियों में किया जा सकेगा। इससे हितग्राही को खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने तथा कृषि आधारित आय के अतिरिक्त अवसर विकसित करने में मदद मिल सकती है।
आजीविका डबरी जैसी जल संरक्षण संरचनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग का माध्यम बनती हैं। इनसे वर्षा जल को संरक्षित करने के साथ किसानों को सिंचाई और कृषि गतिविधियों के विस्तार में सहयोग मिल सकता है।
आजीविका डबरी निर्माण कार्य से ग्राम पंचायत चारपारा के श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार का अवसर मिल रहा है। वर्तमान में श्रमिक कार्यस्थल पर निर्माण कार्य में संलग्न हैं। इस प्रकार योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ गांव की जरूरतों के अनुरूप स्थायी एवं उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण भी किया जा रहा है।  जिले में ग्रामीण रोजगार सृजन और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

ग्राम पंचायत चारपारा में निर्माणाधीन आजीविका डबरी ग्रामीण विकास की ऐसी पहल है, जिसमें स्थानीय रोजगार, जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन के उद्देश्यों को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। निर्माण कार्य पूर्ण होने पर यह डबरी हितग्राही सुदर्शन सिंह कंवर के लिए कृषि गतिविधियों को अधिक सुविधाजनक बनाने तथा भविष्य में आय के नए अवसर विकसित करने का आधार बन सकती है।

 


सेवा संकल्प अभियान: सेवा की कहानी : मातृत्व के अनमोल पलों में प्रिया को मिला आर्थिक संबल, मिनीमाता महतारी जतन योजना बनी सहारा

13-Oct-2026
जांजगीर-चांपा । ( शोर संदेश ) मां बनना किसी भी महिला के जीवन का अनमोल अनुभव होता है। इस दौरान मां और नवजात शिशु के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और देखभाल के लिए परिवार को अतिरिक्त आर्थिक संसाधनों की आवश्यकता होती है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में छत्तीसगढ़ शासन की मिनीमाता महतारी जतन योजना श्रमिक परिवारों की महिलाओं के लिए मददगार साबित हो रही है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम सेमरा निवासी प्रिया कश्यप को भी इस योजना के तहत 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है। इस राशि से उन्हें प्रसव के बाद अपने स्वास्थ्य, पोषण और नवजात शिशु की देखभाल संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिली है।
प्रिया कश्यप के लिए मातृत्व के महत्वपूर्ण समय में मिनीमाता महतारी जतन योजना आर्थिक संबल बनकर आई है। प्रसव के बाद मां के स्वास्थ्य की देखभाल के साथ नवजात शिशु के पोषण और आवश्यक जरूरतों पर विशेष ध्यान देना होता है। इस दौरान पौष्टिक आहार, दवाइयों और अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था करने से परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं।

ऐसे समय में योजना के तहत प्राप्त 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रिया और उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित हुई। इस राशि से उन्हें प्रसव के बाद की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग मिला, जिससे वे अपने स्वास्थ्य और नवजात शिशु की बेहतर देखभाल पर ध्यान दे सकीं। आर्थिक सहायता मिलने से मातृत्व के इस महत्वपूर्ण समय में परिवार को राहत मिली।
छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना का उद्देश्य पात्र महिला निर्माण श्रमिकों को मातृत्व के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को 20 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है, ताकि प्रसव के बाद मां और नवजात शिशु के पोषण, स्वास्थ्य एवं देखभाल से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग मिल सके।
प्रिया कश्यप ने योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनके लिए यह सहायता राशि मातृत्व के दौरान आवश्यक जरूरतों को पूरा करने और नवजात शिशु की देखभाल में महत्वपूर्ण सहयोग बनी है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रिया कश्यप की यह कहानी दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाली समयबद्ध आर्थिक सहायता जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। मिनीमाता महतारी जतन योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों की महिलाओं को मातृत्व के महत्वपूर्ण समय में आर्थिक संबल मिल रहा है, जिससे मां और नवजात शिशु के बेहतर पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल की दिशा में सहयोग प्राप्त हो रहा है।














 

अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 3 हाईवा, जेसीबी और लोडर सहित 5 वाहन एवं मशीनें जब्त

11-Oct-2026
जांजगीर-चांपा । ( शोर संदेश )  जांजगीर-चांपा जिले में रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशानुसार बम्हनीडीह तहसील क्षेत्र में अवैध रेत गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 3 हाईवा, एक जेसीबी और एक लोडर सहित कुल 5 वाहन एवं मशीनें जब्त की गई हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त संदेश गया है।
जिला प्रशासन द्वारा रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निगरानी और जांच की जा रही है। इसी कड़ी में बम्हनीडीह तहसील क्षेत्र में 10 अक्टूबर को की गई कार्रवाई के दौरान अवैध रेत परिवहन से संबंधित गतिविधियों में संलिप्त पाए गए वाहनों एवं मशीनों को जब्त किया गया। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार प्रशांत पटेल सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
दर्ज प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 से 23(ख) तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के नियम 71 में उल्लेखित प्रावधानों के तहत नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर महोबे ने जिले में रेत सहित अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए अधिकारियों को सतत निगरानी रखने तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनिज संसाधनों के अवैध दोहन को रोकने के लिए जांच एवं कार्रवाई का अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

 


सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी : रजिस्ट्री हुई और तुरंत हो गया नामांतरण, अजीत राम साहू को नहीं लगाने पड़े तहसील के चक्कर

10-Oct-2026
रायपुर। ( शोर संदेश ) जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने और लंबे इंतजार की परेशानी अब तकनीक आधारित व्यवस्था से कम हो रही है। जांजगीर-चांपा जिले के अजीत राम साहू ने इस बदलाव को स्वयं महसूस किया। पहले जिस नामांतरण के लिए उन्हें अलग से तहसील कार्यालय जाना पड़ता था और काम पूरा होने का इंतजार करना पड़ता था, इस बार वह रजिस्ट्री के तुरंत बाद ही पूरा हो गया। पंजीयन विभाग की ऑटोम्यूटेशन सुविधा से उन्हें न केवल कार्यालयों की अनावश्यक दौड़भाग से राहत मिली, बल्कि समय की भी बचत हुई। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद में उन्होंने अपना अनुभव साझा किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीक आधारित सुधार किए गए हैं। रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रियाओं को आपस में जोड़ने के साथ आधार आधारित ई-केवाईसी जैसी सुविधाओं से नागरिकों के लिए संपत्ति संबंधी कार्यों को अधिक सुविधाजनक बनाया जा रहा है। इन सुधारों का जमीनी प्रभाव जानने के लिए पंजीयन विभाग ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से हितग्राहियों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव और सुझाव संकलित कर रहा है।
अजीत राम साहू ने बताया कि पहले जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद नामांतरण के लिए अलग से तहसील कार्यालय जाना पड़ता था। कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद प्रक्रिया पूरी होने में समय लगता था। इससे खेती-किसानी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए समय निकालने में भी परेशानी होती थी।
इस बार ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था से रजिस्ट्री के तुरंत बाद उनका नामांतरण पूरा हो गया। इससे उन्हें अलग से तहसील कार्यालय जाने और नामांतरण के लिए इंतजार करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। साहू ने बताया कि इस सुविधा से उनका समय बचा और संपत्ति से जुड़े आगे के कार्यों को पूरा करने में भी आसानी हुई।

पंजीयन विभाग द्वारा लागू ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के तहत संपत्ति का पंजीयन होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ती है। इससे पंजीयन और राजस्व विभाग की संबंधित प्रक्रियाओं के बीच समन्वय बेहतर हुआ है। नागरिकों को नामांतरण के लिए अलग से आवेदन करने और बार-बार संबंधित कार्यालयों में जाने की आवश्यकता कम हो रही है।
इस व्यवस्था का विशेष लाभ किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को मिल रहा है, जिन्हें पहले जमीन के नामांतरण के लिए तहसील और राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया जुड़ने से समय की बचत और अनावश्यक दौड़भाग में कमी आ रही है।
पंजीयन व्यवस्था में तकनीक का उपयोग केवल नामांतरण तक सीमित नहीं है। आधार आधारित ई-केवाईसी के माध्यम से क्रेता, विक्रेता और गवाहों की पहचान का सत्यापन किया जा रहा है। इससे पहचान संबंधी प्रक्रिया अधिक सुगम होने के साथ गलत पहचान के आधार पर पंजीयन की आशंका कम करने में मदद मिल रही है।
तकनीक आधारित इन सुधारों से पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। नागरिकों के लिए संपत्ति पंजीयन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाकर समय और अनावश्यक कार्यालयीन कार्यवाही को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अजीत राम साहू ने रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण होने और कार्यालयों के अतिरिक्त चक्कर से राहत मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने पंजीयन सेवाओं में किए गए सुधारों के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्रीओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।
साहू का अनुभव बताता है कि पंजीयन व्यवस्था में तकनीकी सुधारों का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंच रहा है। उनके लिए ऑटोम्यूटेशन केवल एक तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि लंबे इंतजार से मुक्ति, समय की बचत और संपत्ति संबंधी कार्यों को आसानी से पूरा करने का माध्यम बना है।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सामने आई अजीत राम साहू की यह कहानी पंजीयन सेवाओं में आ रहे बदलाव का उदाहरण है। जहां पहले रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए अलग से कार्यालयीन प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी, वहीं अब तकनीक के माध्यम से दोनों प्रक्रियाओं के बीच बेहतर समन्वय से नागरिकों को सुविधा मिल रही है।

 


जांजगीर-चांपा में 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में मजदूर दंपती, पति की मौत; पत्नी गंभीर

07-Oct-2026
जांजगीर-चांपा (शोर संदेश) । थाना चौक के पास निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे मजदूर दंपती मंगलवार दोपहर 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आ गए। हादसे में महुदा निवासी 50 वर्षीय रामनाथ गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें इलाज के लिए शासकीय बीडीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। वहीं उनकी पत्नी लता कर्ष (45वर्ष ) भी करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनका इलाज बीडीएम अस्पताल में जारी है।

जानकारी के अनुसार रामनाथ और उनकी पत्नी लता कर्ष रोजी-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। दोनों पिछले कुछ दिनों से थाना चौक के पास मेन रोड स्थित एक निर्माणाधीन मकान में मजदूरी कर रहे थे। मंगलवार दोपहर करीब 2:20 बजे काम के दौरान दोनों सड़क के ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बिजली का तेज करंट लगने के बाद रामनाथ नीचे सड़क पर गिर पड़े, जबकि उनकी पत्नी लता भी गंभीर रूप से झुलस गईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने रामनाथ को मृत घोषित कर दिया, जबकि लता का उपचार शुरू किया गया। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

रामनाथ की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में बीडीएम अस्पताल पहुंच गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए शवगृह में रखा गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
बताया गया है कि जिस निर्माणाधीन मकान में दंपती मजदूरी कर रहे थे, वह संतोष देवांगन का है। घटना की सूचना मिलने के बाद चांपा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसा बिजली लाइन की चपेट में आने से हुआ, इसे लेकर पुलिस विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।

 


जमीन विवाद में बीच-बचाव करने पहुंचे बुजुर्ग की मौत

06-Oct-2026
जांजगीर-चांपा। जिले के उच्चभट्ठी गांव में जमीन विवाद के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे बुजुर्ग की मौत हो गई। आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपी ने बुजुर्ग को धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मामले में चांपा पुलिस ने हत्या का अपराध दर्ज कर आरोपी राजकिरण यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
एडिशनल एसपी डॉ. यूलैंडन यार्क ने बताया कि आरोपी राजकिरण यादव अपने बड़े पिता के घर पहुंचा था। यहां वह रमेश कुमार से जमीन विवाद को लेकर गाली-गलौज और मारपीट करने लगा। इस दौरान आरोपी ने रमेश को जान से मारने की धमकी दी और ब्लेड से उस पर हमला कर दिया।
विवाद बढ़ता देख रमेश यादव के पिता लोचन प्रसाद यादव बीच-बचाव करने पहुंचे। आरोप है कि इसी दौरान राजकिरण यादव ने लोचन प्रसाद को धक्का दे दिया, जिससे वे जमीन पर गिर पड़े और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद चांपा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। जांच के बाद आरोपी राजकिरण यादव के खिलाफ धारा 105, 296, 351(3) और 333 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया। वहीं पुलिस ने आरोपी राजकिरण यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है।

 


रेत के अवैध परिवहन पर शिकंजा, हाईवा समेत 7 वाहन जब्त

06-Oct-2026
जांजगीर चांपा (शोर संदेश)। जांजगीर-चांपा जिले में रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में खनिज विभाग की टीम ने पिपरदा, पुछेली, पीथमपुर, हाथनेवरा और चांपा सहित विभिन्न क्षेत्रों में औचक जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त पाए गए एक हाईवा और 6 ट्रैक्टर सहित कुल 7 वाहनों को जब्त किया गया।
खनिज अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान ग्राम पिपरदा से एक हाईवा, पीथमपुर से 3 ट्रैक्टर तथा चांपा के हसदेव नदी क्षेत्र से 3 ट्रैक्टर रेत का अवैध परिवहन करते पाए गए। सभी 7 वाहनों को खनिज नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए जब्त किया गया है। जब्त वाहनों को पुलिस थाना चांपा एवं कलेक्टोरेट परिसर में सुरक्षार्थ रखा गया है। दर्ज प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 से 23 तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के नियम 71 में उल्लेखित प्रावधानों के तहत नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर महोबे ने अधिकारियों को जिले में रेत एवं अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर सतत निगरानी रखने तथा अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनिज गतिविधियों के विरुद्ध जांच एवं कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। 



 

सरकार आपके द्वार’ से गांवों तक पहुंचीं सेवाएं, जावलपुर के सेवा सेतु शिविर में एक ही स्थान पर मिला योजनाओं का लाभ

06-Oct-2026
जांजगीर चांपा (शोर संदेश)। सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत ‘सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ के माध्यम से शासकीय योजनाओं और सेवाओं को नागरिकों के और करीब पहुंचाया जा रहा है। इसी क्रम में जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा विकासखंड के अटल समरसता भवन जावलपुर में विशेष सेवा सेतु शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों की सेवाएं और योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के साथ पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभान्वित किया गया।
शिविर में आयोजित आजीविका ऋण मेला विशेष आकर्षण रहा। ग्रामीणों, स्व-सहायता समूहों और हितग्राहियों को स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए कुल 336 प्रकरणों में 7.615 करोड़ रुपये की राशि प्रेषित की गई। वहीं 235 प्रकरणों में 10.9475 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई तथा 99 प्रकरणों में 5.37 करोड़ रुपये की राशि का वितरण किया गया।
सेवा सेतु शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर नागरिकों को योजनाओं, पात्रता और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी गई। जनप्रतिनिधियों, अतिथियों और अधिकारियों ने स्टॉलों का अवलोकन कर ग्रामीणों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
शिविर में कुल 110 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 109 आवेदन मांग तथा एक आवेदन शिकायत से संबंधित रहा। नागरिकों को ट्रायसायकल प्रदान करने के साथ जाति प्रमाण पत्र सहित विभिन्न राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। स्वामित्व योजना के तहत हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख एवं पात्र हितग्राहियों को जॉब कार्ड भी वितरित किए गए।

शिविर में मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत ऋण स्वीकृति एवं वितरण के चेक तथा स्वरोजगार और आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हितग्राहीमूलक सामग्री प्रदान की गई।
इस अवसर पर नई लखपति दीदियों को सम्मानित किया गया। स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा संचालित आर्थिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए महिला स्वावलंबन और आजीविका संवर्धन का संदेश दिया गया। गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम के माध्यम से मातृ एवं शिशु पोषण के प्रति भी जागरूक किया गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर स्थल पर पोर्टेबल एक्स-रे, एनसीडी जांच एवं नेत्र परीक्षण सहित विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मौके पर जांच कर आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम में पूर्व संसदीय सचिव अंबेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, पूर्व सांसद  कमला देवी पाटले  सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।









 

 


जांजगीर में अनिरुद्धाचार्य महाराज ने श्रद्धालुओं को फ्रॉड से बचने की दी सीख

16-Sep-2026
जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह में आयोजित विशाल धार्मिक समागम में सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य अनिरुद्धाचार्य महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्म और आध्यात्मिकता के साथ-साथ बदलते डिजिटल दौर की चुनौतियों से भी सावधान किया। उन्होंने साइबर ठगी के बढ़ते मामलों का जिक्र करते हुए लोगों को मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहने की सलाह दी।
डिजिटल युग में मोबाइल फोन हर व्यक्ति की जिंदगी का अहम हिस्सा
समागम में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में मोबाइल फोन हर व्यक्ति की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। बैंकिंग से लेकर खरीदारी, बातचीत और जरूरी काम तक मोबाइल के जरिए किए जा रहे हैं। ऐसे में साइबर अपराधी भी लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। थोड़ी सी लापरवाही लोगों की मेहनत की कमाई को पलभर में खतरे में डाल सकती है।
हर मैसेज और लिंक पर न करें भरोसा
आचार्य अनिरुद्धाचार्य महाराज ने श्रद्धालुओं से अपील की कि मोबाइल पर आने वाले हर मैसेज, लिंक, फोन कॉल या वीडियो कॉल पर तुरंत भरोसा न करें। किसी अनजान व्यक्ति की ओर से भेजे गए लिंक पर क्लिक करने या उसके कहने पर कोई ऐप डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी करने वाले लोग कई बार बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, रिश्तेदार या किसी सरकारी संस्था का कर्मचारी बनकर लोगों से संपर्क करते हैं। ऐसे मामलों में घबराने या जल्दबाजी में कोई फैसला लेने के बजाय संबंधित व्यक्ति या संस्था से आधिकारिक माध्यम से संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।
OTP और बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें
उन्होंने श्रद्धालुओं को विशेष रूप से बैंकिंग से जुड़ी जानकारी को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM या डेबिट कार्ड की जानकारी, PIN, CVV और बैंक खाते से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। साइबर ठगी के मामलों में अपराधी अक्सर लोगों को डराकर या लालच देकर उनकी निजी और बैंकिंग जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। ऐसे में किसी भी कॉल या मैसेज पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है।
वीडियो कॉल और सोशल मीडिया पर भी रहें सतर्क
आचार्य ने वीडियो कॉल के जरिए होने वाली ठगी से भी लोगों को सावधान किया। उन्होंने कहा कि अनजान नंबर से आने वाली वीडियो कॉल को स्वीकार करने से पहले सावधानी बरतें। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने और निजी जानकारी साझा करने से भी बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज साइबर अपराध केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। गांव और छोटे शहरों के लोग भी इसके निशाने पर आ रहे हैं। इसलिए बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को डिजिटल सुरक्षा की जानकारी होना जरूरी है।
लालच और डर दोनों से बचने की जरूरत
उन्होंने श्रद्धालुओं को समझाते हुए कहा कि साइबर ठगी में अपराधी लोगों को कभी इनाम, नौकरी, निवेश या आर्थिक लाभ का लालच देते हैं तो कभी पुलिस केस, बैंक खाता बंद होने या किसी अन्य कार्रवाई का डर दिखाते हैं। दोनों ही परिस्थितियों में घबराने या लालच में आने के बजाय सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति फोन पर तत्काल पैसे भेजने या किसी लिंक पर क्लिक करने का दबाव बना रहा है, तो यह साइबर ठगी का संकेत हो सकता है। ऐसे में बातचीत रोककर संबंधित संस्था के आधिकारिक नंबर पर संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए।
श्रद्धालुओं से सावधानी को बनाया सुरक्षा मंत्र
समागम में उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि डिजिटल सुविधाओं का इस्तेमाल जरूर करें, लेकिन सावधानी के साथ। मोबाइल और इंटरनेट लोगों की सुविधा के लिए हैं, इसलिए इनका इस्तेमाल करते समय अपनी निजी और आर्थिक जानकारी की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी से बचने का सबसे बड़ा उपाय जागरूकता और सतर्कता है। किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करना, संदिग्ध कॉल पर जानकारी साझा न करना और किसी भी आर्थिक लेन-देन से पहले पूरी तरह पुष्टि करना जरूरी है। धार्मिक समागम में बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं को साइबर अपराध से जुड़े इन खतरों के बारे में जागरूक करने का संदेश भी दिया गया। उन्होंने लोगों से खुद सतर्क रहने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी के नए तरीकों के बारे में जानकारी देने की अपील की।
 

जांजगीर-चांपा के शासकीय स्कूलों में बनेंगे 79 बालिका शौचालय, छात्राओं को मिलेगी बेहतर सुविधा

25-Aug-2026
जांजगीर चांपा (शोर संदेश)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान के माध्यम से बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को गति दी जा रही है। इसी क्रम में जांजगीर-चांपा जिले के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं की सुविधा के लिए 79 बालिका शौचालय निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। प्रत्येक शौचालय के निर्माण के लिए 4.30 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
स्वीकृत इन कार्यों को विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) योजना के तहत विद्यालयों की आवश्यकता और छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर लिया गया है।
विद्यालयों में पृथक एवं उपयोगी शौचालय की सुविधा केवल स्वच्छता से जुड़ी आवश्यकता नहीं है, बल्कि यह बालिकाओं की नियमित उपस्थिति, सुविधा, गरिमा और आत्मविश्वास से भी सीधे जुड़ी है। नए शौचालयों के निर्माण से छात्राओं को विद्यालय परिसर में बेहतर स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उनके लिए सुरक्षित एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण तैयार होगा।
जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय विद्यालयों में आवश्यक अधोसंरचना एवं मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विद्यालयों में बालिका शौचालय के साथ विद्यार्थियों एवं ग्रामीण समुदाय को सीधे लाभ पहुंचाने वाले अन्य आवश्यकता आधारित कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
अधिकारियों को स्वीकृत कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समयबद्ध रूप से प्रारंभ कराने तथा निर्माण में गुणवत्ता, उपयोगिता और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं की नियमित समीक्षा कर आवश्यकता के अनुसार नए कार्यों के प्रस्ताव भी तैयार किए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन का प्रयास है कि जिन शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए पर्याप्त शौचालय सुविधा उपलब्ध नहीं है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर इस सुविधा से जोड़ा जाए। विद्यालय में स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय की उपलब्धता छात्राओं की नियमित उपस्थिति और शिक्षा की निरंतरता के लिए महत्वपूर्ण है।
79 बालिका शौचालयों की स्वीकृति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे छात्राओं को विद्यालय में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उन्हें बिना असुविधा के अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए अनुकूल वातावरण प्राप्त होगा। आवश्यकता के अनुसार विद्यालयों में अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित कार्यों की स्वीकृति की प्रक्रिया भी आगामी दिनों में निरंतर जारी रहेगी।


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