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राखी के धागे में विश्वास अपार, बहनों के साथ विष्णु भैया की सरकार'

29-Aug-2026
अम्बिकापुर(शोर संदेश)   रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले महतारी वंदन योजना की राशि मिलने से जिले की महिलाओं में त्यौहार की खुशियां बढ़ी हैं। लखनपुर विकासखंड ग्राम पंचायत पुहपुटरा की रहने वाली पती बाई ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु भैया की सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना के तहत उनके खाते में हर माह 1,000 की राशि अंतरित की जाती है। इस राशि से वे अपने भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदकर रक्षाबंधन का पर्व उत्साहपूर्वक मना रहे हैं।
पती बाई ने कहा कि रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त खाते में आने से उन्हें विशेष खुशी हुई है। उन्होंने बताया कि इस राशि का उपयोग वे अपने भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदने में करेंगी। उनके लिए यह राशि रक्षाबंधन के अवसर पर मिले उपहार के समान है।
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु भैया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक संबल देने के लिए चलाई जा रही महतारी वंदन योजना से उन्हें नियमित रूप से सहायता मिल रही है। रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक और भावनात्मक पर्व के अवसर पर समय से राशि मिलने से वे अपने भाई के प्रति स्नेह और प्रेम के इस पर्व को खुशी के साथ मना पा रही हैं।
पती बाई ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “विष्णु भैया का बहुत-बहुत धन्यवाद। राखी के पहले भाई के लिए राखी बांधने और मिठाई खरीदने के लिए राशि मिल गई। यह हमारे लिए बहुत खुशी की बात है।”
महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें घरेलू जरूरतों की पूर्ति के साथ-साथ आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। रक्षाबंधन के अवसर पर मिली राशि ने पती बाई जैसी महिलाओं के लिए भाई-बहन के प्रेम और स्नेह के पर्व की खुशियों को और बढ़ा दिया है।
 

 


केदमा में तिरंगे की शान, विकास की सौगातों से बढ़ा ग्रामीणों का सम्मान

14-Aug-2026
अंबिकापुर। ( शोर संदेश ) स्वतंत्रता दिवस के पूर्व अंबिकापुर जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम केदमा में राष्ट्रभक्ति, विकास और महिला सशक्तिकरण का अनूठा संगम देखने को मिला। ग्राम केदमा में आयोजित भव्य तिरंगा यात्रा में छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री एवं अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल शामिल हुए। इस अवसर पर ग्रामवासियों को विकास की दो महत्वपूर्ण सौगातें मिलीं। मंत्री अग्रवाल ने 2 करोड़ 42 लाख की लागत से निर्मित विद्युत सब-स्टेशन का लोकार्पण किया तथा महतारी सदन के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। तिरंगा यात्रा के दौरान राष्ट्रीय एकता, अखंडता, भाईचारे और राष्ट्रप्रेम का संदेश जन-जन तक पहुंचा। स्वतंत्रता दिवस के पूर्व आयोजित इस यात्रा ने क्षेत्र में देशभक्ति की भावना को और प्रबल किया।
महतारी सदन के भूमिपूजन के अवसर पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हमारी माताएं-बहनें जितनी सशक्त होंगी, छत्तीसगढ़ उतना ही समृद्ध और मजबूत बनेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना समाज और क्षेत्र का समग्र विकास संभव नहीं है। महिलाओं को बेहतर सुविधाएं, अवसर और अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए मंच उपलब्ध कराना विकास की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि एक ओर हाथों में तिरंगा लेकर निकली तिरंगा यात्रा ने पूरे क्षेत्र को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया, वहीं दूसरी ओर विकास कार्यों की सौगात ने ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर बुनियादी सुविधाओं और महिला सशक्तिकरण की दिशा में नई उम्मीद जगाई। बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं, जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की सहभागिता से कार्यक्रम उत्साह और उमंग से भर उठा।
ग्राम केदमा में निकली तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामे लोगों ने भारत माता की जय, वंदे मातरम् और जय हिंद के नारों से वातावरण को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। युवाओं के साथ महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी ने यात्रा को भव्य स्वरूप प्रदान किया। 
तिरंगा यात्रा में शामिल होकर मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान के कारण आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। राष्ट्र की एकता, अखंडता और सम्मान को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा जैसे आयोजन नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं और समाज में एकता तथा भाईचारे का संदेश देते हैं। ग्राम केदमा की तिरंगा यात्रा भी इसी राष्ट्रभावना की सशक्त अभिव्यक्ति है।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि ग्राम केदमा में 2 करोड़ 42 लाख की लागत से निर्मित विद्युत सब-स्टेशन का लोकार्पण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस विद्युत अधोसंरचना के शुरू होने से क्षेत्र की विद्युत वितरण व्यवस्था को मजबूती मिलने और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण जीवन में बिजली की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। बेहतर विद्युत आपूर्ति से घरेलू जरूरतों के साथ शिक्षा, कृषि, छोटे व्यवसाय और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलती है। ग्रामीणों ने विद्युत सब-स्टेशन के लोकार्पण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विकास की मूलभूत सुविधाएं केवल शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों तक भी मजबूत अधोसंरचना के साथ पहुंचे। बिजली जैसी बुनियादी सुविधा ग्रामीण विकास की आधारशिला है और इसके विस्तार से गांवों में विकास की संभावनाएं और मजबूत होती हैं।
ग्राम केदमा में महतारी सदन के निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया गया। ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रस्तावित यह सदन महिला समूहों की बैठकों, प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रमों, सामुदायिक गतिविधियों और विभिन्न सामाजिक आयोजनों के लिए उपयोगी केंद्र के रूप में विकसित होगा। महतारी सदन के माध्यम से महिलाओं को गांव में ही एक व्यवस्थित और सुविधाजनक मंच उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की गई है। इससे महिला समूहों की गतिविधियों को बेहतर स्थान मिलने के साथ महिलाओं की सामाजिक सहभागिता को भी बढ़ावा मिलेगा। शासन की महिला केंद्रित योजनाओं एवं जागरूकता गतिविधियों के संचालन में भी यह सदन उपयोगी साबित हो सकता है। उन्होंने महतारी सदन के भूमिपूजन पर क्षेत्र की समस्त मातृशक्ति को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह सदन ग्रामीण महिलाओं के लिए सहभागिता, संवाद और सामुदायिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकेगा।
ग्राम केदमा में एक ही अवसर पर आयोजित तिरंगा यात्रा, विद्युत सब-स्टेशन के लोकार्पण और महतारी सदन के भूमिपूजन ने कार्यक्रम को विशेष महत्व प्रदान किया। तिरंगा यात्रा ने जहां राष्ट्रप्रेम, एकता और सामाजिक सद्भाव की भावना को मजबूत किया, वहीं विद्युत सब-स्टेशन ने ग्रामीण अधोसंरचना के विस्तार और महतारी सदन ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में विकास का संदेश दिया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, गणमान्य नागरिकों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। क्षेत्रवासियों ने विकास कार्यों की सौगात के लिए शासन और मंत्री राजेश अग्रवाल के प्रति आभार व्यक्त किया।

स्पान संवर्धन योजना बनी महिला किसान की आय का नया जरिया

28-Jul-2026
जगदलपुर (शोर संदेश) मछलीपालन विभाग की स्पान संवर्धन योजना बस्तर जिले के ग्रामीण किसानों के लिए आय का नया माध्यम बन रही है। बस्तर विकासखंड के ग्राम सिवनी की महिला किसान मनकी बघेल ने इस योजना का लाभ उठाकर मात्र दो माह में 15 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित कर मिसाल पेश की है।
मत्स्यपालन विभाग ने मनकी बघेल को मई माह में मिश्रित प्रजाति के लगभग 25 हजार स्पॉन उपलब्ध कराए। इसके साथ ही तालाब की उर्वरता बढ़ाने के लिए खाद तथा स्पान के आहार के रूप में खल्ली भी निःशुल्क प्रदान की गई। मनकी ने अपने परिवार के एक एकड़ क्षेत्र में स्थित दो तालाबों में स्पॉन का संवर्धन किया। नियमित रूप से भोजन देने, जाल चलाकर निगरानी करने और उचित देखभाल के कारण कम समय में ही उच्च गुणवत्ता की मत्स्य अंगुलिकाएं तैयार हो गईं।
मछलीपालन विभाग ने अंगुलिकाओं की पैकेजिंग और विपणन के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, पॉलिथीन बैग, बोरी तथा निःशुल्क जाल भी उपलब्ध कराया, जिससे तैयार मत्स्य बीज को सुरक्षित रूप से बाजार तक पहुंचाना आसान हो गया।
मनकी बघेल के भतीजे सुखलाल बघेल बताते हैं कि अब तक करीब 30 किलोग्राम मत्स्य अंगुलिकाओं की बिक्री 500 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की जा चुकी है, जिससे परिवार को सीधे 15 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में तालाब में लगभग 50 किलोग्राम अंगुलिकाएं और तैयार हैं, जिनकी बिक्री से अच्छी अतिरिक्त आमदनी होने की उम्मीद है।
सुखलाल का कहना है कि अंगुलिका उत्पादन का कार्य सामान्य मछलीपालन की तुलना में अधिक लाभदायक साबित हो रहा है। इसी अनुभव से उत्साहित होकर परिवार ने अगले वर्ष इस गतिविधि का विस्तार करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि परिवार सात एकड़ भूमि में खरीफ सीजन के दौरान उन्नत धान की खेती करता है, जबकि रबी सीजन में नदी किनारे दो एकड़ क्षेत्र में मक्का एवं विभिन्न साग-सब्जियों का उत्पादन करता है। अब कृषि के साथ-साथ अंगुलिका उत्पादन और मत्स्य पालन को भी आय का मजबूत स्रोत बनाकर परिवार की आर्थिक स्थिति को और सुदृढ़ करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।





 

नीट परिणाम से निराश छात्रा की मौत, पुलिस को मिला कथित सुसाइड नोट

18-Jul-2026
जगदलपुर। (शोर संदेश) बस्तर जिले के जगदलपुर में प्रतियोगी परीक्षा के दबाव से जुड़ा एक दुखद मामला सामने आया है। बोधघाट थाना क्षेत्र के आड़ावाल खासपारा में रहने वाली 20 वर्षीय युवती ने शुक्रवार तड़के फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह पिछले तीन वर्षों से नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी कर रही थी और इस वर्ष घोषित परिणाम से कथित तौर पर निराश थी।
परिजनों के अनुसार, युवती ने इस साल भी नीट परीक्षा दी थी। परिणाम आने के बाद वह तनाव में रहने लगी थी, हालांकि रात तक परिवार के साथ सामान्य व्यवहार कर रही थी। शुक्रवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे उसकी मां जब कमरे में पहुंची तो बेटी को फंदे पर लटका पाया। परिजन तत्काल उसे अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही बोधघाट पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस को घर से एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें परीक्षा परिणाम से जुड़ी निराशा और अपेक्षाओं के दबाव का उल्लेख होने की बात सामने आई है। पुलिस ने नोट को जांच के लिए जब्त कर लिया है और मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
यह घटना प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते मानसिक दबाव और युवाओं पर सफलता की अपेक्षाओं को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा का परिणाम जीवन का अंतिम निर्णय नहीं होता और ऐसे समय में परिवार, मित्रों तथा शिक्षकों का भावनात्मक सहयोग बेहद महत्वपूर्ण होता है।









 

 


ब्याज के दबाव ने ली युवक की जान, सुसाइड नोट के आधार पर आरोपी गिरफ्तार

17-Jul-2026
अंबिकापुर। ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में सूदखोरी और मानसिक प्रताड़ना से जुड़े आत्महत्या के मामले में कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी मृतक को ऊंची ब्याज दर पर रुपये उधार देकर लगातार रकम की वसूली के लिए दबाव और धमकियां दे रहा था, जिससे वह मानसिक तनाव में आ गया और आत्महत्या कर ली।
पुलिस के अनुसार मामले की जांच के दौरान मृतक का सुसाइड नोट मिला, जिसमें आरोपी का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा परिजनों के बयान और बैंक लेनदेन की जांच में भी आरोपी की भूमिका की पुष्टि हुई। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लंबे समय से अत्यधिक ब्याज पर रुपये उधार देता था और भुगतान में देरी होने पर लगातार धमकियां देकर मृतक पर दबाव बनाता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी जब्त किया है, जिसे जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण से संबंधित धाराओं तथा कर्जा एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है।









 

 


पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से अनीता चौधरी बनीं ऊर्जा दाता, शून्य हुआ बिजली बिल

06-Jul-2026
अम्बिकापुर (शोर संदेश) स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जिले में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना का लाभ लेकर जिले के ग्राम पंचायत कंठी की रहने वाली अनीता चौधरी अब केवल बिजली की उपभोक्ता नहीं रहीं, बल्कि सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जा दाता बन गई हैं।
अनीता चौधरी ने बताया कि पहले वे नियमित रूप से बिजली का बिल चुकाती थीं, लेकिन बिजली की खपत बढ़ने से बिल का भार भी बढ़ जाता था। चौधरी ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किया है। इसके बाद उनके घर की बिजली आवश्यकता सौर ऊर्जा से पूरी होने लगी है और उनका बिजली बिल शून्य हो गया है। आवश्यकता से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में भेजे जाने से उन्हें अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाले लाभ ने उनके परिवार का मासिक खर्च कम किया है और अब बिजली बिल की चिंता पूरी तरह समाप्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से लगभग ₹1.08 लाख की सब्सिडी प्रदान कर रही हैं जिससे सोलर संयंत्र लगाना काफी आसान और किफायती हो गया। इस आर्थिक सहायता के कारण आम परिवार भी बिना अधिक वित्तीय बोझ के स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा को अपना सकते हैं।
चौधरी ने जिले के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग अपने घरों की छत पर सोलर संयंत्र स्थापित करें और योजना का लाभ उठाएं। इससे न केवल बिजली बिल में बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से आम लोगों तक सौर ऊर्जा पहुंचाने की पहल के लिए भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह योजना आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आर्थिक राहत के साथ-साथ स्वच्छ और हरित भविष्य का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।
 

 


कलेक्टर अजीत वसंत ने स्वामी आत्मानंद आदर्श महाविद्यालय का किया निरीक्षण, 15 अगस्त से बालिका छात्रावास शुरू करने के दिए निर्देश

03-Jul-2026
अम्बिकापुर(शोर संदेश) कलेक्टर अजीत वसंत ने गुरुवार को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल के साथ अम्बिकापुर के केशवपुर स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बालिका छात्रावास भवन का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर वसंत ने कहा कि आगामी 15 अगस्त से छात्रावास का संचालन  प्रारंभ किया जाना है। उन्होंने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधिकारियों को निर्देशित किया कि भवन में आवश्यक मरम्मत सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित सभी कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त को भी निर्देश दिए कि छात्रावास संचालन के लिए आवश्यक सामग्रियों हेतु तत्काल प्रस्ताव तैयार कर भेजें।
जवाहर नवोदय विद्यालय पहुंचकर शैक्षणिक एवं आवासीय व्यवस्थाओं का लिया जायजा, खेल सुविधाओं के विस्तार हेतु प्रस्ताव तैयार करने दिए निर्देश-
निरीक्षण के क्रम में कलेक्टर वसंत अम्बिकापुर के खलीबा स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय पहुंचे।  उन्होंने यहां उपलब्ध शैक्षणिक एवं आवासीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर का भ्रमण करते हुए विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कक्षाओं, पुस्तकालय,  प्रयोगशालाओं, कंप्यूटर लैब, छात्रावास, मेस, रसोई सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यालय में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए बास्केटबॉल एवं बैडमिंटन कोर्ट तैयार करने आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर प्रेषित कर के निर्देश दिए।
पटवारी प्रशिक्षण केंद्र का किया निरीक्षण, प्रशिक्षु पटवारियों से की मुलाकात-
इस दौरान कलेक्टर वसंत ने पटवारी प्रशिक्षण केंद्र का भी निरीक्षण कर वहां संचालित प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षु पटवारियों से मुलाकात कर प्रशिक्षण से जुड़े उनके अनुभवों की जानकारी ली तथा उन्हें पूरे लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कक्षा के साथ-साथ व्यवहारिक प्रशिक्षण हेतु फील्ड में भी जाकर प्रशिक्षण लेने कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि प्रशिक्षणार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे भविष्य में राजस्व प्रशासन की जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।  
 

बस्तर में 506 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण होगा शुरू

21-Jun-2026
बस्तर। (शोर संदेश) छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में जर्जर और भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति पर ध्यान देते हुए संभाग में 506 नए भवनों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। नए भवन बनने से बच्चों और माताओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। सरकार का लक्ष्य है कि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में भी आंगनबाड़ी केंद्रों को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया जाए। निर्माण कार्य महिला एवं बाल विकास विभाग और मनरेगा के सहयोग से पूरा किया जाएगा।
सरकार ने तेज की निर्माण प्रक्रिया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी आंगनबाड़ी केंद्र को भवनविहीन या जर्जर स्थिति में नहीं रहने दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के लिए बेहतर भवन जरूरी हैं।
बस्तर संभाग के इन नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण महिला एवं बाल विकास विभाग और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के सहयोग से किया जाएगा। प्रत्येक भवन के निर्माण के लिए 11.69 लाख रुपए की राशि निर्धारित की गई है। इसमें 2 लाख रुपए महिला एवं बाल विकास विभाग, 8 लाख रुपए मनरेगा और बाकी 1.69 लाख रुपए डीएमएफ, सीएसआर और अन्य स्थानीय स्रोतों से जुटाए जाएंगे।
बच्चों और माताओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों की पढ़ाई का स्थान नहीं हैं, बल्कि यहां पोषण आहार, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पूर्व प्राथमिक शिक्षा और मातृ स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं भी दी जाती हैं। सरकार का लक्ष्य है कि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को भी सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
छह जिलों में चिन्हित किए गए जर्जर केंद्र
महिला एवं बाल विकास विभाग ने बस्तर संभाग के बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिलों में भवनविहीन और खराब स्थिति वाले आंगनबाड़ी केंद्रों की पहचान की है। इन केंद्रों के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
गुणवत्ता और समय पर पूरा करने के निर्देश
अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और तय समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि मजबूत आंगनबाड़ी भवन ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के विकास और माताओं को बेहतर सेवाएं देने में अहम भूमिका निभाएंगे।
 

प्रवेशोत्सव के बीच 8 लापरवाह शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस जारी

18-Jun-2026
जगदलपुर(शोर संदेश) ।  शैक्षणिक सत्र के प्रथम दिवस पर बस्तर जिले के स्कूलों में एक तरफ जहाँ बच्चों के स्वागत की उत्सुकता दिखी, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक कसावट का कड़ा रुख भी सामने आया। नया सत्र शुरू होने के अवसर पर जिला मिशन समन्वयक अशोक पाण्डे एवं सहायक कार्यक्रम अधिकारी परमेश्वर पाण्डे द्वारा विकासखण्ड तोकापाल, लोहण्डीगुडा एवं बस्तर के विद्यालयों का सघन निरीक्षण किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य व्यवस्थाओं का जायजा लेना और बच्चों की उपस्थिति को प्रोत्साहित करना था। इस औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि विद्यालयों में नया सत्र शुरू होने की खुशी में प्रवेशोत्सव बेहद हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया जा रहा था, जहाँ बच्चे नए उमंग के साथ अपनी कक्षाओं में पहुंचे थे।  
हालांकि इस उत्सव के माहौल के बीच कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों और समन्वयकों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई। निरीक्षण के दौरान अनुशासनहीनता पाए जाने पर विकासखण्ड बस्तर एवं तोकापाल में कार्यरत 08 लापरवाह शिक्षकों एवं संकुल समन्वयकों को तत्काल कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर दिया गया। इन शिक्षकों के द्वारा यदि निर्धारित समयावधि में इन सभी की ओर से कोई संतोषप्रद जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो ऐसी स्थिति में संबंधितों के विरुद्ध एक दिवस का वेतन कटौती करने की कार्यवाही की जाएगी।
इस प्रशासनिक कार्यवाही के साथ ही स्कूलों के सुचारू संचालन को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। सभी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन का नियमित और गुणवत्तापूर्ण संचालन किया जाए। इसके साथ ही शिक्षकों को अपनी डेली डायरी को प्राथमिकता के साथ अनिवार्य रूप से लिखने को कहा गया है, ताकि शैक्षणिक गतिविधियों का सही मूल्यांकन हो सके। सत्र के पहले ही दिन से एक अनुशासित माहौल बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों ने समय पर बच्चों एवं शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने और उसे अनिवार्य रूप से ऑनलाइन दर्ज करने के कड़े निर्देश दिए हैं, ताकि पूरी व्यवस्था पारदर्शी बनी रहे।









 

शाह बोले- बस्तर बनेगा देश का सबसे विकसित संभाग

20-May-2026
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में पहली बार मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक हुई। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद के खात्मे का टारगेट हासिल कर लिया गया।
बस्तर के नक्सल मुक्त होने के बाद 70 कैंपों में से लगभग एक-तिहाई कैंपों को ‘वीर शहीद गुंडाधर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
गृहमंत्री ने आगे कहा कि हर आदिवासी महिला को पशुपालन से जोड़ने की योजना है। बस्तर के हर आदिवासी नागरिक को एक गाय और एक भैंस देंगे। 6 महीने में बस्तर में बड़ा डेयरी नेटवर्क बनेगा।
बैठक में 4 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में जगदलपुर में हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए।
बैठक में राज्यों के विकास के साथ-साथ गंभीर सामाजिक और सुरक्षा मुद्दों पर कड़े फैसले लिए गए हैं। बैठक में चारों राज्यों में अपराध नियंत्रण, विशेषकर महिलाओं के उत्पीड़न और रेप जैसे मामलों पर जल्द फैसले लेने पर चर्चा की गई।


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