ब्रेकिंग न्यूज

Bastar

नीट परिणाम से निराश छात्रा की मौत, पुलिस को मिला कथित सुसाइड नोट

18-Jul-2026
जगदलपुर। (शोर संदेश) बस्तर जिले के जगदलपुर में प्रतियोगी परीक्षा के दबाव से जुड़ा एक दुखद मामला सामने आया है। बोधघाट थाना क्षेत्र के आड़ावाल खासपारा में रहने वाली 20 वर्षीय युवती ने शुक्रवार तड़के फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह पिछले तीन वर्षों से नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी कर रही थी और इस वर्ष घोषित परिणाम से कथित तौर पर निराश थी।
परिजनों के अनुसार, युवती ने इस साल भी नीट परीक्षा दी थी। परिणाम आने के बाद वह तनाव में रहने लगी थी, हालांकि रात तक परिवार के साथ सामान्य व्यवहार कर रही थी। शुक्रवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे उसकी मां जब कमरे में पहुंची तो बेटी को फंदे पर लटका पाया। परिजन तत्काल उसे अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही बोधघाट पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस को घर से एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें परीक्षा परिणाम से जुड़ी निराशा और अपेक्षाओं के दबाव का उल्लेख होने की बात सामने आई है। पुलिस ने नोट को जांच के लिए जब्त कर लिया है और मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
यह घटना प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते मानसिक दबाव और युवाओं पर सफलता की अपेक्षाओं को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा का परिणाम जीवन का अंतिम निर्णय नहीं होता और ऐसे समय में परिवार, मित्रों तथा शिक्षकों का भावनात्मक सहयोग बेहद महत्वपूर्ण होता है।









 

 


ब्याज के दबाव ने ली युवक की जान, सुसाइड नोट के आधार पर आरोपी गिरफ्तार

17-Jul-2026
अंबिकापुर। ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में सूदखोरी और मानसिक प्रताड़ना से जुड़े आत्महत्या के मामले में कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी मृतक को ऊंची ब्याज दर पर रुपये उधार देकर लगातार रकम की वसूली के लिए दबाव और धमकियां दे रहा था, जिससे वह मानसिक तनाव में आ गया और आत्महत्या कर ली।
पुलिस के अनुसार मामले की जांच के दौरान मृतक का सुसाइड नोट मिला, जिसमें आरोपी का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा परिजनों के बयान और बैंक लेनदेन की जांच में भी आरोपी की भूमिका की पुष्टि हुई। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लंबे समय से अत्यधिक ब्याज पर रुपये उधार देता था और भुगतान में देरी होने पर लगातार धमकियां देकर मृतक पर दबाव बनाता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी जब्त किया है, जिसे जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण से संबंधित धाराओं तथा कर्जा एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है।









 

 


पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से अनीता चौधरी बनीं ऊर्जा दाता, शून्य हुआ बिजली बिल

06-Jul-2026
अम्बिकापुर (शोर संदेश) स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जिले में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना का लाभ लेकर जिले के ग्राम पंचायत कंठी की रहने वाली अनीता चौधरी अब केवल बिजली की उपभोक्ता नहीं रहीं, बल्कि सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जा दाता बन गई हैं।
अनीता चौधरी ने बताया कि पहले वे नियमित रूप से बिजली का बिल चुकाती थीं, लेकिन बिजली की खपत बढ़ने से बिल का भार भी बढ़ जाता था। चौधरी ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किया है। इसके बाद उनके घर की बिजली आवश्यकता सौर ऊर्जा से पूरी होने लगी है और उनका बिजली बिल शून्य हो गया है। आवश्यकता से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में भेजे जाने से उन्हें अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाले लाभ ने उनके परिवार का मासिक खर्च कम किया है और अब बिजली बिल की चिंता पूरी तरह समाप्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से लगभग ₹1.08 लाख की सब्सिडी प्रदान कर रही हैं जिससे सोलर संयंत्र लगाना काफी आसान और किफायती हो गया। इस आर्थिक सहायता के कारण आम परिवार भी बिना अधिक वित्तीय बोझ के स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा को अपना सकते हैं।
चौधरी ने जिले के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग अपने घरों की छत पर सोलर संयंत्र स्थापित करें और योजना का लाभ उठाएं। इससे न केवल बिजली बिल में बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से आम लोगों तक सौर ऊर्जा पहुंचाने की पहल के लिए भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह योजना आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आर्थिक राहत के साथ-साथ स्वच्छ और हरित भविष्य का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।
 

 


कलेक्टर अजीत वसंत ने स्वामी आत्मानंद आदर्श महाविद्यालय का किया निरीक्षण, 15 अगस्त से बालिका छात्रावास शुरू करने के दिए निर्देश

03-Jul-2026
अम्बिकापुर(शोर संदेश) कलेक्टर अजीत वसंत ने गुरुवार को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल के साथ अम्बिकापुर के केशवपुर स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बालिका छात्रावास भवन का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर वसंत ने कहा कि आगामी 15 अगस्त से छात्रावास का संचालन  प्रारंभ किया जाना है। उन्होंने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधिकारियों को निर्देशित किया कि भवन में आवश्यक मरम्मत सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित सभी कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त को भी निर्देश दिए कि छात्रावास संचालन के लिए आवश्यक सामग्रियों हेतु तत्काल प्रस्ताव तैयार कर भेजें।
जवाहर नवोदय विद्यालय पहुंचकर शैक्षणिक एवं आवासीय व्यवस्थाओं का लिया जायजा, खेल सुविधाओं के विस्तार हेतु प्रस्ताव तैयार करने दिए निर्देश-
निरीक्षण के क्रम में कलेक्टर वसंत अम्बिकापुर के खलीबा स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय पहुंचे।  उन्होंने यहां उपलब्ध शैक्षणिक एवं आवासीय व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर का भ्रमण करते हुए विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कक्षाओं, पुस्तकालय,  प्रयोगशालाओं, कंप्यूटर लैब, छात्रावास, मेस, रसोई सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यालय में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए बास्केटबॉल एवं बैडमिंटन कोर्ट तैयार करने आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर प्रेषित कर के निर्देश दिए।
पटवारी प्रशिक्षण केंद्र का किया निरीक्षण, प्रशिक्षु पटवारियों से की मुलाकात-
इस दौरान कलेक्टर वसंत ने पटवारी प्रशिक्षण केंद्र का भी निरीक्षण कर वहां संचालित प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षु पटवारियों से मुलाकात कर प्रशिक्षण से जुड़े उनके अनुभवों की जानकारी ली तथा उन्हें पूरे लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कक्षा के साथ-साथ व्यवहारिक प्रशिक्षण हेतु फील्ड में भी जाकर प्रशिक्षण लेने कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि प्रशिक्षणार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए, जिससे वे भविष्य में राजस्व प्रशासन की जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।  
 

बस्तर में 506 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण होगा शुरू

21-Jun-2026
बस्तर। (शोर संदेश) छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में जर्जर और भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति पर ध्यान देते हुए संभाग में 506 नए भवनों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। नए भवन बनने से बच्चों और माताओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। सरकार का लक्ष्य है कि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में भी आंगनबाड़ी केंद्रों को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया जाए। निर्माण कार्य महिला एवं बाल विकास विभाग और मनरेगा के सहयोग से पूरा किया जाएगा।
सरकार ने तेज की निर्माण प्रक्रिया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निर्देश दिए हैं कि किसी भी आंगनबाड़ी केंद्र को भवनविहीन या जर्जर स्थिति में नहीं रहने दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के लिए बेहतर भवन जरूरी हैं।
बस्तर संभाग के इन नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण महिला एवं बाल विकास विभाग और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के सहयोग से किया जाएगा। प्रत्येक भवन के निर्माण के लिए 11.69 लाख रुपए की राशि निर्धारित की गई है। इसमें 2 लाख रुपए महिला एवं बाल विकास विभाग, 8 लाख रुपए मनरेगा और बाकी 1.69 लाख रुपए डीएमएफ, सीएसआर और अन्य स्थानीय स्रोतों से जुटाए जाएंगे।
बच्चों और माताओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों की पढ़ाई का स्थान नहीं हैं, बल्कि यहां पोषण आहार, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पूर्व प्राथमिक शिक्षा और मातृ स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं भी दी जाती हैं। सरकार का लक्ष्य है कि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को भी सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
छह जिलों में चिन्हित किए गए जर्जर केंद्र
महिला एवं बाल विकास विभाग ने बस्तर संभाग के बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिलों में भवनविहीन और खराब स्थिति वाले आंगनबाड़ी केंद्रों की पहचान की है। इन केंद्रों के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
गुणवत्ता और समय पर पूरा करने के निर्देश
अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और तय समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि मजबूत आंगनबाड़ी भवन ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के विकास और माताओं को बेहतर सेवाएं देने में अहम भूमिका निभाएंगे।
 

प्रवेशोत्सव के बीच 8 लापरवाह शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस जारी

18-Jun-2026
जगदलपुर(शोर संदेश) ।  शैक्षणिक सत्र के प्रथम दिवस पर बस्तर जिले के स्कूलों में एक तरफ जहाँ बच्चों के स्वागत की उत्सुकता दिखी, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक कसावट का कड़ा रुख भी सामने आया। नया सत्र शुरू होने के अवसर पर जिला मिशन समन्वयक अशोक पाण्डे एवं सहायक कार्यक्रम अधिकारी परमेश्वर पाण्डे द्वारा विकासखण्ड तोकापाल, लोहण्डीगुडा एवं बस्तर के विद्यालयों का सघन निरीक्षण किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य व्यवस्थाओं का जायजा लेना और बच्चों की उपस्थिति को प्रोत्साहित करना था। इस औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि विद्यालयों में नया सत्र शुरू होने की खुशी में प्रवेशोत्सव बेहद हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया जा रहा था, जहाँ बच्चे नए उमंग के साथ अपनी कक्षाओं में पहुंचे थे।  
हालांकि इस उत्सव के माहौल के बीच कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों और समन्वयकों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई। निरीक्षण के दौरान अनुशासनहीनता पाए जाने पर विकासखण्ड बस्तर एवं तोकापाल में कार्यरत 08 लापरवाह शिक्षकों एवं संकुल समन्वयकों को तत्काल कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर दिया गया। इन शिक्षकों के द्वारा यदि निर्धारित समयावधि में इन सभी की ओर से कोई संतोषप्रद जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो ऐसी स्थिति में संबंधितों के विरुद्ध एक दिवस का वेतन कटौती करने की कार्यवाही की जाएगी।
इस प्रशासनिक कार्यवाही के साथ ही स्कूलों के सुचारू संचालन को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। सभी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन का नियमित और गुणवत्तापूर्ण संचालन किया जाए। इसके साथ ही शिक्षकों को अपनी डेली डायरी को प्राथमिकता के साथ अनिवार्य रूप से लिखने को कहा गया है, ताकि शैक्षणिक गतिविधियों का सही मूल्यांकन हो सके। सत्र के पहले ही दिन से एक अनुशासित माहौल बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों ने समय पर बच्चों एवं शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने और उसे अनिवार्य रूप से ऑनलाइन दर्ज करने के कड़े निर्देश दिए हैं, ताकि पूरी व्यवस्था पारदर्शी बनी रहे।









 

शाह बोले- बस्तर बनेगा देश का सबसे विकसित संभाग

20-May-2026
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में पहली बार मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक हुई। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद के खात्मे का टारगेट हासिल कर लिया गया।
बस्तर के नक्सल मुक्त होने के बाद 70 कैंपों में से लगभग एक-तिहाई कैंपों को ‘वीर शहीद गुंडाधर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
गृहमंत्री ने आगे कहा कि हर आदिवासी महिला को पशुपालन से जोड़ने की योजना है। बस्तर के हर आदिवासी नागरिक को एक गाय और एक भैंस देंगे। 6 महीने में बस्तर में बड़ा डेयरी नेटवर्क बनेगा।
बैठक में 4 राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में जगदलपुर में हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए।
बैठक में राज्यों के विकास के साथ-साथ गंभीर सामाजिक और सुरक्षा मुद्दों पर कड़े फैसले लिए गए हैं। बैठक में चारों राज्यों में अपराध नियंत्रण, विशेषकर महिलाओं के उत्पीड़न और रेप जैसे मामलों पर जल्द फैसले लेने पर चर्चा की गई।

400 सुरक्षा कैंप बनेगे सेवा केंद्र, हर आदिवासी परिवार तक पहुंचेगी सरकारी सुविधा- केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह

19-May-2026
जगदलपुर (शोर संदेश)। बस्तर से नक्सलवाद के पूरी तरह खात्मे के बाद पहली बार यहां पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बस्तर में शांति स्थापना का श्रेय जवानों के पराक्रम, आदिवासियों के अटूट विश्वास और मां दंतेश्वरी के आशीर्वाद को दिया। उन्होंने कहा कि डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और कोबरा के जवानों ने जिस अद्भुत साहस के साथ कठिन परिस्थितियों में अभियान चलाया, उसी का परिणाम है कि आज बस्तर हिंसा के दौर से उबरकर विकास की एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री ने अपने दो दिवसीय बस्तर दौरे की शुरुआत बस्तर के महान आदिवासी जननायक वीर शहीद गुंडाधुर की जन्मस्थली नेतानार से की। यहां उन्होंने शहीद गुंडाधुर को नमन करने के बाद सीआरपीएफ कैंप में 'सेवा डेरा' का शुभारंभ किया। दौरे का सबसे संवेदनशील और भावुक क्षण आसना स्थित बादल परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देखने को मिला।
यहां गृहमंत्री शाह ने नक्सल पीड़ितों और जवानों से सीधा संवाद किया। कर्रेगुट्टा के अभियानों को याद करते हुए शाह ने कहा कि हमारे जांबाज जवानों ने 45 डिग्री के भीषण तापमान में भी लगातार आपरेशनों को अंजाम दिया और नक्सलियों को पहाड़ों से नीचे उतरने पर मजबूर कर दिया। इसी रणनीति के कारण बड़े पैमाने पर नक्सलियों के सरेंडर और एनकाउंटर का दौर शुरू हुआ। इस बार गृहमंत्री के बस्तर दौरे का मिजाज बदला हुआ था। इससे पहले वे जब भी बस्तर आते थे, तो उनके संबोधन के केंद्र में नक्सलवाद के खात्मे का संकल्प होता था, लेकिन इस बार उन्होंने बस्तरवासियों को विकसित बस्तर का संकल्प दिलाया। उन्होंने भरोसा दिया कि नक्सलियों ने पिछले 50 वर्षों में बस्तर को जो भी नुकसान पहुँचाया है, उसकी भरपाई सरकार अगले 5 साल में करेगी और बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाया जाएगा।
हर आदिवासी परिवार को मुख्यधारा से जोडेंगे
सेवा डेरा का यह अभिनव मॉडल अब बस्तर संभाग के सभी 400 सुरक्षा बल कैंपों में लागू किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य हर आदिवासी परिवार को मुख्यधारा से जोड़ना, विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाना और उन तक सरकारी सेवाओं को सीधे पहुंचाना है। नेतानार में गृहमंत्री ने स्थानीय स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से मुलाकात की, उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की सराहना की और बस्तर की प्रसिद्ध इमली का स्वाद भी चखा। इसके बाद वे जगदलपुर स्थित अमर वाटिका पहुंचे, जहां उन्होंने नक्सल हिंसा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सीएम ने कहा-बस्तर उद्योगपतियों को नहीं सौंपेंगे
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विपक्ष (कांग्रेस) पर कड़ा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद खत्म होने के बाद विपक्ष द्वारा यह झूठा नरेटिव और भ्रम फैलाया जा रहा है कि अब बस्तर को उद्योगपतियों को सौंप दिया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट करते हुए कहा कि हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बस्तर के आदिवासी, किसान और यहां के गांव हैं। बस्तर में पारंपरिक खेती-किसानी को मजबूत करने के लिए 2,000 करोड़ की वृहद सिंचाई परियोजना की शुरुआत की जा रही है। उन्होंने गृहमंत्री की ओर से समस्त बस्तरवासियों को आश्वस्त किया कि यहां अब केवल स्थानीय नागरिकों के कल्याण और विकास को ही गति दी जाएगी।
डिप्टी सीएम ने रखी दो साल की रणनीति की रिपोर्ट
प्रदेश के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर में चलाए गए अभियानों की रणनीतिक सफलता का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में बेहद आधुनिक तकनीकों और सुनियोजित उपायों के साथ बस्तर के सुदूर अंचलों में ऑपरेशन चलाए गए। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी से ही मार्च 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे का ऐतिहासिक लक्ष्य हासिल किया जा सका है। अब बस्तर भय और हिंसा से मुक्त होकर देश में विकास का एक नया मॉडल बनेगा।
रायपुर में शाह ने डायल 112 व फॉरेंसिक मोबाइल वैन को दिखाई हरी झंडी
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रायपुर में एआई आधारित अत्याधुनिक डायल 112 आपातकालीन सेवा और 32 आधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल वैन के बेड़े को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस विस्तार के बाद डायल 112 सेवा राज्य के 16 जिलों से बढ़कर अब सभी 33 जिलों में उपलब्ध होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी उपस्थित थे। इस नई व्यवस्था के तहत 400 नए आपातकालीन वाहन, 33 विशेष निगरानी वाहन और 60 राजमार्ग गश्ती वाहन बेड़े में शामिल किए गए हैं।
महिला सुरक्षा के लिए इसमें पैनिक बटन और विशेष निगरानी की सुविधा जोड़ी गई है। अब नागरिक स्मार्टफोन ऐप, जीपीएस, सोशल मीडिया और चैटबॉट के माध्यम से भी चौबीस घंटे मदद पा सकेंगे। इसके अतिरिक्त, लगभग 65 लाख रुपए प्रति यूनिट लागत वाली फॉरेंसिक वैन घटनास्थल पर ही फिंगरप्रिंट डिटेक्शन, नार्कोटिक्स टेस्ट और डिजिटल फॉरेंसिक जैसी वैज्ञानिक जांच की सुविधा प्रदान करेंगी।

विज्जा समेत 47 नक्सलियों ने किया सरेंडर

26-Apr-2026
जगदलपुर (शोर संदेश)। नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तेलंगाना में शनिवार को 47 नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण कर दिया, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी रणनीतिक सफलता मानी जा रही है। यह सरेंडर ऐसे समय में हुआ है जब नक्सलवाद के खात्मे की तय डेडलाइन पर लगातार सवाल उठ रहे थे, लेकिन इस घटना ने संकेत दिया है कि संगठन के भीतर दबाव और विघटन बढ़ रहा है।
इस सामूहिक आत्मसमर्पण में कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नक्सली शामिल हैं। इनमें डीवीसी इंचार्ज हेमला आयतु उर्फ विज्जा और 9वीं बटालियन कमांडर पोडियम लच्छु उर्फ मनोज जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सभी आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को कुल मिलाकर लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य उन्हें मुख्यधारा में वापस लाना और हिंसा के रास्ते से दूर करना है।

स्वाद ने दिलाई पहचान! बस्तर का काजू अब देश-विदेश तक पहुंचा

26-Apr-2026
जगदलपुर (शोर संदेश)। बस्तर में काजू की खेती और व्यापार तेजी से फल-फूल रहा है। अनुकूल जलवायु और उपजाऊ मिट्टी के कारण यहां काजू का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि इन दिनों शहर के चौक-चौराहों और सड़कों पर स्थानीय काजू की बिक्री आम हो गई है। बस्तर के काजू अब छत्तीसगढ़ से निकलकर देश और विदेश के बाजारों तक पहुंचने लगे हैं। वनोपज पर निर्भर रहने वाले आदिवासी अब काजू की खेती से भी अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं।
जिले के बकावंड ब्लॉक में बड़े पैमाने पर काजू का उत्पादन किया जा रहा है। वर्तमान में बस्तर में प्रतिवर्ष 50 हजार क्विंटल से अधिक काजू का उत्पादन हो रहा है, जिससे करीब 10 हजार परिवार सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं और आर्थिक रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।
काजू उत्पादक विजय सेठिया के अनुसार काजू का पेड़ लगभग चार से पांच वर्षों में तैयार होकर फल देने लगता है। बस्तर की जलवायु इसके लिए बेहद अनुकूल है, जिससे किसान बड़ी संख्या में काजू का प्लांटेशन कर रहे हैं। पेड़ तैयार होने के बाद इसकी देखभाल में बहुत कम खर्च आता है। ग्राम पंडेनार के सरपंच विपत सिंह का कहना है कि यदि सरकार किसानों को और प्रोत्साहन दे, तो निजी भूमि में भी काजू की खेती का विस्तार तेजी से हो सकता है।
किसानों को मिल रहा प्रोत्साहन
काजू की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए वन विभाग और उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को प्लांटेशन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मनरेगा के तहत भी काजू के पौधे लगाए जा रहे हैं, जिससे खेती का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
ठोस और स्वादिष्ट काजू की बढ़ी मांग
बस्तर का काजू अपनी गुणवत्ता और स्वाद के लिए विशेष पहचान बना रहा है। बिना पॉलिश के प्राकृतिक रूप में मिलने वाला यह काजू बाजार में उपलब्ध अन्य राज्यों के काजू की तुलना में अधिक स्वादिष्ट और ठोस माना जाता है। यही कारण है कि इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। कच्चा काजू 120 से 150 रुपये प्रति किलो के भाव से बेचा जाता है, जबकि प्रोसेसिंग के बाद यही काजू 500 से 600 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।
प्रोसेसिंग यूनिट और महिलाओं को रोजगार
बकावंड ब्लॉक में स्थापित प्रोसेसिंग यूनिट में स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा काजू की प्रोसेसिंग की जा रही है। ‘बस्तर काजू’ के नाम से पैकेजिंग कर इसे बाजार में उतारा जा रहा है। इससे महिलाओं को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।


+ Load More

kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account