ब्रेकिंग न्यूज

Sukma

युवा मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने तोंगपाल में जागरूकता पहल

30-Oct-2026
सुकमा।( शोर संदेश ) भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष अभियान 2026 के अंतर्गत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र क्रमांक 90 कोंटा के अंतर्गत मतदाता जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शासकीय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय (सेजेस) तोंगपाल एवं पोटाकेबिन तोंगपाल के माध्यम से जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। Electoral Literacy Club (ELC) के माध्यम से आयोजित इस शिविर में युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी के महत्व से अवगत कराते हुए मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के प्रति जागरूक किया गया।
17 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के युवाओं को पंजीयन की दी गई जानकारी शिविर में मतदान केंद्र क्रमांक 141, 142 एवं 143 के बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा भावी मतदाताओं तथा नए मतदाताओं से मतदाता सूची में नाम सम्मिलित कराने हेतु आवेदन प्राप्त किए गए। साथ ही, पात्र युवाओं को मतदाता पंजीयन की प्रक्रिया, आवश्यक जानकारी तथा निर्धारित प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया गया, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे।
ECINETऐप के माध्यम से पंजीयन के लिए किया गया प्रोत्साहित शिविर के दौरान युवाओं को ECINET ऐप के जरिए मतदाता पंजीयन की प्रक्रिया समझाई गई और उन्हें समय पर आवेदन करने के लिए प्रेरित किया गया। इस पहल का उद्देश्य युवाओं में चुनावी साक्षरता बढ़ाना, मतदाता सूची को अधिक समावेशी बनाने में सहयोग करना तथा लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। जिला सुकमा में इस प्रकार के जागरूकता प्रयासों से युवाओं को अपने मताधिकार के प्रति जागरूक होकर लोकतांत्रिक व्यवस्था में सहभागी बनने का अवसर मिल रहा है।

कलेक्टर की पहल पर उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार होंगे जिले के आईटीआई युवा

29-Oct-2026
सक्ती ।( शोर संदेश )  जिला सक्ती के औद्योगिक विकास को गति देने और स्थानीय युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से कलेक्टर जयश्री जैन की अध्यक्षता में जिला प्रशासन, औद्योगिक इकाइयों और शासकीय आईटीआई संस्थानों के प्रमुखों की समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक के प्रारंभ में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक शोभेंद्र नायक ने बैठक के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका प्राथमिक लक्ष्य उद्योगों की आधुनिक तकनीकी जरूरतों और आईटीआई द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण के बीच के स्किल गैप को समाप्त करना है, जिससे दोनों पक्षों को परस्पर लाभ मिल सके और स्थानीय युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके।
बैठक में पावर प्लांट, राइस मिल, पाइप मैन्युफैक्चरिंग और केमिकल एरोमैटिक्स उद्योगों के प्रतिनिधियों ने बॉयलर ऑपरेटर, टरबाइन ऑपरेटर, आईबीआर वेल्डर, मिलराइट फिटर, क्रेन ऑपरेटर तथा केमिकल टेक्नीशियन जैसे पदों पर दक्ष मानव संसाधन की भारी मांग दर्ज कराई। उद्योग प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि जिले के आईटीआई संस्थानों से प्रशिक्षित युवा उपलब्ध होने पर बाहरी राज्यों से श्रमिक और तकनीशियन लाने की आवश्यकता कम होगी। वहीं, आईटीआई सक्ती, डभरा, मालखरौदा और जैजैपुर के प्राचार्यों ने अपने संस्थानों में संचालित कोपा, फिटर, वेल्डर, इलेक्ट्रिशियन, ड्राइवर-कम-मैकेनिक और आईओटी हेल्थकेयर ट्रेड्स की जानकारी दी। प्राचार्यों ने उद्योगों की मांग के अनुरूप नए आधुनिक ट्रेड्स शुरू करने, वर्कशॉप इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने तथा विद्यार्थियों के लिए इंडस्ट्रियल विजिट की आवश्यकता पर बल दिया।
कलेक्टर जयश्री जैन ने कैंपस सिलेक्शन में विद्यार्थियों के चयन अनुपात को बढ़ाने के लिए प्राचार्यों को निर्देशित किया कि कैंपस प्लेसमेंट से पूर्व विद्यार्थियों के लिए विशेष क्रैश कोर्स संचालित किए जाएं। उन्हें प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करने के साथ ही इंटरव्यू और प्रेजेंटेशन स्किल्स को निखारने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए, ताकि विद्यार्थी रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। आईटीआई विद्यार्थियों को आधुनिक मशीनों और सुरक्षा मानकों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के लिए उद्योगों में 150 घंटे का ऑन-जॉब प्रशिक्षण (ओजेटी) अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। इसके साथ ही सभी उद्योगों को नेशनल अप्रेंटिसशिप पोर्टल पर सक्रिय पंजीयन कराकर स्थानीय प्रशिक्षित युवाओं को अप्रेंटिसशिप प्रदान करने के निर्देश दिए गए। उद्योगों के वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ आईटीआई के शिक्षकों को प्लांट की आधुनिक कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण देंगे, जिससे कक्षाओं में दिया जाने वाला प्रशिक्षण उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप हो सके। बैठक में कलेक्टर ने सभी आईटीआई संस्थानों और उद्योगों को नए ट्रेड्स एवं इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकताओं की सूची 15 नवंबर तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि समग्र जिला एक्शन प्लान तैयार कर शासन को भेजा जा सके। जिला प्रशासन की इस पहल से स्थानीय युवाओं को अपने जिले में ही रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा उद्योगों को कार्यकुशल तकनीकी मानव संसाधन सुलभ कराने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र सक्ती के महाप्रबंधक  शो नायक, पावर प्लांट, राइस मिल, पाइप मैन्युफैक्चरिंग और केमिकल एरोमैटिक्स उद्योगों के प्रतिनिधि, आईटीआई के प्राचार्य सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

 


सुकमा में टीबी मुक्त जनजातीय अभियान का शुभारंभ

23-Oct-2026
सुकमा।( शोर संदेश ) जिले में जनजातीय समुदाय को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग एवं पिरामल फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से टीबी मुक्त जनजातीय अभियान के अंतर्गत निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों की शुरुआत की गई। कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में सिविल सर्जन डॉ. एमआर कश्यप, जिला कार्यक्रम प्रबंधक गीतू हरित एवं जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी ने शिविर रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना, टीबी के लक्षणों की समय पर पहचान करना और जरूरतमंद मरीजों को उपचार उपलब्ध कराना है।
अभियान के तहत विकासखंड कोंटा एवं छिंदगढ़ में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों में ग्रामीणों की सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, छाती का एक्स-रे एवं बलगम की जांच की जाएगी। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर मरीजों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। पिरामल फाउंडेशन की फील्ड टीम द्वारा गांवों में घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है, ताकि संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें जांच एवं उपचार की सुविधा से जोड़ा जा सके। इस पहल से ग्रामीणों को समय पर बीमारी का पता लगाने, उपचार प्राप्त करने और टीबी के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों से शिविरों में अधिक से अधिक सहभागिता कर इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है।

जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में संचालित यह अभियान जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, टीबी की शीघ्र पहचान सुनिश्चित करने और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी, PMDT समन्वयक, STLS, पिरामल फाउंडेशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अधिकारी-कर्मचारी तथा स्वास्थ्य विभाग एवं पिरामल फाउंडेशन के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
 

वाटरशेड परियोजना : 48 मत्स्य कृषकों को मिली मछलीपालन सहायक सामग्री

23-Oct-2026
सुकमा।( शोर संदेश ) कलेक्टरअमित कुमार के निर्देशानुसार जिले में ग्रामीणों की आजीविका सुदृढ़ करने और किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा संचालित वाटरशेड विकास परियोजना क्रमांक-2, छिंदगढ़ के अंतर्गत मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड छिंदगढ़ के ग्राम मारेंगा, लिटिरास, जैमेर, टाहकवाड़ा एवं हमीरगढ़ के कुल 48 मत्स्य कृषकों को मछली बीज, आइस बॉक्स, मछली पकड़ने के जाल एवं मत्स्य आहार (फीड) वितरित किए गए। इस पहल से ग्रामीण मत्स्य कृषकों को उत्पादन बढ़ाने, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और स्वरोजगार को मजबूत बनाने में प्रत्यक्ष सहयोग मिलेगा।
वितरित सामग्री से हितग्राहियों को मत्स्य पालन की विभिन्न गतिविधियों में व्यावहारिक लाभ प्राप्त होगा। मछली बीज और मत्स्य आहार से मछली पालन एवं उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी, वहीं मछली पकड़ने के जाल से मछलियों को निकालने तथा आइस बॉक्स से उन्हें सुरक्षित रखने और बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी। इससे मछलियों की गुणवत्ता बनाए रखने, परिवहन के दौरान नुकसान कम करने और उत्पादों के बेहतर विपणन की संभावनाएं बढ़ेंगी। आवश्यक सामग्री उपलब्ध होने से हितग्राहियों को अपनी आजीविका गतिविधियों के संचालन में सहूलियत मिलेगी तथा संसाधनों के अभाव से उत्पन्न होने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को कम करने में मदद मिलेगी।
इस योजना का लाभ केवल मत्स्य पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के अवसर भी विकसित होंगे। मत्स्य उत्पादन और विपणन गतिविधियों में सुधार होने से हितग्राहियों को नियमित आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने में सहायता मिल सकती है। इससे कृषि पर निर्भर परिवारों को आजीविका के वैकल्पिक साधन मिलेंगे, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। वाटरशेड विकास परियोजना के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ उनका आजीविका के लिए उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण है। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को सहायता प्रदान करने के साथ उन्हें दीर्घकालीन आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करना है।
जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका संवर्धन, स्वरोजगार को प्रोत्साहन और किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मत्स्य पालन सामग्री वितरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे हितग्राही उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर अपनी उत्पादन क्षमता और विपणन गतिविधियों को बेहतर बना सकेंगे। कार्यक्रम में फूलमती नाग, सरपंच ग्राम पंचायत जैमेर, लक्ष्मण मरकाम, ग्राम पंचायत हमीरगढ़ के प्रतिनिधि, रामबती नाग, सरपंच तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन की इस पहल से ग्रामीणों को आजीविका के नए अवसरों से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयासों को मजबूती मिल रही है।



 

ग्राम केरीबंधा के अंदरूनी खेतों में पहुंचकर कलेक्टर जयश्री जैन ने पीवी ऐप सर्वे कार्यो का किया औचक निरीक्षण

21-Oct-2026
सक्ती: कलेक्टर जयश्री जैन द्वारा जिले में चल रहे पीवी ऐप सर्वे कार्यो को पूरी गंभीरता से और निर्धारित समय सीमा में त्रुटि रहित प्रविष्टि पूर्ण किए जाने के लिए राजस्व विभाग, कृषि विभाग, पंचायत विभाग सहित सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। जिसके तहत आज कलेक्टर जैन द्वारा जनपद पंचायत सक्ती अंतर्गत ग्राम केरीबंधा के अंदरूनी खेतों में पहुँचकर पीवी ऐप के माध्यम से किए जा रहे डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्यों का भौतिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर द्वारा ग्राम केरीबंधा में अर्जुनी फसल के भौतिक सत्यापन का निरीक्षण किया गया तथा आवश्यक निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सर्वे कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने सर्वे कार्य में लगे सर्वेयर सहित संबंधित राजस्व अधिकारियों, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पूरी सावधानी एवं सटीकता के साथ त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सर्वे कार्य के दौरान किसी भी किसान का रकबा अथवा खसरा छूटने नहीं पाए। उन्होंने कहा कि सर्वे के दौरान सभी आवश्यक जानकारियों का सही-सही संकलन सुनिश्चित किया जाए, ताकि डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप पूर्ण हो सके।
इस दौरान कलेक्टर ने उपस्थित किसानों से भी चर्चा कर सर्वे कार्य के संबंध में आवश्यक जानकारी ली। उन्होंने किसानों से सर्वे कार्य में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि पीवी ऐप सर्वे एवं एग्रीस्टैक पंजीयन से वंचित शेष किसान अपना पंजीयन अवश्य कराएं, ताकि कोई भी पात्र किसान इस प्रक्रिया से छूटने न पाए। निरीक्षण के दौरान  मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सक्ती सी के आदिले, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित संबंधित सरपंच, सचिव एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कलेक्टर जयश्री जैन के निर्देशन में जिले में पीवी ऐप से संबंधित कार्यों की प्रगति एवं क्रियान्वयन की सतत निगरानी की जा रही है। इसके तहत अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार सहित राजस्व एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मैदानी स्तर पर पहुंचकर कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्यों की स्थिति का जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण किया जा सके।






















 

 


मतदाता पंजीयन अभियान को मिली गति, अंदरूनी गांवों तक पहुंच रहा निर्वाचन अमला

20-Oct-2026
सुकमा।( शोर संदेश ) भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं समावेशी बनाने के उद्देश्य से विशेष मतदाता पंजीयन अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। जिला निर्वाचन कार्यालय के मार्गदर्शन में निर्वाचन अमला अंदरूनी एवं दूरस्थ गांवों तक पहुंचकर उन पात्र नागरिकों की पहचान कर रहा है, जिनका नाम किसी कारणवश मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सका है। बूथ लेवल अधिकारी  (BLO) घर-घर जाकर नागरिकों को जागरूक करने के साथ फॉर्म-6 के माध्यम से नए पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कराने में जुटे हैं। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच भी प्रशासन की सक्रियता और मैदानी अमले की तत्परता का उद्देश्य स्पष्ट है-कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे। अभियान के दौरान BLO App एवं ECINET जैसे डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर आवेदन एवं संबंधित जानकारियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप दर्ज किया जा रहा है।
विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में नाम दर्ज नहीं करा सके नागरिकों के मामलों में पात्रता के आधार पर पुनः सत्यापन की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है। पात्र पाए जाने वाले नागरिकों को नियमानुसार आवेदन कर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभियान को व्यवस्थित और परिणामोन्मुख बनाने के लिए बीएलओ को आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया है, वहीं संबंधित तहसीलदार एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मैदानी कार्यों की नियमित निगरानी और प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। दूसरी ओर,SVEEP कार्यक्रम के तहत जिले के हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में निर्वाचक साक्षरता क्लब (ELC) के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को लोकतंत्र, मतदान के महत्व तथा मतदाता पंजीयन की जानकारी दी जा रही है। 17 वर्ष या उससे अधिक आयु के युवाओं को अग्रिम आवेदन की सुविधा के प्रति जागरूक कर भविष्य के मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में भी पहल की जा रही है।
जिला निर्वाचन कार्यालय की पात्र नागरिकों से अपील है कि जिनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर पंजीयन के लिए आवेदन करें। नागरिक अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं अथवा निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल  https://voters.eci.gov.in पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मतदाता पंजीयन एवं निर्वाचन संबंधी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर ’1950’ पर भी संपर्क किया जा सकता है। जिला प्रशासन का यह अभियान मतदाता सूची में पात्र नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने, निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं समावेशी बनाने और लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। जिला निर्वाचन कार्यालय ने सभी पात्र नागरिकों से अभियान का लाभ उठाकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने तथा लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की है।

 

 


सेवा संकल्प की कहानी : घने जंगलों के बीच दंतेवाड़ा-सुकमा सीमा पर बसे 228 घरों तक पहुंचा नल से जल

15-Oct-2026
रायपुर।( शोर संदेश )  दंतेवाड़ा और सुकमा जिले की सीमा पर घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसे एडपाल और डोडपाल गांवों के 228 परिवारों को अब घर पर ही नल से पेयजल मिल रहा है। जल जीवन मिशन से इन दूरस्थ गांवों में वर्षों से चली आ रही पानी की समस्या दूर हुई है। पहले ग्रामीणों को पेयजल के लिए हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ता था। अब घर-घर नल कनेक्शन मिलने से विशेष रूप से महिलाओं की दिनचर्या आसान हुई है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण जीवन में आए बदलाव की यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दूर कटेकल्याण विकासखंड की ग्राम पंचायत एडपाल के 137 और उसके आश्रित ग्राम डोडपाल के 91 घरों में जल जीवन मिशन के तहत नल से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। दोनों गांवों को ‘हर घर जल ग्राम’ का दर्जा भी मिल चुका है।
घर तक पानी पहुंचने का सबसे अधिक लाभ महिलाओं को मिला है। पहले गर्मी और बरसात के दिनों में भी उन्हें पानी के लिए घर से दूर जाना पड़ता था। इसमें सुबह का काफी समय बीत जाता था। अब पानी लाने की मशक्कत से राहत मिलने के साथ घरेलू कामकाज, बच्चों की देखभाल और आजीविका संबंधी गतिविधियों के लिए अधिक समय मिल रहा है।
एडपाल की वार्ड पंच बुदरी मंडावी और ग्रामीण महिला जोगी मरकाम बताती हैं कि घर में नल लगने से पानी की चिंता दूर हुई है। महिलाएं अब सब्जी बाड़ी, वनोपज संग्रहण और खेती-किसानी के कामों में अधिक समय दे पा रही हैं। बच्चों को भी पानी लाने में समय लगाने के बजाय पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय मिल रहा है।
इन गांवों में पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने की जिम्मेदारी भी महिलाओं ने संभाली है। इसके लिए गठित ‘जल वाहिनी’ समूह की प्रशिक्षित महिलाएं फील्ड टेस्ट किट से पानी की नियमित जांच कर रही हैं। इससे ग्रामीणों में स्वच्छ पेयजल के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ जलजनित बीमारियों से बचाव के प्रयासों को भी बल मिल रहा है।
डोडपाल में आयोजित ‘ग्राम जल उत्सव’ में ग्रामीणों ने घर-घर पेयजल सुविधा मिलने पर खुशी जताई। जल जीवन मिशन से दूरस्थ वनांचल के गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचने से महिलाओं और बच्चों सहित पूरे परिवार की रोजमर्रा की जिंदगी आसान हो रही है।

लोकतंत्र को मजबूत बनाने जिला प्रशासन की पहल, अंदरूनी गांवों तक पहुंच रहे बीएलओ

15-Oct-2026
सुकमा। ( शोर संदेश ) भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन एवं समावेशी बनाने के लिए विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र-90 कोंटा के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत प्रशासन का निर्वाचन अमला अंदरूनी एवं दूरस्थ गांवों तक पहुंचकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से छूटे पात्र नागरिकों की पहचान कर रहा है। बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर फॉर्म-6 वितरित कर नए मतदाताओं का पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए सक्रियता से कार्य कर रहे हैं। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के अवसर से वंचित न रहे।

डिजिटल तकनीक, नियमित निगरानी और जनजागरूकता से अभियान को मिल रही गति देते हुए बीएलओ द्वारा ठस्व् ।चच एवं म्ब्प्छम्ज् के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन संबंधी जानकारी दर्ज की जा रही है। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निर्वाचन अमले को प्रशिक्षण दिया गया है, वहीं संबंधित तहसीलदार एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मैदानी कार्यों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। इसके साथ ही स्कूलों में निर्वाचक साक्षरता क्लब के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं को मतदान के महत्व और मतदाता पंजीयन के प्रति जागरूक किया जा रहा है। 17 वर्ष या उससे अधिक आयु के युवाओं को अग्रिम आवेदन की सुविधा की जानकारी देकर भविष्य के मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने की पहल की जा रही है।
जिला निर्वाचन कार्यालय सुकमा ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि यदि उनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है, तो वे फॉर्म-6 के माध्यम से पंजीयन के लिए आवेदन करें। इसके लिए संबंधित बीएलओ से संपर्क करने के साथ आधिकारिक मतदाता सेवा पोर्टल ीजजचेरू//अवजमते.मबप.हवअ.पद का उपयोग किया जा सकता है। निर्वाचन संबंधी जानकारी एवं सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर ’1950’ पर भी संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन की यह सक्रिय पहल मतदाता सूची में पात्र नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने, निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

 


अब एआर रहमान भी करेंगे साइबर जागरूक, वीडियो जारी कर सुकमा पुलिस के अभियान को दिया समर्थन

07-Sep-2026
सुकमा। साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियान को अब देश के मशहूर गायक और संगीतकार ए.आर. रहमान का भी साथ मिला है। सुकमा पुलिस की विशेष अपील पर ए.आर. रहमान ने साइबर सुरक्षा को लेकर एक खास वीडियो संदेश जारी किया है। इस संदेश के जरिए उन्होंने लोगों से ऑनलाइन दुनिया में सतर्क रहने और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करने की अपील की है।
ए.आर. रहमान ने अपने वीडियो संदेश में लोगों को साइबर अपराधों के प्रति सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करते समय किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचने तथा संदिग्ध गतिविधियों को लेकर सतर्क रहने का संदेश दिया। आज के समय में बैंकिंग, खरीदारी, भुगतान और दूसरे जरूरी काम तेजी से ऑनलाइन हो रहे हैं।
ऐसे में साइबर अपराधी भी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपना शिकार बनाने की कोशिश करते हैं। फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी मैसेज और ऑनलाइन धोखाधड़ी के जरिए लोगों से निजी और बैंकिंग जानकारी हासिल करने के मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे में एआर रहमान का यह संदेश लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चल रहा साइबर जागृति अभियान
छत्तीसगढ़ पुलिस और राज्य शासन की पहल पर प्रदेश में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को साइबर अपराधों, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। अभियान के दौरान पुलिस की ओर से लोगों को साइबर ठगी के नए तरीकों के बारे में जानकारी दी जा रही है। साथ ही उन्हें यह भी बताया जा रहा है कि ऑनलाइन धोखाधड़ी होने की स्थिति में किस तरह तत्काल शिकायत की जा सकती है।
 

हुनर, तकनीक और अपनत्व से पुनर्वासित युवाओं को विकास की नई राह

19-Aug-2026
रायपुर।  (शोर संदेश) निर्वासित युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाकर विकास की नई राह प्रदान करना किसी भी प्रगतिशील समाज और राष्ट्र के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है। विभिन्न कारणों से समाज के हाशिए पर चले गए युवाओं को पुनः सशक्त बनाने के लिए एक व्यापक और बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है।
सुकमा जिले में पुनर्वासित युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। छत्तीसगढ़ शासन के खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के सचिव एवं जिले के प्रभारी सचिव राजेश सिंह राणा ने मंगलवार को जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान विभिन्न विकास और पुनर्वास योजनाओं का जमीनी निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुंद ठाकुर भी मौजूद रहे।
प्रभारी सचिव राणा ने लाइवलीहुड कॉलेज पहुंचकर पुनर्वासित युवाओं के लिए विशेष कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। दो माह के इस प्रशिक्षण में 20 युवाओं को कोसा से रेशम निकालने, उन्नत हथकरघा से साड़ी बुनने और आधुनिक सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना है, ताकि वे अपने हुनर का उपयोग कर सम्मानजनक आजीविका अर्जित कर सकें और आत्मनिर्भर बनें।
प्रभारी सचिव ने पुनर्वास केंद्र पहुंचकर युवाओं से सीधे संवाद किया और उनके अनुभवों तथा जरूरतों की जानकारी ली। डिजिटल तकनीक से जोड़ने के लिए 20 पुनर्वासित युवाओं को मोबाइल फोन वितरित किए गए। मोबाइल मिलने से युवाओं को ऑनलाइन जानकारी, प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर और डिजिटल सेवाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
राणा ने पुनर्वासित युवाओं के साथ आत्मीयता और सहजता से संवाद किया। इस दौरान युवाओं द्वारा अपने हाथों से तैयार किए गए भोजन को उन्होंने उनके साथ जमीन पर बैठकर ग्रहण किया। उनके इस आत्मीय व्यवहार से युवाओं में उत्साह और विश्वास बढ़ा। उन्होंने युवाओं को मेहनत और कौशल के साथ आगे बढ़कर अपने परिवार और समाज के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
प्रवास के दौरान राणा ने प्रसिद्ध तुंगल डैम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए कलेक्टर अमित कुमार को तुंगल डैम को सुव्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
तुंगल डैम में भ्रमण के लिए पहुंचे स्कूली बच्चों से प्रभारी सचिव ने आत्मीयता से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली और उन्हें मेहनत के साथ पढ़ाई कर अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया।
सुकमा जिले में पुनर्वास, कौशल विकास, डिजिटल सशक्तिकरण और पर्यटन विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रहा प्रशासन का यह प्रयास युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर तैयार कर रहा है। शासन की योजनाओं का यह जमीनी क्रियान्वयन सुकमा में शांति के साथ विकास और विश्वास की मजबूत नींव तैयार कर रहा है।
 

 



+ Load More

Feedback/Enquiry



Log In Your Account