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Sukma

अब एआर रहमान भी करेंगे साइबर जागरूक, वीडियो जारी कर सुकमा पुलिस के अभियान को दिया समर्थन

07-Sep-2026
सुकमा। साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियान को अब देश के मशहूर गायक और संगीतकार ए.आर. रहमान का भी साथ मिला है। सुकमा पुलिस की विशेष अपील पर ए.आर. रहमान ने साइबर सुरक्षा को लेकर एक खास वीडियो संदेश जारी किया है। इस संदेश के जरिए उन्होंने लोगों से ऑनलाइन दुनिया में सतर्क रहने और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करने की अपील की है।
ए.आर. रहमान ने अपने वीडियो संदेश में लोगों को साइबर अपराधों के प्रति सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करते समय किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचने तथा संदिग्ध गतिविधियों को लेकर सतर्क रहने का संदेश दिया। आज के समय में बैंकिंग, खरीदारी, भुगतान और दूसरे जरूरी काम तेजी से ऑनलाइन हो रहे हैं।
ऐसे में साइबर अपराधी भी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपना शिकार बनाने की कोशिश करते हैं। फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी मैसेज और ऑनलाइन धोखाधड़ी के जरिए लोगों से निजी और बैंकिंग जानकारी हासिल करने के मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे में एआर रहमान का यह संदेश लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चल रहा साइबर जागृति अभियान
छत्तीसगढ़ पुलिस और राज्य शासन की पहल पर प्रदेश में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को साइबर अपराधों, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। अभियान के दौरान पुलिस की ओर से लोगों को साइबर ठगी के नए तरीकों के बारे में जानकारी दी जा रही है। साथ ही उन्हें यह भी बताया जा रहा है कि ऑनलाइन धोखाधड़ी होने की स्थिति में किस तरह तत्काल शिकायत की जा सकती है।
 

हुनर, तकनीक और अपनत्व से पुनर्वासित युवाओं को विकास की नई राह

19-Aug-2026
रायपुर।  (शोर संदेश) निर्वासित युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाकर विकास की नई राह प्रदान करना किसी भी प्रगतिशील समाज और राष्ट्र के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है। विभिन्न कारणों से समाज के हाशिए पर चले गए युवाओं को पुनः सशक्त बनाने के लिए एक व्यापक और बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है।
सुकमा जिले में पुनर्वासित युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। छत्तीसगढ़ शासन के खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के सचिव एवं जिले के प्रभारी सचिव राजेश सिंह राणा ने मंगलवार को जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान विभिन्न विकास और पुनर्वास योजनाओं का जमीनी निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुंद ठाकुर भी मौजूद रहे।
प्रभारी सचिव राणा ने लाइवलीहुड कॉलेज पहुंचकर पुनर्वासित युवाओं के लिए विशेष कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। दो माह के इस प्रशिक्षण में 20 युवाओं को कोसा से रेशम निकालने, उन्नत हथकरघा से साड़ी बुनने और आधुनिक सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना है, ताकि वे अपने हुनर का उपयोग कर सम्मानजनक आजीविका अर्जित कर सकें और आत्मनिर्भर बनें।
प्रभारी सचिव ने पुनर्वास केंद्र पहुंचकर युवाओं से सीधे संवाद किया और उनके अनुभवों तथा जरूरतों की जानकारी ली। डिजिटल तकनीक से जोड़ने के लिए 20 पुनर्वासित युवाओं को मोबाइल फोन वितरित किए गए। मोबाइल मिलने से युवाओं को ऑनलाइन जानकारी, प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर और डिजिटल सेवाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
राणा ने पुनर्वासित युवाओं के साथ आत्मीयता और सहजता से संवाद किया। इस दौरान युवाओं द्वारा अपने हाथों से तैयार किए गए भोजन को उन्होंने उनके साथ जमीन पर बैठकर ग्रहण किया। उनके इस आत्मीय व्यवहार से युवाओं में उत्साह और विश्वास बढ़ा। उन्होंने युवाओं को मेहनत और कौशल के साथ आगे बढ़कर अपने परिवार और समाज के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
प्रवास के दौरान राणा ने प्रसिद्ध तुंगल डैम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए कलेक्टर अमित कुमार को तुंगल डैम को सुव्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
तुंगल डैम में भ्रमण के लिए पहुंचे स्कूली बच्चों से प्रभारी सचिव ने आत्मीयता से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली और उन्हें मेहनत के साथ पढ़ाई कर अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया।
सुकमा जिले में पुनर्वास, कौशल विकास, डिजिटल सशक्तिकरण और पर्यटन विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रहा प्रशासन का यह प्रयास युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर तैयार कर रहा है। शासन की योजनाओं का यह जमीनी क्रियान्वयन सुकमा में शांति के साथ विकास और विश्वास की मजबूत नींव तैयार कर रहा है।
 

 


मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से पुनर्वास तक, सुकमा में दिखी विकास की नई रफ्तार

18-Aug-2026
सुकमा (शोर संदेश)। जिले में सुरक्षा के साथ विकास और जनकल्याण की योजनाएं अब बदलाव की नई तस्वीर सामने ला रही हैं। शासन की योजनाओं के जमीनी प्रभाव को समझने के लिए चेन्नई से आए मीडिया अध्ययन दल ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी), चेन्नई द्वारा आयोजित मीडिया परिचय यात्रा के तहत पीआईबी चेन्नई के डायरेक्टर अरुण कुमार पी. के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बस स्टैंड, तुंगल डैम, पुनर्वास केंद्र और मिनपा कैंप का दौरा किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और वन एवं सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में शासन की योजनाओं को गांव-गांव और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन भी सुरक्षा, विकास, पुनर्वास और रोजगार के कार्यों को आपसी समन्वय के साथ आगे बढ़ा रहा है।
मीडिया प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर से मुलाकात कर जिले में सुरक्षा व्यवस्था, विकास कार्यों और नक्सल प्रभाव से बाहर आ रहे क्षेत्रों में हो रहे बदलावों की जानकारी ली। एएसपी रोहित शाह ने प्रतिनिधिमंडल को बस्तर की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की संभावनाओं से भी अवगत कराया।
अधिकारियों ने बताया कि जिले में सुरक्षा के साथ विकास को प्राथमिकता देते हुए शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मीडिया दल ने शासन की पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणामों को भी करीब से देखा। पुलिस अधीक्षक श्री मयंक गुर्जर ने बताया कि आत्मसमर्पित माओवादियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को आवास सहित 29 से अधिक शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। साथ ही उन्हें कौशल विकास और रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
मीडिया प्रतिनिधियों ने पुनर्वास नीति के माध्यम से प्रभावित परिवारों के जीवन में आए बदलावों और प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।
बस स्टैंड पर मीडिया दल ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत संचालित बसों का अवलोकन किया। प्रतिनिधियों ने ग्रामीण यात्रियों से बातचीत कर योजना से मिल रही परिवहन सुविधा के बारे में जानकारी ली।
ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा की उपलब्धता से लोगों को बाजार, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिल रही है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने तुंगल कैफे में कार्यरत महिलाओं से भी संवाद किया। यहां पांच पुनर्वासित महिलाएं और नक्सल प्रभावित परिवारों की पांच सदस्य मिलकर कैफे का संचालन कर रही हैं।
रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही इन महिलाओं की कहानी ने मीडिया प्रतिनिधियों को प्रभावित किया। यह पहल बताती है कि पुनर्वास केवल सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावित परिवारों को सम्मानजनक रोजगार और आत्मनिर्भर जीवन से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
मीडिया अध्ययन दल ने सुकमा के पुनर्वास केंद्र और मिनपा कैंप का भी भ्रमण किया। प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों और पुनर्वासित परिवारों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव जाने और क्षेत्र में हो रहे बदलावों को समझा।
प्रतिनिधिमंडल ने सुकमा में सुरक्षा, विकास, पुनर्वास और जनकल्याण के समन्वित प्रयासों को सकारात्मक बदलाव की मजबूत आधारशिला बताया।
इस अवसर पर नोडल अधिकारी शंकर बघेल, सहायक नोडल अधिकारी सुखसागर वारे, डीएसपी सुकमा सौरभ उइके सहित पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
सुकमा की यह बदलती तस्वीर बताती है कि जब सुरक्षा के साथ शिक्षा, रोजगार, परिवहन, पुनर्वास और जनकल्याणकारी योजनाओं को एक साथ आगे बढ़ाया जाता है, तो दूरस्थ क्षेत्रों में भी विकास और विश्वास का नया वातावरण तैयार होता है। शासन की संवेदनशील पहल से प्रभावित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने और ग्रामीणों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में सुकमा लगातार आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से सुलझी समस्या, समय पर मिली पीएम आवास की राशि

06-Aug-2026
सुकमा (शोर संदेश)सुकमा जिले के जनपद पंचायत कोंटा की ग्राम पंचायत ढोंढरा के निवासी सोड़ी नंदा का पक्का घर बनाने का सपना प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से पूरा हुआ। उन्होंने 22 मार्च 2026 को अपना आवास निर्माण पूरा कर लिया था, लेकिन तीसरी किस्त की राशि मिलने में देरी होने से वे चिंतित थे।
सोड़ी नंदा ने 24 जून 2026 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर कॉल कर अपनी समस्या बताई और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की तीसरी किस्त जारी करने का अनुरोध किया। शिकायत मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने मामले की तुरंत जांच की। जांच में पता चला कि राज्य शासन से राशि प्राप्त होने के बाद 6 जून 2026 को तीसरी किस्त के लिए एफटीओ (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) तैयार कर दिया गया था। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद 25 जून 2026 को 25,000 रुपये की तीसरी किस्त सीधे उनके बैंक खाते में जमा कर दी गई।
राशि मिलने के बाद सोड़ी नंदा ने खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद उनकी समस्या का त्वरित समाधान हुआ और उन्हें समय पर योजना का लाभ मिला। उन्होंने बताया कि अब उनका विश्वास शासन की योजनाओं और व्यवस्था पर और भी मजबूत हो गया है।
यह कहानी बताती है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं है, बल्कि आम लोगों और शासन के बीच भरोसे का मजबूत सेतु बन रही है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन से पात्र परिवारों को समयबद्ध वित्तीय सहायता मिल रही है और उनके पक्के घर का सपना साकार हो रहा है।

सुकमा के छात्र नीट और आईआईटी में बना रहे पहचान, शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बदल रही जिले की तस्वीर

16-Jul-2026
सुकमा (शोर संदेश)।  नए शिक्षा सत्र की शुरुआत उत्साह और उमंग के साथ हुई। सुकमा जिले में शबरी ऑडिटोरियम में आयोजित जिलास्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में नवप्रवेशित बच्चों का तिलक लगाकर और माला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी ने की। इस अवसर पर शिक्षा को बढ़ावा देने और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी भी दी गई। सुकमा के सुदूर क्षेत्रों के विद्यार्थी भी अब अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर नीट (NEET) और आईआईटी (IIT) जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं। 
अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज सुकमा तेजी से बदल रहा है और शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि हर माता-पिता का सपना है कि उनके बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर जीवन में आगे बढ़ें और समाज तथा देश की सेवा करें।
कार्यक्रम में सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा 9वीं से 12वीं तक की 30 छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें वितरित की गईं। वहीं प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश लेने वाले बच्चों को स्कूल बैग, पाठ्यपुस्तकें, गणवेश और आवश्यक स्टेशनरी सामग्री प्रदान की गई, ताकि संसाधनों की कमी उनकी पढ़ाई में बाधा न बने। इस अवसर पर कबाड़ से जुगाड़ विषय पर आधारित आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा देखने को मिली।
कलेक्टर सुकमा अमित कुमार ने कहा कि सुकमा के दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थी भी अब अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर नीट (NEET) और आईआईटी (IIT) जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए निःशुल्क कोचिंग, आधुनिक पुस्तकालय और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन की ओर से मुख्य अतिथि रूप सिंह मंडावी का स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी जी.आर. मंडावी ने आभार व्यक्त करते हुए जिले में शिक्षा से जुड़ी सभी शासकीय योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मंगम्मा सोयम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष महेश कुंजाम, नगर पालिका अध्यक्ष हूंगाराम मरकाम, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुंद ठाकुर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे
 

 


पुवर्ती बना सुकमा का पहला पूर्ण जनगणना गांव, 3 दिन में सर्वे कर रचा इतिहास

06-May-2026
सुकमा (शोर संदेश)। कोंटा विकासखंड का ग्राम पुवर्ती, जो कभी नक्सल प्रभाव के कारण पहचान रखता था, अब विकास और प्रशासनिक पहुंच की नई कहानी लिख रहा है। जनगणना के प्रथम चरण में पुवर्ती सुकमा जिले का पहला ऐसा गांव बन गया है, जहां जनगणना कार्य रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया।
कलेक्टर अमित कुमार ने कलेक्टर कक्ष में प्रगणक जवाराम पटेल को मात्र तीन दिनों में जनगणना कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर सम्मानित किया। उनके इस कार्य को जिले में एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। सहायक शिक्षक जवाराम पटेल ने बताया कि उन्हें ग्राम पुवर्ती में जनगणना की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। गांव में लगभग 950 की आबादी और 234 मकान हैं, साथ ही 2 आंगनबाड़ी केंद्र और 1 स्कूल संचालित है। सीमित समय और संसाधनों के बावजूद उन्होंने हर घर तक पहुंचकर सर्वे कार्य पूरा किया।
जनगणना के दौरान स्थानीय गोंडी बोली को पूरी तरह न समझ पाना एक बड़ी चुनौती रही। बावजूद इसके, उन्होंने स्थानीय शिक्षकों का सहयोग लेकर गांव की सामाजिक संरचना को समझा और कार्य को समय पर पूरा किया। उन्होंने इसे जिम्मेदारी के बजाय सेवा का अवसर मानकर कार्य किया।
कलेक्टर बोले— प्रेरणास्रोत है यह कार्य
कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि जवाराम पटेल का समर्पण, साहस और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता अन्य जनगणना कर्मियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने ऐसे कार्यों को जिले के लिए गर्व का विषय बताया। इस अवसर पर तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी जगरगुंडा ग्रामीण योपेंद्र पात्रे सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

अक्ति तिहार पर कृषि विज्ञान केंद्र सुकमा में कृषि उत्सव, कलेक्टर ने भिंडी बुवाई कर दिया वैज्ञानिक खेती का संदेश

21-Apr-2026
सुकमा (शोर संदेश)। अक्ति तिहार (अक्षय तृतीया) के पावन अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, सुकमा में विशेष कृषि उत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पारंपरिक आस्था और आधुनिक कृषि तकनीकों का सुंदर संगम देखने को मिला। आयोजन में सुकमा कलेक्टर अमित कुमार, भारतीय किसान संघ के महामंत्री धरम नाग एवं प्राकृतिक खेती अपनाने वाले प्रगतिशील कृषक नंदा नाग की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में लगभग 64 किसान एवं स्कूल स्तर की कृषि संकाय विषय की छात्राएं भी शामिल हुईं।

कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर अमित कुमार ने कृषि विज्ञान केंद्र की विभिन्न इकाइयों मछली पालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन, वर्मी कम्पोस्ट एवं प्राकृतिक खेती का निरीक्षण किया और इसे किसानों के लिए “जीवंत प्रयोगशाला” बताया। उन्होंने 15 एकड़ में फलोद्यान के अंतर्गत अमरूद, आम, नारियल, काजू, पाइनएप्पल, ड्रैगन फ्रूट एवं एप्पल बेर जैसे फलदार पौधों के रोपण हेतु दिशा-निर्देश दिए तथा जिला प्रशासन की ओर से वित्तीय सहयोग का आश्वासन भी दिया। इसके साथ ही पुलिया निर्माण, ट्यूबवेल सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए भी पर्याप्त सहायता प्रदान करने की बात कही।

इस अवसर पर कलेक्टर ने भिंडी के बीज की बुवाई कर किसानों को समय पर खेती प्रारंभ करने और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने अपने संबोधन में ड्रैगन फ्रूट, एप्पल बेर, आम, पाइनएप्पल एवं मुनगा (सहजन) जैसी उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि इन फसलों से सुकमा जिले के किसानों की आय बढ़ाने के नए अवसर उत्पन्न होंगे और कृषि क्षेत्र में आर्थिक मजबूती आएगी।

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख एच.एस. तोमर, डॉ. परमानंद, डॉ. योगेश कुमार सिदार एवं डॉ. गुंजेश्री गोंड उपस्थित रहे। कृषि विभाग से सुधीर दादौरिया एवं कार्यपालन अभियंता गजेंद्र सर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। ठळ। उत्पादन प्रभारी डॉ. परमानंद ने नील-हरित शैवाल का जीवंत प्रदर्शन कर जैव उर्वरक के रूप में इसके लाभ बताए। अंत में वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख एच.एस. तोमर ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापन किया तथा आयोजन को सफल बनाने में केंद्र के कर्मचारियों संगीता, कुंदन, मुन्ना, राविल, विक्रम एवं ओमप्रकाश के योगदान की सराहना की।
 

सुकमा में बड़ी साजिश नाकाम: सुरक्षाबलों ने 3 IED किए बरामद

22-Mar-2026
सुकमा।  ( शोर संदेश )  जिले में सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों की साजिश को नाकाम कर दिया। सर्चिंग अभियान के दौरान तीन शक्तिशाली आईईडी बरामद किए गए, जिन्हें बाद में सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया। इन आईईडी का वजन क्रमशः 1 किलो, 2 किलो और 4 किलो था, जिन्हें सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से लगाया गया था।
जानकारी के अनुसार, 226 बटालियन की टीम सर्चिंग पर निकली थी। इसी दौरान जगरगुंडा-नरसापुरम मार्ग पर माओवादियों द्वारा लगाए गए आईईडी का पता चला। इलाके में खतरे को देखते हुए तुरंत बम निरोधक दस्ता, डीएसएमडी टीम और डॉग स्क्वायड को मौके पर बुलाया गया।
विशेष टीमों की मदद से सभी आईईडी को मौके पर ही निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया गया। इसके बाद सर्चिंग टीम सुरक्षित वापस बटालियन मुख्यालय लौट आई। इस कार्रवाई से एक बड़ी घटना टल गई।
सुरक्षाबलों का कहना है कि इस बरामदगी से क्षेत्र में नक्सलियों की सक्रियता के संकेत मिलते हैं। ऐसे में लगातार सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, तय समयसीमा 31 मार्च तक इलाके को नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

नक्सलगढ़ गोगुण्डा में विकास की नई रोशनी, आत्मनिर्भरता की शुरुआत

02-Mar-2026
 सुकमा ।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित अंचलों में विकास की नई रफ्तार देखने को मिल रही है। सुकमा जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से अब दूरस्थ और पहाड़ी ग्रामों में आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। नियद नेल्लानार योजना में शामिल ग्रामों में विभिन्न विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देने लगा है। 
जनपद पंचायत कोंटा अंतर्गत पूर्व में घोर नक्सल प्रभावित रहे पहाड़ी ग्राम गोगुण्डा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित बिहान योजना ने महिलाओं के जीवन में आशा की नई किरण जगाई है। विद्या महिला संकुल संगठन के अंतर्गत राम स्व-सहायता समूह की सदस्य गंगी मुचाकी ने अपने घर पर ग्राम की पहली किराना दुकान प्रारंभ कर आत्मनिर्भरता की मिसाल प्रस्तुत की है।
उल्लेखनीय है कि प्रशासन की विशेष पहल से हाल ही में गोगुण्डा में पहली बार विद्युत सुविधा उपलब्ध हुई है। साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आधारभूत संरचना और निर्माण कार्यों को गति दी जा रही है। ऐसे सकारात्मक परिवर्तनों के बीच ग्राम में पहली किराना दुकान शुरू होना एक उपलब्धि है। इससे ग्रामीणों को दैनिक आवश्यक वस्तुओं के लिए दूरस्थ क्षेत्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, साथ ही स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। बिहान योजना के माध्यम से स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। दुब्बाटोटा क्लस्टर की पीआरपी मंजू कट्टम के मार्गदर्शन से यह पहल साकार हुई। यह प्रयास सामाजिक आत्मविश्वास और समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी है।



 

मिशन कनेक्ट के तहत सुकमा की 33 पंचायतों में प्रशासन की सीधी पहुंच

23-Feb-2026
सुकमा । ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अंत्योदय की कल्याण एवं सुशासन की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में सुकमा जिले में शुरू हुआ मिशन कनेक्ट का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से शासन और आमजन के बीच की दूरी को कम करते हुए प्रशासनिक अमला सीधे ग्राम पंचायतों तक पहुँचकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का आकलन कर रहा है।
रविवार को जिला प्रशासन द्वारा विशेष अभियान के तहत सुकमा विकासखंड की 33 ग्राम पंचायतों में एक साथ अधिकारियों ने दस्तक दी गई। कलेक्टर के नेतृत्व में जिला स्तरीय अधिकारियों ने प्रातः 10 बजे से ही निर्धारित पंचायतों में पहुँचकर विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की।
अभियान के अंतर्गत स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों द्वारा बच्चों को प्रदत्त मध्यान्ह भोजन एवं पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता का स्वयं परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता, स्टॉक रजिस्टर तथा स्वच्छता का भी मुआयना किया गया। इसके साथ ही पंचायतों में संचालित निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति का अवलोकन कर गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मैदानी भ्रमण के उपरांत तुंगल बांध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रत्येक पंचायत से प्राप्त प्रतिवेदन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुँच सके। इस अवसर पर डीएफओ अक्षय भोंसले, मिशन कनेक्ट के नोडल अधिकारी रविशंकर वर्मा, जनपद पंचायत सीईओ निधि प्रधान, एसडीपीओ परमेश्वर तिलकवार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
यहां यह उल्लेखनीय है कि सुकमा जिले में मिशन कनेक्ट के माध्यम से प्रशासनिक जवाबदेही एवं पारदर्शिता को सुदृढ़ करते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ सुदूर वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुँचे। 
 


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