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Bemetara

स्व-सहायता समूह से जुड़कर बनी लखपति दीदी

20-Feb-2026
बेमेतरा ,( शोर संदेश )  राज्य शासन की ग्रामीण आजीविका योजनाओं से महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है। बेमेतरा जिले के ग्राम धोबानी खुर्द की प्रीति पटेल इसकी उदाहरण हैं। वे लक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़ीं, जिसके बाद उनके जीवन में आर्थिक सशक्तिकरण की नई शुरुआत हुई।
समूह से जुड़ने के उपरांत उन्हें सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) के अंतर्गत 60,000 रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। साथ ही बैंक ऋण लेकर उन्होंने सब्जी उत्पादन तथा बड़ी (पापड़-बड़ी) निर्माण का कार्य प्रारंभ किया। आय में वृद्धि होने पर उन्होंने बकरी पालन एवं गौ-पालन भी शुरू किया। वर्तमान में वे नियमित आय अर्जित कर परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर रही हैं और अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार हेतु प्रेरित कर रही हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा “लखपति दीदी” अभियान के अंतर्गत महिलाओं को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण एवं विपणन सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक करने का लक्ष्य है। प्रीति पटेल को शासकीय आवास योजना का लाभ भी प्राप्त हुआ है। उन्होंने बैंक ऋण एवं शासकीय सहायता से पक्का मकान निर्मित कराया। 
 

रमेन डेका के गोद ग्राम टेमरी के ग्रामीणों ने किया लोकभवन का प्रेरणादायी भ्रमण

17-Feb-2026
बेमेतरा ,( शोर संदेश )   राज्यपाल रमेन डेका की पहल पर लोकभवन की गतिविधियों से जनसामान्य को जोड़ने के उद्देश्य से लोकभवन का भ्रमण कराया जा रहा है। इसी कड़ी में बेमेतरा जिले के ग्राम टेमरी के जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों के सदस्यों और अन्य ग्रामीणों ने सरपंच शिवमूर्ति कोसले और विहान स्व-सहायता समूहों की प्रमुख गीता बंजारे के साथ आज लोकभवन का भ्रमण किया।
लोकभवन परिसर स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम, उदंती परिसर, कन्हार परिसर, डिस्पेंसरी, सचिवालय की विभिन्न शाखाओं और हरे-भरे उद्यान का भ्रमण कराया गया और इन स्थानों के संबंध में उन्हें विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। ग्रामीणों ने परिसर में स्थापित तोप का भी अवलोकन किया यह वर्ष 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान उपयोग में लाया गया था। 
भ्रमण एवं अवलोकन के बाद ग्रामीणों ने बताया कि लोकभवन में आकर उन्हें बहुत आनंद का अनुभव हो रहा है। उल्लेखनीय है कि इस ग्राम को राज्यपाल डेका ने गोद लिया है।
 

राज्यपाल रमेन डेका की पहल, गोद ग्रामों में मार्च तक योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन का लक्ष्य

21-Jan-2026
बेमेतरा ,( शोर संदेश )  राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेश के गोद लिए गए तीन ग्रामों, बेमेतरा जिले के ग्राम टेमरी, गरियाबंद जिले के ग्राम बिजली और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम सोनपुरी में केन्द्र एवं राज्य शासन की फ्लैगशिप योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने माह मार्च 2026 तक का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इस संबंध में राज्यपाल डेका ने आज संबंधित अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। जिसमें गोद ग्रामांे के सरपंच भी उपस्थित रहे। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, पर्यावरण, जल संरक्षण, स्वच्छता, जैविक खेती और आजीविका से जुड़े बहुमुखी विकास पर जोर दिया।
राज्यपाल ने निर्देश दिया कि गोद ग्रामों में शिविर लगाकर आयुष्मान हेल्थ कार्ड एवं 70 वर्ष एवं अधिक आयु के नागरिकों के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाए जाए और वर्ष 2026 तक टी.बी. छत्तीसगढ़ के लक्ष्य के तहत टी.बी. मरीजों को गोद लेने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए। कैंसर विशेषकर ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए शिविर, स्कूली बच्चों की आंखों की जांच के लिए परीक्षा पूर्व आई कैंम्प और बुजुर्गो में मोतियाबिंद जांच के लिए शिविर लगाएं।
राज्यपाल ने गोद ग्रामों में स्वच्छता के लिए ग्रामीण महिलाओं का सहयोग लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लाइवलीहुड मिशन के लिए अच्छे काम हो रहे है। महिलाओं को भी इसका लाभ मिलना चाहिए।
राज्यपाल ने सरपंच से चर्चा के दौरान ग्राम बिजली में मुक्तिधाम निर्माण के लिए 3 लाख रूपए अपने स्वेच्छानुदान मद से देेने की घोषणा की। साथ ही ग्राम सोनपुरी में स्कूलों बच्चों के लिए लाइब्रेरी में किताबें लोकभवन की ओर से प्रदान करने की घोषणा की उन्होंने ग्राम टेमरी में समुदायिक भवन और ओपन जिम के लिए सी.एस.आर. से राशि उपलब्ध कराए जाने की बात कही।
डेका ने निर्देश दिया कि गोद ग्रामों में जिला स्तर के अधिकारी सतत् भ्रमण करें। सरपंच, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से नियमित संवाद कर स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीणों तक पहुंचे।
बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, समाज कल्याण विभाग की संचालक रोक्तिमा यादव, संचालक स्वास्थ्य सेवा संजीव कुमार झा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के उप सचिव एस. आलोक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
 

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से बेटियों को मिला सुरक्षित भविष्य

25-Dec-2025
 बेमेतरा  ( शोर संदेश ) जिले के ग्राम खुड़मुड़ा निवासी केसर निषाद के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना आशा की नई किरण बनकर आई है। सीमित आय वाले मध्यम वर्गीय परिवार से संबंध रखने वाली केसर निषाद के पति मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद केसर निषाद ने हमेशा अपने बच्चों को स्वस्थ और बेहतर भविष्य देने का सपना देखा, जिसे शासन की इस योजना ने साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आंगनबाड़ी केंद्र में पंजीकरण के बाद उन्हें नियमित स्वास्थ्य परामर्श, पोषण संबंधी जानकारी और आवश्यक दवाइयाँ मिलीं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 3 हजार रूपए की पहली और पुत्री के जन्म के बाद 2 हजार रूपए की दूसरी किस्त प्राप्त हुई, जिससे पोषण और स्वास्थ्य देखभाल में सहायता मिली।
दूसरी पुत्री के जन्म पर उन्हें योजना के तहत 6 हजार रूपए एकमुश्त राशि प्राप्त हुई। इस राशि से उन्होंने न केवल अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दिया, बल्कि पहली बेटी का सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाता भी खुलवाया। केसर निषाद का कहना है कि पूरक पोषण आहार, टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाओं ने उन्हें एक जागरूक माँ बनने का आत्मविश्वास दिया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ने उनकी बेटियों के सुरक्षित, स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी है।
 

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से द्रोपदी यादव की रसोई और जीवन में आया उजाला

17-Dec-2025
 बेमेतरा ,( शोर संदेश )।  बेमेतरा जिला के ग्राम देवरबीजा निवासी द्रोपदी यादव के जीवन में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने एक सकारात्मक बदलाव ला दिया है। भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत उन्हें निःशुल्क एलपीजी गैस कनेक्शन प्राप्त हुआ, जिससे वर्षों से धुएँ से भरे परंपरागत चूल्हे पर खाना पकाने की मजबूरी समाप्त हो गई।
गैस कनेक्शन मिलने के बाद द्रोपदी यादव और उनके परिवार को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक ईंधन उपलब्ध हुआ है। इससे न केवल रसोई का वातावरण स्वच्छ हुआ, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, समय और जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। अब उन्हें लकड़ी, कोयला या उपलों की व्यवस्था के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ता, जिससे उनका दैनिक जीवन पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और सुरक्षित हो गया है।
गैस कनेक्शन मिलने पर द्रोपदी यादव ने भावुक होते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना ने मेरी रसोई के साथ-साथ मेरी जिंदगी भी बदल दी है। अब धुएँ से आँखों में जलन और खांसी जैसी समस्याएँ नहीं होतीं। समय की बचत हो रही है, जिसे मैं अपने परिवार और बच्चों के साथ बिता पा रही हूँ। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए राज्य शासन एवं केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराकर उन्हें धुएँ से होने वाली बीमारियों से बचाना और जीवन को सहज बनाना है। इस योजना के तहत गैस कनेक्शन मिलने से द्रोपदी यादव जैसी अनेक महिलाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ-साथ सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला है।
ग्राम देवरबीजा में द्रोपदी यादव को गैस कनेक्शन मिलने के बाद अन्य ग्रामीण महिलाओं में भी योजना के प्रति जागरूकता और उत्साह देखा जा रहा है। महिलाएँ आगे बढ़कर आवेदन कर रही हैं और योजना का लाभ ले रही हैं। द्रोपदी यादव की यह कहानी उज्ज्वला योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की एक प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने बदली जिंदगी

12-Dec-2025
 बेमेतरा  ( शोर संदेश )।  प्रधानमंत्री आवास योजना से मिले पक्के मकान से बेमेतरा जिले के साजा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत केंवतरा के 38 वर्षीय चेतन साहू के जीवन में खुशहाली आई है। चेतन साहू मजदूर तथा एकल दिव्यांग हैं। पूर्व में वे टूटे-फूटे घास-फूस के कच्चे मकान में रहते थे, जहाँ बरसात के दिनों में छत टपकना, घर में पानी भर जाना तथा सर्प-बिच्छू जैसे विषैले जीवों का प्रवेश आम बात थी। परिवार को कई-कई रातें जागकर बितानी पड़ती थीं। पक्का मकान चेतन साहू के परिवार के लिए एक सपना था जो अब पूरा हो गया है। आज चेतन साहू अपने नवनिर्मित पक्के आवास में सम्मानजनक, सुरक्षित और सुखद जीवन व्यतीत कर रहे हैं। अब न बारिश का भय है, न टपकती छत, और न ही रात भर जागने की विवशता। उनके चेहरे पर झलकता आत्मविश्वास और संतोष इस बात का प्रमाण है कि यह योजना उनके जीवन में सुखद बदलाव लेकर आई है।









 

प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली जिंदगी

09-Dec-2025
 बेमेतरा  ( शोर संदेश )। जिला तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और हितग्राहीमूलक योजनाओं की बदौलत अनेक परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए हैं। ग्राम झाल निवासी कुंती बाई के जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना ने नई उम्मीदों का संचार किया है। वर्षों तक जर्जर खपरैल वाले कच्चे घर में कठिन परिस्थितियों के साथ जीवनयापन करने वाली कुंती बाई आज एक पक्के, सुरक्षित और सम्मानजनक आवास में रह रही हैं।
आर्थिक-सामाजिक जनगणना 2011 के आधार पर उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थायी प्रतीक्षा सूची में शामिल था। लंबे इंतजार के उपरांत वित्तीय वर्ष 2024-25 में जनपद पंचायत बेमेतरा द्वारा उन्हें आवास स्वीकृत किया गया। आज उनके घर का निर्माण पूर्ण हो चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ-साथ कुंती बाई को केंद्र एवं राज्य सरकार की कई अन्य योजनाओं का लाभ भी प्राप्त हुआ। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय निर्माण, सौभाग्य योजना के तहत विद्युत कनेक्शन, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के माध्यम से किफायती दर पर खाद्यान्न तथा उज्ज्वला योजना के अंतर्गत मिली निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन मिलने से कुंती बाई के जीवन में स्थायी और सकारात्मक बदलाव आया है। कुंती बाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब शासन की योजनाएँ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुँचती हैं, तब वे केवल किसी एक परिवार नहीं बल्कि पूरे समाज में परिवर्तन लाती हैं।










 

140 फीट ऊँचे बैम्बू टावर का लोकार्पण: बेमेतरा बना छत्तीसगढ़ का नया बाँस तीर्थ

15-Nov-2025
 बेमेतरा ।  ( शोर संदेश )  बेमेतरा जिले के ग्राम कठिया में आज एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब छत्तीसगढ़ बांस तीर्थ संकल्पना सम्मलेन कार्यक्रम के तहत भारत का सबसे बड़ा और 140 फीट ऊँचा बैम्बू टावर समर्पित “छत्तीसगढ़ बाँस तीर्थ संकल्पना समारोह” का भव्य आयोजन हुआ। यह आयोजन न केवल बेमेतरा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बना। इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव तथा कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल की विशेष उपस्थिति रही ।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 140 फीट ऊँचे बैम्बू टावर पर तिरंगा फहराते हुए कहा कि यह संरचना केवल बाँस का निर्माण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की परंपरा, कौशल, नवाचार और व्यापक संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने बाँस का पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण तथा बाँस आधारित कृषि के प्रसार की अपील की। मुख्यमंत्री ने समारोह स्थल पर स्थापित बाँस उत्पाद निर्माण इकाइयों, फैक्ट्रियों और प्रोसेसिंग केंद्रों का अवलोकन किया तथा ग्रामीणों और कारीगरों से संवाद कर उनकी आजीविका के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास, नवाचार और प्रगति के नए आयाम रच रहा है। विश्व का सबसे ऊँचा बैम्बू टावर बनाकर राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि बाँस आधारित उद्योग, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, हस्तशिल्प, एग्रो इंडस्ट्री और आधुनिक निर्माण तकनीक इन सभी क्षेत्रों में अपार संभावनाएँ पैदा कर रहे हैं। सरकार किसानों, कारीगरों और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की योजनाएँ लागू कर रही है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते जलवायु और जलसंकट की स्थिति में बाँस की खेती किसानों के लिए एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है। उन्होंने बताया जैसे कि बाँस कम पानी में तेजी से बढ़ता है। मिट्टी कटाव रोकता है और हरियाली बढ़ाता है। बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिला पिछले वर्षों में पानी की कमी से जूझता रहा है। ऐसे में पारंपरिक फसलों के साथ बाँस को अपनाकर किसान अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। बाँस आधारित उद्योग युवाओं के लिए व्यापक रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल ने कहा बाँस की खेती और उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं, उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिले में जलसंकट एक बड़ी चुनौती है, ऐसे में धान के विकल्प के रूप में बाँस की खेती अपनाना किसानों के लिए लाभदायक होगा। यह फसल जल संरक्षण के साथ बड़े पैमाने पर स्थानीय रोजगार भी उत्पन्न करती है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे बाँस की खेती की ओर अग्रसर हों, जिससे उनकी आय बढ़ेगी। 
कार्यक्रम में बेमेतरा विधायक दीपेश साहू, कलेक्टर रणबीर शर्मा, एसएसपी रामकृष्ण साहू, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, जिलाध्यक्ष अजय साहू, महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री पाशा पटेल, पूर्व विधायक अवधेश चंदेल, राजेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान, सरपंच, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
 

पक्की सड़कों ने बदली बेमेतरा के ग्रामीण जीवन की तस्वीर

13-Nov-2025
बेमेतरा ।  ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाय) से बेमेतरा जिले में सड़क निर्माण कार्यों ने ग्रामीण जीवन की दिशा और दशा दोनों ही बदल दी है।जिले के सुदूर ग्रामीण इलाकों तक अब पक्की सड़कों का जाल बिछ चुका है। गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के इस अभियान ने न केवल आवागमन सुगम बनाया है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापार जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय परिवर्तन लाया है।
वर्ष 2011-12 में अविभाजित दुर्ग जिले के अंतर्गत बेमेतरा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत हुई थी। जिला गठन के बाद वर्ष 2012 से कार्यों में और अधिक तेजी आई। वर्तमान में जिले के सभी चार विकासखण्डों में स्वीकृत 149 सड़कों में सभी का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। अब तक निर्मित सड़कों की कुल लंबाई 615.96 किलोमीटर हो गई है।
जिससे गांव-गांव तक पहुंचना अब आसान हो गया है। इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में पीएमजीएसवाई के फेज-4 के अंतर्गत दो नई सड़कों की डीपीआर तैयार की जा रही है, जिनका उद्देश्य सभी एससी, एसटी बहुल ग्रामों को जोड़ना है। यह प्रयास सामाजिक और आर्थिक समरसता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सड़क निर्माण कार्यों को नई गति मिली है। सड़कें अब सिर्फ मार्ग नहीं रही हैं, बल्कि यह ग्रामीण अंचलों के सर्वांगीण विकास की रीढ़ बन चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पक्की सड़कों के कारण अब शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और बाजारों तक पहुंचना पहले से कहीं आसान हो गया है। वहीं किसानों को अपनी उपज मंडी तक पहुंचाने में भी काफी सुविधा मिली है। सड़क के जरिये विकास की ओर बढ़ते कदम, वास्तव में बेमेतरा जिले को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि साबित हो रहे हैं।

 

छत्तीसगढ़ के चहुंमुखी विकास के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

10-Oct-2025
बेमेतरा।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को बेमेतरा जिले के लिए कुल ₹140.96 करोड़ के 47 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 27 कार्यों का भूमिपूजन और 20 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनता के विश्वास पर खरा उतरते हुए, राज्य सरकार चहुंमुखी और समावेशी विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शासन का लक्ष्य प्रदेश में विकास कार्यों को तेजी और पारदर्शिता के साथ धरातल पर उतारना है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और संकल्पबद्धता के साथ प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और नगरीय सुविधाओं के क्षेत्र में तीव्र गति से कार्य किए जा रहे हैं, जिनसे जनता को सीधा लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम अमोरा में शिवनाथ नदी पर बैराज निर्माण, सिंघोरा में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना, तथा ग्राम बसनी में मिडिल स्कूल प्रारंभ करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गांवों को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को सशक्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा, “हमने यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को अल्प समय में ही पूरा कर दिखाया है।” मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस प्रदान किया गया है और 18 लाख आवासहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल रहा है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रति माह ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्राहकों से ₹5500 प्रति मानक बोरा की दर से खरीदी की जा रही है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार गांव, गरीब, किसान और महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर कार्य कर रही है। खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का संचालन कर रही है, जिससे कोई भी परिवार भूखा न रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।
सांसद विजय बघेल ने कहा कि प्रदेश सरकार जनता से किए गए वादों को पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जैसे ग्रामीण जिलों में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, जिनसे आमजन को राहत और बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं। कार्यक्रम को विधायक दीपेश साहू ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, सांस्कृतिक मंत्री राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब,प्रहलाद रजक, विधायक ईश्वर साहू और भावना बोहरा, अवधेश चंदेल, लाभचंद बाफना, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।


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