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Bijapur

विकसित खेती की नई उड़ान : बीजापुर में “विकसित कृषि संकल्प अभियान” का सफल समापन

22-May-2026
बीजापुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 05 मई से 20 मई 2026 तक संचालित “विकसित कृषि संकल्प अभियान” का सफल समापन बीजापुर जिले के विभिन्न विकासखंडों में किया गया। अभियान के अंतिम दिन विभिन्न वैज्ञानिक दलों ने किसानों के बीच पहुंचकर आधुनिक एवं उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी साझा की। 
यह अभियान निदेशक विस्तार सेवाएं, इं.गां.कृ.वि. रायपुर के निर्देशानुसार कृषि विज्ञान केंद्र बीजापुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख अरुण सकनी के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। अभियान के सुचारु संचालन हेतु जिले के सभी विकासखंडों के लिए चार अलग-अलग वैज्ञानिक दलों का गठन किया गया था। उसूर विकासखंड के लिए डॉ. शमशेर आलम, भैरमगढ़ के लिए डॉ. मिथलेश कुमार एवं डॉ. राजकमल पटेल, भोपालपटनम के लिए डॉ. भूपेंद्र कुमार एवं डॉ. दिनेश मारापी तथा बीजापुर विकासखंड के लिए डॉ. सुनीता पटेल एवं अरविंद आयाम को दल प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
अभियान के दौरान सभी दलों ने प्रतिदिन दो चयनित ग्रामों में पहुंचकर किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं, नवीन कृषि तकनीकों एवं आगामी खरीफ फसलों की तैयारी संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। किसानों को बीज उपचार, मृदा परीक्षण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, जैविक उर्वरकों के उपयोग, ग्रीष्मकालीन जुताई, रोग एवं कीटों के जैविक प्रबंधन, पौध संरक्षण, बागवानी फसलों की उन्नत खेती, आधुनिक कृषि यंत्रों एवं ड्रोन तकनीक के उपयोग, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, मशरूम उत्पादन तथा मधुमक्खी पालन जैसे विषयों पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया गया।
अभियान में कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग एवं मत्स्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में किसानों की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम के सफल आयोजन से जिले के किसानों में आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ी है तथा आगामी खरीफ सीजन के लिए नई ऊर्जा एवं उत्साह का संचार हुआ है।

फूलगट्टा में स्वास्थ्य सेवाओं की दस्तकः ग्रामीणों की जांच, आयुष्मान कार्ड और मातृ स्वास्थ्य पर विशेष फोकस

18-May-2026
बीजापुर ।  (शोर संदेश) आयुष्मान आरोग्य मंदिर के अंतर्गत आश्रित ग्राम फूलगट्टा में शुक्रवार को विशेष स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों की सामान्य स्वास्थ्य जांच की गई तथा गैर संचारी रोगों (एनसीडी) की पहचान कर संबंधित मरीजों का पंजीयन किया गया। शिविर के दौरान नए आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए ताकि पात्र ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
कार्यक्रम में नई गर्भवती माताओं की पहचान कर उनका पंजीयन किया गया एवं एएनसी कार्ड वितरित किए गए। साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श भी दिया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने ग्रामीणों को स्वच्छताए संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक किया।
शिविर में रहा बेहतर स्वास्थ्य प्रतिसाद- फूलगट्टा में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में ओपीडी एवं स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं जिसमें एनसीडी स्क्रीनिंग 82, हाईपरटेंशन  HTN फॉलोअप 03, कोल्ड एवं कफ के मरीज 04, बुखार के मरीज 02, स्केबीज (त्वचा रोग) के मरीज 08, नवीन आयुष्मान कार्ड निर्माण 05, ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए नियमित स्वास्थ्य शिविरों की मांग की। यह आयोजन ग्रामीण अंचलों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

बीजापुर में 10 लाख के इनामी 2 नक्सली मारे गए, हथियार व गोला-बारूद बरामद

27-Feb-2026
बीजापुर (शोर संदेश)। जिले के जांगला थाना क्षेत्र के जैगुर-डोडुम के बीच गुरुवार को पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें जवानों ने 10 लाख के इनामी दो नक्सलियों को ढेर कर दिया। साथ ही मौके से हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए हैं। बताते हैं कि नक्सलियों की मौजूदगी के इनपुट पर डीआरजी की पार्टी सर्च ऑपरेशन पर रवाना हुई थी।
इस बीच गुरुवार सुबह अचानक नक्सलियों की तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई, जिस पर जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। गोलीबारी में 5 लाख के इनामी भैरमगढ़ एरिया कमेटी के एसीएम हिचामी मड्‌डा और 5 लाख की इनामी एसीएम मनकी पोडियाम को जवानों ने मार गिराया।
मौके से एक एसएलआर राइफल, तीन मैग्जीन, 55 राउंड, एक इंसास राइफल, 3 मैग्जीन और 19 राउंड समेत एक 12 बोर बंदूक, दो हैंड ग्रेनेड, दो देसी ग्रेनेड, डेटोनेटर, स्कैनर, बैटरी, दवा समेत अन्य सामान बरामद किए हैं। मुठभेड़ के बाद डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, एसटीएफ, सीआरपीएफ और कोबरा की संयुक्त पार्टी ने इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया है।

बीजापुर मुठभेड़ में 5 नक्सली ढेर, चार दिन में 214 ठिकाने ध्वस्त

19-Feb-2026
बीजापुर। ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच नक्सली मारे गए। जंगल क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा की गई फायरिंग के बाद सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्हें ढेर कर दिया।
बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान तेज कर दिया गया है। पिछले चार दिनों में सुरक्षाबलों ने 214 नक्सली ठिकानों और बंकरों को ध्वस्त करने का दावा किया है। अभियान के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।
सुरक्षाबलों ने 450 आईईडी, 818 बीजीएल शेल, 899 बंडल कोडेक्स, डेटोनेटर सहित अन्य विस्फोटक सामग्री जब्त की है। इसके अलावा करीब 12 हजार किलो खाद्य सामग्री भी बरामद की गई, जिसका उपयोग नक्सली लंबे समय तक जंगलों में ठहरने के लिए करते थे। पुलिस के अनुसार क्षेत्र में व्यापक सर्चिंग अभियान जारी है।
केंद्र सरकार द्वारा मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने की निर्धारित समयसीमा के बीच सघन अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक चार शीर्ष कमांडरों समेत करीब 300 नक्सली सुरक्षाबलों के निशाने पर हैं।
प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के केंद्रीय समिति सदस्यों में मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर, देवजी उर्फ कुंभा दादा उर्फ चेतन, राममन्ना उर्फ गणपति उर्फ लक्ष्मण राव और मल्लाह राजा रेड्डी उर्फ सागर शामिल हैं। खुफिया सूचना के आधार पर छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर सघन ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि या तो नक्सली आत्मसमर्पण करें या फिर मार्च 2026 की समयसीमा तक अभियान के दौरान उन्हें निष्क्रिय कर दिया जाएगा।




 

बीजापुर के जंगलों में सुरक्षाबलों की नक्सलियों से मुठभेड़ में एक माओवादी ढेर

06-Feb-2026
 बीजापुर। ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के घने जंगलों में गुरुवार सुबह से ही पुलिस और नक्सलियों के बीच गोलीबारी चल रही है। इस मुठभेड़ में एक माओवादी के ढेर होने की पुष्टि हुई है।
बताया जा रहा है कि बीजापुर जिले के दक्षिणी इलाके में सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसी दौरान यह मुठभेड़ शुरू हो गई, जो सुबह करीब 7:30 बजे से रुक-रुक कर जारी है।
जानकारी के मुताबिक, दक्षिण बीजापुर क्षेत्र में सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमें अभियान पर निकली थीं। जैसे ही सुरक्षा बल जंगल के अंदर आगे बढ़े, पहले से घात लगाए बैठे माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद दोनों ओर से जवाबी गोलीबारी होने लगी। जंगल और पहाड़ी इलाका होने की वजह से ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, लेकिन सुरक्षा बल पूरी सतर्कता के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं।
अब तक की जानकारी के अनुसार, इस मुठभेड़ में एक माओवादी का शव बरामद किया गया है। मौके से एक एके-47 राइफल भी मिली है। सुरक्षा बल पूरे इलाके की गहन तलाशी ले रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि वहां और कितने नक्सली मौजूद हैं।
गौरतलब है कि बीजापुर का दक्षिणी इलाका नक्सल गतिविधियों के लिए पहले से ही संवेदनशील माना जाता रहा है। यहां पहले भी कई बार सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो चुकी है। इसी वजह से इस ऑपरेशन में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और वरिष्ठ अधिकारी भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
फिलहाल मुठभेड़ पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और सर्च ऑपरेशन जारी है। अभियान के पूरा होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की ओर से विस्तृत रिपोर्ट साझा की जाएगी, जिसमें मुठभेड़ से जुड़ी सभी जानकारियां साफ तौर पर सामने आएंगी। तब तक पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी है और हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
 

झारखंड में भीषण सड़क हादसा: बारातियों की बस खाई में पलटी, 9 की मौत, 80 घायल

19-Jan-2026
लातेहार/बीजापुर ( शोर संदेश )  झारखंड में छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा से लगे लातेहार जिले में रविवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया।
महुआडांड़ थाना क्षेत्र के ओरसा घाटी (बंगलादारा) में बारातियों को लेकर जा रही बस अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 80 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतक और घायल सभी छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के निवासी हैं।
जानकारी के अनुसार, बलरामपुर जिले के करीब 87 लोग ज्ञान गंगा स्कूल की बस में सवार होकर झारखंड के लोध गांव सगाई कार्यक्रम में जा रहे थे।
ओरसा घाटी से उतरते समय बस का ब्रेक फेल हो गया, जिससे तेज रफ्तार बस पीडब्ल्यूडी के रोड सेफ्टी गार्ड को तोड़ते हुए पेड़ से टकरा गई और करीब 20 फीट गहरी खाई में पलट गई।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और शव सड़क व खाई में बिखर गए।
लातेहार पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने बताया कि हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि इलाज के दौरान लातेहार और गुमला अस्पताल में चार अन्य लोगों ने दम तोड़ दिया। मृतकों में महिलाएं भी शामिल हैं।
एसडीएम विपिन कुमार दुबे के अनुसार, 60 घायलों को महुआडांड़ सीएचसी और 20 से अधिक को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, वहीं 32 गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स भेजा जा रहा है। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।









 

नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षाबलों का बड़ा ऑपरेशन, 4 माओवादी मारे गए

18-Jan-2026

 बीजापुर। ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर बीजापुर जिले के दुर्गम नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। इस मुठभेड़ में नेशनल पार्क एरिया कमेटी के चीफ दिलीप वेंडजा, एक महिला नक्सली समेत कुल चार माओवादियों को मार गिराया गया है। कार्रवाई डीआरजी जवानों और अन्य सुरक्षा बलों के संयुक्त ऑपरेशन के तहत की गई।

जानकारी के अनुसार खुफिया एजेंसियों से सूचना मिली थी कि कुख्यात नक्सली लीडर पापा राव के साथ बड़ी संख्या में माओवादी नेशनल पार्क क्षेत्र में मौजूद हैं। इनपुट मिलते ही डीआरजी और सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पहले से घात लगाए बैठे नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों ओर से मुठभेड़ शुरू हो गई।
सुरक्षाबलों के जवाबी एक्शन में नक्सलियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा और वे मौके से भाग खड़े हुए। मुठभेड़ के बाद इलाके में सघन सर्च अभियान चलाया गया, जिसमें चार नक्सलियों के शव बरामद किए गए। मृतकों में नेशनल पार्क एरिया कमेटी चीफ दिलीप वेंडजा की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य नक्सलियों की शिनाख्त की जा रही है।
पापा राव के प्रभाव क्षेत्र में मुठभेड़
जिस स्थान पर मुठभेड़ हुई, वह खूंखार नक्सली पापा राव का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। पापा राव नेशनल पार्क एरिया का इंचार्ज है और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का इकलौता सदस्य बताया जाता है। यदि इस ऑपरेशन में पापा राव मारा जाता, तो नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगता।
मुठभेड़ स्थल से नक्सलियों के शवों के साथ दो एके-47 राइफल, अन्य हथियार और नक्सली सामग्री भी बरामद की गई है। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षा बल स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।




 

अतिसंवेदनशील कुटरू पहुंचे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, नियद नेल्ला नार पर की समीक्षा बैठक

08-Jan-2026
बीजापुर।  ( शोर संदेश )  उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा  बीजापुर जिले के अतिसंवेदनशील ग्राम कुटरू पहुंचे, जहां उन्होंने नियद नेल्ला नार के अन्तर्गत सम्मिलित पंचायतों के विकास हेतु स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों के साथ बैठक की। इस बैठक में बीजापुर जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों से आये ग्रामीण जनप्रतिनिधि एवं समाज प्रमुख गायता, सिरहा, पुजारी, बैगा आदि शामिल हुए।
इस दौरान उप उपमुख्यमंत्री शर्मा ने सभी से मुलाकात कर उनका अभिवादन किया। उन्होंने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि हिंसा के साथ विकास करना कभी भी संभव नहीं रहा है। आज बस्तर अंचल के कोने कोने में हर गांव में शांति और खुशहाली लाने के लिए शासन पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। बस्तर में शांति के लिए आवश्यक है कि माओवादी विचारधारा के प्रभाव में आकर भटके युवा वापस आये और पुनर्वास का रास्ता अपना कर ग्राम और देश के विकास में अपना योगदान दें। 
उन्होंने आगे कहा कि शासन द्वारा बस्तर अंचल के सभी ग्रामों के विकास के लिए ग्राम स्तर पर विकास के मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। जिसके तहत ग्राम की महिला समूहों और युवाओं को सक्षम बनाकर स्थानीय वनोपजों के प्रसंस्करण का कार्य गांव में किया जाएगा, जिससे ग्रामीण वनोपज संग्राहक से उत्पादक और उत्पादक से व्यवसायी बनेंगे और अपने उत्पादों का स्वयं प्रसंस्करण कर वनोपजों का उचित मूल्य भी प्राप्त करेंगे। गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए नियद नेल्ला नार योजना शुरू की गई है, जहां स्थानीय कैम्प विकास का केंद्र बन गए हैं और गांव में विकास कार्यों को संचालित कर रहे हैं। इसके साथ ही गांव गांव में शासकीय योजनाओं की संतृप्तता का कार्य करते हुए हर योजना का लाभ प्रत्येक ग्रामीण को दिलाया जा रहा है।
उन्होंने समाज प्रमुखों से अपील की कि वे जंगलों में माओवादी गतिविधियों में सम्मिलित अपने ग्राम के युवाओं को समझाएं और पुनर्वास कराएं। ऐसे ग्राम जो अपने सभी सदस्यों को मुख्यधारा में लाकर ग्राम को सशस्त्र नक्सल हिंसा से मुक्त घोषित करेंगे, उन ग्रामों में इलवद पंचायत योजना के तहत 1 करोड़ रुपए की राशि अतिरिक्त विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर ग्राम पंचायत केतुलनार पेठा, मंगापेठा रानी बोली, अंबेली और दरभा जो नक्सल मुक्त होने के कगार पर है उन्हें नक्सल मुक्त होने का प्रस्ताव भेजने को कहा गया। ताकि इलवंद  गांव‌ के रूप में उनका विकास किया जा सके।
बैठक में उपमुख्यमंत्री ने समाज प्रमुखों स्व उनके ग्रामों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास, रोजगार एवं आजीविका संवर्धन की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की, जिसमें ग्रामीणों ने बताया कि आज तक उनके ग्रामों में नक्सल गतिविधियों के कारण विकास नहीं पहुंच पाया था पर अब उनके ग्रामों तक सड़क, बिजली जैसी सुविधाएं मिलने लगी हैं, जिससे वे बहुत खुश हैं।
कार्यक्रम में बीजापुर की ग्रामीण महिला स्व सहायता समूहों द्वारा अपने उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई थी। जिसका अवलोकन करते हुए उपमुख्यमंत्री शर्मा ने उनके खाद्य उत्पादों का भी स्वाद लिया और वनोपजों के बेहतर प्रसंस्करण और बाजार उपलब्धता पर चर्चा की। इस दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह एवं संचालक अश्विनी देवांगन, एडीजी नक्सल आपरेशन विवेकानंद सिन्हा, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर संबित मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत नम्रता चौबे, ग्रामों के समाज प्रमुख एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

 

नेशनल हाईवे पर ट्रेलर में लगी भीषण आग, चालक की जलकर मौत

07-Jan-2026
बीजापुर (शोर संदेश)। जिले के एनएच-63 चलते ट्रेलर में अचानक भीषण आग लग गई, देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सड़क पर लंबा जाम लग गया।
जानकारी के अनुसार पगदामल्ली चौक नयापारा मिंगाचल के पास रायपुर पासिंग नंबर का एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलट गया और सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से टकरा गया। टक्कर के तुरंत बाद ट्रेलर में भीषण आग लग गई और पूरा वाहन आग की चपेट में आ गया।
ट्रेलर हैदराबाद की ओर जा रहा था. हादसे के बाद वाहन चालक का काफी देर तक कोई पता नहीं चल पाया, वहीं आशंका जताई जा रही है कि चालक की आग में जलकर मौत हो गई है। घटना की सूचना मिलते ही नैमेड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दमकल विभाग की मदद से आग पर काबू पाया गया।

रोज़गार से निर्माण तक : मनरेगा कुएँ के जल से बनी पीएम आवास की ईंटें

01-Jan-2026
बीजापुर। ( शोर संदेश ) बीजापुर जिले के जनपद पंचायत भैरमगढ़ की ग्राम पंचायत रानीबोदली के निवासी सोमड़ू ऑडी महात्मा गांधी नरेगा योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के सफल क्रियान्वयन की एक प्रेरक मिसाल हैं।
सोमड़ू ऑडी एक छोटे किसान हैं। उनके पास सीमित कृषि भूमि थी और सिंचाई की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं थी। वर्षा पर निर्भर खेती के कारण वे केवल धान की एक ही फसल ले पाते थे। कम उत्पादन और कम आय के कारण परिवार की जरूरतें पूरी करना उनके लिए कठिन था।
महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत सोमड़ू ऑडी के खेत में कुएँ का निर्माण स्वीकृत हुआ। लगभग 3 लाख रुपये की लागत से कुएँ का निर्माण किया गया। इस कार्य से गांव के 13 जॉब कार्डधारी परिवारों के 42 श्रमिकों को 645 मानव-दिवस का रोजगार भी मिला।
कुएँ के निर्माण के बाद सोमड़ू के लगभग 2 एकड़ खेत में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो गई। अब वे धान की फसल के बाद सब्जियों की खेती भी करने लगे। इससे उनके परिवार को ताजी और पोषक सब्जियां मिलने लगीं। अतिरिक्त सब्जियों की बिक्री से उन्हें लगभग 10 हजार रुपये की अतिरिक्त आय हुई।
सोमड़ू ऑडी को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2024–25 में पक्का मकान स्वीकृत हुआ। उन्होंने मनरेगा से बने कुएँ के पानी का उपयोग कर घर पर ही लगभग 35 हजार ईंटों का निर्माण किया। इनमें से 17 हजार ईंटें बेचकर करीब 40 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की गई। शेष ईंटों का उपयोग वे अपने प्रधानमंत्री आवास के निर्माण में कर रहे हैं। इस प्रकार उनका पक्का घर तेजी से बन रहा है।
आज सोमड़ू ऑडी एक आत्मनिर्भर किसान बन चुके हैं। मनरेगा से बना कुआँ उनकी खेती, आय और आवास निर्माण का मजबूत आधार बना है। इससे उनके परिवार का जीवन स्तर बेहतर हुआ है।
यह सफलता की कहानी साबित करती है कि सरकारी योजनाओं का सही और प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका, सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा सकता है।





 


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