ब्रेकिंग न्यूज

Korba

शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन बेटियों को स्वच्छता, सुरक्षा और सम्मान की सौगात, कोरबा के ग्रामों में वीबी- जीरामजी से बालिका शौचालयों का निर्माण पूर्ण

12-Oct-2026
कोरबा। ( शोर संदेश ) शारदीय नवरात्र में जहां एक ओर पूरे प्रदेश में मातृशक्ति की आराधना की जा रही है, वहीं छत्तीसगढ़ सरकार बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और स्वच्छता के संकल्प को धरातल पर साकार कर रही है। नवरात्र के प्रथम दिन कोरबा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं के लिए निर्मित शौचालय बेटियों के सम्मान की एक सुंदर तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशनदृग्रामीण (वीबी-जी रामजी) के अंतर्गत कोरबा जिले के पाली विकासखंड की ग्राम पंचायत नोनबिर्री और करतला विकासखंड की ग्राम पंचायत दादरकला में
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित ‘मेरी बेटीदृमेरा अभिमान’ अभियान के अंतर्गत ग्रामीण विद्यालयों में बालिकाओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। कोरबा जिले में पूर्ण हुए ये निर्माण कार्य इसी संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं।
ग्राम पंचायत नोनबिर्री एवं दादरकला में निर्मित बालिका शौचालय को आकर्षक गुलाबी रंग और सुंदर चित्रकारी से सजाया गया है। भवन की दीवार पर बड़े अक्षरों में ‘मेरी बेटीदृमेरा स्वाभिमान’ का संदेश अंकित है। इसके साथ ही ‘स्वच्छ रहें, सुरक्षित रहें’ का संदेश भी दिया गया है। शौचालय के सामने खड़ी स्कूली बालिकाओं ने वीबी-जी रामजी के अक्षरों और स्वच्छता के प्रतीकों के माध्यम से योजना के प्रति अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। बालिकाओं की यह सहभागिता दर्शाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और बेटियों के आत्मसम्मान के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार हो रहा है।
नवरात्र का पर्व नारी शक्ति के सम्मान और आराधना का प्रतीक है। ऐसे अवसर पर बालिकाओं के लिए शौचालयों का निर्माण पूर्ण होना विशेष महत्व रखता है। विद्यालयों में अलग बालिका शौचालय की उपलब्धता छात्राओं की निजता, स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। विशेष रूप से किशोरावस्था में बालिकाओं के लिए ऐसी सुविधाएं उनकी गरिमा और आत्मविश्वास को बनाए रखने में सहायक होती हैं। इससे विद्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति और पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 6 अगस्त 2026 को वीबी-जीरामजी योजना के अंतर्गत राज्यव्यापी ‘मेरी बेटीदृमेरा अभिमान’ अभियान का शुभारंभ किया था। यह विशेष अभियान 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रदेश के ग्रामीण शासकीय विद्यालयों में लगभग 286.85 करोड़ रुपए की लागत से 6,671 बालिका शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 
इस अभियान का उद्देश्य केवल शौचालयों का निर्माण करना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को ऐसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे वे बिना किसी असुविधा के शिक्षा प्राप्त कर सकें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।

कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग का खनिज माफियाओं के खिलाफ विशेष अभियान- 21 वाहन जब्त

11-Oct-2026
कोरबा। ( शोर संदेश )  कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश तथा उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले में अवैध उत्खनन परिवहन व भण्डारण पर प्रतिबंध लगाने के लिए खनिज विभाग कोरबा सख्त रुख अपना रहा है। खनिज उड़नदस्ता दलों द्वारा बुधवार से लगातार तीन दिन खनिज माफियाओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर जिले के राताखार, सीतामढ़ी, बरमपुर सहित कई स्थानों पर दिन-रात छापा मारकर सघन जांच की गई। जिस दौरान रेत का अवैध परिवहन कर रहे तरदा में 2 ट्रेक्टर, हरदीबाजार में 1 टीपर, बरमपुर में 1 ट्रेक्टर, पाली में 2 ट्रेक्टर, सुराकछार में 1 ट्रेक्टर, उमरेली में 1 ट्रेक्टर,  कुदुरमाल व सोनपुरी में रेत का उत्खनन व परिवहन कर रहे 8 ट्रेक्टर, गिट्टी का अवैध परिवहन कर रहे 4 हाइवा व 1 ट्रेक्टर सहित कुल 21 वाहनों पर कार्यवाही करते हुए जब्त कर सर्वमंगला पुलिस चौकी, उरगा थाना,  पाली थाना, खनिज जांच चौकी उरगा व खनिज जांच चौकी हरदीबाजार की अभिरक्षा में सुरक्षार्थ रखा गया है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भण्डारण पर प्रतिबंध सुनिश्चित करना, अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा शासकीय राजस्व की हानि को रोकना है। नियमों का उल्लघंन करने, अवैध उत्खनन एवं परिवहन तथा भण्डारण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध खान और खनिज अधिनियम, छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम और अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण के विरुद्ध सघन अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से छत्रपाल सिंह कंवर ने संवारी खेती, सालाना आय बढ़कर 4-5 लाख रुपये तक पहुंची

11-Oct-2026
कोरबा। ( शोर संदेश )  किसानों की मेहनत को बेहतर आमदनी में बदलने के लिए आधुनिक तकनीक, पानी का उचित प्रबंधन और उन्नत कृषि उपकरणों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। इसी दिशा में उद्यानिकी विभाग की योजनाएं किसानों को परंपरागत खेती से आगे बढ़कर विविध फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। शासकीय योजनाओं के माध्यम से सूक्ष्म सिंचाई, संरक्षित खेती और कृषि यंत्रों पर अनुदान मिलने से किसान खेती के तौर-तरीकों में बदलाव कर रहे हैं। इसका लाभ उत्पादन बढ़ाने, फसलों की गुणवत्ता सुधारने और आमदनी के नए अवसर विकसित करने में मिल रहा है।
कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम धनरास निवासी किसान छत्रपाल सिंह कंवर की कृषि यात्रा में भी इन सुविधाओं ने महत्वपूर्ण बदलाव लाया है। पहले वे मुख्य रूप से परंपरागत तरीके से धान की एकल मौसमी खेती करते थे। सिंचाई के सीमित साधन, आधुनिक कृषि उपकरणों की कमी और तकनीकी जानकारी के अभाव में उनकी वार्षिक आय लगभग 70 से 80 हजार रुपये तक ही रहती थी। खेती से आमदनी बढ़ाने के लिए उन्हें ऐसी तकनीक और संसाधनों की जरूरत थी, जिनसे पानी का बेहतर उपयोग हो और वर्षभर अलग-अलग फसलों का उत्पादन किया जा सके।
उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से जुड़ने के बाद कंवर को आधुनिक कृषि पद्धतियां अपनाने में सहायता मिली। वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री सूक्ष्म सिंचाई योजना, राष्ट्रीय बागवानी मिशन एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ड्रिप सिंचाई संयंत्र, फेंसिंग, प्लास्टिक मल्चिंग, पावर टिलर और पावर स्प्रेयर जैसी सुविधाओं के लिए अनुदान का लाभ मिला। इन संसाधनों का उपयोग करते हुए उन्होंने धान के साथ मौसमी सब्जियों का उत्पादन शुरू किया। ड्रिप सिंचाई से पानी का बेहतर प्रबंधन, मल्चिंग से फसलों की देखभाल और पावर टिलर से कृषि कार्यों को आसान बनाने में मदद मिली। आधुनिक तकनीकों को अपनाने से उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार हुआ तथा उनकी वार्षिक आय बढ़कर लगभग 4 से 5 लाख रुपये तक पहुंच गई।
हितग्राही छत्रपाल सिंह कंवर ने बताया, “पहले मैं केवल धान की खेती करता था। सिंचाई के पर्याप्त साधन और आधुनिक उपकरण नहीं होने से आमदनी सीमित रहती थी। उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से सहायता मिलने के बाद खेती को नए तरीके से करने का अवसर मिला। अब धान के साथ मौसमी सब्जियां भी उगा रहा हूं। ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और पावर टिलर से काम आसान हुआ है और फसलों की गुणवत्ता में भी सुधार आया है। पहले साल भर में 70 से 80 हजार रुपये की आय होती थी, अब 4 से 5 लाख रुपये तक कमा पा रहा हूं। मैं गांव के दूसरे किसानों को भी आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा हूं। किसानों को आगे बढ़ने के लिए ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।”

विकसित भारत-2047 के संकल्प के साथ कोरबा में निकली सेवा ज्योति यात्रा

08-Oct-2026
कोरबा (शोर संदेश)।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कोरबा जिला मुख्यालय के घंटाघर स्थित ओपन थिएटर मैदान में ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ आयोजित हुई। प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन की अध्यक्षता में हुई सभा में प्रधानमंत्री के संबोधन का वर्चुअल प्रसारण किया गया। 
सभा को संबोधित करते हुए श्रम, उद्योग एवं आबकारी मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में सेवा, सुशासन, विकास और गरीब कल्याण को प्राथमिकता मिली है। उन्होंने नागरिकों से वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों, महिलाओं और आम नागरिकों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित हैं।

मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में डीएमएफ के माध्यम से कोरबा जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी, आश्रम-छात्रावास और सड़क सहित विभिन्न विकास कार्यों को गति मिली है। वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के कार्य 15 अक्टूबर के बाद तेज किए जाएंगे। शहर के अंडरब्रिज निर्माण की तकनीकी अड़चनें दूर हो गई हैं और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
सभा में मंत्री देवांगन ने उपस्थित जनसमुदाय को ‘विकसित भारत सेवा संकल्प’ की शपथ दिलाई। उन्होंने ओपन थिएटर मैदान में चार फ्लड लाइट लगाने और पुराने बस स्टैंड के रानी रोड के पास स्थित चौक का नाम ‘विकसित भारत चौक’ रखने की घोषणा की। विधायक प्रेमचंद पटेल और गोपाल मोदी ने भी विकसित भारत के निर्माण में जनभागीदारी और सेवा कार्यों के महत्व पर विचार रखे।
सभा के बाद ‘सेवा ज्योति यात्रा’ निकाली गई। हाथों में मशाल लेकर मंत्री देवांगन के नेतृत्व में यात्रा घंटाघर और निहारिका मार्ग से होते हुए सुभाष चौक पहुंचकर संपन्न हुई। इसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता निभाई।

विकसित भारत की संकल्पना में विद्यार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण: मंत्री लखनलाल देवांगन

07-Oct-2026
कोरबा।  (शोर संदेश) सेवा संकल्प अभियान के तहत कोरबा के रामपुर स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पीडब्ल्यूडी में नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वाणिज्य एवं उद्योग, श्रम तथा आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प को पूरा करने में विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर ही बच्चे देश और प्रदेश के विकास में योगदान दे सकते हैं।

मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न जनसेवा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान में स्वच्छता, रक्तदान और ‘सरकार आपके द्वार’ शिविरों के माध्यम से लोगों तक सेवाएँ और योजनाओं का लाभ पहुँचाया जा रहा है। विद्यालयों में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के साथ भाषण, चित्रकला और नुक्कड़ नाटक जैसी गतिविधियाँ आयोजित की गईं, ताकि विद्यार्थी अपनी प्रतिभा दिखा सकें और विकसित भारत के संकल्प से जुड़ें। उन्होंने नुक्कड़ नाटक में प्रधानमंत्री की देश सेवा को नाटक के माध्यम से प्रस्तुति पर विद्यार्थियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कोरबा जिले में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) सहित विभिन्न मदों से सड़क, पुल-पुलिया, विद्यालय, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य भवन और छात्रावासों से जुड़े विकास कार्य कराए जा रहे हैं। रामपुर विद्यालय में भवन निर्माण के साथ एक अन्य भव्य भवन का निर्माण भी डीएमएफ से प्रस्तावित है। मंत्री ने प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

 

 


लेमरू में झरने के पास भालू का हमला, 13 वर्षीय बच्चे को किया घायल

21-Sep-2026
कोरबा। जिले के लेमरू वन क्षेत्र में झरने के पास रविवार शाम अचानक भालू के पहुंचने से अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि एक एनजीओ की टीम किसी कार्य के सिलसिले में क्षेत्र में गई थी। इसी दौरान एक गांव के समीप झरने के पास कुछ ग्रामीणों के साथ टीम के सदस्य मौजूद थे। अचानक वहां भालू पहुंच गया और लोगों पर हमला करने की कोशिश की। भालू को देखते ही मौके पर मौजूद ग्रामीण और एनजीओ टीम के सदस्य अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागने लगे।
इसी दौरान भालू ने करीब 13 वर्षीय एक बच्चे को अपनी चपेट में ले लिया। भालू ने बच्चे पर हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया। बच्चे को भालू के चंगुल में फंसा देखकर आसपास मौजूद ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाई और शोर मचाकर भालू को भगाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीण भालू को मौके से खदेड़ने में सफल हुए और घायल बच्चे को उसके चंगुल से बाहर निकाला।
घटना के बाद बच्चे को तत्काल उपचार के लिए ले जाया गया। वन विभाग की टीम ने घायल बच्चे को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार कराया जा रहा है। घटना के संबंध में सामने आए वीडियो में अस्पताल के पास मौजूद एक व्यक्ति भी घटनाक्रम की जानकारी देता दिखाई दे रहा है।
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक घायल बच्चे की पहचान, उसका गांव और उसकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी स्पष्ट नहीं हो सकी थी। वन विभाग की ओर से भी घटना की विस्तृत पुष्टि और बच्चे की स्थिति के संबंध में जानकारी सामने आना बाकी है।
घटना को लेकर यह भी बताया जा रहा है कि भालू के अचानक हमला करने के बाद एनजीओ से जुड़े लोग मौके से भाग गए, जबकि आसपास मौजूद ग्रामीणों ने बच्चे को बचाने के लिए प्रयास किया। इस संबंध में एनजीओ की भूमिका और टीम के सदस्यों के वहां मौजूद होने के कारणों की भी जानकारी सामने आना बाकी है।
लेमरू क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ है और वन्यजीवों की मौजूदगी के कारण आसपास के ग्रामीणों को अक्सर सावधानी बरतनी पड़ती है। इस घटना के बाद क्षेत्र में एक बार फिर ग्रामीणों की सुरक्षा और वन्यजीवों की निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और लोगों को वन्यजीवों से सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

 


कुदुरमाल एनिकट में मछली पकड़ते युवक की डूबने से मौत, 24 घंटे बाद मिला शव

21-Sep-2026
कोरबा । उरगा थाना क्षेत्र के कुदुरमाल एनिकट में मछली पकड़ने गए 40 वर्षीय युवक की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई, जिसका शव डीडीआरएफ की टीम ने रविवार काे बरामद कर लिया है। मृतक की पहचान कुदुरमाल ग्राम पंचायत के परसाभवना निवासी धरम धनुहार के रूप में हुई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार धरम धनुहार शनिवार सुबह अपनी पत्नी के साथ कुदुरमाल एनिकट में मछली पकड़ने गया था। इसी दौरान मछली पकड़ते समय वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। पत्नी ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन देखते ही देखते धरम गहरे पानी में समा गया। इसके बाद घबराई पत्नी गांव पहुंची और परिजनों तथा ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलने पर उरगा पुलिस मौके पर पहुंची और नगर सेना की डीडीआरएफ टीम को बुलाया गया। टीम ने शनिवार देर शाम तक एनिकट में रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन युवक का पता नहीं चल सका। आज रविवार सुबह फिर से तलाश शुरू की गई। काफी मशक्कत के बाद डीडीआरएफ टीम ने धरम का शव पानी से बरामद कर लिया।
उरगाथाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि शव बरामद कर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हादसे के बाद ग्रामीणों ने एनिकट क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है, ताकि लोगों को गहरे एवं खतरनाक हिस्सों की जानकारी पहले से मिल सके।

 


शराब के नशे में युवक ने 150 फीट ऊंचे टावर पर चढ़कर दी धमकी, 7 घंटे की समझाइश के बाद पुलिस ने उतारा

14-Sep-2026
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में शराब के नशे में एक युवक के 150 फीट ऊंचे हाईटेंशन टॉवर पर चढ़ने से हड़कंप मच गया। युवक करीब सात घंटे तक टॉवर पर ही घूमता रहा और नीचे उतरने को तैयार नहीं हुआ। इस दौरान उसकी पत्नी, बच्चे और ग्रामीण उसे लगातार समझाते रहे। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची। काफी देर तक चली समझाइश के बाद युवक को सकुशल नीचे उतार लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम का लाइव वीडियो भी सामने आया है।
150 फीट ऊंचे हाईटेंशन टॉवर पर चढ़ा युवक
घटना करतला थाना क्षेत्र के नोन्दरहा बरकोंना गांव की है। यहां देव सिंह राठिया नाम का युवक कथित तौर पर शराब के नशे में हाईटेंशन टॉवर पर चढ़ गया। देखते ही देखते वह करीब 150 फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया। युवक को इतनी ऊंचाई पर देखकर गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पत्नी और बच्चे घंटों लगाते रहे गुहार
बताया गया कि देव सिंह दो बच्चों का पिता है। उसके टॉवर पर चढ़ने के बाद पत्नी, बच्चे और गांव के लोग नीचे खड़े होकर उसे उतरने के लिए समझाते रहे। युवक कभी टॉवर के ऊपर तो कभी नीचे की ओर आता-जाता रहा। परिजन घंटों उससे नीचे उतरने की गुहार लगाते रहे, लेकिन वह उनकी बात मानने को तैयार नहीं हुआ।
खबर फैलते ही मौके पर जुटी सैकड़ों की भीड़
युवक के टॉवर पर चढ़ने की खबर आसपास के गांवों में फैल गई। कुछ ही देर में मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। सभी की नजरें टॉवर पर मौजूद युवक पर टिकी थीं। किसी अनहोनी की आशंका के चलते माहौल बेहद तनावपूर्ण बना रहा।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही करतला थाना प्रभारी गणेश यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से तहसीलदार को भी बुलाया गया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने युवक से लगातार बातचीत कर उसे समझाने की कोशिश की। परिजनों और ग्रामीणों ने भी उसे नीचे आने के लिए मनाया।
7 घंटे बाद सकुशल नीचे उतरा युवक
करीब सात घंटे तक चले मान-मनौव्वल और समझाइश के बाद आखिरकार युवक टॉवर से नीचे उतर आया। उसके सकुशल नीचे आने के बाद परिजनों, ग्रामीणों और पुलिस ने राहत की सांस ली। इस दौरान टॉवर पर युवक के चढ़ने और नीचे उतारने की कोशिशों का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है।
 

सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला कोरबा रेलवे स्टेशन बदहाल, सांसद ने रेल मंत्री को लिखा पत्र

20-Jul-2026
कोरबा।  (शोर संदेश) कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने कोरबा रेलवे स्टेशन की बदहाल स्थिति और वर्षों से अधूरे पड़े नवनीकरण कार्य पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव, जीएम व डीआरएम बिलासपुर को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारतीय रेल को भारी राजस्व देने वाला कोरबा आज भी रेलवे की उपेक्षा का शिकार बना हुआ है।
सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि कोरबा रेलवे स्टेशन का नवनीकरण कार्य वर्षों पहले शुरू किया गया था, लेकिन आज तक पूरा नहीं हो सका। निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण हजारों यात्रियों को रोजाना धूल, अव्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में यात्रा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यह स्थिति रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के सरोना, चांपा और बालोद रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक स्वरूप दिया है, लेकिन कोरबा जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक और ऊर्जा नगरी के रेलवे स्टेशन की लगातार अनदेखी की जा रही है। आखिर कोरबा के यात्रियों के साथ यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है?
सांसद ने कहा कि कोरबा रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन हजारों यात्री सफर करते हैं, लेकिन उन्हें न पर्याप्त प्रतीक्षालय मिल रहा है, न बेहतर पेयजल व्यवस्था, न स्वच्छता, न पार्किंग और न ही अन्य आवश्यक यात्री सुविधाएं। वर्षों से निर्माण कार्य अधूरा छोड़ देना जनता के साथ अन्याय है।
ज्योत्सना चरणदास महंत ने केंद्रीय रेल मंत्री से मांग की है कि कोरबा रेलवे स्टेशन के नवनीकरण कार्य की उच्चस्तरीय समीक्षा कर निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए तथा समय-सीमा निर्धारित कर इसे शीघ्र पूरा कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि रेल को सर्वाधिक राजस्व देने वाले कोरबा की लगातार उपेक्षा जारी रही तो यह यहां की जनता के साथ अन्याय होगा, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने उम्मीद जताई कि रेल मंत्रालय कोरबा की जनता की वर्षों पुरानी मांग को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र ठोस निर्णय करेगा।
 

देखते ही देखते नदी में समा गया 24 साल का SECL कर्मी

07-Jul-2026
कोरबा। दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गए SECL कर्मी की सतरेंगा नदी में डूबने से मौत हो गई। करीब 24 घंटे के बाद गोताखोरों की टीम ने शव बरामद किया है। सोमवार की देर शाम नगर सेना की रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उसका शव नदी से बरामद किया। जिसके बाद पुलिस की टीम ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।
वापस लौट रहा था मृतक
पुलिस ने मृतक की पहचान कोरबा निवासी सुभांशु ध्रुव (24) के रूप में हुई है। वह अपने 6 दोस्तों के साथ रविवार को पिकनिक मनाने सतरेंगा पहुंचा था। जिसमें तीन युवतियां भी शामिल थीं। उन्होंने यहां पानी के बीच बने टापू में सेल्फी लेने की योजना बनाई, पर युवतियां एवं एक अन्य युवक ने मना कर दिया, तब सुभांशु एवं एक अन्य मित्र टापू में जाने लगे। सुभांशु का मित्र पानी पार कर पहले टापू में पहुंच गया, पर सुभांशु पीछे रह गया और बीच से ही वापस लौटने लगा था, तब यह घटना हुई। बता दें कि दो दिनों से हो रही लगातार बारिश से नदी नाले उफान पर है। वहीं नदी में गहराई का अहसास नहीं होने से सुभांशु ध्रुव डूब गया। 
सोमवार सुबह नगर सेना की रेस्क्यू टीम ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। दिनभर चली कड़ी मशक्कत के बाद देर शाम सुभांशु का शव पानी से बाहर निकाला जा सका। सुभांशु की मौत उसके परिवार के लिए दूसरा सबसे बड़ा झटका है। चार साल पहले उसके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद सुभांशु को अनुकंपा नियुक्ति के तहत SECL में नौकरी मिली थी। वह पिछले ढाई साल से SECL कोरबा क्षेत्र की सेंट्रल वर्कशाप में कार्यरत था। घर का एकमात्र कमाने वाला बेटा होने के कारण उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है।

 



+ Load More

Feedback/Enquiry



Log In Your Account