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Raigarh

नल से जल के साथ स्वच्छ पेयजल और संरक्षण के प्रति बढ़ी जागरूकता

30-Oct-2026
रायगढ़।( शोर संदेश ) घर-घर नल से जल पहुंचने से ग्रामीण परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी में बदलाव आ रहा है। जिन परिवारों को पहले पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था, उन्हें अब घर पर ही पानी की सुविधा मिल रही है। इससे विशेषकर महिलाओं का समय और श्रम बच रहा है, वहीं बच्चों और अन्य सदस्यों को भी पानी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता। चिटकाकानी और त्रिभौना गांव के ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल के महत्व से अवगत कराने के साथ जल गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया भी समझाई गई। प्रशिक्षण के दौरान पानी के नमूने में निर्धारित मात्रा में रसायन मिलाकर उसकी जांच करने और प्राप्त परिणाम का निर्धारित मानकों से मिलान करने की जानकारी दी गई। प्रशिक्षक ने फ्लोराइड की अधिकता से होने वाली फ्लोरोसिस बीमारी के बारे में भी बताया तथा जांच के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया।
चिटकाकानी और त्रिभौना गांव के ग्रामीणों ने नल से जल मिलने के बाद अपनी दिनचर्या में आए इस बदलाव को साझा किया। ग्राम चिटकाकानी की एक महिला हितग्राही ने बताया कि घर में पानी की सुविधा शुरू होने से काफी समय बच रहा है। महिलाओं को पानी के लिए इधर-उधर आने-जाने की परेशानी से भी राहत मिली है। वहीं, गांव की प्राथमिक शाला की शिक्षिका ने बताया कि सभी घरों में नल की सुविधा मिल गई है और पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंच रहा है। इसी तरह ग्राम त्रिभौना की एक हितग्राही ने बताया कि अब नहाने और कपड़े धोने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता। घर में ही पानी मिलने से परिवार के सदस्यों को सुविधा हो रही है और बच्चों को भी परेशानी नहीं उठानी पड़ती। चिटकाकानी के एक अन्य ग्रामीण ने बताया कि पहले कुएं से पानी लाने के लिए काफी दूर जाना पड़ता था, लेकिन अब घर-घर पानी की व्यवस्था होने से राहत मिली है।
जल सुविधा के साथ पानी के महत्व और उसके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। स्कूली बच्चों ने “जल है तो कल है” और “जल बचाओ, जीवन बचाओ” जैसे नारों के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश दिया। ग्रामीणों ने भी जल की प्रत्येक बूंद का महत्व समझने, पानी की बर्बादी रोकने, जल स्रोतों की रक्षा करने और गांव की जल योजना की देखभाल करने की शपथ ली। उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित रखने का संकल्प भी दोहराया।
घर-घर नल से जल पहुंचने का उद्देश्य केवल पानी उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा देना और पानी के लिए होने वाली परेशानी कम करना भी है। जल गुणवत्ता की नियमित जांच, जल स्रोतों की सुरक्षा और पानी का जिम्मेदारी से उपयोग इस व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने में महत्वपूर्ण हैं। हर घर नल से हर घर जल का संदेश ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और उपलब्ध जल संसाधनों को सहेजने की प्रेरणा दे रहा है।

मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित, मास्टर ट्रेनरों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

30-Oct-2026
रायगढ़।( शोर संदेश )  आगामी निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) को सुव्यवस्थित और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिला एवं विधानसभा स्तरीय मास्टर ट्रेनरों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में पुनरीक्षण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, निर्धारित समय-सीमा में कार्यों को पूरा करने तथा मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
डिप्टी कलेक्टर धनराज मरकाम ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 के संदर्भ में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रक्रिया 12 नवंबर 2026 से प्रारंभ होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी 2027 को किया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुनरीक्षण कार्यक्रम की कार्यप्रणाली और दायित्वों के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान करना है, ताकि मतदाता सूची तैयार करने के दौरान निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित हो सके। जिला एवं विधानसभा स्तर पर प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर आगे संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
निर्वाचन नामावलियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से मतदाता सूची को अद्यतन, शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में कार्य किया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप सभी दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने तथा पुनरीक्षण कार्य को समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इस अवसर पर विधानसभा क्षेत्र के मास्टर ट्रेनर उपस्थित थे।

 


एग्रीस्टैक में किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन और धान खरीदी की तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश

22-Oct-2026
रायगढ़।( शोर संदेश ) जिला कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जिले में संचालित शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करने और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, धान खरीदी, निर्माण कार्यों, राजस्व प्रकरणों और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा करते हुए किसानों एवं उनके खसरों का एग्रीस्टैक में शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने डीसीएस फेस-1, फेस-2 तथा बकेट क्लेम की प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों में तेजी लाए। उन्होंने डीसीएस संबंधी कार्यों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले एसडीएम एवं तहसीलदारों के प्रयासों की सराहना भी की। उन्होंने धान खरीदी शुरू होने से पहले सभी उपार्जन समितियों में सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही किसानों के खेतों के लैटीटयूड लांगीटयूड संबंधी विवरण की प्रविष्टि निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा।
कलेक्टर ने पोषण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले में संचालित ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान की समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में मुनगा का पौधा लगाने के लिए आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए। उन्होंने आधार में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट के लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विद्यालयों में शिविर आयोजित करने तथा दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड का लाभ दिलाने के लिए ‘सुगम्य सवेरा’ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।
बैठक में जिले के विद्यालयों में खराब पड़े स्मार्ट बोर्डों की मरम्मत एवं आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें। कलेक्टर ने जर्जर स्कूल भवनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए खनन प्रभावित क्षेत्रों में चिन्हांकित विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने विद्यालयों एवं उनके आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने तथा आश्रमों एवं छात्रावासों का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने को कहा। सड़क एवं अन्य अधूरे निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होने देने तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) से संबंधित परियोजनाओं और निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान निर्माण स्थलों पर कार्यों की जानकारी देने वाले उपयुक्त सूचना बोर्ड लगाने को कहा गया। इसके साथ ही स्किल गैप असेसमेंट के लिए कार्ययोजना बनाकर प्रभावी ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने शासकीय भूमि, सीमांकन और अवैध कब्जों से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अवैध रेत उत्खनन में संलिप्त लोगों के विरुद्ध भी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश देते हुए उन्होंने अधिकारियों से शिकायतों के निराकरण में गंभीरता बरतने को कहा। श्रमिक परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का समग्र लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित श्रमिक परिवार समग्र उत्थान मिशन की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
जिले में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और केंद्र सरकार की प्रमुख वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक संतृप्ति अभियान संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर ने कहा कि अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अभियान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए। सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को अभियान की नियमित मॉनिटरिंग करने और प्रगति पर विशेष ध्यान देने को कहा।
आगामी जनगणना से संबंधित प्रशिक्षण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने प्रशिक्षण को व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक प्रक्रियाओं और दायित्वों की स्पष्ट जानकारी दी जाए, ताकि कार्यों का सुचारु संचालन सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने तथा शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत अभिजीत बबन पठारे, अपर कलेक्टर डॉ.प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल, डिप्टी कलेक्टर धनराज मरकाम एवं शिल्पा भगत सहित जिला स्तरीय विभागीय उपस्थित थे।


 

 


किसान सम्मान निधि से खेती-किसानी को मिल रहा संबल, भगत राम पटेल ने जताया आभार

22-Oct-2026
रायगढ़।( शोर संदेश )  केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। रायगढ़ जिले के ग्राम कछार निवासी किसान भगत राम पटेल के लिए भी यह सहायता उपयोगी साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत मिलने वाली राशि से खेती के दौरान खाद, दवाइयों और फसलों की देखभाल से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद मिलती है।
तीन किस्तों में मिलते हैं सालाना 6 हजार रुपये
भगत राम पटेल ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत उन्हें सालभर में 6 हजार रुपये तीन किस्तों में प्राप्त होते हैं। प्रत्येक किस्त में 2 हजार रुपये मिलते हैं। खेती के दौरान फसलों में दवाइयों के छिड़काव और अन्य जरूरी कृषि कार्यों के लिए धन की आवश्यकता होती है। ऐसे में योजना की राशि इन जरूरतों को पूरा करने में सहायक होती है।
किसानों के लिए आर्थिक सहारा
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है। इसका उद्देश्य किसानों को कृषि संबंधी आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है। योजना से लाभान्वित किसान भगत राम पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस योजना से मिलने वाली राशि खेती-किसानी के कार्यों में मददगार है।

 


महानवमी पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ के विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों में की माँ दुर्गा की पूजा-अर्चना

21-Oct-2026
रायपुर।( शोर संदेश ) शारदीय नवरात्रि की महानवमी के पावन अवसर पर प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ शहर के विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों में पहुंचकर माँ दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने माँ भगवती के चरणों में शीश नवाकर समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की मंगलकामना की। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धालुओं से मुलाकात कर महानवमी पर्व की शुभकामनाएं भी दीं।
वित्त मंत्री चौधरी ने माँ दुर्गा की महिमा का स्मरण करते हुए कहा कि नवरात्रि का पावन पर्व शक्ति, भक्ति, साधना और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। माँ भगवती की आराधना हमें जीवन में साहस, सद्भाव, सेवा और लोककल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। हमारी सनातन संस्कृति में आदिशक्ति माँ दुर्गा की उपासना का विशेष महत्व है। यह पर्व हमारी समृद्ध धार्मिक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता को सशक्त बनाता है।
उन्होंने कहा कि रायगढ़ सहित पूरे छत्तीसगढ़ में नवरात्रि के दौरान श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिलता है। दुर्गा पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की आस्था और सामूहिक सहभागिता हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखती है।
वित्त मंत्री चौधरी ने माँ भगवती से प्रार्थना की कि उनकी असीम कृपा और आशीर्वाद समस्त प्रदेशवासियों पर सदैव बना रहे। छत्तीसगढ़ में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली का निरंतर विस्तार हो तथा प्रदेश विकास और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता रहे।






























 

सेवा संकल्प के तहत विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक से दिखाई मोदी के 25 साल की यात्रा

07-Oct-2026
रायगढ़।  (शोर संदेश)  सेवा संकल्प कार्यक्रम के तहत रायगढ़ जिले के शासकीय महाविद्यालय घरघोड़ा की ओर से आज जयस्तंभ चौक पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा और देश के प्रति उनके योगदान को नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से दर्शाया।
नुक्कड़ नाटक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को प्रभावी संवाद और अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने राहगीरों और स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया। जयस्तंभ चौक पर आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने रुचि के साथ नुक्कड़ नाटक देखा और विद्यार्थियों की प्रस्तुति का उत्साहवर्धन किया। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों ने सामाजिक सरोकार और जनभागीदारी का संदेश भी दिया। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, सहायक कलेक्टर  गोकुल आर.के. सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।









 

 


सरिया में निर्माणाधीन 100 बिस्तरीय अस्पताल का वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया निरीक्षण

07-Oct-2026
रायगढ़।  (शोर संदेश)  वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सरिया में निर्माणाधीन 100 बिस्तरीय अस्पताल के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल भवन के विभिन्न हिस्सों का जायजा लेते हुए निर्माण की प्रगति एवं गुणवत्ता की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को कार्य में गुणवत्ता के निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाते हुए तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को जल्द से जल्द अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।

वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि सरिया में 100 बिस्तरीय अस्पताल का निर्माण क्षेत्र की स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अस्पताल के शुरू होने से सरिया सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को उपचार के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी और गंभीर अथवा आवश्यक चिकित्सा सेवाओं के लिए दूर जाने की निर्भरता कम होगी। उन्होंने अधिकारियों से अस्पताल में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं और अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को समन्वय के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए।













 

 


ग्रामीणों ने हाथी-शावक के जन्म पर मनाई छठ्ठी, जंगल में विधि-विधान से की पूजा

30-Sep-2026
रायगढ़।  (शोर संदेश) छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में इंसानों और हाथियों के बीच अनोखा रिश्ता देखने को मिला। बाकारूमा रेंज के ससकोबा में गणेश चतुर्थी के दिन जन्मे हाथी शावक की मंगलवार को ग्रामीणों ने जंगल में छठ्ठी का कार्यक्रम मनाया। ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की और प्रसाद बांटा।
वन परिक्षेत्र बाकारूमा के ससकोबा क्षेत्र में 8 सितंबर को पत्थलगांव की ओर से 11 हाथियों का दल पहुंचा था। इसी दौरान दल की एक मादा हाथी ने गणेश चतुर्थी के दिन शावक को जन्म दिया। इसके बाद दल में हाथियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई।
दल में 3 नर, 5 मादा और 4 शावक शामिल हैं। शावक के जन्म की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों में खुशी थी, लेकिन हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग की चिंता भी बढ़ गई। इसके बाद वन अमला लगातार दल की निगरानी कर रहा है।
15 दिन बाद जंगल में मनाई छठ्ठी
शावक के जन्म के करीब 15 दिन बाद मंगलवार को गनपतपुर और ससकोबा के बीच पुल के पास पहाड़ी जंगल की सीमा पर ग्रामीणों ने छठ्ठी कार्यक्रम आयोजित किया। ग्रामीणों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम में गनपतपुर सरपंच हरिओमशंकर राठिया, मुरली कुमार साहू, हरिश्चंद्र राठिया, ससकोबा टीएसएस अध्यक्ष बोधसिंह राठिया, ससकोबा सरपंच पति अनिल कुमार राठिया, पुनेश्वर राठिया, रैरूमा खुर्द के अमित कुमार राठिया समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे शामिल हुए।
हाथियों के दल पर वन अमले की नजर
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बाकारूमा रेंज में हाथियों का यह दल पिछले कई दिनों से मौजूद है। दल में शावक होने के कारण उसकी लगातार निगरानी की जा रही है।
वन अमला यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि हाथियों का दल बस्ती की ओर न आए। ग्रामीणों को भी प्रभावित जंगल क्षेत्र में अकेले नहीं जाने और हाथियों से दूरी बनाए रखने की समझाइश दी जा रही है।

 


सेवा संकल्प अभियान: स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद थीम पर बुनगा में विविध कार्यक्रमों का हुआ आयोजन

23-Sep-2026
रायगढ़। ( शोर संदेश ) सेवा संकल्प अभियान एवं 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर रायगढ़ जिले के शासकीय आयुर्वेद औषधालय बुनगा द्वारा ‘स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद’ थीम पर विभिन्न जनजागरूकता एवं स्वास्थ्य गतिविधियों का आयोजन किया गया। 
आयोजन के तहत निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर, काढ़ा वितरण, नशामुक्ति शपथ एवं जागरूकता, स्वच्छता जागरूकता, मितानिन प्रशिक्षण, योग शिविर तथा औषधीय पौधारोपण जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। छिछोर उमरिया, सिहा, ठाकुरपाली, गोतमा एवं स्कूल पारा बुनगा में लगाए गए चिकित्सा शिविरों में कुल 458 मरीजों को आयुर्वेद चिकित्सा परामर्श प्रदान कर निःशुल्क औषधियों का वितरण किया गया। 
शिविरों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, वातरोग, ऋतुचर्या एवं योगाभ्यास सहित विभिन्न आयुर्वेदिक विषयों पर आधारित पाम्पलेट वितरित कर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी गई। साथ ही आयुर्वेद और प्रकृति के समन्वय का संदेश देते हुए 100 औषधीय पौधों का रोपण किया गया तथा उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। गांव के सामुदायिक भवनों एवं चौक-चौराहों पर आयोजित इन गतिविधियों में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में डॉ. जागृति पटेल, फार्मासिस्ट भोज मालाकार, वर्षा ठेठवार, योग प्रशिक्षक दुलामनी रजक, सरपंच एवं मितानिनों का सक्रिय योगदान रहा।














 

‘जतन केंद्र’ बना उम्मीद की किरण, 27 हजार से ज्यादा बच्चों को मिला उपचार

23-Sep-2026
 रायगढ़। ( शोर संदेश )  विशेष आवश्यकता वाले बच्चों और उनके परिवारों के लिए जतन केंद्र उम्मीद और संबल का केंद्र बनकर उभरा है। रायगढ़ जिले में वर्ष 2016 को शुरू हुए इस केंद्र में अब तक 27,088 बच्चों का परीक्षण, मूल्यांकन और उपचार किया जा चुका है। वहीं अप्रैल से अगस्त 2026 तक 5,397 बच्चों को विभिन्न सेवाओं का लाभ मिला है। जतन की खासियत इसका बच्चों के अनुकूल माहौल है। केंद्र को प्ले स्कूल जैसे सहज और खुशनुमा वातावरण में तैयार किया गया है, ताकि बच्चे अस्पताल के डर या तनाव के बिना उपचार करा सकें। यहां आने वाले बच्चों को उनकी जरूरत के अनुसार विशेषज्ञ सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती हैं।
केंद्र में शिशु रोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट, विशेष शिक्षक, स्पीच थेरेपिस्ट, ऑडियोलॉजिस्ट, ऑप्टोमेट्रिस्ट, नर्स, पैथोलॉजी, समाजसेवक और काउंसलर की सेवाएं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध हैं। विकासात्मक देरी, देर से बोलने, सीखने में परेशानी और ऑटिज्म जैसे लक्षणों वाले बच्चों का नियमित आकलन और उपचार किया जा रहा है। मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बच्चों में सामने आ रही लर्निंग प्रॉब्लम के मामलों में भी विशेषज्ञ सेवाएं दी जा रही हैं।
जतन के दंत चिकित्सा विभाग में टंग-टाई यानी जीभ के जुड़ाव की समस्या वाले बच्चों का फ्रेनेक्टमी पद्धति से निशुल्क उपचार किया जा रहा है। अब तक करीब 285 बच्चे इस सुविधा से लाभान्वित हो चुके हैं। इसके साथ ही बच्चों के दांत और मुंह से जुड़ी अन्य बीमारियों का भी इलाज किया जाता है।
श्रवण संबंधी परेशानी वाले बच्चों के लिए केंद्र में बीईआरए और पीटीए टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है। ये जांच दिव्यांगता प्रमाण पत्र और कॉक्लियर इंप्लांट की प्रक्रिया में भी उपयोगी होती हैं। वहीं फिजियोथेरेपी विभाग में शारीरिक रूप से बाधित बच्चों के उपचार और पुनर्वास पर काम किया जाता है, ताकि वे दैनिक गतिविधियां अधिक आसानी से कर सकें।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित जतन डीईआईसी में सेवाओं के लगातार सुधार और विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। निःशुल्क विशेषज्ञ उपचार, बच्चों के अनुकूल वातावरण और समय पर हस्तक्षेप ने इस केंद्र को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के परिवारों के लिए भरोसे का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया है। पिछले 10 वर्षों में हजारों बच्चों तक पहुंची यह सेवा उनकी बेहतर सेहत, विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।









 

 



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