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ईरान को ट्रंप की चेतावनी- ‘डील फाइनल होने तक अमेरिका का दबाव रहेगा जारी’

18-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान एक जरूरी ग्लोबल शिपिंग रूट को फिर से खोलने पर राजी हो गया है। इसके साथ ही चेतावनी दी कि जब तक कोई बड़ा समझौता तय नहीं हो जाता, तब तक अमेरिकी सैन्य दबाव जारी रहेगा। एरिजोना में टर्निंग पॉइंट यूएसए की एक मीटिंग में ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से खुला है और बिजनेस और पूरे रास्ते के लिए तैयार है। इससे दुनिया के सबसे सेंसिटिव एनर्जी कॉरिडोर में से एक में तनाव कम होने के संकेत मिलते हैं।
इसके साथ ही, उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिकी सेना मजबूत मौजूदगी बनाए रखेगी। उन्होंने कहा, “नेवल ब्लॉकेड ईरान के मामले में तब तक पूरी तरह से लागू रहेगा जब तक ईरान के साथ हमारा ट्रांजैक्शन 100 फीसदी पूरा और पूरी तरह से डील पर हस्ताक्षर नहीं हो जाता।”
ट्रंप ने अपने भाषण में ‘न्यूक्लियर डस्ट’ को वापस लाने की योजना के बारे में भी बताया। यह डस्ट असल में ईरान में हुए पुराने अमेरिकी हमलों का बचा हुआ मलबा है। इस पर ट्रंप ने कहा, “हम इसे हासिल करेंगे और वापस अमेरिका ले जाएंगे।” इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुदाई वाले जॉइंट ऑपरेशन का सुझाव दिया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इन डेवलपमेंट को बड़ी क्षेत्रीय कूटनीति से जोड़ा। उन्होंने दावा किया, “हाल की अमेरिका की कोशिशों ने ईरान के बाहर तनाव को स्थिर किया है। इजरायल और लेबनान के बीच एक ऐसा सीजफायर हुआ है जो पहले कभी नहीं हुआ। ऐसा डेवलपमेंट 78 सालों में नहीं हुआ था।” उन्होंने सहयोग के लिए कई देशों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “मैं पाकिस्तान को धन्यवाद देना चाहता हूं और उसके महान फील्ड मार्शल को, मैं सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कुवैत को भी धन्यवाद देना चाहता हूं। इन सभी ने बहुत मदद की है।”
ट्रंप ने यूरोप में अमेरिका के सहयोगियों की कड़ी आलोचना की और कहा कि वाशिंगटन को पारंपरिक साझेदारी पर कम भरोसा करना चाहिए। नाटो का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “जब हमें उनकी जरूरत थी, तब वे बिल्कुल बेकार थे। हमें खुद पर भरोसा करना होगा।” उन्होंने कहा कि अमेरिका ने दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी सेना बनाई है और भविष्य के एंगेजमेंट में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।
ट्रंप ने खुद को एक ग्लोबल डीलमेकर के तौर पर भी दिखाया और एक बार फिर से कई संघर्षों को खत्म करने का क्रेडिट लिया। उन्होंने कहा, “मैंने आठ युद्ध खत्म किए। आगे के समझौते से यह संख्या बढ़ सकती है। अगर हम ईरान और लेबनान को जोड़ लें, तो दस युद्ध खत्म हो जाएंगे।”



 

विपक्षी नेताओं को देश की महिलाओं से कोई मतलब नहीं : सीएम रेखा गुप्ता

18-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) महिला आरक्षण संशोधन बिल (131वां संशोधन विधेयक) खारिज होने को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने पहले से ही तय कर रखा था कि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं तक कभी नहीं पहुंचने दिया जाएगा।
रेखा गुप्ता ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया। इन लोगों ने तय कर रखा था कि किसी भी हालत में महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा तक नहीं पहुंचने देंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार अलग-अलग बहाने बनाता रहा, कभी जाति के आधार पर आरक्षण की बात, कभी धर्म के आधार पर, तो कभी सीटों की संख्या को लेकर सवाल उठाए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी 543 सीटों की बात की गई, कभी 850 सीटों की, कभी परिसीमन (डिलिमिटेशन) को मुद्दा बनाया गया। लेकिन सच्चाई यही है कि ये लोग नहीं चाहते कि देश की आधी आबादी, करीब 70 करोड़ महिलाएं, सदन तक पहुंचें।
सीएम रेखा गुप्ता ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि इनको सिर्फ अपने घर की महिलाएं ही अच्छी लगती हैं। अखिलेश यादव को डिंपल यादव और राहुल गांधी को सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी ही नजर आती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा था कि महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए, लेकिन विपक्ष ने इस मुद्दे पर भी राजनीति की।
सीटों की संख्या को लेकर उन्होंने 1971 का उदाहरण देते हुए कहा, “1971 में जब 543 सीटें तय हुई थीं, तब देश की आबादी करीब 50-55 करोड़ थी। आज आबादी 140 करोड़ हो चुकी है, तो क्या सीटें नहीं बढ़नी चाहिए?” मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ नेता अपने क्षेत्रों में ‘राजा’ बनकर बैठे हैं और नहीं चाहते कि सीटें बढ़ें, क्योंकि इससे नए प्रतिनिधियों, खासकर महिलाओं को मौका मिल सकता है।
रेखा गुप्ता ने कहा कि दुनिया के कई देशों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 40 से 50 प्रतिशत तक है, लेकिन भारत में महिलाओं को आगे आने से रोका जा रहा है। उन्होंने इसे ‘महिला विरोधी चेहरा’ बताया।
उन्होंने चेतावनी दी कि जब विपक्षी नेता अपने-अपने क्षेत्रों में जाएंगे, तो महिलाएं उनसे सवाल करेंगी कि उन्होंने महिला आरक्षण बिल का समर्थन क्यों नहीं किया। हर महिला जवाब मांगेगी कि ऐसा क्यों किया गया। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि महिलाएं अपने अधिकार के लिए संघर्ष जारी रखेंगी। हम महिलाएं अपना हक लेकर रहेंगी।

पीएम मोदी ने साझा किया सुभाषितम्, कहा-नारी शक्ति सशक्त भारत की पहचान

17-Apr-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश)  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज शुक्रवार को एक बार फिर देश की माता-बहन और बेटियों का स्मरण करते हुए उनसे आशीर्वाद बरसाने की कृपा की। इस संबंध में पीएम मोदी ने एक्स पर साझा सुभाषितम् में कहा, ”हमारी नारी शक्ति एक सशक्त भारत की पहचान है। आज देश की माताएं, बहनें और बेटियां अपने अटूट संकल्प, निष्ठा और सेवा-भाव से हर क्षेत्र में भारतवर्ष का गौरव बढ़ा रही हैं।”
उन्होंने दुर्गा सप्तशती के चतुर्थ अध्याय (शाकम्भरी स्तुति) के श्लोक ”देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगणशक्ति समूहमूत्र्या।तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्या नता: स्म विदधातु शुभानि सा न:॥” का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी ही शक्ति से इस ब्रह्मांड की रचना की। वह समस्त देवताओं की शक्तियों के सामूहिक स्वरूप के रूप में अवतरित हुईं हैं। 
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, ”मां की आराधना सभी देवता और महान ऋषि समान रूप से करते हैं और उनके समक्ष हम श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। वे देवी हम पर अपना मंगल आशीर्वाद बरसाएं।” उल्लेखनीय है यह श्लोक देवी के सर्वव्यापी, शक्ति स्वरूपा रूप की स्तुति करता है। इसकी स्तुति से ज्ञान, बल और शक्ति प्रदान होती है।

 

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इजरायल-लेबनान सीजफायर का किया स्वागत

17-Apr-2026
नई दिल्ली।(शोर संदेश)  इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आखिरकार राहत की खबर सामने आई है। शुक्रवार को दोनों देशों के बीच 10 दिनों का युद्धविराम लागू हो गया। इस सीजफायर की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही कर दी थी। इस कदम का उद्देश्य पिछले एक महीने से जारी हिंसक संघर्ष को रोकना है, जिसमें 2,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
जैसे ही युद्धविराम लागू हुआ, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इसका स्वागत किया और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के मुख्य प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि हम उन सभी कदमों का स्वागत करते हैं जो ‘ब्लू लाइन’ के दोनों ओर हिंसा और पीड़ा को समाप्त करने में मदद करें। उन्होंने संबंधित पक्षों से इस युद्धविराम का पूरी तरह पालन करने की अपील भी की।
गुटेरेस ने एक्स पोस्ट में लिखा, “मैं इजरायल और लेबनान के बीच संघर्ष-विराम की घोषणा का स्वागत करता हूं और इसे संभव बनाने में अमेरिका की भूमिका की सराहना करता हूं। मुझे उम्मीद है कि इससे इस संघर्ष के दीर्घकालिक समाधान की दिशा में बातचीत का रास्ता खुलेगा और इस क्षेत्र में स्थायी और व्यापक शांति की दिशा में चल रहे प्रयासों में मदद मिलेगी। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे संघर्ष-विराम का पूरी तरह सम्मान करें और हर समय अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करें।”
वहीं, अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल-गीत ने इस समझौते को लेबनान के लोगों की पीड़ा कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने सभी पक्षों से तुरंत इसका पालन करने और स्थायी शांति के लिए गंभीर बातचीत शुरू करने का आग्रह किया। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने भी इस युद्धविराम का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि यह समझौता पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम समझौते का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युद्ध को रोकना है।
मिस्र ने इसे क्षेत्रीय तनाव कम करने और इजरायली हमलों को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। मिस्र के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे इस युद्धविराम को स्थायी बनाने, मानवीय सहायता पहुंचाने और विस्थापित लोगों की घर वापसी सुनिश्चित करने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
संयुक्त अरब अमीरात और कतर ने भी इस पहल का समर्थन किया और उम्मीद जताई कि यह क्षेत्र में स्थिरता और स्थायी शांति की दिशा में एक मजबूत आधार बनेगा।
बता दें कि नवंबर 2024 से लागू पिछला युद्धविराम भी पूरी तरह सफल नहीं रहा था और लगभग रोजाना हमले जारी रहे। यह संघर्ष 2 मार्च को फिर भड़क गया, जब हिजबुल्लाह ने इजरायल पर रॉकेट दागे, जिसके जवाब में लेबनान में भारी हवाई हमले किए गए।
 

देश महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाने को पूरी तरह तैयार: पीएम मोदी

16-Apr-2026
नई दिल्ली। शोर संदेश नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के लिए संसद का विशेष सत्र गुरुवार से शुरू होने वाला है, ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक “ऐतिहासिक कदम” बताया है। संसद के विस्तारित बजट सत्र का तीन दिवसीय विशेष सत्र आज बाद में शुरू होने वाला है, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम के कार्यान्वयन से जुड़े प्रस्तावित संवैधानिक संशोधनों पर चर्चा केंद्रित होगी।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “आज से संसद के विशेष सत्र में हमारा देश महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। हमारी माताओं और बहनों का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है, और इसी भावना के साथ हम इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।”
सरकार द्वारा तीन संशोधन विधेयक पेश किए जाने की उम्मीद है जिनका उद्देश्य उस कानून को लागू करना है, जिसे 2023 में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए पारित किया गया था। इस सप्ताह की शुरुआत में, केंद्र सरकार ने सांसदों के साथ संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 या महिला आरक्षण विधेयक में प्रस्तावित संशोधन का पाठ साझा किया, जिसका उद्देश्य लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 850 करना है, जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सदस्य भी शामिल हैं।
इस विधेयक में राज्यों के निर्वाचन क्षेत्रों से प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा चुने जाने वाले सदस्यों की संख्या 815 तक सीमित करने का प्रस्ताव है। केंद्र शासित प्रदेशों के लिए विधेयक में कहा गया है। केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने के लिए 35 से अधिक सदस्य नहीं होंगे, जिनका चुनाव संसद द्वारा विधिवत रूप से किया जाएगा। वर्तमान में, लोकसभा में राज्यों से 530 और केंद्र शासित प्रदेशों से 20 सदस्य हैं। हालांकि, परिसीमन आयोग ने यह संख्या 543 निर्धारित की थी।
विधेयक में प्रस्तावित एक अन्य महत्वपूर्ण संशोधन जनसंख्या की परिभाषा से संबंधित है, जो संसद को यह तय करने का अधिकार देता है कि सीटों की संख्या में विस्तार के लिए किन आंकड़ों को आधार बनाया जाना है।संविधान के अनुच्छेद 81 के खंड (3) में संशोधन के लिए विधेयक में प्रस्ताव है, “(3) इस अनुच्छेद में, ‘जनसंख्या’ अभिव्यक्ति का अर्थ ऐसी जनगणना में निर्धारित जनसंख्या है, जैसा कि संसद विधि द्वारा निर्धारित कर सकती है, जिसके प्रासंगिक आंकड़े प्रकाशित किए गए हैं।”
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को शीघ्र लागू करने के साथ-साथ संसद के निचले सदन में सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए संविधान में संशोधन करने वाले विधेयक को मंजूरी दी थी। संशोधन विधेयक में अनुच्छेद 82 में भी परिवर्तन प्रस्तावित हैं, जिसमें प्रत्येक जनगणना के पूर्ण होने पर, सीटों का आवंटन के स्थान पर “सीटों का आवंटन शब्द प्रतिस्थापित किया जाएगा। प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य कोटा के कार्यान्वयन को 2027 की जनगणना से अलग करना और इसके बजाय इसे 2011 की जनगणना पर आधारित करना है, जिससे 2029 के आम चुनावों से पहले इसे लागू किया जा सके।
 

केंद्र ने राज्यों को घरेलू और कमर्शियल कस्टमर्स के लिए नए PNG कनेक्शन प्रदान करने की सलाह दी

16-Apr-2026
नई दिल्ली।शोर संदेश पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि कमर्शियल एलपीजी के लिए अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता दी गई है। इसके अतिरिक्त, फार्मा, स्टील, ऑटोमोबाइल, बीज, कृषि आदि क्षेत्रों को भी वरीयता दी गई है। साथ ही, प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम वाले एफटीएल सिलेंडरों की आपूर्ति को 2 और 3 मार्च 2026 की औसत दैनिक आपूर्ति के आधार पर दोगुना कर दिया गया है। वहीं राज्यों को सलाह दी गई है कि वे घरेलू और कमर्शियल कस्टमर्स के लिए नए पीएनजी कनेक्शन की सुविधा प्रदान करें।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कल बुधवार को ईंधन आपूर्ति की वर्तमान स्थिति पर नवीनतम जानकारी साझा की, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को प्रभावित करने वाले घटनाक्रमों के बीच पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी।    
सरकार ने आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों पर कई तर्कसंगत पहले ही लागू कर दिए हैं, जिनमें रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना, बुकिंग अंतराल को शहरी क्षेत्रों में 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना और आपूर्ति के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता देना शामिल है। साथ ही, एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराए गए हैं।
वहीं कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगरैनी कोलियरीज को निर्देश दिया है कि वे छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को वितरण के लिए राज्यों को अतिरिक्त कोयले की आपूर्ति करें।
मंत्रालय ने कहा कि मार्च 2026 से अब तक, लगभग 4.5 लाख पीएनजी कनेक्शनों में गैस आपूर्ति शुरू की जा चुकी है और लगभग 5 लाख अतिरिक्त ग्राहकों ने नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है। 15 अप्रैल तक, 34,200 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने MYPNGD.in वेबसाइट के माध्यम से अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं।
इसके अलावा, 3 अप्रैल 2026 से, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने 5 किलोग्राम वाले एफटीएल सिलेंडरों के लिए 5000 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए हैं, जिनमें 57,800 से अधिक सिलेंडरों की बिक्री की गई। कल, 583 शिविरों के माध्यम से 8575 एफटीएल (5 किलोग्राम) सिलेंडर बेचे गए। वहीं, 23 मार्च 2026 से अब तक 14.6 लाख से अधिक 5-किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री हो चुकी है।
सरकार ने कहा कि एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए देश भर में प्रवर्तन की कार्रवाई निरंतर जारी है। 14.04.2026 को देश भर में 2100 से अधिक छापेमारी की गई, जिसमें लगभग 450 सिलेंडर जब्त किए गए। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने औचक निरीक्षण तेज कर दिए हैं और 237 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया है तथा 58 एलपीजी वितरकों को निलंबित कर दिया है।
 

पीएम मोदी ने आशा भोसले के निधन पर जताया गहरा शोक, बोले-यादें रहेंगी अमर

12-Apr-2026
नई दिल्ली शोर संदेश । प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसले के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर आशा जी के साथ अपनी पुरानी मुलाकातों की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि उन पलों की स्मृतियां वे हमेशा संजोकर रखेंगे।पीएम मोदी ने कहा कि आशा भोसले की असाधारण संगीत यात्रा ने न केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया, बल्कि दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ। उनकी आवाज में ऐसी अद्भुत विविधता थी, जिसमें दिल को छू लेने वाली मधुरता भी थी और जोश से भरी ऊर्जा भी।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”भारत की सबसे आइकॉनिक और बहुमुखी आवाजों में से एक आशा भोसले जी के निधन से मैं बहुत दुखी हूं। दशकों तक चली उनकी असाधारण संगीत यात्रा ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया और दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छुआ। चाहे उनकी दिल को छू लेने वाली धुनें हों या उनकी जोशीली रचनाएं, उनकी आवाज हमेशा बेमिसाल रही। उनके साथ हुई मुलाकातों की यादों को मैं हमेशा संजोकर रखूंगा। उनके परिवार, प्रशंसकों और सभी संगीत प्रेमियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। वह आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेंगी और उनके गीत सदैव लोगों के जीवन में गूंजते रहेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आशा भोसले के निधन पर दुख जताते हुए एक्स पोस्ट में लिखा, ”आज हर भारतीय और विशेषकर मेरे जैसे हर संगीत प्रेमी के लिए दुखद दिन है, जब हम सबकी प्रिय आशा भोसले जी हमारे बीच नहीं रहीं। आशा ताई ने न सिर्फ अपनी मधुर आवाज और अद्वितीय प्रतिभा से एक अलग पहचान बनाई, बल्कि अपने सुरों से भारतीय संगीत को भी और अधिक समृद्ध किया। हर तरह के संगीत में ढल जाने की उनकी अनोखी प्रतिभा हर व्यक्ति का दिल जीत लेती थी। अपनी आवाज से करोड़ों दिलों को छूने वालीं आशा जी ने हिंदी, मराठी, बांग्ला, तमिल, गुजराती सहित अनेक भाषाओं के साथ-साथ लोकगीतों में भी अमिट छाप छोड़ी।”
उन्होंने आगे लिखा, ”आशा ताई की आवाज में जितनी कोमलता थी, उनके व्यवहार में भी उतनी ही सादगी और आत्मीयता थी। उनसे जब भी मुलाकात होती थी, संगीत और कला जैसे अनेक विषयों पर लंबी बातें होती थीं। आज वे भले ही हमारे बीच नहीं हैं, पर अपनी आवाज से वे सदैव हमारे दिलों में रहेंगी। ईश्वर आशा जी को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। उनके परिजनों और असंख्य प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।

एनसीआर में 7-8 अप्रैल को फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

06-Apr-2026
नई दिल्ली।  शोर संदेश राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 7 और 8 अप्रैल को क्षेत्र में तेज हवाएं, बादल छाए रहने के साथ बारिश और कहीं-कहीं गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। 
इससे पहले 6 अप्रैल को मौसम सामान्य रहा, जहां न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 7 अप्रैल को न्यूनतम तापमान 20 डिग्री और अधिकतम 31 डिग्री रहने का अनुमान है, जबकि 8 अप्रैल को तापमान और गिरकर न्यूनतम 18 डिग्री तथा अधिकतम 31 डिग्री रह सकता है। 
इन दोनों दिनों में एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। 9 अप्रैल को भी आंशिक बादल छाए रहेंगे, जबकि 10 और 11 अप्रैल को मौसम साफ होने का अनुमान है और तापमान धीरे-धीरे बढ़कर अधिकतम 33 से 34 डिग्री तक पहुंच सकता है। मौसम में इस बदलाव का कारण पश्चिमी विक्षोभ को माना जा रहा है, जिसके चलते एनसीआर और आसपास के इलाकों में हवाओं की गति बढ़ेगी और तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। 
खासकर न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री तक की कमी आने की संभावना है, जिससे लोगों को हल्की ठंड का अहसास हो सकता है। वहीं, वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) की बात करें तो एनसीआर में फिलहाल स्थिति पहले से बेहतर बनी हुई है। 
 

भाजपा का सफर त्याग, तपस्या और समर्पण की गाथा है : नितिन नवीन

06-Apr-2026
नई दिल्ली।  शोर संदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को पार्टी के स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दीं और पार्टी कार्यकर्ताओं से “राष्ट्र प्रथम” के संकल्प को दोहराने और “विकसित भारत” के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में अपने प्रयासों को एकजुट करने का आग्रह किया। 
भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 1980 में जनता पार्टी से अलग होने के बाद हुई थी। इसकी जड़ें इसकी पूर्ववर्ती पार्टी, भारतीय जनसंघ में थीं, जिसकी स्थापना 1951 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी। तब से, यह भारत की प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियों में से एक बन गई है, जिसका मुख्य जोर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और विकास पर है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर, मैं दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के सभी समर्पित कार्यकर्ताओं को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी का ‘अंत्योदय’ (अंतिम व्यक्ति का उत्थान) का चिर-प्रतीक्षित दृष्टिकोण साकार हो रहा है।
उन्होंने कहा, “यह यात्रा जनसंघ के दौर से लेकर आज दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनने तक का सफर अनगिनत कार्यकर्ताओं के त्याग, तपस्या और समर्पण की गाथा है। ‘अंत्योदय’ का वह सपना जिसे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने संजोया था और जिसके साथ हम इस राह पर निकले थे, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में जमीन पर साकार हो रहा है।”
उन्होंने कहा, “इस स्थापना दिवस पर आइए हम ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ के अपने संकल्प को दोहराएं और अपने प्रयासों को एकजुट करते हुए, अपनी पूरी ऊर्जा ‘विकसित भारत’ के निर्माण में समर्पित करें।” इससे पहले दिन में, पाएम मोदी ने भी पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और जनसेवा के प्रति लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता और “इंडिया फर्स्ट” के सिद्धांत पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “पार्टी के स्थापना दिवस पर पूरे देश में भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक शुभकामनाएं। हमारी पार्टी हमेशा ‘इंडिया फर्स्ट’ (भारत सबसे पहले) के सिद्धांत पर चलते हुए समाज की सेवा करने में सबसे आगे रही है। हमारे कार्यकर्ता अपनी निस्वार्थ सेवा, अटूट समर्पण और सुशासन के प्रति गहरे जुनून के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने जमीनी स्तर पर अथक परिश्रम किया है। यह सुनिश्चित करते हुए कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग हमारी विचारधारा और काम से जुड़ सकें।”उन्होंने उन कार्यकर्ताओं को भी याद किया, जिनके “समर्पण, बलिदान और दृढ़ता” ने दशकों से पार्टी के विकास को आकार दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “भाजपा एक ऐसी पार्टी के रूप में खड़ी है जो लोगों की भलाई को अपने दृष्टिकोण के केंद्र में रखती है। यह केंद्र और विभिन्न राज्यों में हमारे काम में भी झलकता है। भाजपा एक ‘विकसित भारत’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा सामूहिक संकल्प इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाता रहे और भारत को प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर ले जाए।”




 

महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम: नारी शक्ति वंदन बिल में पीएम मोदी ने बदलाव के संकेत दिए

06-Apr-2026
नई दिल्ली।  शोर संदेश असम विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बरपेटा में विशाल जनसभा को संबोधित किया। सभा में उन्होंने भाजपा की उपलब्धियों और आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा जो कहती है, उसे करके दिखाती है। उन्होंने इस बात पर भी भरोसा जताया कि इस बार असम में भाजपा-एनडीए की हैट्रिक निश्चित है।
प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण बिल पर भी चर्चा की और कहा कि सरकार ने 16 अप्रैल से शुरू होने वाले संसद के विशेष सत्र में इसे पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा, “हमने सभी राजनीतिक दलों से इस पर चर्चा की है और उनसे अनुरोध किया है कि वे देश की बहनों और बेटियों के अधिकारों से जुड़े इस काम को सर्वसम्मति से आगे बढ़ाएं। किसी भी राज्य को इससे नुकसान नहीं होगा, चाहे वह पूर्वोत्तर हो या दक्षिण भारत। महिलाओं के लिए अतिरिक्त सीटें देने की व्यवस्था की जा रही है।”
पीएम मोदी ने विशेष रूप से असम की महिलाओं से अपील की कि वे सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलकर इस कानून के पारित होने का आग्रह करें। यह सिर्फ असम ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए फायदेमंद होगा, जिससे महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिल सके।
पीएम मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “सड़क पर खड़े होने की भी जगह नहीं है। यह मैदान खचाखच भरा हुआ है। मैंने गुजरात में सालों काम किया है लेकिन अगर मुझे सुबह दस या ग्यारह बजे कोई सभा करनी होती, तो मैं इतनी भीड़ नहीं जुटा पाता। आपने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। असम की जनता ने इस बार दो बड़े काम किए हैं, पहला एनडीए सरकार की हैट्रिक और दूसरा, कांग्रेस के ‘शाही परिवार’ के दिल्ली में बैठे नामदारों के लिए हार का रिकॉर्ड बनाना।”
रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं और बच्चों के प्रति अपनी स्नेहिल भावना भी दिखाई। उन्होंने कहा, “इस बच्ची ने इतनी कम उम्र में इतनी सारी ड्राइंग्स बनाई हैं। कुछ और बच्चे भी अपनी ड्राइंग्स लेकर आए हैं। मैंने एसपीजी कर्मियों से कहा है कि वे इन्हें इकट्ठा करें। यदि आपने पीछे अपना नाम और पता लिखा है, तो मैं आपको चिट्ठी भेजूंगा।”
बरपेटा में आयोजित रैली के दौरान मोदी ने भाजपा के स्थापना दिवस का जिक्र करते हुए कहा, “आज 6 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस भी है। मैं पूरे देश और दुनियाभर में भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं और सदस्यों को अपनी बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। ‘राष्ट्र प्रथम’ के मंत्र के साथ हम मां भारती की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी प्रतिबद्धता के साथ, इस चुनाव में भाजपा आपका आशीर्वाद मांग रही है।”
प्रधानमंत्री ने स्थानीय उत्साह और ऊर्जा की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “अप्रैल का महीना बोहाग बिहू के पावन अवसर का महीना है। आप सभी इसके उत्सव की तैयारियों में जुटे हैं लेकिन इस बार बोहाग बिहू के साथ-साथ लोकतंत्र का पर्व भी है, क्योंकि मतदान के लिए अब सिर्फ दो दिन ही बचे हैं। यहां और पूरे असम में जो उत्साह और ऊर्जा मैं देख रहा हूं, वह असाधारण और अभूतपूर्व है। यहां जुटी भीड़ उसी भावना को दर्शाती है; सड़कों पर भी शायद ही कोई जगह बची हो।”
उन्होंने कहा, “बरपेटा में यह विशाल जनसमूह एक ही घोषणा कर रहा है। भाजपा के लिए हैट्रिक और कांग्रेस के नामदारों के लिए हार का शतक। आज का यह जनसैलाब असम की जनता के संकल्प और समर्थन का प्रतीक है।” उन्होंने कहा, “कांग्रेस वो पार्टी है जो कभी दूरगामी सोच के साथ विकास के काम नहीं करती है। कांग्रेस लघु अवधि में काम करती है ताकि उसमें भ्रष्टाचार कर सके। वही भाजपा एक लंबे विजन के साथ काम करने वाली पार्टी है। हम विकसित असम से विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर चल रहे हैं और इसलिए पिछले 10 वर्ष में पूरी मेहनत से काम किया। 10 वर्ष असम में शांति और सद्भाव की स्थापना के रूप में काम किया गया।”
इस अवसर पर पीएम मोदी ने भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी प्रेरित किया और सभी से आग्रह किया कि वे चुनाव में पूरी तत्परता के साथ काम करें। उन्होंने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि उनकी मेहनत और जनता का विश्वास पार्टी को विजयी बनाएगा।


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