ब्रेकिंग न्यूज

Delhi

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से महासमुंद की 27,053 माताओं को मिला आर्थिक संबल

03-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जिले की गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है। वर्ष 2022-23 से अब तक जिले की 27,053 महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल चुका है।
योजना के तहत प्रथम संतान के जन्म पर पात्र महिलाओं को गर्भावस्था से लेकर शिशु के टीकाकरण पूरा होने तक दो किस्तों में कुल 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं दूसरी संतान के रूप में कन्या जन्म पर अतिरिक्त 6,000 रुपये की एकमुश्त राशि प्रदान की जाती है।
– 14,423 महिलाओं को पहली किस्त के रूप में 4.32 करोड़ रुपये से अधिक वितरित किए गए।
– 8,211 महिलाओं को दूसरी किस्त के रूप में 1.64 करोड़ रुपये से अधिक दिए गए।
– 4,420 माताओं को दूसरी संतान पर बेटी जन्म होने पर 2.65 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई।
लाभार्थी महिलाओं ने बताया कि योजना से मिली राशि से उन्होंने गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन, दवाइयों और स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर प्रबंधन किया। कई महिलाओं ने इस राशि का उपयोग अपनी बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करने के लिए भी किया।
जिला कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा, “प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इससे महिलाओं को आर्थिक संबल मिलने के साथ-साथ संस्थागत प्रसव, समय पर जांच और नवजात शिशुओं के पूर्ण टीकाकरण को बढ़ावा मिल रहा है। यह राशि महिलाओं को स्वावलंबी बनाने और कुपोषण की लड़ाई में भी सहायक सिद्ध हो रही है।”
जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से योजना का लाभ अंतिम पात्र महिला तक पहुंचाने का काम लगातार किया जा रहा है।
योजना शुरू होने के बाद जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार दर्ज किया गया है। यह योजना न सिर्फ स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे सुनिश्चित कर रही है, बल्कि बेटी जन्म को प्रोत्साहित कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का भी माध्यम बन रही है।


 

पीएम मोदी ने नेपाल के राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी अध्यक्ष रबि लामिछाने से की मुलाकात

03-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) भारत और नेपाल के बीच पारंपरिक मित्रता और सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी) के अध्यक्ष रबि लामिछाने से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने साझा समृद्धि, विकास और क्षेत्रीय सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री के आधिकारिक एक्स पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी गई। पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा, ” रबि लामिछाने के मुलाकात कर बहुत प्रसन्नता हुई। मैं साथ मिलकर साझा और समृद्ध भविष्य के निर्माण की इच्छा का पूरी तरह समर्थन करता हूं। भारत के लिए नेपाल उसकी “नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी” के तहत एक महत्वपूर्ण और प्राथमिक साझेदार है।”
पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि नेपाल की नई सरकार के साथ मिलकर दोनों देशों के विशेष और बहुआयामी संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं, जिन्हें और सशक्त बनाने पर जोर दिया गया।
भारत और नेपाल के बीच सहयोग केवल राजनीतिक स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापार, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, शिक्षा, पर्यटन और लोगों के बीच आपसी संपर्क जैसे कई क्षेत्रों तक फैला हुआ है। भारत की “पड़ोसी प्रथम” नीति के तहत नेपाल के साथ घनिष्ठ सहयोग आने वाले समय में द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक व्यापक तथा मजबूत बना सकता है।
मंगलवार को लामिछाने ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन, भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। लामिछाने ने एक्स पोस्ट पर इन मुलाकातों को बेहद अहम और उपयोगी करार दिया था।
मुलाकात में नेपाल-भारत संबंध, आपसी हित, लोकतांत्रिक अभ्यास, सुरक्षा सहयोग तथा दोनों देशों के राजनीतिक दलों के बीच संवाद और सहयोग के विषयों पर विचार-विमर्श हुआ था। लामिछाने सहित उनकी टीम 5 जून को स्वदेश लौट जाएगी। 









 

बंगाल के हकीमपुर बॉर्डर पहुंची करीब 300 बांग्लादेशियों की भीड़, बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद वापस भेजने की तैयारी

03-Jun-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की चेतावनी के बाद राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी भारत से लौट रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट क्षेत्र में स्थित हकीमपुर बॉर्डर पर बांग्लादेश लौटने वाले लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
अधिकारियों के अनुसार, इनमें पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, जिनकी कुल संख्या लगभग 300 बताई जा रही है। हकीमपुर बॉर्डर के पास बुधवार सुबह से बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक एकत्रित हुए। ये लोग अपने सामान के साथ बांग्लादेश लौटने की मंशा से सीमा क्षेत्र में पहुंचे हैं। वीडियो में अनेकों लोग अपने कंधे पर कपड़े का थैला टांगे हुए और अपने सामान को संभालते हुए दिखे तो अनेकों महिलाएं बच्चों को गोद में लिए हुए नजर आईं। हकीमपुर बॉर्डर पर जुटी भीड़ में बच्चों की संख्या भी अधिक थी।
कई बांग्लादेशियों ने न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए बताया कि वे बंगाल में आकर मजदूरी करते थे। उनके पास यहां रहने का कोई वैध दस्तावेज नहीं है। सरकार ने कहा है कि हम बांग्लादेशियों को नहीं रखेंगे। इसलिए हम वापस जा रहे हैं। वहीं, पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर सभी लोगों की पहचान की जांच शुरू कर दी है। इसके तहत दस्तावेजों का सत्यापन करने के साथ-साथ बायोमेट्रिक जांच भी की जा रही है, ताकि उनकी नागरिकता और पहचान की पुष्टि की जा सके।
जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से विभिन्न राज्यों में रह रहे ऐसे लोगों का समूह लगातार हकीमपुर सीमा पर पहुंच रहा है। बुधवार को एकत्रित लोगों की संख्या पहले के दिनों की तुलना में अधिक देखी गई। प्रशासन का कहना है कि सभी व्यक्तियों की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है और सत्यापन पूरा होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
गौरतलब हो कि पश्चिम बंगाल सरकार अवैध प्रवासियों को ‘पहचानने, हटाने और वापस भेजने’ की नीति पर काम कर रही है। इसके तहत सरकार ने बीते दिनों जिला स्तर पर होल्डिंग सेंटर बनाने का भी फैसला लिया था। वहीं, मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को चेतावनी दी थी कि वे या तो स्वेच्छा से भाग जाएं या फिर उन्हें वापस भेज दिया जाएगा। 

पीएम मोदी का ‘सुभाषितम’ संदेश: प्रयास और अडिग संकल्प बड़े लक्ष्य को हासिल करने की कुंजी

27-May-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रेरणादायी ‘सुभाषितम’ संदेश शेयर किया। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने संदेश दिया कि अटूट धैर्य, निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प के बल पर बड़े से बड़े लक्ष्यों को भी सिद्ध किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “निरंतर प्रयास, धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। आज देशवासी इसी भावना से भारतवर्ष को नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहे हैं।”
‘सुभाषितम’ संदेश के साथ प्रधानमंत्री ने संस्कृत का एक श्लोक भी साझा किया, जिसका अर्थ है कि जो व्यक्ति लक्ष्य को पाने के लिए निरंतर और क्रमबद्ध प्रयास करता है, वह उस लक्ष्य को निश्चित रूप से प्राप्त कर लेता है। श्लोक इस प्रकार है :
इस श्लोक का अर्थ है, “जो व्यक्ति जिस लक्ष्य की इच्छा करता है और उसे पाने के लिए निरंतर क्रमबद्ध प्रयास करता है, वह उस लक्ष्य को निश्चित रूप से प्राप्त कर लेता है, बशर्ते वह बीच में हार मानकर अपने मार्ग से पीछे न हटे।”
इससे पहले, मंगलवार को ‘सुभाषितम’ संदेश में पीएम मोदी ने कहा था कि सच्चा ज्ञान देश, समाज और समस्त मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। एक्स पोस्ट में उन्होंने लिखा, “सच्चा ज्ञान देश, समाज और समस्त मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। इसलिए यह जरूरी है कि हमारा ज्ञान और हमारे कर्म पूरी मानवता के लिए प्रेरणा बनें।
इस श्लोक का अर्थ है, “आत्मा स्वभाव से सदा शुद्ध, नित्य, सुखस्वरूप और स्वयं प्रकाशमान है। किन्तु अज्ञान के कारण वह मलिन प्रतीत होती है और ज्ञान से वही पुनः अपने शुद्ध स्वरूप में प्रकट हो जाती है।”






 

वी.डी. सतीशन ने पीएम मोदी और निर्मला सीतारमण से की मुलाकात, केरलम के विकास और वित्तीय मुद्दों पर हुई चर्चा

27-May-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। इस दौरान मुख्य रूप से राज्य की वित्तीय स्थिति, लंबित परियोजनाओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार के साथ सहयोग को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के दौरान वी.डी. सतीशन ने केरलम की प्राथमिकताओं, विकास परियोजनाओं और दीर्घकालिक पुनर्निर्माण योजनाओं पर केंद्र से सहयोग का मुद्दा उठाया। उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की भूमिका पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने बाद में बताया कि केंद्र सरकार को ‘नए केरलम’ के विजन से अवगत कराया गया है और राज्य की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देने के लिए सहयोग की आवश्यकता पर चर्चा हुई।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई बैठक में केरलम की वित्तीय स्थिति, राजस्व प्रबंधन और विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन उपलब्धता जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य को अपनी योजनाओं के लिए अधिक वित्तीय लचीलापन और केंद्र से समर्थन की आवश्यकता है। उन्होंने राज्यों द्वारा लिए जाने वाले ऋण को लेकर भी चर्चा की और वित्तीय ढांचे में अधिक लचीलापन देने का अनुरोध किया।
वी.डी. सतीशन ने केंद्र सरकार से केरलम की विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को आगामी बजट में शामिल करने के बाद केंद्र के समक्ष विस्तृत प्रस्ताव रखेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से ही केरलम के विकास लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार को राज्य की वित्तीय जरूरतों और विकास प्राथमिकताओं से अवगत कराने को इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य बताया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह की बैठकों के माध्यम से केंद्र के साथ निरंतर संवाद जारी रहेगा, ताकि राज्य की विकास योजनाओं को समय पर गति मिल सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सभी विभागों को केंद्र से मिलने वाली बकाया राशि और अब तक प्राप्त धन के उपयोग की समीक्षा करने के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने संकेत दिया कि आगामी बैठकों में विशेष परियोजनाओं और वित्तीय प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

नितिन नबीन का तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरा, संगठन पर रहेगा फोकस

27-May-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नबीन 28 मई से उत्तराखंड के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे संगठन से जुड़ी कई अहम बैठकों में हिस्सा लेंगे और वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात करेंगे। यह दौरा 28 मई से 30 मई तक चलेगा, जिसमें संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी रणनीति पर विशेष फोकस रहेगा।
नितिन नबीन 28 मई को शाम लगभग 4:35 बजे देहरादून स्थित जॉली ग्रांट हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। यहां से वे सीधे राज्य भाजपा कार्यालय जाएंगे, जहां शाम 6:15 बजे कोर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसके बाद वे पार्टी के मंत्रियों के साथ अलग से संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
दौरे के दूसरे दिन की शुरुआत उनकी मुख्यमंत्री से शिष्टाचार मुलाकात के साथ होगी। इसके बाद वे पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बी.सी. खंडूरी के आवास पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और उनके परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त करेंगे। यह कार्यक्रम सुबह के सत्र में निर्धारित है।
इसके बाद वे राजपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित संगठनात्मक बैठकों में हिस्सा लेंगे। इस दौरान सांसदों और विधायकों के साथ विस्तृत चर्चा की जाएगी। साथ ही राज्य पदाधिकारियों, मोर्चा अध्यक्षों, महासचिवों, जिला प्रभारियों और जिला अध्यक्षों के साथ संगठन की मौजूदा स्थिति और आगामी योजनाओं पर विचार-विमर्श होगा।
दिन के दौरान नितिन नबीन स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों जैसे महापौर, नगर पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुखों से भी संवाद करेंगे। इसके अलावा वे पार्टी के मीडिया, सोशल मीडिया, आईटी सेल और प्रवक्ताओं के साथ बैठक कर संचार रणनीति की समीक्षा करेंगे।
दौरे के अंतिम दिन नितिन नबीन टपकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वे एक बूथ स्तर के कार्यकर्ता के घर नाश्ते के लिए जाएंगे और स्थानीय कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। वे बूथ समिति की बैठक में भी हिस्सा लेंगे और संगठन की जमीनी मजबूती पर चर्चा करेंगे।
इसके बाद वे शिवालिक कॉलेज, सिंहनीवाला में आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन को संबोधित करेंगे। दिन के अंत में वे मुख्यमंत्री आवास ‘मुख्य सेवक सदन’ में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में भाग लेंगे। 30 मई को शाम लगभग 4:35 बजे वे जॉली ग्रांट हवाई अड्डे से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। 





 

निर्वाचन आयोग QR code-आधारित फोटो पहचान पत्र मॉड्यूल करेगा शुरू, मतगणना केंद्रों में अनाधिकृत प्रवेश पर लगेगी रोक

30-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India, ECI) ने मतगणना केंद्रों में अनाधिकृत प्रवेश को पूरी तरह रोकने के लिए एक नई और आधुनिक क्यूआर कोड-आधारित फोटो पहचान पत्र मॉड्यूल शुरू करने की घोषणा की है। यह प्रणाली ईसीआईएनईटी प्लेटफॉर्म पर कार्य करेगी और मतगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित तथा दक्ष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आयोग द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह नई व्यवस्था 4 मई 2026 को होने वाली मतगणना से लागू होगी। इसमें असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी की विधानसभा चुनावों के साथ ही 5 राज्यों के 7 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव शामिल हैं। बाद में इसे लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के सभी भविष्य के आम चुनावों और उपचुनावों में विस्तारित किया जाएगा।
यह पहल पिछले एक वर्ष में चुनाव आयोग द्वारा की गई 30 से अधिक सुधारात्मक पहलों की कड़ी में शामिल है। इससे पहले ब्लॉक स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) के लिए भी मानकीकृत क्यूआर कोड-आधारित फोटो पहचान पत्र शुरू किए जा चुके हैं। नई प्रणाली मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाएगी।
मतगणना केंद्रों पर पहचान सत्यापन के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा तंत्र बनाया गया है। इनमें पहले और दूसरे स्तर पर रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) द्वारा जारी पारंपरिक फोटो पहचान पत्रों की मैन्युअल जांच की जाएगी। तीसरा और सबसे भीतरी सुरक्षा घेरा (मतगणना कक्ष के निकट) में प्रवेश केवल क्यूआर कोड स्कैनिंग के माध्यम से सफल सत्यापन के बाद ही मिलेगा। इससे किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के अंदर जाने की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।
नए क्यूआर कोड-आधारित फोटो पहचान पत्र उन सभी अधिकृत व्यक्तियों पर लागू होंगे जिन्हें मतगणना केंद्रों और मतगणना कक्षों में प्रवेश की अनुमति दी गई है। इनमें मुख्य रूप से रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ), सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, मतगणना कर्मचारी, तकनीकी स्टाफ, उम्मीदवार, चुनाव एजेंट, मतगणना एजेंट और अन्य अधिकृत अधिकारी शामिल हैं।
अधिकृत मीडिया कर्मियों की सुविधा के लिए हर मतगणना केंद्र पर मतगणना कक्षों के पास एक अलग मीडिया केंद्र स्थापित किया जाएगा। मीडिया कर्मियों का प्रवेश पहले की भांति आयोग द्वारा जारी प्राधिकार पत्रों के आधार पर ही रहेगा। जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों को इस प्रणाली के सुचारू कार्यान्वयन के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें जांच चौकियों पर प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती भी शामिल है ताकि पहुंच नियंत्रण निर्बाध और सुरक्षित रहे।
सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता, सुरक्षा और दक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। 

 

नया भारत आतंकवाद और उसका समर्थन करने वालों में कोई भेद नहीं करता : राजनाथ सिंह

30-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश)रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि भारत के सैन्य-औद्योगिक परिसर ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि वह न केवल शांति काल की जरूरतों को पूरा करने के लिए, बल्कि युद्धकाल में तीव्र आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स की मांगों को पूरा करने के लिए भी तत्पर है। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने छल या परमाणु हमले की धमकी के आगे घुटने नहीं टेके और निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त किया। उन्होंने कहा, “यह ‘नई विश्व व्यवस्था’ है; इस नए वैश्विक युग का ‘नया भारत’ है। यह वह भारत है जो आतंकवाद और उसका समर्थन करने वालों में कोई भेद नहीं करता। यह हमारे प्रधानमंत्री की स्पष्ट नीति है, जिसने बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच भारत को बदल दिया है।”
रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर को प्रतिरोध का प्रतीक बताते हुए कहा कि हालांकि यह ऑपरेशन मात्र 72 घंटों में पूरा हो गया, लेकिन इससे पहले की तैयारियां व्यापक और लंबी थीं। उन्होंने बताया कि भारत की आपातकालीन क्षमता, संसाधनों को तेजी से जुटाने की क्षमता, रणनीतिक भंडार और स्वदेशी रूप से विकसित हथियारों की सिद्ध विश्वसनीयता, ये सभी प्रतिरोध की रणनीति के अभिन्न अंग बन गए हैं।
राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के प्रत्यक्ष परिणाम स्वरूप स्वदेशी हथियारों और रक्षा उत्पादों की विश्वसनीयता के प्रति वैश्विक धारणा और सकारात्मक दृष्टिकोण में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा, “कई देशों ने भारत से हथियार और रक्षा उपकरण खरीदने में गहरी रुचि दिखाई है। आंकड़े खुद ही सब कुछ बयां करते हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 62.66 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि है। हम इन मानकों को पार करने के अपने प्रयासों को और आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।”
जर्मनी की अपनी हालिया यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यूरोप भर की प्रमुख कंपनियां हमारी निजी रक्षा कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के साथ सहयोग करने के लिए उत्सुक हैं, जो भारत की बढ़ती विश्वसनीयता का प्रमाण है। उन्होंने आगे कहा कि विश्व में भारत की मजबूत स्थिति न केवल उसकी सैन्य शक्ति से, बल्कि प्रतिरोध स्थापित करने की क्षमता से भी मजबूत हुई है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि साइबर क्षेत्र, अंतरिक्ष युद्ध और सूचना प्रौद्योगिकी अभिन्न अंग बन गए हैं, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इस प्रतिमान परिवर्तन के केंद्र में है। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल की गई ब्रह्मोस जैसी अत्याधुनिक मिसाइल प्रणालियों से लेकर विभिन्न निगरानी प्लेटफार्मों तक, एआई को हर जगह अत्यंत प्रभावी ढंग से तैनात किया गया है। इसने हमारी सटीकता और आक्रमण क्षमताओं को बढ़ाया है। हालांकि प्रमुख अभियानों की जानकारी अक्सर सार्वजनिक हो जाती है, लेकिन अनगिनत छोटे अभियान और प्रक्रियाएं हैं जो खतरों को उनके वास्तविक रूप लेने से पहले ही बेअसर करने के लिए सक्रिय हो जाती हैं। ऐसे सभी मामलों में एआई का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के अनुप्रयोग की व्यावहारिकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे आतंकवादियों का पता लगाने और निर्णायक जवाब देने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। उन्होंने कहा, “एआई का अर्थ ‘संवर्धित पैदल सेना’ भी है। यह हमारे सैनिकों की क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा रही है। आधुनिक युद्ध की मांगों को ध्यान में रखते हुए, हम अपनी सेना को प्रौद्योगिकी-संचालित और एकीकृत युद्धक मशीन में बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इस उद्देश्य के लिए, सेना ने ‘रुद्र’ ब्रिगेड, ‘भैरव’ बटालियन, ‘शक्तिबान’ तोपखाना रेजिमेंट और ‘दिव्यास्त्र’ बैटरी जैसी चुस्त और आत्मनिर्भर लड़ाकू इकाइयां स्थापित की हैं, जो आधुनिक हाइब्रिड खतरों का तत्काल और सशक्त जवाब देने में सक्षम हैं।”
राजनाथ सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को केवल आशावादी नजरिए से नहीं देखा जा सकता, क्योंकि डीपफेक, साइबर युद्ध और स्वायत्त हथियार प्रणालियां नई और गंभीर चुनौतियां पेश करती हैं।
 

भारत-इटली रक्षा संबंधों को नई दिशा, सैन्य सहयोग योजना पर सहमति

30-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश)भारत और इटली के बीच गुरुवार को नई दिल्ली में रक्षा मंत्रियों की द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। इस बैठक में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ तीनों सेनाओं के प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो के साथ यह वार्ता नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ केंद्र में आयोजित की गई। दोनों देशों ने शांति, स्थिरता और आपसी सम्मान जैसे साझा मूल्यों के आधार पर अपनी रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता जताई।
बैठक के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। खासतौर पर पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत रक्षा उत्पादन में सहयोग बढ़ाने और नई संभावनाओं को विकसित करने पर सहमति बनी।
दोनों देशों के बीच वर्ष 2026-27 के लिए द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना का आदान-प्रदान किया गया। इस योजना के तहत संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण और अन्य गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे दोनों सेनाओं के बीच तालमेल और दक्षता में वृद्धि होगी।
भारत और इटली ने समुद्री सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी समान दृष्टिकोण व्यक्त किया। विशेष रूप से हिंद महासागर क्षेत्र में सूचना साझाकरण को मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि समुद्री निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके।
बैठक से पहले इटली के रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और त्रि-सेवा गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। यह दौरा भारत-इटली संबंधों में बढ़ते विश्वास और सहयोग का प्रतीक माना जा रहा है।
यह बैठक 2023 में रोम में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकियों का अगला कदम है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, भारत और इटली आधुनिक रक्षा तकनीक, संयुक्त उत्पादन और अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। 


+ Load More

kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account