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पीएम मोदी ने सीएम विष्णुदेव साय को दी जन्मदिन की बधाई, विकास कार्यों की सराहना

21-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए राज्य में विकास के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर साय के दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि मुख्यमंत्री साय के प्रयास छत्तीसगढ़ की प्रगति को गति दे रहे हैं और लोगों के जीवन पर परिवर्तनकारी प्रभाव डाल रहे हैं। उन्होंने साय के स्वस्थ और लंबे जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र से राज्य की डबल इंजन सरकार जनकल्याण की नई ऊंचाइयों तक पहुंच रही है। उन्होंने ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य में छत्तीसगढ़ के पूर्ण योगदान का भरोसा दिलाया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और जनकल्याण को मजबूत बताया और उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने भी जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। योगी आदित्यनाथ, हिमंत बिस्वा सरमा और रेखा गुप्ता सहित कई नेताओं ने साय को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके नेतृत्व में राज्य के विकास और सुशासन की सराहना की। 
 

दिल्ली में पलाश महोत्सव 2026 का आगाज, फूलों और हरियाली का उत्सव

21-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) दिल्ली के एलजी वी.के. सक्सेना शनिवार को असिता फ्लडप्लेन में दो दिवसीय पलाश महोत्सव 2026 का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और दिल्ली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एन. सरवण कुमार भी शामिल होंगे।
दिल्ली विकास प्राधिकरण की ओर से आयोजित इस महोत्सव में फूलों की आकर्षक सजावट, मौसमी पौधों की प्रदर्शनी और इंटरैक्टिव ग्रीन इंस्टॉलेशन प्रमुख आकर्षण होंगे। इसके अलावा बागवानी प्रदर्शनी, कारीगरों के स्टॉल, फूड कोर्ट, सांस्कृतिक कार्यक्रम और वर्कशॉप भी आयोजित किए जाएंगे।
पलाश महोत्सव सर्दियों से वसंत ऋतु के बदलाव का प्रतीक माना जाता है। यह मौसम नएपन, रंग और सामुदायिक सहभागिता का संदेश देता है।
इससे पहले 14 फरवरी को उपराज्यपाल ने यमुना किनारे बांसेरा में “डीडीए ग्रीन एक्सपो 2026 और पलाश महोत्सव 2026” का उद्घाटन किया था और नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने की अपील की थी। उन्होंने बांसेरा को प्रदूषित क्षेत्र से हरित क्षेत्र में बदलने का उदाहरण बताया।
महोत्सव के माध्यम से स्वच्छ हवा, हरित क्षेत्र और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिकता के संदेश को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। डीडीए के अनुसार यह आयोजन दिल्ली के क्लाइमेट-रेडी और सस्टेनेबल भविष्य के विजन को आगे बढ़ाने का मंच है। 
 

पीएम मोदी के विजन से मजबूत होगा भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम

21-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21 फरवरी 2026 को शाम करीब 5 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में एचसीएल-फॉक्सकॉन संयुक्त उद्यम परियोजना ‘इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड’ के शिलान्यास समारोह में शामिल होंगे। इस अवसर पर वे सभा को संबोधित भी करेंगे।
एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर फैसिलिटी की स्थापना भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। यह परियोजना देश को हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर विनिर्माण के लिए एक विश्वसनीय वैश्विक केंद्र बनाने के लक्ष्य को मजबूती देगी।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में स्थापित होने वाली यह आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी) सुविधा मॉडिफाइड स्कीम फॉर सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (एटीएमपी) के तहत विकसित की जा रही है। 3,700 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश वाली यह परियोजना घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने, आयात पर निर्भरता घटाने और मजबूत वैश्विक सप्लाई चेन बनाने में सहायक होगी।
यह सुविधा मोबाइल फोन, टैबलेट, लैपटॉप, ऑटोमोटिव और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों को सहयोग प्रदान करेगी। साथ ही, इनोवेशन, स्किल डेवलपमेंट और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को बढ़ावा देकर भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को गति देगी।
परियोजना से इंजीनियरों, टेक्नीशियन और प्रोफेशनल्स के लिए हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इसके साथ ही सहायक उद्योगों के विकास को भी गति मिलेगी और भारत की वैश्विक सेमीकंडक्टर परिदृश्य में स्थिति और मजबूत होगी। 







 

डोनाल्ड ट्रंप के अल्टीमेटम के बीच ईरान-रूस ने शुरू किया संयुक्त अभ्यास

20-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )अमेरिकी हमलों की आशंकाओं के बीच ईरान ने रूस के साथ युद्धाभ्यास शुरू किया है। दोनों देशों की नौसेना ओमान की खाड़ी व उत्तरी हिंद महासागर में उतरीं और ज्वाइंट ड्रिल की।
ईरानी सेना की वेबसाइट पर एक रिपोर्ट के हवाले से न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने जानकारी दी कि ईरान की सेना, इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) और रूस की स्पेशल ऑपरेशन टीमों ने एक्सरसाइज के दौरान एक हाईजैक किए गए जहाज को छुड़ाने के लिए एक ऑपरेशन किया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस ड्रिल में ईरान के अलवंद डिस्ट्रॉयर, मिसाइल लॉन्च करने वाले वॉरशिप, हेलीकॉप्टर, लैंडिंग क्राफ्ट, स्पेशल ऑपरेशन टीम और कॉम्बैट स्पीडबोट शामिल थे। यह एक्सरसाइज इस हफ्ते की शुरुआत में होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में आईआरजीसी की ड्रिल के बाद हुई, जिसमें रणनीतिक जलमार्ग को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था।
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि ईरान के पास अपने परमाणु कार्यक्रम पर डील करने के लिए 10 से 15 दिन हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी कि इस समयसीमा से आगे बहुत बुरी चीजें होंगी। ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से कहा, “मुझे लगता है कि यह काफी समय होगा।”
पिछले हफ्ते, डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड को मिडिल ईस्ट में तैनात करने का आदेश दिया, जिससे इस इलाके में पहले से मौजूद यूएसएस अब्राहम लिंकन और उसके साथ के गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर को और मजबूती मिलेगी।
हाल के दिनों में मिडिल ईस्ट में अमेरिकी वायु और नौसैनिक शक्ति में बढ़ोतरी हुई है। सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी कि अमेरिकी सेना इस हफ्ते तक ईरान पर हमला करने के लिए तैयार है। एक और यूएस न्यूज आउटलेट, एक्सियोस ने मंगलवार को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सलाहकार ने अनुमान लगाया है कि अगर ईरान के साथ परमाणु वार्ता विफल होती है, तो कुछ हफ्तों के अंदर हमले की 90 प्रतिशत संभावनाएं हैं।
एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, हफ्तों तक बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चल सकता है और इसे अमेरिका इजरायल के साथ मिलकर चला सकता है। इस ऑपरेशन में ईरान के न्यूक्लियर और मिसाइल प्रोग्राम को टारगेट किया जा सकता है और तेहरान की लीडरशिप के लिए बड़ा खतरा पैदा किया जा सकता है।
कल गुरुवार रात, द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इस मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया कि डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर शुरू में सीमित सैन्य हमले करने पर विचार कर रहे हैं ताकि वह परमाणु डील से जुड़ी मांगों पर मजबूर हो सके। रिपोर्ट में कहा गया है, “शुरुआती हमले की मंजूरी मिलने की स्थिति में कुछ ही दिनों में हो सकता है। इस दौरान कुछ सैन्य और सरकारी ठिकानों को टारगेट किया जा सकता है।”
 

गृह मंत्री अमित शाह त्रिपुरा दौरे पर, संयुक्त क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का करेंगे उद्घाटन

20-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार को त्रिपुरा के अगरतला में आयोजित संयुक्त क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन (राजभाषा सम्मेलन) की अध्यक्षता करेंगे। यह देश के पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और उत्तरी क्षेत्रों के संयुक्त क्षेत्रीय राजभाषा का सम्मेलन होगा।
गृह मंत्रालय (एमएचए) के राजभाषा विभाग की सचिव अंशुली आर्या ने कहा कि देश के उत्तरी, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों से केंद्र सरकार के कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और बैंकों के तीन हजार से अधिक वरिष्ठ अधिकारी, प्रतिनिधि और विशेषज्ञ इस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि लगभग 20 राज्यों के अधिकारी, प्रतिनिधि और एक्सपर्ट इस कार्यक्रम में शामिल होंगे, जो त्रिपुरा में अपनी तरह का पहला सम्मेलन है।
उन्होंने बताया कि सम्मेलन के दौरान साल 2024-25 के लिए 80 क्षेत्रीय राजभाषा पुरस्कार केंद्र सरकार के कार्यालयों, बैंकों और कंपनियों को राजभाषा नीति को अच्छे से लागू करने के लिए दिए जाएंगे। इसके अलावा, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों को ‘नराकास प्रोत्साहन पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जाएगा।
आर्या ने आगे कहा कि पुरस्कार पाने वालों को आधिकारिक सूचना प्रबंधन प्रणाली के जरिए जमा की गई तिमाही प्रोग्रेस रिपोर्ट के आधार पर चुना जाता है। शुक्रवार को होने वाले उद्घाटन सेशन में राजभाषा विभाग की ओर से तैयार राजभाषा भारती के पूर्वोत्तर विशेषांक को जारी किया जाएगा। इसके अलावा, कुछ किताबें भी रिलीज की जाएंगी। इस सेशन में अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में आसान आसन, प्राणायाम और स्ट्रेस-मैनेजमेंट एक्सरसाइज भी शामिल हैं।
इसमें हिस्सा लेने वाले राज्यों में पूर्वी क्षेत्र से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और झारखंड, जबकि उत्तर-पूर्वी क्षेत्र से असम, त्रिपुरा, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम, वहीं उत्तरी क्षेत्र से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं।
राजभाषा विभाग की सचिव अंशुली आर्या ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मॉडर्न टेक्नोलॉजी भाषा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आम लोगों की भलाई के लिए हमेशा आसान और सरल हिंदी में बात करते हैं। यहां तक ​​कि केंद्रीय गृह मंत्री चिट्ठियां लिखते समय भी राज्यों की आधिकारिक भाषा का इस्तेमाल करते हैं।”
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हमेशा देश की सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने के लिए हिंदी और स्थानीय भाषाओं समेत 22 दूसरी भारतीय भाषाओं के इस्तेमाल पर जोर दिया है। अंशुली आर्या ने कहा, “हिंदी जैसी बड़ी भाषा को स्थानीय या दूसरी भारतीय भाषाओं पर थोपने का कोई सवाल ही नहीं है।”
 

अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम का स्थापना दिवस: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति और पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं

20-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के राज्य स्थापना दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और पीएम मोदी ने शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम के लोगों को उनके राज्य स्थापना दिवस पर हार्दिक बधाई। दोनों राज्य प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उद्यमी लोगों से परिपूर्ण हैं। ये राज्य देश के विकास में अपने शानदार योगदान और प्रतिबद्धता से निरंतर प्रेरित करते रहे हैं। दोनों राज्यों के लोगों की लगातार तरक्की और खुशहाली के लिए मेरी शुभकामनाएं।”
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अरुणाचल प्रदेश के स्थापना दिवस पर बधाई देते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और पारिस्थितिक विविधता से भरपूर यह राज्य निर्मल हिमालयी पर्वत श्रृंखलाओं, अपार जैव विविधता, सुंदर मठों, घने वनों, जीवंत जनजातीय परंपराओं और विशिष्ट त्योहारों से समृद्ध है। अरुणाचल प्रदेश सच में प्रकृति और संस्कृति के बीच तालमेल की भावना को दिखाता है। राज्य सतत विकास, शांति और समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ता रहे।”
मिजोरम के लोगों को बधाई देते हुए उन्होंने लिखा, “प्राकृतिक सुंदरता और विविध भू-दृश्यों से संपन्न मिजोरम पेड़-पौधों और जानवरों से भरा हुआ है और यहां बहुत ज्यादा जंगल हैं। उच्च साक्षरता दर और जीवंत संस्कृति के साथ यह राज्य सामाजिक प्रगति और सामुदायिक सद्भाव का एक मॉडल है। मिजोरम अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत में निहित संतुलित विकास का एक मजबूत उदाहरण पेश करते हुए सतत विकास, स्थायी शांति और समृद्धि के साथ आगे बढ़ता रहे।”
अरुणाचल प्रदेश के लोगों को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, “प्राकृतिक दृश्यों और असाधारण सांस्कृतिक विविधता से भरा हुआ अरुणाचल प्रदेश परंपरा और प्रकृति के बीच तालमेल का एक शानदार उदाहरण है। इसके जोशीले और मेहनती नागरिक देश की तरक्की को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। साथ ही, राज्य की अलग-अलग तरह की आदिवासी संस्कृति हमारे देश को बहुत समृद्ध बनाती है। आने वाले समय में राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छूता रहे।”
पीएम मोदी ने एक अन्य पोस्ट में मिजोरम के लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा, “मिजोरम अपनी शानदार प्राकृतिक सुंदरता और हमेशा रहने वाली सांस्कृतिक परंपराओं के लिए बहुत जाना जाता है। यहां की सशक्त सामुदायिक भावना और सौम्य नागरिक दया व करुणा के मूल्यों को जीवंत करते हैं। परंपरा, संगीत और रोजमर्रा की जिंदगी के दूसरे पहलुओं के जरिए दिखाई देने वाली समृद्ध मिजो विरासत बहुत प्रेरणा देने वाली है। मिजोरम विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़े और आने वाले वर्षों में नई उपलब्धियां हासिल करे।”



 

पीएम मोदी ने मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश के स्थापना दिवस पर दी शुभकामनाएं

20-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर दोनों राज्यों के लोगों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा कर दोनों राज्यों की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और नागरिकों की भूमिका की सराहना की।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने मिजोरम के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि मिजोरम अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के लिए व्यापक रूप से जाना जाता है। यहां की मजबूत सामुदायिक भावना और विनम्र लोग दया और करुणा जैसे मूल्यों का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि मिजो विरासत, जो परंपराओं, संगीत और दैनिक जीवन के विभिन्न पहलुओं में झलकती है, अत्यंत प्रेरणादायक है।
प्रधानमंत्री ने कामना की कि मिजोरम विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़े और आने वाले वर्षों में नई उपलब्धियां हासिल करे।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश के स्थापना दिवस पर राज्यवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भव्य प्राकृतिक दृश्यों और अद्वितीय सांस्कृतिक विविधता से समृद्ध अरुणाचल प्रदेश परंपरा और प्रकृति के सामंजस्य का उत्कृष्ट उदाहरण है। राज्य के ऊर्जावान और परिश्रमी नागरिक राष्ट्र की प्रगति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की विविध जनजातीय संस्कृति देश को और अधिक समृद्ध बनाती है।प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि अरुणाचल प्रदेश आने वाले समय में विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा और देश की प्रगति में निरंतर योगदान देता रहेगा।



 

पीएम मोदी आज एआई इम्पैक्ट समिट का करेंगे उद्घाटन, सीईओ गोलमेज सम्मेलन का भी आयोजन

19-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट- 2026’ का उद्घाटन करेंगे, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर केंद्रित सबसे बड़े वैश्विक सम्मेलनों में से एक की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, प्रधानमंत्री आज सुबह भारत एआई शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में भाग लेंगे, और लगभग 10:25 बजे सभा को संबोधित करेंगे। उद्घाटन सत्र में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ-साथ वैश्विक उद्योग और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों की कई प्रमुख हस्तियों के संबोधन होने की भी उम्मीद है।
वहीं, समारोह से पहले प्रधानमंत्री मोदी भारत मंडपम में विश्व नेताओं का स्वागत करेंगे और गणमान्य व्यक्तियों के साथ एक पारिवारिक तस्वीर ली जाएगी।
औपचारिक उद्घाटन के बाद, प्रधानमंत्री अन्य अंतर्राष्ट्रीय नेताओं के साथ सुबह लगभग 11 बजे इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो का दौरा करेंगे।
इस प्रदर्शनी में विभिन्न देशों के पवेलियन हैं, जो विश्व भर से उन्नत एआई-संचालित नवाचारों और उभरते तकनीकी समाधानों को प्रस्तुत कर रहे हैं। दोपहर के आसपास, प्रधानमंत्री नेताओं के पूर्ण सत्र में भाग लेंगे, जिसमें राष्ट्राध्यक्ष, मंत्री और बहुपक्षीय संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधि एक साथ आएंगे।
इन चर्चाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्राथमिकताओं को रेखांकित करने पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है, जिसमें शासन तंत्र, बुनियादी ढांचे का विस्तार और वैश्विक सहयोग के लिए रूपरेखा शामिल है।
इसके बाद शाम को एक सीईओ गोलमेज सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी भाग लेंगे, जिसमें प्रमुख वैश्विक प्रौद्योगिकी और उद्योग कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ-साथ वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
इस वार्ता में निवेश की संभावनाओं, अनुसंधान साझेदारियों, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं और विभिन्न क्षेत्रों में एआई प्रणालियों की बड़े पैमाने पर तैनाती पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता की परिवर्तनकारी क्षमता का दोहन करने के लिए सहयोगात्मक रणनीतियों को आकार देना है, साथ ही नवाचार, जिम्मेदार शासन और सीमा पार साझेदारी को बढ़ावा देना है।
इसने आर्थिक विकास को गति देने, शासन में सुधार करने और सामाजिक विकास को गति देने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की परिवर्तनकारी क्षमता पर विचार-विमर्श करने के लिए वैश्विक नेताओं, नीति निर्माताओं और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों को एक साथ लाया है।
इस आयोजन का उद्देश्य वैश्विक एआई पहलों को भारत के सभ्यतागत लोकाचार ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ (सभी के लिए कल्याण, सभी के लिए सुख) के साथ संरेखित करना है, साथ ही मानवता के लिए एआई के व्यापक सिद्धांत को बढ़ावा देना है।
इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 इस श्रृंखला का चौथा संस्करण है, इससे पहले 2023 में यूनाइटेड किंगडम, 2024 में दक्षिण कोरिया और 2025 में फ्रांस में आयोजन हो चुके हैं। 











 

एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने नई दिल्ली पहुंचे स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी

18-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी बुधवार को एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे। एयरपोर्ट पर केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
प्रेसिडेंट पेलेग्रिनी इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में शामिल होंगे, जहां दुनिया भर के नेता शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुरक्षा, मीडिया, बिजनेस और सरकारी नीतियों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के असर पर चर्चा करेंगे। उनके शामिल होने से नई टेक्नोलॉजी, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में भारत-स्लोवाकिया सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
मेहमान का स्वागत करते हुए विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक्स पोस्ट में कहा कि राष्ट्रपति पेलेग्रिनी नई दिल्ली पहुंच गए हैं और एयरपोर्ट पर राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने उनका स्वागत किया। मंत्रालय ने इसे दोनों देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक बताया।
इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर दुनिया के प्रमुख मंचों में से एक माना जाता है। सम्मेलन में एथिकल एआई, रेगुलेटरी फ्रेमवर्क और इंडस्ट्री तथा पब्लिक सर्विस में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी की भूमिका पर व्यापक चर्चा होगी। स्लोवाकिया की भागीदारी से वैश्विक संवाद को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पांच दिन के इस समिट में 110 से अधिक देशों और 30 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इसमें करीब 20 देशों के प्रमुख या शीर्ष अधिकारी और लगभग 45 मंत्री हिस्सा ले रहे हैं, जिससे यह एआई गवर्नेंस और वैश्विक सहयोग पर केंद्रित सबसे बड़े मंचों में से एक बन गया है।
सम्मेलन का उद्देश्य आधुनिक तकनीकी दौर के साथ भारतीय सभ्यता के मूल मूल्यों को आगे बढ़ाना है। सरकार ने इस समिट की थीम ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ रखी है।
यह चौथा एआई समिट है। इससे पहले 2023 में यूनाइटेड किंगडम, 2024 में साउथ कोरिया और 2025 में फ्रांस में इसका आयोजन हुआ था। यह मंच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नैतिक, आर्थिक और सामाजिक प्रभावों पर वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने के साथ डिजिटल टेक्नोलॉजी, ट्रेड, कल्चर, टूरिज्म और मैरीटाइम कोऑपरेशन में साझेदारी को मजबूत करता है।



 

पीएम मोदी से मिले सुंदर पिचाई, भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास पर चर्चा

18-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने से पहले गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने पीएम मोदी से बुधवार को मुलाकात की और भारत में एआई के विकास पर चर्चा की। इस बैठक के बारे में पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के साइडलाइन में सुंदर पिचाई से मुलाकात करना बेहद सुखद अनुभव रहा। हमने एआई क्षेत्र में भारत द्वारा किए जा रहे कार्यों और इस क्षेत्र में हमारे प्रतिभाशाली छात्रों और पेशेवरों के साथ गूगल किस प्रकार सहयोग कर सकता है, इस बारे में चर्चा की।”
मौजूदा समय में पिचाई इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने के लिए दिल्ली आए हुए हैं। समिट में उनका मुख्य संबोधन 20 फरवरी को प्रस्तावित है। इससे पहले पिचाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया था,”एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत में वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है।”
दूसरी तरफ, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में 19 फरवरी को पीएम मोदी उद्घाटन भाषण देंगे, जो वैश्विक सहयोग और समावेशी एवं जिम्मेदार एआई के लिए भारत के दृष्टिकोण को दिशा देगा। इस समिट में 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख तथा 60 मंत्री एवं उपमंत्रियों सहित 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इसके अलावा, सीईओ, संस्थापक, शिक्षाविद, शोधकर्ता, सीटीओ और परोपकारी संगठनों सहित 500 से अधिक वैश्विक एआई अग्रणी भी इसमें शामिल होंगे।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 वैश्विक एआई एजेंडा को आकार देने के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में भारत की भूमिका को मजबूत करता है। सात चक्रों और लोगों, ग्रह और प्रगति के तीन सूत्रों पर आधारित यह शिखर सम्मेलन एआई के लिए एक विकासोन्मुखी ढांचा विकसित करता है।
यह शिखर सम्मेलन जन, दुनिया और प्रगति के तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है और सात विषयगत कार्य समूहों द्वारा संचालित है जो आर्थिक विकास और सामाजिक हित के लिए एआई; एआई संसाधनों का लोकतंत्रीकरण; सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समावेशन; सुरक्षित और विश्वसनीय एआई; मानव पूंजी; विज्ञान; और लचीलापन, नवाचार और दक्षता को कवर करते हैं।







 


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