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शिक्षा

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अनुसूचित जाति बालक प्री-मेट्रिक छात्रावास में शिक्षा, अनुशासन और कैरियर मार्गदर्शन से संवरता भविष्य

25-Apr-2026
रायपुर (शोर संदेश)। अनुसूचित जाति बालक प्री-मेट्रिक छात्रावास मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के बदौलत सफलता की नई पहचान बन रहा है। महासमुंद जिले के बागबाहरा में निर्मित छात्रावास भवन के छात्र सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देख रहे हैं और उन्हें साकार करने में जुटे हैं। इस वर्ष यहां के 7 छात्रों का चयन प्रतिष्ठित प्रयास आवासीय विद्यालय के लिए हुआ है। एक ही छात्रावास से इतने छात्रों का चयन होना एक बड़ी उपलब्धि है और यह यहां की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को दर्शाता है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश के सभी आश्रम छात्रावासों में विद्यार्थियों के शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन और कैरियर मार्गदर्शन के क्षेत्र में भी विशेष पहल की जा रही है। विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने आश्रम छात्रावासों के मूलभूत सुविधाओं के साथ ही बच्चों के भविष्य को संवारने उनके नैतिक और व्यवहारिक शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दे रहे है। वहीं प्रोजेक्ट संकल्प के माध्यम से बच्चों के नैतिक, व्यवहारिक और सांस्कृतिक शिक्षा देने का प्रयास निरंतर किया जा रहा है। इस प्रोेजेक्ट की  सफलता भी सामने आयी है इसमे लगातार छात्रों की संख्या में वृद्धि हो रही है, वहीं विषय विशेषज्ञों के जरिए बच्चों को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि छात्रावास अधीक्षक मनोज चौधरी के मार्गदर्शन में यहां पढ़ाई का स्तर लगातार बेहतर हुआ है। यह छात्रावास पढ़ाई के साथ छात्रों के कैरियर निर्माण में भी भूमिका निभा रहा है। यहां के एक छात्र कड़ी मेहनत के बल पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में चयन होकर छात्रावास का नाम रोशन किया है। उसकी सफलता अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है। शैक्षणिक क्षेत्र में भी छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा में यहां के दो छात्रों ने अपने विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। 
पढ़ाई को और बेहतर बनाने के लिए छात्रावास में डिजिटल बोर्ड के माध्यम से स्मार्ट लर्निंग की सुविधा दी जा रही है, जिससे छात्र आधुनिक तरीके से तैयारी कर रहे हैं। छात्रावास का वातावरण भी बेहद सकारात्मक और घर जैसा है। यहां छात्रों के शारीरिक विकास के लिए ओपन जिम की सुविधा उपलब्ध है, ताकि वे पढ़ाई के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रख सकें।
 

व्यापमं ने बदला एग्जाम टाइम, अब सुबह 10 बजे से होंगी आगामी प्रमुख परीक्षाएं

19-Apr-2026
रायपुर (शोर संदेश)। प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) ने प्रतियोगी परीक्षाओं के समय में बदलाव का निर्णय लिया है। 19 अप्रैल को होने वाली परिवहन आरक्षक भर्ती परीक्षा के बाद आगामी सभी परीक्षाएं सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएंगी।
पहले यह समय 11 से 1.15 बजे तक था। दोपहर की पाली को पूरी तरह समाप्त किया जाएगा, जिससे परीक्षार्थियों को भीषण गर्मी से राहत मिल सके। 19 अप्रैल को परिवहन आरक्षक परीक्षा पूर्व निर्धारित समय सुबह 11 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक ही होगी। इसके बाद नई समय-सारिणी लागू की जाएगी।
परीक्षार्थियों के लिए हल्के रंग की आधी बांह की शर्ट और स्लीपर पहनना अनिवार्य किया गया है। महिला अभ्यर्थियों को कान के आभूषण (जैसे झुमके) पहनने की अनुमति नहीं होगी, हालांकि मंगलसूत्र सहित गले के आभूषण मान्य रहेंगे।
गर्मी से बचाव के विशेष इंतजाम
भीषण गर्मी को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सभी केंद्रों में परीक्षार्थियों के लिए ठंडे पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चितत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, कमरों में लगे पंखों की मरम्मत कर उन्हें सुचारू रूप से चलाने को कहा गया है। जहां संभव हो, वहां ग्रीन मैट बिछाने की भी व्यवस्था की जाएगी, ताकि गर्मी का असर कम किया जा सके और परीक्षार्थियों को राहत मिल सके।
दुर्ग में 10,951 परीक्षार्थी, व्यापक तैयारियां
दुर्ग साइंस कॉलेज में आयोजित बैठक में 38 केंद्राध्यक्ष, 8 सहायक समन्वयक और 76 पर्यवेक्षकों ने परीक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। जिले में इस परीक्षा में 10,951 परीक्षार्थी शामिल होंगे। अधिकांश केंद्र शासकीय महाविद्यालयों और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में बनाए गए हैं, ताकि सुरक्षा व्यवस्था बेहतर रह सके। नोडल अधिकारी की नियुक्ति कलेक्टर कार्यालय से की गई है।
आगामी प्रमुख परीक्षाएं
26 अप्रैल: उप निरीक्षक (कृषि विपणन बोर्ड)
07 मई: प्री-पॉलिटेक्निक व एमसीए प्रवेश परीक्षा
14 मई: प्री-इंजीनियरिंग टेस्ट, एमएससी नर्सिंग
21 मई: प्री-फार्मेसी व पोस्ट बेसिक नर्सिंग
11 जून: बीएड व बीएससी नर्सिंग
05 जुलाई: उप अभियंता भर्ती परीक्षा
02 अगस्त: लेखा परीक्षण तकनीशियन
04 अक्टूबर: राज्य पात्रता परीक्षा

10वीं-12वीं की कॉपियों की जांच पूरी, जल्द आ सकता है परिणाम...

08-Apr-2026
रायपुर (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य जिले में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। कबीरधाम जिले में इस बार दो अलग-अलग लॉट में कुल 83 हजार 743 उत्तर पुस्तिकाएं जांच के लिए पहुंचीं, जिनका निर्धारित समय में मूल्यांकन कर लिया गया है।
अब परीक्षार्थियों और अभिभावकों की निगाहें आगामी परीक्षा परिणाम पर टिक गई हैं। इस बार मूल्यांकन कार्य समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ है जिससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि छात्रों को उनका परिणाम बिना अधिक देरी के मिल सकेगा।
कवर्धा नगर स्थित पीएम श्री स्वामी आत्मानंद हिन्दी मीडियम स्कूल(आदर्श कन्या विद्यालय) को इस बार भी मूल्यांकन केंद्र बनाया गया। यहां करीब 300 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विषयवार और शिफ्टवार तरीके से कॉपियों की जांच की। केंद्राध्यक्ष आरपी सिंह ने बताया कि 10वीं कक्षा की 55 हजार 18 और 12वीं कक्षा की 28 हजार 725 उत्तर पुस्तिकाएं जांच के लिए आई थीं। मूल्यांकन कार्य को सुव्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए 10वीं के 18 और 12वीं के 30 विषयों के लिए अलग-अलग मूल्यांकनकर्ता नियुक्त किए गए थे।
हिंदी की परीक्षा शेष- इस बीच 12वीं कक्षा के हिंदी विषय का पेपर लीक होने के कारण उसकी परीक्षा अब 10 अप्रैल को प्रस्तावित है। ऐसे में हिंदी विषय की उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए जिले में पहुंचेगी। अधिकारियों का मानना है कि जैसे ही इस विषय की जांच पूरी होगी, उसके कुछ ही दिनों बाद बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।
रिजल्ट को लेकर बढ़ी उत्सुकता- मूल्यांकन कार्य पूरा होने के साथ ही अब छात्रों में परिणाम को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शेष विषयों का मूल्यांकन पूरा होते ही बोर्ड जल्द ही परीक्षा परिणाम जारी करेगा।
मूल्यांकन में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई- मूल्यांकन कार्य को बेहद संवेदनशील और जिम्मेदारीपूर्ण माना जाता है। इसके बावजूद कुछ शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा लापरवाही बरतने के मामले सामने आए हैं। वर्ष 2024 में गलती के चलते बोर्ड ने सख्ती दिखाते हुए 4 शिक्षक-शिक्षिकाओं को लापरवाही के चलते एक वर्ष के लिए मूल्यांकन कार्य से प्रतिबंधित कर दिया है।

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दुर्ग के प्राथमिक विद्यालय का किया निरीक्षण

08-Apr-2026
रायपुर,  ।  शोर संदेश )   छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि-विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव दुर्ग के शनिचरी बाजार स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल प्राथमिक शाला पहुँचकर विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, आवश्यकताओं एवं सीखने के अनुभवों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मंत्री यादव ने विद्यार्थियों से आत्मीय चर्चा करते हुए उन्हें नियमित रूप से अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित  किया। बच्चों द्वारा बताई गई आवश्यकताओं को शीघ्र पूर्ण करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
मंत्री यादव ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि बच्चों की पढ़ाई को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए गंभीरता एवं समर्पण के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मजबूत शिक्षा ही उनके उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। इस अवसर पर विद्यालय में विकसित किए जा रहे स्मार्ट क्लास के प्रति विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंत्री यादव ने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र से विद्यालय में स्मार्ट क्लास के माध्यम से पढ़ाई प्रारंभ की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा सुविधाओं का लाभ मिलेगा और उनका भविष्य अधिक सशक्त बनेगा।
यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद एवं अन्य सह-पाठयक्रम गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर सभापति श्याम शर्मा, कमलेश फेकर, पार्षद नरेंद्र बंजारे, मनीष कोठारी, गोविंद देवांगन, हर्षिका संभव जैन, दिनेश देवांगन, अमित पटेल, नवीन साहू सहित वार्ड के नागरिक उपस्थित रहे।



 

राज्यपाल डेका से धमतरी के सुदूर वनांचल क्षेत्र के प्रतिभाशाली बच्चों ने की आत्मीय मुलाकात

27-Mar-2026
रायपुर, ।  ( शोर संदेश ) राज्यपाल रमेन डेका से लोकभवन में धमतरी जिले के सुदूर आदिवासी एवं वनांचल  विकासखंड नगरी के विशेष प्रतिभावान स्कूली बच्चों ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान बच्चों की प्रतिभा और उपलब्धियों पर राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस समूह में शामिल 22 बच्चों का चयन नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2026 के लिए हुआ है, जबकि पांच बच्चों ने स्पोकन इंग्लिश में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।  क्षेत्र की विशेष प्रतिभा एआई वीडियो क्रिएटर सातवीं कक्षा की छात्रा कुमारी गरिमा साहू द्वारा तैयार  वीडियो का प्रदर्शन भी किया गया, जिसकी राज्यपाल डेका ने सराहना की और उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
राज्यपाल ने इन बच्चों की सफलता में योगदान देने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया और कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों को आगे बढ़ाने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
राज्यपाल ने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित करना बहुत आवश्यक है। लक्ष्य को सामने रखकर निरंतर मेहनत और लगन से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने सरकारी स्कूलों के बच्चों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायी है।
राज्यपाल ने उपस्थित सभी  बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए 5-5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। उन्होंने बच्चों से कहा कि इस राशि का उपयोग अपनी पढ़ाई और आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में करें। साथ ही, उन्हें गुल्लक भी प्रदान किए गए, ताकि उनमें नियमित बचत की आदत विकसित हो सके।
इस अवसर पर राज्यपाल की उपसचिव निधि साहू सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, ग्राम सरपंच, संबंधित स्कूलों के प्रधान पाठक, शिक्षक उपस्थित थे।
 

600 छात्राओं ने देखी ‘द केरल स्टोरी 2’, जागरूकता और आत्मनिर्भरता पर जोर

26-Mar-2026
रायपुर।  ( शोर संदेश ) महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में सूरजपुर जिले में विभिन्न महाविद्यालयों की लगभग 600 छात्राओं को सामाजिक विषय पर आधारित फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ दिखाई गई। 
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में बेटियों को शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को समाज में घटित होने वाली विभिन्न परिस्थितियों और चुनौतियों की जानकारी मिलना जरूरी है, ताकि वे सही निर्णय लेने में सक्षम बन सकें और अपने जीवन को सुरक्षित एवं सशक्त दिशा दे सकें। उन्होंने कहा कि बेटियों का आत्मविश्वास और जागरूकता ही उनके सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्राओं ने सहभागिता करते हुए सामाजिक मुद्दों पर आधारित इस फिल्म को देखा और महत्वपूर्ण संदेशों से अवगत हुईं।
मंत्री राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और पहलों के जरिए बेटियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की हर बेटी शिक्षा, सुरक्षा और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़े तथा समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने फिल्म के माध्यम से सामाजिक विषयों को समझने और स्वयं को सतर्क एवं आत्मविश्वासी बनाने की बात कही। उन्होंने इस पहल के लिए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार के आयोजन उन्हें जीवन में जागरूक और जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देते हैं।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण, महाविद्यालय के प्राध्यापक, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।

तोषगांव प्री मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास में छात्राओं को सुरक्षित आवास के साथ मिल रहा सकारात्मक वातावरण

21-Mar-2026
रायपुर, ( शोर संदेश ) सरायपाली विकासखण्ड में स्थित ग्राम तोषगांव का प्री मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास दूरदराज के अंचलों से आने वाली बालिकाओं के लिए किसी आशा की किरण से कम नहीं है, यहां उन्हें सुरक्षित आवास व सकारात्मक वातावरण के साथ उनके सपनों को नई दिशा प्रदान की जा रही है। आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद यहां की छात्राएं निरंतर शिक्षा की ओर अग्रसर हैं और अपने भविष्य को संवारने में जुटी हुई हैं।
इस छात्रावास में कमजोर परिवार एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र के मेधावी छात्राओं के लिए विद्या, विनय और अनुशासन को आधार बनाकर एक सशक्त शैक्षिक माहौल तैयार किया गया है। स्वच्छ और हवादार कमरों में रहने की सुविधा, पौष्टिक भोजन और शांत पुस्तकालय का वातावरण छात्राओं को पढ़ाई के प्रति पूरी तरह केंद्रित रखता है, वहीं खेलकूद की गतिविधियाँ उनके शारीरिक विकास को भी सुनिश्चित करती हैं। दिन की शुरुआत सुबह योग, व्यायाम और सामूहिक प्रार्थना से होती है, जिससे छात्राओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके बाद निर्धारित अध्ययन समय के माध्यम से उन्हें नियमित रूप से पढ़ाई की आदत डाली जाती है। यह दिनचर्या उनके शैक्षणिक स्तर को मजबूत करने के साथ समय प्रबंधन और आत्म अनुशासन भी सिखाती है।
छात्रावास में बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने के लिए समाचार पत्र वाचन को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया गया है। छात्राएँ प्रतिदिन हिंदी और अंग्रेजी समाचार पत्रों का अध्ययन करती हैं, जिससे उनका सामान्य ज्ञान और करंट अफेयर्स मजबूत होता है। इसी क्रम में कैरियर काउंसलिंग सत्र भी इस छात्रावास की एक विशेष पहल है, जहाँ विशेषज्ञों और पूर्व छात्राओं द्वारा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और कैरियर विकल्पों के बारे में जानकारी दी जाती है। छात्रावास अधीक्षक और छात्राओं के बीच आत्मीय संबंध है। अधीक्षक द्वारा प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाते हुए अभिभावक की तरह छात्राओं की समस्याओं को समझते और उनका समाधान करते हैं।
शिक्षा के साथ-साथ छात्रावास में सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का भी नियमित आयोजन किया जाता है, जिससे छात्राओं की प्रतिभा निखरती है और उनमें आत्मविश्वास तथा नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। आज प्री मेट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास आवासीय सुविधा के साथ  सशक्त मंच बन चुका है जो ग्रामीण बालिकाओं के सपनों को उड़ान दे रहा है।

सरस्वती साइकिल योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ से सशक्त हो रहीं बेटियां

12-Mar-2026
रायपुर।  ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित विभिन्न योजनाओं के सकारात्मक परिणाम अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगे हैं। शासन की दूरदर्शी नीतियों, जनजागरूकता अभियानों और सतत मॉनिटरिंग के कारण जिले में बालिका शिक्षा का प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है।
पहले ग्रामीण क्षेत्रों में बेटियों की पढ़ाई अक्सर प्राथमिक कक्षाओं तक ही सीमित रह जाती थी, लेकिन अब बेटियां उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन कर रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय की दूरी बालिकाओं की शिक्षा में बड़ी चुनौती रही है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए संचालित सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत हाई स्कूल में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है। इस योजना से छात्राओं की नियमित उपस्थिति बढ़ी है और स्कूल छोड़ने की दर में भी कमी आई है।
शासकीय हाई स्कूल कोठली की छात्रा कुमारी पूनम गुप्ता बताती हैं कि साइकिल मिलने से अब उन्हें पैदल नहीं चलना पड़ता। इससे वे समय पर विद्यालय पहुंच पाती हैं और पढ़ाई के लिए अधिक समय भी दे पाती हैं।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से बढ़ी जागरूकता बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान ने समाज में बेटियों की शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई है। अभिभावक अब बेटियों की पढ़ाई को प्राथमिकता देने लगे हैं।
ग्राम स्तर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों, रैलियों और विशेष शिविरों के माध्यम से बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव और शाला त्यागी जैसी समस्याओं पर भी नियंत्रण पाया जा रहा है। इसके साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बालिकाओं को छात्रवृत्ति, शिष्यवृति, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मध्यान्ह भोजन एवं पोषण कार्यक्रमों से बालिकाओं के स्वास्थ्य में भी सुधार देखा जा रहा है।
विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट क्लास और ऑनलाइन अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इससे बालिकाएं तकनीकी रूप से सक्षम बन रही हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी कर पा रही हैं।
जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर विद्यालयों का निरीक्षण, शिक्षकों की बैठक तथा पालक-शिक्षक बैठक की सक्रियता सुनिश्चित की जा रही है। संबंधित अधिकारियों द्वारा योजनाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है, जिससे उनका लाभ पात्र बालिकाओं तक समयबद्ध तरीके से पहुंच रहा है।
उल्लेखनीय है कि शासन के सतत प्रयासों से आज बेटियां आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और समाज में नई पहचान बना रही हैं।

CBSC: 12वीं के गणित का प्रश्नपत्र असली और सुरक्षित

10-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) सीबीएसई के कक्षा 12 के गणित प्रश्नपत्र को लेकर सोशल मीडिया पर कई शंकाएं साझा की जा रही हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने मंगलवार को इन शंकाओं पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्र पूरी तरह असली और सुरक्षित हैं।
बोर्ड के मुताबिक परीक्षा पत्र की सुरक्षा में किसी प्रकार की कोई कमी या सेंध नहीं लगी है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब प्रश्नपत्र पर दिए गए एक क्यूआर कोड को स्कैन करने पर वह यूट्यूब वीडियो से जुड़ने लगा। इसके कारण प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता पर सवाल उठने लगे।
सीबीएसई ने मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में बताया कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड द्वारा कई सुरक्षा व्यवस्था की जाती हैं। इन सुरक्षा उपायों में क्यूआर कोड भी शामिल हैं। क्यूआर कोड का उपयोग किसी संभावित सुरक्षा उल्लंघन की स्थिति में प्रश्नपत्र की सत्यता की पुष्टि करने के लिए किया जाता है।
गौरतलब है कि 9 मार्च को कक्षा 12 के छात्रों की गणित विषय की परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद कुछ छात्रों और अभिभावकों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि प्रश्नपत्र पर दिए गए एक क्यूआर कोड को स्कैन करने पर वह यूट्यूब वीडियो से जुड़ रहा है। इस घटना के बाद कुछ लोगों ने प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता (असली होने) पर सवाल उठाए। यही वह कारण है जिससे छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच प्रश्न पत्र को लेकर चिंता उत्पन्न हो गई।
हालांकि सभी प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता को लेकर बोर्ड ने स्पष्ट कहा है कि प्रश्नपत्र पूरी तरह से सही व असली है। सीबीएसई ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि परीक्षा में वितरित किए गए सभी प्रश्नपत्र पूरी तरह असली हैं। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं हुआ है। बोर्ड के अनुसार, क्यूआर कोड से जुड़े इस मामले के कारण जो संदेह उत्पन्न हुआ था, उसे अब दूर कर दिया गया है।
बोर्ड का कहना है कि उन्होंने इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया गया है। बोर्ड ने कहा कि इस घटना को गंभीरता से लिया गया है और सीबीएसई ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है।
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ संयम भारद्वाज ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों को किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास नहीं करना चाहिए, क्योंकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित है। कुछ प्रश्नपत्रों के क्यूआर कोड स्कैन करने पर यूट्यूब वीडियो खुलने की बात सामने आई। भविष्य में ऐसी समस्या न हो, इसके लिए बोर्ड कदम उठा रहा है। हालांकि सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि प्रश्नपत्र असली हैं और सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगी।



 

12वीं बोर्ड परीक्षा: विभिन्न केंद्रों में अनुपस्थित रहे कुछ परीक्षार्थी

28-Feb-2026
सारंगढ़ बिलाईगढ़ ( शोर संदेश ) । 12वीं बोर्ड के जीव विज्ञान एवं अर्थशास्त्र विषय के परीक्षा का कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों में जाकर निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छिंद परीक्षा केंद्र में कुल 110 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। निरीक्षण के दौरान 4 परीक्षार्थी अनुपस्थित पाए गए। कलेक्टर ने केंद्र में बैठने की व्यवस्था, प्रश्नपत्र वितरण, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा भी उपस्थित रहीं।
इसी क्रम में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मंधाईभाठा का भी निरीक्षण किया गया। यहां 2 परीक्षार्थी अनुपस्थित पाए गए। कलेक्टर ने केंद्र प्रभारी से उड़नदस्ता दल की उपस्थिति एवं निरीक्षण की जानकारी भी ली और परीक्षा संचालन संबंधी दिशा-निर्देश दिए। 
कलेक्टर ने स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल बालपुर का भी निरीक्षण किया। इस केंद्र में सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे और परीक्षा शांतिपूर्वक संचालन पाया गया। कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने सभी केंद्रों में निष्पक्ष एवं व्यवस्थित परीक्षा संचालन के निर्देश दिए तथा अधिकारियों को नियम अनुसार व्यवस्था बनाने कहा। जिले में 12वीं बोर्ड परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो रहा है।

 




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