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स्वच्छता पखवाड़ा में गूंजा स्वच्छता का संदेश, विद्यालयों में मनाया गया हाथ धुलाई दिवस

08-Sep-2026
रायपुर: स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत सूरजपुर जिले  शासकीय विद्यालयों में हाथ धुलाई दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस दौरान जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को हाथों की नियमित सफाई, व्यक्तिगत स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, स्वच्छ शौचालय और स्वच्छ विद्यालय परिसर के महत्व की जानकारी दी गई। बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ स्वच्छता को अपने दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इसी क्रम में शासकीय माध्यमिक शाला पतरापाली में प्रार्थना सभा के दौरान हाथ धुलाई दिवस का आयोजन किया गया। शिक्षिका ने विद्यार्थियों को साबुन से हाथ धोने की सही विधि का प्रदर्शन कराते हुए हाथ धुलाई के विभिन्न चरणों का अभ्यास कराया। विद्यार्थियों को भोजन से पहले और बाद में, शौचालय के उपयोग के पश्चात तथा गंदगी के संपर्क में आने पर साबुन से अच्छी तरह हाथ धोने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में जलजनित बीमारियों से बचाव, सुरक्षित पेयजल के उपयोग, स्वच्छ शौचालय तथा व्यक्तिगत स्वच्छता के संबंध में भी जानकारी दी गई। शिक्षकों ने समझाया कि साबुन से नियमित रूप से हाथ धोने की आदत संक्रमण और कई बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
हाथ धुलाई दिवस के दौरान विद्यार्थियों को जल संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया गया। बच्चों को बताया गया कि हाथ धोते समय नल को अनावश्यक रूप से खुला नहीं छोड़ना चाहिए और आवश्यकता के अनुसार ही पानी का उपयोग करना चाहिए। विद्यार्थियों को पानी की प्रत्येक बूंद के महत्व को समझाते हुए घर और विद्यालय दोनों स्थानों पर जल संरक्षण की आदत अपनाने का संदेश दिया गया।
शिक्षकों ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन या अभियान तक सीमित रहने वाली गतिविधि नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक दैनिक आदत है। विद्यार्थियों को नियमित हाथ धुलाई, व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वच्छ विद्यालय परिसर और जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने स्वच्छता, नियमित हाथ धुलाई, स्वच्छ वातावरण और जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रधानपाठक, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
 

RTE दाखिले की व्यवस्था में बदलाव : सत्र 2027-28 की प्रक्रिया 6 महीने पहले होगी पूरी

07-Sep-2026
रायपुर। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के मुफ्त दाखिले की प्रक्रिया में इस बार बड़ा बदलाव किया गया है। शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए आवेदन से लेकर दाखिले तक की प्रक्रिया करीब छह महीने पहले पूरी कर ली जाएगी। नए टाइम टेबल के अनुसार ऑनलाइन आवेदन दिसंबर 2026 में लिए जाएंगे। साथ ही 6 माह पहले यानि 10 फरवरी 2027 तक दाखिला पूरा कर लिया जाएगा।
प्रदेश में आरटीइ की 6,562 सीटें खाली
पिछले सत्र में प्रवेश प्रक्रिया अगस्त तक चली थी। यह बदलाव ऐसे समय किया गया है, जब सत्र 2026-27 में तीन लॉटरी के बाद भी प्रदेश में आरटीइ की 6,562 सीटें खाली रह गई हैं। जिला-वार आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में आरटीइ के लिए निर्धारित 23,097 सीटों में से 16,535 पर ही बच्चों का दाखिला हुआ है। इस साल 6,851 स्कूलों के लिए 41,813 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसके बावजूद सभी सीटें नहीं भर सकीं।
रायपुर में सबसे ज्यादा 570 सीटें खाली
राजधानी रायपुर में आरटीइ की 3,201 सीटों में से 2,631 पर दाखिला हुआ है। यहां 570 सीटें अब भी खाली हैं, जो प्रदेश के सभी जिलों में सबसे ज्यादा हैं। जिले में 7,742 आवेदन आए थे। इसके बावजूद 2,539 आवेदनों में सीट आबंटन नहीं हुआ है। बिलासपुर में 2,215 में से 1,704 सीटों पर दाखिला हुआ और 511 सीटें खाली रह गईं। दुर्ग में 1,581 सीटों में 1,167 दाखिले हुए और 414 सीटें खाली हैं।
दूरस्थ जिलों में भी बड़ी संख्या में सीटें खाली
दंतेवाड़ा में 411 सीटों में केवल 36 बच्चों का दाखिला हुआ, जबकि 375 सीटें खाली हैं। बीजापुर में 320 में से 23 दाखिले हुए और 297 सीटें खाली रह गईं। सुकमा में 312 में से 21 बच्चों को प्रवेश मिला और 291 सीटें खाली हैं। सरगुजा में भी 638 सीटों में से 299 सीटें खाली रह गई हैं।
अगले सत्र से एक ही चरण में प्रवेश
सत्र 2026-27 में आवेदन 16 फरवरी से 31 मार्च 2026 तक लिए गए थे। इसके बाद लाटरी अप्रैल में हुई और अलग-अलग चरणों में दाखिले की प्रक्रिया 17 अगस्त तक चली। अब सत्र 2027-28 में आवेदन 1 से 31 दिसंबर 2026 तक लिए जाएंगे। कंप्यूटर लाटरी 11-12 जनवरी 2027 को होगी। इसके बाद केवल एक चरण में प्रवेश दिया जाएगा और 10 फरवरी तक प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे आरटीइ के तहत प्रवेश पाने वाले बच्चों की कक्षाएं भी शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के आसपास समय पर शुरू हो सकेंगी।

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में 96 तो मनेंद्रगढ़ में 41 एमबीबीएस स्टूडेंट ने लिया दाखिला, सामुदायिक भवन में शुरु होंगीं कक्षाएं

07-Sep-2026
अंबिकापुर। अविभाजित सरगुजा संभाग के अंबिकापुर और मनेंद्रगढ़ स्थित मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस प्रवेश प्रक्रिया का पहला चरण पूरा हो गया है। राज्य कोटे के पहले राउंड में अंबिकापुर के राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव मेडिकल कॉलेज में 96 और मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज में 41 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। दोनों कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया अभी जारी है। शासन के निर्देशानुसार 15 सितंबर से एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है। बता दें कि मान्यता मिलने के बाद मनेंद्रगढ़ में इस वर्ष पहली बार दाखिला लिया गया है। मेडिकल कॉलेज का अपना भवन नहीं होने की वजह से फिलहाल सामुदायिक भवन में कक्षाएं शुरु करने की तैयारी है।
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की कुल 125 सीटें हैं। इनमें 104 सीटें राज्य कोटा, 18 ऑल इंडिया और ३ सेंट्रल कोटे की हैं। पहले चरण में राज्य कोटे की 96 सीटों पर विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। कॉलेज प्रबंधन को उम्मीद है कि दूसरे और तीसरे राउंड में शेष सीटें भी भर जाएंगी।
वहीं मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की कुल 50 सीटें हैं। इनमें 42 राज्य कोटा, सात ऑल इंडिया और एक सेंट्रल कोटे की सीट शामिल है। पहले राउंड में राज्य कोटे की 41 सीटों पर प्रवेश हो चुका है। अब कॉलेज प्रबंधन को दूसरे राउंड का इंतजार है।

बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों ने लिया बाल विवाह के खिलाफ संकल्प

03-Sep-2026
रायपुर: छत्तीसगढ़ में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन और बच्चों के अधिकारों एवं संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जांजगीर-चांपा जिले में  शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिवनी एवं हाई स्कूल कुलीपोटा में बाल विवाह रोकथाम एवं बाल संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों तथा इसके सामाजिक प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेन्द्र जायसवाल ने बताया कि बाल विवाह बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत बालिका की न्यूनतम विवाह आयु 18 वर्ष तथा बालक की न्यूनतम विवाह आयु 21 वर्ष निर्धारित है। निर्धारित आयु से पहले विवाह कराना अथवा उसमें सहयोग करना कानूनन दंडनीय अपराध है।
चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि यदि कहीं बाल विवाह की सूचना मिले अथवा किसी नाबालिग बच्चे या बच्ची का विवाह कराया जा रहा हो, तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस अथवा महिला एवं बाल विकास विभाग को दी जानी चाहिए। विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि समय पर सूचना देकर बाल विवाह को रोका जा सकता है और बच्चों के सुरक्षित भविष्य की रक्षा की जा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थियों ने स्वयं 1098 पर कॉल कर कॉल टेस्टिंग के माध्यम से हेल्पलाइन की प्रक्रिया को समझा और आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी ली।
विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई। विद्यार्थियों ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा बाल अधिकारों और संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।























 

CGPSC मेंस का रिजल्ट जारी, 608 अभ्यर्थियों को मिली सफलता

01-Sep-2026
रायपुर। CGPSC ने राज्य सेवा परीक्षा 2025 की मुख्य लिखित परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। मुख्य परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर कुल 608 अभ्यर्थियों का चयन अगले चरण यानी इंटरव्यू के लिए किया गया है। आयोग ने चयनित अभ्यर्थियों की विस्तृत सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी है।राज्य सेवा परीक्षा 2025 के तहत आयोजित मुख्य परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी अब आयोग की ओर से जारी चयन सूची में अपना नाम और अन्य विवरण देखकर परिणाम की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। चयनित अभ्यर्थियों के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया 21 सितंबर 2026 से शुरू होगी।
मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए अब इंटरव्यू का चरण शुरू होगा। आयोग के अनुसार 21 सितंबर 2026 से इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।इंटरव्यू में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक दस्तावेज और प्रमाण-पत्र तैयार रखने होंगे। दस्तावेज सत्यापन से संबंधित जानकारी और इंटरव्यू की विस्तृत प्रक्रिया आयोग द्वारा आधिकारिक माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे इंटरव्यू से पहले आयोग की ओर से जारी सभी निर्देशों को ध्यान से पढ़ लें और मांगे गए दस्तावेजों की तैयारी समय पर पूरी कर लें।
इंटरव्यू से पहले दस्तावेज तैयार रखें
मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन के लिए जरूरी प्रमाण-पत्र पहले से तैयार रखने की सलाह दी गई है। आयोग की ओर से मांगे जाने वाले दस्तावेजों की सूची और अन्य आवश्यक निर्देश आधिकारिक सूचना में दिए जाएंगे। अभ्यर्थियों को अपने शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, पहचान से जुड़े दस्तावेज और आवेदन के दौरान प्रस्तुत की गई जानकारी से संबंधित प्रमाण-पत्रों को व्यवस्थित रखने की सलाह दी गई है। हालांकि, कौन-कौन से दस्तावेज अनिवार्य होंगे, इसकी अंतिम जानकारी आयोग के आधिकारिक निर्देशों के अनुसार ही मान्य होगी।
वेबसाइट पर उपलब्ध है परिणाम
राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के लिखित परीक्षा का परिणाम और साक्षात्कार के लिए चिन्हित अभ्यर्थियों की सूची छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.psc.cg.gov.in पर उपलब्ध कराई गई है। आयोग ने अभ्यर्थियों से वेबसाइट का नियमित अवलोकन करते रहने की अपील की है।
रिजल्ट चेक करने का तरीका
CGPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
राज्य सेवा परीक्षा 2025 के मुख्य परीक्षा परिणाम से संबंधित लिंक पर क्लिक करें।
जारी की गई चयन सूची डाउनलोड करें।
सूची में अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें।
आवेदन क्रमांक और जन्मतिथि समेत अन्य विवरण की जांच करें।
भविष्य की जरूरत के लिए परिणाम और चयन सूची का प्रिंटआउट या डिजिटल कॉपी सुरक्षित रखें।
विज्ञापन क्रमांक 06/2025 के तहत हुई परीक्षा

अनुसूचित जाति बालक प्री-मेट्रिक छात्रावास में शिक्षा, अनुशासन और कैरियर मार्गदर्शन से संवरता भविष्य

25-Apr-2026
रायपुर (शोर संदेश)। अनुसूचित जाति बालक प्री-मेट्रिक छात्रावास मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के बदौलत सफलता की नई पहचान बन रहा है। महासमुंद जिले के बागबाहरा में निर्मित छात्रावास भवन के छात्र सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देख रहे हैं और उन्हें साकार करने में जुटे हैं। इस वर्ष यहां के 7 छात्रों का चयन प्रतिष्ठित प्रयास आवासीय विद्यालय के लिए हुआ है। एक ही छात्रावास से इतने छात्रों का चयन होना एक बड़ी उपलब्धि है और यह यहां की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को दर्शाता है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश के सभी आश्रम छात्रावासों में विद्यार्थियों के शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन और कैरियर मार्गदर्शन के क्षेत्र में भी विशेष पहल की जा रही है। विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने आश्रम छात्रावासों के मूलभूत सुविधाओं के साथ ही बच्चों के भविष्य को संवारने उनके नैतिक और व्यवहारिक शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दे रहे है। वहीं प्रोजेक्ट संकल्प के माध्यम से बच्चों के नैतिक, व्यवहारिक और सांस्कृतिक शिक्षा देने का प्रयास निरंतर किया जा रहा है। इस प्रोेजेक्ट की  सफलता भी सामने आयी है इसमे लगातार छात्रों की संख्या में वृद्धि हो रही है, वहीं विषय विशेषज्ञों के जरिए बच्चों को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि छात्रावास अधीक्षक मनोज चौधरी के मार्गदर्शन में यहां पढ़ाई का स्तर लगातार बेहतर हुआ है। यह छात्रावास पढ़ाई के साथ छात्रों के कैरियर निर्माण में भी भूमिका निभा रहा है। यहां के एक छात्र कड़ी मेहनत के बल पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में चयन होकर छात्रावास का नाम रोशन किया है। उसकी सफलता अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है। शैक्षणिक क्षेत्र में भी छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा में यहां के दो छात्रों ने अपने विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। 
पढ़ाई को और बेहतर बनाने के लिए छात्रावास में डिजिटल बोर्ड के माध्यम से स्मार्ट लर्निंग की सुविधा दी जा रही है, जिससे छात्र आधुनिक तरीके से तैयारी कर रहे हैं। छात्रावास का वातावरण भी बेहद सकारात्मक और घर जैसा है। यहां छात्रों के शारीरिक विकास के लिए ओपन जिम की सुविधा उपलब्ध है, ताकि वे पढ़ाई के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रख सकें।
 

व्यापमं ने बदला एग्जाम टाइम, अब सुबह 10 बजे से होंगी आगामी प्रमुख परीक्षाएं

19-Apr-2026
रायपुर (शोर संदेश)। प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) ने प्रतियोगी परीक्षाओं के समय में बदलाव का निर्णय लिया है। 19 अप्रैल को होने वाली परिवहन आरक्षक भर्ती परीक्षा के बाद आगामी सभी परीक्षाएं सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएंगी।
पहले यह समय 11 से 1.15 बजे तक था। दोपहर की पाली को पूरी तरह समाप्त किया जाएगा, जिससे परीक्षार्थियों को भीषण गर्मी से राहत मिल सके। 19 अप्रैल को परिवहन आरक्षक परीक्षा पूर्व निर्धारित समय सुबह 11 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक ही होगी। इसके बाद नई समय-सारिणी लागू की जाएगी।
परीक्षार्थियों के लिए हल्के रंग की आधी बांह की शर्ट और स्लीपर पहनना अनिवार्य किया गया है। महिला अभ्यर्थियों को कान के आभूषण (जैसे झुमके) पहनने की अनुमति नहीं होगी, हालांकि मंगलसूत्र सहित गले के आभूषण मान्य रहेंगे।
गर्मी से बचाव के विशेष इंतजाम
भीषण गर्मी को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सभी केंद्रों में परीक्षार्थियों के लिए ठंडे पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चितत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, कमरों में लगे पंखों की मरम्मत कर उन्हें सुचारू रूप से चलाने को कहा गया है। जहां संभव हो, वहां ग्रीन मैट बिछाने की भी व्यवस्था की जाएगी, ताकि गर्मी का असर कम किया जा सके और परीक्षार्थियों को राहत मिल सके।
दुर्ग में 10,951 परीक्षार्थी, व्यापक तैयारियां
दुर्ग साइंस कॉलेज में आयोजित बैठक में 38 केंद्राध्यक्ष, 8 सहायक समन्वयक और 76 पर्यवेक्षकों ने परीक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। जिले में इस परीक्षा में 10,951 परीक्षार्थी शामिल होंगे। अधिकांश केंद्र शासकीय महाविद्यालयों और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में बनाए गए हैं, ताकि सुरक्षा व्यवस्था बेहतर रह सके। नोडल अधिकारी की नियुक्ति कलेक्टर कार्यालय से की गई है।
आगामी प्रमुख परीक्षाएं
26 अप्रैल: उप निरीक्षक (कृषि विपणन बोर्ड)
07 मई: प्री-पॉलिटेक्निक व एमसीए प्रवेश परीक्षा
14 मई: प्री-इंजीनियरिंग टेस्ट, एमएससी नर्सिंग
21 मई: प्री-फार्मेसी व पोस्ट बेसिक नर्सिंग
11 जून: बीएड व बीएससी नर्सिंग
05 जुलाई: उप अभियंता भर्ती परीक्षा
02 अगस्त: लेखा परीक्षण तकनीशियन
04 अक्टूबर: राज्य पात्रता परीक्षा

10वीं-12वीं की कॉपियों की जांच पूरी, जल्द आ सकता है परिणाम...

08-Apr-2026
रायपुर (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य जिले में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। कबीरधाम जिले में इस बार दो अलग-अलग लॉट में कुल 83 हजार 743 उत्तर पुस्तिकाएं जांच के लिए पहुंचीं, जिनका निर्धारित समय में मूल्यांकन कर लिया गया है।
अब परीक्षार्थियों और अभिभावकों की निगाहें आगामी परीक्षा परिणाम पर टिक गई हैं। इस बार मूल्यांकन कार्य समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ है जिससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि छात्रों को उनका परिणाम बिना अधिक देरी के मिल सकेगा।
कवर्धा नगर स्थित पीएम श्री स्वामी आत्मानंद हिन्दी मीडियम स्कूल(आदर्श कन्या विद्यालय) को इस बार भी मूल्यांकन केंद्र बनाया गया। यहां करीब 300 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विषयवार और शिफ्टवार तरीके से कॉपियों की जांच की। केंद्राध्यक्ष आरपी सिंह ने बताया कि 10वीं कक्षा की 55 हजार 18 और 12वीं कक्षा की 28 हजार 725 उत्तर पुस्तिकाएं जांच के लिए आई थीं। मूल्यांकन कार्य को सुव्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए 10वीं के 18 और 12वीं के 30 विषयों के लिए अलग-अलग मूल्यांकनकर्ता नियुक्त किए गए थे।
हिंदी की परीक्षा शेष- इस बीच 12वीं कक्षा के हिंदी विषय का पेपर लीक होने के कारण उसकी परीक्षा अब 10 अप्रैल को प्रस्तावित है। ऐसे में हिंदी विषय की उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए जिले में पहुंचेगी। अधिकारियों का मानना है कि जैसे ही इस विषय की जांच पूरी होगी, उसके कुछ ही दिनों बाद बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।
रिजल्ट को लेकर बढ़ी उत्सुकता- मूल्यांकन कार्य पूरा होने के साथ ही अब छात्रों में परिणाम को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शेष विषयों का मूल्यांकन पूरा होते ही बोर्ड जल्द ही परीक्षा परिणाम जारी करेगा।
मूल्यांकन में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई- मूल्यांकन कार्य को बेहद संवेदनशील और जिम्मेदारीपूर्ण माना जाता है। इसके बावजूद कुछ शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा लापरवाही बरतने के मामले सामने आए हैं। वर्ष 2024 में गलती के चलते बोर्ड ने सख्ती दिखाते हुए 4 शिक्षक-शिक्षिकाओं को लापरवाही के चलते एक वर्ष के लिए मूल्यांकन कार्य से प्रतिबंधित कर दिया है।

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दुर्ग के प्राथमिक विद्यालय का किया निरीक्षण

08-Apr-2026
रायपुर,  ।  शोर संदेश )   छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि-विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव दुर्ग के शनिचरी बाजार स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल प्राथमिक शाला पहुँचकर विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, आवश्यकताओं एवं सीखने के अनुभवों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मंत्री यादव ने विद्यार्थियों से आत्मीय चर्चा करते हुए उन्हें नियमित रूप से अध्ययन करने के लिए प्रोत्साहित  किया। बच्चों द्वारा बताई गई आवश्यकताओं को शीघ्र पूर्ण करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
मंत्री यादव ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि बच्चों की पढ़ाई को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए गंभीरता एवं समर्पण के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मजबूत शिक्षा ही उनके उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। इस अवसर पर विद्यालय में विकसित किए जा रहे स्मार्ट क्लास के प्रति विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। मंत्री यादव ने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र से विद्यालय में स्मार्ट क्लास के माध्यम से पढ़ाई प्रारंभ की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा सुविधाओं का लाभ मिलेगा और उनका भविष्य अधिक सशक्त बनेगा।
यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद एवं अन्य सह-पाठयक्रम गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर सभापति श्याम शर्मा, कमलेश फेकर, पार्षद नरेंद्र बंजारे, मनीष कोठारी, गोविंद देवांगन, हर्षिका संभव जैन, दिनेश देवांगन, अमित पटेल, नवीन साहू सहित वार्ड के नागरिक उपस्थित रहे।



 

राज्यपाल डेका से धमतरी के सुदूर वनांचल क्षेत्र के प्रतिभाशाली बच्चों ने की आत्मीय मुलाकात

27-Mar-2026
रायपुर, ।  ( शोर संदेश ) राज्यपाल रमेन डेका से लोकभवन में धमतरी जिले के सुदूर आदिवासी एवं वनांचल  विकासखंड नगरी के विशेष प्रतिभावान स्कूली बच्चों ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान बच्चों की प्रतिभा और उपलब्धियों पर राज्यपाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस समूह में शामिल 22 बच्चों का चयन नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2026 के लिए हुआ है, जबकि पांच बच्चों ने स्पोकन इंग्लिश में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।  क्षेत्र की विशेष प्रतिभा एआई वीडियो क्रिएटर सातवीं कक्षा की छात्रा कुमारी गरिमा साहू द्वारा तैयार  वीडियो का प्रदर्शन भी किया गया, जिसकी राज्यपाल डेका ने सराहना की और उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
राज्यपाल ने इन बच्चों की सफलता में योगदान देने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया और कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों को आगे बढ़ाने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
राज्यपाल ने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित करना बहुत आवश्यक है। लक्ष्य को सामने रखकर निरंतर मेहनत और लगन से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने सरकारी स्कूलों के बच्चों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायी है।
राज्यपाल ने उपस्थित सभी  बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए 5-5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। उन्होंने बच्चों से कहा कि इस राशि का उपयोग अपनी पढ़ाई और आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में करें। साथ ही, उन्हें गुल्लक भी प्रदान किए गए, ताकि उनमें नियमित बचत की आदत विकसित हो सके।
इस अवसर पर राज्यपाल की उपसचिव निधि साहू सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, ग्राम सरपंच, संबंधित स्कूलों के प्रधान पाठक, शिक्षक उपस्थित थे।
 


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