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शिक्षा

सरगुजा के विद्यार्थियों को मिला एडवांस ड्रोन तकनीक सीखने का अवसर

22-Sep-2025
रायपुर,( शोर संदेश )।  छत्तीसगढ़ के सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचल के विद्यार्थियों को ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज लखनपुर के पीएम स्कूल में आज प्रशिक्षण की शुरूआत की। इस प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को एडवांस्ड ड्रोन टेक्नोलॉजी पर 30 घंटे का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान से जोड़ना है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री अग्रवाल ने प्रशिक्षण सत्र के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शिक्षा, संस्कृति और युवाओं के कौशल विकास से जुड़ी नई योजनाओं पर काम कर रहे हैं, जिससे प्रदेश का आने वाला भविष्य और अधिक उज्ज्वल होगा। उन्होंने कहा कि ड्रोन प्रौद्योगिकी का प्रशिक्षण विद्यार्थियों को नई दिशा देकर रोजगार और नवाचार के अवसरों से जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर व प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। 
पर्यटन मंत्री अग्रवाल ने कार्यक्रम में सरस्वती साइकिल योजना अंतर्गत 53 बालिकाओं को निःशुल्क साइकिल प्रदान की। इस मौके पर उन्होंने उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया और विद्यालय में नए वाटर कूलर का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

युक्तियुक्तकरण से केरवाद्वारी स्कूल में बदला माहौल

20-Sep-2025
रायपुर,।  ( शोर संदेश )  कोरबा जिले के करतला विकासखण्ड अंतर्गत वनांचल ग्राम केरवाद्वारी में स्थित हायर सेकेण्डरी विद्यालय में अब पढ़ाई का माहौल पूरी तरह बदल गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू की गई युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया ने यहां के विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दी है। विद्यालय में भौतिकी एवं रसायन जैसे महत्वपूर्ण विषयों के नियमित व्याख्याता न होने से विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अभिभावक भी चाहते थे कि उनके बच्चों को सभी विषयों की नियमित पढ़ाई का अवसर मिले। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत केरवाद्वारी हायर सेकेण्डरी विद्यालय में भौतिकी, रसायन एवं संस्कृत विषय के व्याख्याताओं की पदस्थापना हुई। इससे विद्यालय में न केवल पढ़ाई का माहौल सुधरा है, बल्कि विद्यार्थियों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
कक्षा ग्यारहवीं एवं बारहवीं के विद्यार्थियों ने बताया कि अब उन्हें कठिन लगने वाले प्रश्न भी सरल ढंग से समझ में आने लगे हैं। शिक्षिकाओं द्वारा किताबों के साथ-साथ व्यावहारिक उदाहरणों से पढ़ाने की शैली ने विषयों को रोचक बना दिया है। छात्राओं ने कहा कि शिक्षिकाएँ सहज और सहयोगी वातावरण में पढ़ाती हैं, जिससे सवाल पूछने में झिझक नहीं होती।
विद्यालय के प्राचार्य सतीश कुमार गुप्ता ने बताया कि नियमित व्याख्याताओं की पदस्थापना से विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ा है और आने वाले वर्षों में और अधिक विद्यार्थी विज्ञान संकाय सहित अन्य विषयों में दाखिला लेंगे। ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल ने वनांचल के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर दिया है। 
 

केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने तिफरा में सेवा पखवाड़ा का किया शुभारंभ

19-Sep-2025
 रायपुर।  ( शोर संदेश )   केंद्रीय शहरी विकास राज्यमंत्री तोखन साहू ने बिलासपुर के तिफरा स्थित शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय में सेवा पखवाड़ा का शुभारंभ किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के विजेता दिव्यागजनों को सम्मानित किया। समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांग जनों को सशक्त करने विभिन्न सहायक उपकरण भी वितरित किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय विधायक धरम लाल कौशिक ने की। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने दिव्यांग बच्चों का उत्साह बढ़ाया। इस दौरान कुल 62 दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किया गया। विभिन्न प्रतियोगिता में विजेता 17 प्रतिभागियों और शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट 17 छात्र-छात्राओं को प्रमाणपत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया। रजत महोत्सव कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों के लिए रंगोली, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें बच्चों ने उत्साह से भाग लिया। मुख्य अतिथि तोखन साहू द्वारा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण एवं सम्मान प्रदान किये गये। इस दौरान 05 ब्रेल किट, 05 श्रवण यंत्र एवं 10 स्मार्ट केन वितरित किए गए। तोखन साहू ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को दिए गए उपकरण उनकी शैक्षणिक प्रगति में सहायक होंगे तथा बिलासपुर जिले में किसी भी दिव्यांगजन को सहायक उपकरण की कमी नहीं होने दी जाएगी।








 

युक्तियुक्तकरण का असर : लैंगी हाई स्कूल को मिले हिन्दी और अंग्रेजी के व्याख्याता

14-Sep-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश ) राज्य शासन द्वारा शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया ने दूरस्थ अंचलों के विद्यालयों की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में कोरबा जिले के अति दूरस्थ ग्राम लैंगी के हाई स्कूल को वर्षों बाद हिन्दी और अंग्रेजी विषय के व्याख्याता प्राप्त हुए हैं। इससे विद्यार्थियों में नया उत्साह है तथा अब उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है।
वर्ष 2011 में स्थापित लैंगी हाई स्कूल केवल एक गाँव ही नहीं बल्कि आसपास के अनेक ग्रामों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का केंद्र रहा है। अमझर, पोड़ी कला, दुल्लापुर, तराई नार, पिपरिया, इमली बरहा, कोड़गार सहित कई गाँवों से बच्चे यहां पढ़ाई करने आते हैं। वर्तमान में विद्यालय में कक्षा 9वीं और 10वीं के कुल 46 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यालय के प्राचार्य श्यामलाल अश्विनी बताते हैं कि स्थापना से अब तक हिन्दी और अंग्रेजी विषय के व्याख्याता उपलब्ध नहीं थे, जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती थी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा की गई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से इस कमी की पूर्ति हो गई है। विद्यालय को हिन्दी विषय के व्याख्याता दिनेश कुमार यादव एवं अंग्रेजी विषय के व्याख्याता विनोद कुमार साहू उपलब्ध कराए गए हैं। दोनों ही शिक्षक नियमित रूप से कक्षाएं लेकर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। विद्यालय के विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों में इस बदलाव को लेकर खुशी है। कक्षा 10वीं की छात्राओं समीना, कल्याणी और सोनी मार्काे का कहना है कि पहले हिन्दी और अंग्रेजी के शिक्षक न होने से पढ़ाई में कठिनाई आती थी, परंतु अब नियमित कक्षाएं हो रही हैं। कक्षा 9वीं के विद्यार्थी दीपक का कहना है कि अब गणित, विज्ञान सहित सभी विषयों के शिक्षक उपलब्ध हैं, जिससे पढ़ाई में गति आई है। शिक्षकों की उपलब्धता से न केवल अध्यापन व्यवस्था सुचारु हुई है, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं में भी आत्मविश्वास और पढ़ाई के प्रति लगाव बढ़ा है। ग्रामीणों का मानना है कि यह पहल उनके बच्चों को बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करेगी।









 

दो नए शिक्षकों की पदस्थापना से करमनडीह स्कूल में पढ़ाई का माहौल बेहतर2

13-Sep-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश ) जिले के बलौदाबाजार विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला करमनडीह में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया से अब दो नए शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। कुंतला देवी साहू (शासकीय प्राथमिक शाला पौसरी) एवं रजनी कन्नौजी (महत्मा गांधी स्कूल, पुरानी बस्ती बलौदाबाजार) को यहां पदस्थ किया गया है। दो नये शिक्षकों की पदस्थापना से अब यहां चार शिक्षक हो गए है। इससे स्कूल की शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त हुई है जिससे बच्चों के साथ पालकों में भी हर्ष है। 
विद्यालय में वर्तमान में 120 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 55 बालक एवं 65 बालिकाएं शामिल हैं। पूर्व में विद्यालय में मात्र दो शिक्षक कार्यरत थे, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। युक्तियुक्तकरण से दो नए शिक्षक जुड़ने से अब पढ़ाई की व्यवस्था बेहतर रूप से हो गई है।छात्राओं ने भी इस बदलाव पर खुशी जताई है। कक्षा पाँचवीं की छात्रा कु. पूर्वांचल लहरें ने बताया कि –
"अब हमारे स्कूल में पर्याप्त शिक्षक हो गए हैं। हमें सभी विषय अच्छे से पढ़ाए जा रहे हैं। जिससे अब पढ़ाई में मन लग रहा है हम नियमित रूप से स्कूल आ रहे है।"
इसी तरह कक्षा पाँचवीं की छात्रा कु. बसंती टंडन ने  खुशी व्यक्त करते हुए कहा –"युक्तियुक्तकरण से हमारे स्कूल में दो नए शिक्षक आए है, जिससे अब हमारे स्कूल में चार शिक्षक हो गए हैं। इससे हमें पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी गतिविधियों में भी मार्गदर्शन मिल रहा है। युक्तियुक्तकरण भविष्य के सपनों को पूरा करने में बहुत मददगार सिद्ध होगा।"













 

पुस्तकों की छपाई से लेकर परिवहन तक अब एक ही टेंडर प्रक्रिया – शिक्षा मंत्री यादव

13-Sep-2025
रायपुर। ( शोर संदेश ) स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय (महानदी भवन) नवा रायपुर अटल नगर में शिक्षा विभाग की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। बैठक में मंत्री यादव ने कहा कि पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा पुस्तको की छपाई से लेकर परिवहन तक एक ही टेंडर के माध्यम से करने के निर्देश दिए ताकि समय कर राशि की बचत हो। बैठक में सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी, एमडी समग्र शिक्षा संजीव कुमार झा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में सर्वप्रथम शिक्षकों की कमी को दूर करने के मुद्दे पर चर्चा हुई। मंत्री यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी शैक्षणिक सत्र से पहले 5000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति को ऑनलाइन एवं परिसर स्तर पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
बैठक में मंत्री ने कहा कि राजपत्रित अधिकारियों की भर्ती लोक सेवा आयोग (पीएससी) के माध्यम से की जाएगी। पाठ्यपुस्तक वितरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री यादव ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाए कि अभी कितने स्थानों पर पुस्तक वितरण शेष है और कितनी अतिरिक्त मांग बची हुई है। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में स्पष्टता होनी चाहिए और हर कार्य उसकी जिम्मेदार संस्था के माध्यम से ही किया जाए। समस्त प्रशिक्षण कार्यक्रम अब एससीईआरटी के माध्यम से अनिवार्य रूप से संचालित होंगे। 
बैठक में भवनविहीन स्कूलों की स्थिति की जानकारी, उन्हें फुल फर्निश्ड स्कूलों के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक व्यय तथा तदर्थ स्कूलों की राशि पर भी विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री यादव ने कहा कि बजट का पूरा उपयोग सुनिश्चित किया जाए और राशि लैप्स न हो, इसके लिए अभी से कार्ययोजना तैयार की जाए।
बड़े शहरों में जहां शासकीय भवन उपलब्ध हैं, वहाँ नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थाओं के सहयोग से कक्षाएं शुरू करने पर भी विचार किया गया। शाला त्यागी बच्चों को पुनः विद्यालयों से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
मंत्री यादव ने कहा कि शाला प्रवेश उत्सव के समय ही छात्र-छात्राओं को वितरण की जाने वाली सामग्रियों की अग्रिम कार्ययोजना बनाकर समय पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। स्कूलों की परीक्षा समाप्त होने के पश्चात शिक्षकों का जिला एवं ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण प्रारंभ कराया जाएगा। प्रशिक्षण उपरांत परीक्षा लेकर शिक्षकों की दक्षता का मूल्यांकन होगा। इसके लिए एक स्पष्ट शैक्षणिक कैलेंडर तैयार किया जाएगा और डीआईईटी/बीआईईटी को सशक्त बनाया जाएगा। मंत्री गजेन्द्र यादव ने बैठक के अंत में कहा कि शिक्षा विभाग की सभी योजनाएँ और कार्यक्रम समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से लागू किए जाएं। मंत्री यादव ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी अधिकारी जिम्मेदारी से कार्य करें।

युक्तियुक्तकरण से मिली राहत: भैंसामुड़ा के विद्यालय को मिला अतिरिक्त शिक्षक

13-Sep-2025
रायपुर। ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा की गई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से कोरबा जिले के करतला ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत भैंसामुड़ा के विद्यालयों में अध्यापन व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। भैंसामुड़ा का प्राथमिक शाला आश्रम विद्यालय अब तक एकल शिक्षकीय था, जहाँ शिक्षक सियाराम कश्यप सभी कक्षाओं को पढ़ाते थे। युक्तियुक्तकरण के तहत यहाँ शिक्षिका सुमित कँवर की पदस्थापना हुई है। उनके आने से विद्यार्थियों को विषयवार पढ़ाई का लाभ मिलने लगा है और शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हुई है। विद्यार्थियों ने बताया कि नई मैडम के आने से पढ़ाई आसान हो गई है।
इसी प्रकार भदरापारा स्थित प्राथमिक शाला, जो वर्ष 2021-22 से एकल शिक्षकीय था, में भी शिक्षिका सुभद्रा पाल की नियुक्ति की गई है। प्रधान पाठिका रंभा मिश्रा ने बताया कि अब विद्यालय में नियमित रूप से कक्षाएँ संचालित हो रही हैं। बच्चों ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि नई शिक्षिका पढ़ाई में सहयोग कर रही हैं। ग्रामीणों ने युक्तियुक्तकरण की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अब उन्हें विश्वास है कि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल होगा।


 

युक्तियुक्तकरण से सपनई के स्कूलों में बढ़ी शिक्षकों की संख्या

12-Sep-2025
रायपुर ( शोर संदेश ) रायगढ़ जिले के अंतिम छोर पर स्थित सपनई गांव में युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। यहां प्राइमरी, मिडिल और हाई स्कूल में पहले मात्र 5 शिक्षक कार्यरत थे। हाल ही में 7 अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना से अब कुल 12 शिक्षक उपलब्ध हो गए हैं। हाई स्कूल में विज्ञान, अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान विषय के नए शिक्षक मिलने से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। छात्र-छात्राओं ने बताया कि विषय-विशेष शिक्षकों से पढ़ाई आसान और रुचिकर हुई है। वहीं सरपंच मदन चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हुई इस पहल से सपनई के साथ-साथ आसपास के 7 गांवों-देवबहाल, झारगुड़ा, अड़बहाल, निरंजनपुर, बलभद्रपुर और सराईपाली के विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।
























 

 


माओवादी प्रभावित सुरपनगुड़ा में शिक्षा की नई सुबह, युक्तिकरण योजना से नियुक्त हुए नियमित शिक्षक

11-Sep-2025
रायपुर ( शोर संदेश ) सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड से करीब 125 किलोमीटर दूर स्थित घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरे सुरपनगुड़ा गाँव में अब शिक्षा की नई रोशनी फैल रही है। माओवादी प्रभावित इस क्षेत्र में पहले बच्चों की पढ़ाई शिक्षादूतों पर निर्भर थी और शिक्षक की कमी से अभिभावक चिंतित रहते थे। लेकिन अब छत्तीसगढ़ शासन की युक्तिकरण योजना के अंतर्गत प्राथमिक शाला सुरपनगुड़ा में नियमित शिक्षक की नियुक्ति होने से शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप युक्तिकरण प्रक्रिया ने विद्यालयों में बच्चों की संख्या के अनुरूप शिक्षकों की पदस्थापना का रास्ता आसान बना दिया है। इसके बाद अब यहाँ बच्चों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। विद्यालय में पढ़ाई की निरंतरता बनी है और अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत हुआ है। पहले जहाँ कक्षाएँ तो संचालित होती थीं, पर नियमित शिक्षक न होने से बच्चों का भविष्य अधूरा दिखाई देता था, वहीं अब नई व्यवस्था से पढ़ाई का माहौल सकारात्मक हुआ है।
विद्यालय में मध्यान्ह भोजन योजना से बच्चों को पोषण के साथ शिक्षा का लाभ भी मिल रहा है। अभिभावक अब बच्चों को स्कूल भेजने के लिए उत्साहित हैं और विद्यार्थी भी पढ़ाई में मन लगाकर अपने सपनों को नया आकार दे रहे हैं।
युक्तिकरण योजना से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, बल्कि इसकी पहुँच भी बढ़ी है। सुरपनगुड़ा जैसे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्र में शिक्षा का दीप जलाना प्रशासन की एक बड़ी उपलब्धि है, जहाँ अब शिक्षक बच्चों को केवल पढ़ा ही नहीं रहे, बल्कि उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दे रहे हैं।












 

युक्तियुक्तकरण से प्राथमिक शाला छुईहा में शिक्षकों की संख्या दोगुनी

11-Sep-2025
रायपुर,।  ( शोर संदेश )  शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए जा रहे युक्तियुक्तकरण के सकारात्मक परिणाम अब दिखने लगे हैं। बलौदाबाजार विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला छुईहा (माल गुजारी) में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के तहत दो शिक्षकों की अतिरिक्त पदस्थापना की गई है। इसके साथ ही विद्यालय में शिक्षकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है, जिससे बच्चों की पढ़ाई व्यवस्थित और सुचारू रूप से हो रही है।
विद्यालय में वर्तमान में 106 छात्र-छात्राएँ अध्ययनरत हैं, जिनमें 54 छात्र और 52 छात्राएँ शामिल हैं। पहले विद्यालय में केवल दो शिक्षक पदस्थ थे, जिससे सभी विषयों का नियमित अध्यापन संभव नहीं हो पा रहा था। अब दो नए शिक्षकों के जुड़ने से विद्यार्थियों को प्रत्येक विषय की पढ़ाई गुणवत्तापूर्ण ढंग से मिल रही है।युक्तियुक्तकरण के अंतर्गत शासकीय नवीन प्राथमिक शाला इंद्रा कॉलोनी बिनौरी से मंजूषा वर्मा तथा शासकीय प्राथमिक शाला रवान से चंद्रकला सोनवानी की पदस्थापना की गई है। शिक्षकों की संख्या दोगुनी होने से बच्चों और अभिभावकों में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल है। कक्षा पाँचवीं की छात्रा दीपिका घृतलहरे ने कहा कि पहले केवल दो शिक्षक थे, जिसके कारण सभी विषयों की पढ़ाई संभव नहीं हो पाती थी, लेकिन अब चार शिक्षक हो जाने से सभी विषय अच्छे से पढ़ाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। युक्तियुक्तकरण की इस पहल से न केवल शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है, बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार भी मिल रहा है। यह कदम आने वाली पीढ़ी के सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव रखेगा। विद्यालय में शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता से न केवल पठन-पाठन व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा।












 



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