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शिक्षा

युक्तियुक्तकरण से सुदूर अंचलों के विद्यार्थियों को मिलने लगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

09-Sep-2025
रायपुर, शोर संदेश )  राज्य शासन की युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया ने सुदूर अंचलों में शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा प्रदान की है। कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक के मांचाडोली हायर सेकेंडरी स्कूल में राजनीति विज्ञान विषय के विशेषज्ञ शिक्षक आर.के. चन्द्रा की पदस्थापना से विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
पूर्व में विद्यालय में विषय-विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध न होने के कारण विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुरूप विषय चुनने में कठिनाई होती थी। राजनीति विज्ञान विषय में रुचि रखने वाले छात्रों को अन्य विषय की पढ़ाई के लिए विवश होना पड़ता था। शासन की युक्तियुक्तकरण नीति से अब विद्यालय में कला, विज्ञान और गणित सहित सभी संकायों की पढ़ाई सुचारू रूप से संचालित हो रही है।
आर.के. चन्द्रा ने राजनीति विज्ञान को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर जीवन और समाज से जोड़ा है। उनकी व्यावहारिक एवं संवादात्मक शिक्षण शैली से छात्रों की रुचि और आत्मविश्वास बढ़ा है। अब छात्र राजनीति विज्ञान को केवल परीक्षा पास करने का साधन न मानकर सामाजिक चेतना और नागरिक उत्तरदायित्व को पूरा करने का माध्यम मानने लगे है।  विद्यालय प्रबंधन, अभिभावकों और छात्रों ने युक्तियुक्तकरण नीति की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया है। इस नीति से योग्य शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, जिससे सुदूर अंचलों के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
 

 


युक्तियुक्तकरण से महासमुंद जिले के 703 शिक्षकों का समायोजन

09-Sep-2025
रायपुर। शोर संदेश मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया से विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर की जा रही है। इस पहल से जहां अतिशेष शिक्षकों का समायोजन हुआ है, वहीं शाला विहीन और एकल शिक्षकीय शालाओं में पढ़ाई की निरंतरता सुनिश्चित हुई है।
महासमुंद जिले में भी निर्देशानुसार युक्तियुक्तकरण के तहत काउंसलिंग प्रक्रिया से कुल 703 शिक्षकों का समायोजन किया गया है। इसमें बसना विकासखंड से 126, सरायपाली से 152, पिथौरा से 139, महासमुंद से 211 और बागबाहरा से 75 शिक्षक शामिल हैं।
इस प्रक्रिया के तहत बसना विकासखंड के हाई स्कूल संतपाली में गणित विषय के शिक्षक की पदस्थापना की गई, वहीं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुर्गापाली को भौतिकी विषय के शिक्षक मिले। शिक्षकों की नियुक्ति से इन विद्यालयों में पढ़ाई सुचारू रूप से प्रारंभ हो गई है। 
विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पूरी होने पर विद्यार्थियों और अभिभावकों में हर्ष का माहौल है। उनका कहना है कि सरकार के इस निर्णय से बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा और वे अब नियमित रूप से विशेषज्ञ शिक्षकों के मार्गदर्शन में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।












 

छात्रावास-आश्रमों की सुचारू संचालन पर पूरा ध्यान दें: मंत्री गुरू खुशवंत साहेब

09-Sep-2025
रायपुर,। शोर संदेश अनुसूचित जाति विकास विभाग के मंत्री गुरू खुशवंत साहेब ने मंत्रालय, महानदी भवन में अनुसूचित जाति वर्ग के हितार्थ संचालित योजनाओं के संबंध में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक ली। पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनकी पहली बैठक हैं। प्रमुख प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा एवं आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने उनका अभिवादन किया।  मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि विभागीय छात्रावास-आश्रमों में अध्ययनरत बच्चों को अध्ययन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा ना हो इसका पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। छात्रावासों में अच्छी साफ-सफाई, पौष्टिक भोजन एवं अच्छी शिक्षण व्यवस्था के साथ-साथ बच्चों के शयनकक्ष भी साफ-सुथरे होने चाहिए। छात्रावासों में शु़द्ध पेयजल एवं स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था हो, इस पर विशेषरूप से ध्यान दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को विशेष रूप से छात्रावास-आश्रमों के निरीक्षण किए जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग की आस्था के प्रतीक गिरौदपुरी एवं भंडारपुरी के समन्वित विकास हेतु शीघ्र एक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने रायपुर अथवा आरंग में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों हेतु पृथक से एक प्रयास आवासीय विद्यालय खोले जाने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा द्वारा अनुसूचित जातियों के हितार्थ चलाई जा रही योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभाग अंतर्गत संचालित कुल 3357 छात्रावास-आश्रमों में से अनुसूचित जाति वर्ग हेतु संचालित छात्रावास-आश्रमों की संख्यां 485 है एवं इसमें कुल स्वीकृत सीट 26000 हैं इनमें नियमानुसार बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य अनुसचित जाति आयोग, अनुसूचित जाति सलाहकार परिषद एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी।
प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि विभाग अंतर्गत संचालित कुल 20 क्रीड़ा परिसरों में से सक्ती एवं मुगेंली में अनुसचित जाति क्रीड़ा परिसर संचालित हैं। इन क्रीड़ा परिसरों में सीट संख्या बढ़ाने एवं इसका अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश मंत्री ने दिए। मंत्री ने मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना के माध्यम से बच्चों को पढ़ने के लिए विदेश भेजने संबंधी कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए।
प्रमुख सचिव बोरा द्वारा ऑनलाइन छात्रवृत्ति एवं भोजन सहाय योजना की राशि जारी के संबंध में आवयक जानकारी दी गई। उन्होंने आर्यभटट विज्ञान एवं वाणिज्य शिक्षा प्रोत्साहन योजना के संबंध में भी आवश्यक जानकारी दी। इसके अलावा ट्रायबल यूथ हॉस्टल, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र एवं सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना की जानकारी दी गई। इनमें अनुसूचित जाति वर्ग की सीटें बढ़ाने के निर्देश मंत्री द्वारा दिए गए। साथ ही प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्यूदय योजना (पीएम अजय) एवं अत्याचार निवारण अधिनियम अधिनियम अंतर्गत राहत सहायता की जानकारी जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।
आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने बैठक में बताया कि जनगणना 2011 के अनुसार प्रदेश में अनुसूचित जातियों का प्रतिशत 12.82 एवं कुल जनसंख्या 32.47 लाख है, जबकि अनुसूचित जातियों की संख्यां 44 है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति में नई उपजाति को जोड़ने अथवा किसी जाति में मात्रात्मक त्रुटि के संबंध में प्राप्त प्रस्ताव का आदिम जाति अनुसधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से गहन अध्ययन पश्चात प्रस्ताव शासन के माध्यम से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार को प्रेषित किया जाता है, जहाँ पर नियमानुसार कार्यवाही उपरांत महामहिम राष्ट्रपति महोदय के अनुमोदन पश्चात इसका प्रकाशन राजपत्र में होता है। बैठक में टीआरटीआई संचालक हिना अनिमेष नेताम, उप सचिव सरोजिनी टोप्पो, अपर संचालक जितेन्द्र गुप्ता, आर.एस.भोई एवं अन्य विभागीय अणिकारी उपस्थित थे।
 

युक्तियुक्तकरण से गरियाबंद के 16 शिक्षकविहीन स्कूलों में पहुंचे शिक्षक

09-Sep-2025
रायपुर। शोर संदेश ) गरियाबंद जिला अपने प्राकृतिक सौंदर्य, घने वनों और जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र के लिए जाना जाता है। लंबे समय से जिले के मैनपुर, देवभोग, छुरा एवं गरियाबंद विकासखंडों के वनांचल गांवों में शिक्षकों की कमी एक बड़ी चुनौती रही है। मौहानाला, भीमाटीकरा, धुमरापदर और भरूवामुड़ा जैसे अनेक गांवों के बच्चे वर्षों तक प्राथमिक शिक्षा से वंचित रहे। अभिभावक अपने बच्चों को शिक्षा दिलाने को लेकर चिंतित रहते थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में शासन द्वारा प्रारंभ की गई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया ने इस स्थिति को बदल दिया है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत जिले में कार्यरत विभिन्न शिक्षक संवर्गों के अतिशेष शिक्षक शिक्षकविहीन एवं एकल शिक्षकीय शालाओं में पदस्थ किए गए है। परिणामस्वरूप जिले के सभी 16 शिक्षकविहीन विद्यालयों और दर्जनों एकल शिक्षकीय विद्यालयों में अब शिक्षकों की पूर्ति हो चुकी है।
प्राथमिक शाला अकलवारा, डोंगरीपाली कांदागढ़ी, मौहानाला, भीमाटीकरा, बोईरगांव, टीमनपुर, धमना, आश्रम शाला भौदी, कुकरार, रावनसिंघी, अमलोर, पीपलाकन्हार, माध्यमिक शाला धुमरापदर, भरूवामुड़ा, कन्या आश्रम नगबेल एवं माध्यमिक शाला ओड़ जैसे स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति होने से अब बच्चों को अपने ही गांव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। ग्रामीणों ने इस पहल को सराहते हुए शासन का आभार व्यक्त किया है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि देवभोग विकासखंड में पूर्व में 6 हाईस्कूल ऐसे थे, जहां केवल एक-एक शिक्षक कार्यरत थे। एक शिक्षक के भरोसे सभी विषयों की पढ़ाई कराना मुश्किल हो रहा था। युक्तियुक्तकरण के माध्यम से अब इन सभी स्कूलों में शिक्षकों की पूर्ति हो गई है। इसी तरह मैनपुर विकासखंड के दूरस्थ गांवों में भी लंबे समय से शिक्षक नहीं पहुंच पा रहे थे, परंतु अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। कुल्हाड़ीघाट, नकबेल, गरीबा, गोबरा और सहेबीनकछार जैसे गांवों में शिक्षकों की पदस्थापना से वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हुआ है। शासन के निर्देशानुसार ओपन काउंसलिंग के माध्यम से जिले में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया संपन्न की गई। मैनपुर, देवभोग, छुरा एवं गरियाबंद विकासखंडों में पहले 16 शिक्षकविहीन एवं 167 एकल शिक्षकीय शालाएं थीं, जहां अब आश्यकता के अनुरूप शिक्षक पदस्थ किए गए है। वनांचल एवं दूरस्थ अंचलों के बच्चों को शिक्षा के अधिकार से जोड़ने में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया मील का पत्थर साबित हुई है। 

युक्तियुक्तकरण से एकल शिक्षकीय खरगा स्कूल को मिला दो शिक्षक

08-Sep-2025
रायपुर  शोर संदेश  शिक्षा युक्तियुक्तकरण किए जाने शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय स्कूलों में सकारात्मक बदलाव आया है। युक्तियुक्तकरण के जरिए अब कोई भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं है, जहां एकल शिक्षकीय विद्यालय था, वहां शिक्षकों की पदस्थापना होने से पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड अंतर्गत एक छोटा सा गाँव खरगा जहां का प्राथमिक स्कूल एकल शिक्षकीय था, यहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किए गए युक्तियुक्तकरण से दो शिक्षकों की नियुक्ति हुई है, जिससे पढ़ाई के स्तर में सुधार हुआ है। स्कूल में विगत कुछ वर्षों से केवल एक शिक्षक था, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, लेकिन राज्य सरकार द्वारा किए गए युक्तियुक्तकरण से अब इस छात्रों की किस्मत बदल गई, जिससे अभिभावकों में खुशी की लहर है और उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताया है। 
कोटा विकासखंड अंतर्गत एक छोटा सा गाँव खरगा का एकल शिक्षकीय प्राथमिक स्कूल में पहले केवल एक शिक्षक संतोष खांडे अपनी सेवाएं दे रहे थे युक्तयुक्तिकरण में शिक्षक मुकेश कुमार यादव की नियुक्ति की गई है। अब दो शिक्षकों की नियुक्ति होने से पढ़ाई के स्तर में सुधार हुआ है साथ ही शिक्षकों द्वारा बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में जोड़ने से विद्यार्थी और अभिभावक खुश हैं। पालक धनकुमारी ने बताया कि उनका बच्चा यहां के स्कूल में कक्षा तीसरी में पढ़ रहा है, दो शिक्षकों की पदस्थापना से उनकी पढ़ाई पहले से बेहतर हुई है। इसी तरह अभिभावक राजेंद्र चतुर्वेदी, श्रवण कुमार और अनिल कुर्रे ने भी दो शिक्षकों की नियुक्ति को बच्चों के हित में बताते हुए कहा कि इससे बच्चों की पढ़ाई के स्तर में सुधार हुआ है, दो शिक्षक आने से बच्चे भी खुश हैं और मन लगाकर पढ़ाई कर रहे हैं, पालकों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताया। बच्चों ने भी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि दो शिक्षक के यहां आने से उनकी विभिन्न विषयों की पढ़ाई अच्छे से हो पा रही है जो पहले एक शिक्षक होने के कारण ठीक से नहीं हो पाती थी। छात्रा अराध्या मनहर ने कहा कि दो शिक्षक आने से उनकी सभी विषयों की पढ़ाई अच्छे ढंग से हो रही है। 




























 

सरस्वती साइकिल योजना से छात्राओं के शिक्षा मार्ग में मिलेगी सहूलियत

08-Sep-2025
रायपुर। शोर संदेश  माननीय विधायक सुनील सोनी जी ने आज माधवराव सप्रे विद्यालय, बूढ़ापारा में सरस्वती सायकल योजना अंतर्गत छात्राओं को सायकल वितरित कर सभी को बधाई दिया। उन्होंने कहा कि सायकल मिलने से आप सब को स्कूल आने-जाने में अब और भी आसानी होगी।
देश में आज हर क्षेत्र में नारी शक्ति अपना अहम योगदान देते हुए राष्ट्र की उन्नति में भागीदार बन रहीं हैं, आप सभी बेटियां देश का आने वाला भविष्य हैं,अच्छी शिक्षा प्राप्त कर आनेवाले समय में आप भी राष्ट्र का गौरव बनें, आप सब को आपके उज्ज्वल भाविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं।
 

जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शामिल हुए कृषि मंत्री नेताम

08-Sep-2025
रायपुर। शोर संदेश  रजत जयंती वर्ष एवं शिक्षक दिवस के अवसर पर बलरामपुर मुख्यालय के बाजारपारा स्थित ऑडिटोरियम भवन में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कृषि मंत्री  रामविचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उपस्थित शिक्षकों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। इस मौके पर मंत्री नेताम ने उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया। 
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सरस्वती मां छत्तीसगढ़ महतारी एवं डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की शुरूआत की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज, जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव ,अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर  राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल, जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर उपस्थित थी।
कृषि मंत्री नेताम ने शिक्षक दिवस पर शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 5 सितम्बर का दिन भारत के पूर्व राष्ट्रपति और प्रख्यात शिक्षक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के रूप में विशेष महत्व रखता है। डॉ. राधाकृष्णन के जीवन और विचारों ने शिक्षा को नई दिशा दी है। उनकी इच्छा के अनुरूप ही उनके जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। मंत्री नेताम ने कहा कि हमारे जीवन में गुरुजनों का स्थान सर्वाेपरि है। जिस प्रकार कुम्हार मिट्टी को तराशकर सुंदर घड़ा बनाता है उसी प्रकार शिक्षक भी अपने विद्यार्थियों को ज्ञान और संस्कारों से गढ़कर जीवन, समाज और देश निर्माण की दिशा में योगदान देते हैं।  
कार्यक्रम में कृषि मंत्री नेताम ने शिक्षक सम्मान समारोह में ज्ञानदीप पुरस्कार 2025-26 के लिए 03 शिक्षक एवं शिक्षादूत पुरस्कार 2025-26 के लिए 18 शिक्षकों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय श्रेणी में सम्मानित किया गया। जिसके अंतर्गत विकासखण्ड वाड्रफनगर अंतर्गत माध्यमिक शाला महुआरीपारा के शिक्षिका शैलजा तिवारी को प्रथम, विकासखण्ड बलरामपुर अंतर्गत माध्यमिक शाला सोनहरा के प्रधानपाठक केदारनाथधर दुबे को द्वितीय, विकासखण्ड राजपुर अंतर्गत माध्यमिक शाला अलखडीहा के प्रधान पाठक अपोलिना लकड़ा को तृतीय श्रेणी में सम्मानित किया गया।
इसी प्रकार शिक्षादूत पुरस्कार 2025-26 के लिए विकासखण्ड रामचन्द्रपुर अंतर्गत प्राथमिक शाला तेवरदहा के सहायक शिक्षिका प्रिया गुप्ता को प्रथम, प्राथमिक शाला लोधा के प्रधान पाठक सुन्दर राम को द्वितीय, प्राथमिक शाला कंचन नगर के सहायक शिक्षिका माला तिवारी को तृतीय, विकासखण्ड वाड्रफनगर अंतर्गत प्राथमिका शाला हरिगवां प्रधान पाठक संजय कुमार पाण्डेय को प्रथम, प्राथमिक शाला बगईनार के प्रधान पाठक श्याम सुन्दर सेन को द्वितीय, प्राथमिक शाला गढ़ईपारा के सहायक शिक्षक श्री जयराम सिंह नेताम को तृतीय, विकासखण्ड बलरामपुर अंतर्गत प्राथमिक शाला खड़ियापारा के सहायक शिक्षक श्री रामप्रसाद राकेश को प्रथम, प्राथमिक शाला बाजारपारा के सहायक शिक्षिका सोनिया गुप्ता को द्वितीय, प्राथमिक शाला जामटांड़ के सहायक शिक्षिका सुचिष्मिता सिंह को तृतीय, विकासखण्ड राजपुर अंतर्गत प्राथमिक शाला सिधमा के सहायक शिक्षिका अश्विनी यादव को प्रथम, प्राथमिक शाला किरीकक्षार के प्रधान पाठक दिलीप किशोर एक्का को द्वितीय, प्राथमिक शाला पटेलपारा के प्रधान पाठक मेरी प्रभा टोप्पो को तृतीय, विकासखण्ड कुसमी अंतर्गत प्राथमिक शाला कटईडीह के प्रधान पाठक महादेव नगेसिया को प्रथम, नवीन प्राथमिक शाला कुम्हारपारा के प्रधान पाठक निशा पाण्डेय को द्वितीय, प्रथमिक शाला तावरपानी के सहायक शिक्षक सुरेन्द्र कुमार माझी को तृतीय तथा विकासखण्ड शंकरगढ़ अंतर्गत पहाड़ी कोरवा आश्रम शाला बेलकोना के सहायक शिक्षिका वंदना सोनी को प्रथम, प्राथमिक शाला रेहड़ा के सहायक शिक्षिका सुनीता बाई को द्वितीय, प्राथमिक शाला जमड़ी सहायक अध्यापिका सीमा कश्यप को तृतीय श्रेणी में सम्मानित किया गया।











 

 


युक्ति युक्तकरण से प्राथमिक शाला के विद्यार्थियों को मिली नियमित शिक्षिका

08-Sep-2025
रायपुर। शोर संदेश  लम्बे समय से एकलशिक्षकीय की बाट जोह रहे पाली ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम परसदा के प्राथमिक शाला लाइन पारा के विद्यार्थियों को नई शिक्षिका मिल गई है। पहले एकमात्र शिक्षक होने से पढ़ाई पूरी नहीं कर पाने वाले विद्यार्थी अब नई मैडम के परमानेंट आ जाने से खुश है। 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दिशा निर्देशन में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अतिशेष शिक्षको के युक्ति युक्तकरण की प्रकिया अपनाई गई। युक्ति युक्तकरण की इस प्रक्रिया से जिले के सैकड़ों विद्यालयों के विद्यार्थियों को लाभ पहुंचा हैं। खासकर शिक्षकविहीन और एकलशिक्षकीय वाले विद्यालयों में अतिशेष शिक्षको के समायोजन से शिक्षा की राह आसान हो गई है। जिले के अनेक दूरस्थ विद्यालय में युक्ति युक्तकरण से शिक्षक पदस्थ किए गए हैं। ऐसे ही पाली ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत परसदा के लाइनपारा में संचालित प्राथमिक शाला में 34 विद्यार्थी है। यहाँ प्रधानपाठक के रूप में नोहर प्रसाद साहू है। उन्होंने बताया कि विद्यालय एकलशिक्षकीय था। युक्ति युक्तकरण से इस विद्यालय को एक नियमित शिक्षिका मिली है। शिक्षिका के आने से विद्यार्थियों के लिए भी बढ़िया हो गया है। युक्ति युक्तकरण से लाइन पारा के विद्यालय में पदस्थ शिक्षिका श्रीमती नेमी जायसवाल का कहना है कि वह मूल रूप से पाली ब्लॉक के अन्य स्कूल में पदस्थ थी। अब नई पदस्थापना के बाद रेगुलर इस विद्यालय में पढ़ाई कराने आ रही है। उन्होंने बताया कि उन्होंने जून में ही नियमित शिक्षिका के रूप में यहाँ जॉइन कर लिया था। वह कक्षा एक से तीन तक नियमित क्लास लेती है। इस विद्यालय में पढ़ाई करने वाली कक्षा चौथी की छात्रा मानसी, पायल और पहली की पुनिशा ने बताया कि मैडम हमें रेगुलर पढ़ाती है।
















 

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : गजेन्द्र यादव

05-Sep-2025
रायपुर।  शोर संदेश )  स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव ने गुरुवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य में संचालित शैक्षणिक योजनाओं, कार्यक्रमों और गतिविधियों की समीक्षा की गई। मंत्री यादव ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी अधिकारियों को गंभीरता और जिम्मेदारी से कार्य करना होगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के सभी शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार, विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों में वृद्धि तथा आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।मंत्री श्री यादव ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना प्रदेश सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसमें ढिलाई, भ्रष्टाचार और गैर-जिम्मेदारी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में सबसे अधिक शिकायतें आने पर मंत्री ने नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में किसी भी प्रकार का लेन-देन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर कठोर कार्यवाही होगी। गड़बड़ी की पुलिस से जांच कराने के निर्देश दिए। 
मंत्री यादव ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। विद्यार्थियों को वितरित की जाने वाली सामग्रियों की गुणवत्ता सर्वाेच्च स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि घटिया या निकृष्ट सामग्री देने वाले आपूर्तिकर्ताओं को काली सूची में डाला जाए। उन्होंने वित्तीय अनुशासन पर बल देते हुए कहा कि बजट का समुचित एवं समय पर उपयोग किया जाए और उपयोगिता प्रमाण पत्र भारत सरकार को समय पर भेजा जाए, ताकि अनुदान की आगामी किश्त समय पर राज्य को प्राप्त हो सके।
बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी एवं समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक संजय झा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजनाओं व गतिविधियों की जानकारी दी। मंत्री यादव ने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नवाचार और तकनीकी उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट कक्षाएँ, डिजिटल अधिगम, विज्ञान प्रयोगशालाएँ और पुस्तकालय जैसी सुविधाओं का अधिकतम उपयोग किया जाए ताकि विद्यार्थी आधुनिक शिक्षा पद्धति से लाभान्वित हो सकें। साथ ही उन्होंने ऑनलाइन पाठ्यक्रम, डिजिटल अध्ययन सामग्री और शैक्षणिक अनुप्रयोगों के उपयोग से शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि करने के निर्देश दिए।
बैठक में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों में शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ व्यावसायिक कौशलों के विकास, उन्हें रोजगार उन्मुख बनाने, समावेशी शिक्षा, बलवाड़ी, खेल एवं शारीरिक शिक्षा, वार्षिक शाला अनुदान, निपुण भारत मिशन, शाला त्यागी बच्चों की पुनर्वापसी, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, राष्ट्रीय आविष्कार अभियान, प्रधानमंत्री विद्यालय, विद्या समीक्षा केंद्र, मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान और रजत जयंती समारोह से जुड़ी गतिविधियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
मंत्री यादव ने छात्रावासों, कन्या छात्रावासों और पोटा केबिनों में सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। हाल ही में पाकेला (छिंदगढ़ विकासखण्ड) के पोटा केबिन में भोजन में ज़हरीला पदार्थ मिलाने की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएँ शासन की छवि को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाती हैं। अतः जिम्मेदारी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

हाईस्कूल-हायर सेकेण्डरी परिणाम सुधार हेतु शिक्षा मंत्री ने दिए ठोस प्रयास के निर्देश

03-Sep-2025
रायपुर।  शोर संदेश )  स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव ने मंगलवार को लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि इस वर्ष हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी परीक्षाओं के परिणामों में सुधार लाने के लिए अभी से ठोस और प्रभावी प्रयास किए जाएं। इसके लिए स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा पठन-पाठन की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाए। मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर शिक्षकों को प्रशिक्षण एवं समुचित सलाह उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी सचिव स्कूल शिक्षा एवं लोक शिक्षण संचालक ऋतुराज रघुवंशी ने विभागीय संरचना, शासकीय स्कूलों और छात्रों की संख्या, शिक्षकों की स्थिति, शैक्षणिक पद, बजट प्रावधान, अधोसंरचना तथा विद्यार्थियों के लिए संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। मंत्री  यादव ने निःशुल्क गणवेश, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, शिक्षा का अधिकार अधिनियम और निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना की जानकारी लेकर इन योजनाओं को सुचारू रूप से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान को भी पूरी गंभीरता से लागू करने पर जोर दिया।
यादव ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधार में सामुदायिक सहयोग बेहद आवश्यक है। इसके लिए स्कूलों में सामाजिक अंकेक्षण आयोजित किए जाएं, ताकि समाज की भागीदारी से शिक्षा व्यवस्था और सुदृढ़ हो सके। उन्होंने राज्य में आयोजित रजत जयंती समारोह के अवसर पर प्रस्तावित गतिविधियों पुस्तक वाचन दिवस, बाल पंचायत, एल्युमिनी मीट, शिक्षक दिवस और प्रदर्शनीक के आयोजन की रूपरेखा पर भी अधिकारियों से चर्चा की।
शिक्षा मंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने जिलों से शिक्षकों की संपूर्ण जानकारी, पदस्थापना तथा रिक्त पदों का विवरण संचालनालय को प्रस्तुत करें। इससे स्कूलों की स्थिति में सुधार हेतु आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में सैनिक स्कूलों और केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। बैठक में लोक शिक्षण संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
 


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