ब्रेकिंग न्यूज

शिक्षा

हाईस्कूल-हायर सेकेण्डरी परिणाम सुधार हेतु शिक्षा मंत्री ने दिए ठोस प्रयास के निर्देश

03-Sep-2025
रायपुर।  ( शोर संदेश )  स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव ने मंगलवार को लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि इस वर्ष हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी परीक्षाओं के परिणामों में सुधार लाने के लिए अभी से ठोस और प्रभावी प्रयास किए जाएं। इसके लिए स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा पठन-पाठन की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाए। मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर शिक्षकों को प्रशिक्षण एवं समुचित सलाह उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी सचिव स्कूल शिक्षा एवं लोक शिक्षण संचालक ऋतुराज रघुवंशी ने विभागीय संरचना, शासकीय स्कूलों और छात्रों की संख्या, शिक्षकों की स्थिति, शैक्षणिक पद, बजट प्रावधान, अधोसंरचना तथा विद्यार्थियों के लिए संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। मंत्री  यादव ने निःशुल्क गणवेश, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, शिक्षा का अधिकार अधिनियम और निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना की जानकारी लेकर इन योजनाओं को सुचारू रूप से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान को भी पूरी गंभीरता से लागू करने पर जोर दिया।
यादव ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधार में सामुदायिक सहयोग बेहद आवश्यक है। इसके लिए स्कूलों में सामाजिक अंकेक्षण आयोजित किए जाएं, ताकि समाज की भागीदारी से शिक्षा व्यवस्था और सुदृढ़ हो सके। उन्होंने राज्य में आयोजित रजत जयंती समारोह के अवसर पर प्रस्तावित गतिविधियों पुस्तक वाचन दिवस, बाल पंचायत, एल्युमिनी मीट, शिक्षक दिवस और प्रदर्शनीक के आयोजन की रूपरेखा पर भी अधिकारियों से चर्चा की।
शिक्षा मंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने जिलों से शिक्षकों की संपूर्ण जानकारी, पदस्थापना तथा रिक्त पदों का विवरण संचालनालय को प्रस्तुत करें। इससे स्कूलों की स्थिति में सुधार हेतु आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में सैनिक स्कूलों और केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। बैठक में लोक शिक्षण संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
 

विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद कर कलेक्टर ने बढ़ाया हौसला

29-Aug-2025
रायपुर।  ( शोर संदेश )  राज्य के सरगुजा जिला के अम्बिकापुर स्थित मल्टी पर्पस परिसर में युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षा के मार्गदर्शन हेतु संचालित ‘सरगुजा 30’ निःशुल्क कोचिंग सेंटर कलेक्टर सरगुजा पहुंचकर बच्चों से आत्मीय संवाद किया । उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं से उनकी पढ़ाई की प्रगति, पुस्तकों की उपलब्धता, छात्रावास की सुविधा तथा अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने विद्यार्थियों का प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए लक्ष्य निर्धारित करना आवश्यक होता है और उसके लिए निरंतर लगन से परिश्रम करना आवश्यक है। कड़ी मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे तभी सफलता मिलेगी। उन्होंने छात्रों को समय का सदुपयोग करने और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी। साथ ही, उन्होंने नकारात्मक विचारों से दूर रहते हुए आत्मविश्वास और लगन से पढ़ाई करने को प्रोत्साहित किया। कलेक्टर ने उपस्थित शिक्षकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों के भविष्य निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उन्हें बेहतर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिलनी चाहिए। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी, प्रतियोगी परीक्षा के मार्गदर्शन हेतु संचालित ‘सरगुजा 30’ निःशुल्क कोचिंग सेंटर शिक्षकगण सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

 


युक्तियुक्तकरण से परसदा स्कूल को मिला नियमित शिक्षक

26-Aug-2025
रायपुर,। ( शोर संदेश )  कोरबा जिले के पाली ब्लॉक के ग्राम परसदा स्थित प्राथमिक शाला, जो वर्ष 1964 से निरंतर संचालित हो रही है, शिक्षा की ज्योति को आज भी प्रज्वलित किए हुए है। बीते छह दशकों से अनेक विद्यार्थियों ने इस विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर अपना भविष्य संवार लिया। समय के साथ विद्यालय का भवन जर्जर हुआ, जिसे संवारकर पुनः उपयोग योग्य बनाया गया। किन्तु वर्षों से शिक्षक पद रिक्त होने के कारण यहाँ अध्ययनरत विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
राज्य शासन द्वारा की गई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से इस समस्या का समाधान संभव हो सका। इसी के अंतर्गत इस सत्र में विद्यालय को नियमित शिक्षक प्राप्त हुआ है। रूपेश कश्यप की यहाँ नियुक्ति हुई है। अब 46 विद्यार्थी नियमित रूप से कक्षाओं का लाभ उठा रहे हैं। शिक्षक कश्यप ने बताया कि वे इस विद्यालय से जुड़े होने पर गर्व महसूस कर रहे हैं, क्योंकि यह विद्यालय उनके अपने गाँव का है। 
विद्यार्थियों ने भी नए शिक्षक के आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त की है। छात्र अभिषेक राजपूत, नीतेश, अनुराग राजपूत तथा छात्राएँ हिना, अनामिका, आदिति और दीपल ने बताया कि अब उनकी कक्षाएँ नियमित रूप से लग रही हैं। गुरुजी पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि वर्षों से विद्यालय में शिक्षक की कमी बनी हुई थी, अब इस कमी की पूर्ति होने पर उन्हें बेहद खुशी है।
इसी प्रकार ग्राम परसदा के लाइनपारा स्थित प्राथमिक विद्यालय, जहाँ 34 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, में भी युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से शिक्षिका नेमी जायसवाल की पदस्थापना हुई है। यह विद्यालय पूर्व में एकल शिक्षकीय था। यहाँ अध्ययनरत छात्राएँ मानसी, पायल और पुनिशा ने बताया कि शिक्षिका के आने से अब नियमित रूप से पढ़ाई हो रही है। विद्यालय के प्रधानपाठक नोहर प्रसाद साहू ने कहा कि युक्तियुक्तकरण से शिक्षिका की नियुक्ति होने से न केवल विद्यार्थियों को लाभ हुआ है बल्कि विद्यालय संचालन में भी सहूलियत हुई है। इस प्रकार, राज्य शासन की युक्तियुक्तकरण पहल से परसदा के इन विद्यालयों में शिक्षा की निरंतरता और गुणवत्ता सुनिश्चित हुई है। 












 

मुख्यमंत्री की पहल से लामपहाड़ के बच्चों तक पहुँची शिक्षा की किरण

24-Aug-2025

रायपुर। ( शोर संदेश ) विकास की मुख्यधारा से वर्षों तक वंचित रहा कोरबा जिले के पहाड़ी कोरवाओं का आश्रित ग्राम लामपहाड़ अब शिक्षा की रोशनी से आलोकित हो रहा है। घने जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच बसा यह क्षेत्र कभी शिक्षकविहीन विद्यालय के कारण बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बना रहा था। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार युक्तियुक्तकरण की पहल से यहाँ नियमित शिक्षकों की पदस्थापना हुई है, जिससे विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन की प्रक्रिया सुचारु रूप से प्रारंभ हो गई है।

लामपहाड़ ग्राम पंचायत बड़गांव का आश्रित ग्राम है, जहाँ विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा की आबादी अधिक है। पहले यहाँ शिक्षा की सुविधा सीमित होने से बच्चों की पढ़ाई बाधित होती थी। विद्यालय में पदस्थ शिक्षिका के पदोन्नति उपरांत अन्यत्र स्थानांतरण के कारण वर्षों तक नियमित शिक्षक उपलब्ध नहीं थे। शासन द्वारा की गई युक्तियुक्तकरण पहल ने इस समस्या का स्थायी समाधान प्रस्तुत किया है। अब प्राथमिक शाला में दो और माध्यमिक शाला में एक शिक्षक की नियुक्ति से यहाँ के बच्चों का भविष्य संवरने लगा है।
प्राथमिक शाला में कुल 33 और माध्यमिक शाला में 19 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें अधिकांश पहाड़ी कोरवा समुदाय से हैं। प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक कलेश्वर राम कटेला तथा माध्यमिक शाला में शिक्षक दीपक यादव सहित अन्य शिक्षक नियमित रूप से कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि अब समय पर पढ़ाई होती है, शिक्षक पूरे समय विद्यालय में उपस्थित रहते हैं और मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत नाश्ता व भोजन की भी सुविधा मिल रही है।
विद्यार्थिनी सुखशिला, फूलमती, संगीता, देवशीला और फुलमनिया ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें निरंतर पढ़ाई करने का अवसर मिल रहा है। उनके अभिभावक भी विद्यालय की निकटता और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति से खुश हैं। लामपहाड़ में शिक्षा की यह नई सुबह न केवल पहाड़ी कोरवा बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर कर रही है, बल्कि इस क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में भी मील का पत्थर सिद्ध हो रही है।
 

माँझीपारा के बच्चों की नैया पार लगाएगी नई शिक्षिका

22-Aug-2025
रायपुर,।  ( शोर संदेश ) विष्णुदेव सरकार की शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की नीति ने आज कोरबा जिले के माझीपारा के मछुआ परिवारों के विद्यार्थियों की पढ़ाई लिखाई को नई दिशा दे दी है । कोरबा शहर से लगभग 80 किलोमीटर दूर पाली विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत डोंगा नाला में बड़ी संख्या में मांझी परिवार निवास करते हैं। नाव चलाने, मछली बेचने सहित मजदूरी कर अपना आजीविका चलाने वाले इन परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने शासन ने इनके बसाहट के पास ही प्राथमिक शाला प्रारंभ किया। अन्तिम छोर वाले इस गाँव के पाठशाला में पिछले कई साल से विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से नियमित शिक्षक नहीं थे। शिक्षको की कमी की वजह से माँझीपारा के बच्चों की पढ़ाई तो जारी थी लेकिन उन्हें ऐसा लगता था कि मानो जिस नाव रूपी प्राथमिक शाला में वे सवार है वह मझधार में फंसी हुई है। उन्हें मंजिल तक पहुंचाने एक और खेवइया रूपी शिक्षक की नितांत आवश्यकता है। राज्य शासन की युक्ति युक्तकरण की पहल ग्राम पंचायत डोंगा नाला  माँझीपारा के पाठशाला के विद्यार्थियों के  लिए बड़ी वरदान बनकर आई। यहाँ एक और शिक्षिका की नियुक्ति हो जाने से मानो स्कूल को एक और खेवइया मिल गया है, जो इन्हें मंजिल तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण मददगार साबित होगा।  

 माँझीपारा में पांचवीं तक पाठशाला खुले हुए 21 साल हो गए, लेकिन यहाँ बच्चों की संख्या के हिसाब से शिक्षकों की कमी कभी न कभी बनी ही रही। शिक्षको की कमी की वजह से इस स्कूल से वास्ता रखने वाले माँझी जाति के लोगो के बच्चों को समस्या का सामना करना पड़ता था। समस्या सिर्फ यहाँ पढ़ाई करने वाले बच्चों तक की ही नहीं थीं, उनके पालकों की भी थी। उन्हें भी अपने बच्चों के भविष्य की चिंता थी।  इस बीच मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अपनाई गई युक्ति युक्तकरण की प्रक्रिया से माँझीपारा के प्राथमिक शाला में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के साथ ही स्कूल की भी भाग खुल गई। स्कूल में जहाँ दो नियमित शिक्षक हो गए, वही यहाँ पदस्थ हुई शिक्षिका नई मैडम के रूप में दिन भर विद्यार्थियों के जुबान में बस गई है। पाठशाला खुलते ही मैडम के आने और कक्षा में पढ़ाने की चर्चा तो विद्यार्थी करते ही है, मन लगाकर पढ़ाई भी करते हैं।   
पाली ब्लॉक के अंतर्गत दूरस्थ ग्राम पंचायत डोंगानाला के अंतर्गत अंतिम छोर पर बड़ी संख्या में मांझी परिवार निवास करते हैं। मांझी परिवार के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए नजदीक ही प्राथमिक शाला का संचालन शासन द्वारा किया जाता है।  प्राथमिक शाला के प्रधानपाठक मणि दास मानिकपुरी ने बताया कि विद्यालय वर्ष 2004 से संचालित है। वर्तमान में 50 विद्यार्थी अध्ययनरत है। उन्होंने बताया कि आसपास के गरीब परिवार के बच्चे इस विद्यालय में पढ़ाई करने आते हैं। यहां नियमित शिक्षक की कमी बनी हुई थी। युक्ति युक्तकरण से हमारे विद्यालय में एक शिक्षिका की नियुक्ति की गई है। नई शिक्षिका के आने से विद्यार्थियों को पढ़ाई में बहुत मदद मिली है। इधर क्लास ले रही नई शिक्षिका राजश्री लहरे से विद्यार्थी भी घुले-मिले नजर आ रहे थे। ब्लैकबोर्ड पर लिखकर अभ्यास में जुटी शिक्षिका को पाकर कक्षा दूसरी की सिमरन, बृज कुमारी ,कक्षा पांचवीं की सती कुमारी, प्रियांशी सहित अन्य विद्यार्थियों में खुशी का वातावरण है। वे बताती है कि नई मैडम अच्छी लगती है। वे हमें हिंदी गणित पढ़ाती है। शिक्षिका राजश्री का भी कहना है कि यहाँ जॉइनिंग के बाद यहाँ के विद्यार्थियों से घुलना मिलना जरूरी है ताकि वे निसंकोच होकर पढ़ाई में ध्यान दे सके और सवालों को पूछ सके।

 

साइकिल पाकर उत्साहित छात्राएँ, समय पर स्कूल पहुँचने का लिया संकल्प

22-Aug-2025
रायपुर, ।  ( शोर संदेश )  माँ भगवती शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परसदा {पलौद } में कक्षा 9वी की 101 बालिकाओं को छत्तीसगढ़ शासन की महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत निःशुल्क साइकल वितरण शाला विकास समिति के अध्यक्ष ओमन लाल चंद्राकर,मंडल उपाध्यक्ष एवं विधायक प्रतिनिधि रिंकू चंद्राकर,सरपंच प्रीत कुमार जांगड़े,राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पलौद मंडल के अंकित पाल,संकुल समन्वयक प्रहलाद शर्मा द्वारा किया गया !
समस्त सदस्यों एवं शिक्षकों द्वारा तिलक लगाकर स्वागत करते हुए विद्याथियों को साइकल सौंपा गया ! बच्चो ने साइकल पाकर उत्साहित नजर आये ! मंडल उपाध्यक्ष रिंकू चंद्राकर द्वारा बच्चो को निर्धारित समय पर स्कूल आने के लिए कहा गया और बच्चो द्वारा समय पर उपस्थिति के लिए शपथ भी लिया गया ! 
इस अवसर पर वरिष्ठ शिक्षक एम एल चंद्राकर,व्याख्यता शांति ध्रुव,के केरकेट्टा,के के शर्मा,पी परगनिहा,धनराज दुबे,NCC प्रभारी भारती चंद्राकर,पीटीआई त्रिवेणी बगरिया,रुख़मीन साहू उपस्थित रहे॥

शिवांश इंटरनेशनल स्कूल के ऋषभ वर्मा ने शूटिंग में जीता गोल्ड मेडल

21-Aug-2025
रायपुर: ।  ( शोर संदेश ) रायपुर राजधानी स्थित शिवांश इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थी ऋषभ वर्मा ने सीबीएसई ईस्ट जोन शूटिंग कंपीटिशन में गोल्ड मेडल जीत कर स्वर्णिम इतिहास रच दिया । इसी के साथ वे सीबीएसई नेशनल शूटिंग कंपीटीशन के लिए क्वालीफाई हो गए। यह शूटिंग कंपीटिशन आर्मी स्कूल कालिमपोंग दार्जिलिंग में हुआ। ऋषभ वर्मा ईस्ट जोन के 11 राज्यों का प्रतिनिधित्व करेंगे।
ऋषभ वर्मा की इस उपलब्धि ने सम्पूर्ण अंचल को गौरान्वित किया है। शिवांश इंटरनेशनल स्कूल की ओर से भुवनेश्वर में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन क्रिकेट कंपीटिशन में विद्यालय के पांच बच्चों ने ब्राउन मेडल ला कर स्कूल का नाम रोशन किया। जिनके नाम क्रमशः ओजस वर्मा, तेजश वर्मा, स्वस्तिक सोनकर, हर्ष साहू, वंश मंडल है। इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्य दीपाली त्रिपाठी ने सभी विजय हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी एवं निरंतर खेलों में प्रगति करे ऐसी कामना की।
 

छत्तीसगढ़ बोर्ड ने घोषित किया हाईस्कूल और हायर सेकण्डरी अवसर परीक्षा 2025 का परिणाम

20-Aug-2025
रायपुर,।  ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा वर्ष 2025 का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। हाईस्कूल परीक्षा में कुल 39,583 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे, जिनमें से 37,527 ने परीक्षा दी। इनमें 19,622 बालक और 17,905 बालिकाएं शामिल थीं। कुल 37,524 परीक्षार्थियों के परिणाम घोषित किए गए, जिनमें से 12,065 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। इस प्रकार हाईस्कूल परीक्षा का उत्तीर्ण प्रतिशत 32.15 रहा। इसमें बालिकाओं का परिणाम 36.17 प्रतिशत और बालकों का 28.47 प्रतिशत रहा। श्रेणीवार परिणाम में 1,564 परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी, 9,325 द्वितीय श्रेणी और 1,176 तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए, जबकि 3 परीक्षार्थियों के परिणाम नकल प्रकरण में रोके गए।
हायर सेकण्डरी परीक्षा में कुल 35,765 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 34,059 ने परीक्षा दी। इसमें 17,348 बालक और 16,711 बालिकाएं शामिल रहीं। कुल 34,055 परीक्षार्थियों के परिणाम घोषित किए गए, जिनमें से 16,747 उत्तीर्ण हुए। हायर सेकण्डरी परीक्षा का उत्तीर्ण प्रतिशत 49.17 रहा। इसमें बालिकाओं का परिणाम 50.04 प्रतिशत और बालकों का 48.33 प्रतिशत रहा। श्रेणीवार परिणाम में 4,781 परीक्षार्थी प्रथम श्रेणी, 11,165 द्वितीय श्रेणी और 801 तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए, जबकि 4 परीक्षार्थियों के परिणाम नकल प्रकरण के कारण रोके गए।मंडल सचिव ने बताया कि परीक्षार्थी अपना परिणाम मंडल की आधिकारिक वेबसाइट www.cgbse.nic.in पर देख सकते हैं।
















 

शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण और टीएलएम उपयोग पर दिए निर्देश

20-Aug-2025
एमसीबी।  ( शोर संदेश )  कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भरतपुर विकासखंड शिक्षा अधिकारी मो. इस्माइल खान ने विगत 19 अगस्त 2025 को क्षेत्र की शालाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्राथमिक शाला पड़ौली एवं माध्यमिक शाला जनुआ का भ्रमण कर शिक्षण-अध्यापन की स्थिति का आकलन किया। 
निरीक्षण के दौरान बीईओ ने बच्चों से सीधे संवाद कर उनकी शैक्षिक गुणवत्ता और सीखने की क्षमता की परख की। उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे कक्षा-कक्षों में गतिविधि आधारित शिक्षण को प्राथमिकता दें तथा बच्चों की समझ बढ़ाने के लिए टीएलएम (शैक्षिक सामग्री) का प्रभावी उपयोग करें। शैक्षिक रूप से कमजोर बच्चों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यार्थियों के लिए विशेष उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी बच्चा पीछे न छूटे। उन्होंने सभी शिक्षकों को यह भी बताया कि बच्चों के सीखने के स्तर को बढ़ाने हेतु निरंतर प्रयासरत रहे और सकारात्मक वातावरण बनाए।
इसके साथ ही बीईओ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा संचालित “मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्कूल प्रबंधन समिति  (SMC) के सदस्यों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पालकों के बीच इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके। उन्होंने बताया कि शिक्षा गुणवत्ता अभियान केवल सरकारी प्रयास नहीं है, बल्कि इसमें समाज की सहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। सामूहिक सहयोग से ही बच्चों के लिए बेहतर सीखने का वातावरण तैयार किया जा सकता है।
 

शिक्षा विद्यार्थियों को विचारवान और समाजोपयोगी बनाती है” प्रो. राजीव प्रकाश

19-Aug-2025
रायपुर। ( शोर संदेश )  इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षा सत्र 2025-26 में नव प्रवेशित स्नातक पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को चार वर्षीय पाठ्यक्रम के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराने हेतु आयोजित 14 दिवसीय प्रेरण कार्यक्रम ‘‘दीक्षा आरंभ’’ का दिनांक 18 अगस्त 2025 को कृषक सभागार में शुभारंभ किया गया। शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. राजीव प्रकाश, निदेशक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भिलाई, दुर्ग (छ.ग.) थे और कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। दीक्षा आंरभ कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर परिसर के अंतर्गत संचालित समस्त कृषि महाविद्यालयों के विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक ऑफलाइन अथवा ऑनलाइन शामिल हुए। 
दीक्षा आरंभ समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. राजीव प्रकाश, निदेशक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भिलाई, दुर्ग (छ.ग.) ने नव प्रवेशित विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता के कई वर्षों बाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू कर विद्यार्थियों को गुरू शिष्य परंपरा से जोड़ने की पहल की गई है और इसी कड़़ी में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में दीक्षा आरंभ कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। प्रो. राजीव प्रकाश ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री और नौकरी देने का साधन नहीं है बल्कि यह व्यक्तित्व के संपूर्ण विकास का माध्यम है। शिक्षा विद्यार्थियों को विचारवान तथा समाजोपयोगी बनाती है। शिक्षा विद्यार्थियों में जीवन मूल्यों का विकास करती है और उन्हें उत्कृष्टता प्राप्त करने की दृष्टि प्रदान करती है। प्रो. राजीव प्रकाश  ने कहा कि नवीन शिक्षा नीति से नवीन भारत के निर्माण की परिकल्पना साकार होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से आव्हान किया कि वे कृषि को अपना जीवनयापन का साधन बनायें।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत इस वर्ष सभी महाविद्यालयों में नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षा आरंभ प्रेरण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विगत वर्ष से नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया गया है तथा उसी के अनुरूप पाठ्यक्रमों तथा अध्ययन प्रणाली को विकसित किया गया है। यह विश्वविद्यालय प्रदेश का एक प्रमुख संस्थान है जो कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार में उत्कृतष्टता के लिए समर्पित है। कृषि महाविद्यालयों में हम कृषि में नवाचार, स्थिरता और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारे कार्यक्रम राष्ट्र और वैश्विक समुदाय दोनों की उभरती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सोच-समझकर डिजाइन किए गए हैं। अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधओं, व्यावहारिक शिक्षण अनुभवों और विशेषज्ञों के एक प्रतिष्ठित संकाय के साथ हम एक गतिशील वातावरण प्रदान करते हैं जो ज्ञान, रचनात्मकता और नेतृत्व को पोषित करता है। यह दीक्षारंभ कार्यक्रम हमारे विश्वविद्यालय की जीवंत शैक्षणिक और शोध संस्कृति की एक झलक प्रस्तुत करने हेतु आयोजित किया गया है। यह दीक्षारंभ कार्यक्रम आप सभी नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय के विभिन्न शैक्षणिक नियमों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, छात्रवृत्ति/फेलोशिप, यूजीसी रैगिंग विरोधी नीति, उच्च शिक्षण संस्थानों में महिला कर्मचारियों और छात्राओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध और निवारण, प्रधानमंत्री-विद्यालक्ष्मी योजना, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), सांस्कृतिक गतिविधियों, खेलकूद एवं अंततः कृषि स्नातकों के लिए करियर के अवसर के विषय में जानकारी प्रदान करने हेतु आयोजित किया गया है। डॉ. चंदेल ने कहा कि नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित 14 दिवसीय प्रेरण कार्यक्रम दीक्षा आरंभ के दौरान विद्यार्थियों को उनके द्वारा पढ़े जाने वाले पाठ्यक्रमों, कोर्स क्रेडिट प्रणाली, सूचना प्रणाली, परीक्षा प्रणाली, छात्र वृत्ति, विभिन्न शुल्क, हॉस्टल सुविधा, लाइब्रेरी सुविधा, कृषि अनुसंधान एवं विस्तार कार्य, व्यक्तित्व विकास, उद्यमिता विकास आदि के संबंध में विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही नवप्रवेशित विद्यार्थियों को विभिन्न विभागों, प्रयोगशालाओं, लाइब्रेरी तथा अनुसंधान प्रक्षेत्र का भ्रमण भी करवाया जाएगा। दीक्षा आरंभ कार्यक्रम के प्रभारी तथा कृषि महाविद्यालय रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने स्वागत भाषण देते हुए दीक्षा आरंभ कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। दीक्षारंभ आयोजन के द्वितीय सत्र में डॉ. एस. बी. वेरूलकर, प्राध्यापक द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विभिन्न प्रावधानों के बारे में विस्तृत व्याख्यान दिया गया एवं डॉ. आरती गुहे, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय रायपुर, डॉ. एस.एस. सेंगर अधिष्ठाता खाद्य प्रौद्योगिकी, डॉ. विनय पाण्डेय अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी, एवं डॉ. ए.के. दवे निदेशक शिक्षण द्वारा दीक्षा आरंभ 2025 एवं विश्वविद्यालय की शिक्षण व्यवस्था की रूपरेखा रखी। इस अवसर पर संचालक अनुसंधान सेवाएं, निदेशालय विस्तार सेवाएं, निदेशक शिक्षण, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, रायपुर, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी, अधिष्ठाता खाद्य प्रौद्योगिकी, प्राध्यापकगण तथा विद्यार्थी उपस्थित थे।
 


Feedback/Enquiry



Log In Your Account