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शिक्षा

युक्तियुक्तकरण से कोरकोमा मिडिल स्कूल में लौटी पढ़ाई की रफ्तार

12-Aug-2025
कोरबा ( शोर संदेश )।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दिशा-निर्देशन में लागू की गई शाला-शिक्षक युक्तियुक्तकरण नीति प्रदेश के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस नीति के तहत अतिरिक्त और रिक्त पदों का संतुलन कर शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे अब सुदूर अंचलों के विद्यार्थियों को भी नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल रहा है।
कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्र कोरकोमा का शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, जहां 319 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, इसका स्पष्ट उदाहरण है। पहले यहां शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती थी और कई कालखंड खाली रह जाते थे। लेकिन युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के बाद दो शिक्षिकाओं रामेश्वरी रत्नाकर और पद्मा निषाद की पदस्थापना से अब सभी कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं, और सतत अध्यापन, अध्ययन कार्य व्यस्थित रूप से चल रही है। 
प्रधानपाठक गोपाल प्रसाद साव ने बताया कि दर्ज संख्या के अनुसार यहां दो शिक्षकों की कमी थी, जो अब पूरी हो गई है। नई पदस्थ शिक्षिकाओं ने आते ही तुरंत कक्षाएं लेना प्रारंभ कर दिया है। रत्नाकर अंग्रेजी पढ़ा रही हैं, जबकि निषाद सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और हिंदी विषय संभाल रही हैं।
विद्यार्थी सुनील, समीर, गुंजन, स्नेहा, राकेश और साहिल खुशी जताते हुए बताया कि अब कोई भी कालखंड खाली नहीं जाता और पढ़ाई निरंतर चल रही है। 5 से 7 किलोमीटर दूर से आने वाले बच्चों के लिए यह बदलाव विशेष रूप से राहत भरा है, क्योंकि अब उन्हें प्रत्येक विषय की नियमित शिक्षा मिल रही है।
यह बदलाव न केवल विद्यार्थियों की शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठा रहा है, बल्कि अभिभावकों का भी विद्यालय पर भरोसा बढ़ा रहा है। शासन की यह पहल शिक्षा के अधिकार को मजबूत करते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि राज्य का कोई भी बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहे।

दूरस्थ अंचलों तक पहुँची शिक्षा की नई किरण – युक्तियुक्तकरण नीति का असर

12-Aug-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश )। 12 अगस्त 2025 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर लागू शाला-शिक्षक युक्तियुक्तकरण नीति ने प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की नई इबारत लिखी है। इस नीति के तहत प्रदेशभर के शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित किया गया है, जिससे अब कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है और बच्चों को समान व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल रहा है।
गौरतलब है कि युक्तियुक्तकरण से पूर्व प्रदेश के कुल 453 विद्यालय शिक्षक विहीन थे। युक्तियुक्तकरण के पश्चात एक भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है। इसी प्रकार युक्तियुक्तकरण के बाद  प्रदेश के 4,728 एकल-शिक्षकीय विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। इस कदम से न केवल कक्षाओं का संचालन नियमित हुआ है, बल्कि बच्चों की उपस्थिति और पढ़ाई के प्रति उत्साह में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
इसका सकारात्मक असर सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड स्थित प्राथमिक शाला बगडीहपारा में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जहां हाल ही में दो शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। नवपदस्थ शिक्षक रंजीत खलखो ने बताया कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया में उन्हें अपनी पसंद के विद्यालय चुनने का अवसर मिला और उन्होंने दूरस्थ बगडीहपारा को इसलिए चुना क्योंकि वे ग्रामीण अंचलों के बच्चों को शिक्षित करना अपना दायित्व और सौभाग्य मानते हैं। दो शिक्षकों की उपलब्धता से विद्यालय में सभी विषयों की पढ़ाई नियमित रूप से हो रही है, जिससे बच्चों की सीखने की गति तेज हुई है और अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ा है। अब वे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेज रहे हैं, जिससे उपस्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है।
इसी प्रकार मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के मानपुर विकासखंड का ग्राम कमकासुर इसका ताजा उदाहरण है। जिला मुख्यालय से 65-70 किलोमीटर दूर स्थित इस नक्सल प्रभावित वनांचल में 14 बच्चों की दर्ज संख्या वाली प्राथमिक शाला पिछले एक वर्ष से शिक्षक विहीन थी। शासन की युक्तियुक्तकरण पहल से यहां प्रधान पाठक की पदस्थापना हुई, जिससे बच्चों की पढ़ाई फिर से शुरू हुई और ग्रामीणों में शिक्षा को लेकर नया उत्साह लौट आया।
इसी तरह सक्ती जिले के ग्राम भक्तूडेरा में भी युक्तियुक्तकरण से बड़ा बदलाव आया। वर्षों से एकल शिक्षक पर निर्भर यह प्राथमिक शाला अब दो शिक्षकों से संचालित हो रही है। इससे बच्चों की पढ़ाई व्यवस्थित हुई, उपस्थिति बढ़ी और अभिभावकों का भरोसा मजबूत हुआ।
राज्य शासन की यह पहल न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार कर रही है, बल्कि यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश के सबसे सुदूर और पिछड़े क्षेत्रों के बच्चे भी उज्ज्वल और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर अग्रसर हों।

निःशुल्क बस सेवा शुरू, कॉलेज छात्रों ने खुशी जाहिर की

11-Aug-2025

कवर्धा (शोर संदेश)। पंडरिया विधानसभा की महाविद्यालय में पढ़ने वाली बेटियों के लिए निःशुल्क बस सेवा आज से प्रारम्भ हो गई है। विधायक भावना बोहरा ने बताया कि कवर्धा, पिपरिया,सहसपुर लोहारा, पांडातराई एवं पंडरिया महाविद्यालय हेतु कुल 8 बसों के विभिन्न ग्राम व क्षेत्रों में आगमन पर भव्य स्वागत किया गया।

सभी बेटियों और उनके परिजनों को बधाई; बेटियों को शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का हमारा प्रयास निरंतर जारी रहेगा। पूर्व में 3 बसें संचालित थीं, अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के करकमलों से 5 नई बसों को जोड़ते हुए कुल 8 बसें पूरे विधानसभा क्षेत्र की बेटियों को महाविद्यालय आने-जाने की सुरक्षित और निःशुल्क सुविधा प्रदान कर रही है। हमारा लक्ष्य है कि 1000 से अधिक बेटियां इस सेवा से लाभान्वित हों और शिक्षा के माध्यम से अपने सपनों को साकार करें।
 

कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए केन्द्रीय छात्रवृत्ति पंजीयन व सत्यापन की प्रक्रिया शुरू

11-Aug-2025
सुकमा (शोर  संदेश)।  कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए केन्द्र प्रवर्तित छात्रवृत्ति (सीएसएस) योजना के तहत पंजीयन एवं सत्यापन कार्य प्रारंभ हो गया है। राज्य कार्यालय द्वारा छात्रवृत्ति पोर्टल 4 अगस्त 2025 से विद्यार्थियों के नवीनीकरण व सत्यापन हेतु उपलब्ध करा दिया गया है। इस संबंध में विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

विद्यालयों को पहले जियो टैगिंग, कक्षावार एवं जातिवार सारांश प्रतिवेदन (निर्धारित प्रारूप) तथा एनएसपी  से ई-केवाईसी  का कार्य पूर्ण करना होगा। इसके बाद ही विद्यार्थी अपने लॉगिन से नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।

विद्यार्थी पंजीकृत कोड/मोबाइल नंबर और जन्मतिथि का उपयोग कर पोर्टल पर लॉगिन कर पाएंगे। सीएसएस  योजना के विद्यार्थियों के लिए ओटीआर नंबर अनिवार्य है। यदि ओटीआर नंबर पूर्व में विद्यालय लॉगिन से भरकर सत्यापित हो चुका है, तो विद्यार्थी लॉगिन में यह जानकारी स्वतः उपलब्ध होगी, अन्यथा इसे दर्ज करना होगा। ओटीआर नंबर भरते समय विद्यार्थी का नाम, जन्मतिथि, लिंग और आधार नंबर ओटीआर से मेल खाना जरूरी है। साथ ही, विद्यार्थी लॉगिन पर अपार आईडी पंजीयन का वैकल्पिक प्रावधान भी उपलब्ध है। निर्धारित पात्रता के अनुसार सभी विद्यार्थियों का पंजीयन और सत्यापन कार्य 10 सितंबर 2025 तक अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।

यूपीएससी के प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले एसटी, एससी अभ्यर्थियों को मिलेगा एक लाख का प्रोत्साहन राशि

11-Aug-2025


रायपुर (शोर संदेश)। राज्य शासन के आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग रायपुर द्वारा संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा वर्ष 2025 में सफल होने वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रदेश के अभ्यर्थियों को एक लाख की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।  आदिम जाति विकास विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 उत्तीर्ण करने वाले पात्र अभ्यर्थी 12 अगस्त 2025 तक आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, ब्लाक-डी. भूतल, इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर अटल नगर छ.ग. में स्पीड पोस्ट रजिस्टर्ड डाक या स्वयं उपस्थित होकर अपना आवेदन जमा कर सकते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी एवं आवेदन का प्रारूप वेबसाईट
www.tribal.cg.gov.in  से प्राप्त की जा सकती है। 

युक्तियुक्तकरण नीति से गाँव-गाँव तक पहुँची गुणवत्ता शिक्षा

07-Aug-2025
रायपुर शोर संदेश  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य शासन द्वारा प्रारंभ की गई शाला-शिक्षक युक्तियुक्तकरण नीति अब प्रभावी रूप से धरातल पर अपने सकारात्मक परिणाम दे रही है। इस पहल का प्रभाव सरगुजा संभाग के मैनपाट विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक शाला बगडीहपारा में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जहां अब दो शिक्षक नियमित रूप से पदस्थ हैं और बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं।
पूर्व में यह शाला सीमित शिक्षक के भरोसे संचालित हो रही थी, जिससे बच्चों को सभी विषयों की पढ़ाई नहीं मिल पाती थी। लेकिन युक्तियुक्तकरण के तहत हाल ही में पदस्थ किए गए शिक्षक रंजीत खलखो ने न केवल विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था को सशक्त किया, बल्कि स्वयं ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्र में सेवा देना अपना सौभाग्य भी माना। खलखो पहले प्राथमिक शाला बड़वापाट में अतिशेष शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। शासन द्वारा आरंभ की गई पारदर्शी और आवश्यकता आधारित युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत उन्हें अपनी प्राथमिकता के आधार पर नई शाला चुनने का अवसर मिला, जिसे उन्होंने सुदूर बगडीहपारा शाला के रूप में चुना।
इस विद्यालय में दो शिक्षकों की मौजूदगी से नियमित कक्षाएँ संचालित हो रही हैं। बच्चों की उपस्थिति में बढ़ोत्तरी हुई है और शिक्षा के प्रति अभिभावकों का भरोसा भी मजबूत हुआ है। गाँव में शिक्षा को लेकर नया विश्वास पैदा हुआ है और यह सब संभव हो पाया है राज्य शासन की दृढ़ इच्छाशक्ति और योजनाबद्ध क्रियान्वयन से।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर शुरू की गई यह नीति केवल व्यवस्थागत सुधार नहीं, बल्कि हर बच्चे तक शिक्षा के अधिकार को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि राज्य के सुदूरवर्ती इलाकों के बच्चे भी गुणवत्तापूर्ण और समुचित शिक्षा से वंचित न रहें। शाला-शिक्षक युक्तियुक्तकरण नीतिगत दृष्टि से न केवल शिक्षकों के संतुलित वितरण का माध्यम बन रही है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की नींव को गाँव-गाँव तक मजबूत कर रही है।

















 

गरियाबंद ने शिक्षा में रचा इतिहास: बोर्ड परीक्षा में राज्य में चौथा स्थान

07-Aug-2025
गरियाबंद  ( शोर संदेश ) शैक्षणिक सत्र 2024-2025 में घोषित कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम गरियाबंद शिक्षा के क्षेत्र मे एक और अभूतपूर्व उपलब्धियों वाला रहा। जहां कक्षा 12 वीं के परीक्षा परिणाम में जिले ने राज्य मे चौथा रैंक हासिल किया। इसी प्रकार पुनर्मूल्यांकन रिजल्ट के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड द्वारा स्थाई मेरिट लिस्ट जारी किया गया है। जिसमें कक्षा 10वीं मे जिले के सरस्वती शिशु मंदिर हायर सेकेंडरी स्कूल, देवभोग के भूपेश कुमार नागेश ने 98.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राज्य स्तर पर तीसरा रैंक प्राप्त किया है।  
शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार बोर्ड द्वारा प्रतिवर्ष विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए अलग से मेरिट लिस्ट जारी किया जाता है, इसमें भी जिले के छात्रों ने अपने प्रतिभा का अच्छा प्रदर्शन किया है। इस वर्ष हायर सेकेंडरी स्कूल, सडक परसुली के शैलेन्द्र कुमार शोरी ने इस संवर्ग मे प्रथम स्थान प्राप्त कर मेरिट में अपना स्थान बनाया है। दूरस्थ ग्रामीण अंचल के छात्र भूपेश नागेश ने राज्य में तृतीय रैंक, तथा विशेष पिछड़ी जनजाति के छात्र शैलेन्द्र शोरी ने संवर्ग में राज्य मंे प्रथम स्थान प्राप्त किया है।











 

कर्तव्य पर लापरवाही करने वाले शिक्षकों का रोका गया वेतन वृद्धि

24-Dec-2024

बीजापुर ( शोर संदेश  )। जिला शिक्षा अधिकारी बीजापुर के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान बालक पोर्टाकेबिन चिन्नाकोड़ेपाल में अव्यवस्था एवं अर्धवार्षिक जैसे महत्वूर्ण परीक्षा के दौरान 48 छात्र अनुपस्थित पाये जाने के कारण प्रभारी अधीक्षक बालक पोर्टाकेबिन चिन्नाकोड़ेपाल अमित कोरसा, शिक्षक एल०बी० माध्यमिक शाला तुमनार, को एवं बालक पोर्टाकेबिन दुगईगुड़ा में अव्यवस्था एवं अर्धवार्षिक जैसे महत्वूर्ण परीक्षा के दौरान 18 छात्र अनुपस्थित पाये जाने के कारण ककेम मारैया सहायक शिक्षक एल०बी०, प्राथमिक शाला एर्राबोर, पुसबाका प्रभारी अधीक्षक बालक पोर्टाकेबिन दुगईगुड़ा की दो-दो वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकते हुए प्रभारी अधीक्षक पद से पृथक किये जाने की कार्यवाही की गई।

इसी प्रकार प्रधान अध्यापक कन्या आश्रम शाला चिन्नाकवाली एवं सीमा कुड़ियम प्रधान अध्यापक प्राथमिक शाला चिन्नाकवाली, कु० कमल रंजीता प्रधान अध्यापक बालक आश्रम शाला चिन्नाकोड़ेपाल, रामचन्द्र साहनी प्रधान अध्यापक प्राथमिक शाला चेरामंगी, प्रधान अध्यापक बालक आश्रम शाला चेरामंगी, संजय पुनेम प्रधान अध्यापक व प्रभारी अधीक्षक बालक आश्रम शाला चेरामंगी, कनका एंजा प्रधान अध्यापक प्राथमिक शाला चिन्नाकोड़ेपाल को संस्था में अव्यवस्था पाये जाने पर कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए वेतन आहरण पर रोक लगाया गया है।


जेईई एडवांस : 23 अप्रैल 2025 से शुरू होगी रजिस्ट्रेशन, 18 मई 2025 को परीक्षा, लगातार तीन अटेम्प्ट दे सकेंगे छात्र

23-Dec-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  इंडियन इंस्टीट्यूट अफ टेक्नालॉजी (आईआईटी) कानपुर ने ज्वाइंट एंट्रेंस एलिजिबिलिटी एग्जामिनेशन (जेईई) एडवांस्ड 2025 के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके अनुसार, जेईई एडवांस्ड 2025 के लिए रजिस्ट्रेशन 23 अप्रैल 2025 से शुरू होगी। 2 मई, 2025 तक छात्र इसके लिए आवेदन कर सकेंगे।

जारी नोटिफिकेशन के अनुसार जेईई एडवांस्ड 2025 प्रवेश परीक्षा का आयोजन 18 मई, 2025 को होगा। आईआईटी में प्रवेश के लिए परीक्षा में दो पेपर होंगे। दोनों परीक्षा के लिए छात्रों को तीन-तीन घंटे का समय मिलेगा। दोनों परीक्षाएं सीबीटी मोड में आयोजित की जाएंगी।
पेपर 1 सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच आयोजित किया जाएगा जबकि पेपर 2 दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच आयोजित किया जाएगा। इसके लिए 11 मई को एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे।
पहले छात्रों को 2 अटेम्प्ट ही मिलते थे 
ज्वाइंट एंट्रेंस एलिजिबिलिटी एग्जामिनेशन (जेईई) एडवांस्ड की परीक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। नए निर्देशों के अनुसार, एक उम्मीदवार लगातार तीन साल जेईई एडवांस में शामिल हो सकता है। इससे पहले, अटेंप्ट की संख्या लगातार दो सालों में दो बार तक सीमित थी। अब एक मौका ज्यादा मिलने से छात्रों को काफी फायदा होगा। 2025 में होने वाली जेईई एडवांस्ड की परीक्षा में 2023, 2024 और 2025 में 12वीं की परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स शामिल हो सकेंगे। वहीं, 2022 या उससे पहले 12वीं की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी जेईई एडवांस्ड के लिए पात्र नहीं होंगे। जेईई एडवांस्ड 2025 का आयोजन आईआईटी कानपुर करेगा। जेईई मेन की परीक्षा के आधार पर शीर्ष 2,50,000 स्टूडेंट्स एडवांस्ड की परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।
एक मौका और मिलने से होंगे कई फायदे 
जेईई एडवांस्ड के 3 अटेंप्ट मिलने से छात्रों को काफी लाभ होगा। दो अटेंप्ट में सफल नहीं होने पर कई अभ्यर्थी डिप्रेशन में चले जाते थे, उनमें कमी आएगी। तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स कम दबाव महसूस करेंगे। आईआईटी से ड्रॉप लेने वालों में भी कमी आएगी अभ्यर्थी अपनी गलतियों में सुधार कर अपना रैंक बेहतर कर सकेंगे। इससे उन्हें काफी राहत महसूस होगी। जॉइंट एंट्रेंस टेस्ट (जेईई) मेन 2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया खत्म हो गई है। इस साल भी जेईई मेन की परीक्षा दो सेशन में होगी। पहला सेशन जनवरी और दूसरा अप्रैल माह में होगा। पहले सेशन की परीक्षा 22 से 31 जनवरी के बीच होगी। वहीं, परीक्षा परिणाम 12 फरवरी को जारी किया जाएगा। परीक्षा के माध्यम से जेईई एडवांस्ड के लिए क्वालिफाई करेंगे। जेईई एडवांस्ड के माध्यम से देशभर के आईआईटी में नामांकन ले सकेंगे।

युवा महोत्सव : 350 से अधिक छात्रों ने कार्यक्रम में लिया भाग

23-Dec-2024
सुकमा।  ( शोर संदेश ) कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के मार्गदर्शन तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तत्वाधान में जिला स्तरीय खेल महोत्सव का आयोजन पुराना कलेक्ट्रेट भवन में किया गया। महोत्सव का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश कवासी, विश्वराज चौहान, संजय सोढ़ी, नूपुर वैदिक एवं विवेक यादव की उपस्थिति में किया गया। युवा महोत्सव में विभिन्न विधाओं के अंतर्गत विकास खंडस्तरीय खेल महोत्सव के विजेता प्रतिभागियों के द्वारा विभिन्न प्रस्तुतियाँ दी गई।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  हरीश कवासी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद को प्रेरणास्रोत मानकर सभी युवा अपने कठिन परिश्रम और लगन से अपना लक्ष्य हासिल करें। जीवन में पढ़-लिखकर आगे बढ़ें और क्षेत्र और जिले का नाम रोशन करें। इसी तरह से जनप्रतिनिधि विश्वराज चौहान, संजय सोढ़ी और नूपुर वैदिक ने भी छात्रों को कठिन परिश्रम और लगन के साथ शिक्षा के क्षेत्र आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
 
कार्यक्रम में सामूहिक लोकनृत्य में छिंदगढ़ विकासखंड से डेविड व साथियों ने बेहतर प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी तरह से सामूहिक लोकगीत में नवोदय विद्यालय सुकमा, कविता में श्रेया चांडक, चित्रकला में हिरमा मंडावी, कहानी लेखन में आकांक्षा चंद्रवंशी, विज्ञान मेला में सेजेस सुकमा, कृषि मेला में सेजेस सुकमा हिंदी, व्यक्तिगत लोकनृत्य में प्रियंका बट्टी, तात्कालिक भाषण में शिवानी परिहार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों को जनप्रतिनिधियों के द्वारा ट्राफी, प्रमाण पत्र और नकद राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर दादा जोकाल, प्राचार्य सिदार, जिला खेल अधिकारी वीरुपाक्ष पौराणिक, रेशमा परवीन, सुशील मरकाम,अनिता, दीपक, अनिल और नेहरु युवा केंद्र संगठन के सदस्य सहित शिक्षकगण और छात्र छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
 


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