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शिक्षा

स्कूलों में न्योता भोजन: छत्तीसगढ़ में जनसहयोग से 75 हजार से अधिक बार हो चुका है न्योता भोज का आयोजन

28-Nov-2024
रायपुर  ।  ( शोर संदेश )  बिलासपुर जिले के सरकंडा स्थित पंडित रामदुलारे दुबे स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक बालक शाला में पिछले माह रिटायर हुए शिक्षक प्रताप पाटनवार ने अपने जन्मदिन के अवसर पर 700 बच्चों के न्योताभोज का आयोजन किया और कार्यक्रम के बाद उन्होंने रुंधे गले और आंखों में आंसुओं के साथ कहा कि ‘‘जिन बच्चों के कारण मुझे 42 साल तक सरकार वेतन देती रही और जिनके कारण मेरा घर चलता रहा उनके लिए मैं एक दिन कुछ खास कर पाया इसकी मुझे खुशी है।‘‘ उन्होंने कहा कि शासन की यह योजना वास्तव में अपने आप में एक अद्भुत योजना है क्योंकि हम अपनी खुशी ऐसे लोगों के साथ बांटते हैं जिन्हें उसका मोल पता है। सरकारी स्कूल में पलने बढ़ने वाले अधिकांश बच्चे कमजोर आर्थिक स्थिति वाले घर के बच्चे हैं और उनके साथ मिलकर जब आप बैठकर भोजन करते हैं तो उनके चेहरे की खुशी देखकर न्योता भोज करने वाला भाव विभोर ना हो जाए ऐसा हो ही नहीं सकता। इससे न केवल सामुदायिक परस्परता बढ़ रही है बल्कि स्कूलों से आमजन का जुड़ाव भी और अधिक बेहतर तरीके से हो रहा है। साथ ही बड़े अधिकारी जब न्योता भोज के बहाने ही स्कूल पहुंचते हैं तो स्कूल की मॉनिटरिंग भी हो जाती है।

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में संचालित की जा रही प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना में समुदाय की भागीदारी से अनूठा नवाचार न्योता भोजन लोगों को काफी पसंद आ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर शुरू किए गए न्योता भोजन के कार्यक्रम से लोग लगातार जुड़ते जा रहे हैं। राज्य के स्कूलों में विभिन्न समुदाय के लोगों के सहयोग से अब तक राज्य के 30 हजार शालाओं में 75 हजार से अधिक बार न्योता भोजन का आयोजन किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में दान देने की परंपरा रही है, यहां नई फसल की खुशी में छेरछेरा पर्व में दान देने की परंपरा है। यह हमारे समाज की दानशीलता का उदाहरण है। हमारे शास्त्रों में भी अन्नदान को महादान की संज्ञा दी गई है। छत्तीसगढ़ सरकार बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए समाज की इसी परम्परा का सहारा ले रही है। गौरतलब है कि स्कूलों में नन्हे-मुन्हे बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए न्योता भोजन की शुरूआत स्वयं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने गृह ग्राम बगिया से की थी। उन्होंने वहां के आश्रम शाला के बच्चों को अपने जन्मदिवस पर न्योता भोजन कराया था।

क्या है न्योता भोज-
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना को सामुदायिक सहयोग से और अधिक पोषक बनाने राज्य शासन द्वारा न्योता भोजन की अभिनव पहल की जा रही है। न्योता भोजन की अवधारणा सामुदायिक भागीदारी पर आधारित है। कोई भी व्यक्ति या सामाजिक संगठन, जन्मदिन, वर्षगांठ या अन्य खास मौकों पर अपने पास के स्कूल, आश्रम या छात्रावास में जाकर बच्चों के लिए न्योता भोजन का कार्यक्रम कर सकता है। इसमें पूर्ण भोजन का योगदान किया जा सकता है या अतिरिक्त पूरक पोषण के रूप में मिठाई, नमकीन, फल या अंकुरित अनाज आदि के रूप में खाद्य सामग्री का योगदान दिया जा सकता है।
राज्य के विभिन्न जिलों में हुए न्योता भोजन इस प्रकार है- खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और कोंडागांव जिले के 99 प्रतिशत स्कूलों में न्योता भोजन किया जा चुका है। इसी प्रकार जांजगीर-चांपा में 98, धमतरी में 96, सुकमा और राजनांदगांव में 95-95, बालोद में 93, दुर्ग में 90, बेमेतरा, कोरिया और कवर्धा में 89-89, जशपुर और कांकेर में 86-86, रायगढ़ में 75, बिलासपुर में 73, दंतेवाड़ा जिले में 70 प्रतिशत स्कूलों में न्योता भोजन का आयोजन किया जा चुका है।

छात्रावास-आश्रमों में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया संविधान दिवस

28-Nov-2024
रायपुर ।  ( शोर संदेश ) भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश के आश्रम-छात्रावासों में छात्र-छात्राओं द्वारा हर्षोल्लास के साथ संविधान मनाया गया। आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत 3357 छात्रावास-आश्रम, 75 एकलव्य विद्यालय एवं 16 प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित हैं। इन सभी संस्थाओं में व्यापक रूप से संविधान दिवस मनाया गया।
गौरतलब है कि भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आम लोगों को संविधान में दिए गए प्रवधानों के प्रति जागरूक करने के लिए भारत सरकार द्वारा व्यापक आयोजन किए जा रहे है। इसी कार्यक्रम के तहत प्रदेश के आश्रम-छात्रावासों में भी संविधान दिवस मनाया गया। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा द्वारा जिलों में संचालित सभी विभागीय छात्रावास-आश्रमों, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों एवं प्रयास आवासीय विद्यालयों में संविधान दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाने के निर्देश दिए गए थे।
विभागीय छात्रावास आश्रमों में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संविधान की प्रस्तावना का सामुहिक वाचन किया गया एवं उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया। इसके बाद एक जन जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें बच्चों ने अपने हाथ में तख्तियां लेकर संविधान के मूल अधिकारों-कर्तव्यों एवं अन्य प्रावधानों को स्लोगन के माध्यम से प्रदर्शित किया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य आमजन को संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों-कर्त्तव्यों एवं प्रावधानों के प्रति जागरूक करना था। इसके अलावा छात्रावास-आश्रमों में भाषण प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस पूरे आयोजन में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

बेहतर समय प्रबंधन और मेहनत से मिलती है सफलता : नम्रता गांधी

27-Nov-2024
धमतरी।  ( शोर संदेश ) बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धमतरी में 26 नवंबर को एक दिवसीय कैरियर गाईडेंस कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर नम्रता गांधी सहित अधिकारियों ने महाविद्यालयीन विद्यार्थियों को सफलता के मूलमंत्र बताए।
छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी कार्य को दबाव में अथवा मजबूरी में नहीं करें, बल्कि उस कार्य में स्वयं की दिलचस्पी होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ लक्ष्य निर्धारित कर बेहतर समय प्रबंधन और कड़ी मेहनत करनी चाहिए। हर विद्यार्थी को अपने लिए पढ़ाई करनी चाहिए, क्योंकि पढ़ाई ही वह साधन है, जो आपको उच्चस्तर तक ले जाने में मदद करता है। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि जिंदगी में असफलता से घबराएं नहीं और परिस्थितियों का सामना करने डटे रहें। आपका भविष्य उज्जवल है, अच्छा इंसान बने, अधिक से अधिक लोगों की सेवा कर उनके जीवन को बदलें। उन्होंने कहा कि जीवन में खुश रहना एवं रखना महत्वपूर्ण है। जिंदगी खूबसूरत है, जिंदगी में कई परिस्थितियों होती हैं। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उसमें स्वयं की दिलचस्पी होना जरूरी है। कलेक्टर ने कहा कि यूपीएससी, पीएससी एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रश्नों का अवलोकन करें और उन्हें समझें कि किस क्षेत्र से प्रश्न पूछा गया है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया कि मैंने 10 वीं क्लास से ही आईएएस बनने की ज़िद कर ली थी और मैं आईएएस बन गई।
कलेक्टर ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यूपीएससी में चयनित अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में सबसे सरल सवाल पूछे जाते हैं। सर्वप्रथम अभ्यर्थियों से बेसिक जानकारी ली जाती है और अभ्यर्थियों के व्यक्तित्व के बारे में सवाल किए जाते हैं। साथ ही कलेक्टर ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए। इस अवसर डीएसपी नेहा पवार, सहायक प्राध्यापक नवीन शासकीय महाविद्यालय कंडेल पीतांबर सिन्हा सहित अन्य अतिथियों ने भी बच्चों को करियर के टिप्स दिए। इस अवसर पर प्राचार्य डा विनोद कुमार पाठक, अमित कुमार साहू, गोविंद प्रसाद, प्लेसमेंट प्रभारी आकांक्षा मरकाम सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
दृढ़संकल्पित होना जरूरी: कलेक्टर ने कहा कि कोई भी चीज को पाने के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के साथ दृढ़संकल्पित होना जरूरी है। साथ ही जज्बा और कड़ी मेहनत से निश्चित ही सकारात्मक परिणाम मिलता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में सीखने, समझने की जिज्ञासा होनी चाहिए। पढ़ाई को बोझ समझने से बेहतर हैं कि खेल की तरह मन लगाकर करें। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत कर कुछ बड़ा कर गुजरने की चाहत होनी चाहिए। जीवन में कठिनाई के दौर भी आते हैं, लेकिन मेहनत ही सफलता दिलाती है।

मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर के निर्माण कार्यों के लिए एक सौ नौ करोड़ रुपये की स्वीकृति

27-Nov-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर के शेष निर्माण कार्यों हेतु छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 109 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। राशि स्वीकृत होने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सांसद चिंतामणि ने आभार व्यक्त किया है।
सरगुजा सांसद चिंतामणि द्वारा क्षेत्र में आमजन के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय के अधूरे निर्माण कार्य को पूर्ण कराने हेतु बजट स्वीकृति का प्रयास किया जा रहा था। मुख्यमंत्री के पहल पर यह प्रयास सफल हुआ है। विगत डेढ़ सालों से बजट की कमी से मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर में अस्पताल भवन, ऑडिटोरियम और गेस्ट हाउस का निर्माण अवरूद्ध हुआ था। बजट स्वीकृत होने से अस्पताल भवन, ऑडिटोरियम और गेस्ट हाउस का निर्माण पूरा करने में आसानी होगा।
 

विद्यालयों में स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन

27-Nov-2024
कोरबा। ( शोर संदेश )  कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन और सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग के मार्गदर्शन में कटघोरा जनपद पंचायत के शासकीय विद्यालयों में साफ सफाई, हाथ धुलाई आदि स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
हमारा शौचालय हमारा सम्मान थीम पर विश्व शौचालय दिवस 19 नवंबर से प्रारंभ हो कर मानव अधिकार दिवस 10 दिसंबर 2024 तक ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायत कटघोरा के विद्यालयों में बच्चों के हांथ धुलाई कार्यक्रम,स्कूल स्वच्छता रैली का आयोजन, श्रमदान से स्कूल परिसर की सफाई, स्वच्छता शपथ, स्वच्छता पर रंगोली, शौचालय का निरंतर उपयोग व सफाई एवम स्वच्छता पर चर्चा-परिचर्चा किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं के द्वारा छोटे-छोटे बच्चों की हांथ धुलाई कराकर स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है।
 

नामांकन फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 30 तक

26-Nov-2024
बिलासपुर। ( शोर संदेश )   यह प्रक्रिया बोर्ड परीक्षा की तैयारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। लेकीन जिले के सात स्कूल अब तक अपने छात्रों के लिए फार्म लेने नहीं पहुंचे हैं ।
फार्म नहीं लेने वाले स्कूलों में आदर्श विद्या मंदिर बोहारडीह, सरस्वती शिशु मंदिर जयरामनगर, 70 प्लस तखतपुर, मां सरस्वती रतनपुर, वेदवती हरि दिन पोरते जोरापारा, ग्लोबल पब्लिक रानी सागर और सेंट पाल बकरखुदा स्कूल शामिल हैं।
माध्यमिक शिक्षा मंडल की संभागीय अधिकारी संगीता गंगोत्री ने बताया कि इन स्कूलों की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को भेज दी गई है। फार्म लेने में देरी छात्रों के परीक्षा नामांकन और अन्य तैयारियों को प्रभावित कर सकती है।
माध्यमिक सिक्षा मण्डल ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे 30 नवंबर तक फार्म भरकर जमा करें। अगर तय समय सीमा में फार्म नहीं जमा किए जाते हैं, तो यह बोर्ड परीक्षा की व्यवस्थाओं में बाधा डाल सकता है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फार्म जमा न करने पर लगेगा जुर्माना
स्कूलों द्वारा फार्म जमा न करने की स्थिति में उन पर प्रति परीक्षा 1540 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यह जुर्माना हाई स्कूल और हायर सेकंडरी दोनों स्तरों के लिए लागू होगा। ऐसे में स्कूलों को समय सीमा का पालन करते हुए अपने छात्रों की जानकारी फार्म में भरकर समय पर जमा करना अनिवार्य है, अन्यथा उन्हें आर्थिक दंड का सामना करना पड़ेगा।

संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान‘ के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में होंगे वर्ष भर कार्यक्रम

26-Nov-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश ) संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ में संविधान के प्रति  लोगों को जागरूक करने के लिए राज्य के स्कूल, कॉलेज और ग्राम पंचायतों में साल भर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के आयोजन के लिए ‘हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान‘ का टैगलाइन निर्धारित किया गया है। स्कूली बच्चों को www.mygov.in पर MyGov प्रतियोगिताओं और MyBharat.gov.in पर युवा सहभागिता गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। 
संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में स्कूलों और कॉलेजों में प्रश्नोत्तरी वाद-विवाद एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। अनुसूचित जाति, जनजाति गांवों में 15 दिवसीय संविधान यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा के दौरान, जहां भी बाबा साहेब की प्रतिमाएं होंगी, उन पर पुष्पांजलि अर्पित किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का भी आयोजन होगा, जिसमें संविधान के अनुच्छेद 51ए के तहत नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों को पढ़ा और समझाया जाएगा। इस मौके पर जीवित स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित किया जाएगा। संविधान सभा के सदस्यों से जुड़े गांवों में, जिसमें संविधान सभा की महिला सदस्यों के योगदान पर विशेष जोर देते हुए विशेष समारोह आयोजित किए जाएंगे। 
स्कूलों और कॉलेजों में संविधान के प्रावधान, संविधान निर्माण की प्रक्रिया, मौलिक अधिकार, कर्तव्य एवं राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धांत तथा नवीनतम संशोधन आदि विषयों पर प्रश्नोत्तरी आयोजित किया जाएगा। साथ ही नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों तथा अन्य संवैधानिक मुद्दों पर वाद-विवाद सेमिनार, जिसमें सामाजिक सशक्तिकरण, महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने, समय के साथ चुनौतियों का सामना करने के लिए संविधान को लचीला बनाने तथा नवीनतम तथा प्रमुख संशोधनों की जानकारी देने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

 


पढाई में कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान देवें शिक्षक: कलेक्टर

24-Nov-2024
कोरबा।  ( शोर संदेश )  कलेक्टर अजीत वसंत ने हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल की बोर्ड परीक्षा में बच्चों के परीक्षा परिणाम में सुधार लाने के लिए कला संकाय विषय के व्याख्याताओं की समीक्षा बेठक शनिवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में ली। उन्होने शिक्ष्कों को निर्देश दिए कि पढाई में कमजोर बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए उन पर विशेष ध्यान देकर अध्यापन कार्य करें। बच्चों को स्कूल में नियमित आने तथा पढ़ाई में निरंतरता बनाने के लिए प्रेरित करें। उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगायें। ब्लैक बोर्ड पर लिखने का अभ्यास करायें। परीक्षा की तैयारी की दृष्टि से गृह कार्य में प्रश्नोत्तर लिखा कर रिवीजन करायें।
कलेक्टर ने बच्चों के शैक्षणिक विकास एवं परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए विद्यालयवार एवं व्याख्याताओं के विषयवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि विगत वर्ष के परीक्षा परिणामों को ध्यान में रखकर शिक्षक मेहनत करें और इस वर्ष उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम लाने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की कमजोरियां बताने से अच्छा उनकी कमजोरी दूर करना है। कलेक्टर ने निर्देश दिया कि प्रत्येक विद्यालय के शिक्षक अपने विषयों में 80 प्रतिशत से अधिक परीक्षा परिणाम लाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं के दृष्टिगत शिक्षकों के द्वारा बच्चों की लिखावट की गति एवं शुद्धता पर ध्यान दिया जाये। शिक्षक का मुख्य कार्य अध्यापन कार्य होता है। बच्चों को पढ़ाकर ही आगे बढ़ाया जा सकता है।
कलेक्टर ने कहा कि  विद्यालयों में अनुशासनहीनता करने वाले शिक्षकों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को विद्यालयों का सतत मानिटरिंग करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि डीएमएफ मद से विद्यालयों में नियुक्त अतिथि व्याख्याताओं की निरंतरता उनके विषयों की परीक्षा परिणाम के आधार पर की जायेगी। उन्होंने कहा कि अतिथि व्याख्याताओं का उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर मानदेय में वृद्धि भी की जायेगी।
कलेक्टर ने कहा कि शिक्षक बच्चों के सामाजिक एवं आर्थिक परिवेश को ध्यान में रखकर बच्चों को शिक्षित करने के साथ ही साथ पालक की भी भूमिका निभाएं। बैठक में जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, जिला शिक्षा अधिकारी टी.पी.उपाध्याय, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, कला संकाय के व्याख्याता एवं अतिथि व्याख्याता उपस्थित थे।

स्कूलों की दक्षता बढ़ाना सुनिश्चत करें : सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी

17-Nov-2024
रायपुर ( शोर  संदेश )  छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने प्रदेश के स्कूलों में राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण के मद्देजर स्कूलों की दक्षता बढ़ाने के लिए गंभीरता के साथ तैयारी करने के निर्देश दिए है। गौरतलब है कि आगामी माह के 4 दिसम्बर को कक्षा 3री, 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों की दक्षता को राष्ट्रीय सर्वेक्षण होना है। इसके तहत केन्द्रीय स्कूल शिक्षा मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्कूलों में विद्यार्थियों की दक्षता का परीक्षण किया जाएगा।
शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने विभागीय अधिकारियों को राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए हर स्तर पर व्यापक प्रशासनिक, प्रबंधकीय व अकादमिक तैयारी प्रारंभ करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण-2024 के आकलन कार्य के सभी जिलों में शत-प्रतिशत क्रियान्वयन को सुनिश्चित कराने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक तथा प्राचार्य डाइट को संयुक्त रूप से नोडल अधिकारी बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य के 99 जिला स्तरीय अधिकारी जिले में परख क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं 146 विकासखंडों में बीईओ, बीआरसीसी तथा संकुल प्राचार्य को संयुक्त जिम्मेदारी सौंपते हुए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
शिक्षा सचिव परदेशी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत देश भर में एक साथ होने जा रहे इस सर्वेक्षण का प्राथमिक उद्देश्य स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठचर्या रूपरेखा 2023 के साथ उच्च गुणवत्ता युक्त वैश्विक मूल्यांकन विकसित करना है। उल्लेखनीय है कि केंद्र शासन द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जा चुका है। इस राष्ट्रीय सर्वेक्षण में नवीन शिक्षा नीति के लक्ष्यों के अनुरूप कक्षा 3री, 6वीं और 9वीं में आधार भूत प्रारंभिक एवं मध्य चरणों के अंत में छात्रों की दक्षता का आकलन किया जा रहा है। यह सर्वेक्षण छत्तीसगढ़ के मात्र छात्र-छात्रों का नहीं बल्कि, शिक्षक, स्कूल तथा संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था का मूल्याँकन सिद्ध होगा, जिसके आधार पर भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ सहित अन्य सभी राज्यों की शैक्षणिक गुणवत्ता का श्रेणी निर्धारण भी होगा ।
उन्होंने बताया कि परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण में कक्षा 3री के लिए भाषा, गणित एवं हमारे आसपास की दुनिया से 90 मिनट में 45 प्रश्न पूछे जाएँगे। कक्षा 6वीं के लिए उक्त विषयों से संबंधित 51 प्रश्न 90 मिनट में पूछे जाएँगे। कक्षा 9वीं में भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान के 60 प्रश्न 120 मिनट पर हल करने होंगे। परीक्षार्थियों को एक ही प्रश्न पत्र दिया जायेगा। परख मूल्याँकन माइनस मार्किंग नहीं होगी। केंद्र सरकार के नियमानुसार जिस माध्यम की शाला चयनित की गई, उस माध्यम की प्रथम भाषा पर सर्वे अर्थात् प्रश्नपत्र होगा । यदि अंग्रेजी माध्यम की कई शाला सेम्पल शाला के रूप में चयनित की जाती हैं, तो वहाँ अंग्रेजी भाषा में आकलन परीक्षा निर्धारित होगी ।
राज्य में परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 के लिए सेंपल शालाओं के रूप में जिले की शासकीय सहित राज्य शासन से अनुदान प्राप्त शालाओं, गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय शालाओं, केंद्रीय, नवोदय विद्यालयों को सीधे भारत शासन, स्कूल शिक्षा वि नई दिल्ली द्वारा चयनित व निर्धारण किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 33 जिलों में कुल 3420 को चुना गया है। इस मूल्याँकन सर्वेक्षण या परीक्षा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मूल्याँकन कार्य की पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के शासकीय या अशासकीय किसी भी शिक्षक को परीक्षक या पर्यवेक्षक के रूप में कार्य में नियुक्त नहीं किया जायेगा, बल्कि परीक्षा का मूलभूत कार्य राज्य के शासकीय डाइट कालेज में छात्राध्यापक या प्रशिक्षु शिक्षक अर्थात् अध्यनरत डीएलएड, बीएड एवं एमएड के प्रशिक्षणार्थियों द्वारा संपन्न कराया जायेगा ।
विशेष परिस्थिति में शासकीय कॉलेज के विद्यार्थी, अशासकीय प्रशिक्षण संस्थाओं के डीएलएड, बीएड, एमएड प्रशिक्षणार्थियों को लिया जा सकेगा। परीक्षा कार्य संपन्न कराने वाले ऐसे लगभग 3800 छात्राध्यापकों को जिले के 33 डाइट के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वे सुचारू पूर्वक परीक्षा कार्य बिना बाधा के पूरा करा सकें। इस सर्वेक्षण के पारदर्शी क्रियान्वयन हेतु भारत सरकार द्वारा सीबीएसई के प्रशासनिक व अकादमिक अमले को ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त किया गया है जो प्रत्येक निर्धारित परीक्षा केंद्र में मानटरिंग करेंगे।  
राज्य के विद्यार्थी अपनी शैक्षिक दक्षता का राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें इसके लिए परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण की पूर्व तैयारी के रूप में एससीईआरटी तथा समग्र शिक्षा राज्य परियोजना कार्या द्वारा राज्य के सभी स्कूलों के कक्षा 3री, 6वीं तथा 9वीं के विद्यार्थियों को प्रश्न बैंक एवं रीडिंग कार्ड उपलब्ध कराया गया है। उनके लिए विशेष तौर पर सभी निजी व सरकारी स्कूलों में मॉक टेस्ट का विशेष आयोजन किया जा रहा है। इस कार्य में राज्य के लगभग 146 निजी शिक्षा महाविद्यालयों के 19 हजार छात्र अध्यापकों का भी स्वैच्छिक सहयोग लिया जा रहा है।

नीट ‎पीजी की काउंसिलिंग प्रक्रिया के पहले राउंड में शामिल होने के लिए‎ रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 17 तक

12-Nov-2024
रायपुर। ( शोर संदेश ) नीट ‎पीजी की काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके पहले राउंड में शामिल होने के लिए‎ 17 नवंबर तक रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। राउंड-‎1 काउंसिलिंग अलॉटमेंट के परिणाम 20 नवंबर‎ को जारी होगा। इस काउंसिलिंग के माध्यम से देशभर के आल इंडिया कोटे की सीटों में प्रवेश लिया जाएगा।
राज्य के 6 सरकारी मेडिकल कॉलेज में इसकी कुल 155 सीटें हैं। इनमें सबसे ज्यादा नेहरु मेडिकल कॉलेज में 74 सीट हैं। 
नीट पीजी ‎‎उम्मीदवारों को वरीयता क्रम में पाठ्यक्रमों और ‎‎कॉलेजों के विकल्प भरने और पंजीकरण करना ‎होगा। उम्मीदवारों को विकल्प लॉक करने के लिए ‎10 दिन का समय दिया जाएगा। एमसीसी नीट ‎पीजी काउंसिलिंग देश भर के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों की ‎‎एमडी, एमएस, डीएनबी और पीजी डिप्लोमा ‎‎कार्यक्रमों में अखिल भारतीय कोटा (एआइक्यू)‎ सीटों पर प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।‎
छत्तीसगढ़ में राज्य कोटा और एनआरआई की सीटों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 से शुरु हो चुकी है। इसकी अंतिम तिथि 12 नवंबर तक है। इस दौरान च्वाइस फीलिंग की प्रक्रिया भी होगी। प्रदेश के 9 मेडिकल कॉलेजों में पीजी की कुल 497 सीटें हैं। इनमें सरकारी में 311 व निजी में 186 सीटें हैं। सरकारी कॉलेजों में आधी सीटें ऑल इंडिया कोटे की हैं, जबकि निजी में 15 फीसदी सीटें एनआरआई के लिए आरक्षित है। सरकारी कॉलेजों में राज्य कोटे के लिए 156 व आल इंडिया के लिए 155 सीटें है। जबकि निजी में 160 सीटें स्टेट व 26 सीटें एनआरआई के लिए है। 



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