ब्रेकिंग न्यूज

Raipur

समान नागरिक संहिता से सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिकरण और समान नागरिक अधिकारों को मिलेगी मजबूती

31-Oct-2026
रायपुर: छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों की भागीदारी और जनसंवाद का क्रम जारी है। इसी कड़ी में स्वयंप्रभा फाउंडेशन एवं आम्रपाली सहकारी गृह निर्माण संस्था मर्यादित, रायपुर के प्रतिनिधियों ने समान नागरिक संहिता समिति के समक्ष महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। समान नागरिक संहिता समिति के सदस्यों सेवानिवृत्त आईएएस एम.के. राऊत और वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रस्तुत सुझावों को गंभीरतापूर्वक सुना। समिति की ओर से सुझावों के समुचित परीक्षण एवं विचार-विमर्श के दौरान उन्हें संज्ञान में लेने की बात कही गई। प्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि व्यापक जनभागीदारी और विभिन्न समुदायों के विचारों के आधार पर तैयार की जाने वाली समान नागरिक संहिता सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, नागरिक अधिकारों की सुरक्षा और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है।
प्रतिनिधियों ने सुझाव प्रस्तुत किया कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों को समान कानूनी अधिकार, महिलाओं को न्यायपूर्ण संरक्षण और समाज में समानता एवं समरसता को बढ़ावा देना होना चाहिए। साथ ही छत्तीसगढ़ की विशिष्ट आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। स्वयंप्रभा फाउंडेशन के अध्यक्ष शिव नारायण मुंदड़ा,  डॉ. मुकेश शाह तथा आम्रपाली सहकारी गृह निर्माण संस्था मर्यादित के अध्यक्ष इन्द्रनाथ सिंह ने समान नागरिक संहिता के संबंध में अपने सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, संपत्ति एवं पारिवारिक अधिकारों से जुड़े कानूनों में समानता स्थापित होने से नागरिकों को न्याय प्राप्त करने में सुविधा होगी, इससे कानूनी प्रक्रियाओं के सरलीकरण और सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था विकसित करने में सहायता मिलेगी।
प्रतिनिधियों ने महिलाओं के अधिकारों को विशेष प्राथमिकता देते हुए कहा कि बहुविवाह जैसी सामाजिक कुप्रथाओं, भरण-पोषण संबंधी असमानताओं और संपत्ति के अधिकारों में भेदभाव को दूर करने की दिशा में प्रभावी प्रावधान किए जाने चाहिए। विशेष रूप से बेटियों को पैतृक संपत्ति में समान अधिकार तथा महिलाओं को विवाह और तलाक के मामलों में न्यायपूर्ण संरक्षण उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है।
प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ की जनजातीय आबादी का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की लगभग 32 प्रतिशत आबादी आदिवासी समुदायों की है। इन समुदायों की अपनी विशिष्ट सामाजिक व्यवस्था, सांस्कृतिक पहचान और सदियों पुरानी परंपराएं हैं। इसलिए समान नागरिक संहिता लागू करने से पहले इनकी परंपराओं, सामाजिक हितों और संवैधानिक संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि किसी भी समुदाय के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े सामाजिक एवं कानूनी पहलुओं पर भी सुझाव दिए गए। प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसे संबंधों के पंजीयन की उपयुक्त कानूनी व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए। साथ ही इन संबंधों से जन्म लेने वाले बच्चों के उत्तराधिकार, संपत्ति संबंधी अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट एवं न्यायसंगत प्रावधान आवश्यक हैं।

राज्यपाल डेका ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उन्हें किया नमन

31-Oct-2026
रायपुर।( शोर संदेश ) 31 अक्टूबर 2026 राज्यपाल रमेन डेका ने लौह पुरूष, राष्ट्रीय एकीकरण के शिल्पकार, भारत रत्न, सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर आज लोकभवन में उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। राज्यपाल डेका ने अखंड भारत के निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए नमन किया।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ.सी.आर. प्रसन्ना, विधिक सलाहकार सत्यभामा अजय दुबे एवं लोक भवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें किया नमन

31-Oct-2026
रायपुर।( शोर संदेश ) 31 अक्टूबर 2026 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज यहाँ सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास में भारत रत्न, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकीकरण में सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान का स्मरण करते हुए उन्हें कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल भारतीय एकता और अखंडता के महान शिल्पकार थे। उन्होंने अपने अदम्य साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल नेतृत्व से स्वतंत्रता के बाद देश की सैकड़ों रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर एक सशक्त और अखंड भारत की नींव रखी। राष्ट्र निर्माण में उनका यह असाधारण योगदान भारतीय इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार पटेल का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और देश की एकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका व्यक्तित्व हमें सिखाता है कि दृढ़ संकल्प, सामूहिक प्रयास और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण से बड़ी से बड़ी चुनौतियों का समाधान किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरदार पटेल के एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। आज देश विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता के नए आयाम स्थापित करते हुए विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। सरदार पटेल के विचार और आदर्श इस राष्ट्रीय संकल्प को और अधिक सशक्त बनाते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस केवल सरदार पटेल के महान योगदान को स्मरण करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को अक्षुण्ण बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने का भी दिन है। भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और समुदायों को एकता के सूत्र में पिरोकर आगे बढ़ना ही सरदार पटेल के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर एक सशक्त, समरस और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए, ताकि विकसित भारत के निर्माण में हमारा प्रदेश अग्रणी भूमिका निभा सके।

 


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया

31-Oct-2026
रायपुर।( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट किया है कि कोर्सेवाड़ा के निधन की सूचना से वे स्तब्ध हैं। सरल व्यक्तित्व, जनसरोकारों के प्रति संवेदनशीलता और संगठन के प्रति अटूट निष्ठा उनकी विशेष पहचान रही। क्षेत्र की जनता के सुख-दुःख में सदैव साथ खड़े रहने वाले कोर्सेवाड़ा का निधन हम सभी के लिए गहरी पीड़ा का विषय है। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
मुख्यमंत्री साय ने प्रभु श्रीराम से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने तथा शोकसंतप्त परिजनों और उनके सभी स्नेहीजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है।

प्रधानमंत्री मोदी से रूबरू हुईं छत्तीसगढ़ की महिला उद्यमी हीना, बताई 37 महिलाओं की सफलता की कहानी

31-Oct-2026
रायपुर।( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएं आज अपनी मेहनत, उद्यमशीलता और आत्मविश्वास के बल पर सफलता की नई इबारत लिख रही हैं। इसकी एक प्रेरणादायक झलक गुजरात के एकता नगर में आयोजित भारत पर्व 2026 में देखने को मिली, जब कोरिया जिले की महिला उद्यमी एवं मिलेट्स कैफे की संचालिका हीना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रूबरू होने और अपनी सफलता की कहानी साझा करने का अवसर मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि किस प्रकार छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी से संवाद के दौरान हीना ने बताया कि कोरिया जिले में उनके द्वारा संचालित मिलेट्स कैफे ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बन गया है। इस कैफे से जुड़कर 37 महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से नियमित आय अर्जित कर रही हैं। कभी सीमित आजीविका के साधनों पर निर्भर रहने वाली ग्रामीण महिलाएं आज अपने हुनर और सामूहिक प्रयासों से स्वरोजगार की नई पहचान बना रही हैं।
हीना ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' ने महिलाओं को संगठित होकर आगे बढ़ने और अपनी क्षमताओं को उद्यम में बदलने का अवसर प्रदान किया है। कोरिया मिलेट्स कैफे इसी सामूहिक उद्यमशीलता का सफल उदाहरण है।
हीना ने प्रधानमंत्री को बताया कि कोरिया मिलेट्स कैफे में मोटे अनाज अर्थात अन्न से विभिन्न प्रकार के पौष्टिक एवं पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन तैयार किए जाते हैं। इसके माध्यम से एक ओर पोषणयुक्त खानपान को प्रोत्साहन मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ की समृद्ध खाद्य संस्कृति और स्थानीय व्यंजनों को नई पहचान मिल रही है।  उन्होंने बताया कि भारत पर्व में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक मिलेट्स व्यंजनों का स्टॉल लगाया गया है। इस स्टॉल के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले आगंतुकों को छत्तीसगढ़ के पारंपरिक स्वाद, स्थानीय खाद्य संस्कृति और ग्रामीण महिलाओं की उद्यमशीलता से परिचित कराया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि गुजरात के एकता नगर में 30 अक्टूबर से 15 नवंबर 2026 तक भारत पर्व का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों के शिल्पकार, उद्यमी और स्व-सहायता समूह अपनी पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, स्थानीय व्यंजनों एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन कर रहे हैं। इस राष्ट्रीय आयोजन में कोरिया जिले की महिला उद्यमी हीना का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संवाद छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण का गौरवपूर्ण उदाहरण है।

 


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का किया आत्मीय स्वागत

31-Oct-2026
रायपुर।( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।

राज्योत्सव पर विशेष आलेख : आधुनिक तकनीक से जीवंत हुईं जनजातीय अमर बलिदानियों की शौर्यगाथाएं

30-Oct-2026
रायपुर, ।( शोर संदेश ) 30 अक्टूबर 2026 ’छत्तीसगढ़ की पावन धरा सदियों से त्याग, तपस्या, संघर्ष और स्वाभिमान की साक्षी रही है। यहां’ के घने जंगलों, पर्वतों और वनांचलों में स्वतंत्रता की ऐसी अनगिनत गाथाएं जन्मीं, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिलाकर रख दी थी। इतिहास के पन्नों में अपेक्षित स्थान नहीं पा सके इन जनजातीय नायकों के अदम्य साहस और सर्वाेच्च बलिदान को अब एक नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और जनजातीय कल्याण मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में नवा रायपुर अटल नगर में निर्मित ‘शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय’ देश में जनजातीय शौर्य, स्वाभिमान और आधुनिक डिजिटल तकनीक के अनूठे संगम के रूप में उभरा है। यह भव्य संग्रहालय केवल ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण केंद्र नहीं, बल्कि उन अमर बलिदानियों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का जीवंत प्रतीक है, जिन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर 1 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भव्य संग्रहालय को राष्ट्र को समर्पित किया था। यह अवसर केवल एक संग्रहालय के लोकार्पण का नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के गौरवशाली इतिहास को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के संकल्प की सार्थक अभिव्यक्ति का था। लगभग 50 से 55 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित यह अत्याधुनिक संग्रहालय जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को डिजिटल तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत करने वाली देश की विशिष्ट परियोजनाओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और ऐतिहासिक योगदान को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। यह संग्रहालय उसी सोच का साकार स्वरूप है, जिसमें विकास के साथ अपनी जड़ों, संस्कृति और पुरखों के बलिदान को सहेजने का संकल्प निहित है। विशेष रूप से जनजातीय पृष्ठभूमि से आने वाले मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में इस ऐतिहासिक धरोहर का निर्माण प्रदेश के जनजातीय समाज के गौरव और आत्मसम्मान को नई ऊंचाई प्रदान करता है।
भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 में सोनाखान के अमर शहीद वीर नारायण सिंह ने जिस साहस और स्वाभिमान का परिचय दिया, वह आज भी छत्तीसगढ़ की सामूहिक चेतना में जीवित है। अंग्रेजी शासन के अन्याय और शोषण के विरुद्ध उनका संघर्ष केवल विद्रोह नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों, सामाजिक न्याय और मातृभूमि के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण था। इस संग्रहालय में वीर नारायण सिंह सहित उन असंख्य जनजातीय योद्धाओं की गाथाओं को जीवंत किया गया है, जिनका संघर्ष स्वतंत्रता आंदोलन की मजबूत आधारशिला बना।
जनजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में स्थापित इस संग्रहालय की भव्य दीर्घाएं इतिहास के उन अध्यायों से परिचित कराती हैं, जिन्हें जानना प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव का विषय है। यहां लगभग 650 से अधिक जीवंत मूर्तिशिल्पों के माध्यम से जनजातीय संघर्षों का प्रभावशाली चित्रण किया गया है। हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह और सोनाखान विद्रोह जैसी ऐतिहासिक घटनाएं दर्शकों को जनजातीय वीरता के उस दौर में ले जाती हैं, जब सीमित संसाधनों के बावजूद हमारे पुरखों ने शक्तिशाली ब्रिटिश साम्राज्य को चुनौती दी थी। झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह के लिए निर्मित विशेष दीर्घाएं स्वतंत्रता आंदोलन में छत्तीसगढ़ के योगदान को और व्यापक रूप में प्रस्तुत करती हैं।
इस संग्रहालय की सबसे बड़ी विशेषता इतिहास और आधुनिक तकनीक का अद्भुत समन्वय है। अत्याधुनिक वीएफएक्स तकनीक, डिजिटल प्रोजेक्शन, दृश्य-श्रव्य प्रस्तुतियों और जीवंत मूर्तिशिल्पों के माध्यम से ऐतिहासिक घटनाओं को इस प्रकार प्रस्तुत किया गया है कि दर्शक स्वयं को उस कालखंड का साक्षी महसूस करते हैं। यहां इतिहास केवल पढ़ा या देखा नहीं जाता, बल्कि उसकी अनुभूति होती है। युद्धभूमि का वातावरण, वीर सेनानियों का संघर्ष, जनजातीय समाज की जीवनशैली और स्वतंत्रता के लिए किए गए बलिदान आधुनिक तकनीक के माध्यम से जीवंत हो उठते हैं।
डिजिटल सूचना प्रणाली इस संग्रहालय को विशेष पहचान प्रदान करती है। प्रत्येक दीर्घा में स्थापित डिजिटल बोर्ड, क्यूआर कोड और अन्य आधुनिक माध्यमों से आगंतुक संबंधित ऐतिहासिक घटनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन करते ही इतिहास की महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध हो जाती हैं। प्रशिक्षित गाइड भी दर्शकों को जनजातीय विद्रोहों और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान से परिचित कराते हैं। इस प्रकार यह संग्रहालय इतिहास, शोध, शिक्षा और पर्यटन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है।
आगंतुकों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। संग्रहालय परिसर में स्वच्छ पेयजल, व्यवस्थित पार्किंग, सीसीटीवी सुरक्षा, प्राथमिक उपचार, दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर तथा शिशुवती माताओं के लिए शिशु देखभाल कक्ष जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन व्यवस्थाओं से बच्चों, बुजुर्गों, विद्यार्थियों और परिवारों के लिए संग्रहालय का भ्रमण सुविधाजनक और ज्ञानवर्धक बनता है।
लोकार्पण के बाद से ही इस ऐतिहासिक संग्रहालय के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सामान्य दिनों में एक से दो हजार तथा अवकाश के दिनों में चार से पांच हजार तक दर्शक यहां पहुंच रहे हैं।  शुभारंभ से अब तक तीन लाख से अधिक आगंतुकों का संग्रहालय का अवलोकन करना इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। सर्वाेच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त मुक्केबाज मैरीकॉम सहित विभिन्न राज्यों के प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, सैन्य जवानों और विदेशी पर्यटकों ने भी यहां प्रदर्शित जनजातीय शौर्यगाथाओं और छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत की सराहना की है।
यह संग्रहालय केवल अतीत की स्मृतियों को सहेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की पीढि़यों के लिए प्रेरणा का सशक्त माध्यम भी है। विशेषकर विद्यार्थियों और युवाओं को यह समझने का अवसर मिलता है कि भारत की स्वतंत्रता केवल कुछ महानगरों या चुनिंदा आंदोलनों के संघर्ष का परिणाम नहीं थी, बल्कि दूरस्थ वनांचलों में रहने वाले जनजातीय समाज ने भी इसके लिए असाधारण त्याग और बलिदान दिया था। यही कारण है कि यह स्मारक राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक गौरव और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इसके साथ ही संग्रहालय छत्तीसगढ़ में पर्यटन की नई संभावनाओं को भी विस्तार दे रहा है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की बढ़ती संख्या स्थानीय रोजगार, पर्यटन सेवाओं और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित कर रही है। नवा रायपुर की पहचान अब आधुनिक प्रशासनिक राजधानी के साथ जनजातीय इतिहास और सांस्कृतिक पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी विकसित हो रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निर्मित यह भव्य स्मारक इस बात का प्रमाण है कि अपनी ऐतिहासिक विरासत का सम्मान करते हुए आधुनिक तकनीक के माध्यम से उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना ही सांस्कृतिक संरक्षण की सार्थक दिशा है। जनजातीय कल्याण मंत्री रामविचार नेताम के सतत मार्गदर्शन में साकार यह संग्रहालय छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य के बीच एक मजबूत सेतु बन गया है।
नवा रायपुर की धरती पर खड़ा यह भव्य डिजिटल स्मारक आने वाली सदियों तक जनजातीय स्वाभिमान की अमर ज्योति प्रज्वलित रखेगा। इसकी प्रत्येक दीर्घा, प्रत्येक मूर्ति और प्रत्येक ऐतिहासिक दृश्य मानो यही संदेश देता है कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ केवल पराधीनता से मुक्ति नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा का अटूट संकल्प है।
छत्तीसगढ़ के वीर जनजातीय पुरखों ने अपने रक्त से स्वतंत्रता का जो इतिहास लिखा था, उसे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आधुनिक तकनीक ने नई अभिव्यक्ति दी है। यह केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि इतिहास का पुनर्जागरण, बलिदानियों का सम्मान और जनजातीय अस्मिता के गौरव का राष्ट्रीय उद्घोष है।

 


चक्रवात ‘अर्नब’ से प्रभावित किसानों को शीघ्र मिलेगी राहत, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए निर्देश’

30-Oct-2026
रायपुर 30 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान को गंभीरता से लेते हुए सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल फसल क्षति का सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रभावित किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें समय पर राहत मिल सके, इसके लिए जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करे।
मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का शीघ्र आकलन कर आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधानों एवं निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण से लेकर सहायता राशि के वितरण तक की पूरी प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। सभी संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रभावित किसानों को समय पर राहत मिल सके।

खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को उन्नत सरसों बीज का वितरण

30-Oct-2026
रायपुर।( शोर संदेश ) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान, रायपुर में आज ‘खेत बचाओ अभियान-रबी 2026’ के अंतर्गत किसान जागरूकता एवं सरसों उन्नत बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर किसानों को सरसों की उन्नत किस्म DRMR150-35 का बीज वितरित किया गया, जिससे लगभग 270 एकड़ क्षेत्र में सरसों की खेती को प्रोत्साहन मिलेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. पी. के. राय ने खेत बचाओ अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य किसानों के खेतों को स्वस्थ एवं उपजाऊ बनाए रखना, मृदा स्वास्थ्य का संरक्षण करना तथा प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग, प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाना तथा दलहनी एवं तिलहनी फसलों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों से कृषि की आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर उत्पादन लागत कम करने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. पंकज शर्मा ने किसानों को धान की कटाई के बाद फसल अवशेष प्रबंधन की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धान की कटाई के बाद खेत में बचे अवशेषों को जलाने के बजाय मल्चर जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों की सहायता से छोटे टुकड़ों में काटकर मिट्टी में मिलाया जा सकता है। इससे जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ाने, मृदा की संरचना सुधारने तथा भूमि की उर्वरता बनाए रखने में मदद मिलती है। उन्होंने समय पर धान की कटाई, खेत की उचित तैयारी तथा उपलब्ध समय का सदुपयोग करते हुए रबी मौसम में दलहनी एवं तिलहनी फसलें लेने पर जोर दिया।
डॉ. शर्मा ने विशेष रूप से सरसों की खेती की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए बताया कि सरसों कम बीज दर एवं सीमित सिंचाई में भी अच्छी उपज देने वाली महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है। उन्होंने उन्नत किस्म DRMR-150-35 की विशेषताओं, बुवाई के समय, बीज दर, कतारों की दूरी, उर्वरक प्रबंधन, सिंचाई एवं अन्य आवश्यक कृषि क्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर, विशेषकर 30 नवंबर से पहले बुवाई करने तथा वैज्ञानिक फसल प्रबंधन अपनाने पर लगभग 10-12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज प्राप्त की जा सकती है। यह किस्म लगभग 95 से 110 दिनों में पककर तैयार हो जाती है, जिससे किसान कम अवधि में रबी मौसम की एक लाभकारी तिलहनी फसल प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंतर्गत अनुसूचित जाति उपयोजना एवं जनजातीय उपयोजना के लाभार्थी किसानों को लगभग 270 एकड़ क्षेत्र में बुवाई के लिए सरसों की उन्नत किस्म का बीज वितरित किया गया। किसानों ने उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत बीज की उपलब्धता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि इससे उन्हें सरसों की खेती अपनाने तथा बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष किसानों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. के. सी. शर्मा एवं डॉ. प्रियंका मीना द्वारा किया गया।

शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए : मुख्य सचिव विकासशील

30-Oct-2026
रायपुर,।( शोर संदेश ) 30 अक्टूबर 2026 मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य स्तरीय उच्चाधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और विकास कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सीएम हेल्पलाइन 1076 में दर्ज आम जनता की शिकायतों का निराकरण सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। निराकरण के पश्चात इसकी जानकारी सुशासन एवं अभिसरण विभाग को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।
15 नवंबर तक गिरदावरी कार्य पूरा करने के निर्देश
राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आगामी 15 नवंबर से पूर्व सभी फसलों की गिरदावरी का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा कर लिया जाए। इसकी जानकारी प्रत्येक ग्राम की ग्राम सभा में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। यदि किसी किसान के खेत की गिरदावरी छूट जाती है, तो वे ग्राम सभा में आवेदन देकर तत्काल इसे पूर्ण करवा सकते हैं।
निर्माण कार्यों में गति लाने पर जोर
बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए लोक निर्माण विभाग ने शासकीय भवनों, सड़कों और पुल-पुलियों के अधूरे निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूरा किया जाए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के नल-जल योजनाओं और जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाई जाए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आदिम जाति विकास तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को स्वीकृत सभी निर्माण कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। नगरीय प्रशासन एवं परिवहन विभाग के  नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों के सुगम आवागमन के लिए एक सुव्यवस्थित परिवहन कार्ययोजना पर कार्य करने को कहा गया। बैठक के दौरान संस्कृति विभाग के अधिकारियों से राज्योत्सव की तैयारियों की भी विस्तृत जानकारी ली गई।
पारस पोर्टल और भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा
बैठक में पारस पोर्टल के अंतर्गत शामिल प्रमुख एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं, जल जीवन मिशन और अमृत 2.0 योजना में बिना किसी विलंब के प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होने वाली भर्ती प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने के लिए सभी संबंधित विभागों को अपनी आवश्यकताएं एवं प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा गया।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


+ Load More

Feedback/Enquiry



Log In Your Account