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Raipur

बालक आश्रम बगिया में स्नेह और अपनत्व के साथ मनाया गया मुख्यमंत्री का जन्मदिवस

21-Feb-2026
रायपुर,।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने 62वें जन्मदिवस को जशपुर के बगिया स्थित बालक आश्रम के बच्चों के बीच जिस आत्मीयता और स्नेह के साथ मनाया, उसने इस दिन को बच्चों के जीवन की एक अविस्मरणीय स्मृति बना दिया। जैसे ही मुख्यमंत्री आश्रम परिसर पहुँचे, बच्चों के चेहरों पर खुशी की चमक दौड़ गई। वे दौड़कर उनके पास आए और कुछ ही क्षणों में पूरा वातावरण एक पारिवारिक मिलन जैसा हो गया। उस पल मुख्यमंत्री किसी पद पर आसीन व्यक्ति नहीं, बल्कि बच्चों के अपने स्नेही अभिभावक की तरह उनके बीच दिखाई दे रहे थे।
मुख्यमंत्री साय ने बच्चों के साथ केक काटा और उनके साथ बैठकर बातें कीं।  उन्होंने बच्चों के नाम पूछे, पढ़ाई के बारे में जाना, उनके सपनों को सुना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। जब मुख्यमंत्री बच्चों से बात कर रहे थे, तब उनके चेहरे पर झलकता स्नेह और अपनत्व बच्चों के मन में गहरा विश्वास जगा रहा था। बच्चे भी पूरी सहजता से उनसे बातें करते हुए खुशी से चहकते रहे। 
आश्रम परिसर में उस समय जो दृश्य था, वह एक परिवार के बीच मनाए जा रहे उत्सव जैसा महसूस हो रहा था। मुख्यमंत्री साय ने बच्चों को अपने हाथों से केक और चॉकलेट खिलाया। उन्होंने बच्चों के सिर पर हाथ फेरते हुए आशीर्वाद दिया और कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, बड़े सपने देखें और जीवन में आगे बढ़कर अपने परिवार तथा प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि आप सब बच्चों की मुस्कान मेरे जन्मदिन का सबसे बड़ा उपहार है। उनके इन स्नेहपूर्ण शब्दों ने बच्चों के मन को छू लिया। बच्चों की आँखों में चमक और चेहरे पर मुस्कान इस बात की गवाही दे रही थी कि यह पल उनके लिए कितना खास बन गया है।
मुख्यमंत्री के रूप में स्नेही अभिभावक को अपने बीच पाकर बच्चों ने जिस खुशी और अपनत्व का अनुभव किया, वह लंबे समय तक उनकी स्मृतियों में रहेगा। 
उल्लेखनीय है कि बालक आश्रम बगिया में कक्षा पहली से पाँचवीं तक के छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें अधिकांश बच्चे आदिवासी समुदाय से हैं। मुख्यमंत्री का उनके बीच पहुँचकर जन्मदिन मनाना बच्चों के लिए गर्व और प्रेरणा का विशेष क्षण बन गया।
इस अवसर पर विधायक गोमती साय, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण तथा आश्रम के शिक्षक एवं स्टाफ उपस्थित थे।

 

बिलासपुर में टेलीफोन एक्सचेंज पहुंच मार्ग को मिली मंजूरी, 5.11 करोड़ से बनेगी 3.29 किमी सड़क

21-Feb-2026
रायपुर ( शोर संदेश )। राज्य शासन ने बिलासपुर में टेलीफोन एक्सचेंज पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 5 करोड़ 10 लाख 59 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। इस राशि से 3.29 किमी सड़क का निर्माण किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से आज राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को परिपत्र जारी कर दिया है। 
उप मुख्यमंत्री साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।
लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन व कार्य संपादित करने में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा है। 
कार्य पूर्ण किये जाने के लिए अनावश्यक समय-सीमा वृद्धि नहीं किए जाने के भी निर्देश विभाग ने दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी।

पत्थरों में दर्ज इतिहास: जांजगीर का अधूरा विष्णु मंदिर और उसकी अनकही गाथा

21-Feb-2026
रायपुर ( शोर संदेश ) । छत्तीसगढ़ के जांजगीर नगर में स्थित विष्णु मंदिर, जिसे स्थानीय रूप से ‘नकटा मंदिर’ भी कहा जाता है, प्रदेश की महत्वपूर्ण पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक धरोहरों में गिना जाता है। महानदी अंचल की ऐतिहासिक भूमि पर निर्मित यह मंदिर अपनी अधूरी संरचना के कारण सदियों से जिज्ञासा और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
इतिहासकारों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण 11वीं-12वीं शताब्दी में कलचुरी शासकों के काल में प्रारंभ हुआ था। उस समय छत्तीसगढ़ क्षेत्र कला, स्थापत्य और धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था। मंदिर की संरचना नागर शैली में निर्मित है, जिसमें ऊँचा शिखर, अलंकृत गर्भगृह तथा सुसज्जित मंडप की परिकल्पना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। हालांकि निर्माण कार्य किसी अज्ञात कारण से अधूरा रह गया, किंतु जो संरचना आज विद्यमान है, वह उस युग की समृद्ध कला और स्थापत्य कौशल का जीवंत प्रमाण प्रस्तुत करती है।
मंदिर की दीवारों, स्तंभों और आधार भागों पर की गई बारीक नक्काशी अत्यंत आकर्षक है। इनमें विभिन्न पौराणिक प्रसंग, देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ, गंधर्व, अप्सराएँ और अलंकारिक रूपांकन उकेरे गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मूर्तियों के अनुपात, भाव-भंगिमा और अलंकरण शैली से तत्कालीन शिल्पियों की उच्च कोटि की दक्षता का परिचय मिलता है। प्रत्येक आकृति मानो किसी कथा का दृश्य रूपांतरण हो, जो भारतीय धर्म और संस्कृति की गहराई को अभिव्यक्त करता है।
मंदिर के अधूरे रह जाने को लेकर कई मत प्रचलित हैं। कुछ इतिहासकार इसे राजनीतिक अस्थिरता या सत्ता परिवर्तन से जोड़ते हैं, जबकि स्थानीय लोककथाओं में इसे दैवीय संकेत या अलौकिक कारणों से संबंधित बताया जाता है। यद्यपि सटीक कारणों का स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं है, किंतु यही अधूरापन इस मंदिर को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। यह अधूरी रचना भी पूर्ण सौंदर्य का अनुभव कराती है और दर्शकों को इतिहास के उस कालखंड में ले जाती है, जब कला और आस्था का अद्भुत संगम हुआ करता था।
आज यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का स्थल होने के साथ-साथ पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान में इस मंदिर का विशेष स्थान है। पुरातात्विक महत्व के कारण इसे संरक्षित स्मारक के रूप में देखा जाता है और प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर भी यह महत्वपूर्ण पड़ाव है। मंदिर परिसर में खड़े होकर ऐसा प्रतीत होता है मानो समय ठहर गया हो और पत्थरों में इतिहास बोल रहा हो।
जांजगीर का विष्णु मंदिर यह संदेश देता है कि विरासत केवल पूर्ण संरचनाओं में ही नहीं, बल्कि अधूरी कहानियों में भी जीवित रहती है। इसकी भव्यता, शिल्प और रहस्य आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते रहेंगे। अधूरा होकर भी यह मंदिर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना में पूर्ण रूप से प्रतिष्ठित है, और यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।
 

आरएसएस की 100 वर्षों की प्रेरक यात्रा को दर्शाती ‘शतक’ : लक्ष्मी राजवाड़े

21-Feb-2026
रायपुर। ( शोर संदेश ) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की प्रेरक यात्रा पर बनी फिल्म ‘शतक’ के रिलीज के पहले दिन महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने फिल्म देखी। इस फिल्म में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा, संगठन की शक्ति, अनुशासन, सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों की समृद्ध परंपरा का भावनात्मक एवं प्रभावशाली चित्रण किया गया है। यह फिल्म राष्ट्र जीवन में संघ के योगदान, त्याग और समर्पण की प्रेरक गाथा को दर्शाती है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि रिलीज के पहले दिन ‘शतक’ फिल्म देखकर मुझे अत्यंत गर्व और आत्मिक संतोष का अनुभव हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखते हुए समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि ‘शतक’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और संगठन की शक्ति का जीवंत दस्तावेज है। राजवाड़े ने प्रदेश के सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं से आग्रह किया है कि वे इस प्रेरणादायी फिल्म को अवश्य देखें और राष्ट्र निर्माण के इस महान विचार से प्रेरणा लें।

हैमर थ्रो में राज्य स्तर पर तृतीय स्थान, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने छात्रा सुधा सिंह को किया सम्मानित

21-Feb-2026
रायपुर । ( शोर संदेश ) शासकीय नवीन महाविद्यालय लखनपुर, केवरा की बीएससी की प्रतिभावान छात्रा सुधा सिंह ने एथलेटिक्स की हैमर थ्रो विधा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से महाविद्यालय परिवार सहित पूरे क्षेत्र में हर्ष और उत्साह का वातावरण है।
इस उल्लेखनीय सफलता पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने छात्रा सुधा सिंह को सम्मानित करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण अंचलों की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। आवश्यकता केवल उन्हें उचित मंच, संसाधन और प्रोत्साहन देने की है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर अवसरों का विस्तार कर रही है, ताकि प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। सुधा सिंह की उपलब्धि यह सिद्ध करती है कि लगन, परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर सीमित संसाधनों के बावजूद भी बड़ी सफलताएं प्राप्त की जा सकती हैं।
मंत्री अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि हमारा संकल्प है कि बेटियों की प्रतिभा को उचित मंच और अवसर मिले, उनके सपने साकार हों। सुधा सिंह जैसी प्रतिभाएं न केवल अपने परिवार और महाविद्यालय का, बल्कि पूरे क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन करती हैं।
महाविद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने भी छात्रा की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने भी सुधा सिंह को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सुधा सिंह की इस सफलता ने यह संदेश दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो कोई भी मुकाम दूर नहीं। खेल के क्षेत्र में उनकी यह उपलब्धि आने वाले समय में नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर होने का संकेत है।

विजय शर्मा ने किया छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा का लोकार्पण, कवर्धा को मिली नई पहचान

21-Feb-2026
रायपुर। ( शोर संदेश ) छत्रपति शिवाजी की 396 वें जन्म जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का लोकार्पण उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया। यह प्रतिमा कवर्धा शहर में छत्रपति शिवाजी चौक पर स्थापित की गई है। प्रतिमा के पार्श्व में किले की दीवार और आजू बाजू में तोपों की प्रतिकृति बनाई गई है। जो पूरे प्रतिमा को भव्यता प्रदान कर रही है। 
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा यह कवर्धा के लिए ऐतिहासिक दिन है जब अदम्य वीरता और साहस के प्रतीक छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा उनके जन्म जयंती के अवसर पर यहां स्थापित की जा रही है। छत्रपति शिवाजी का व्यक्तित्व हमारे समाज और युवाओं के लिए पथ प्रदर्शक और प्रेरणादायी रहा है कि कैसे उन्होंने मुगल आतंक को चुनौती दी और अपनी वीरता से एक विशाल साम्राज्य की नींव रखी, जो आगे चलकर विदेशी ताकतों के खिलाफ भारतीय प्रतिरोध का प्रतीक बना। यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ी को प्रेरणास्त्रोत के रूप में राष्ट्र प्रेम की सीख देगा। 
प्रदेश में लाल आतंक के खात्मे पर उन्होंने कहा कि हम सशस्त्र नक्सलिज्म को खत्म करने का कार्य कर रहे हैं। आज हम बस्तर से लाल आतंक के समूल नाश करने में निर्णायक स्थिति में पहुंच चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में यह संकल्प लिया गया था जिसे पूर्ण करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं।
कवर्धा में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 146 करोड़ की लागत से भव्य भोरमदेव मंदिर कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें मड़वा महल, छेरकी महल और रामचुंवा को भी शामिल किया गया है, यहां के सरोवर और मेला स्थल को भी संवारा जाएगा। इसी प्रकार बूढ़ा महादेव मंदिर के उन्नयन एवं नदी तट को संवारने का काम किया जाएगा। यहां कांवड़िया सदन का निर्माण भी होने जा रहा है।
विधायक दुर्ग ग्रामीण ललित चंद्राकर  ने कहा कि छत्रपति शिवाजी ने देश को एकजुट कर भारत को भारत बनाने में अपने प्राण न्यौछावर किया। उनका व्यक्तित्व आज इतने वर्षों बाद भी उतना ही प्रेरणादायी व अनुकरणीय है। उन्होंने पूरे समाज और पूरे देश को एक किया है। छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा की स्थापना शहर को न केवल भव्यता दे रहा है बल्कि युवाओं को हमारे अमर बलिदानी के योगदान की हमेशा याद दिलाएगा। 
नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्रपति शिवाजी का समूचा व्यक्तित्व और पूरा जीवन वीरता, शौर्य और साहस का प्रतीक है, उनकी स्मृति में छत्रपति शिवाजी के नाम से बने इस चौक में यह प्रतिमा स्थापित की गई है। उन्होंने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का भी प्रतिमा निर्माण करवाने हेतु आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राजेन्द्र चंद्रवंशी, नितेश अग्रवाल ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य भगतराम पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशीराम धुर्वे, भुनेश्वर चंद्राकर,उमंग पाण्डेय, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती देवकुमारी चंद्रवंशी, मनहरण कौशिक, सतविंदर पाहुजा, अध्यक्ष सतीष चंद्रवंशी, विजय लक्षमी तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, समस्त पार्षदगण, शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय को मिला नया नेतृत्व, प्रो. मनोज दयाल बने कुलपति

21-Feb-2026
रायपुर। ( शोर संदेश ) प्रतिष्ठित मीडिया शिक्षाविद प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति के रूप में विधिवत कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर रायपुर के संभागायुक्त महादेव कावरे ने कुलपति को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। 
कुलपति प्रो. दयाल ने विश्वविद्यालय के प्रेरणास्रोत, अद्भुत संगठन शिल्पी और त्याग-सादगी की प्रतिमूर्ति कुशाभाऊ ठाकरे की प्रतिमा पर श्रद्धा-सुमन अर्पित कर प्रशासनिक एवं अकादमिक कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने माननीय राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों से परिचय प्राप्त किया। प्रो. दयाल ने ग्रंथालय में शोधार्थियों एवं पीजी विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनके शोध कार्यों की जानकारी ली। विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो स्टेशन रेडियो संवाद 90.8 एफएम में उन्होंने शुभकामना संदेश रिकॉर्ड किया तथा टेलीविजन स्टूडियो और विभिन्न संकाय भवनों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही विभिन्न विभागों में संचालित पाठ्यक्रमों की कक्षाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से संवाद कर शैक्षणिक गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण, अधिकारी एवं कर्मचारियों ने नवागत कुलपति का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

 

हाथकरघा बुनकर संघ की आमसभा में 280.23 करोड़ का बजट पारित, विपणन विस्तार पर जोर

21-Feb-2026
रायपुर । ( शोर संदेश )छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा बुनकर संघ की वार्षिक आमसभा में वर्ष 2026-27 के लिए 280.23 करोड़ रुपए का अनुमानित बजट ध्वनि मत से  पारित किया गया। बैठक में विभिन्न शासकीय विभागों से प्राप्त मांग- आदेशों में लगातार आ रही कमी पर गंभीर चिंता जताई गई और विपणन व्यवस्था को मजबूत बनाने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
आमसभा का आयोजन संघ के अध्यक्ष भोजराम देवांगन की अध्यक्षता में वीआईपी चौक, रायपुर स्थित एक निजी होटल में हुआ। बैठक में रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सक्ती, कोरबा, बिलासपुर, रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार, दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद और कांकेर जिलों से 96 प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में वर्ष 2024-25 के वित्तीय प्रतिवेदन और वर्ष 2025-26 में 31 जनवरी 2026 तक के वास्तविक आय-व्यय का अनुमोदन किया गया। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 280.23 करोड़ रुपए का वार्षिक बजट पारित करते हुए संघ की गतिविधियों के विस्तार पर सहमति बनी।
आमसभा में विभागों से मिल रहे मांग आदेशों में कमी को संघ के लिए चुनौती बताया गया। प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास कर शासकीय विभागों से अधिक से अधिक मांग आदेश प्राप्त किए जाएं।
साथ ही, वस्त्र उत्पादन नहीं करने वाली निष्क्रिय अथवा अकार्यशील प्राथमिक बुनकर समितियों की सदस्यता समाप्त करने, बुनाई मजदूरी में वृद्धि तथा समितियों के सेवा प्रभार में बढ़ोतरी की मांग भी रखी गई।
ग्रामोद्योग विभाग के सचिव श्याम धावड़े ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री की मंशानुसार विभागीय कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए एनआईसी के माध्यम से ऑनलाइन इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया गया है। इससे सभी विभाग हाथकरघा संघ में उपलब्ध वस्त्र स्टॉक की जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बुनकरों के हित में विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है।
संघ के अध्यक्ष भोजराम देवांगन ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के उत्कृष्ट बुनकरों द्वारा निर्मित कोसा और कॉटन वस्त्रों का मूल्य संवर्धन किया जाएगा। इसके लिए निफ्ट डिज़ाइनरों की सेवाएं ली जा रही हैं और ऑनलाइन मार्केटिंग को बढ़ावा देने के लिए मार्केटिंग कंसल्टेंट नियुक्त किया जा रहा है। इससे हाथकरघा उत्पादों के प्रचार-प्रसार और बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है।
संघ द्वारा कोसा और कॉटन वस्त्रों के प्रचार-प्रसार के लिए बस्तर संभाग के जगदलपुर में शोरूम प्रारंभ किया जा चुका है। इसके अलावा अम्बिकापुर, रायगढ़, बिलासपुर, बालोद, डोंगरगढ़ और चन्द्रपुर में शोरूम खोलने की तैयारी है। राज्य के बाहर मुंबई, कोलकाता, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे महानगरों में भी ‘बिलासा’ शोरूम प्रारंभ करने का प्रस्ताव रखा गया है।
बैठक में जानकारी दी गई कि बुनकरों के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन पुरस्कार, वरिष्ठ बुनकर सम्मान और उच्च शिक्षा प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के लिए प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके लिए  मुख्यमंत्री जी से समय लिया जाएगा।
राज्य बुनकर संघ की वार्षिक आमसभा में लिए गए निर्णय के संबंध में ग्रामोद्योग मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार हाथकरघा और ग्रामोद्योग क्षेत्र को आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कोसा एवं कॉटन उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए विपणन तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। मंत्री यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय समन्वय बढ़ाकर मांग आदेशों में वृद्धि सुनिश्चित की जाए तथा बुनकरों की आय दोगुनी करने की दिशा में ठोस पहल की जाए।
आमसभा में संघ के पूर्व अध्यक्ष कमल देवांगन, वित्त विभाग के दिवाकर राठौर, सहकारिता विभाग के उमेश तिवारी, ग्रामोद्योग विभाग के अमृत यादव, संयुक्त संचालक हाथकरघा ए. अयाज़ सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। विभागीय योजनाओं की जानकारी सचिव एम.एम. जोशी ने दी। आभार प्रदर्शन लेखाधिकारी विलास कुमार झाड़े ने किया तथा संचालन गोविन्द देवांगन ने किया।
 

सकारात्मक सोच से ही बनता है उज्ज्वल भविष्य, युवा बदलेंगे भारत की तस्वीर : टंकराम वर्मा

21-Feb-2026
रायपुर । ( शोर संदेश ) धमतरी स्थित बाबू छोटे लाल श्रीवास्तव स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आज वार्षिक स्नेह सम्मेलन उत्साह और उमंग के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प लिया गया है, उसमें शिक्षा और स्वास्थ्य की निर्णायक भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा विकास की आधारशिला है और आज का युवा नई तकनीकों का कुशल उपयोग कर स्वयं को ऊँचाइयों तक पहुंचा रहा है। एक सकारात्मक विचार जीवन की दिशा बदल सकता है। विचार ही सामान्य व्यक्ति को असाधारण बनाते हैं।उन्होंने युवाओं से नकारात्मकता से दूर रहकर सकारात्मक सोच अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार घोषणाओं से अधिक कार्यों में विश्वास रखती है।
इस अवसर पर मंत्री वर्मा ने विद्यार्थियों के आग्रह पर छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध लोकगायक लक्ष्मण मस्तुरिया का लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए।
महापौर रामू रोहरा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि धमतरी विधानसभा क्षेत्र में बीते दो वर्षों में लगभग 250 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 500 सीटर नालंदा परिसर, विधि विभाग भवन, हाईटेक बस स्टैंड, प्रमुख मार्गों का उन्नयन, ऑडिटोरियम, इंडोर स्टेडियम, विद्युत स्टेशन तथा सिहावा चौक से कोलियरी और रत्नाबांधा चौक से मुजगहन तक सड़क चौड़ीकरण जैसे कार्य शामिल हैं।
प्राचार्य विनोद पाठक ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं खेल उपलब्धियों की जानकारी दी। इस अवसर पर पूर्व विधायक रंजना साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष अंगिरा ध्रुव, नगर निगम सभापति कौशल्या देवांगन सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

वरिष्ठ पत्रकार मधुकर खेर की जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया भावभीना स्मरण

20-Feb-2026
रायपुर,।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय मधुकर खेर की जयंती (21 फरवरी) पर उन्हें स्मरण करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हिन्दी एवं अंग्रेजी पत्रकारिता को सशक्त स्वरूप प्रदान करने में स्वर्गीय मधुकर खेर का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और अविस्मरणीय है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वर्गीय खेर ने अपनी निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनोन्मुखी पत्रकारिता के माध्यम से समाज में जागरूकता का विस्तार किया। उन्होंने आमजन से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर शासन-प्रशासन का ध्यान जनहित के विषयों की ओर आकर्षित किया और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में प्रभावी भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय मधुकर खेर की लेखनी सामाजिक सरोकारों से गहराई से जुड़ी रही। उन्होंने प्रदेश में जिम्मेदार, मूल्यनिष्ठ और स्वस्थ पत्रकारिता की मजबूत परंपरा स्थापित करने में उल्लेखनीय योगदान दिया। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वर्गीय खेर का समर्पण, उनकी कार्यशैली और उनके उच्च आदर्श आज भी प्रदेश के पत्रकारों तथा नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके विचार और सिद्धांत हमें निष्पक्ष, सशक्त एवं समाजोन्मुखी पत्रकारिता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे।






 

 



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