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Mahasamund

9 करोड़ 27 लाख के सोने के साथ 3 आरोपी पकड़े गए, कार में बनाया था सीक्रेट ठिकाना

19-May-2026
महासमुंद। सीमावर्ती क्षेत्रों से हो रहे अवैध परिवहन पर रोक लगाने चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान सिंघोड़ा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वोक्सवैगन कार से 9 करोड़ 27 लाख 84 हजार 220 रुपये के सोने के आभूषण के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो गुजरात के अलग-अलग जिलों के रहने वाले है।
पुलिस अधीक्षक महासमुंद के निर्देश पर एनएच-353 स्थित रेहटीखोल नाका में 17 मई 2026 को वाहन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान उड़ीसा की ओर से आ रही वोक्सवैगन वरटस कार क्रमांक जीजे 03 एनपी 4230 को रोककर जांच की गई। कार में सवार तीन व्यक्तियों ने अपना नाम जयेश अकबरी (32 वर्ष), सुनीत कारेना (22 वर्ष) एवं रूशी अग्रावत (26 वर्ष), निवासी राजकोट (गुजरात) बताया। पूछताछ के दौरान कार की पिछली सीट में बनाए गए चेंबर में दो पीठू बैग में सोने के आभूषण परिवहन करना स्वीकार किया। तलाशी लेने पर छह प्लास्टिक बॉक्स में विभिन्न प्रकार के सोने के आभूषण बरामद हुए, जिनका कुल वजन 7512.488 ग्राम पाया गया।
बरामद सोने की अनुमानित कीमत 9 करोड़ 17 लाख 84 हजार 220 रुपये बताई गई है। पुलिस ने परिवहन में प्रयुक्त वोक्सवैगन कार,जिसकी कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है, को भी जब्त कर लिया। इस प्रकार कुल जब्ती की कीमत 9 करोड़ 27 लाख 84 हजार 220 रुपये रही। कार में बैठे व्यक्तियों को सोने के आभूषणों के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु धारा 94 बीएनएस के तहत नोटिस दिया गया, लेकिन वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर पुलिस ने धारा 106 बीएनएस के तहत कार्रवाई करते हुए संपत्ति जब्त कर ली। मामले की अग्रिम जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए आयकर विभाग और राजस्व सूचना निदेशालय, छत्तीसगढ़ को सूचित कर प्रकरण अग्रेषित किया गया है।

ओडिशा से उत्तर प्रदेश जा रही गांजा खेप पकड़ी गई, पुलिस ने 6 तस्करों को दबोचा

19-May-2026
सारंगढ़-बिलाईगढ़। अवैध मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सरिया पुलिस ने 50 किलो 890 ग्राम गांजा के साथ 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से 25 पैकेट गांजा, दो कार और 6 मोबाइल फोन समेत कुल 18 लाख 40 हजार रुपये की सामग्री जब्त की गई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 18 मई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि उड़ीसा के कंधमाल से भारी मात्रा में गांजा लेकर एक सफेद रंग की हुंडई ऑरा कार क्रमांक यूपी 71 बीजे 6017 फतेहपुर उत्तर प्रदेश की ओर जा रही है। वहीं उसके आगे एक लाल रंग की हुंडई आई10 कार क्रमांक ओआर 05 एएल 0467 में चार लोग पेट्रोलिंग करते हुए रास्ता क्लियर कर रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक एन.एल. राठिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने थाना सरिया के सामने मुख्य मार्ग पर घेराबंदी कर दोनों वाहनों को रोका। पूछताछ में लाल रंग की कार में सवार चारों युवक गांजा बिक्री के बाद खरीददारों को छत्तीसगढ़ बॉर्डर तक सुरक्षित पहुंचाने की बात स्वीकार किए। इसके बाद सफेद हुंडई ऑरा कार की तलाशी लेने पर बीच सीट और डिक्की से खाखी टेप में लिपटे 25 पैकेट गांजा बरामद किया गया। प्रत्येक पैकेट में करीब 2-2 किलो गांजा भरा हुआ था। कुल जब्त गांजा का वजन 50 किलो 890 ग्राम बताया गया है, जिसकी कीमत लगभग 5 लाख रुपये आंकी गई है।
पकड़े गए आरोपियों में उड़ीसा के कंधमाल निवासी लिपुन साहू, पंचानन बेहरा, चन्द्रकांत मलिक और लिट्टू बेहरा शामिल हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के फतेहपुर निवासी मोहम्मद आजम तथा रायबरेली निवासी रंगनाथ कोरी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक एन.एल. राठिया सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।

छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा में बड़ी लापरवाही! सोशल मीडिया पर वायरल हुआ परीक्षा केंद्र का वीडियो

13-May-2026

 

महासमुंद। महासमुंद जिले में बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। मामला भंवरपुर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल परीक्षा केंद्र का है, जहां एक छात्रा डिजिटल कैमरा लेकर परीक्षा हॉल में पहुंच गई और वीडियो रिकॉर्ड कर वायरल कर दिया। जांच में केंद्र पर तैनात कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई। इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने केंद्र अध्यक्ष, सहायक केंद्र अध्यक्ष और पर्यवेक्षक समेत कुल 5 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, महासमुंद जिले के परीक्षा केंद्र क्रमांक 171031, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिंदी माध्यम विद्यालय भंवरपुर में बोर्ड परीक्षा चल रही थी। इसी दौरान एक छात्रा नियमों को तोड़ते हुए परीक्षा कक्ष के अंदर डिजिटल कैमरा लेकर पहुंच गई। हैरानी की बात यह रही कि जांच के दौरान किसी भी कर्मचारी ने छात्रा को नहीं रोका।
छात्रा ने परीक्षा हॉल के अंदर वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग की। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे।
मामले की जांच जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) महासमुंद द्वारा की गई। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह सामने आया कि परीक्षा केंद्र में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने कर्तव्यों का सही तरीके से पालन नहीं किया। जांच में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी में गंभीर लापरवाही पाई गई।
लोक शिक्षण संचालनालय ने इस मामले को गंभीर मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत कार्रवाई की है। विभाग का कहना है कि परीक्षा जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में इस तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
इन कर्मचारियों पर गिरी गाज
कार्रवाई के तहत पांच कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। इनमें केंद्र अध्यक्ष गंगा प्रसाद पटेल, सहायक केंद्र अध्यक्ष अनिरूद्ध भोई और दिनेश कुमार दास, पर्यवेक्षक दुर्गाप्रसाद पटेल और नियमित भृत्य विजिया बुड़ेक शामिल हैं। जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान सभी कर्मचारियों का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय महासमुंद निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

पोषण और आयुर्वेद का संगम: जिला आयुष विभाग द्वारा जन-जागरण अभियान

21-Apr-2026
महासमुंद (शोर संदेश)। संचालनालय आयुष छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार 8वें पोषण पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत जिला आयुष विभाग द्वारा 9 से 23 अप्रैल 2026 तक विभिन्न जनजागरूकता एवं स्वास्थ्य संवर्धन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. मुक्ता बारिहा ने बताया कि इस वर्ष पोषण पखवाड़ा का मुख्य विषय जीवन के पहले 6 वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना निर्धारित किया गया है, जिसके अंतर्गत गर्भवती महिलाओं, शिशुओं एवं छोटे बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में जिला आयुष विभाग द्वारा विभिन्न आयुष संस्थानों एवं चिकित्सा अधिकारियों के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिसमें सुवर्णप्राशन संस्कार कार्यक्रम, गर्भिणी परिचर्या जागरूकता कार्यक्रम, शिशु एवं बाल स्वास्थ्य परामर्श, पोषण एवं जीवनशैली पर स्वास्थ्य शिक्षा, योग एवं प्राणायाम प्रशिक्षण, आयुर्वेदिक आहार एवं दिनचर्या पर मार्गदर्शन, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जिला आयुष विभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय आयुष पॉलीक्लिनिक, आयुर्वेदिक औषधालय, होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा संस्थानों में किया जा रहा है। कार्यक्रमों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के माता-पिता को पोषण, आयुष चिकित्सा पद्धतियों एवं स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जानकारी प्रदान की जा रही है।
जिला आयुष अधिकारी डॉ. बारिहा ने बताया कि पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित इन गतिविधियों का उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाना, कुपोषण को कम करना तथा बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है। जिला आयुष विभाग द्वारा आमजन से अपील की गई है कि वे अपने निकटतम आयुष संस्थान में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेकर आयुष चिकित्सा पद्धति का लाभ प्राप्त करें एवं स्वस्थ समाज के निर्माण में सहयोग प्रदान करें।
 

ओडिशा से महाराष्ट्र जा रहा 300 किलोग्राम गांजा पकड़ाया

11-Apr-2026
महासमुंद (शोर संदेश)। सरायपाली के सिंघोड़ा पुलिस ने एक ट्रक से 312.590 किलोग्राम गांजा जब्त करते हुए दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 1 करोड़ 56 लाख 34 हजार 500 रुपए बताई गई है। इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को सूचना मिली थी कि ओडिशा से गांजा लेकर तस्कर महाराष्ट्र जा रहे हैं।
सूचना के आधार पर राष्ट्रीय राजमार्ग-53 स्थित रेहटीखोल के पास नाकाबंदी की गई। कुछ समय बाद बताए गए नंबर का ट्रक पहुंचा, जिसे रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान ट्रक में रखी बोरियों से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। ट्रक में सवार चालक इम्तियाज खान (कर्नाटक) और सह-चालक रवि प्रकाश राउतकर (बालाघाट, मध्यप्रदेश) को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में उन्होंने बताया कि गांजा ओडिशा के सोनपुर जिले से मुंबई ले जाया जा रहा था। पुलिस ने ट्रक और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जांच में जम्मू, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश के लोगों की संलिप्तता सामने आई है, जिससे यह संगठित अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह प्रतीत होता है।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

महासमुंद में प्रेग्नेंट मूकबधिर युवती की हत्या, आरोपी प्रेमी गिरफ्तार

25-Mar-2026
महासमुंद( शोर संदेश )। महासमुंद जिले के बसना थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने अपनी दो महीने की गर्भवती मूकबधिर प्रेमिका की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी लोकनाथ पटेल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पत्थर से कुचलकर की हत्या
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने युवती के सिर और चेहरे पर पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी और शव को खेत में फेंक दिया। मंगलवार सुबह खेत में शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
शादी के दबाव को बना कारण
जांच में सामने आया कि आरोपी और युवती के बीच पिछले एक साल से संबंध थे। युवती के गर्भवती होने के बाद उसने आरोपी पर शादी का दबाव बनाया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया।
पूछताछ में कबूला गुनाह
पुलिस ने परिजनों से पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। बताया जा रहा है कि वह बदनामी के डर से इस वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर चुका है।
जांच जारी
पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इस घटना से पूरे क्षेत्र में आक्रोश और शोक का माहौल है।

खल्लारी मंदिर में बड़ा हादसा: रोप-वे का केबल टूटा, 8 श्रद्धालु घायल

22-Mar-2026
महासमुंद।   ( शोर संदेश )  जिले के खल्लारी मंदिर में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जब मंदिर परिसर में संचालित रोप-वे का केबल अचानक टूट गया। घटना के वक्त ट्रॉली में श्रद्धालु सवार थे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। केबल टूटते ही ट्रॉली झटके के साथ नीचे की ओर आ गई, जिससे उसमें बैठे लोग घायल हो गए।
इस हादसे में कुल 8 श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। मौके पर मौजूद लोगों, मंदिर प्रबंधन और पुलिस की मदद से तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल महासमुंद भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और हालात का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर रोप-वे सेवा को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने रोप-वे की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रशासन ने जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि नवरात्र के चलते मंदिर में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे इस हादसे ने चिंता और बढ़ा दी है।
 

महासमुंद : डॉ. आई नागेश्वर राव ने बताया लू के उपचार एवं जरूरी उपाय

05-Mar-2026
महासमुंद ( शोर संदेश )। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई नागेश्वर ने छत्तीसगढ़ शासन के गाइड लाइन के अनुरूप लू से बचाव के सम्बंध में सलाह दी है। जिले में लगातार बढ़ते तापमान के कारण लू (हीट वेव) का खतरा भी बढ़ गया है। जब वातावरण का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस (104 फैरेनहाइट) या उससे अधिक हो जाता है, तो इसे हीट वेव या लू कहा जाता है। इसका सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ता है। मस्तिष्क का हाइपोथैलेमस भाग शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है, लेकिन अत्यधिक गर्मी में यह तंत्र प्रभावित हो जाता है, जिससे हीट स्ट्रोक या लू लगने की स्थिति उत्पन्न होती है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई नागेश्वर राव ने बताया कि लू लगने पर सिर में भारीपन और दर्द, तेज बुखार के साथ मुंह सूखना, चक्कर आना, उल्टी होना और भूख कम लगना, कमजोरी और शरीर में दर्द, शरीर का तापमान अधिक होने के बावजूद पसीना न आना एवं अधिक प्यास लगना और पेशाब कम आना आदि लक्षण दिखाई पड़ते है।
उन्होंने बताया कि लू लगने पर प्राथमिक उपचार के लिए मरीज के सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखें। उसे अधिक मात्रा में पानी और पेय पदार्थ दें, जैसे कच्चे आम का पना, जलजीरा आदि। मरीज को हवादार स्थान पर लिटाएं और उसके शरीर पर ठंडे पानी का छिड़काव करें तथा तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं और ओ.आर.एस घोल दें। डॉ. राव ने लू से बचाव के उपाय बताते हुए कहा कि बहुत जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें। बाहर जाने से पहले सिर और कानों को कपड़े से अच्छी तरह ढंकें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और लंबे समय तक धूप में रहने से बचें। हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें, अधिक पसीना आने पर ओ.आर.एस घोल का सेवन करें। चक्कर या मितली आने पर छायादार स्थान पर आराम करें और शीतल पेय पिएं तथा किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए 104 आरोग्य सेवा केंद्र से निःशुल्क सलाह लें।
 

पाम ऑयल खेती से किसान कमा रहे प्रति एकड़ सवा लाख

26-Feb-2026
महासमुंद ( शोर संदेश )।  पाम ऑयल उत्पादन में किसानों को आत्मनिर्भर बनाने, आयात पर निर्भरता कम करने तथा किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से संचालित नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल - ऑयल पाम योजना महासमुंद जिले के किसानों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है। इस योजना के माध्यम से किसान अपनी बंजर भूमि को उपजाऊ बनाकर लाखों रुपये की वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं और अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन रहे हैं। जिले में इस योजना तहत लगभग 400 किसान लगभग 450 हेक्टेयर क्षेत्र में ऑयल पाम की खेती कर रहे हैं।
इसी क्रम में सरायपाली भलेसर गांव के उन्नत किसान मुकेश चंद्राकर, जिन्होंने वर्षों से बंजर पड़ी अपनी 33 एकड़ भूमि पर वर्ष 2016 में ऑयल पाम की खेती प्रारंभ की। वे शासन की योजना से पाम खेती के लिए प्रेरित हुए और अपनी पूरी भूमि पर लगभग 1900 पौधे लगाए। योजना के अंतर्गत उन्हें पौध प्रदाय, फेंसिंग, रखरखाव तथा ड्रिप सिंचाई जैसी सुविधाएं अनुदान पर मिला। तीन से चार वर्षों में उत्पादन प्रारंभ हुआ, जो लगभग 35 वर्षों तक लगातार फल देता रहेगा। वर्तमान में चंद्राकर एक पौधे से औसतन 3000 रुपये वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं। प्रति एकड़ लगभग 1 लाख 25 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने पाम पौधों के बीच अंतरवर्तीय फसल के रूप में पहले केले की खेती की, जिससे उन्हें लगभग डेढ़ लाख रुपए का लाभ हुआ। वर्तमान में वे कोको की खेती कर निजी कंपनियों को उत्पाद विक्रय कर रहे हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। चंद्राकर बताते है कि कम पानी, कम खाद एवं कम कीटनाशक में अधिक उत्पादन और बेहतर लाभ मिलने के कारण किसानों को पाम की खेती अपनानी चाहिए। चंद्राकर न केवल आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि अपने खेतों में दो दर्जन से अधिक लोगों को स्थायी रोजगार भी प्रदान कर रहे हैं। स्थानीय मजदूरों के अनुसार, पहले रोजगार के लिए भटकना पड़ता था, जबकि अब वर्षभर यहीं नियमित कार्य उपलब्ध हो रहा है।
सहायक संचालक उद्यानिकी विभाग पायल साव ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य पाम ऑयल उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके अंतर्गत किसानों को अनुदान, तकनीकी मार्गदर्शन एवं विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उन्हें उत्पादन एवं विक्रय में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। जिले में पाम ऑयल की खेती को बढ़ावा देने के लिए कार्यशाला का आयोजन भी किया गया। यहां किसानों के रूझान और भूमि की प्रकार को देखते हुए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने भी किसानों से अधिकाधिक संख्या में पाम की खेती करने अपील की है।
गौरतलब है कि खाद्य पदार्थों, साबुन, शैम्पू, सौंदर्य प्रसाधन तथा औषधि निर्माण में इसका व्यापक उपयोग होता है। ऐसे में जिले में कम लागत, कम श्रम, कम पानी एवं अधिक आय देने वाली पाम खेती किसानों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। यह पहल फसल चक्र परिवर्तन को बढ़ावा देने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त कदम सिद्ध हो रही है।

सोनाक्षी के साहस और चिरायु योजना ने बदल दी ज़िंदगी

24-Feb-2026
महासमुंद ( शोर संदेश )। महासमुंद जिले के ग्राम कुल्हरिया में रहने वाली 12 वर्षीय सोनाक्षी एक साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से है। उनके पिता किशन लाल दीवान मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सोनाक्षी शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पथर्री में कक्षा सातवीं की छात्रा है और अन्य बच्चों की तरह वह भी अपने भविष्य को लेकर बड़े सपने देखती थी। लेकिन बचपन से ही उसकी कमजोर सेहत उसके सपनों की राह में बाधा बन रही थी।
जब सोनाक्षी कक्षा पाँचवीं में पढ़ती थी, तब स्कूल में हुए चिरायु स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान उसमें हृदय रोग के लक्षण पाए गए। उसे अक्सर सांस फूलने, जल्दी थक जाने, पैरों में सूजन, अनियमित दिल की धड़कन और बार-बार सर्दी-खांसी की समस्या रहती थी। चिरायु टीम के आयुष चिकित्सकों द्वारा परिजनों को इसकी जानकारी दी गई और निःशुल्क इलाज के बारे में समझाया गया। हालांकि सोनाक्षी देखने में स्वस्थ लगती थी, इसलिए शुरुआत में परिवार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। विद्यालय के प्रधान पाठक मोहन लाल साहू और चिरायु टीम के सदस्यों ने लगातार परिवार को जागरूक किया। फार्मासिस्ट धनेश्वर दीवान और एएनएम विशाखा साहू समय-समय पर सोनाक्षी की स्थिति पर नज़र रखते रहे और उसके माता-पिता को इलाज के लिए प्रेरित करते रहे। धीरे-धीरे सोनाक्षी ने स्वयं हिम्मत दिखाई और अपने माता-पिता को हृदय जांच के लिए तैयार किया।
चिरायु टीम के सहयोग से सोनाक्षी को रायपुर स्थित एम एम आई नारायणा अस्पताल, रायपुर ले जाया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा उसकी विस्तृत जांच की गई। जांच में यह पाया गया कि उसके दिल में 24 × 19 मिमी का छेद है, जो उसके स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक था। डॉक्टरों ने परिजनों को इसकी गंभीरता समझाते हुए जल्द सर्जरी कराने की सलाह दी। परिवार के लिए यह समय बहुत कठिन था, लेकिन चिरायु योजना ने उन्हें उम्मीद दी। योजना के अंतर्गत सोनाक्षी की सर्जरी पूरी तरह निःशुल्क की गई। अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर उसके दिल के छेद को ठीक किया। यह सर्जरी सोनाक्षी के लिए एक नया जीवन लेकर आई।
आज सोनाक्षी पूरी तरह स्वस्थ है। उसके चेहरे पर फिर से रौनक लौट आई है और वह पहले से अधिक आत्मविश्वास के साथ स्कूल जाती है। समय पर लिया गया सही निर्णय और सरकारी योजनाओं का लाभ किसी की भी ज़िंदगी बदल सकता है। स्कूल में हुए चिरायु स्वास्थ्य परीक्षण ने एक गंभीर बीमारी को समय रहते पकड़ लिया, जिससे सोनाक्षी को नया जीवन मिलने के साथ ही अन्य बच्चों और अभिभावकों में भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी। सोनाक्षी और उसका परिवार आज पूरे दिल से चिरायु योजना और उससे जुड़े सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का आभार व्यक्त करता है, जिन्होंने एक मासूम बच्ची को फिर से मुस्कुराने का मौका दिया।


 


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