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महासमुंद में श्रमिकों के खातों में पहुंचे 2.98 करोड़ रुपये, 6,684 श्रमिक लाभान्वित

30-Oct-2026
महासमुंद।( शोर संदेश ) श्रमिकों के कल्याण, आर्थिक सशक्तिकरण एवं सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने श्रम विभाग द्वारा आज जिला मुख्यालय स्थित शंकराचार्य भवन में श्रमिक सम्मेलन 2026 का आयोजन किया गया। सम्मेलन में विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस सम्मेलन में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत जिले के 6,684 श्रमिकों के बैंक खातों में कुल 2 करोड़ 98 लाख 53 हजार 41 रुपये की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित की गई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम के अध्यक्ष चन्द्रहास चन्द्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर, नगर पालिका परिषद उपाध्यक्ष  देवीचंद राठी, जनपद पंचायत महासमुंद की उपाध्यक्ष हुलसी चन्द्राकर, जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी जांगड़े सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 1,500 श्रमिक एवं हितग्राही शामिल हुए। 
मुख्य अतिथि विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने सम्मेलन में उपस्थित श्रमिकों को बधाई देते हुए कहा कि श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के कल्याण एवं आर्थिक उत्थान के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने श्रमिकों से इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने मेधावी छात्रवृत्ति से लाभान्वित छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर समाज, जिले और देश का नाम रोशन करें।
श्रमिक सम्मेलन में श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 154 श्रमिकों को 30 लाख 80 हजार रुपये, मुख्यमंत्री साइकिल सहायता योजना में 240 श्रमिकों को 8 लाख 88 हजार 864 रुपये तथा मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना में 472 श्रमिकों को 16 लाख 37 हजार 889 रुपये की राशि प्रदान की गई। इसी प्रकार मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 5,228 हितग्राहियों को 98 लाख 12 हजार 500 रुपये, मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर कौशल विकास एवं परिवार सशक्तिकरण योजना में 36 श्रमिकों को 5 लाख 19 हजार 288 रुपये तथा मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक सुरक्षा उपकरण सहायता योजना के तहत एक श्रमिक को 1,500 रुपये की सहायता राशि दी गई।
मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत 55 श्रमिकों को 3 लाख 91 हजार रुपये, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना में 52 श्रमिकों को 52 लाख रुपये, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना में 362 श्रमिकों को 72 लाख 40 हजार रुपये तथा मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 51 श्रमिकों को 10 लाख 20 हजार रुपये की राशि अंतरित की गई। इसके अतिरिक्त निर्माण श्रमिकों के बच्चों को निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता योजना के अंतर्गत 33 श्रमिकों को 62 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई। इस प्रकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कुल 6,684 श्रमिकों के बैंक खातों में 2 करोड़ 98 लाख 53 हजार 41 रुपये की राशि सीधे अंतरित की गई।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित श्रमिकों को डेमो चेक प्रदान किए गए। साथ ही श्रमिकों के हित में उत्कृष्ट कार्य करने वाले हितग्राहियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा दीपावली के अवसर पर खाद्य पदार्थों की सघन जांच जारी

24-Oct-2026
महासमुंद।( शोर संदेश ) कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले में दीपावली पर्व के मद्देनजर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु सघन जाँच एवं नमूना संकलन अभियान जारी है।
अभिहित अधिकारी उमेश कुमार के मार्गदर्शन में जनवरी से सितंबर 2026 तक जिले में कुल 216 खाद्य नमूने संकलित किए गए, जिनमें 78 विधिक एवं 138 सर्विलेंस नमूने शामिल हैं। प्राप्त प्रयोगशाला जांच रिपोर्टों में 05 नमूने मिथ्याछाप, 02 अवमानक एवं 04 असुरक्षित पाए गए हैं। शेष 13 नमूनों की जांच रिपोर्ट अप्राप्त है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता संबंधी मामलों में कुल 11 प्रकरण दायर किए गए हैं तथा सक्षम प्राधिकारी द्वारा 16 लाख 90 हजार 100 रुपए का जुर्माना अधिरोपित किया गया है।
अक्टूबर 2026 में अब तक  खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा कुल 26 खाद्य नमूने संकलित किए गए हैं, जिनमें 13 विधिक एवं 13 सर्विलेंस नमूने हैं। इनमें पनीर, दही, मिठाइयाँ, दुग्ध उत्पाद, खाद्य तेल एवं अन्य खाद्य पदार्थ शामिल हैं। नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा उसके अंतर्गत लागू नियमों एवं विनियमों के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य कारोबार कर्ताओं को स्वच्छता, उचित भंडारण, गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल के उपयोग तथा निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आम नागरिकों से अपील है कि खाद्य पदार्थ विश्वसनीय प्रतिष्ठानों से खरीदें तथा पैकेटबंद उत्पादों पर आवश्यक लेबल विवरणों की जांच करें।

छत्तीसगढ़ में भयानक हादसा : NH 53 पर ट्रक में जा घुसी कार, 2 महिलाओं की मौत, 3 घायल

23-Oct-2026
महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में नेशनल हाइवे 53 पर शुक्रवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. ओडिशा के संबलपुर से आ रही कार दुर्घटना का शिकार हो गई. 16 चक्का ट्रक में कार पीछे से जा घुसी. हादसा इतना भयानक था कि दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हुए हैं. घटना पटेवा थाना क्षेत्र में बावनकेरा की है. नक्शे देखें

शादी में शामिल होने गए थे संबलपुर
घटना में कार के परखच्चे उड़ गए. मृतकों की फिलहाल पहचान नहीं हो पाई है. प्रारंभिक तौर पर सभी राजनांदगांव जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं. कार में घटना के वक्त 5 लोग सवार थे. वह ओडिशा के संबलपुर में शादी में शामिल होने के लिए गए थे. पुलिस घटना के संबंध में जांच कर रही है.

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग 53 पर बावनकेरा चौक पर तेज रफ्तार कार 16 चक्का ट्रक से जा टकराई. ट्रक के पीछे के हिस्से टकराने के बाद कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. घटना के वक्त कार में 5 लोग सवार थे. राहगीरों की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची.

2 महिलाओं की मौत, 3 घायल
पुलिस ने वाहन में मौजूद लोगों को बाहर निकाला. सभी को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुमगांव लाया गया. डॉक्टरों ने दो महिलाओं की मृत घोषित कर दिया. वहीं घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया गया है.
पुलिस ने वाहनों को मार्ग से हटाया, ताकि यातायात प्रभावित न हो. मृतकों के शवों को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. वहीं हादसे के कारणों की जांच और मृतकों की पहचान करने के लिए पुलिस जुटी हुई है.

 


महासमुंद जिले में पांच स्थानों पर आयोजित हुई कृषक चौपाल एवं संगोष्ठी

23-Oct-2026
महासमुंद । ( शोर संदेश ) किसानों को रासायनिक उर्वरकों के सीमित एवं संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करने तथा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने महासमुंद जिले में खेत बचाओ अभियान के तहत आज पांच स्थानों पर कृषक चौपाल एवं कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिले के विकासखंड महासमुंद के पिटियाझर, बागबाहरा के खल्लारी, बसना के अकोरी, पिथौरा के किशनपुर तथा सरायपाली के केना ग्राम पंचायत एवं सहकारी समितियों में आयोजित इन कार्यक्रमों में किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई।
कृषि विभाग द्वारा 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक देशव्यापी खेत बचाओ अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध एवं असंतुलित उपयोग को कम करना, मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता को बनाए रखना तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती के प्रति किसानों और आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना है।

कृषक चैपाल एवं संगोष्ठियों में कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग से मृदा स्वास्थ्य और जमीन की प्राकृतिक उपजाऊ क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कृषि की दीर्घकालिक उत्पादकता बनाए रखने के लिए मिट्टी की सेहत को प्राथमिकता देना आवश्यक है। इस दिशा में प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती टिकाऊ और आर्थिक रूप से व्यवहार्य विकल्प के रूप में महत्वपूर्ण हैं। किसानों को पारंपरिक कृषि ज्ञान के साथ वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रमों के दौरान किसानों को हरी खाद, नील-हरित काई, जैव उर्वरक, जैविक खाद तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों के उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही यूरिया एवं डीएपी पर निर्भरता कम करने के लिए एनपीके, एसएसपी, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे उर्वरकों के उचित उपयोग के संबंध में जागरूक किया गया। किसानों को बताया गया कि उर्वरकों का चयन एवं उपयोग मिट्टी की आवश्यकता और मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दी गई अनुशंसाओं के अनुरूप किया जाना चाहिए।
कृषि उप संचालक एफ.आर. कश्यप ने बताया कि 23 अक्टूबर को महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम झालखम्हरिया, कनेकेरा, बागबाहरा अंतर्गत सिर्रीपठारीमुड़ा, सुखरीडबरी, पिथौरा अंतर्गत ग्राम अमलीडीह, कुम्हारीमुड़ा, बसना अंतर्गत ग्राम चनाट, बड़ेढाबा एवं सरायपाली अंतर्गत ग्राम कोटद्वारी एवं तोषगांव में कृषक चैपाल एवं कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।

 


पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जिले के 5 हजार 471 हितग्राहियों को हो रही है बिजली की बचत

20-Oct-2026
महासमुंद: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा में जनकल्याण और आत्मनिर्भरता को हमेशा प्राथमिकता मिली है। इसी सेवा भाव को आगे बढ़ाते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। योजना के माध्यम से घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कर परिवार अपनी बिजली की जरूरतें और बिजली बिल में बचत के साथ स्वच्छ एवं अक्षय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 5 किलोवाट तक के सोलर रूफटॉप सिस्टम पर केंद्र सरकार द्वारा 78 हजार रुपए तथा राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रुपए तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इससे सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का खर्च कम हो रहा है और आम परिवारों को दीर्घकालिक आर्थिक राहत मिल रही है। महासमुंद जिले में अब तक 9 हजार 683 नागरिकों ने योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया है, जिनमें से 5 हजार 471 हितग्राही योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।
महासमुंद निवासी दिनेश साहू ने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से उन्हें नियमित और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध हो रही है। सोलर पैनल स्थापित होने के बाद उनके बिजली बिल में काफी कमी आई है, जिससे परिवार की आर्थिक बचत बढ़ी है। इसी तरह महासमुंद निवासी धनंजय जलक्षत्री ने बताया कि योजना के माध्यम से सोलर पैनल स्थापित कराने पर शासन से सब्सिडी मिली, जिससे स्थापना का खर्च कम हुआ। अब उनके घर में दिनभर सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध रहती है। इससे बिजली की बचत हो रही है और परिवार का मासिक खर्च भी कम हुआ है।
ईमली भाठा महासमुंद निवासी गौतम साहू ने बताया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत उनके घर की छत पर सोलर पैनल लगने के बाद बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। पहले हर महीने बिजली बिल को लेकर चिंता रहती थी, लेकिन अब सौर ऊर्जा से घर की आवश्यकताएं पूरी हो रही हैं। उन्होंने कहा कि योजना ने उनके परिवार को बिजली खर्च में राहत देने के साथ ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत का भरोसा दिया है। अब पंखा, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण आसानी से चल पा रहे हैं। योजना से लाभान्वित हितग्राहियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक परिवारों से योजना से जुड़ने की अपील की है।












 

 


महासमुंद में आयुष सेवाओं का विस्तार, पांच साल में 8.4 लाख से ज्यादा लोगों को मिला लाभ

05-Oct-2026
 रायपुर। ( शोर संदेश ) महासमुंद जिले में आयुष चिकित्सा सेवाओं के विस्तार से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को अब अपने घर के नजदीक ही आयुर्वेद, होम्योपैथी और योग आधारित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है। जिला आयुष विभाग की पहल से न केवल उपचार की सुविधा ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंची है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी लोगों में जागरूकता बढ़ी है।
जिले के 36 आयुष संस्थानों में नियमित ओपीडी संचालित हो रही है। यहां लोगों को स्वास्थ्य परामर्श, जांच, उपचार और निःशुल्क औषधियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयुष चिकित्सक उपचार के साथ योग, आहार-विहार और स्वस्थ जीवनशैली को लेकर भी परामर्श दे रहे हैं।
आयुष सेवाओं की बढ़ती पहुंच का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि वर्ष 2021-22 में 86,279 लोगों ने सेवाओं का लाभ लिया। इसके बाद 2022-23 में 1,91,854, 2023-24 में 2,02,424, 2024-25 में 1,81,307 और 2025-26 में 1,83,303 लोगों ने आयुष सेवाओं का लाभ उठाया। वहीं अप्रैल से अगस्त 2026 तक 70,146 लोग आयुष सेवाओं से जुड़े। इस तरह पिछले पांच वर्षों और चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती पांच महीनों में 8 लाख 15 हजार से अधिक लोगों तक आयुष सेवाओं की पहुंच बनी है।
वरिष्ठ नागरिकों की विशेष स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जिले के 36 आयुष संस्थानों में ’सियान जतन क्लिनिक’ संचालित किया जा रहा है। प्रत्येक गुरुवार को 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया जाता है। क्लिनिक में सामान्य स्वास्थ्य जांच, प्रकृति परीक्षण, आयुर्वेदिक, यूनानी एवं होम्योपैथी औषधियों के साथ पंचकर्म सेवाएं भी उपलब्ध हैं। इस पहल से बुजुर्गों को नियमित स्वास्थ्य देखभाल की सुविधा उनके नजदीक ही मिल रही है।
सियान जतन क्लिनिक से वर्ष 2021-22 में 9,706, 2022-23 में 36,972, 2023-24 में 41,607, 2024-25 में 36,452, 2025-26 में 34,502 तथा अप्रैल से अगस्त 2026 तक 11,761 वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित हुए हैं।
आयुष चिकित्सा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जिले में स्वास्थ्य शिविर और जन-जागरूकता कार्यक्रम भी लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में आयुर्वेद, योग, यूनानी और होम्योपैथी विशेषज्ञों द्वारा निःशुल्क परामर्श, स्वास्थ्य परीक्षण और औषधि वितरण किया जाता है।
रन फॉर आयुर्वेद’ जैसे आयोजनों के जरिए लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित किया गया, जिसमें करीब 500 लोगों ने भागीदारी की। स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों और युवाओं के बीच प्रकृति परीक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों के जरिए आयुष को केवल उपचार नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और बीमारी से बचाव से जोड़ा जा रहा है।
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में योग को बढ़ावा देने के लिए जिले के 14 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में नियमित योग गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। यहां नागरिकों को योग, प्राणायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है। इसके अलावा जिला मुख्यालय में भी दो स्थानों पर नियमित योग गतिविधियां चल रही हैं। इससे लोगों में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
जिले के आयुष विंग में पंचकर्म चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को आयुर्वेद की विशिष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए बाहर जाने की जरूरत कम हुई है। चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर पंचकर्म की विभिन्न प्रक्रियाएं संचालित की जा रही हैं। आयुष सेवाओं के विस्तार ने जिले में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत किया है। गांव के नजदीक ओपीडी, मुफ्त दवाएं, बुजुर्गों के लिए विशेष क्लिनिक, योग और पंचकर्म जैसी सुविधाओं ने आयुष को ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बना दिया है।

















 

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत का त्वरित असर, खेमड़ा की क्षतिग्रस्त पुलिया हुई दुरुस्त

03-Sep-2026
महासमुंद (शोर संदेश)।  महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड के ग्राम खेमड़ा में भारी वर्षा से क्षतिग्रस्त हुई करीब 20 वर्ष पुरानी सड़क की पुलिया की मरम्मत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत के बाद तत्काल कराई गई। पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों ने समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत प्राप्त होते ही जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) विभाग के अधिकारियों ने तत्काल मौके का निरीक्षण किया। तकनीकी अमले ने क्षतिग्रस्त पुलिया की स्थिति का जायजा लेकर मरम्मत एवं संधारण कार्य प्रारंभ कराया।
कलेक्टर के निर्देशानुसार पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता आशीष कुलदीप एवं संबंधित तकनीकी अमले की निगरानी में पुलिया का आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव कार्य पूर्ण कराया गया। कार्य पूरा होने के बाद सड़क पर आवागमन पुनः सुचारु हो गया है।
पुलिया की मरम्मत होने से ग्राम खेमड़ा के ग्रामीणों को आवागमन की समस्या से राहत मिली है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत पर त्वरित कार्रवाई के लिए प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिकायत के बाद प्रशासन द्वारा समय पर कार्रवाई किए जाने से उनकी समस्या का समाधान संभव हुआ है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायत पर जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने यह सुनिश्चित किया कि वर्षा से क्षतिग्रस्त सार्वजनिक अधोसंरचना को समय पर दुरुस्त कर ग्रामीणों के आवागमन को सुगम बनाया जा सके।

चंद्रहासिनी मंदिर से लौट रहे श्रद्धालुओं की पिकअप को ट्रक ने मारी टक्कर, 15 घायल

31-Aug-2026
सारंगढ़   (शोर संदेश) । सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में एक भीषण सड़क हादसे में करीब 15 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी श्रद्धालु चंद्रपुर स्थित चंद्रहासिनी मंदिर से देवी दर्शन कर पिकअप वाहन से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सीपीएम कॉलेज रोड के पास एक माजदा ट्रक ने पिकअप को जोरदार टक्कर मार दी।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही सारंगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया।
बताया जा रहा है कि घायल सभी लोग महासमुंद जिले के बागबाहरा, पटेरापाली और गाड़ाघाट के निवासी हैं। मंदिर में दर्शन के बाद सभी एक ही पिकअप वाहन से वापस अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सीपीएम कॉलेज रोड के पास तेज रफ्तार माजदा ट्रक ने पिकअप को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप में सवार करीब 15 लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल नजदीकी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सभी का इलाज जारी है। हादसे में कुछ लोगों को गंभीर चोटें आने की जानकारी सामने आई है।
घटना की सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। फिलहाल सारंगढ़ पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। ट्रक चालक की लापरवाही और वाहनों की गति समेत अन्य पहलुओं को लेकर पुलिस जांच जारी है।









 

पारंपरिक खेती से उद्यानिकी की ओर कदम, गेंदा बना कुमारी चंद्राकर की अतिरिक्त आय का जरिया

07-Aug-2026
महासमुन्द 07 अगस्त 2026 जिले के बागबाहरा विकासखण्ड के ग्राम भदरसी की कृषक कुमारी चंद्राकर पति दाऊलाल चंद्राकर ने पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाकर अपनी कृषि आय में वृद्धि की है। चंद्राकर बताती हैं कि धान की खेती में अधिक लागत और अपेक्षाकृत कम उत्पादन के कारण उनका रुझान धीरे-धीरे उद्यानिकी फसलों की ओर बढ़ा। इसके बाद उन्होंने सब्जियों और फूलों की खेती को अपनी नियमित कृषि गतिविधियों का हिस्सा बनाया। वर्तमान में वे धनिया, प्याज, बैंगन, मूली, भाजी सहित विभिन्न उद्यानिकी फसलों की खेती कर रही हैं।
वर्ष 2025-26 में कुमारी चंद्राकर ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत पुष्प क्षेत्र विस्तार घटक के तहत गेंदा फूल की खेती की। उनके पास कुल 0.64 हेक्टेयर सिंचित कृषि भूमि है, जिसमें उन्होंने गेंदा की फसल लगाई। शासन की योजना से उन्हें 0.64 हेक्टेयर क्षेत्र में गेंदा फसल के लिए 12,800 रुपये का अनुदान डीबीटी के माध्यम से प्राप्त हुआ। शासकीय योजना से मिले इस सहयोग ने उन्हें उद्यानिकी फसलों को विस्तार देने के लिए प्रोत्साहित किया। खेती में वे ड्रिप सिंचाई और कृषि यंत्रों जैसी नवीन तकनीकों का भी उपयोग कर रही हैं।
कुमारी चंद्राकर बताती हैं कि गेंदे की खेती उनके लिए आर्थिक रूप से काफी लाभदायक साबित हुई। उन्होंने प्रति एकड़ लगभग 20 क्विंटल गेंदा उत्पादन प्राप्त किया, जिसे लगभग 31 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय किया। उत्पादन में अन्य खर्चों को वहन करने के बाद उन्हें प्रति एकड़ लगभग 2 लाख 7 हजार रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई। इस बेहतर आमदनी ने उनके खेती के प्रति उत्साह को और बढ़ाया है तथा अब वे पारंपरिक फसलों के साथ बाजार की मांग के अनुरूप उद्यानिकी फसलों को भी प्राथमिकता दे रही हैं। उनके खेतों में सब्जियों और फूलों की फसल देखकर रिश्तेदारों एवं आसपास के किसान भी उद्यानिकी खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

 


9 करोड़ 27 लाख के सोने के साथ 3 आरोपी पकड़े गए, कार में बनाया था सीक्रेट ठिकाना

19-May-2026
महासमुंद। सीमावर्ती क्षेत्रों से हो रहे अवैध परिवहन पर रोक लगाने चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान सिंघोड़ा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वोक्सवैगन कार से 9 करोड़ 27 लाख 84 हजार 220 रुपये के सोने के आभूषण के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो गुजरात के अलग-अलग जिलों के रहने वाले है।
पुलिस अधीक्षक महासमुंद के निर्देश पर एनएच-353 स्थित रेहटीखोल नाका में 17 मई 2026 को वाहन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान उड़ीसा की ओर से आ रही वोक्सवैगन वरटस कार क्रमांक जीजे 03 एनपी 4230 को रोककर जांच की गई। कार में सवार तीन व्यक्तियों ने अपना नाम जयेश अकबरी (32 वर्ष), सुनीत कारेना (22 वर्ष) एवं रूशी अग्रावत (26 वर्ष), निवासी राजकोट (गुजरात) बताया। पूछताछ के दौरान कार की पिछली सीट में बनाए गए चेंबर में दो पीठू बैग में सोने के आभूषण परिवहन करना स्वीकार किया। तलाशी लेने पर छह प्लास्टिक बॉक्स में विभिन्न प्रकार के सोने के आभूषण बरामद हुए, जिनका कुल वजन 7512.488 ग्राम पाया गया।
बरामद सोने की अनुमानित कीमत 9 करोड़ 17 लाख 84 हजार 220 रुपये बताई गई है। पुलिस ने परिवहन में प्रयुक्त वोक्सवैगन कार,जिसकी कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है, को भी जब्त कर लिया। इस प्रकार कुल जब्ती की कीमत 9 करोड़ 27 लाख 84 हजार 220 रुपये रही। कार में बैठे व्यक्तियों को सोने के आभूषणों के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु धारा 94 बीएनएस के तहत नोटिस दिया गया, लेकिन वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर पुलिस ने धारा 106 बीएनएस के तहत कार्रवाई करते हुए संपत्ति जब्त कर ली। मामले की अग्रिम जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए आयकर विभाग और राजस्व सूचना निदेशालय, छत्तीसगढ़ को सूचित कर प्रकरण अग्रेषित किया गया है।


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