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Kanker

SSB जवान ने सर्विस रायफल से खुद को मारी गोली, मौत

14-Sep-2026
कांकेर। कांकेर जिले में SSB कैंप के अंदर एक जवान ने कथित तौर पर सर्विस रायफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना अंतागढ़ के पास कुहचे गांव स्थित SSB कैंप की बताई जा रही है। जवान की मौत के बाद कैंप में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही SSB अधिकारी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचे। मृतक जवान की पहचान आनंद प्रकाश तिवारी के रूप में हुई है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, मृतक जवान की पहचान आनंद प्रकाश तिवारी के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश का रहने वाला था और कुहचे स्थित SSB कैंप में हवलदार के पद पर तैनात था। बताया जा रहा है कि सोमवार को अज्ञात कारणों के चलते उसने अपनी सर्विस रायफल से खुद को गोली मार ली। गोली लगने से जवान की मौके पर ही मौत हो गई।
जवान के आत्महत्या करने की जानकारी मिलते ही कैंप के अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। स्थानीय पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। घटना के बाद कैंप में सुरक्षा व्यवस्था और जवान से जुड़ी परिस्थितियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जवान ने यह कदम क्यों उठाया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।

संघर्ष से भाईचारे तक का सफर, आत्मसमर्पित माओवादियों ने डीआरजी जवानों को बांधी राखी

28-Aug-2026
उत्तर बस्तर कांकेर, 28 अगस्त 2026 कभी जंगलों में बंदूक के साथ आमने-सामने रहने वाले हाथ आज भाईचारे और विश्वास के धागे से जुड़ गए। भानुप्रतापपुर क्षेत्र के ग्राम चौगेल (मुल्ला) स्थित पुनर्वास केंद्र में आज आत्मसमर्पित माओवादियों ने जिला रिजर्व गार्ड डी आर जी के जवानों को राखी बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया। यह दृश्य संघर्ष से शांति, हिंसा से मुख्यधारा और हथियार से हुनर की ओर बढ़ते बदलाव की भावुक तस्वीर बन गया। आत्मसमर्पित माओवादी शांति कवाची ने बताया कि वह पहली बार रक्षाबंधन का त्योहार मना रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से उन्होंने राखी बनाना सीखा और आज उन्हीं हाथों से तैयार की गई राखी पुलिस जवानों की कलाई पर बांधना उनके लिए बेहद खास और भावुक अनुभव है।
उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण के बाद अब ऐसा महसूस हो रहा है कि वे वास्तव में समाज की मुख्यधारा में लौट आई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नक्सल पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उन्होंने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया। पुनर्वास केंद्र में उन्हें सिलाई, काष्ठ शिल्प कला और राखी निर्माण सहित विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे भविष्य में इन हुनरों के माध्यम से सम्मानपूर्वक आजीविका चला सकें और अपने परिवार के साथ समाज में सामान्य जीवन जी सकें। वहीं डी आर जी जवान टेकेश्वर हिचामी ने कहा कि पहले परिस्थितियां ऐसी थीं कि दोनों पक्ष बंदूक लेकर आमने-सामने रहते थे। आज वही हाथ राखी के पवित्र धागे से जुड़े हैं। उन्होंने कहा, आज उनकी बांधी राखी हमारी कलाई पर है, जो भाई की लंबी उम्र और सुख-शांति की कामना का प्रतीक है। यह अपने आप में एक अलग और भावुक अनुभव है। यह रक्षाबंधन सिर्फ एक पर्व का उत्सव नहीं, बल्कि बदलाव की उस कहानी का प्रतीक है, जिसमें कभी संघर्ष का हिस्सा रहे लोग आज विश्वास और भाईचारे के रिश्ते को स्वीकार कर रहे हैं। पुनर्वास और कौशल विकास के माध्यम से आत्मसमर्पित माओवादी अब अपने हाथों में हथियार की जगह हुनर लेकर नई जिंदगी की शुरुआत कर रहे हैं।कल तक आमने-सामने थे, आज एक-दूसरे की कलाई पर विश्वास का धागा है। बंदूक से राखी तक का यह सफर, शांति और पुनर्वास की नई कहानी लिख रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल के कांकेर आगमन पर जनप्रतिनिधियों एवं कलेक्टर ने किया आत्मीय स्वागत

28-Jul-2026
बस्तर कांकेर (शोर संदेश) प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मंगलवार को सुबह जिला मुख्यालय के शासकीय विश्राम गृह पहुंचे। उनके आगमन पर जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी एवं कलेक्टर  निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मंत्री जायसवाल के साथ कांकेर पहुंचे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया एवं संचालक डॉ. संजीव झा का भी स्वागत किया गया। इस अवसर पर एसडीएम कांकेर सरस्वती बंजारे, सीएमएचओ डॉ. आरसी ठाकुर, मेडिकल कॉलेज कांकेर की डीन डॉ. यास्मीन खान, आलोक ठाकुर सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण उपस्थित












 

खनिज रेत के निगरानी हेतु ड्रोन तकनीक का उपयोग

03-Jul-2026
कांकेर: जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए खनिज विभाग द्वारा अत्याधुनिक तकनीक ड्रोन कैमरा का उपयोग की जा रही है। इस संबंध में जानकारी देते हुए खनिज अधिकारी सनत साहू ने बताया कि गत दिवस बुधवार रात्रि के दरमियान चारामा से लेकर कांकेर क्षेत्र में प्रवाहित नदियों में ड्रोन कैमरे के माध्यम से औचक निगरानी रखते हुए कार्यवाही की गई। ड्रोन द्वारा मचांदुर, माहुद, भिलाई, तेलगुडा, नगर पंचायत चारामा, जैसाकर्रा, भिरौद, करिहा, सराधुनवागांव, हाराडुला, खरथा, बांडाटोला, भुईगांव, किलेपार, टांहकापार, अरौद, तारसगांव, नारा, भिरावाही, माकडी, माटवाडा, मुड़डोगरी, कोकपुर देवरी क्षेत्र का सर्वे किया गया। चारामा तहसील अंतर्गत ग्राम खस्था में 01 ट्रेक्टर न्यू महिन्द्रा, वाहन मालिक दुर्गेश पॉल एवं कांकेर तहसील अंतर्गत ग्राम माटवाड़ा कोकपुर क्षेत्र में 08 वाहन कमशः न्यू मेसी सहदेव उईके, न्यू महिन्द्रा रूपेश कोर्राम, सीजी 19 बीई 2649 अमित नेताम, सीजी 17 बीजी 7024 राकेश्वर यादव, न्यू मेसी समीर उईके, न्यू महिन्द्रा सलेश कुमार, न्यू महिन्द्रा हितेश जैन, सीजी 19 बीआर 5154 सिद्धार्थ साहू के ट्रेक्टर को उड़नदस्ता दल द्वारा जप्त कर पुलिस अभिरक्षा एवं कलेक्टर परिसर में जप्त वाहनो को सुरक्षार्थ रखा गया है।
खनिज अधिकारी साहू ने बताया कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध खान एव खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 एवं छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 में निहित प्रावधानों के तहत कड़ी कार्यवाही की जा रही है। निरंतर कार्यवाही से क्षेत्र में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण को नियंत्रित किया जा रहा है, साथ ही जिले में टास्क फोर्स दल द्वारा सतत निगरानी भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि 10 जून से अब तक अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भण्डारण पर कार्यवाही करते हुए अवैध परिवहन के कुल 28 प्रकरण दर्ज किया जाकर 05 लाख 48 हजार 288 रूपये एवं अवैध भण्डारण के कुल 03 प्रकरण दर्ज कर 02 लाख 87 हजार 800 रूपये अर्थदंड से आरोपित किया गया है। वर्तमान में वर्षा ऋतु में नदियों से रेत का उत्खनन 15 अक्टूबर तक प्रतिबंधित होने के कारण जिले में रेत के सुचारू एवं सुगमता पूर्वक रेत उपलब्धता हेतु जिले में कुल 16 अस्थायी भण्डारण अनुज्ञप्ति स्वीकृत है, जिनके माध्यम से आम जनों के लिए रेत की सुगमता से आपूर्ति की व्यवस्था की गई है।
 

कोल इंडिया की पहल : छत्तीसगढ़ के युवाओं को UPSC तैयारी के लिए मिलेगा 1 लाख रुपए का सहयोग

24-Jun-2026
कांकेर  (शोर संदेश) । आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा और भारतीय वन सेवा परीक्षाओं की मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करने हेतु कोल इंडिया लिमिटेड ने एक बड़ी पहल की है। कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत निर्माण-2026 योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत पात्र अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए एकमुश्त एक लाख रुपए की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएगी।
योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के ऐसे होनहार अभ्यर्थियों को संबल देना है, जिन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा या भारतीय वन सेवा की प्रारंभिक परीक्षा वर्ष 2026 में उत्तीर्ण कर ली हो। इस योजना का लाभ उठाने के लिए उम्मीदवार का छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, असम, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश अथवा पश्चिम बंगाल का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभ्यर्थी के परिवार की कुल वार्षिक आय 8 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।
ये नहीं होंगे पात्र
कोल इंडिया लिमिटेड या उसकी सहायक कंपनियों के कर्मचारी और उनके आश्रित इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगे। साथ ही केंद्र या राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेशों और किसी भी सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) में कार्यरत स्थायी कर्मचारी भी इसके पात्र नहीं होंगे। इसके अतिरिक्त, जिन अभ्यर्थियों ने पूर्व में निर्माण-2024 या निर्माण-2025 का लाभ लिया है, उन्हें दोबारा यह लाभ नहीं मिलेगा।
पोर्टल पर करना होगा ऑनलाइन आवेदन
प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद पात्र अभ्यर्थी कोल इंडिया लिमिटेड के निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए उम्मीदवारों को पासपोर्ट फोटो, हस्ताक्षर, यूपीएससी प्रीलिम्स का प्रवेश पत्र, वैध पहचान पत्र, आय व निवास प्रमाण पत्र और बैंक खाते का विवरण अपलोड करना होगा। कोल इंडिया की यह पहल युवाओं के प्रशासनिक सेवाओं में जाने के सपने को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगी।

एक साल बाद खुला अंधे कत्ल का राज! पत्नी-प्रेमी ने मिलकर करंट से कर दी पति की हत्या

02-Jun-2026
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पुलिस ने एक साल पुराने हत्या के मामले का खुलासा किया है। जिस घटना को पहले सामान्य हादसा माना जा रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी साजिश निकली। जांच में पता चला कि मृतक की हत्या करंट लगाकर की गई थी और इसे दुर्घटना दिखाने की कोशिश की गई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सबूत मिले, जिनके आधार पर पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
खेत में मिली थी लाश, मामला था पूरी तरह संदिग्ध
घटना 24 मई 2025 की है, जब दल्लीराजहरा निवासी मुकेश विश्वास का शव संदिग्ध हालत में बरामद हुआ था। शुरुआती जांच में कोई गवाह या मजबूत सबूत नहीं मिलने से मामला उलझा हुआ था। पुलिस ने इसे सामान्य दुर्घटना मानकर जांच आगे बढ़ाई। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मौत बिजली के तेज करंट लगने से हुई थी। मृतक के हाथों और उंगलियों पर गंभीर जलने के निशान पाए गए, जिससे साफ हो गया कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या थी।
अवैध संबंध बना हत्या की वजह
पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि मृतक की पत्नी सरस्वती विश्वास और इंद्रजीत दास के बीच लंबे समय से करीबी संबंध थे। जांच में मिले साक्ष्यों के अनुसार, जब मुकेश विश्वास को इस बात की जानकारी हुई तो परिवार में अक्सर विवाद होने लगा। दोनों के बीच रिश्तों में तनाव बढ़ता गया और मामला इतना गंभीर हो गया कि मुकेश अपनी पत्नी से अलग होने की तैयारी कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर एक साजिश रची, जिसके बाद यह पूरी घटना सामने आई।
शराब पिलाकर रची गई हत्या की साजिश
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने योजना के तहत मुकेश विश्वास को एक सुनसान जगह पर बुलाया। वहां उसे अधिक मात्रा में शराब पिलाई गई, जिससे वह पूरी तरह बेहोशी की हालत में पहुंच गया। इसके बाद आरोपियों ने ट्यूबवेल में इस्तेमाल होने वाले बिजली के तार की मदद से उसे करंट लगाया, जिससे उसकी मौत हो गई। जांच में यह भी सामने आया कि घटना को दुर्घटना दिखाने के उद्देश्य से शव को उसी स्थान पर छोड़ दिया गया था, ताकि किसी को हत्या की आशंका न हो और मामला सामा
चार आरोपी गिरफ्तार, साजिश का हुआ खुलासा
पुलिस ने जांच के दौरान कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया। इसके बाद आरोपियों का क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्शन कराया गया, जिसमें उन्होंने अपराध कबूल कर लिया। इस मामले में पुलिस ने सरस्वती विश्वास, इंद्रजीत दास, सुरेंद्र बछाड़ और रंजीत सरकार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

कांकेर में बड़ा सड़क हादसा: अनियंत्रित बस पलटने से दर्जनों घायल

29-Jan-2026
कांकेर।( शोर संदेश )  जिले के बांदे–पखांजूर मार्ग पर गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। जगदलपुर जा रही एक यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई, जिससे बस में सवार 32 यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से कांकेर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार घायलों में से 8 यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है। इनमें से दो की स्थिति नाजुक होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज कांकेर में जारी है।
प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण चालक की लापरवाही बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार मोड़ पर बस की गति कम नहीं की गई, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और बस पलट गई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें और चालकों से भी सतर्कता बरतने की अपेक्षा जताई है।


 

माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में वन विकास से रोजगार और राजस्व में वृद्धि

08-Jan-2026
कांकेर ।  ( शोर संदेश ) वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम माओवाद प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में वानिकी कार्यों के माध्यम से न केवल राजस्व बढ़ा रहा है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराकर उनके सामाजिक-आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
कांकेर जिले के अंतागढ़ परियोजना मंडल अंतर्गत कोयलीबेडा, अंतागढ़, दुर्गुकोंदल, मन्हाकाल जैसे अति संवेदनशील क्षेत्रों में सागौन विरलन (थिनिंग), विदोहन और वृक्षारोपण के कार्य सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं। विगत वर्ष इन क्षेत्रों से कुल 4,624.358 घन मीटर काष्ठ और जलाऊ लकड़ी का उत्पादन किया गया, जिससे निगम की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इन कार्यों से बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है, जिससे पलायन में कमी आई है और जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
औद्योगिक वृक्षारोपण मंडल जगदलपुर द्वारा बस्तर संभाग के कोण्डागांव और फरसगांव जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वृक्षारोपण और विदोहन कार्यों के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्ष 2024 में लगभग 1,000 घन मीटर वनोपज का उत्पादन किया गया। इसके साथ ही 94 हेक्टेयर क्षेत्र में 2 लाख 35 हजार सागौन पौधों का रोपण किया गया। वर्ष 2025 में अतिक्रमण मुक्त कराए गए वन क्षेत्रों में 76 हेक्टेयर में 1 लाख 90 हजार सागौन और 38 हेक्टेयर में 95 हजार नीलगिरी पौधों का रोपण किया गया है।
सुरक्षा कैंपों की स्थापना से दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन आसान हुआ है, जिससे वानिकी कार्यों में तेजी आई है। जहाँ पहले हिंसा और भय का माहौल था, वहाँ अब रोजगार, विकास और हरियाली का संदेश फैल रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम का यह प्रयास माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने, रोजगार बढ़ाने और जंगलों के संरक्षण के साथ आर्थिक समृद्धि लाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।







 

पसीने की कमाई का सही दाम मिलने से किसान आर्थिक सुदृढ़ीकरण की ओर अग्रसर

20-Dec-2025
कांकेर (शोर संदेश)। राज्य सरकार द्वारा किसानों की मेहनत और पसीने की कमाई का उचित दाम दिए जाने से वे आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो रहे हैं। खरीफ सीजन में धान बेचकर मिले पैसों से किसानों की कई जरूरतें पूरी हो रही हैं। कांकेर जिले के ग्राम पीढ़ापाल निवासी युवा किसान कौशल कुमार नाग अपनी 10 एकड़ कृषि भूमि में धान उगाकर पहले चरण में 90 क्विंटल धान बेच चुके हैं। उनके पास अभी और भी धान है, जिसे सुखाने के लिए रखा गया है। सूखने और टोकन कटने के बाद वे इसे भी बेचने के लिए सोसाइटी लेकर जाएंगे।
युवा किसान कौशल नाग ने बताया कि वे अगले वर्ष अपनी विवाह की योजना बना रहे हैं। इस साल धान की बिक्री से मिली राशि विवाह के समय उनका बड़ा सहारा बनेगी। उन्होंने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था को किसानों के हित में बताया और इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। नाग कहते हैं कि सरकार की इस पहल से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। भविष्य की योजनाओं और सपनों को पूरा करने के लिए यह बड़ा सहारा साबित हो रहा है।











 

तेंदुए के बाद अब भालुओं का आतंक, घर में घुसकर चट कर गया पूरा राशन

22-Nov-2025
कांकेर (शोर संदेश)। नरहरपुर ब्लॉक के दुधावा बस्ती में भालू का आतंक फैल गया है। देर रात गांव के प्रभात यादव के घर में तीन भालुओं के घुसने की घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। भालुओं ने घर में रखी राशन सामग्री तहस-नहस कर दी और अधिकांश सामान खा गए।
घटना के दौरान घर के सीसीटीवी कैमरों में भालुओं की स्पष्ट तस्वीरें कैद हुई हैं, जिन्हें देखकर लोग दहशत में हैं। कुछ दिनों पहले इसी इलाके में तेंदुआ भी देखा गया था जिसके बाद से मोहल्लेेवासी पहले ही भयभीत थे। लगातार भालुओं के गलियों और खेतों में घूमने की जानकारी मिलते ही लोग विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस बढ़ते खतरे को लेकर कई बार वन विभाग को सूचना दी गई, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लापरवाही को लेकर लोगों में रोष है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि भालू को शीघ्र पकड़ा जाए और सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।


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