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ट्राइसाइकिल मिलने से हीरे सिंह निषाद के लिए आवागमन हुआ आसान, दिव्यांगजन के जीवन में आई सहूलियत

20-Oct-2026
कांकेर।( शोर संदेश ) दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन को सुगम बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज कांकेर के मिनी स्टेडियम में भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में चारामा विकासखंड के ग्राम उडकुड़ा निवासी दिव्यांग हीरे सिंह निषाद को ट्राइसाइकिल प्रदान की गई।
ट्राइसाइकिल मिलने से हीरे सिंह निषाद के लिए अब आवागमन पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले वे बैसाखी के सहारे चलते थे, जिससे एक स्थान से दूसरे स्थान तक आने-जाने में काफी परेशानी होती थी। अब ट्राइसाइकिल मिलने से उन्हें आने-जाने में सुविधा होगी और वे अधिक सहजता के साथ अपने दैनिक कार्य कर सकेंगे। हीरे सिंह निषाद ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ट्राइसाइकिल मिलने से उन्हें बहुत अच्छा लगा है। अब उन्हें इधर-उधर आने-जाने में आसानी होगी। उन्होंने इस सहयोग के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिला प्रशासन के मार्गदर्शन एवं सहयोग से उन्हें यह सुविधा प्राप्त हुई है।
जिला प्रशासन एवं भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर की यह पहल दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे प्रयासों से दिव्यांगजनों के जीवन में सुविधा, आत्मविश्वास और सकारात्मक बदलाव आ रहा है।





 

 


चेमल माइंस में अज्ञात द्वारा चैन माउंट मशीन पर लगाई आग, मौके पर मिला पर्चा

07-Oct-2026
कांकेर(शोर संदेश) । भानुप्रतापपुर स्थित चेमल माइंस क्षेत्र में अज्ञात लोगों द्वारा एक चैन माउंट मशीन को आग के हवाले किए जाने एवं एक चैन माउंट मशीन पर तोड़-फोड़ करने की वारदात सामने आई है। अचानक हुई इस वारदात से माइंस प्रबंधन और क्षेत्र में हड़कंप मच गया। घटना के बाद मौके पर एक पर्चा भी मिलने की जानकारी सामने आई है। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल का जायजा लिया फिलहाल आगजनी की इस घटना के पीछे कौन लोग हैं और इसका उद्देश्य क्या था, इसे लेकर जांच की जा रही है। पुलिस द्वारा मौके से मिले पर्चे सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल की जा रही है।
कांकेर एसपी निखिल कुमार राखेचा ने बताया कि चेमल माइंस क्षेत्र में अज्ञात लोगों द्वारा एक चैन माउंट मशीन पर आगजनी की गई है, एवं एक चैन माउंट मशीन पर तोडफ़ोड़ की गई है।मौके से मिले पर्चे के संबंध में उन्होने बताया कि नक्सली पर्चा के जैसे पर्चा नही है, पर्चा में लिखा है कि मांईंस को बारबार बंद करते हो, उसको समय पर चलाया जाये उन्हेने बताया कि संदिग्धों की पहचान कर ली गई है, इसमें शामिल अरोपियों को शाम तक पकड़ लिया जायेगा।
 

नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति के साथ खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

27-Sep-2026
रायपुर 27 सितंबर 2026 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम लामकन्हार स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी का श्रवण किया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के अलग-अलग हिस्सों में जनभागीदारी से हो रहे सकारात्मक बदलावों और नवाचारों को ‘मन की बात’ के माध्यम से राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ के प्रयासों का उनके द्वारा लगातार उल्लेख किया जाना प्रदेशवासियों के परिश्रम और सहभागिता का सम्मान है। इससे हमारे स्थानीय प्रयासों को नई पहचान मिलने के साथ ही बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान कुपोषण के विरुद्ध छत्तीसगढ़ की लड़ाई को जनभागीदारी से और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुनगा सहज उपलब्ध होने के साथ पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत है। इसके पत्ते, फल और फूल भोजन में उपयोग किए जाते हैं तथा इनमें आयरन सहित अनेक पोषक तत्व पाए जाते हैं। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों और विद्यार्थियों से अपने घरों में मुनगा का पौधा लगाने तथा इसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति अन्य लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति, जनगणना में नागरिकों की भागीदारी, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों से संवाद किया।
प्रधानमंत्री ने सितंबर माह को कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई को समर्पित पोषण माह के रूप में रेखांकित करते हुए देश के विभिन्न हिस्सों में पोषण को लेकर किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। इसी क्रम में उन्होंने छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान की चर्चा की। इस अभियान के माध्यम से लोगों को पौष्टिक मुनगा अर्थात मोरिंगा को दैनिक खान-पान का हिस्सा बनाने और इसके पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित प्रयासों और नवाचारों को लगातार स्थान दे रहे हैं। इससे पहले बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, मल्हार में प्राप्त ऐतिहासिक ताम्रपत्र और कोरिया जिले के ‘5 प्रतिशत जल संचय मॉडल’ जैसे प्रयासों की प्रधानमंत्री द्वारा सराहना की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरिया जिले का ‘5 प्रतिशत जल संचय मॉडल’ स्थानीय आवश्यकता और जनभागीदारी से निकला एक प्रभावी समाधान है। इसके अंतर्गत किसान अपने खेत के पांच प्रतिशत हिस्से में जल संचयन की व्यवस्था करते हैं। इससे आवश्यकता के समय फसलों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होता है और भूजल स्तर बढ़ाने में भी सहायता मिलती है। ऐसे नवाचार बताते हैं कि स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी से किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी व्यापक बदलाव का आधार बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ‘मन की बात’ में ऐसे कार्यों को देश के सामने लाकर उनसे जुड़े लोगों का उत्साहवर्धन करते हैं। साथ ही देश के अन्य क्षेत्रों के लोगों को भी अपने गांव, शहर और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए आगे आने की प्रेरणा मिलती है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर के साथ कांकेर का यह क्षेत्र भी लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय और असुरक्षा का वातावरण था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। शांति और सुरक्षा का वातावरण मजबूत होने के साथ दूरस्थ अंचलों में विकास के नए अवसर भी निर्मित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अंचल दशकों तक विकास की मुख्यधारा से अपेक्षाकृत दूर रहा, लेकिन अब सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, संचार, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ को निरंतर सहयोग मिल रहा है। राज्य सरकार भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ क्षेत्र में शांति के साथ समृद्धि और विकास को गति देने में जुटी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर ग्राम लामकन्हार में शिक्षा, अधोसंरचना और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार के लिए कुल 85 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने लामकन्हार में शीतला मंदिर के पास सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपए, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन निर्माण के लिए 37 लाख रुपए, छोटे पारा में सीसी रोड निर्माण के लिए 18 लाख रुपए तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय लामकन्हार में पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला के लिए 15 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा तथा बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। लामकन्हार में घोषित इन विकास कार्यों से ग्रामीणों के साथ ही विद्यार्थियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
‘मन की बात’ कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत अमरूद का पौधा लगाया। उन्होंने उपस्थित लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का भी आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण सरकार के साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढि़यों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण की नींव मजबूत करेगा। कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का श्रवण किया। इस अवसर पर सांसद भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
 

 


ट्रेन और ट्रक की चपेट में आए 14 मवेशी, भानुप्रतापपुर में लगातार दो हादसे

21-Sep-2026
कांकेर। जिले के भानुप्रतापपुर में बीती रात एवं रविवार सुबह हुए दो अलग-अलग हादसों में 14 मवेशियों की मौत हो गई। पहली घटना भैंसाकन्हार के पास हुई, जहां रेलवे ट्रैक पार करते समय 10 मवेशी ट्रेन की चपेट में आ गए। वहीं दूसरी घटना रविवार सुबह 5 बजे भानुप्रतापपुर के मुख्य चौक पर हुई, जहां तेज रफ्तार अज्ञात ट्रक ने चार मवेशियों को कुचल दिया। दोनों घटनाओं के बाद क्षेत्र में मवेशियों की सुरक्षा और सड़क-रेलवे ट्रैक के आस-पास उनकी आवाजाही को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
भैंसाकन्हार के पास देर रात रेलवे ट्रैक पर मवेशियों का झुंड ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसे में 10 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया कि मृत मवेशी स्थानीय पशुपालक रमेश उइके की थी। घटना की जानकारी मिलते ही भानुप्रतापपुर एसडीएम गंगाधर वाहिले अपनी टीम के साथ एवं पशु चिकित्सा विभाग के डॉक्टर और कर्मचारी भी घटनास्थल पर पहुंचकर सभी मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम किया करवाया गया। प्रशासन की ओर से पशुपालक को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई भी की जा रही है। वहीं दूसरी घटना भानुप्रतापपुर के मुख्य चौक में आज रविवार सुबह करीब 5 बजे एक अज्ञात ट्रक की चपेट में आने से चार मवेशियों की मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया।
पशुपालक रमेश उइके का कहना है कि गांव के पास रेलवे ट्रैक के दोनों ओर लंबा मोड़ है। उनका आरोप है कि इस मोड़ के कारण कई बार ट्रेन अचानक दिखाई देती है. ट्रेन चालक के हॉर्न नहीं बजाने की वजह से आस-पास चर रही मवेशियों और पशुपालकों को ट्रेन के आने का समय पर पता नहीं चल पाता है।
 

 


भारत के मानचित्र पर साकार हुआ ‘आशीर्वाद का दीया', एक साथ जले 51 हजार दीप

18-Sep-2026
कांकेर। सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सेवा काल के 25 वर्ष पूरे होने पर कांकेर में जिलेभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय कांकेर के ऐतिहासिक पीएमश्री शासकीय नरहरदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान में भारत का मानचित्र तैयार कर उस पर एक साथ 51 हजार दीप प्रज्वलित किए गए। दीपों से जगमगाता भारत का मानचित्र आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक विक्रम देव उसेंडी ने किया। अध्यक्षता विधायक कांकेर आशाराम नेताम ने की।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी, नगर पालिका अध्यक्ष अरूण कौशिक, सीसीएफ विवेकानंद झा, कलेक्टर कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा, सतीश लाटिया, महेश जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा भारत के मानचित्र पर जलाए गए 51 हजार दीपों का अवलोकन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विक्रम देव उसेंडी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और देश के विकास एवं जनकल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की भावना के साथ सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री जन-धन योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित विभिन्न योजनाओं से आमजन को मिल रही सुविधाओं का उल्लेख किया। कोरोना महामारी के दौरान टीकाकरण तथा जरूरतमंद परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के प्रयासों की भी जानकारी दी। 
उसेंडी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाना उनके प्रति शुभकामना एवं सम्मान की भावना का प्रतीक है। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन तथा देश के निरंतर विकास की कामना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक कांकेर आशाराम नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पूरे 140 करोड़ जनता को अपना परिवार मानते हैं। एक परिवार के मुखिया की जिम्मेदारी होती है कि वह अपने परिवार की जरूरतों को समझे और उनके हित में कार्य करे। इसी सोच के अनुरूप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से हर परिवार तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। 
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान, जल जीवन मिशन के माध्यम से घर-घर पानी, स्वच्छता अभियान के माध्यम से स्वच्छ वातावरण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से किसानों को आर्थिक सहायता और आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने तथा उज्ज्वला एवं बिजली से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से घरों में सुविधा और रोशनी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
कलेक्टर कुन्दन कुमार ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत एक माह तक आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों एवं 13 प्रमुख पहलों की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों की सेवा यात्रा से संबंधित वीडियो का प्रदर्शन किया गया तथा अभियान से संबंधित कैलेंडर का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वेशभूषा में पहुंचे बच्चों ने जनप्रतिनिधियों को गुलाब के फूल भेंट किए और भारत माता के जयकारे लगाए। पूरे परिसर में देशभक्ति एवं उत्साह का वातावरण रहा।
इस अवसर पर पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा, सुमित्रा मारकोले, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी, अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुर्रे, राजा पाण्डेय, बृजमोहन तिवारी, अशोक वालेचा, टंकेश्वर जैन सहित जनप्रतिनिधि-पदाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी, छात्र-छात्राएं, गणमान्य नागरिक एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
 

SSB जवान ने सर्विस रायफल से खुद को मारी गोली, मौत

14-Sep-2026
कांकेर। कांकेर जिले में SSB कैंप के अंदर एक जवान ने कथित तौर पर सर्विस रायफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना अंतागढ़ के पास कुहचे गांव स्थित SSB कैंप की बताई जा रही है। जवान की मौत के बाद कैंप में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही SSB अधिकारी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचे। मृतक जवान की पहचान आनंद प्रकाश तिवारी के रूप में हुई है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, मृतक जवान की पहचान आनंद प्रकाश तिवारी के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश का रहने वाला था और कुहचे स्थित SSB कैंप में हवलदार के पद पर तैनात था। बताया जा रहा है कि सोमवार को अज्ञात कारणों के चलते उसने अपनी सर्विस रायफल से खुद को गोली मार ली। गोली लगने से जवान की मौके पर ही मौत हो गई।
जवान के आत्महत्या करने की जानकारी मिलते ही कैंप के अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। स्थानीय पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। घटना के बाद कैंप में सुरक्षा व्यवस्था और जवान से जुड़ी परिस्थितियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जवान ने यह कदम क्यों उठाया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।

संघर्ष से भाईचारे तक का सफर, आत्मसमर्पित माओवादियों ने डीआरजी जवानों को बांधी राखी

28-Aug-2026
उत्तर बस्तर कांकेर, 28 अगस्त 2026 कभी जंगलों में बंदूक के साथ आमने-सामने रहने वाले हाथ आज भाईचारे और विश्वास के धागे से जुड़ गए। भानुप्रतापपुर क्षेत्र के ग्राम चौगेल (मुल्ला) स्थित पुनर्वास केंद्र में आज आत्मसमर्पित माओवादियों ने जिला रिजर्व गार्ड डी आर जी के जवानों को राखी बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया। यह दृश्य संघर्ष से शांति, हिंसा से मुख्यधारा और हथियार से हुनर की ओर बढ़ते बदलाव की भावुक तस्वीर बन गया। आत्मसमर्पित माओवादी शांति कवाची ने बताया कि वह पहली बार रक्षाबंधन का त्योहार मना रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से उन्होंने राखी बनाना सीखा और आज उन्हीं हाथों से तैयार की गई राखी पुलिस जवानों की कलाई पर बांधना उनके लिए बेहद खास और भावुक अनुभव है।
उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण के बाद अब ऐसा महसूस हो रहा है कि वे वास्तव में समाज की मुख्यधारा में लौट आई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नक्सल पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उन्होंने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया। पुनर्वास केंद्र में उन्हें सिलाई, काष्ठ शिल्प कला और राखी निर्माण सहित विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे भविष्य में इन हुनरों के माध्यम से सम्मानपूर्वक आजीविका चला सकें और अपने परिवार के साथ समाज में सामान्य जीवन जी सकें। वहीं डी आर जी जवान टेकेश्वर हिचामी ने कहा कि पहले परिस्थितियां ऐसी थीं कि दोनों पक्ष बंदूक लेकर आमने-सामने रहते थे। आज वही हाथ राखी के पवित्र धागे से जुड़े हैं। उन्होंने कहा, आज उनकी बांधी राखी हमारी कलाई पर है, जो भाई की लंबी उम्र और सुख-शांति की कामना का प्रतीक है। यह अपने आप में एक अलग और भावुक अनुभव है। यह रक्षाबंधन सिर्फ एक पर्व का उत्सव नहीं, बल्कि बदलाव की उस कहानी का प्रतीक है, जिसमें कभी संघर्ष का हिस्सा रहे लोग आज विश्वास और भाईचारे के रिश्ते को स्वीकार कर रहे हैं। पुनर्वास और कौशल विकास के माध्यम से आत्मसमर्पित माओवादी अब अपने हाथों में हथियार की जगह हुनर लेकर नई जिंदगी की शुरुआत कर रहे हैं।कल तक आमने-सामने थे, आज एक-दूसरे की कलाई पर विश्वास का धागा है। बंदूक से राखी तक का यह सफर, शांति और पुनर्वास की नई कहानी लिख रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल के कांकेर आगमन पर जनप्रतिनिधियों एवं कलेक्टर ने किया आत्मीय स्वागत

28-Jul-2026
बस्तर कांकेर ।(शोर संदेश) प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मंगलवार को सुबह जिला मुख्यालय के शासकीय विश्राम गृह पहुंचे। उनके आगमन पर जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी एवं कलेक्टर  निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मंत्री जायसवाल के साथ कांकेर पहुंचे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया एवं संचालक डॉ. संजीव झा का भी स्वागत किया गया। इस अवसर पर एसडीएम कांकेर सरस्वती बंजारे, सीएमएचओ डॉ. आरसी ठाकुर, मेडिकल कॉलेज कांकेर की डीन डॉ. यास्मीन खान, आलोक ठाकुर सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण उपस्थित












 

खनिज रेत के निगरानी हेतु ड्रोन तकनीक का उपयोग

03-Jul-2026
कांकेर: जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए खनिज विभाग द्वारा अत्याधुनिक तकनीक ड्रोन कैमरा का उपयोग की जा रही है। इस संबंध में जानकारी देते हुए खनिज अधिकारी सनत साहू ने बताया कि गत दिवस बुधवार रात्रि के दरमियान चारामा से लेकर कांकेर क्षेत्र में प्रवाहित नदियों में ड्रोन कैमरे के माध्यम से औचक निगरानी रखते हुए कार्यवाही की गई। ड्रोन द्वारा मचांदुर, माहुद, भिलाई, तेलगुडा, नगर पंचायत चारामा, जैसाकर्रा, भिरौद, करिहा, सराधुनवागांव, हाराडुला, खरथा, बांडाटोला, भुईगांव, किलेपार, टांहकापार, अरौद, तारसगांव, नारा, भिरावाही, माकडी, माटवाडा, मुड़डोगरी, कोकपुर देवरी क्षेत्र का सर्वे किया गया। चारामा तहसील अंतर्गत ग्राम खस्था में 01 ट्रेक्टर न्यू महिन्द्रा, वाहन मालिक दुर्गेश पॉल एवं कांकेर तहसील अंतर्गत ग्राम माटवाड़ा कोकपुर क्षेत्र में 08 वाहन कमशः न्यू मेसी सहदेव उईके, न्यू महिन्द्रा रूपेश कोर्राम, सीजी 19 बीई 2649 अमित नेताम, सीजी 17 बीजी 7024 राकेश्वर यादव, न्यू मेसी समीर उईके, न्यू महिन्द्रा सलेश कुमार, न्यू महिन्द्रा हितेश जैन, सीजी 19 बीआर 5154 सिद्धार्थ साहू के ट्रेक्टर को उड़नदस्ता दल द्वारा जप्त कर पुलिस अभिरक्षा एवं कलेक्टर परिसर में जप्त वाहनो को सुरक्षार्थ रखा गया है।
खनिज अधिकारी साहू ने बताया कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध खान एव खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 एवं छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 में निहित प्रावधानों के तहत कड़ी कार्यवाही की जा रही है। निरंतर कार्यवाही से क्षेत्र में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण को नियंत्रित किया जा रहा है, साथ ही जिले में टास्क फोर्स दल द्वारा सतत निगरानी भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि 10 जून से अब तक अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भण्डारण पर कार्यवाही करते हुए अवैध परिवहन के कुल 28 प्रकरण दर्ज किया जाकर 05 लाख 48 हजार 288 रूपये एवं अवैध भण्डारण के कुल 03 प्रकरण दर्ज कर 02 लाख 87 हजार 800 रूपये अर्थदंड से आरोपित किया गया है। वर्तमान में वर्षा ऋतु में नदियों से रेत का उत्खनन 15 अक्टूबर तक प्रतिबंधित होने के कारण जिले में रेत के सुचारू एवं सुगमता पूर्वक रेत उपलब्धता हेतु जिले में कुल 16 अस्थायी भण्डारण अनुज्ञप्ति स्वीकृत है, जिनके माध्यम से आम जनों के लिए रेत की सुगमता से आपूर्ति की व्यवस्था की गई है।
 

कोल इंडिया की पहल : छत्तीसगढ़ के युवाओं को UPSC तैयारी के लिए मिलेगा 1 लाख रुपए का सहयोग

24-Jun-2026
कांकेर  (शोर संदेश) । आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा और भारतीय वन सेवा परीक्षाओं की मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करने हेतु कोल इंडिया लिमिटेड ने एक बड़ी पहल की है। कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत निर्माण-2026 योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत पात्र अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए एकमुश्त एक लाख रुपए की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएगी।
योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के ऐसे होनहार अभ्यर्थियों को संबल देना है, जिन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा या भारतीय वन सेवा की प्रारंभिक परीक्षा वर्ष 2026 में उत्तीर्ण कर ली हो। इस योजना का लाभ उठाने के लिए उम्मीदवार का छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, असम, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश अथवा पश्चिम बंगाल का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभ्यर्थी के परिवार की कुल वार्षिक आय 8 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।
ये नहीं होंगे पात्र
कोल इंडिया लिमिटेड या उसकी सहायक कंपनियों के कर्मचारी और उनके आश्रित इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगे। साथ ही केंद्र या राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेशों और किसी भी सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) में कार्यरत स्थायी कर्मचारी भी इसके पात्र नहीं होंगे। इसके अतिरिक्त, जिन अभ्यर्थियों ने पूर्व में निर्माण-2024 या निर्माण-2025 का लाभ लिया है, उन्हें दोबारा यह लाभ नहीं मिलेगा।
पोर्टल पर करना होगा ऑनलाइन आवेदन
प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद पात्र अभ्यर्थी कोल इंडिया लिमिटेड के निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए उम्मीदवारों को पासपोर्ट फोटो, हस्ताक्षर, यूपीएससी प्रीलिम्स का प्रवेश पत्र, वैध पहचान पत्र, आय व निवास प्रमाण पत्र और बैंक खाते का विवरण अपलोड करना होगा। कोल इंडिया की यह पहल युवाओं के प्रशासनिक सेवाओं में जाने के सपने को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगी।


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