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Kanker

खनिज रेत के निगरानी हेतु ड्रोन तकनीक का उपयोग

03-Jul-2026
कांकेर: जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए खनिज विभाग द्वारा अत्याधुनिक तकनीक ड्रोन कैमरा का उपयोग की जा रही है। इस संबंध में जानकारी देते हुए खनिज अधिकारी सनत साहू ने बताया कि गत दिवस बुधवार रात्रि के दरमियान चारामा से लेकर कांकेर क्षेत्र में प्रवाहित नदियों में ड्रोन कैमरे के माध्यम से औचक निगरानी रखते हुए कार्यवाही की गई। ड्रोन द्वारा मचांदुर, माहुद, भिलाई, तेलगुडा, नगर पंचायत चारामा, जैसाकर्रा, भिरौद, करिहा, सराधुनवागांव, हाराडुला, खरथा, बांडाटोला, भुईगांव, किलेपार, टांहकापार, अरौद, तारसगांव, नारा, भिरावाही, माकडी, माटवाडा, मुड़डोगरी, कोकपुर देवरी क्षेत्र का सर्वे किया गया। चारामा तहसील अंतर्गत ग्राम खस्था में 01 ट्रेक्टर न्यू महिन्द्रा, वाहन मालिक दुर्गेश पॉल एवं कांकेर तहसील अंतर्गत ग्राम माटवाड़ा कोकपुर क्षेत्र में 08 वाहन कमशः न्यू मेसी सहदेव उईके, न्यू महिन्द्रा रूपेश कोर्राम, सीजी 19 बीई 2649 अमित नेताम, सीजी 17 बीजी 7024 राकेश्वर यादव, न्यू मेसी समीर उईके, न्यू महिन्द्रा सलेश कुमार, न्यू महिन्द्रा हितेश जैन, सीजी 19 बीआर 5154 सिद्धार्थ साहू के ट्रेक्टर को उड़नदस्ता दल द्वारा जप्त कर पुलिस अभिरक्षा एवं कलेक्टर परिसर में जप्त वाहनो को सुरक्षार्थ रखा गया है।
खनिज अधिकारी साहू ने बताया कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध खान एव खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 एवं छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 में निहित प्रावधानों के तहत कड़ी कार्यवाही की जा रही है। निरंतर कार्यवाही से क्षेत्र में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण को नियंत्रित किया जा रहा है, साथ ही जिले में टास्क फोर्स दल द्वारा सतत निगरानी भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि 10 जून से अब तक अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भण्डारण पर कार्यवाही करते हुए अवैध परिवहन के कुल 28 प्रकरण दर्ज किया जाकर 05 लाख 48 हजार 288 रूपये एवं अवैध भण्डारण के कुल 03 प्रकरण दर्ज कर 02 लाख 87 हजार 800 रूपये अर्थदंड से आरोपित किया गया है। वर्तमान में वर्षा ऋतु में नदियों से रेत का उत्खनन 15 अक्टूबर तक प्रतिबंधित होने के कारण जिले में रेत के सुचारू एवं सुगमता पूर्वक रेत उपलब्धता हेतु जिले में कुल 16 अस्थायी भण्डारण अनुज्ञप्ति स्वीकृत है, जिनके माध्यम से आम जनों के लिए रेत की सुगमता से आपूर्ति की व्यवस्था की गई है।
 

कोल इंडिया की पहल : छत्तीसगढ़ के युवाओं को UPSC तैयारी के लिए मिलेगा 1 लाख रुपए का सहयोग

24-Jun-2026
कांकेर  (शोर संदेश) । आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा और भारतीय वन सेवा परीक्षाओं की मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए प्रोत्साहित करने हेतु कोल इंडिया लिमिटेड ने एक बड़ी पहल की है। कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत निर्माण-2026 योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत पात्र अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए एकमुश्त एक लाख रुपए की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएगी।
योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के ऐसे होनहार अभ्यर्थियों को संबल देना है, जिन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा या भारतीय वन सेवा की प्रारंभिक परीक्षा वर्ष 2026 में उत्तीर्ण कर ली हो। इस योजना का लाभ उठाने के लिए उम्मीदवार का छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, असम, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश अथवा पश्चिम बंगाल का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभ्यर्थी के परिवार की कुल वार्षिक आय 8 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।
ये नहीं होंगे पात्र
कोल इंडिया लिमिटेड या उसकी सहायक कंपनियों के कर्मचारी और उनके आश्रित इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगे। साथ ही केंद्र या राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेशों और किसी भी सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) में कार्यरत स्थायी कर्मचारी भी इसके पात्र नहीं होंगे। इसके अतिरिक्त, जिन अभ्यर्थियों ने पूर्व में निर्माण-2024 या निर्माण-2025 का लाभ लिया है, उन्हें दोबारा यह लाभ नहीं मिलेगा।
पोर्टल पर करना होगा ऑनलाइन आवेदन
प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद पात्र अभ्यर्थी कोल इंडिया लिमिटेड के निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए उम्मीदवारों को पासपोर्ट फोटो, हस्ताक्षर, यूपीएससी प्रीलिम्स का प्रवेश पत्र, वैध पहचान पत्र, आय व निवास प्रमाण पत्र और बैंक खाते का विवरण अपलोड करना होगा। कोल इंडिया की यह पहल युवाओं के प्रशासनिक सेवाओं में जाने के सपने को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगी।

एक साल बाद खुला अंधे कत्ल का राज! पत्नी-प्रेमी ने मिलकर करंट से कर दी पति की हत्या

02-Jun-2026
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पुलिस ने एक साल पुराने हत्या के मामले का खुलासा किया है। जिस घटना को पहले सामान्य हादसा माना जा रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी साजिश निकली। जांच में पता चला कि मृतक की हत्या करंट लगाकर की गई थी और इसे दुर्घटना दिखाने की कोशिश की गई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सबूत मिले, जिनके आधार पर पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
खेत में मिली थी लाश, मामला था पूरी तरह संदिग्ध
घटना 24 मई 2025 की है, जब दल्लीराजहरा निवासी मुकेश विश्वास का शव संदिग्ध हालत में बरामद हुआ था। शुरुआती जांच में कोई गवाह या मजबूत सबूत नहीं मिलने से मामला उलझा हुआ था। पुलिस ने इसे सामान्य दुर्घटना मानकर जांच आगे बढ़ाई। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मौत बिजली के तेज करंट लगने से हुई थी। मृतक के हाथों और उंगलियों पर गंभीर जलने के निशान पाए गए, जिससे साफ हो गया कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या थी।
अवैध संबंध बना हत्या की वजह
पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि मृतक की पत्नी सरस्वती विश्वास और इंद्रजीत दास के बीच लंबे समय से करीबी संबंध थे। जांच में मिले साक्ष्यों के अनुसार, जब मुकेश विश्वास को इस बात की जानकारी हुई तो परिवार में अक्सर विवाद होने लगा। दोनों के बीच रिश्तों में तनाव बढ़ता गया और मामला इतना गंभीर हो गया कि मुकेश अपनी पत्नी से अलग होने की तैयारी कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर एक साजिश रची, जिसके बाद यह पूरी घटना सामने आई।
शराब पिलाकर रची गई हत्या की साजिश
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने योजना के तहत मुकेश विश्वास को एक सुनसान जगह पर बुलाया। वहां उसे अधिक मात्रा में शराब पिलाई गई, जिससे वह पूरी तरह बेहोशी की हालत में पहुंच गया। इसके बाद आरोपियों ने ट्यूबवेल में इस्तेमाल होने वाले बिजली के तार की मदद से उसे करंट लगाया, जिससे उसकी मौत हो गई। जांच में यह भी सामने आया कि घटना को दुर्घटना दिखाने के उद्देश्य से शव को उसी स्थान पर छोड़ दिया गया था, ताकि किसी को हत्या की आशंका न हो और मामला सामा
चार आरोपी गिरफ्तार, साजिश का हुआ खुलासा
पुलिस ने जांच के दौरान कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया। इसके बाद आरोपियों का क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्शन कराया गया, जिसमें उन्होंने अपराध कबूल कर लिया। इस मामले में पुलिस ने सरस्वती विश्वास, इंद्रजीत दास, सुरेंद्र बछाड़ और रंजीत सरकार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

कांकेर में बड़ा सड़क हादसा: अनियंत्रित बस पलटने से दर्जनों घायल

29-Jan-2026
कांकेर।( शोर संदेश )  जिले के बांदे–पखांजूर मार्ग पर गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। जगदलपुर जा रही एक यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई, जिससे बस में सवार 32 यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से कांकेर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार घायलों में से 8 यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है। इनमें से दो की स्थिति नाजुक होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज कांकेर में जारी है।
प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण चालक की लापरवाही बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार मोड़ पर बस की गति कम नहीं की गई, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और बस पलट गई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें और चालकों से भी सतर्कता बरतने की अपेक्षा जताई है।


 

माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में वन विकास से रोजगार और राजस्व में वृद्धि

08-Jan-2026
कांकेर ।  ( शोर संदेश ) वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम माओवाद प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में वानिकी कार्यों के माध्यम से न केवल राजस्व बढ़ा रहा है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराकर उनके सामाजिक-आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
कांकेर जिले के अंतागढ़ परियोजना मंडल अंतर्गत कोयलीबेडा, अंतागढ़, दुर्गुकोंदल, मन्हाकाल जैसे अति संवेदनशील क्षेत्रों में सागौन विरलन (थिनिंग), विदोहन और वृक्षारोपण के कार्य सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं। विगत वर्ष इन क्षेत्रों से कुल 4,624.358 घन मीटर काष्ठ और जलाऊ लकड़ी का उत्पादन किया गया, जिससे निगम की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इन कार्यों से बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है, जिससे पलायन में कमी आई है और जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
औद्योगिक वृक्षारोपण मंडल जगदलपुर द्वारा बस्तर संभाग के कोण्डागांव और फरसगांव जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वृक्षारोपण और विदोहन कार्यों के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्ष 2024 में लगभग 1,000 घन मीटर वनोपज का उत्पादन किया गया। इसके साथ ही 94 हेक्टेयर क्षेत्र में 2 लाख 35 हजार सागौन पौधों का रोपण किया गया। वर्ष 2025 में अतिक्रमण मुक्त कराए गए वन क्षेत्रों में 76 हेक्टेयर में 1 लाख 90 हजार सागौन और 38 हेक्टेयर में 95 हजार नीलगिरी पौधों का रोपण किया गया है।
सुरक्षा कैंपों की स्थापना से दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन आसान हुआ है, जिससे वानिकी कार्यों में तेजी आई है। जहाँ पहले हिंसा और भय का माहौल था, वहाँ अब रोजगार, विकास और हरियाली का संदेश फैल रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम का यह प्रयास माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने, रोजगार बढ़ाने और जंगलों के संरक्षण के साथ आर्थिक समृद्धि लाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।







 

पसीने की कमाई का सही दाम मिलने से किसान आर्थिक सुदृढ़ीकरण की ओर अग्रसर

20-Dec-2025
कांकेर (शोर संदेश)। राज्य सरकार द्वारा किसानों की मेहनत और पसीने की कमाई का उचित दाम दिए जाने से वे आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो रहे हैं। खरीफ सीजन में धान बेचकर मिले पैसों से किसानों की कई जरूरतें पूरी हो रही हैं। कांकेर जिले के ग्राम पीढ़ापाल निवासी युवा किसान कौशल कुमार नाग अपनी 10 एकड़ कृषि भूमि में धान उगाकर पहले चरण में 90 क्विंटल धान बेच चुके हैं। उनके पास अभी और भी धान है, जिसे सुखाने के लिए रखा गया है। सूखने और टोकन कटने के बाद वे इसे भी बेचने के लिए सोसाइटी लेकर जाएंगे।
युवा किसान कौशल नाग ने बताया कि वे अगले वर्ष अपनी विवाह की योजना बना रहे हैं। इस साल धान की बिक्री से मिली राशि विवाह के समय उनका बड़ा सहारा बनेगी। उन्होंने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था को किसानों के हित में बताया और इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। नाग कहते हैं कि सरकार की इस पहल से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। भविष्य की योजनाओं और सपनों को पूरा करने के लिए यह बड़ा सहारा साबित हो रहा है।











 

तेंदुए के बाद अब भालुओं का आतंक, घर में घुसकर चट कर गया पूरा राशन

22-Nov-2025
कांकेर (शोर संदेश)। नरहरपुर ब्लॉक के दुधावा बस्ती में भालू का आतंक फैल गया है। देर रात गांव के प्रभात यादव के घर में तीन भालुओं के घुसने की घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। भालुओं ने घर में रखी राशन सामग्री तहस-नहस कर दी और अधिकांश सामान खा गए।
घटना के दौरान घर के सीसीटीवी कैमरों में भालुओं की स्पष्ट तस्वीरें कैद हुई हैं, जिन्हें देखकर लोग दहशत में हैं। कुछ दिनों पहले इसी इलाके में तेंदुआ भी देखा गया था जिसके बाद से मोहल्लेेवासी पहले ही भयभीत थे। लगातार भालुओं के गलियों और खेतों में घूमने की जानकारी मिलते ही लोग विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस बढ़ते खतरे को लेकर कई बार वन विभाग को सूचना दी गई, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लापरवाही को लेकर लोगों में रोष है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि भालू को शीघ्र पकड़ा जाए और सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

कांकेर में बस्तर ओलंपिक की जिला स्तरीय प्रतियोगिता संपन्न, विजेताओं को मिला सम्मान

15-Nov-2025
कांकेर ।  ( शोर संदेश ) बस्तर ओलंपिक 2025 की तीन दिवसीय जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता का कांकेर में सफलतापूर्वक समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कांकेर के सांसद भोजराज नाग शामिल हुए। उन्होंने विजयी प्रतिभागियों को पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
सांसद नाग ने कहा कि जीवन में खेलों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। खेल न केवल शारीरिक सुदृढ़ता प्रदान करते हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य एवं सकारात्मक विचारधारा को भी प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ तन-मन के लिए खेल और योग का नियमित अभ्यास आवश्यक है तथा इनसे जुड़कर प्रत्येक व्यक्ति सशक्त और आत्मविश्वासी बन सकता है।
नरहरदेव पीएम शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बस्तर अब लाल आतंक से मुक्त होकर नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। यहां के युवाओं की प्रतिभा को निखारने और उन्हें उचित मंच प्रदान करने हेतु बस्तर ओलंपिक का आयोजन महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विजयी खिलाड़ियों को आगामी संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में नागरिक सतीश लाटिया एवं महेश जैन ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व विद्यालयीन छात्राओं द्वारा बस्तर की लोक परंपराओं पर आधारित मनमोहक नृत्य प्रस्तुति दी गई, जिसे उपस्थित जनों ने सराहा।
समारोह के अंत में विभिन्न खेल विधाओं के विजेता खिलाड़ियों एवं टीमों को पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समापन कार्यक्रम में पूर्व विधायक सुमित्रा मारकोले, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कांकेर अरुण वर्मा, जिला खेल अधिकारी संजय जैन, जनप्रतिनिधिगण, खिलाड़ी, कोच एवं अधिकारीगण उपस्थित थे। 



 

दुर्गूकोंदल में बस्तर ओलंपिक के कबड्डी प्रतियोगिता में उपयोग किए गए महंगे मैट खुले में फेंके गये

03-Nov-2025
कांकेर (शोर संदेश)। जिले के दुर्गूकोंदल में बस्तर ओलंपिक का समापन हुए कई दिन बीत चुके हैं। आयोजन के समय नेताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी से खेल मैदान गुलजार था, लेकिन अब वही मैदान सरकारी लापरवाही की तस्वीर पेश कर रहा है।
बस्तर ओलंपिक के दौरान कबड्डी प्रतियोगिता में उपयोग किए गए मेट (मैट) अब तक समेटे नहीं गए हैं। खुले मैदान में पड़ी ये सामग्रियां यह संदेश दे रही हैं कि सरकारी पैसा और सरकारी सामान को लेकर किसी की जवाबदेही नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह मेट खराब हो जाएंगे और अगले आयोजन में फिर से नए मेट खरीदे जाएंगे यानी ये नहीं तो अगली बार दूसरा मेट सही की मानसिकता जारी रहेगी। स्थानीय लोगों की मांग की है कि संबंधित विभाग और अधिकारियों को इस पर संज्ञान लेकर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि सरकारी संपत्ति की बर्बादी पर रोक लगाई जा सके।

कोकपुर गांव में दिनदहाड़े भालू का आतंक, वन विभाग अलर्ट पर

02-Nov-2025
कांकेर (शोर संदेश)। कांकेर जिले के कोकपुर गांव में दिनदहाड़े भालू के घुस आने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना के बाद वन विभाग अलर्ट हो गया है. फिलाहाल भालू की तलाश जारी है. इस बीच घटना से जुड़ा वीडियो भी सामने आया है.जानकारी के मुताबिक कोकपुर गांव में रविवार को भालू आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया। सड़कों पर भालू को घुमते देख इलाके में हड़कंप मच गया. घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग की टीम अलर्ट हो चुकी है। अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचकर भालू की तलाश में जुट गए हैं।
 


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