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कांकेर में बड़ा सड़क हादसा: अनियंत्रित बस पलटने से दर्जनों घायल

29-Jan-2026
कांकेर।( शोर संदेश )  जिले के बांदे–पखांजूर मार्ग पर गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। जगदलपुर जा रही एक यात्री बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई, जिससे बस में सवार 32 यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से कांकेर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार घायलों में से 8 यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है। इनमें से दो की स्थिति नाजुक होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज कांकेर में जारी है।
प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण चालक की लापरवाही बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार मोड़ पर बस की गति कम नहीं की गई, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और बस पलट गई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें और चालकों से भी सतर्कता बरतने की अपेक्षा जताई है।


 

माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में वन विकास से रोजगार और राजस्व में वृद्धि

08-Jan-2026
कांकेर ।  ( शोर संदेश ) वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम माओवाद प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में वानिकी कार्यों के माध्यम से न केवल राजस्व बढ़ा रहा है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराकर उनके सामाजिक-आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
कांकेर जिले के अंतागढ़ परियोजना मंडल अंतर्गत कोयलीबेडा, अंतागढ़, दुर्गुकोंदल, मन्हाकाल जैसे अति संवेदनशील क्षेत्रों में सागौन विरलन (थिनिंग), विदोहन और वृक्षारोपण के कार्य सफलतापूर्वक किए जा रहे हैं। विगत वर्ष इन क्षेत्रों से कुल 4,624.358 घन मीटर काष्ठ और जलाऊ लकड़ी का उत्पादन किया गया, जिससे निगम की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इन कार्यों से बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है, जिससे पलायन में कमी आई है और जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
औद्योगिक वृक्षारोपण मंडल जगदलपुर द्वारा बस्तर संभाग के कोण्डागांव और फरसगांव जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वृक्षारोपण और विदोहन कार्यों के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्ष 2024 में लगभग 1,000 घन मीटर वनोपज का उत्पादन किया गया। इसके साथ ही 94 हेक्टेयर क्षेत्र में 2 लाख 35 हजार सागौन पौधों का रोपण किया गया। वर्ष 2025 में अतिक्रमण मुक्त कराए गए वन क्षेत्रों में 76 हेक्टेयर में 1 लाख 90 हजार सागौन और 38 हेक्टेयर में 95 हजार नीलगिरी पौधों का रोपण किया गया है।
सुरक्षा कैंपों की स्थापना से दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन आसान हुआ है, जिससे वानिकी कार्यों में तेजी आई है। जहाँ पहले हिंसा और भय का माहौल था, वहाँ अब रोजगार, विकास और हरियाली का संदेश फैल रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम का यह प्रयास माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने, रोजगार बढ़ाने और जंगलों के संरक्षण के साथ आर्थिक समृद्धि लाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।







 

पसीने की कमाई का सही दाम मिलने से किसान आर्थिक सुदृढ़ीकरण की ओर अग्रसर

20-Dec-2025
कांकेर (शोर संदेश)। राज्य सरकार द्वारा किसानों की मेहनत और पसीने की कमाई का उचित दाम दिए जाने से वे आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो रहे हैं। खरीफ सीजन में धान बेचकर मिले पैसों से किसानों की कई जरूरतें पूरी हो रही हैं। कांकेर जिले के ग्राम पीढ़ापाल निवासी युवा किसान कौशल कुमार नाग अपनी 10 एकड़ कृषि भूमि में धान उगाकर पहले चरण में 90 क्विंटल धान बेच चुके हैं। उनके पास अभी और भी धान है, जिसे सुखाने के लिए रखा गया है। सूखने और टोकन कटने के बाद वे इसे भी बेचने के लिए सोसाइटी लेकर जाएंगे।
युवा किसान कौशल नाग ने बताया कि वे अगले वर्ष अपनी विवाह की योजना बना रहे हैं। इस साल धान की बिक्री से मिली राशि विवाह के समय उनका बड़ा सहारा बनेगी। उन्होंने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था को किसानों के हित में बताया और इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। नाग कहते हैं कि सरकार की इस पहल से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। भविष्य की योजनाओं और सपनों को पूरा करने के लिए यह बड़ा सहारा साबित हो रहा है।











 

तेंदुए के बाद अब भालुओं का आतंक, घर में घुसकर चट कर गया पूरा राशन

22-Nov-2025
कांकेर (शोर संदेश)। नरहरपुर ब्लॉक के दुधावा बस्ती में भालू का आतंक फैल गया है। देर रात गांव के प्रभात यादव के घर में तीन भालुओं के घुसने की घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। भालुओं ने घर में रखी राशन सामग्री तहस-नहस कर दी और अधिकांश सामान खा गए।
घटना के दौरान घर के सीसीटीवी कैमरों में भालुओं की स्पष्ट तस्वीरें कैद हुई हैं, जिन्हें देखकर लोग दहशत में हैं। कुछ दिनों पहले इसी इलाके में तेंदुआ भी देखा गया था जिसके बाद से मोहल्लेेवासी पहले ही भयभीत थे। लगातार भालुओं के गलियों और खेतों में घूमने की जानकारी मिलते ही लोग विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस बढ़ते खतरे को लेकर कई बार वन विभाग को सूचना दी गई, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लापरवाही को लेकर लोगों में रोष है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि भालू को शीघ्र पकड़ा जाए और सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

कांकेर में बस्तर ओलंपिक की जिला स्तरीय प्रतियोगिता संपन्न, विजेताओं को मिला सम्मान

15-Nov-2025
कांकेर ।  ( शोर संदेश ) बस्तर ओलंपिक 2025 की तीन दिवसीय जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता का कांकेर में सफलतापूर्वक समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कांकेर के सांसद भोजराज नाग शामिल हुए। उन्होंने विजयी प्रतिभागियों को पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
सांसद नाग ने कहा कि जीवन में खेलों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। खेल न केवल शारीरिक सुदृढ़ता प्रदान करते हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य एवं सकारात्मक विचारधारा को भी प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ तन-मन के लिए खेल और योग का नियमित अभ्यास आवश्यक है तथा इनसे जुड़कर प्रत्येक व्यक्ति सशक्त और आत्मविश्वासी बन सकता है।
नरहरदेव पीएम शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बस्तर अब लाल आतंक से मुक्त होकर नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। यहां के युवाओं की प्रतिभा को निखारने और उन्हें उचित मंच प्रदान करने हेतु बस्तर ओलंपिक का आयोजन महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विजयी खिलाड़ियों को आगामी संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में नागरिक सतीश लाटिया एवं महेश जैन ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व विद्यालयीन छात्राओं द्वारा बस्तर की लोक परंपराओं पर आधारित मनमोहक नृत्य प्रस्तुति दी गई, जिसे उपस्थित जनों ने सराहा।
समारोह के अंत में विभिन्न खेल विधाओं के विजेता खिलाड़ियों एवं टीमों को पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। समापन कार्यक्रम में पूर्व विधायक सुमित्रा मारकोले, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कांकेर अरुण वर्मा, जिला खेल अधिकारी संजय जैन, जनप्रतिनिधिगण, खिलाड़ी, कोच एवं अधिकारीगण उपस्थित थे। 



 

दुर्गूकोंदल में बस्तर ओलंपिक के कबड्डी प्रतियोगिता में उपयोग किए गए महंगे मैट खुले में फेंके गये

03-Nov-2025
कांकेर (शोर संदेश)। जिले के दुर्गूकोंदल में बस्तर ओलंपिक का समापन हुए कई दिन बीत चुके हैं। आयोजन के समय नेताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी से खेल मैदान गुलजार था, लेकिन अब वही मैदान सरकारी लापरवाही की तस्वीर पेश कर रहा है।
बस्तर ओलंपिक के दौरान कबड्डी प्रतियोगिता में उपयोग किए गए मेट (मैट) अब तक समेटे नहीं गए हैं। खुले मैदान में पड़ी ये सामग्रियां यह संदेश दे रही हैं कि सरकारी पैसा और सरकारी सामान को लेकर किसी की जवाबदेही नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह मेट खराब हो जाएंगे और अगले आयोजन में फिर से नए मेट खरीदे जाएंगे यानी ये नहीं तो अगली बार दूसरा मेट सही की मानसिकता जारी रहेगी। स्थानीय लोगों की मांग की है कि संबंधित विभाग और अधिकारियों को इस पर संज्ञान लेकर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि सरकारी संपत्ति की बर्बादी पर रोक लगाई जा सके।

कोकपुर गांव में दिनदहाड़े भालू का आतंक, वन विभाग अलर्ट पर

02-Nov-2025
कांकेर (शोर संदेश)। कांकेर जिले के कोकपुर गांव में दिनदहाड़े भालू के घुस आने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना के बाद वन विभाग अलर्ट हो गया है. फिलाहाल भालू की तलाश जारी है. इस बीच घटना से जुड़ा वीडियो भी सामने आया है.जानकारी के मुताबिक कोकपुर गांव में रविवार को भालू आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया। सड़कों पर भालू को घुमते देख इलाके में हड़कंप मच गया. घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग की टीम अलर्ट हो चुकी है। अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचकर भालू की तलाश में जुट गए हैं।
 

21 नक्सलियों का सरेंडर, कांकेर में नॉर्थ सब जोनल ब्यूरो में थे सक्रिय

27-Oct-2025
कांकेर (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में रविवार को 21 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया। जंगल से निकलकर सभी नक्सली सरेंडर करने कांकेर पहुंचे। इनमें DVCM, ACM कैसे कैडर के नक्सली शामिल हैं। ये सभी नॉर्थ सब जोनल ब्यूरो में सक्रिय थे। अपने साथ AK-47, इंसास, SLR जैसे 18 ऑटोमैटिक हथियार भी लाए।
ये सभी नक्सली नॉर्थ सब जोनल ब्यूरो के अंतर्गत केशकाल डिवीजन, कुएमारी, किसकोडो एरिया कमेटी में सक्रिय थे। सरेंडर करने वालों में DVCM सेक्रेटरी मुकेश भी शामिल है। इन 21 में 8 पुरुष और 13 महिला माओवादी शामिल हैं। इन 21 कैडरों में 4 DVCM, 9 ACM और 8 पार्टी सदस्य शामिल हैं।
अब, 26 अक्टूबर को 21 नक्सलियों के सरेंडर के बाद उत्तर बस्तर डिवीजन की इंद्रावती एरिया कमेटी का माड़ डिवीजन लगभग खाली हो गया है। ये सभी नक्सली अपने साथ 3 एके-47, 4 एसएलआर, 2 इंसास, 6 303, 2 सिंगल-शॉट राइफल और 1 बीजीएल लॉन्चर लेकर आए थे।
पिछले करीब 10 दिन में बस्तर में ही 231 नक्सलियों ने हथियार के साथ हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है। जबकि, पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में नक्सली लीडर भूपति समेत 61 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ा और हथियार डाल दिए। पिछले 15 दिनों के अंदर इन दोनों जगहों पर 292 नक्सलियों ने सरेंडर किया है।

सड़क पर फिर बिखरा खून, कांकेर में दो बाइकों की टक्कर में 2 युवकों की मौत, परिजनों में छाया मातम

23-Oct-2025
कांकेर।  ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ में रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन सड़कों पर तेज रफ्तार वाहन लोगों की जान ले रहे हैं। ताजा मामला कांकेर जिले से सामने आया है, जहां मंगलवार की देर रात दो बाइकों के बीच हुई भीषण टक्कर में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा कोडेकुर्सी थाना क्षेत्र के ग्राम गुर्दाटोला के पास हुआ। बताया जा रहा है कि रात के समय दो मोटरसाइकिल आमने-सामने से आ रही थीं। दोनों की रफ्तार इतनी तेज थी कि अचानक सामने आने पर टक्कर को टालना संभव नहीं हो सका। देखते ही देखते दोनों बाइकें जोरदार आवाज के साथ आपस में भिड़ गईं।
दो लोगों की मौत
टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवारों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान आशिक सोरी (20 वर्ष) और मंगल सिंह (45 वर्ष) के रूप में की गई है। दोनों ही अपने-अपने गांव से किसी काम से निकले थे। वहीं एक अन्य बाइक सवार कवल सिंह जैन (28 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल जिला अस्पताल कांकेर रेफर किया गया है। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही कोडेकुर्सी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। हादसे के बाद पुलिस ने दोनों बाइकों को जब्त कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम का माहौल छा गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।
 

कांकेर का ‘धारपारूम’ : प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर नया पर्यटन केन्द्र

29-Aug-2025
कांकेर। शोर संदेश  प्राकृतिक सौंदर्य और नैसर्गिक खूबसूरती से परिपूर्ण  कांकेर जिले में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। जिले की पहाड़ियों और वनों के बीच अनेक ऐसे स्थान स्थित हैं, जो अपनी अनूठी प्राकृतिक विशेषताओं से सैलानियों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। इन्हीं स्थलों में से एक नया पर्यटन स्थल ‘धारपारूम’ है, जो अपनी मनोरम घाटियों, व्यू प्वॉइंट, प्राकृतिक झरने और गुफाओं के कारण पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
कांकेर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पीढ़ापाल के समीप स्थित धारपारूम, जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पहाड़ियों से घिरा यह क्षेत्र प्राकृतिक छटा से परिपूर्ण है। यहां घाटीनुमा संरचना के साथ-साथ प्राकृतिक झरना, गुफा तथा पुरातात्विक महत्व के शैलचित्र भी देखने को मिलते हैं। वर्तमान में इस स्थल का संचालन एवं प्रबंधन सामुदायिक स्तर पर ग्रामीणों द्वारा किया जा रहा है। ग्रामीणों की सहभागिता से यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं।
कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मंडावी ने धारपारूम क्षेत्र का अवलोकन करने के बाद इसे नवीन पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल करने की बात कही है। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर क्षेत्र की पृष्ठभूमि एवं ऐतिहासिक महत्व की जानकारी भी प्राप्त की।
गौरतलब है कि हाल ही में कुछ मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा इस क्षेत्र का भ्रमण कर इसके दृश्य सोशल मीडिया पर साझा किए गए, जिसके बाद यहां पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। सैलानियों का मानना है कि धारपारूम को केशकाल के टाटामारी से भी बड़ा हिल प्लेस के रूप में विकसित किया जा सकता है। धारपारूम का प्राकृतिक वैभव और इसकी अनुपम भौगोलिक संरचना इसे कांकेर जिले का उभरता हुआ पर्यटन स्थल बना रही है। प्रशासनिक सहयोग और ग्रामीणों की भागीदारी से यह क्षेत्र निकट भविष्य में जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान बनायेगा।

 



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