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Narayanpur

कुपोषण पर कड़ा प्रहार : नारायणपुर के 13 हजार से अधिक स्कूली बच्चों को अब रोजाना मिलेगा मुफ़्त पौष्टिक नाश्ता

12-Sep-2026
​रायपुर(शोर संदेश) छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले क अबूझमाड़ के प्रवेश द्वार नारायणपुर में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और नियमित शिक्षा की दिशा में एक नई और क्रांतिकारी शुरुआत हुई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत जिले के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 13 हजार से अधिक विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क पौष्टिक नाश्ता योजना का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कुपोषण से पूरी तरह मुक्त करने के उद्देश्य से पौष्टिक लड्डू वितरण कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई। जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंक राम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने इस दूरगामी पहल का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया और स्वयं अपने हाथों से नन्हे-मुन्ने बच्चों को स्वादिष्ट एवं पौष्टिक नाश्ता परोसकर उनका उत्साहवर्धन किया।
​यह महत्वाकांक्षी पहल नारायणपुर और ओरछा (अबूझमाड़) विकासखंड के कुल 476 विद्यालयों में लागू की जा रही है, जिससे 13 हजार 15 स्कूली बच्चे सीधे लाभान्वित होंगे। योजना के तहत हर विद्यार्थी को प्रतिदिन 150 ग्राम ताजा और सेहतमंद नाश्ता दिया जाएगा। बच्चों के स्वाद और पोषण का विशेष ध्यान रखते हुए दिन के हिसाब से एक संतुलित मेन्यू तय किया गया है, जिसमें पोहा-फलीदाना, सूजी का उपमा, दलिया, चना, खड़ा मूंग और मूंगफली जैसे प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ शामिल हैं। भोजन तैयार करने वाली व्यवस्था को मजबूती देने के लिए जिले के 676 रसोइयों को 800 रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त मानदेय भी दिया जा रहा है, जिससे उनका मनोबल बढ़ा है।
​यह कार्यक्रम न केवल नौनिहालों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालेगा, बल्कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, ठहराव सुनिश्चित करने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े रखने में मील का पत्थर साबित होगा। इस गरिमामय अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, ग्रामीण और स्कूली बच्चे मौजूद रहे।
 

नक्सल भय का अंत, अबूझमाड़ में फिर जीवंत हुई 'घोटुल' की गौरवशाली परंपरा

28-Aug-2026
नारायणपुर ( शोर संदेश ) बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले के​ अबूझमाड़ क्षेत्र में घोटुल परंपरा आदिवासी संस्कृति, अनुशासन और सामाजिक शिक्षा का एक अनूठा और जीवंत केंद्र है। अब अबूझमाड़ के अंदरूनी गांवों (जैसे झारावाही) में ग्रामीण अपनी प्राचीन संस्कृति को सहेजने के लिए स्थानीय लकड़ियों और प्राकृतिक सामग्रियों से दोबारा पारंपरिक घोटुल तैयार कर रहे हैं।  बुजुर्गों द्वारा युवाओं को समाज के नियम, परंपराएं, संगीत, नृत्य और जीवनोपयोगी दायित्व सिखाए जाते हैं।
अबूझमाड़ की शाम अब भय के साये से मुक्त होकर अपनी पौराणिक और सांस्कृतिक लय में लौटने लगी हैं। जिस अंचल में कभी गोलियों की तड़तड़ाहट और सन्नाटे का खौफ हुआ करता था, वहां अब सूर्य ढलते ही मांदर की थाप और 'चेलिक-मोटियारिन' के सुरीले लोकगीत गूंजने लगे हैं। सुरक्षा वातावरण में आए सकारात्मक बदलाव के साथ ही आदिवासी समाज की ऐतिहासिक धरोहर 'घोटुल' की रौनक फिर से लौट आई है।
घोटुल केवल एक सामाजिक केंद्र नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, अनुशासन, लोककला और सामुदायिक मूल्यों की महत्वपूर्ण जीवन-पाठशाला है। नक्सली हिंसा और अनिश्चितता के दौर में गांव वाले शाम ढलते ही अपने घरों में दुबकने को मजबूर थे, जिससे घोटुल की गतिविधियां लगभग थम सी गई थीं।  ​सुरक्षा बलों के प्रभावी अभियानों और नक्सल प्रभाव में आई कमी के बाद ग्रामीणों में सुरक्षा का भाव मजबूत हुआ है। अब युवा बेझिझक घोटुल पहुंच रहे हैं, जहां वे अपने बुजुर्गों से लोक परंपराएं, नृत्य और गीत सीखकर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
घोटुलों का पुनर्जीवन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अबूझमाड़ के सांस्कृतिक अस्तित्व और आत्मसम्मान की वापसी का प्रतीक है। सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होने से ग्रामीणों की आवाजाही, खेती-किसानी, हाट-बाजार और त्योहारों का उत्साह फिर से लौट आया है। ग्रामीणों का मानना है कि इस शांति को स्थायी बनाने के लिए अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क कनेक्टिविटी, रोजगार और संचार सुविधाओं का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। घोटुलों से आती मांदर की थाप इस बात की जीवंत गवाही दे रही है कि जब डर का अंधेरा छंटता है, तो परंपराएं और सामूहिक उल्लास अपने आप मुस्कुरा उठते हैं।
 

डीमाइनिंग ऑपरेशन के दौरान बड़ा हादसा, ITBP जवानों से भरा वाहन पलटा, 6 घायल

08-May-2026

नारायणपुर। नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ इलाके में शुक्रवार को आईटीबीपी जवानों से जुड़ा एक बड़ा हादसा सामने आया। डीमाइनिंग ऑपरेशन में निकले जवानों का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें कई जवान घायल हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में 5 से 6 जवानों को चोटें आई हैं, जबकि दो जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
यह दुर्घटना कुतुल-कोडनार मार्ग पर हुई। बताया जा रहा है कि जवान सड़क निर्माण और अन्य विकास कार्यों को सुरक्षा देने के लिए क्षेत्र में तैनात थे। इसी दौरान निर्माण कार्य में उपयोग किया जाने वाला वाहन अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। घायल जवानों को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया।अधिकारियों के मुताबिक गंभीर रूप से घायल जवानों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
डीमाइनिंग और सर्चिंग अभियान पर थे जवान
जानकारी के अनुसार जवान क्षेत्र में डीमाइनिंग और सर्चिंग अभियान के तहत निकले थे। नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क निर्माण और विकास कार्यों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर वाहन अनियंत्रित होने की आशंका जताई जा रही है।

दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री साय, परीयना आवासीय विद्यालय का किया दौरा

01-Feb-2026
नारायणपुर ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नारायणपुर जिले के गरांजी स्थित परीयना दिव्यांग आवासीय विद्यालय में अचानक छात्रों के बीच पहुंचे। विद्यालय पहुंचने पर संस्था में अध्ययनरत दिव्यांग छात्र रंजीत बड्डे सहित विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर बच्चों द्वारा स्वागत गीत, हनुमान चालीसा एवं बस्तर अंचल के पारंपरिक गीतों की सुंदर प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित सभी अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों की मांग पर मुख्यमंत्री साय ने विद्यालय को एक बस उपलब्ध कराने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। विद्यालय में उपलब्ध सुविधाएं अच्छी हैं, उनका पूरा लाभ लेकर सभी अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएं। उन्होंने बच्चों को आईएएस, आईपीएस जैसे उच्च पदों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया और कहा कि किसी भी प्रकार की शारीरिक कमी से निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि विशेष आवश्यकता वाले व्यक्तियों पर ईश्वर का विशेष आशीर्वाद होता है। बच्चों ने जब उनसे पूछा गया कि उन्हें विद्यालय आकर कैसा लगा, तो मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के बीच आकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। एक बच्ची के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने बताया कि बचपन में उन्हें पिट्ठू, फुटबॉल जैसे खेल खेलना बहुत पसंद था।  
मुख्यमंत्री ने संस्था के सभी बच्चों को चॉकलेट वितरित कर आशीर्वाद दिया। दिव्यांग बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की मुख्यमंत्री साय सहित राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद महेश कश्यप, अन्य जनप्रतिनिधियों, मुख्यमंत्री सचिव राहुल भगत, कमिश्नर डोमन सिंह एवं आईजी सुंदरराज पी. ने सराहना की।
उल्लेखनीय है कि परीयना दिव्यांग आवासीय विद्यालय का शुभारंभ 11 सितंबर 2023 को किया गया था। इसका संचालन जिला खनिज न्यास निधि से किया जा रहा है। विद्यालय का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को समावेशी शिक्षा प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है, जिससे उनका आत्मविश्वास सुदृढ़ हो और वे समाज में अपनी भूमिका प्रभावी रूप से निभा सकें। यह विद्यालय सामान्य और दिव्यांग बच्चों के बीच एक सेतु के रूप में कार्य कर रहा है। वर्तमान में विद्यालय में कुल 60 बच्चे अध्ययनरत हैं। विद्यालय में आडियोलॉजी, फिजियोथेरेपी, विशेष शिक्षा संगीत शिक्षा, खेलकूद, योग एवं व्यायाम, तथा कंप्यूटर शिक्षा की सुविधाएं उपलब्ध हैं। 

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ओरछा में आयोजित जनचौपाल में ग्राम विकास और पुनर्वास पर की समीक्षा

09-Jan-2026
नारायणपुर ( शोर संदेश )  उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा नारायणपुर जिले के अतिसंवेदनशील ग्राम ओरछा पहुंचे। यहां उन्होंने नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत सम्मिलित पंचायतों के विकास कार्यों को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों के साथ बैठक की। बैठक में जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए ग्रामीण जनप्रतिनिधि तथा मांझी-चालकी, समाज प्रमुख, गायता, सिरहा, गुनिया सहित सरपंच एवं स्व सहायता समूह के सदस्य उपस्थित थे।
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री शर्मा ने सभी से आत्मीय मुलाकात की और कहा कि हिंसा के साथ विकास संभव नहीं है। बस्तर अंचल के हर गांव में शांति और खुशहाली लाने के लिए राज्य सरकार पूरी निष्ठा एवं दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर में स्थायी शांति के लिए आवश्यक है कि माओवादी विचारधारा से प्रभावित भटके हुए युवक युवतियों को मुख्यधारा में लौटें, पुनर्वास का भी मार्ग अपनाएं अपने गांव और राज्य के विकास में सहभागी बनें।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि शासन द्वारा ग्राम स्तर पर विकास के मॉडल तैयार किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से महिला समूहों और युवाओं को सशक्त बनाकर स्थानीय वनोपजों का प्रारंभिक प्रसंस्करण गांवों में ही किया जाएगा। इससे ग्रामीण वनोपज संग्राहक से उत्पादक और आगे चलकर व्यवसायी बनेंगे तथा अपने उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत स्थानीय कैम्प विकास के केंद्र बनकर गांवों में विकास कार्यों का संचालन कर रहे हैं और शासकीय योजनाओं की शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने समाज प्रमुखों से अपील करते हुए कि माओवादी गतिविधियों में सक्रिय युवाओं को समझाकर पुनर्वास के लिए प्रेरित करें। ऐसे ग्राम, जो अपने सभी सदस्यों को मुख्यधारा में लाकर स्वयं को सशस्त्र नक्सल हिंसा से मुक्त घोषित करेंगे, उन्हें इलवद पंचायत योजना के तहत अतिरिक्त 1 करोड़ रुपये की राशि विकास कार्यों के लिए प्रदान की जाएगी।
इस दौरान सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास, रोजगार एवं आजीविका संवर्धन की स्थिति पर भी विस्तृत चर्चा की गई। ग्रामीणों ने बताया कि माओवादी गतिविधियों के कारण वर्षों से विकास बाधित था, लेकिन अब उनके गांवों तक सड़क, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचने लगी हैं, जिससे वे बहुत खुश हैं।    
इस अवसर पर ग्रामीणों ने बताया कि अब शाम होने पर भी अकेले दूसरे गांव तक जा सकते हैं गांव के माहौल में अब परिवर्तन होने लगा है, जिससे हम ग्राम ग्रामीण बहुत खुश हैं और सरकार को धन्यवाद देते हैं। ओरछा की स्व-सहायता समूह के सदस्यों के मांग पर गृह मंत्री शर्मा ने ओरछा में महतारी सदन और स्टोरेज बनाने की आश्वासन दिया। उन्होंने अबुझमाड़ क्षेत्र के ग्राम तोयनार एवं कोड़मेटा में सड़क निर्माण कार्य स्वीकृति की जानकारी दी। बस्तर संभाग के पुरे क्षेत्र को शांति बनाए रखने के लिए उपस्थित समाज प्रमुख एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की। उन्होंने बस्तर का पूरा अंचल संस्कृति, परम्परा एवं सभ्यता के लिए पूरे विश्व में जानी जाती है, उसे संरक्षित करके रखने की आवश्यकता है। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने वनोपजों के बेहतर प्रसंस्करण एवं बाजार उपलब्धता पर भी चर्चा की।
इसके पश्चात उपमुख्यमंत्री शर्मा ने निःशुल्क सरस्वती सायकल योजना के तहत 20 छात्राओं को सायकल वितरण की। उन्होंने ओरछा में जन चौपाल भी लगाई, जहां ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजनाओं और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानी, लोगों की समस्याएं सुनीं और योजनाओं के लाभ लेने के लिए उन्हें जानकारी दी। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और आवास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए।
जन चौपाल में जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, उपाध्यक्ष प्रताप सिंह मंडावी, छोटे डोंगर सरपंच संध्या पवार, जनपद पंचायत अध्यक्ष नरेश कोर्राम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., संचालक पंचायत ग्रामीण विकास अश्विनी देवांगन, पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया, डीएफओ वेंकेटेशा एमजी, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो, अपर कलेक्टर बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई सहित समाज प्रमुख एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

 


जंगल और पहाड़ों को पार कर मतदाताओं तक पहुंच रही टीमें, पुनरीक्षण अभियान को मिली रफ्तार

29-Nov-2025
नारायणपुर ( शोर संदेश )   भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पूरे प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को नारायणपुर जिले में गति मिल रही है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी  के मार्गदर्शन में प्रशासनिक टीमें और बीएलओ जंगलों-पहाड़ों के बीच बसे दुर्गम इलाकों तक पहुंचकर मतदाता सूची अद्यतन कार्य को निरंतर अंजाम दे रहे हैं। लक्ष्य है—कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
जिले में वर्तमान में कुल 92,637 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से 77.25 प्रतिशत गणना पत्रक का डिजिटाइजेशन अब तक पूरा किया जा चुका है। प्रशासनिक टीमें त्रुटिरहित अद्यतन सुनिश्चित करने के लिए नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, गलतियों को सुधारने और मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने के कार्य में पूरी गम्भीरता से जुटी हुई हैं।
दुर्गम ग्राम गट्टाकाल से एक प्रेरक उदाहरण सामने आया है। मतदान केंद्र क्रमांक 09 के बीएलओ समरूलाल यादव को पुनरीक्षण कार्य के लिए पहाड़ी पगडंडियों पर मीलों पैदल चलना पड़ा। कई बार उन्हें बिना पुल वाले नदी-नालों को पार करना पड़ा, फिर भी वे लगातार घर-घर पहुंचकर मतदाताओं का सत्यापन करते रहे।
इस मतदान केंद्र के 360 मतदाताओं में से 262 का पुनरीक्षण कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष 98 मतदाताओं का कार्य भी तेजी से जारी है। समरूलाल यादव का कहना है कि कठिन रास्ते भी उन्हें लोकतंत्र को मजबूत करने के संकल्प से नहीं रोक पाते।
जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, जिले के 20 बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में 100 प्रतिशत पुनरीक्षण कार्य पूरा कर चुके हैं। उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें कलेक्टर प्रतिष्ठा  द्वारा निरंतर प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जा रहा है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में पहुंचकर मतदाताओं को जोड़ने का यह निरंतर प्रयास जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है।
 

नारायणपुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी, 5-5 किलो के तीन कुकर आईईडी बरामद

13-Oct-2025
नारायणपुर। ( शोर संदेश ) जिले में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत कोहकामेटा थाना क्षेत्र के ग्राम कोडलियार बिचपारा एवं नीचेपारा के जंगल में रविवार को सर्चिंग पर निकले सुरक्षाबलों के जवानों ने एक बार फिर नक्सलियों के नापाक मंसूबों को विफल करते हुए नक्सलियों द्वारा लगाये गये पांच-पांच किलो वजनी तीन नग कमांड कुकर आईईडी बम बरामद किया गया। बीडीएस टीम ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए बरामद सभी कुकर आईईडी बमों को सुरक्षित बरामद कर मौके पर ही विस्फोट कर निष्क्रिय कर दिया गया।
 

वनमंत्री कश्यप ने शिक्षक दिवस पर किया शिक्षकों और खिलाड़ियों का सम्मान

06-Sep-2025
नारायणपुर। ( शोर संदेश ) वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप शुक्रवार को नारायणपुर जिले में आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह एवं छत्तीसगढ़ रजत जयंती कार्यक्रम में  शामिल हुए। वन मंत्री कश्यप ने शिक्षक दिवस के अवसर पर एजी आडोटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में सेवानिवृत शिक्षकों को शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।
उन्होंने कहा की डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस 5 सितम्बर के अवसर पर पूरे देश में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। गुरूजनों के आदर्शाे का सम्मान करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलकर भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए हमें कठिन परिश्रम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य बनाने के लिए शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिससे अपने भविष्य को सफल एवं उज्जवल बनाने के लिए प्राथमिक शालाओं के गुरूजनों के द्वारा बच्चों के भविष्य को बनाने के शिक्षा दी जाती है। उनके शिक्षा को जो बच्चे ग्रहण करते है वे अपने जीवन में सफलता हासिल करते है और अपने मंजील तक पहुंचने में कमयाब होते है। उन्होंने ने कहा कि जिला बने 18 वर्ष हो चुका है अभी और कार्य करने की आवश्यकता है, जिससे हमारे जिले को विकसित जिला बनाने में जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की सहयोगार्थ भावना से कार्य करने की आवश्यकता है। हमारे देश में गुरू परमपरा का देश है, शिक्षक बिना स्वार्थ अपने दयित्वो का निर्वहन करते हुए बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर समाज को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण योगदान देते है गुरू के बिना जीवन ही अधूरे होती है। उन्होंने ताइक्वाण्डो, मलखम्ब एवं स्केटिंग के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को स्मृतिचिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने जिले के प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि जिले के अंदरूनी क्षेत्रों के 04 विद्यालय जो विभिन्न कारणों से बंद थे, इनका नियद नेल्लनार योजना के तहत् इस वर्ष से पुनः संचालन प्रारंभ किया गया है। जिले मे युक्तियुक्तकरण के पश्चात् 66 शासकीय शालाओ में विषयवार शिक्षको की कमी को पूर्ण करने हेतु 140 अतिथि शिक्षको की स्वीकृति डी.एम.एफ. मद से प्रदान की गई है। जिले में शिक्षा की मुख्य धारा से वंचित बच्चों के लिए ’’स्कूल केइन्ता अभियान’’ के तहत् 24 हजार 701 परिवारों का सर्वे कराया गया है, जिसमें 1 हजार 47 शाला त्यागी एवं 1 हजार 295 शाला अप्रवेषी बच्चों को पुनः शाला में प्रवेश दिलाकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा हैं। जिले के 84 विद्युत विहिन शालाओं में विद्युतिकरण कराया जा रहा है। जिले के मेधावी बच्चों को जेईई और नीट एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने हेतु जिला मुख्यालय में परियना निःशुल्क आवासीय कोचिंग संस्थान चलाया जा रहा हैं, जिसमें शिक्षा सत्र 2025-26 में 16 विद्यार्थीयों का चयन, जेईई की परीक्षा के माध्यम से विभिन्न प्रतिष्ठित शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में हुआ है। इसी तरह 07 विद्यार्थी नीट परीक्षा के माध्यम से कांऊसलिंग में उत्तीर्ण हुए, इनमें से एक विद्यार्थी शासकीय मेडिकल कॉलेज रायपुर में एमबीबीएस के लिये चयनित हुआ है। जिले में विशेष अभियान चलाकर 26 हजार 101 जाति प्रमाण पत्र, 13 हजार 418 निवास प्रमाण पत्र 11 हजार 806 आय प्रमाण पत्र एवं 5 हजार 222 जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर विद्यार्थियों को वितरण किया गया है।
वनमंत्री कश्यप ने जिले के विभिन्न शालाओं में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 1 करोड़ 25 लाख 18 हजार रुपए के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। वर्ष 2025 के वार्षिक परीक्षा में कस्तुरबा विद्यालय के छात्रा सुमन सलाम के द्वारा 90 प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए उन्हें स्कूटी प्रदाय कर समानित किया गया। एमबीबीएम में चयन होने पर शब्बीर वड्डे को स्मृतिचिन्ह भेंटकर समानित किया गया।
कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम एवं छोटेडोंगर सरपंच संध्या पवार ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, जनपद पंचायत नारायणपुर के अध्यक्ष पिंकी उसेण्डी, जनपद पंचायत ओरछा के अध्यक्ष नरेश कोर्राम जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के सदस्य सहित जिला स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित थे।




 

नारायणपुर की पार्वती पटेल का सपना हुआ पूरा, मिला पक्का घर

28-Aug-2025
नारायणपुर। ( शोर संदेश )   प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठाकर हितग्राही अपने पक्के घर का सपना साकार कर रहे हैं। ऐसी ही एक हितग्राही नारायणपुर जिले की निवासी पार्वती पटेल अपने परिवार के साथ वर्षों से एक कच्चे मकान में रह रही थीं। बरसात के मौसम में टपकती छत और मिट्टी की दीवारें उनके जीवन की रोजमर्रा की कठिनाइयों को और बढ़ा देती थीं। पार्वती की आय का एकमात्र स्रोत सब्जी बेचने का छोटा व्यवसाय था, जिससे परिवार का गुज़ारा मुश्किल से हो पाता था।
आर्थिक तंगी के चलते वे कभी भी पक्का घर बनवाने की सोच नहीं सकीं। लेकिन 2023 में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हुई पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख मकानों को स्वीकृति दी गई। इसी के तहत् मोर जमीन मोर मकान अभियान शुरू किया गया, जो पार्वती के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया।
नगरपालिका परिषद कार्यालय की सक्रिय भूमिका से उन्हें योजना में पंजीकृत किया गया। योजना के तहत केंद्रांश, राज्यांश और हितग्राही अंशदान के माध्यम से मकान निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया सरल और पारदर्शी रही। कुछ ही महीनों में उनका पक्का मकान बनकर तैयार हो गया। आज पार्वती पटेल अपने परिवार के साथ अपने नए पक्के घर में सुरक्षित, ससम्मान और खुशी-खुशी जीवन व्यतीत कर रही हैं। अब उन्हें बरसात का डर नहीं है, वे  आत्मविश्वास से पक्के मकान में खुशी-खुशी परिवार के साथ निवास कर रही हैं। 
पार्वती बताती हैं कि प्रधानमंत्री आवास योजना हमारे जैसे गरीबों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह योजना हमें सिर्फ छत ही नहीं देती, बल्कि आत्मसम्मान और सुरक्षा की भावना भी देती है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की आभारी हूँ, जिन्होंने हमारे सपनों को साकार किया है।










 

अबूझमाड़ के कुतुल इलाके में सक्रिय नक्सली आए मुख्यधारा में

20-Aug-2025
नारायणपुर। ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। बुधवार को अबूझमाड़ के कुतुल इलाके में सक्रिय दो महिला सहित आठ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर करने वालों में डीवीसीएम डॉ. सुकलाल भी शामिल हैं, जिन पर लाखों रुपये का इनाम घोषित था।
नक्सलियों ने नारायणपुर पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया के समक्ष आत्मसमर्पण किया। एसपी ने जानकारी दी कि इन आठ नक्सलियों पर मिलाकर 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों और दबाव के कारण नक्सल संगठन में टूट और बदलाव देखने को मिल रहा है।
एसपी गुड़िया ने बताया कि सभी सरेंडर नक्सलियों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ दिया जाएगा। उन्हें सुरक्षा, आवास, रोजगार और कौशल विकास जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
अबूझमाड़ जैसे दुर्गम और संवेदनशील इलाके में नक्सलियों का आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों की रणनीतिक सफलता माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि इस कदम से इलाके में नक्सल गतिविधियों को बड़ा झटका लगेगा और स्थानीय स्तर पर शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी।














 


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