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आत्मनिर्भरता की दिशा में पहल: पीएम आवास हितग्राहियों को मिला राजमिस्त्री प्रशिक्षण

05-Feb-2026
बालोद। ( शोर संदेश ) बालोद जिले में जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है। इसी क्रम में हितग्राहियों को आत्मनिर्भर बनाने एवं आवास निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजमिस्त्री का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
जनपद पंचायत डौण्डी के ग्राम पंचायत गुदुम में आरसेटी बालोद के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों हेतु राजमिस्त्री प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। प्रशिक्षण प्रारंभ होने के पूर्व हितग्राहियों की काउंसलिंग कर निर्धारित मापदण्डों के अनुसार चयन किया गया। चयनित सूची के अंतर्गत कुल 20 हितग्राहियों को प्रशिक्षक द्वारा आवास निर्माण को गुणवत्तापूर्ण एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप करने का व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य न केवल आवास निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति सुनिश्चित करना है, बल्कि हितग्राहियों को स्वरोजगार के लिए दक्ष बनाना भी है। उल्लेखनीय है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 2 महिला हितग्राही भी राजमिस्त्री का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

बालोद जिला साहू संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण, अरुण साव रहे शामिल

04-Feb-2026
बालोद। ( शोर संदेश )  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जिला साहू संघ बालोद के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होकर सभी को नव दायित्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दीउ। उन्होंने इस अवसर पर समाज के विद्यार्थियों के हित में छात्रावास भवन के लिए भूमिपूजन किया। साथ ही सामाजिक भवन में बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए 25 लाख रुपए की घोषणा की। साव ने कहा कि समाज ने शिक्षा और सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कार्य किया है। इसका लाभ समाज के बच्चों को होगा। 
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के लिए संकल्प लेने का दिन है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के नेतृत्व में बालोद जिला साहू समाज निरंतर प्रगति करेगा। शिक्षा, कृषि, राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में कार्य करने के मामले में बालोद जिले की हमेशा एक अलग पहचान रही है, जिसे आगे और सशक्त बनाने की जिम्मेदारी अब नए पदाधिकारियों के कंधों पर है।
साव ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग गरीब, मजदूर, रिक्शा चालक, ऑटो चालक सहित सभी के लिए समाज का द्वार सदैव खुला रहना चाहिए। सामाजिक पदाधिकारियों का दायित्व है कि वे हर व्यक्ति के सुख-दुख में साथ खड़े रहें, ताकि हर सदस्य यह महसूस करे कि समाज उसके साथ है। साथ ही वर्ष में कम से कम दो बार सामाजिक कार्यक्रमों की जानकारी प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे, जिससे समाज से उनका जुड़ाव मजबूत हो और वे समाज में अपने महत्व को समझ सकें।
समारोह में साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू, पूर्व मंत्रीगण ताम्रध्वज साहू एवं रमशीला साहू, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष टहल सिंह साहू, विपिन साहू, दीपक साहू, प्रीतम साहू, प्रतिभा चौधरी, हलधर साहू और वीरेंद्र साहू सहित नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष महेंद्र साहू,मदन साहू, बंशीलाल साहू, गणेश राम साहू, राजेश साहू, भागवत साहू एवं सुनील साहू भी मौजूद थे।
 

गुरामी जंगल महिला हत्याकांड का खुलासा, प्रेमी निकला हत्यारा

28-Jan-2026
बालोद। ( शोर संदेश ) जिले के डौण्डी लोहारा थाना क्षेत्र अंतर्गत गुरामी जंगल में 24 जनवरी को मिली महिला की सड़ी-गली लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि महिला की हत्या उसके ही प्रेमी ने की थी। पुलिस ने आरोपी नेमीचंद साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, 24 जनवरी की सुबह गुरामी गांव का एक व्यक्ति जंगल में लकड़ी लेने गया था, जहां तेज बदबू आने पर पत्थरों के नीचे महिला का शव मिला। सूचना पर पुलिस, डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। जांच में शव की पहचान गुमशुदा महिला कमला राजपूत के रूप में हुई, जिसकी 16 जनवरी को गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।
मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने तरौद निवासी नेमीचंद साहू को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि उसका कमला से प्रेम संबंध था। 16 जनवरी को दोनों बाइक से गुरामी जंगल पहुंचे थे। शराब पीने के बाद शादी को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद नेमीचंद ने पहले गला दबाकर कमला को बेहोश किया और फिर पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी। पहचान छिपाने के लिए शव को पत्थरों से ढक दिया गया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पत्थर, टूटा मोबाइल, चूड़ियां और शराब की बोतल बरामद की है।

राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में मुख्यमंत्री ने दिलाई बाल विवाह रोकथाम की ऐतिहासिक शपथ

13-Jan-2026
बालोद ( शोर संदेश )   जिला मुख्यालय बालोद के समीप ग्राम दुधली में आयोजित देश की प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति की रोकथाम के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपस्थित रोवर-रेंजरों, स्काउट-गाइड एवं जनसमुदाय को शपथ दिलाई। इस अवसर पर एक साथ 20 हजार से अधिक लोगों द्वारा बाल विवाह रोकथाम की शपथ लेकर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में बालोद जिले का नाम दर्ज कराया गया, जो बालोद जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाल विवाह, समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है। इसे रोकने के लिए केवल शासन ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भूमिका आवश्यक है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी लोग अपने घर, परिवार, रिश्तेदारों एवं आसपास के लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें और इसे जड़ से समाप्त करने में सहभागी बनें।
शपथ के दौरान उपस्थितजनों ने संकल्प लिया कि वे बाल विवाह नहीं होने देंगे, इसकी सूचना प्रशासन को देंगे तथा समाज में जागरूकता फैलाएंगे। मुख्यमंत्री ने बाल विवाह मुक्त अभियान में उल्लेखनीय प्रयासों के लिए जिला प्रशासन की सराहना की तथा एक साथ 20 हजार लोगों के शपथ लेने पर कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स का प्रमाण पत्र प्रदान किया और उन्हें मेडल पहनाकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर स्कूली शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद भोजराज नाग, भारत स्काउट गाईड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त के.के. खण्डेलवाल, महासचिव पी.जी.आर सिंधिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, देशभर से आए रोवर-रेंजर तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

 


यूथ पार्लियामेंट के माध्यम से युवाओं ने जाना लोकसभा की कार्यप्रणाली

12-Jan-2026
बालोद ( शोर संदेश )  नेशनल रोवर - रेंजर जंबूरी का आयोजन पूरे उत्साह, अनुशासन और जीवंत सहभागिता के साथ बालोद जिले के ग्राम दुधली में सम्पन्न किया रहा है। आयोजन के तीसरे दिन जंबूरी परिसर लोकतांत्रिक चेतना का केंद्र बन गया, जब रोवर–रेंजरों एवं उपस्थित नागरिकों को लोकसभा की वास्तविक कार्यवाही का प्रत्यक्ष और व्यावहारिक अनुभव कराया गया। यूथ पार्लियामेंट के मंच पर रोवर–रेंजरों ने सांसदों की भूमिका निभाई वहीं विधानसभा के अध्यक्ष संसद के अध्यक्ष की भूमिका का निर्वहन किया। युवाओं ने जिस आत्मविश्वास, विषयगत समझ और मर्यादित संवाद शैली का प्रदर्शन किया, वह दर्शनीय था। यह मंच भावी जनप्रतिनिधियों को गढ़ने का सशक्त माध्यम गया था।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की आयोजित युवा संसद की सराहना करते हुए कहा कि यूथ पार्लियामेंट के दौरान रोवर–रेंजरों जिस प्रकार आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ अपनी भूमिका को निभाया है, उससे देश के उज्ज्वल भविष्य की कल्पना साकार नजर आती है। आज के युवा कल के हमारे समाज के प्रतिनिधि हैं। इनके कंधों पर हमारी विरासतों को आगे ले जाने का जिम्मा है, जिसे वे बखूबी निभाएंगे इसका हम सभी को भरोसा है। उन्होंने सभी की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और जिम्मेदार नागरिकता की मजबूत नींव पड़ती है।
इस अवसर पर स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज के रोवर - रेंजर देश का आने वाला भविष्य है। भारतीय स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल, राज्य मुख्य आयुक्त  इंद्रजीत सिंह खालसा, जिला मुख्य आयुक्त राकेश यादव, कलेक्टर  दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, रोवर–रेंजर, स्काउट–गाइड्स एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।
सीख, सेवा और साहस से भरा रहा तीसरा दिन
जंबूरी का तृतीय दिवस प्रतिभागियों के लिए विविध और प्रेरक गतिविधियों का आयोजन किया गया। जागरण और शारीरिक जांच के साथ फ्लैग सेरेमनी के साथ अनुशासन और एकता का संदेश दिया जाएगा। डॉग शो में कुत्तों की बेहतरीन कलात्मक प्रदर्शन के साथ मार्च पास्ट प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ी प्रतियोगिताओं में भी युवाओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लेते हुए सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया।     
आज जम्बूरी में आदिवासी संस्कृति परंपरा के साथ आधुनिकता की अनूठी प्रस्तुति दी गयी। आदिवासी वेशभूषा में पारंपरिक व्यंजनों के निर्माण के साथ लोकवाद्यों की भी प्रस्तुति की गई। आदिवासी नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच पारंपरिक भोजन के साथ ही हॉर्स राइडिंग, बाइक रेस और वाटर एक्टिविटी जैसी साहसिक गतिविधियां का भी प्रदर्शन किया गया।
युवाओं को आपदा प्रबंधन और ग्लोबल डेवलपमेंट विलेज से जुड़ी प्रतियोगिताओं के साथ वृक्षारोपण भी किया गया। कंटीजेंट लीडर मीटिंग, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, एच डब्लू बी रीयूनियन, नाइट हाईक तथा पायोनियरिंग प्रोजेक्ट प्रतियोगिताओं के भी आयोजित की जाएगी। एरिना में आयोजित इंटरनेशनल नाइट कार्यक्रम में विभिन्न संस्कृतियों की रंगारंग प्रस्तुतियां जंबूरी को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया जाएगा।



 

 


राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी से बालोद बना भारत की युवा शक्ति का नया केंद्र : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

10-Jan-2026
बालोद ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जिला बालोद के ग्राम दुधली में 9 से 13 जनवरी तक आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में देश-विदेश से आए लगभग 15 हजार रोवर-रेंजर अपनी सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का जीवंत प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह ऐतिहासिक जंबूरी छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति को राष्ट्रीय मंच पर लाने का सुनहरा अवसर है। राष्ट्रीय स्तर के कैंपिंग, रोवर-रेंजर प्रशिक्षण, सांस्कृतिक संध्याओं और सामुदायिक सेवा गतिविधियों के माध्यम से युवा प्रतिभागी अनुशासन, सेवा और नेतृत्व के मूल्यों के साथ राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त कर रहे हैं। 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बालोद की धरती पर उमड़ा यह उत्साह भारत की भावी पीढ़ी की ऊर्जा, समर्पण और संकल्प को स्पष्ट रूप से प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के खेल, कौशल विकास और नेतृत्व क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अनुशासित, प्रशिक्षित और आत्मविश्वासी युवा शक्ति ही विकसित भारत की मजबूत नींव बनेगी। उन्होंने जंबूरी में भाग ले रहे सभी रोवर-रेंजरों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनका उत्साह और सेवा भाव छत्तीसगढ़ का परचम देश-दुनिया में और ऊँचाई तक ले जाएगा।
 

बालोद में प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का ऐतिहासिक आयोजन

09-Jan-2026
रायपुर,।  ( शोर संदेश )  बालोद जिले के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, नई दिल्ली के तत्वावधान में जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम दुधली में 09 से 13 जनवरी 2026 तक ‘प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी’ का वृहद एवं भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन देश में पहली बार आयोजित हो रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के 4,252 सहित देश-विदेश से कुल 15,000 रोवर, रेंजर एवं सीनियर स्काउट-गाइड भाग लेंगे।
09 जनवरी को राज्यपाल करेंगे जंबूरी का शुभारंभ
प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का शुभारंभ शुक्रवार 09 जनवरी 2026 को दोपहर 2 :00 बजे राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल जैन करेंगे।
उद्घाटन समारोह में अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति उद्घाटन समारोह में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, कांकेर लोकसभा सांसद भोजराज नाग, मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के.के. खंडेलवाल उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा विधायकगण, राज्य व जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय व राज्य पदाधिकारी, तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी समारोह की गरिमा बढ़ाएंगे।
12 जनवरी को मुख्यमंत्री होंगे समापन समारोह के मुख्य अतिथि
जंबूरी के समापन अवसर पर 12 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही आयोजन के विभिन्न दिवसों में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित अनेक राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय अतिथि शामिल होंगे।
भारतीय एवं वैश्विक संस्कृति की दिखेगी अनुपम झलक
पांच दिवसीय इस आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों एवं अन्य देशों से आए प्रतिभागियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी।
इस जंबूरी के माध्यम से छत्तीसगढ़ी एवं भारतीय संस्कृति के साथ-साथ वैश्विक संस्कृति की भी आकर्षक झलक देखने को मिलेगी।
रोमांचक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का होगा आयोजन
जंबूरी के दौरान मार्च पास्ट, क्लोजिंग सेरेमनी, एथनिक फैशन शो, एडवेंचर एरिया, वॉटर स्पोर्ट्स, कैप फायर, रोड कैम्प फायर, राज्य प्रदर्शनी, आदिवासी कार्निवल, राष्ट्रीय युवा दिवस, मास ट्री प्लांटेशन, आपदा प्रबंधन, बैंड प्रतियोगिता, युवा सांसद, क्विज प्रतियोगिता, लोक नृत्य सहित अनेक शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं साहसिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।
सुविधा, सुरक्षा एवं स्वास्थ्य की पुख्ता व्यवस्था
भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जंबूरी काउंसिल एवं जिला प्रशासन द्वारा आयोजन स्थल पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं। जंबूरी मार्केट में खाद्य सामग्री, दवाइयाँ एवं आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध रहेंगी। शुद्ध पेयजल, शौचालय, स्नानघर एवं स्वच्छता व्यवस्था, 30 बिस्तरों वाला अस्थायी अस्पताल, 24 घंटे चिकित्सकीय सुविधा, अग्निशमन, पुलिस, यातायात एवं सुरक्षा बलों की तैनाती एनडीआरएफ टीम की विशेष तैनातीरहेगी।
राज्य एवं जिले के लिए ऐतिहासिक आयोजन
प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आयोजन बालोद जिला एवं सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस आयोजन से न केवल जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ होगी, बल्कि युवाओं में नेतृत्व, सेवा एवं राष्ट्र निर्माण की भावना भी प्रबल होगी।

 


नीर चेतना अभियान का आगाज 31 दिसंबर को : श्रमदान से तांदुला नदी के स्वच्छता एवं संरक्षण की पहल

30-Dec-2025
बालोद ( शोर संदेश )  बालोद जिले की जीवनरेखा तांदुला नदी को पुनर्जीवित करने की दिशा में जिला प्रशासन एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। 31 दिसंबर को सुबह 8 बजे से तांदुला नदी तट पर नीर चेतना अभियान का शुभारंभ वृहद श्रमदान के साथ किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य नदी की स्वच्छता, संरक्षण और जल स्रोतों को संवारना है।
कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की कि वे राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित तांदुला नदी पुल के नीचे निषाद सामुदायिक भवन के पास पहुंचकर श्रमदान में भाग लें और इस अभियान को सफल बनाने में सहभागी बने।
जिले में तेजी से घटते भू-जल स्तर और संभावित जल संकट को दूर करने के उद्देश्य से जन सहयोग से श्रमदान का यह अभियान जिला प्रशासन द्वारा शुरू किया जा रहा है। कलेक्टर ने कहा कि पहले भी जिले में संचालित अभियानों का जनभागीदारी से सकारात्मक परिणाम मिला है। तांदुला नदी का संरक्षण भावी पीढी के लिए जरूरी है।
बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, जिला पंचायत के पदाधिकारियों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने अभियान में सक्रिय भागीदारी की बात कही। सामाजिक संगठनों ने भी इस अभियान को लेकर उपयोगी सुझाव दिए। जिला प्रशासन का मानना है कि नीर चेतना अभियान न केवल नदी को नई जिंदगी देगा, बल्कि जल संरक्षण को लेकर जनजागरूकता बढ़ाएगा।












 

पचास साल बाद बदली खेती की तस्वीर

27-Dec-2025
बालोद ( शोर संदेश )  जिले के गुरूर विकासखण्ड का ग्राम अरकार अब ग्रीष्मकालीन धान के लिए नहीं, बल्कि जल संरक्षण और वैकल्पिक खेती के सफल प्रयोग के लिए जाना जा रहा है। जिन खेतों में पिछले करीब 50 वर्षों से गर्मी के दिनों में धान की फसल ली जाती थी, वहां अब मक्का, चना, सरसों, कुसुम, गेहूं और साग-सब्जियां लहलहा रही हैं। यह बदलाव सिर्फ फसल का नहीं, बल्कि पानी बचाने और भविष्य की खेती को सुरक्षित करने की सोच का प्रतीक बन गया है।कृषि विभाग के अनुसार ग्राम अरकार का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 918.71 हेक्टेयर है, जिसमें से लगभग 698.38 हेक्टेयर भूमि पर खेती होती है। लंबे समय से ग्रीष्मकालीन धान के कारण भू-जल का अत्यधिक दोहन हो रहा था। इसका परिणाम यह हुआ कि गुरूर विकासखण्ड ‘क्रिटिकल जोन’ में पहुंच गया और हर साल गर्मी में पेयजल संकट गहराने लगा।
इसी स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों के साथ मिलकर फसल चक्र परिवर्तन पर जोर दिया। वर्ष 2024 में जहां केवल 25 हेक्टेयर क्षेत्र में दलहन-तिलहन की खेती हुई थी, वहीं वर्ष 2025 में 16 किसानों ने 60 हेक्टेयर में ग्रीष्मकालीन धान के बदले गेहूं, चना, बटरी, कुसुम, सरसों, धनिया और साग-सब्जियों की खेती शुरू की। एक साल में ही 35 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में यह बदलाव दर्ज किया गया।
किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए गांव में कृषक चौपालों का आयोजन किया गया, जहां जल संरक्षण और कम पानी वाली फसलों के लाभ बताए गए। साथ ही कृषि विभाग द्वारा बीज वितरण कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से भी जोड़ा गया। दलहन-तिलहन फसलों की बिक्री के लिए प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत जिले में 18 उपार्जन केंद्र तय किए गए हैं, जहां न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की सुविधा है। अरकार के किसानों की यह पहल अब पूरे क्षेत्र के लिए उदाहरण बन रही है, जहां पानी की बचत के साथ खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में मजबूत कदम उठाए जा रहे हैं।
 

समन्वित प्रयासों से बालोद में सफल होगा प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी- मंत्री गजेन्द्र यादव

09-Dec-2025
 बालोद ( शोर संदेश )।  स्कूली शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि सभी विभागों एवं अधिकारी-कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से बालोद जिले में प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 का आयोजन सफलतापूर्वक किया जाएगा। मंत्री यादव आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जंबूरी के सफल आयोजन हेतु आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग को स्पष्ट दायित्व सौंपे गए हैं और सभी अधिकारी पूर्णनिष्ठा के साथ अपने कार्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों से बालोद जिले को यह राष्ट्रीय आयोजन मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। शिक्षा मंत्री यादव ने सभी विभाग प्रमुखों से क्रमवार चर्चा कर की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा तैयारियों की समीक्षा भी की। बैठक में इन सभी व्यवस्थाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई और शेष कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने मंत्री यादव को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन की टीम अपने दायित्वों का सर्वाेत्तम निर्वहन करते हुए राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 का सफल और व्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करेगी। समीक्षा बैठक में जंबूरी डायरेक्टर अमर क्षेत्री, भारत स्काउट गाइड छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा, डीपीआई डायरेक्टर ऋतुराज रघुवंशी, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, जिला मुख्य आयुक्त राकेश यादव, राज्य एथलेटिक्स संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया, तथा अन्य अनेक जनप्रतिनिधि व अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
 


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