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Balod

5 साल के बच्चे ने निगल लिया LED लाइट, डाक्टरों ने निकाला

01-Sep-2026
बालोद। बालोद जिले के गुरुर निवासी 5 वर्षीय बच्चे ने खेलते-खेलते बैटरी से चलने वाली छोटी LED लाइट निगल ली। लाइट बच्चे के पेट में जाकर फंस गई। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की टीम ने एंडोस्कोपी के जरिए LED लाइट को बाहर निकालकर बच्चे को गंभीर खतरे से बचा लिया।
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 10 बजे 5 वर्षीय गर्वित साहू अपने घर में खेल रहा था। इसी दौरान उसने खेल-खेल में बैटरी से चलने वाली छोटी LED लाइट मुंह में डाल ली और उसे निगल गया। शुरुआत में परिजनों को इस घटना की जानकारी नहीं हो सकी। कुछ समय बाद जब बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी तो परिवार के लोग घबरा गए। उन्होंने बच्चे को तत्काल बालोद के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। निजी अस्पताल में प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बच्चे को आगे के उपचार के लिए धमतरी रेफर कर दिया।
परिजन बच्चे को लेकर धमतरी अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों की टीम ने तत्काल बच्चे की जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि बैटरी वाली छोटी LED लाइट बच्चे के पेट में फंसी हुई है। वस्तु के शरीर के अंदर होने और बैटरी के कारण संभावित खतरे को देखते हुए डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए इसे निकालने का फैसला किया। डॉक्टरों ने एंडोस्कोपिक प्रक्रिया के जरिए LED लाइट निकालने की तैयारी की।
डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक एंडोस्कोपी की मदद से बच्चे के पेट में फंसी LED लाइट को बाहर निकाल लिया। इस प्रक्रिया में बड़े ऑपरेशन या चीरा लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। समय पर अस्पताल पहुंचने और तत्काल उपचार मिलने से बच्चे को गंभीर नुकसान से बचा लिया गया। प्रक्रिया सफल होने के बाद गर्वित की हालत सामान्य बताई गई। उपचार के बाद बच्चे को अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया।
डॉक्टरों के मुताबिक, बैटरी जैसी वस्तु का शरीर के अंदर लंबे समय तक फंसा रहना बेहद खतरनाक हो सकता है। बैटरी से रसायन लीक होने की स्थिति में शरीर के अंदरूनी हिस्सों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे पेट और आंतों में जलन, घाव और अन्य गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं। कुछ परिस्थितियों में ऐसी वस्तुओं के कारण जान का खतरा भी पैदा हो सकता है। इसलिए यदि बच्चा बैटरी या कोई अन्य छोटी वस्तु निगल ले तो इसे सामान्य मानकर इंतजार करना खतरनाक हो सकता है। गर्वित के मामले में परिजनों ने उसकी हालत बिगड़ने के बाद तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जिसके चलते डॉक्टर समय रहते आवश्यक प्रक्रिया कर सके।

दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना से सेवती और अंजू बनीं आत्मनिर्भर

25-Aug-2026
बालोद। (शोर संदेश) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में श्रम विभाग द्वारा संचालित दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना, महिलाओं के जीवन में सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नई इबारत लिख रही है। बालोद जिले के ग्राम झलमला की सेवती ठाकुर और ग्राम सिवनी की अंजू नेताम इस योजना का लाभ लेकर न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।
ग्राम झलमला निवासी सेवती ठाकुर श्रम विभाग में पंजीकृत हैं और स्व-सहायता समूह से जुड़कर कैंटीन का संचालन करती हैं। उन्होंने बताया कि पहले कैंटीन के लिए कच्चा माल और खाद्य सामग्रियां बाजार से लाने में काफी दिक्कतों और भारी किराये का सामना करना पड़ता था। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत आर्थिक अनुदान और बैंक ऋण के सहयोग से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदा। अब वे स्वयं परिवहन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं, जिससे प्रतिदिन के किराये की बचत हो रही है और समूह के मुनाफे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। सेवती ठाकुर कहती हैं कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हम महिलाओं के लिए बड़े भाई की तरह संबल बनकर खड़े हैं। इस मदद के लिए हम अपने विष्णु भैया का दिल से आभार व्यक्त करते हैं।
ग्राम सिवनी की अंजू नेताम पहले एक सामान्य गृहिणी थीं। योजना के तहत ई-रिक्शा मिलने के बाद उन्होंने इसे स्वरोजगार का जरिया बनाया। अब वे गांव के स्कूली बच्चों को घर से स्कूल पहुंचाने और ले आने के साथ अन्य स्थानीय परिवहन सेवाएं देती हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 से 12 हजार रुपए की शुद्ध आमदनी हो रही है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। अंजू ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना का भी नियमित लाभ मिल रहा है। महिला सशक्तिकरण की इन योजनाओं ने उनके भीतर नया आत्मविश्वास जगाया है। इन महिलाओं को परिवार की आर्थिक धुरी बना दिया है, जिससे समाज में उनके सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा मिली है।
 

स्वच्छ भारत मिशन की पहल: ग्रे-वॉटर प्रबंधन से स्वच्छ और स्वस्थ गांव

20-Jul-2026
बालोद। (शोर संदेश) स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत बालोद जिले के विभिन्न ग्रामों में घरेलू उपयोग के बाद निकलने वाले ग्रे-वॉटर (रसोई, स्नानघर एवं कपड़े धोने का पानी) के वैज्ञानिक प्रबंधन हेतु प्रभावी पहल की जा रही है। इसके तहत पेयजल स्त्रोतों के समीप सोकपिट, मैजिक पिट एवं अन्य ग्रे-वॉटर प्रबंधन संरचनाओं का निर्माण कराया गया है। इन संरचनाओं के माध्यम से अपशिष्ट जल का सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे गांवों में स्वच्छता को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है। पूर्व में घरों से निकलने वाला ग्रे-वॉटर सड़कों एवं गलियों में बहने से जलभराव, गंदगी, दुर्गंध तथा मच्छरों के पनपने जैसी समस्याएं उत्पन्न होती थीं। अब निर्मित सोकपिट एवं मैजिक पिट के माध्यम से यह पानी भूमि में सुरक्षित रूप से समाहित हो रहा है, जिससे जलभराव की समस्या कम हुई है तथा गांव का वातावरण अधिक स्वच्छ एवं स्वस्थ बन रहा है।
इन संरचनाओं से भू-जल स्तर के पुनर्भरण को भी बढ़ावा मिल रहा है। वर्षा जल एवं ग्रे-वॉटर के भूमि में समाहित होने से जल स्त्रोतों के संरक्षण में सहायता मिल रही है, जो भविष्य में जल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ग्रे-वॉटर प्रबंधन से जल प्रदूषण में कमी आने के साथ-साथ खुले में गंदा पानी बहने की समस्या समाप्त हो रही है। इससे संक्रामक बीमारियों के प्रसार का खतरा कम हुआ है तथा ग्रामीणों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण प्राप्त हो रहा है। कई स्थानों पर उपचारित जल का उपयोग पौधारोपण एवं हरित क्षेत्र के संरक्षण में भी किया जा रहा है, जिससे जल का पुनः उपयोग संभव हो रहा है।
जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे निर्मित सोकपिट, मैजिक पिट एवं ग्रे-वॉटर संरचनाओं का नियमित उपयोग एवं रखरखाव करें तथा किसी भी प्रकार का ठोस कचरा इनमें न डालें। जनसहभागिता से ही ग्रे-वॉटर प्रबंधन की यह पहल सफल होगी और स्वच्छ, स्वस्थ एवं जल-सुरक्षित गांवों के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा।
 

 


लोक कलाकार राजू साहू का निधन, बेटे को देखने जा रहे माता-पिता भी हादसे में घायल

08-Jun-2026
बालोद। बालोद जिले के शिकारीपारा निवासी और रंगमया परिवार कोड़ेवा के संचालक कलाकार राजू उर्फ प्रेम कुमार साहू (33) का दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया। इस घटना से कला जगत सहित स्थानीय समुदाय में शोक है। राजू साहू ने अपनी कला के माध्यम से रंगमया परिवार कोड़ेवा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया था। यह घटना शनिवार को हुई।
अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ, फिर मौत
युवक राजू साहू घोटिया क्षेत्र से गुजर रहे थे, तभी उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। दर्द इतना तीव्र था कि वे बाइक से गिरकर घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें उठाया और आनन-फानन में गुरुर के अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कला जगत में शोक की लहर
राजू के निधन की खबर जैसे ही परिजनों को मिली, उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अपने बेटे के शव की पहचान करने के लिए उनके पिता रूपराम साहू और माता बाइक से गुरुर अस्पताल जा रहे थे। दुर्भाग्यवश, रास्ते में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। इस दुर्घटना में राजू के माता-पिता गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस घटना से परिवार पर दोहरा आघात हुआ है। शनिवार को शहर के मुक्तिधाम में नम आंखों से राजू का अंतिम संस्कार किया गया। इसमें बड़ी संख्या में कलाप्रेमी, मित्र और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कम उम्र में एक प्रतिभाशाली कलाकार की यह क्षति दिनभर शहर में गहरी संवेदना और चर्चा का विषय बनी रही।
प्रेम साहू का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह 11 बजे सीतानगर स्थित निवास लाया गया। घायल माता-पिता को भी एंबुलेंस से अंतिम दर्शन के लिए घर पहुंचाया गया। दोनों स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के सहारे अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। जवान बेटे को अंतिम बार देखते ही उनका दर्द छलक पड़ा और वे फूट-फूटकर रोने लगे। यह हृदयविदारक दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

चावल से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलटा, बड़ा हादसा टला

25-May-2026
बालोद । नेशनल हाईवे-930 मार्ग पर ग्राम जगतरा के पास एफसीआई गोदाम से पहले चावल से भरी 14 चक्का ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में ट्रक में लदी चावल की बोरियां सड़क पर बिखर गईं, जिससे कुछ देर तक जाम की स्थिति बनी रही। ट्रक बालोद से जगतरा स्थित एफसीआई गोदाम जा रही थी। गोदाम पहुंचने से पहले मोड़ पर तेज रफ्तार के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और ट्रक पलट गई। हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई तथा चालक सुरक्षित है।

मिट्टी धंसने से 3 की मौत मामले में कार्रवाई, BSP के दो अधिकारी निलंबित

14-May-2026
बालोद। बालोद जिले के दल्ली राजहरा में सीवरेज पाइपलाइन विस्तार कार्य के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। 12 मई को खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंसने से तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। हादसे के बाद जहां परिजनों ने अस्पताल के सामने हंगामा कर लापरवाही का आरोप लगाया, वहीं प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए बीएसपी के दो अधिकारियों को निलंबित कर जांच शुरू कर दी है।
मृतकों की पहचान हुई, परिजनों में आक्रोश
इस हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान किशुन कुमार (54), राकेश कुमार (28) और बैशाखिन (50) के रूप में हुई है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन कर लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
हादसे के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए बीएसपी के दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इनमें डीजीएम मंगेश सेलकर और एजीएम सिविल रमेश कुमार शामिल हैं, जिन पर कार्य में लापरवाही का आरोप लगा है।
घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। 

 


पुलिस में नौकरी लगाने का झांसा देकर सरकारी कर्मचारी ने की 2 लाख की ठगी

12-May-2026
बालोद। बालोद जिले में ठगी का एक मामला सामने आया है। पुलिस विभाग में नौकरी लगाने के नाम पर युवक से दो लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीडि़त युवक की शिकायत पर पुलिस ने धारा 420 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
गुंडरदेही थाना क्षेत्र के ग्राम परसदा (डंगनिया) निवासी मेघराज साहू (27) ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2024-25 में पुलिस भर्ती प्रक्रिया चल रही थी। उनके भैया इलियास मोहम्मद, जो सेना से सेवानिवृत्त हैं, उनके पहचान वाले प्रकाश चंद्र पढवेकर से उनकी मुलाकात हुई। प्रकाश चंद्र पढवेकर मकान नंबर 202, ब्लॉक नंबर डी, मयुरी हाईट्स, बोरसी, पद्मनाभपुर, दुर्ग का निवासी है और वर्तमान में परिवहन विभाग मंत्रालय में पदस्थ है।
प्रकाशचंद्र ने मेघराज को बताया कि मंत्रालय में उसकी अच्छी पहुंच है। वह उसकी पुलिस विभाग में जीडी आरक्षक पद पर नौकरी लगवा देगा। प्रकाश चंद्र ने एक मार्च 2024 को मेघराज साहू से 2 लाख रुपए अपनी पत्नी कुसुम पढवेकर के भारतीय स्टेट बैंक के खाते में डलवा लिए। उसने आश्वासन दिया कि यदि काम नहीं हुआ तो वह ब्याज सहित राशि वापस कर देगा।

प्रेमी जोड़े ने ट्रेन के सामने कूदकर दी जान

06-May-2026
बालोद (शोर संदेश)। प्यार में लोग जान की परवाह भी नहीं करते हैं.. इस कहावत को सच साबित किया है बालोद के प्रेमी जोड़ी ने। जिंदगीभर साथ रहने और जीने मरने की कसमें खाने के बाद आखिरकार प्रेमी जोड़े ने ऐसा ही किया। दोनों एक नहीं हो सके तो खौफनाक कदम उठा लिया। दोनों एक दूसरे का हाथ थामें ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। दोनों के शव रेलवे ट्रेक पर क्षत-विक्षत हालत में मिले। लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है।
प्रेमी जोड़े के आत्महत्या की खौफनाक घटना चोरहापड़ाव रेल्वे स्टेशन के पास की है। दोनों के शव रेलवे ट्रैक पर मिलने से सनसनी फैल गई। जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और तहकीकात की। जांच में दोनों प्रेमी होने की बात सामने आई है। अन्य सबूतों के आधार पर शव की शिनाख्त कुम्हालोरी गांव निवासी 20 वर्षीय जितेश्वर तारम के रूप में हुई है। वहीं दूसरे शव की पहचान डौंडी विकासखंड के साल्हे गांव की 16 वर्षीय लिलिसा उइके के रूप में की गई है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने आशंका जताई है कि प्रेम प्रसंग के चलते दोनों ने एक साथ ट्रेन से कटकर आत्महत्या की है। हालांकि अभी तक इन बातों की पुष्टि नहीं हुई है। ट्रेन की चपेट में आने से शव के दो टुकड़े हो गए थे। वहीं घटनास्थल के पास एक अज्ञात बाइक मिली है। अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों इसी बाइक से रेलवे ट्रैक तक पहुंचे। इसके बाद दोनों ने ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी।
मामले की जांच जारी
जीआरपी ने पंचनामा कार्रवाई के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है। फिलहाल घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। दोनों ने ट्रेन के सामने कूदकर यह कदम क्यों उठाया, इसकी गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस जुटी हुई है। परिजनों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं अन्य सबूतों के आधार पर भी पुलिस जांच कर रही है। जल्द ही मामले का खुलासा हो जाएगा।
 

नामकरण संस्कार से लौट रही पिकअप पलटी, मौके पर ही 2 महिलाओं की मौत, 18 घायल

23-Mar-2026
बालोद (शोर संदेश)। बालोद जिला में एक सड़क हादसा सामने आया है। डौंडीलोहारा क्षेत्र में ग्रामीणों से भरी एक पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 18 लोग घायल हो गए। घायलों में महिला, पुरुष और बच्चे शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, पद्देटोला गांव के ग्रामीण पिकअप में सवार होकर खलबत्तर गांव में आयोजित नामकरण संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम के बाद सभी लोग वापस अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान भंवरमरा नेताम टोला मोड़ के पास चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे पिकअप सड़क किनारे पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।
दो महिलाओं की मौत, 18 घायल
इस भीषण दुर्घटना में 68 वर्षीय मान बाई और 40 वर्षीय नंदिनी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं 18 अन्य लोग घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डौंडीलोहारा पहुंचाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए राजनांदगांव रेफर किया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही मंगचुवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने दोनों महिलाओं के शवों का पंचनामा कर उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्चुरी में रखवाया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और मोड़ पर लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

बालोद में भीषण सड़क हादसा, स्लीपर बस की माजदा से टक्कर

15-Mar-2026
बालोद।  ( शोर संदेश ) जिले के पुरूर थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर रविवार तड़के सुबह एक भीषण सड़क दुर्घटना हो गई। तेज रफ्तार स्लीपर बस सड़क किनारे खड़ी लकड़ी से लदी माजदा वाहन से जा टकराई। हादसे में बस चालक और परिचालक समेत आठ से अधिक यात्री घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मिली जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे जगतरा टोल प्लाजा के आगे मरकाटोला कैम्प मोड़ के पास यह हादसा हुआ। यात्रियों से भरी एक स्लीपर बस अचानक सड़क किनारे खड़े माजदा वाहन से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए।
बताया जा रहा है कि रॉयल कंपनी की स्लीपर बस सुकमा से धमतरी और रायपुर होते हुए दुर्ग की ओर जा रही थी। बस में करीब 35 से अधिक यात्री सवार थे। अचानक हुए हादसे से बस के अंदर अफरा-तफरी मच गई और कई यात्री घबरा गए।
दुर्घटना के समय बस की ऊपरी स्लीपर सीटों पर सो रहे कई यात्री जोरदार झटके से नीचे गिर पड़े, जिससे उन्हें चोटें आईं। इस हादसे में बस चालक को गंभीर चोट लगी है, जबकि एक महिला यात्री का पैर बुरी तरह घायल हो गया। अन्य कुछ यात्रियों को भी हल्की-फुल्की चोटें आई हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एम्बुलेंस के जरिए उपचार के लिए धमतरी जिला अस्पताल भेजा गया। फिलहाल पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और दोनों वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कराया गया है।

 


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