ब्रेकिंग न्यूज

Balod

चक्रवात ‘अर्बन’ के दौरान भी नहीं थमे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के कदम, पिपरछेड़ी स्वास्थ्य केंद्र में 24 घंटे में चार सुरक्षित प्रसव

30-Oct-2026
बालोद।( शोर संदेश ) चक्रवात ‘अर्बन’ के प्रभाव के बीच जब प्रतिकूल मौसम के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका थी, तब भी जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तत्परता के साथ जारी रहीं। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के संवेदनशील नेतृत्व एवं जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की सजगता और स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण का सकारात्मक परिणाम सामने आया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरछेड़ी में 24 घंटे के भीतर चार महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया गया। यह उपलब्धि विपरीत परिस्थितियों में भी आम नागरिकों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरछेड़ी में सुरक्षित प्रसव के बाद चार परिवारों में खुशियां आईं। ग्राम बोरी की ममता प्रजापति ने पुत्र को जन्म दिया। ग्राम बिरेतरा की लिकेश्वरी ने पुत्री को जन्म दिया। इसी तरह ग्राम चारवाही की संतोषी ने पुत्री और ग्राम चारवाही की वंदना साहू ने पुत्र को जन्म दिया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, चारों प्रसव सुरक्षित रूप से संपन्न कराए गए।
चक्रवात के दौरान गर्भवती महिलाओं को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग के लिए महत्वपूर्ण चुनौती थी। ऐसी परिस्थिति में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने तत्परता और आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई। चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के सामूहिक प्रयास से प्रसव संबंधी सेवाएं लगातार जारी रहीं।
इस कार्य में डॉ. दुष्यंत सोनबोईर, डॉ. उस्मान खान, सरस्वती साहू, गुमिता साहू, मनीषा साहू, स्टाफ नर्स कविता, सुरेश साहू, गीतांजलि राणा, भारती भंडारी और पूनम चुरेंद्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की सुरक्षा शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। गर्भवती महिलाओं को समय पर जांच, संस्थागत प्रसव और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। चक्रवात ‘अर्बन’ के दौरान पिपरछेड़ी स्वास्थ्य केंद्र में चार सुरक्षित प्रसव होना इस बात का सकारात्मक उदाहरण है कि प्रतिकूल मौसम में भी स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता कितनी महत्वपूर्ण है।
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के संवेदनशील नेतृत्व में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है कि आपदा जैसी परिस्थितियों में भी आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों। पिपरछेड़ी स्वास्थ्य केंद्र की यह उपलब्धि स्वास्थ्यकर्मियों की सेवा भावना, तत्परता और सामूहिक प्रयासों की प्रेरक कहानी है। इन प्रयासों से चार परिवारों को सुरक्षित प्रसव की खुशी मिली और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति भरोसा मजबूत हुआ।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद द्वारा साइबर अपराध, सुरक्षित बचपन अभियान एवं नालसा शिक्षा योजना 2026 पर एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजन

29-Oct-2026
बालोद ।( शोर संदेश ) राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के मार्गदर्शन से जिले में साइबर अपराध, सुरक्षित बचपन अभियान एवं नालसा शिक्षा योजना 2026 पर एक दिवसीय कार्यशात्रा आयोजित किया गया। जिसका शुभारंभ श्याम लाल नवरत्न, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद के द्वारा किया गया।
कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य साइबर अपराधों के प्रति जनसामान्य में जागरूकता विकसित करना, बच्चों के अधिकारों एवं संरक्षण से संबंधित विधिक प्रावधानों का प्रचार-प्रसार करना है। कार्यशाला के दौरान साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप एवं उनसे संबंधित चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, फर्जी कॉल, ओटीपी के माध्यम से होने वाली आर्थिक ठगी तथा व्यक्तिगत एवं गोपनीय जानकारी के दुरुपयोग के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही, साइबर सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करने, संदिग्ध लिंक से बचने, संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करने तथा साइबर अपराध की घटना होने पर तत्काल संबंधित प्राधिकरण के समक्ष शिकायत दर्ज कराने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत बाल अधिकारों के संरक्षण, बाल शोषण एवं उत्पीडन की रोकथाम तसाइबर अपराधों की रोकथाम, बाल संरक्षण एवं विधिक जागरूकता के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत बाल अधिकारों के संरक्षण, बाल शोषण एवं उत्पीड़न की रोकथाम तथा बच्चों के लिए सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित किया गया। बच्चों के सर्वोत्तम हितों की रक्षा तथा उनके समुचित विकास के लिए अभिभावकों, शैक्षणिक संस्थानों, प्रशासन एवं समाज की सक्रिय सहभागिता को आवश्यक बताया गया। कार्यशाला के माध्यम से बाल संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने तथा बच्चों के अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित मामलों में समयबद्ध हस्तक्षेप एवं उचित सहायता की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
इसी क्रम में नालसा शिक्षा योजना 2026 के संबंध में जानकारी प्रदान करते हुए विधिक साक्षरता के विस्तार, पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने तथा समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को उनके विधिक अधिकारों से अवगत कराने में विधिक सेवा संस्थाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों को विधिक जागरूकता के माध्यम से नागरिकों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने तथा न्याय तक उनकी सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने के महत्व से अवगत कराया गया।
उक्त कार्यशाला में कृष्ण कुमार सूर्यवंशी, जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो कोर्ट) बालोद, संजय कुमार सोनी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बालोद, भारती कुलदीप, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद, सतप्रीत कौर छाबड़ा, व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी एवं अध्यक्ष, किशोर न्याय बोर्ड बालोद,  हीरा सिन्हा, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी बालोद, कु. कुसुमांजलि सिन्हा, प्रथम अतिरिक्त व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी बालोद, कु. अंजुम आरा, द्वितीय अतिरिक्त व्यवहार  न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी बालोद एवं संबंधित अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे तथा पैरालीगल वालिंटियर्स भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कार्यशाला के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि साइबर अपराधों की रोकथाम, बाल अधिकारों का संरक्षण एवं विधिक जागरूकता एक सुरक्षित, संवेदनशील एवं न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के अभिन्न अंग हैं। ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों की प्रभावी भूमिका समाज के प्रत्येक वर्ग तक विधिक जानकारी पहुंचाने तथा जरूरतमंद व्यक्तियों को न्यायिक एवं विधिक सहायता की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण है।

 


संभावित भारी बारिश को देखते हुए प्रभावित ग्रामों में सतर्कता, राहत शिविरों और राशन की व्यवस्था सुनिश्चित

29-Oct-2026
बालोद ।( शोर संदेश ) जिले में संभावित भारी बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार संभावित प्रभावित ग्रामों में ग्रामीणों की सुरक्षा, राहत एवं बचाव की तैयारियों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में आज जनपद सीईओ गुरूर  पीएल धुर्वे ने आज संभावित रूप से प्रभावित ग्राम धनेली, मुड़पार, बासीन, अकलतरा और फागुन्दाह का भ्रमण कर ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने भारी बारिश के दौरान सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तत्काल सूचना देने की समझाइश दी।

संभावित आपदा की स्थिति में ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के लिए ग्राम पंचायतों द्वारा राहत शिविरों का चिह्नांकन कर लिया गया है। साथ ही, जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रति पंचायत एक क्विंटल राशन सहित आवश्यक राहत सामग्री की व्यवस्था भी की गई है।
जिला प्रशासन द्वारा संभावित भारी बारिश के मद्देनजर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। नदी-नालों, निचले क्षेत्रों तथा जलभराव वाले स्थानों पर जाने से बचें और आवश्यकता पड़ने पर राहत शिविरों में सुरक्षित आश्रय लें।
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार प्रशासन का उद्देश्य संभावित आपदा के दौरान जनहानि को रोकना, प्रभावित परिवारों को समय पर राहत उपलब्ध कराना तथा सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पहले से सुनिश्चित करना है।



































 

 


खेतों के बीच पहुंचीं कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, पीवी ऐप के माध्यम से किए जा रहे सर्वे कार्य का किया अवलोकन

23-Oct-2026
बालोद। ( शोर संदेश )  शासन के डिजिटल कृषि सर्वेक्षण को प्रभावी, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने जमीनी स्तर पर पहुंचकर फसल के भौतिक सत्यापन कार्य का जायजा लिया। इस दौरान वे गुरुर विकासखंड के नगर पंचायत पलारी के किसान संतराम साहू, पिता  रामू राम साहू के खेत की मेड़ पर अरहर की फसल के बीच से गुजरते हुए पहुंचीं और स्वयं खेत में पीवी ऐप (1.6 वर्जन) के माध्यम से किए जा रहे फसल का भौतिक सत्यापन का अवलोकन किया। उन्होंने किसान के खसरा नंबर 291/6 में दर्ज फसल की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया।
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने खेत में पहुंचकर डिजिटल ऐप के माध्यम से फसल की स्थिति का जायजा लिया। इसका उद्देश्य सर्वेक्षण के दौरान दर्ज की जा रही जानकारी और खेत में मौजूद फसल की वास्तविक स्थिति के बीच समानता सुनिश्चित करना है। डिजिटल तकनीक से फसल संबंधी आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि ग्राम पलारी में लगभग 120 खसरों का भौतिक सत्यापन कार्य अभी शेष है। सर्वेयर दीपेंद्र कुमार साहू ने बताया कि पीवी ऐप के नए 1.6 वर्जन के माध्यम से अगले दो दिनों के भीतर सभी शेष खसरा नंबरों का सत्यापन कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में डिजिटल फसल सर्वेक्षण एवं भौतिक सत्यापन कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया जा रहा है। कलेक्टर द्वारा स्वयं खेत तक पहुंचकर सत्यापन करना मैदानी कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे सर्वेक्षण कार्य में लगे मैदानी अमले को निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप सही एवं वास्तविक जानकारी दर्ज करने में मार्गदर्शन मिलेगा। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर मधुहर्ष, एसडीएम गुरूर शिवनाथ बघेल, तहसीलदार हेमंत पैकरा, नायब तहसीलदार रमेश मण्डावी, राजस्व निरीक्षक छबिल कुमरे सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री के दौरे की तैयारियों को लेकर कलेक्टर ने की समीक्षा

22-Oct-2026
बालोद।( शोर संदेश ) उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा के प्रस्तावित दो दिवसीय बालोद प्रवास की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने आज समय-सीमा की बैठक में तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान 23 अक्टूबर को प्रभारी मंत्री द्वारा ली जाने वाली समीक्षा बैठक और 24 अक्टूबर को आयोजित होने वाले लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम के लिए मिनट-टू-मिनट रूपरेखा तैयार की गई। साथ ही विभागीय योजनाओं, विकास कार्यों और जिले की उपलब्धियों पर आधारित प्रेजेंटेशन (पीपीटी) तैयार करने के संबंध में भी प्रमुखता से चर्चा की गई।
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने पीपीटी तैयार करने में संबंधित विभागों की धीमी तैयारी पर नाराजगी जताई। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि पीपीटी प्रेजेंटेशन को अगले दिन प्रथम पाली में ही तैयार कर प्रस्तुत करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रेजेंटेशन में अनावश्यक विस्तृत जानकारी के बजाय जिले की प्रमुख उपलब्धियों, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन, विकास कार्यों की प्रगति और महत्वपूर्ण परिणामों को संक्षिप्त एवं तथ्यपरक तरीके से प्रस्तुत किया जाए, ताकि समीक्षा बैठक में आवश्यक बिंदुओं पर प्रभावी ढंग से चर्चा हो सके।
समय-सीमा की बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों के प्रति कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण बैठकों में अधिकारियों की उपस्थिति और सौंपे गए दायित्वों का समय पर निर्वहन आवश्यक है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा में तैयारियां पूरी करें।
उल्लेखनीय है कि 23 और 24 अक्टूबर 2026 को उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा का दो दिवसीय बालोद आगमन प्रस्तावित है। इस दौरान विभिन्न विभागों के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया जाएगा। कार्यक्रम में शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री वितरण, उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान तथा जिले की विकास उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जिला प्रशासन द्वारा समीक्षा बैठक और मुख्य कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।






 

 


5 साल के बच्चे ने निगल लिया LED लाइट, डाक्टरों ने निकाला

01-Sep-2026
बालोद। बालोद जिले के गुरुर निवासी 5 वर्षीय बच्चे ने खेलते-खेलते बैटरी से चलने वाली छोटी LED लाइट निगल ली। लाइट बच्चे के पेट में जाकर फंस गई। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की टीम ने एंडोस्कोपी के जरिए LED लाइट को बाहर निकालकर बच्चे को गंभीर खतरे से बचा लिया।
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 10 बजे 5 वर्षीय गर्वित साहू अपने घर में खेल रहा था। इसी दौरान उसने खेल-खेल में बैटरी से चलने वाली छोटी LED लाइट मुंह में डाल ली और उसे निगल गया। शुरुआत में परिजनों को इस घटना की जानकारी नहीं हो सकी। कुछ समय बाद जब बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी तो परिवार के लोग घबरा गए। उन्होंने बच्चे को तत्काल बालोद के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। निजी अस्पताल में प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बच्चे को आगे के उपचार के लिए धमतरी रेफर कर दिया।
परिजन बच्चे को लेकर धमतरी अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों की टीम ने तत्काल बच्चे की जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि बैटरी वाली छोटी LED लाइट बच्चे के पेट में फंसी हुई है। वस्तु के शरीर के अंदर होने और बैटरी के कारण संभावित खतरे को देखते हुए डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए इसे निकालने का फैसला किया। डॉक्टरों ने एंडोस्कोपिक प्रक्रिया के जरिए LED लाइट निकालने की तैयारी की।
डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक एंडोस्कोपी की मदद से बच्चे के पेट में फंसी LED लाइट को बाहर निकाल लिया। इस प्रक्रिया में बड़े ऑपरेशन या चीरा लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। समय पर अस्पताल पहुंचने और तत्काल उपचार मिलने से बच्चे को गंभीर नुकसान से बचा लिया गया। प्रक्रिया सफल होने के बाद गर्वित की हालत सामान्य बताई गई। उपचार के बाद बच्चे को अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया।
डॉक्टरों के मुताबिक, बैटरी जैसी वस्तु का शरीर के अंदर लंबे समय तक फंसा रहना बेहद खतरनाक हो सकता है। बैटरी से रसायन लीक होने की स्थिति में शरीर के अंदरूनी हिस्सों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे पेट और आंतों में जलन, घाव और अन्य गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं। कुछ परिस्थितियों में ऐसी वस्तुओं के कारण जान का खतरा भी पैदा हो सकता है। इसलिए यदि बच्चा बैटरी या कोई अन्य छोटी वस्तु निगल ले तो इसे सामान्य मानकर इंतजार करना खतरनाक हो सकता है। गर्वित के मामले में परिजनों ने उसकी हालत बिगड़ने के बाद तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जिसके चलते डॉक्टर समय रहते आवश्यक प्रक्रिया कर सके।

दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना से सेवती और अंजू बनीं आत्मनिर्भर

25-Aug-2026
बालोद। (शोर संदेश) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में श्रम विभाग द्वारा संचालित दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना, महिलाओं के जीवन में सामाजिक और आर्थिक बदलाव की नई इबारत लिख रही है। बालोद जिले के ग्राम झलमला की सेवती ठाकुर और ग्राम सिवनी की अंजू नेताम इस योजना का लाभ लेकर न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।
ग्राम झलमला निवासी सेवती ठाकुर श्रम विभाग में पंजीकृत हैं और स्व-सहायता समूह से जुड़कर कैंटीन का संचालन करती हैं। उन्होंने बताया कि पहले कैंटीन के लिए कच्चा माल और खाद्य सामग्रियां बाजार से लाने में काफी दिक्कतों और भारी किराये का सामना करना पड़ता था। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत आर्थिक अनुदान और बैंक ऋण के सहयोग से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदा। अब वे स्वयं परिवहन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं, जिससे प्रतिदिन के किराये की बचत हो रही है और समूह के मुनाफे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। सेवती ठाकुर कहती हैं कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हम महिलाओं के लिए बड़े भाई की तरह संबल बनकर खड़े हैं। इस मदद के लिए हम अपने विष्णु भैया का दिल से आभार व्यक्त करते हैं।
ग्राम सिवनी की अंजू नेताम पहले एक सामान्य गृहिणी थीं। योजना के तहत ई-रिक्शा मिलने के बाद उन्होंने इसे स्वरोजगार का जरिया बनाया। अब वे गांव के स्कूली बच्चों को घर से स्कूल पहुंचाने और ले आने के साथ अन्य स्थानीय परिवहन सेवाएं देती हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 से 12 हजार रुपए की शुद्ध आमदनी हो रही है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। अंजू ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना का भी नियमित लाभ मिल रहा है। महिला सशक्तिकरण की इन योजनाओं ने उनके भीतर नया आत्मविश्वास जगाया है। इन महिलाओं को परिवार की आर्थिक धुरी बना दिया है, जिससे समाज में उनके सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा मिली है।
 

स्वच्छ भारत मिशन की पहल: ग्रे-वॉटर प्रबंधन से स्वच्छ और स्वस्थ गांव

20-Jul-2026
बालोद। (शोर संदेश) स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत बालोद जिले के विभिन्न ग्रामों में घरेलू उपयोग के बाद निकलने वाले ग्रे-वॉटर (रसोई, स्नानघर एवं कपड़े धोने का पानी) के वैज्ञानिक प्रबंधन हेतु प्रभावी पहल की जा रही है। इसके तहत पेयजल स्त्रोतों के समीप सोकपिट, मैजिक पिट एवं अन्य ग्रे-वॉटर प्रबंधन संरचनाओं का निर्माण कराया गया है। इन संरचनाओं के माध्यम से अपशिष्ट जल का सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे गांवों में स्वच्छता को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है। पूर्व में घरों से निकलने वाला ग्रे-वॉटर सड़कों एवं गलियों में बहने से जलभराव, गंदगी, दुर्गंध तथा मच्छरों के पनपने जैसी समस्याएं उत्पन्न होती थीं। अब निर्मित सोकपिट एवं मैजिक पिट के माध्यम से यह पानी भूमि में सुरक्षित रूप से समाहित हो रहा है, जिससे जलभराव की समस्या कम हुई है तथा गांव का वातावरण अधिक स्वच्छ एवं स्वस्थ बन रहा है।
इन संरचनाओं से भू-जल स्तर के पुनर्भरण को भी बढ़ावा मिल रहा है। वर्षा जल एवं ग्रे-वॉटर के भूमि में समाहित होने से जल स्त्रोतों के संरक्षण में सहायता मिल रही है, जो भविष्य में जल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ग्रे-वॉटर प्रबंधन से जल प्रदूषण में कमी आने के साथ-साथ खुले में गंदा पानी बहने की समस्या समाप्त हो रही है। इससे संक्रामक बीमारियों के प्रसार का खतरा कम हुआ है तथा ग्रामीणों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण प्राप्त हो रहा है। कई स्थानों पर उपचारित जल का उपयोग पौधारोपण एवं हरित क्षेत्र के संरक्षण में भी किया जा रहा है, जिससे जल का पुनः उपयोग संभव हो रहा है।
जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे निर्मित सोकपिट, मैजिक पिट एवं ग्रे-वॉटर संरचनाओं का नियमित उपयोग एवं रखरखाव करें तथा किसी भी प्रकार का ठोस कचरा इनमें न डालें। जनसहभागिता से ही ग्रे-वॉटर प्रबंधन की यह पहल सफल होगी और स्वच्छ, स्वस्थ एवं जल-सुरक्षित गांवों के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा।
 

 


लोक कलाकार राजू साहू का निधन, बेटे को देखने जा रहे माता-पिता भी हादसे में घायल

08-Jun-2026
बालोद। बालोद जिले के शिकारीपारा निवासी और रंगमया परिवार कोड़ेवा के संचालक कलाकार राजू उर्फ प्रेम कुमार साहू (33) का दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया। इस घटना से कला जगत सहित स्थानीय समुदाय में शोक है। राजू साहू ने अपनी कला के माध्यम से रंगमया परिवार कोड़ेवा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया था। यह घटना शनिवार को हुई।
अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ, फिर मौत
युवक राजू साहू घोटिया क्षेत्र से गुजर रहे थे, तभी उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। दर्द इतना तीव्र था कि वे बाइक से गिरकर घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें उठाया और आनन-फानन में गुरुर के अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कला जगत में शोक की लहर
राजू के निधन की खबर जैसे ही परिजनों को मिली, उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अपने बेटे के शव की पहचान करने के लिए उनके पिता रूपराम साहू और माता बाइक से गुरुर अस्पताल जा रहे थे। दुर्भाग्यवश, रास्ते में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। इस दुर्घटना में राजू के माता-पिता गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस घटना से परिवार पर दोहरा आघात हुआ है। शनिवार को शहर के मुक्तिधाम में नम आंखों से राजू का अंतिम संस्कार किया गया। इसमें बड़ी संख्या में कलाप्रेमी, मित्र और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कम उम्र में एक प्रतिभाशाली कलाकार की यह क्षति दिनभर शहर में गहरी संवेदना और चर्चा का विषय बनी रही।
प्रेम साहू का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह 11 बजे सीतानगर स्थित निवास लाया गया। घायल माता-पिता को भी एंबुलेंस से अंतिम दर्शन के लिए घर पहुंचाया गया। दोनों स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के सहारे अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। जवान बेटे को अंतिम बार देखते ही उनका दर्द छलक पड़ा और वे फूट-फूटकर रोने लगे। यह हृदयविदारक दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

चावल से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलटा, बड़ा हादसा टला

25-May-2026
बालोद । नेशनल हाईवे-930 मार्ग पर ग्राम जगतरा के पास एफसीआई गोदाम से पहले चावल से भरी 14 चक्का ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में ट्रक में लदी चावल की बोरियां सड़क पर बिखर गईं, जिससे कुछ देर तक जाम की स्थिति बनी रही। ट्रक बालोद से जगतरा स्थित एफसीआई गोदाम जा रही थी। गोदाम पहुंचने से पहले मोड़ पर तेज रफ्तार के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और ट्रक पलट गई। हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई तथा चालक सुरक्षित है।


+ Load More

Feedback/Enquiry



Log In Your Account