ब्रेकिंग न्यूज

Jashpur

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे मयाली–बगीचा पर्यटन विकास परियोजना का भूमिपूजन

05-Feb-2026
 जशपुर।  ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज दो दिवसीय प्रवास पर जशपुर जिले के लिए रवाना हुए। अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 5 फरवरी को जशपुर जिले के मयाली में बहुप्रतीक्षित मयाली-बगीचा पर्यटन विकास परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। यह परियोजना क्षेत्र में पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर सृजित करेगी।
उल्लेखनीय है कि मयाली- बगीचा विकास परियोजना के लिए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत सीबीडीडी उप-योजना के तहत लगभग 10 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस परियोजना को मधेश्वर पहाड़ की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए मयाली डेम के समीप विकसित किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं और जशपुर जिला अपनी नैसर्गिक सुंदरता के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। यहाँ की नदियाँ, झरने, पहाड़, घाटियाँ, घने जंगल तथा समृद्ध आदिवासी और ग्रामीण संस्कृति पर्यटकों को निरंतर आकर्षित करती रही है। इन्हीं संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए जशपुर क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। परियोजना के अंतर्गत पर्यटक रिसॉर्ट एवं स्किल डेवलपमेंट सेंटर का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही मधेश्वर पहाड़ के नीचे स्थित गुफा मंदिर एवं कैलाश गुफा (बगीचा) क्षेत्र में भी पर्यटन विकास से जुड़े कार्य किए जाएंगे, जिससे धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। 
राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए होम-स्टे विकसित किये जाने का भी प्रस्ताव है, जिससे स्थानीय नागरिकों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे। मयाली बगीचा परियोजना के क्रियान्वयन से जशपुर क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, स्थानीय युवाओं को कौशल विकास का लाभ मिलेगा और क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री साय द्वारा किए जाने वाले भूमिपूजन के साथ ही जशपुर जिले के पर्यटन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।



 

सरसों की लहलहाती फसल ने बढ़ाई किसान की आमदनी, रबी में खेती को मिली नई दिशा

20-Jan-2026
 जशपुर।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और कृषि विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए चल रहे प्रयास निरंतर प्रभावी परिणाम दे रहे हैं। जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के कृषक बलदेव राजवाड़े भी इन प्रयासों से लाभान्वित होकर अपनी खेती में नई दिशा प्राप्त कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना के अंतर्गत नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स (तिलहन) घटक से कृषक बलदेव राजवाड़े को कृषि विभाग द्वारा सरसों बीज, सूक्ष्म पोषक तत्व खाद तथा कीटनाशक सामग्री अनुदान पर उपलब्ध कराई गई। उन्होंने 1 हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की खेती की, जिसकी फसल इस समय उत्कृष्ट स्थिति में है।
कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी मनीष कुमार गुप्ता ने समय-समय पर खेत का निरीक्षण करते हुए तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया, जिससे खेती की लागत कम रही और फसल विकास बेहतर हुआ।
कृषक राजवाड़े के पास कुल 2.512 हेक्टेयर कृषि भूमि है। वे खरीफ सीजन में धान की खेती करते थे, किंतु रबी सीजन में सिंचाई के अभाव में जमीन खाली रह जाती थी। योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने तिलहन फसल अपनाई और सफल परिणाम देखकर प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा  कि सरसों की अच्छी फसल से खाद्य तेल के लिए बाजार पर निर्भरता कम होगी। बेहतर मूल्य मिलने पर आमदनी भी बढ़ेगी। मैं अन्य किसानों को भी तिलहन फसलों की खेती के लिए प्रेरित करना चाहता हूं, ताकि हम खाद्य तेल उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सकें।
यह उदाहरण दर्शाता है कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और कृषि वैज्ञानिक मार्गदर्शन से किसान न केवल फसल विविधीकरण की ओर अग्रसर हो रहे हैं, बल्कि स्थायी आय एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में भी कदम बढ़ा रहे हैं।
 

बगीचा स्थित वेदांश राइस मिल सील : जांच में 9,700 क्विंटल धान कम पाया गया

14-Jan-2026
 जशपुर।  ( शोर संदेश )  जशपुर जिले में अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं खपत के विरुद्ध प्रशासन द्वारा सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की गई है। कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर विकासखंड बगिया स्थित वेदांश राइस मिल को जांच में भारी अनियमितता पाए जाने के बाद सील कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान मिल परिसर में उपलब्ध धान के भौतिक सत्यापन में लगभग 9,700 क्विंटल धान की कमी पाई गई, जिसे प्रशासन ने गंभीर अनियमितता माना है।
कलेक्टर व्यास ने जिले में धान से संबंधित गतिविधियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अवैध परिवहन, भंडारण एवं खपत के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उनके निर्देशानुसार खाद्य विभाग, राजस्व विभाग एवं मार्कफेड की संयुक्त जांच टीम द्वारा वेदांश राइस मिल का निरीक्षण किया गया। खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार निरीक्षण के दौरान उपलब्ध अभिलेखों एवं भौतिक स्टॉक के मिलान में भारी अंतर पाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने राइस मिल को सील करते हुए आगे की जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। 





 

फिल्मी स्टाइल में ATM लूट की कोशिश नाकाम, रस्सी से बांधकर उखाड़ी गई मशीन

06-Jan-2026
जशपुर नगर (शोर संदेश)। जिले के कुनकुरी नगर में बीती रात मुख्य मार्ग पर स्थित पंजाब नेश्नल बैंक के एटीएम को अज्ञात बदमाशों ने उखाडक़र ले जाने की कोशिश की। वारदात रात करीब 1 से 2 बजे के बीच अंजाम दी जा रही थी, लेकिन जशपुर पुलिस की सतर्क रात्रि गश्त ने बदमाशों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
जानकारी के मुताबिक, बदमाश एक पिकअप वाहन से मौके पर पहुंचे। पहले से की गई तैयारी के तहत उन्होंने एटीएम मशीन को रस्सी से बांधा और वाहन से खींचते हुए उसे उखाड़ लिया। मशीन को पीक-अप में लोड करने की तैयारी चल ही रही थी, तभी रात्रि गश्त पर निकली कुनकुरी पुलिस टीम वहां पहुंच गई। पुलिस को देखते ही बदमाशों में अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस टीम ने जब पीछा किया तो आरोपियों ने भागते हुए पुलिस वाहन पर पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में पुलिस वाहन का शीशा टूट गया और वाहन को नुकसान पहुंचा, हालांकि पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। अंधेरे और जंगलनुमा इलाके का फायदा उठाकर बदमाश फरार हो गए।
बताया जा रहा है कि आरोपी पीक-अप वाहन से तपकरा की ओर भागे और कुंजारा जंगल के पास वाहन छोडक़र फरार हो गए। मौके से बरामद पीक-अप वाहन का नंबर जेएच 07 ई 9167 बताया जा रहा है।
घटना के बाद क्षेत्र में हडक़ंप मच गया। पुलिस ने बैंक परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। छोड़े गए वाहन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
एटीएम लूट की इस बड़ी कोशिश को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित की हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और सीमावर्ती इलाकों में नाकेबंदी भी की गई है। पुलिस का कहना है कि रात्रि गश्त की वजह से बड़ी चोरी टल गई। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा।

जशक्राफ्ट के तहत छत्तीसगढ़ में कालीन शिल्प को नई पहचान, डिजाइनिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

01-Jan-2026
 जशपुर ।( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ में पारंपरिक हस्तशिल्प को नई पहचान और व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिले में “जशक्राफ्ट” ब्रांड के अंतर्गत कालीन शिल्प को सशक्त बनाने हेतु डिजाइन एवं गुणवत्ता उन्नयन पर केंद्रित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
विकास आयुक्त हस्तशिल्प, भारत सरकार, वस्त्र मंत्रालय, नई दिल्ली की CHCDS परियोजना के तहत “डिजाइन एंड डेवलपमेंट वर्कशॉप ऑन कारपेट क्राफ्ट” का आयोजन जशपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत बालाछापर स्थित रीपा परिसर में किया जा रहा है। यह तीन माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम 19 दिसंबर 2025 से 18 मार्च 2026 तक संचालित होगा।
कार्यशाला का आयोजन छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा जिला प्रशासन जशपुर एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के समन्वय से किया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य कालीन शिल्प से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं एवं कारीगरों को आधुनिक डिजाइनिंग, तकनीकी दक्षता और उत्पाद विकास की उन्नत जानकारी प्रदान करना है, जिससे वे स्थायी आजीविका से जुड़ सकें।
जशक्राफ्ट ब्रांड के माध्यम से जिले में कालीन, छिंद-कांसा, बांस एवं काष्ठ शिल्प जैसे पारंपरिक उत्पादों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस पहल से स्थानीय कारीगरों को न केवल तकनीकी मजबूती मिल रही है, बल्कि उनके उत्पादों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बाजार से जोड़ने का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री राजेंद्र राजवाड़े ने बताया कि प्रशिक्षण में शामिल 30 महिलाओं को प्रति दिवस 300 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है, वहीं तैयार उत्पादों के विपणन की जिम्मेदारी बोर्ड द्वारा वहन की जाएगी। उन्होंने बताया कि जशपुर जिले में कालीन उद्योग के साथ-साथ भारत सरकार के सहयोग से काष्ठ हस्तशिल्प का दो माह का प्रशिक्षण मनोरा विकासखंड के अलोरी ग्राम पंचायत में तथा गोदना शिल्प का एक माह का प्रशिक्षण दुलदुला विकासखंड में भी आयोजित किया जा रहा है।
बालाछापर में संचालित कालीन प्रशिक्षण में दिल्ली से आई डिजाइनिंग विशेषज्ञ सुश्री कौशिकी सौम्या एवं स्थानीय प्रशिक्षक चिंतामणि भगत (अंबिकापुर) द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।













 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात: जशपुर जिले को 31.91 करोड़ की सड़क परियोजनाओं की मंजूरी

01-Jan-2026
जशपुर । ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की एक और बड़ी सौगातनववर्ष से ठीक पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को विकास की बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग द्वारा जिले के ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में आवागमन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 10 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन के लिए कुल 31 करोड़ 91 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्षों से लंबित इन सड़कों की मांग पूरी होने से क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है।
स्वीकृत कार्यों में एनएच-43 रोड (मुड़ापारा) से चर्चपारा होते हुए सुकबासुपारा तक सड़क निर्माण के लिए 2 करोड़ 47 लाख 97 हजार रुपये, ग्राम पंचायत कछार से सरपंच बस्ती चौक पक्की सड़क से तिरसोठ तक के लिए 3 करोड़ 41 लाख रुपये, कांसाबेल के डांडपानी से खूटेरा पहुंच मार्ग हेतु 4 करोड़ 52 लाख रुपये तथा पाले पखना से जुनवाईंन पहुंच मार्ग के लिए 4 करोड़ 68 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इसी क्रम में कांसाबेल के सेमरकछार भट्टीटोली से लपई पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 69 लाख रुपये, ग्राम पंचायत कर्रबेवरा से पखनापारा माड़ो गुफा तक पहुंच मार्ग हेतु 1 करोड़ 88 लाख रुपये, ग्राम पंचायत घरजियाबथान के ठाकुरमुड़ा से रघुनाथपुर जोड़ा तालाब मार्ग के लिए 2 करोड़ 61 लाख रुपये, ग्राम पंचायत पाकरगांव से तुरवाआमा होते हुए चौराआमा पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 61 लाख रुपये, ग्राम पंचायत भगरपुर से भगोरा पहुंच मार्ग के लिए 4 करोड़ 60 लाख रुपये तथा अटल चौक से पंडरीपानी होते हुए तिलंगा पहुंच मार्ग के लिए 2 करोड़ 43 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।
इन सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा। इससे किसानों को कृषि उपज के परिवहन में सुविधा मिलेगी, विद्यार्थियों की शिक्षा तक पहुंच आसान होगी और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच और अधिक सुलभ होगी।
ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नए वर्ष से पूर्व जिले को यह महत्वपूर्ण विकास सौगात देकर वर्षों पुरानी मांग पूरी की है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय जशपुर जिले के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेगा।


 

जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने नई पहल

29-Dec-2025
जशपुर । ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में आज बगिया में जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर हुआ। विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन जशपुर, एसईसीएल एवं ईडीसीआईएल के मध्य त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर रोहित व्यास, एसईसीएल की ओर से जनरल मैनेजर सी. एम. वर्मा तथा ईडीसीआईएल की ओर से प्रोजेक्ट डायरेक्टर विकास सहरावत ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा को रोचक एवं प्रभावी बनाना समय की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी शहरों के समान बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सके। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में नवाचार, जिज्ञासा एवं तकनीकी दक्षता का विकास होगा, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा। 
एमओयू के तहत जशपुर जिले के चयनित शासकीय विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से इंटरएक्टिव पैनल स्थापित किए जाएंगे। इन उपकरणों के माध्यम से शिक्षक डिजिटल कंटेंट, वीडियो, प्रेजेंटेशन एवं ई-लर्निंग संसाधनों का उपयोग कर कक्षाओं को अधिक रोचक, सरल एवं प्रभावी बना सकेंगे। साथ ही एमओयू में इंटरएक्टिव पैनल की स्थापना के साथ-साथ उनके प्रशिक्षण, संचालन एवं नियमित मेंटेनेंस के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं, ताकि उपकरणों का सतत एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके। 
इस परियोजना के लिए एसईसीएल द्वारा सीएसआर मद से 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत जिले के शासकीय विद्यालयों में 206 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगे। इस पहल से जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा की सुविधा प्राप्त होगी। कलेक्टर रोहित व्यास ने एसईसीएल एवं ईडीसीआईएल के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि इस परियोजना से विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर बना छत्तीसगढ़ का पावर हब

27-Dec-2025
जशपुर  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी और जनहितकारी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के विद्युत अधोसंरचना क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की जा रही है। बीते दो वर्षों में जशपुर जिला बिजली ढांचे के सशक्तिकरण की दृष्टि से एक पावर हब के रूप में उभरकर सामने आया है। राज्य सरकार द्वारा लिए गए रणनीतिक और दीर्घकालिक निर्णयों के परिणामस्वरूप जिले में बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण व्यवस्था को नई मजबूती मिली है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है।
साय सरकार ने जशपुर जिले के हर्राडांड में प्रदेश के पांचवें 400/220 केवी उच्च क्षमता वाले विद्युत उपकेंद्र की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है। निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद इस परियोजना का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। यह उपकेंद्र न केवल जशपुर बल्कि पूरे सरगुजा संभाग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगा और क्षेत्रीय विद्युत आपूर्ति को सुदृढ़ बनाएगा।
इसके साथ ही फरसाबहार एवं झिक्की-बगीचा में 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है, जिससे बढ़ते विद्युत भार का संतुलन बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। वहीं जिले के सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े (पथलगांव), पालीडीह, खुटेरा एवं चेटवा में 33/11 केवी विद्युत सब-स्टेशनों के निर्माण हेतु करोड़ों रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इन सभी परियोजनाओं के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण की जा रही हैं और जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर कुनकुरी विकासखंड में उप-क्षेत्रीय भंडार (मिनी डिपो स्टोर) की स्थापना को स्वीकृति दी गई है। इसके संचालन में आने से अब जले या खराब वितरण ट्रांसफार्मरों के प्रतिस्थापन के लिए विश्रामपुर और सूरजपुर जैसे दूरस्थ भंडारों पर निर्भरता समाप्त हो गई है। इससे समय और लागत दोनों की बचत हो रही है तथा विद्युत आपूर्ति शीघ्र बहाल की जा रही है।
जिले में विद्युत प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कुनकुरी में वृत्त कार्यालय, संभागीय कार्यालय, एसटीएम संभागीय कार्यालय, सतर्कता संभागीय कार्यालय, वितरण भंडार, तपकरा उप-संभागीय कार्यालय तथा वितरण केंद्र कुनकुरी की स्थापना की गई है। इन कार्यालयों के संचालन से निगरानी, रखरखाव और उपभोक्ता सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही लो वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए 117 नए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा चुके हैं। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिल रही है, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं, व्यापारियों और लघु उद्योगों को भी स्थिर विद्युत आपूर्ति का लाभ मिल रहा है।
जिलेवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर को मिली विद्युत सौगातों से न केवल बिजली व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि कृषि, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे क्षेत्रों में भी विकास को नई गति मिली है। निर्बाध बिजली आपूर्ति से आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
निस्संदेह, साय सरकार की ये पहलें जशपुर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाते हुए राज्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर को दी ऐतिहासिक सिंचाई सौगात

25-Dec-2025
जशपुर  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने सुशासन के दो वर्षों के दौरान जशपुर जिले के कृषि एवं ग्रामीण विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। जिले में किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 11 महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं के लिए कुल 199 करोड़ 49 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन से कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आय को स्थायी मजबूती मिलेगी।
प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप जशपुर जिले में बैराज, एनीकट, तालाब एवं व्यपवर्तन योजनाओं के निर्माण, मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्यों को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं से जिले के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और वर्षा पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आएगी।
जशपुर जिले को स्वीकृत प्रमुख सिंचाई योजनाओं में मैनी नदी, बगिया स्थित बैराज उद्वहन सिंचाई योजना के लिए 79 करोड़ 37 लाख रुपये, कुनकुरी ईब व्यपवर्तन योजना के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य हेतु 37 करोड़ 9 लाख रुपये, सहसपुर तालाब योजना के लिए 4 करोड़ 27 लाख रुपये तथा डुमरजोर (डुमरिया) व्यपवर्तन योजना हेतु 10 करोड़ 36 लाख रुपये की स्वीकृति शामिल है।
इसी क्रम में तुबा एनीकट योजना के लिए 2 करोड़ 67 लाख रुपये, बारो एनीकट योजना हेतु 7 करोड़ 6 लाख रुपये, मेडरबहार तालाब योजना के लिए 5 करोड़ रुपये, पमशाला एनीकट योजना हेतु 28 करोड़ 2 लाख रुपये, कोनपारा तालाब (दलटोली डेम) के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए 3 करोड़ 47 लाख रुपये, अंकिरा तालाब योजना के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार हेतु 3 करोड़ 47 लाख रुपये तथा कोकिया व्यपवर्तन योजना के लिए 16 करोड़ 17 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
इन सिंचाई परियोजनाओं के पूर्ण होने से जिले के अनेक ग्रामों में खरीफ और रबी दोनों फसलों के लिए पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इससे किसानों को खेती के लिए नियमित पानी मिलेगा, फसल उत्पादन बढ़ेगा और कृषि को स्थायी आजीविका का मजबूत आधार प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए सिंचाई, कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। जशपुर जिले को मिली ये सिंचाई सौगातें सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनकल्याणकारी नीतियों का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। इन योजनाओं से जिले के किसानों के जीवन में खुशहाली आएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
 

 


बरसात में उफनते नदी-नाले अब नहीं रोकेंगे विकास की राह: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

22-Dec-2025
जशपुर  ( शोर संदेश ) 130 करोड़ की लागत से जशपुर जिले में बनेंगे 237 पुल-पुलिया जशपुर जिले में बरसात के दिनों में ग्रामीणों के आवागन की बाधा को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर 237 पुल-पुलियों के निर्माण के लिए 130 करोड़ रूपए से अधिक की राशि स्वीकृत हुई है, जिससे नदियों पर उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण के साथ ही नालों पर पुल-पुलिया का तेजी से निर्माण कराया जा रहा है, इससे विकास को नई गति मिलेगी। बरसात के दिनों में उफनते नदी-नाले अब ग्रामीणों का रास्ता नहीं रोक पाएंगे।  
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले में 22 उच्चस्तरीय पुलों के निर्माण के लिए 109 करोड़ 09 लाख रुपये की मंजूरी दी है। ये पुल जिले के प्रमुख मार्गों और नदियों-नालों पर बनाए जा रहे हैं, जिससे वर्षभर निर्बाध आवागमन सुनिश्चित होगा। इसके साथ ही गांव-टोला और पारा को जोड़ने के उद्देश्य से 215 छोटे पुल-पुलिया निर्माण हेतु 20 करोड़ 93 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। गौरतलब है कि जशपुर जिले में बरसात के दिनों में कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट जाता था, जिससे किसानों, छात्रों, मरीजों और आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पुल-पुलिया निर्माण से न केवल आवागमन सुरक्षित होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और कृषि गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलेगी। साथ ही, दूरी और समय की बचत से लोगों के दैनिक जीवन में बदलाव आएगा।
जिले को मिली इस ऐतिहासिक सौगात पर क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जशपुर अब विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और दो वर्षों का सुशासन सड़कों व पुलों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।
 


+ Load More

kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account