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Koriya

वाटरफॉल में 90 फीट की ऊंचाई से कूद गया युवक, हुई मौत

02-Jun-2026
बैकुंठपुर। अमृतधारा जलप्रपात एमसीबी जिले का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। वाटरफॉल की खूबसूरती देखने यहां काफी संख्या में लोग आते हैं। अमृतधारा जलप्रपात में कलेक्टर संतन देवी जांगड़े की अगुवाई 30 मई की सुबह स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान परिसर के आसपास कचरे को एकत्रित कर फेंका गया। लेकिन जल प्रपात के नजदीक सुरक्षा को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसी बीच शाम को एक युवक करीब 90 फीट की ऊंचाई से जलप्रपात में कूद गया। इस दौरान गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। हादसे की खबर मिलने के बाद रविवार को प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंचा और चेतावनी बोर्ड लगाया।
अमृतधारा जलप्रपात की ऊंचाई करीब 90 फीट है और चौड़ाई 10-15 फीट है। जलप्रपात क्षेत्र के संवेदनशील एवं दुर्घटना संभावित स्थानों पर चेतावनी एवं सुरक्षा सूचना बोर्ड स्थापित किए गए हैं, ताकि पर्यटक सुरक्षित रहें और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन ने अमृतधारा परिसर में ऐसे स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां फिसलन या गहराई के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बोर्ड में स्पष्ट रूप से चेतावनी संदेश प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें पर्यटकों से सावधानी बरतने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में न जाने की अपील की गई है।
जिला प्रशासन ने पर्यटकों से कहा है कि निर्धारित सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। चेतावनी बोर्डों पर अंकित संदेशों को गंभीरता से लें। किसी भी जोखिमपूर्ण गतिविधि से बचें। प्रशासन का उद्देश्य अमृतधारा को सुरक्षित, व्यवस्थित और पर्यटक अनुकूल स्थल के रूप में विकसित करना है, जिससे कि यहां आने वाले लोग प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद सुरक्षित वातावरण में ले पाएं।
गांव का ही रहने वाला था मृतक
ग्राम अमृतधारा निवासी रघुवर सिंह पिता रुद्र सिंह ने शनिवार शाम को अमृतधारा जलप्रपात में कूद गया। हादसे में उसकी मौत हो गई। नागपुर पुलिस ने शव को पीएम कराने मनेंद्रगढ़ भेज दिया है। बताया जाता है कि मृतक कुछ दिन से मानसिक तनाव से जूझ रहा था। इसी बीच उसने यह कदम उठा लिया।
बता दें कि अमृतधारा जलप्रपात में नहाने के दौरान कई पर्यटकों की मौत हो चुकी है। इसके बाद से प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से यहां चेतावनी बोर्ड लगाए थे, इसके बावजूद लोग इसे नजरअंदाज करते हैं।

मैनपाट में अनोखी शादी : दुल्हन लेकर पहुंची बारात, विदाई कराकर ले जाने लगी तो फूट-फूटकर रोया दूल्हा

19-Apr-2026
अंबिकापुर (शोर संदेश)। मैनपाट क्षेत्र के सुपलगा में एक अनोखी शादी हुई। अक्सर वर पक्ष बारात लेकर वधू पक्ष के घर पहुंचता है, लेकिन यहां दुल्हन बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंंची। शादी के रस्में पूरी होने के बाद व दूल्हे की विदाई कराकर अपने घर ले गई। विदाई के दौरान दूल्हा अपने माता-पिता के गले लगकर रोया। इस दौरान दूल्हे पक्ष के परिजनों की आंखें नम हो गईं। यह शादी अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। शादी में दोनों पक्षों के काफी संख्या में लोग इकट्ठे हुए थे। शादी का खर्च दोनों पक्षों ने मिलकर उठाया।
मैनपाट के ग्राम सुपलगा में वर्तमान सामाजिक परंपराओं के उलट एक अनोखी शादी देखने को मिली। दुल्हन देवमुनी एक्का और ब्लासियूस बरवा की रीति-रिवाज के साथ 3 दिन पूर्व शादी हुई। खास बात यह रही कि दुल्हन बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंची। इसमें काफी संख्या में बाराती शामिल हुए। शादी की पूरी रस्में निभाई गईं और दुल्हन दूल्हे को विदा कर ले गई।
इस संबंध में दुल्हन के पिता ने बताया कि वे खेती-किसानी करते हैं। उसकी 4 बेटियां हैं, वह लंबे समय से ऐसे जमाई की तलाश में था जो घर में बेटा बनकर रहे। इसी बीच ग्राम सुपलगा निवासी बरवा परिवार इस शादी के लिए राजी हुआ।
कन्यादान की जगह वर दान
अक्सर लडक़ा पक्ष के लोग बारात लेकर लडक़ी के घर जाते हैं। दुल्हन का पिता बेटी का कन्या दान करता है। लेकिन इस शादी में उल्टा हुआ। दुल्हन बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंची और लडक़े के माता पिता ने वर दान किया। बारात में शामिल दर्जनों महिला-पुरुष इस अनोखी शादी के गवाह बने।

भरी दोपहरी गांवों में पहुंचीं कलेक्टर, स्कूल-आंगनवाड़ी का किया औचक निरीक्षण’

14-Mar-2026
कोरिया,। ( शोर संदेश ) जिले के अंतिम छोर तक सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी गुरुवार को सोनहत विकासखंड के विभिन्न गांवों के दौरे पर रहीं। इस दौरान उन्होंने ग्राम मेन्ड्राकला, धनपुर और गोयनी के प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों सहित आंगनवाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्कूलों में उपस्थिति पंजी की जांच की और बच्चों से पढ़ाई-लिखाई को लेकर सवाल-जवाब किए।प्राथमिक शाला गोयनी में पढ़ने वाले छात्रों रुचि, करिश्मा, प्रीति, यशमति, तारामती, प्रभाकर, प्रिंस, अमित और विजयराज ने कलेक्टर को कविताएं सुनाईं।
इस दौरान कलेक्टर ब्लैकबोर्ड के पास पहुंचकर खुद शिक्षिका की भूमिका में नजर आईं और बच्चों को जोड़ व गुणा करना सिखाया। वहीं आनंदपुर मिडिल स्कूल के एक छात्र ने आत्मविश्वास के साथ 29 का पहाड़ा सुनाकर सभी को प्रभावित किया। बच्चों ने देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम भी सही-सही बताए।
निरीक्षण के दौरान शिक्षकीय कार्य में लापरवाही पाए जाने पर मेन्ड्राकला के प्रधान पाठक रमेश गुप्ता और शिक्षक विवेक साहू को कड़ी फटकार लगाई गई। कलेक्टर ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को दोनों शिक्षकों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करने और पढ़ाई के स्तर की लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर बच्चों के पोषण और भोजन व्यवस्था की जानकारी ली। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि बच्चों को भरपेट भोजन के साथ हरी सब्जियां, दाल और रोटी नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान ‘कोरिया मोदक’ लड्डू वितरण की जानकारी भी ली गई। कार्यकर्ता ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को यह लड्डू नियमित रूप से दिए जा रहे हैं।
कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ ने स्कूल में बने मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता जांचने के लिए स्वयं भोजन चखकर देखा और स्वादिष्ट भोजन तैयार करने के लिए रसोइया की सराहना भी की।

एमसीबी में बड़ा सडक़ हादसा: अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार 2 सगे भाइयों समेत 3 की मौत

25-Feb-2026
बैकुंठपुर (शोर संदेश)। एमसीबी जिले के केल्हारी-जनकपुर मार्ग पर मंगलवार की दोपहर अज्ञात वाहन ने बाइक सवार 2 सगे भाई समेत 3 युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में तीनों युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इधर टक्कर मारने के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरु की। युवकों का शव सांसद प्रतिनिधि द्वारा अपने निजी पिकअप वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही मृतकों की परिजन में मातम पसर गया है।
एमसीबी जिले के केल्हारी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत घाघरा निवासी अवधेश सिंह पाव एवं मोनू सिंह पाव पिता गुरु वचन सिंह पाव और श्याम सिंह पिता गोविंद सिंह गोड़ बाइक में सवार होकर कहीं जा रहे थे। इसी दौरान एमसीबी जिले के केल्हारी-जनकपुर मार्ग पर स्थित धनुहर नाले के पास तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक में सवार तीनों युवक सडक़ पर इधर-उधर जा गिरे और बाइक पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। तीनों का शव सडक़ पर पड़ा रहा। वहां से गुजरने वाले राहगीरों ने पुलिस सहित जनप्रतिनिधियों को सूचना दी।
सूचना मिलते ही मौके आसपास के ग्रामीण पहुंचे। वहीं सांसद प्रतिनिधि शमीम अहमद ने अपनी पिकअप में बिना संकोच तीनों शवों को उठाकर केल्हारी सीएचसी पहुंचाया।
सडक़ हादसे में 3 ग्रामीण युवकों की मौत सूचना मिलते ही पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। उन्होंने संदीप, विमल, उदय सिंह, गुन्नी लाल एवं एसडीओपी से तत्काल चर्चा कर दुखी परिवार को हर संभव मदद करने की बात कही। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच करने तथा दोषी वाहन चालक को शीघ्र पकडक़र कड़ी कार्रवाई करने मांग रखी।

आस्था : बसवाही गांव में होली से 8 दिन पहले उड़े रंग

25-Feb-2026
बैकुंठपुर (शोर संदेश)। कोरिया जिला के वनांचल क्षेत्र अंतर्गत सोनहत विकासखंड के ग्राम पंचायत बसवाही में होली का पर्व तय तिथि से आठ दिन पहले ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मना लिया गया। सोमवार को गांव की गलियां मांदर की थाप, फाग गीतों और रंग-गुलाल से सराबोर रहीं, जहां बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी उत्सव में झूमते नजर आए।
ग्रामीणों का मानना है कि समय से पहले होली मनाने से गांव को अनहोनी घटनाओं और दैवीय प्रकोप से सुरक्षा मिलती है। इसी गहरी धार्मिक आस्था के चलते यहां यह परंपरा वर्षों से निभाई जा रही है।
पूरा गांव रंग में रंगा
होली के विशेष आयोजन में पूरा बसवाही गांव मानो एक ही रंग में रंग गया। पारंपरिक फाग गीतों की मधुर धुन पर लोग नाचते-गाते दिखे, वहीं मांदर की थाप ने उत्साह को दोगुना कर दिया। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की बधाइयां दीं और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
दशकों पुरानी परंपरा
गांव के बुजुर्गों और युवाओं का कहना है कि यह कोई नई परंपरा नहीं, बल्कि पूर्वजों से चली आ रही धार्मिक मान्यता है। यहां हर वर्ष कैलेंडर की निर्धारित तिथि से ठीक आठ दिन पहले सम्मत होलिका दहन किया जाता है और उसके अगले दिन पूरे गांव में होली खेली जाती है।
देवी-देवताओं की कृपा का विश्वास
ग्रामीणों के अनुसार, यदि समय से पहले होली नहीं मनाई गई तो गांव के देवी-देवता नाराज हो सकते हैं, जिससे अनिष्ट होने की आशंका रहती है। इसी विश्वास और आस्था के कारण बसवाही गांव में होली का पर्व पहले ही हर्षोल्लास के साथ मना लिया जाता है।
गौरतलब है कि इस वर्ष देश-प्रदेश में 3 मार्च को होलिका दहन और 4 मार्च को होली मनाई जाएगी, जबकि बसवाही गांव में यह रंगोत्सव पहले ही परंपरागत श्रद्धा के साथ संपन्न हो चुका है।

डस्टबिन से उद्योग तक: अंजना उरांव ने मेहनत से लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी

03-Feb-2026
 कोरिया   ( शोर संदेश )।  कभी-कभी जीवन की दिशा बदलने के लिए किसी बड़े मंच, बड़े अवसर या बड़े संसाधन की आवश्यकता नहीं होती। कभी-कभी एक डस्टबिन में पड़ा काग़ज़ का टुकड़ा भी जीवन की करवट बदल देता है। कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखण्ड के ग्राम तोलगा की अंजना उरांव की कहानी इसी सच्चाई को सशक्त रूप से सामने रखती है, जो कड़ी मेहनत और लगन से ही स्थायी सफलता हासिल की। 
अंजना उरांव कोई उद्योगपति परिवार से नहीं आतीं, न ही उनके पास पूंजी, सिफ़ारिश या विशेष प्रशिक्षण था। वे जनपद पंचायत खड़गवां में एक अंशकालिक डाटा एंट्री ऑपरेटर हैं। स्नातकोत्तर डिग्री होने के बावजूद मात्र चार हजार रुपये मासिक मानदेय पर कार्यरत हैं। जीवन एक तयशुदा सीमित दायरे में चल रहा था, तभी एक दिन कार्यालय के डस्टबिन में उन्हें एक फटा हुआ पन्ना मिला। उस पन्ने पर लिखा था प्रधानमंत्री सृजन स्वरोजगार योजना वह पन्ना कचरा नहीं था, वह संभावना थी। अंजना ने उसे पढ़ा, समझा और उसी क्षण मन में यह निश्चय किया कि वे सिर्फ़ नौकरी करने वाली नहीं, बल्कि कुछ सृजित करने वाली बनेंगी।
योजना की जानकारी लेने जब उन्होंने जनपद कार्यालय में चर्चा की तो अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ मिलीं। किसी ने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र जाने की सलाह दी, तो किसी ने यह कहकर हतोत्साहित किया कि बैंक और योजनाओं के चक्कर में पड़ना बेवकूफी है। लेकिन अंजना ने हार नहीं मानी। उन्होंने एक रोचक बात भी बताई कि एक बार मोबाइल व अखबार में जिला कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी का बयान आया था कि महिलाएं किसी से कम नहीं है, अपने हिम्मत से आगे बढ़ सकती हैं। यह वाक्य उनके दिमाग बसा था, इसी जुनून ने आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित किया।
अंजना ने जब जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से जानकारी लेने के बाद जब पोड़ी-बचरा क्षेत्र में फ्लाईऐश ईंट निर्माण इकाई देखी, तो उनके भीतर एक उद्यमिता जन्म लेने लगा। उन्होंने तय किया कि वे भी फ्लाईऐश ईंट उद्योग स्थापित करेंगी।
दस्तावेज़ों की लंबी सूची, बैंकों के बार-बार चक्कर, ऋण अस्वीकृतियाँ और सामाजिक दबाव। मायके और ससुराल दोनों ओर से एक ही सलाह मिली यह लफड़ा मत पालो। अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखें कि आप अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं।
ऐसे समय में उनके पति अनिल कुमार उनके सबसे बड़े संबल बना। दसवीं तक पढ़े अनिल कुमार को उद्योग का अनुभव नहीं था, लेकिन मेहनत, खेती और परिवार की जिम्मेदारी निभाने का जज्बा भरपूर था। उन्होंने अंजना के सपने को अपना सपना बना लिया। अंततः बैकुंठपुर स्थित एचडीएफसी बैंक से 30 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। कटघोरा से मशीनें मंगाई गईं, शेड का निर्माण हुआ, कोरबा से फ्लाईऐश और स्थानीय स्तर से रेत-सीमेंट की व्यवस्था की गई।
अगस्त 2025 में इकाई का लोकार्पण हुआ और अक्टूबर 2025 से उत्पादन शुरू हुआ है। आज अंजना उरांव की अंजना इंटरप्राइजेज फ्लाईऐश ब्रिक्स इकाई लगातार उत्पादन कर रही है। अब तक लगभग 80 हजार ईंटों का निर्माण हो चुका है। वे प्रतिमाह 60 हजार रुपये की बैंक किश्त नियमित रूप से जमा कर रही हैं, बिना किसी चूक के। संयुक्त परिवार, खेती, बच्चों की परवरिश और उद्योग, सब कुछ संतुलन के साथ चल रहा है। चार एकड़ भूमि पर धान और गेहूं की खेती भी जारी है। अब ईंटों की मांग बढ़ती जा रही है। जल्द ही वे ईंट रखने की लकड़ी की ट्रॉली (पीढ़ा) खरीदने वाली हैं। उनका लक्ष्य है प्रतिदिन 15 हजार ईंट उत्पादन और प्रतिमाह 6 से 7 लाख रुपये का कारोबार ।
आज वही परिवार और समाज, जिसने कभी उन्हें रोका था, उनके साहस की सराहना करता है। अंजना उरांव स्वयं कहती हैं, श्लोग जिस डस्टबिन को कचरा समझते हैं, उसी डस्टबिन ने मुझे मेरी पहचान दी। इसलिए जहाँ से भी ज्ञान मिले, उसे अपनाइए। मेहनत, जुनून और लगन से कोई भी बाधा पार की जा सकती है।
सकारात्मक और प्रेरणादायक लोगों के साथ रहें, जो आपको आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी का कहना है कि अंजना उरांव निश्चित ही उन महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो साधनों और संसाधनों के अभाव का हवाला देकर आगे बढ़ने से रुक जाती हैं। सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ लेकर एक सफल उद्यमी बनने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही अंजना पर गर्व किया जाना चाहिए।
अंजना उरांव की यह कहानी सिर्फ़ एक महिला उद्यमी की सफलता नहीं है। यह कहानी है सरकारी योजनाओं के सही उपयोग, ग्रामीण महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत की जमीनी तस्वीर और उस सोच की, जो अवसर को कचरे में भी खोज लेती है। डस्टबिन से उद्योग तक का यह सफ़र बताता है कि सपनों को हकीकत में बदलने के लिए दृढ़ निश्चय, कड़ी मेहनत और अटूट आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है, तभी मजिल को हासिल किया जा सकता है।


 

 


कोरिया जिले में बिजली उपभोक्ताओं में 362 प्रतिशत की वृद्धि, पारेषण–वितरण अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार

10-Jan-2026
 कोरिया ।  ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत अंबिकापुर क्षेत्र में शामिल कोरिया जिले में बीते 25 वर्षों के दौरान विद्युत पारेषण एवं वितरण अधोसंरचना का उल्लेखनीय और सतत विकास हुआ है। निरंतर, सुरक्षित एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति के परिणामस्वरूप जिले में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।
वर्ष 2000 में, जब वर्तमान मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला भी कोरिया जिले में शामिल था तथा जिले का क्षेत्रफल 6,228 वर्ग किलोमीटर था, उस समय कुल विद्युत उपभोक्ता (एलटी एवं एचटी) 25,922 थे। सितंबर 2022 में नए जिले के गठन के बाद कोरिया जिले का क्षेत्रफल घटकर 2,002 वर्ग किलोमीटर रह गया, इसके बावजूद विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 94,065 हो गई है। उपभोक्ताओं की संख्या में यह वृद्धि लगभग 362 प्रतिशत है। इसी अवधि में निम्नदाब उपभोक्ता 11,617 से बढ़कर 48,965 हो गए हैं। बीपीएल कनेक्शन 4,354 से बढ़कर 21,026, घरेलू कनेक्शन 9,776 से बढ़कर 21,425 तथा सिंचाई पंप कनेक्शन 157 से बढ़कर 2,634 हो गए हैं।
बढ़ती मांग के अनुरूप अधोसंरचना का व्यापक विस्तार किया गया है। 132/33 केवी उपकेंद्रों की संख्या शून्य से बढ़कर 1, 33/11 केवी उपकेंद्र 2 से बढ़कर 10 तथा पावर ट्रांसफार्मर 3 से बढ़कर 15 हो गए हैं। वितरण ट्रांसफार्मर 338 से बढ़कर 1,988, उच्चदाब लाइनें 897 किलोमीटर से बढ़कर 2,072 किलोमीटर तथा निम्नदाब लाइनें 449 किलोमीटर से बढ़कर 2,636 किलोमीटर हो गई हैं। निर्बाध आपूर्ति के लिए 5 वितरण केंद्रों से 45,675 उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिल रहा है। इन प्रयासों से कोरिया जिले में शत-प्रतिशत ग्राम विद्युतीकरण का लक्ष्य लगभग पूर्ण हो चुका है।
 
 

शहर के रिंग रोड में खड़े ट्रक से भिड़ी तेज रफ्तार बाइक, 2 युवकों की मौत

27-Dec-2025
अंबिकापुर (शोर संदेश)। शहर के रिंग रोड में गुरुवार की रात तेज रफ्तार बाइक खड़े ट्रक से जा टकराई। हादसे में बाइक पर सवार 2 युवकों के सिर सहित शरीर के अन्य हिस्से में गंभीर चोट आने से दोनों की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने शवों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल भिजवाया। शुक्रवार को पीएम पश्चात शव परिजन को सौंप दिया गया। हादसे में युवकों की मौत से परिजन सदमे में हैं।
शहर के गांधीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत महुआपारा निवासी बृजेश कुमार लकड़ा पिता बिरेंद्र लकड़ा 25 वर्ष बाइक पर सवार होकर अपने दोस्त शांतिपारा फुंदुरडिहारी निवासी मेल प्रकाश तिर्की पिता रामलियेश तिर्की 26 वर्ष के साथ गुरुवार की रात करीब 8 बजे प्रतीक्षा बस स्टैंड (Road accident) की ओर जा रहा था।
दोनों रिंग रोड नमनाकला स्थित बाबरा मोटर्स के पास खड़े ट्रक में पीछे से जा टकराए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों के सिर सहित शरीर के अन्य हिस्से में गंभीर चोटें आईं और लहूलुहान हो गए।
यह देख आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इस दौरान एक युवक की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। जबकि दूसरे ने अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में दम तोड़ दिया।

धान खरीदी केंद्र प्रभारी ने की आत्महत्या, सुबह फंदे पर लटकी मिली लाश

27-Dec-2025
अंबिकापुर (शोर संदेश)। सीतापुर के केरजू में पदस्थ धान खरीदी केंद्र प्रभारी का शव शुक्रवार की सुबह घर में फांसी के फंदे से लटकता मिला। सबसे पहले मां ने जब शव देखा तो वे दहाड़ मार-मारकर रोने लगीं। शोर सुनकर घर के अन्य सदस्य भी वहां पहुंचे। घटना की सूचना मिलते ही सीतापुर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतरवाकर जांच शुरू की। परिजन का कहना है कि वे मानसिक तनाव में थे। बताया जा रहा है कि खरीदी केंद्र में धान की कमी होने से उनसे लाखों रुपए की रिकवरी होनी थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सीतापुर के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति केरजू के प्रबंधक व खरीदी केंद्र प्रभारी दिनेश गुप्ता 56 वर्ष ने गुरुवार की देर रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका शव शुक्रवार की सुबह उनकी मां ने फंदे से लटकता देखा तो उनके होश उड़ गए। बताया जा रहा है कि दिनेश गुप्ता तनाव में थे।
इसी बीच गुरुवार की शाम वे खरीदी केंद्र पहुंचे थे। वे रात करीब 1 बजे तक वहीं रहे। डेढ़ बजे रात को वे घर पहुंचे और अपने कमरे में चले गए। इसके कुछ देर बाद ही उन्होंने फांसी के फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली। सूचना पर सीतापुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को उतरवाकर पीएम के लिए अस्पताल भिजवाया। पीएम पश्चात शव परिजन को सौंप दिया गया।
बताया जा रहा है कि खरीदी केंद्र में धान की कमी हो जाने की वजह से उनके ऊपर लाखो रुपए की रिकवरी निकल गई थी। इस वजह से वे परेशान थे। परिजन ने भी इस बात की पुष्टि की है। रिकवरी के रुपयों व आर्थिक स्थिति देख वे तनाव में थे। आशंका जताई जा रही है कि इसी वजह से उन्होंने ऐसा घातक कदम उठाया होगा।

खलिहान में धान की रखवाली कर रहे पति-पत्नी को हाथी ने कुचला, दोनों की हुई मौत

30-Nov-2025
अंबिकापुर (शोर संदेश)। सूरजपुर जिले के भटगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव में शुक्रवार की रात किसान दंपती को दंतैल हाथी ने कुचलकर मार डाला। दरअसल किसान पति-पत्नी खलिहान में काटकर रखे गए धान की रखवाली कर रहे थे। वे पास ही झोपड़ी में सो रहे थे, इसी दौरान दंतैल हाथी वहां आ धमका। जब दोनों झोपड़ी से बाहर निकले तो हाथी ने उन्हें पहले तो सूंड से उठाकर पटक दिया, फिर पैरों तले रौंदकर मार डाला। सूचना पर सुबह वन अमला व पुलिस मौके पर पहुंचे और आगे की प्रक्रिया पूरी की।
भटगांव थाना क्षेत्र के ग्राम कपसरा के बिसाही पोड़ी निवासी कबिलास राजवाड़े 45 वर्ष किसान था। उसने धान की कटाई कर खलिहान में रखा था। शुक्रवार की रात वह खलिहान के पास ही आम पेड़ के नीचे बनी झोपड़ी में अपनी पत्नी धनियारो 41 वर्ष के साथ धान की रखवाली कर रहा था। दोनों झोपड़ी में सो रहे थे।
रात करीब 2 बजे झोपड़ी से सटे मिट्टी के अहाते का कुछ हिस्सा झोपड़ी पर गिरा। इसके बाद दोनों नींद में ही झोपड़ी से बाहर निकल गए। वे बाहर निकले ही थे कि एक दंतैल हाथी उनके सामने खड़ा हो गया।
वे कुछ सोच पाते, इससे पहले ही हाथी ने दोनों को सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया। इसके बाद पैरों से दोनों को कुचलकर मार डाला। हाथी ने ही अहाता ढहाया था।
सुबह जब ग्रामीण झोपड़ी के पास पहुंचे तो पति-पत्नी का शव पड़ा हुआ था। हाथियों द्वारा दोनों को मारे जाने की सूचना गांव में आग की तरह फैल गई। सूचना पर सूरजपुर वन परिक्षेत्र के रेंजर वन अमले के साथ मौके पर पहुंचे, वहीं भटगांव पुलिस भी वहां आई। फिर दोनों का शव बरामद कर पीएम के लिए अस्पताल भिजवाया गया। पीएम पश्चात शव परिजन को सौंप दिया गया।


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