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शिक्षा

विशेष लेख : पीएमश्री स्कूल : देश की भावी पीढ़ी को संवारने शासन की पहल

03-Dec-2024
उत्तर बस्तर कांकेर   ( शोर संदेश ) । हम ऐसी शिक्षा चाहते हैं जिससे चरित्र का निर्माण हो, मन की शक्ति बढ़े, बुद्धि का विस्तार हो और व्यक्ति अपने पैरों पर खड़ा हो।“ भारत के महान दार्शनिक, विचारक और समाज सुधारक स्वामी विवेकानंद का यह कथन आज भी प्रासंगिक है, क्योंकि शिक्षा ही वह माध्यम है जिसके बूते मनुष्य स्वयं को स्थापित करते हुए अपने जीवन को सामाजिक, आर्थिक और नैतिक ऊंचाइयों की ओर दिशा और दशा प्रदान करती है। स्वामी विवेकानंद के इन्हीं विचारों को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में पीएम श्री स्कूल योजना लागू की। इन स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अलावा नवीन एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनमें स्मार्ट क्लासेज, हाईटेक लाइब्रेरी, कम्प्यूटर लैब, विषयवार सुसज्जित प्रयोगशाला, अटल टिंकरिंग लैब, मीडिया कार्नर, स्वच्छ शौचालय, आकर्षक खेल मैदान एवं सुरक्षित शाला परिसर विकसित किया गया है।
जिले में कुल 15 पीएम श्री स्कूल संचालित हैं, जिनमें 09 प्राथमिक स्तर (कक्षा पहली से पांचवी तक) और 06 उच्चतर माध्यमिक स्तर (नर्सरी से कक्षा 12वीं तक) के स्कूल सम्मिलित हैं।
छात्राओं ने फर्राटेदार इंग्लिश में दिया जवाब
 जिले के भानुप्रतापपुर विकासखण्ड मुख्यालय में पीएम श्री स्कूल संचालित है, जहां कुल 990 विद्यार्थियों को 29 शिक्षकों के द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। इनमें कक्षा पहली से 12वीं तक अंग्रेजी माध्यम के 672 विद्यार्थी और कक्षा 9वीं से 12वीं तक हिन्दी माध्यम के 318 छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इसी स्कूल की कक्षा 11वीं गणित की छात्रा कु. तान्याश्री मढ़रिया ने फर्राटेदार अंग्रेजी में बताया- “पीएम श्री स्कूल प्रोवाइडेड अस क्वालिटी एजुकेशन विद वेल एक्यूप्ड लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब्स, इंफ्रा स्ट्रक्चर एंड सेफ सराउंडेड कैम्पस...!“ इसी स्कूल की कक्षा दसवीं की छात्रा कु. गुनगुन ठाकुर ने पीएम श्री स्कूल के बारे में बताया- “अवर टीचर्स आर वेरी हेल्पफुल, दे ऑलवेज क्लियर डाउट्स, हियर अल्सो प्रोवाइडेड क्लीन ड्रिंकिंग वॉटर एंड नाइस प्लेग्राउंड...! दोनों छात्राओं ने पीएम श्री स्कूल कॉन्सेप्ट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया कि शासन ने शासकीय शालाओं को निजी स्कूलों से भी बेहतर सुविधाएं पीएम श्री स्कूल में मुहैय्या कराई हैं। इसी तरह स्कूल की छात्रा कु. हर्षिता सोरी, काजल गावड़े, आदित्य श्रीवास्तव, निखिल पांडेय, गुणांक वर्मा, आफताब खान ने भी स्कूल में उपलब्ध शैक्षणिक  और गैर शैक्षणिक सुविधाओं की सराहना की।
दो छात्राओं का हुआ जेईई में चयन
संस्था के प्राचार्य श्री पी.आर. भारद्वाज ने बताया कि पीएम श्री योजना के तहत इस स्कूल का चयन किया गया है, जहां दो पालियों में हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। पिछले शिक्षा सत्र में यहां के 75 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में इस स्कूल की दो छात्रा कुमारी कुमकुम धनेन्द्र और कु. मुस्कान बघेल का चयन जेईई के लिए हुआ है। वर्तमान में कु. कुमकुम एनआईटी रायपुर और कु. मुस्कान ट्रिपल आईटी रायपुर में अध्ययनरत है। उन्होंने यह भी बताया गया कि पूरे स्कूल परिसर में सुरक्षा के दृष्टिकोण से 16 सीसी टीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा नॉलेज कॉर्नर, आईटी जोन आदि स्थापित किए गए हैं।
“परख“ के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जा रहा विद्यार्थियों को
जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल ने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से “परख“ कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है जिसके तहत शाला के विद्यार्थियों को जेईई-नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने विषय विशेषज्ञों के द्वारा निःशुल्क कोचिंग दी जाती है तथा प्रति सप्ताह टेस्ट परीक्षा लेकर समय सीमा में ओएमआर शीट भराए जाने की प्रैक्टिस भी कराई जाती है।
उल्लेखनीय है कि जिले के अंतागढ़ के पीएम श्री स्कूल में कक्षा पहली से पांचवी तक की  कक्षाएं संचालित हैं। इसी तरह पीएम श्री शासकीय प्राथमिक शाला ऊपरपारा सरण्डी में संचालित है। इसके अलावा भानुप्रतापपुर अंतर्गत प्राथमिक शाला बोगर और संजयपारा भानुप्रतापपुर, चारामा में प्राथमिक शाला दरगहन, दुर्गूकोंदल में प्राथमिक शाला बालक कोड़ेकुर्से, कांकेर ब्लॉक अंतर्गत प्राथमिक शाला केंवटीनटोला, कोयलीबेड़ा अंतर्गत पी.व्ही. 86 और नरहरपुर अंतर्गत पीएम श्री शासकीय प्राथमिक शाला बालक सरोना में स्थापित है। इसी प्रकार नर्सरी से 12वीं तक पीएम श्री स्कूल अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, चारामा, दुर्गूकोंदल, कांकेर और नरहरपुर में पीएम श्री स्कूल स्थापित किए गए हैं जहां निजी स्कूलों की तर्ज पर विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के द्वारा उच्च गुणवत्ता शिक्षा दिए जाने के साथ विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

 


सीजी बोर्ड ने जारी की 10वी, 12वीं प्रैक्टिकल परीक्षा की समय सारिणी, जानें कब से शुरू होंगी परीक्षाएं...

29-Nov-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ बोर्ड में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए काम की खबर है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की प्रैक्टिकल परीक्षा की तारीख जारी कर दी है। अधिक जानकारी के लिए CGBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं।
छत्तीसगढ़ बोर्ड द्वारा जारी की समय सारिणी के अनुसार कक्षा 10वीं और 12वीं की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 10 जनवरी 2025 से शुरू होकर 31 जनवरी 2025 तक चलेंगी। प्रैक्टिकल परीक्षा में छात्रों का उपस्थित होना आवश्यक है। परीक्षा में अनुपस्थित छात्रों को बाद में विशेष अवसर नहीं दिया जाएगा।
प्रैक्टिकल परीक्षा के लिए बाहर से एक एग्जामिनर को नियुक्त किया जाएगा। एग्जामिनर प्रैक्टिकल के साथ-साथ प्रैक्टिकल से संबंधित कई और चीजों को देखेंगे। साथ ही स्कूलों को प्रैक्टिकल परीक्षा, प्रोजेक्ट वर्क के नंबर 10 फरवरी 2025 तक बोर्ड के पोर्टल पर सबमिट करने होंगे।
 

स्कूलों में न्योता भोजन: छत्तीसगढ़ में जनसहयोग से 75 हजार से अधिक बार हो चुका है न्योता भोज का आयोजन

28-Nov-2024
रायपुर  ।  ( शोर संदेश )  बिलासपुर जिले के सरकंडा स्थित पंडित रामदुलारे दुबे स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक बालक शाला में पिछले माह रिटायर हुए शिक्षक प्रताप पाटनवार ने अपने जन्मदिन के अवसर पर 700 बच्चों के न्योताभोज का आयोजन किया और कार्यक्रम के बाद उन्होंने रुंधे गले और आंखों में आंसुओं के साथ कहा कि ‘‘जिन बच्चों के कारण मुझे 42 साल तक सरकार वेतन देती रही और जिनके कारण मेरा घर चलता रहा उनके लिए मैं एक दिन कुछ खास कर पाया इसकी मुझे खुशी है।‘‘ उन्होंने कहा कि शासन की यह योजना वास्तव में अपने आप में एक अद्भुत योजना है क्योंकि हम अपनी खुशी ऐसे लोगों के साथ बांटते हैं जिन्हें उसका मोल पता है। सरकारी स्कूल में पलने बढ़ने वाले अधिकांश बच्चे कमजोर आर्थिक स्थिति वाले घर के बच्चे हैं और उनके साथ मिलकर जब आप बैठकर भोजन करते हैं तो उनके चेहरे की खुशी देखकर न्योता भोज करने वाला भाव विभोर ना हो जाए ऐसा हो ही नहीं सकता। इससे न केवल सामुदायिक परस्परता बढ़ रही है बल्कि स्कूलों से आमजन का जुड़ाव भी और अधिक बेहतर तरीके से हो रहा है। साथ ही बड़े अधिकारी जब न्योता भोज के बहाने ही स्कूल पहुंचते हैं तो स्कूल की मॉनिटरिंग भी हो जाती है।

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में संचालित की जा रही प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना में समुदाय की भागीदारी से अनूठा नवाचार न्योता भोजन लोगों को काफी पसंद आ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर शुरू किए गए न्योता भोजन के कार्यक्रम से लोग लगातार जुड़ते जा रहे हैं। राज्य के स्कूलों में विभिन्न समुदाय के लोगों के सहयोग से अब तक राज्य के 30 हजार शालाओं में 75 हजार से अधिक बार न्योता भोजन का आयोजन किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में दान देने की परंपरा रही है, यहां नई फसल की खुशी में छेरछेरा पर्व में दान देने की परंपरा है। यह हमारे समाज की दानशीलता का उदाहरण है। हमारे शास्त्रों में भी अन्नदान को महादान की संज्ञा दी गई है। छत्तीसगढ़ सरकार बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए समाज की इसी परम्परा का सहारा ले रही है। गौरतलब है कि स्कूलों में नन्हे-मुन्हे बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए न्योता भोजन की शुरूआत स्वयं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने गृह ग्राम बगिया से की थी। उन्होंने वहां के आश्रम शाला के बच्चों को अपने जन्मदिवस पर न्योता भोजन कराया था।

क्या है न्योता भोज-
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना को सामुदायिक सहयोग से और अधिक पोषक बनाने राज्य शासन द्वारा न्योता भोजन की अभिनव पहल की जा रही है। न्योता भोजन की अवधारणा सामुदायिक भागीदारी पर आधारित है। कोई भी व्यक्ति या सामाजिक संगठन, जन्मदिन, वर्षगांठ या अन्य खास मौकों पर अपने पास के स्कूल, आश्रम या छात्रावास में जाकर बच्चों के लिए न्योता भोजन का कार्यक्रम कर सकता है। इसमें पूर्ण भोजन का योगदान किया जा सकता है या अतिरिक्त पूरक पोषण के रूप में मिठाई, नमकीन, फल या अंकुरित अनाज आदि के रूप में खाद्य सामग्री का योगदान दिया जा सकता है।
राज्य के विभिन्न जिलों में हुए न्योता भोजन इस प्रकार है- खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और कोंडागांव जिले के 99 प्रतिशत स्कूलों में न्योता भोजन किया जा चुका है। इसी प्रकार जांजगीर-चांपा में 98, धमतरी में 96, सुकमा और राजनांदगांव में 95-95, बालोद में 93, दुर्ग में 90, बेमेतरा, कोरिया और कवर्धा में 89-89, जशपुर और कांकेर में 86-86, रायगढ़ में 75, बिलासपुर में 73, दंतेवाड़ा जिले में 70 प्रतिशत स्कूलों में न्योता भोजन का आयोजन किया जा चुका है।

छात्रावास-आश्रमों में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया संविधान दिवस

28-Nov-2024
रायपुर ।  ( शोर संदेश ) भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश के आश्रम-छात्रावासों में छात्र-छात्राओं द्वारा हर्षोल्लास के साथ संविधान मनाया गया। आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत 3357 छात्रावास-आश्रम, 75 एकलव्य विद्यालय एवं 16 प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित हैं। इन सभी संस्थाओं में व्यापक रूप से संविधान दिवस मनाया गया।
गौरतलब है कि भारतीय संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आम लोगों को संविधान में दिए गए प्रवधानों के प्रति जागरूक करने के लिए भारत सरकार द्वारा व्यापक आयोजन किए जा रहे है। इसी कार्यक्रम के तहत प्रदेश के आश्रम-छात्रावासों में भी संविधान दिवस मनाया गया। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा द्वारा जिलों में संचालित सभी विभागीय छात्रावास-आश्रमों, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों एवं प्रयास आवासीय विद्यालयों में संविधान दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाने के निर्देश दिए गए थे।
विभागीय छात्रावास आश्रमों में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संविधान की प्रस्तावना का सामुहिक वाचन किया गया एवं उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया। इसके बाद एक जन जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें बच्चों ने अपने हाथ में तख्तियां लेकर संविधान के मूल अधिकारों-कर्तव्यों एवं अन्य प्रावधानों को स्लोगन के माध्यम से प्रदर्शित किया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य आमजन को संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों-कर्त्तव्यों एवं प्रावधानों के प्रति जागरूक करना था। इसके अलावा छात्रावास-आश्रमों में भाषण प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस पूरे आयोजन में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

बेहतर समय प्रबंधन और मेहनत से मिलती है सफलता : नम्रता गांधी

27-Nov-2024
धमतरी।  ( शोर संदेश ) बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धमतरी में 26 नवंबर को एक दिवसीय कैरियर गाईडेंस कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर नम्रता गांधी सहित अधिकारियों ने महाविद्यालयीन विद्यार्थियों को सफलता के मूलमंत्र बताए।
छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी कार्य को दबाव में अथवा मजबूरी में नहीं करें, बल्कि उस कार्य में स्वयं की दिलचस्पी होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ लक्ष्य निर्धारित कर बेहतर समय प्रबंधन और कड़ी मेहनत करनी चाहिए। हर विद्यार्थी को अपने लिए पढ़ाई करनी चाहिए, क्योंकि पढ़ाई ही वह साधन है, जो आपको उच्चस्तर तक ले जाने में मदद करता है। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि जिंदगी में असफलता से घबराएं नहीं और परिस्थितियों का सामना करने डटे रहें। आपका भविष्य उज्जवल है, अच्छा इंसान बने, अधिक से अधिक लोगों की सेवा कर उनके जीवन को बदलें। उन्होंने कहा कि जीवन में खुश रहना एवं रखना महत्वपूर्ण है। जिंदगी खूबसूरत है, जिंदगी में कई परिस्थितियों होती हैं। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उसमें स्वयं की दिलचस्पी होना जरूरी है। कलेक्टर ने कहा कि यूपीएससी, पीएससी एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रश्नों का अवलोकन करें और उन्हें समझें कि किस क्षेत्र से प्रश्न पूछा गया है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया कि मैंने 10 वीं क्लास से ही आईएएस बनने की ज़िद कर ली थी और मैं आईएएस बन गई।
कलेक्टर ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यूपीएससी में चयनित अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में सबसे सरल सवाल पूछे जाते हैं। सर्वप्रथम अभ्यर्थियों से बेसिक जानकारी ली जाती है और अभ्यर्थियों के व्यक्तित्व के बारे में सवाल किए जाते हैं। साथ ही कलेक्टर ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए। इस अवसर डीएसपी नेहा पवार, सहायक प्राध्यापक नवीन शासकीय महाविद्यालय कंडेल पीतांबर सिन्हा सहित अन्य अतिथियों ने भी बच्चों को करियर के टिप्स दिए। इस अवसर पर प्राचार्य डा विनोद कुमार पाठक, अमित कुमार साहू, गोविंद प्रसाद, प्लेसमेंट प्रभारी आकांक्षा मरकाम सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
दृढ़संकल्पित होना जरूरी: कलेक्टर ने कहा कि कोई भी चीज को पाने के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के साथ दृढ़संकल्पित होना जरूरी है। साथ ही जज्बा और कड़ी मेहनत से निश्चित ही सकारात्मक परिणाम मिलता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में सीखने, समझने की जिज्ञासा होनी चाहिए। पढ़ाई को बोझ समझने से बेहतर हैं कि खेल की तरह मन लगाकर करें। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत कर कुछ बड़ा कर गुजरने की चाहत होनी चाहिए। जीवन में कठिनाई के दौर भी आते हैं, लेकिन मेहनत ही सफलता दिलाती है।

मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर के निर्माण कार्यों के लिए एक सौ नौ करोड़ रुपये की स्वीकृति

27-Nov-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर के शेष निर्माण कार्यों हेतु छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 109 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। राशि स्वीकृत होने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सांसद चिंतामणि ने आभार व्यक्त किया है।
सरगुजा सांसद चिंतामणि द्वारा क्षेत्र में आमजन के हित में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय के अधूरे निर्माण कार्य को पूर्ण कराने हेतु बजट स्वीकृति का प्रयास किया जा रहा था। मुख्यमंत्री के पहल पर यह प्रयास सफल हुआ है। विगत डेढ़ सालों से बजट की कमी से मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर में अस्पताल भवन, ऑडिटोरियम और गेस्ट हाउस का निर्माण अवरूद्ध हुआ था। बजट स्वीकृत होने से अस्पताल भवन, ऑडिटोरियम और गेस्ट हाउस का निर्माण पूरा करने में आसानी होगा।
 

विद्यालयों में स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन

27-Nov-2024
कोरबा। ( शोर संदेश )  कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन और सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग के मार्गदर्शन में कटघोरा जनपद पंचायत के शासकीय विद्यालयों में साफ सफाई, हाथ धुलाई आदि स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
हमारा शौचालय हमारा सम्मान थीम पर विश्व शौचालय दिवस 19 नवंबर से प्रारंभ हो कर मानव अधिकार दिवस 10 दिसंबर 2024 तक ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायत कटघोरा के विद्यालयों में बच्चों के हांथ धुलाई कार्यक्रम,स्कूल स्वच्छता रैली का आयोजन, श्रमदान से स्कूल परिसर की सफाई, स्वच्छता शपथ, स्वच्छता पर रंगोली, शौचालय का निरंतर उपयोग व सफाई एवम स्वच्छता पर चर्चा-परिचर्चा किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं के द्वारा छोटे-छोटे बच्चों की हांथ धुलाई कराकर स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है।
 

नामांकन फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 30 तक

26-Nov-2024
बिलासपुर। ( शोर संदेश )   यह प्रक्रिया बोर्ड परीक्षा की तैयारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। लेकीन जिले के सात स्कूल अब तक अपने छात्रों के लिए फार्म लेने नहीं पहुंचे हैं ।
फार्म नहीं लेने वाले स्कूलों में आदर्श विद्या मंदिर बोहारडीह, सरस्वती शिशु मंदिर जयरामनगर, 70 प्लस तखतपुर, मां सरस्वती रतनपुर, वेदवती हरि दिन पोरते जोरापारा, ग्लोबल पब्लिक रानी सागर और सेंट पाल बकरखुदा स्कूल शामिल हैं।
माध्यमिक शिक्षा मंडल की संभागीय अधिकारी संगीता गंगोत्री ने बताया कि इन स्कूलों की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को भेज दी गई है। फार्म लेने में देरी छात्रों के परीक्षा नामांकन और अन्य तैयारियों को प्रभावित कर सकती है।
माध्यमिक सिक्षा मण्डल ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे 30 नवंबर तक फार्म भरकर जमा करें। अगर तय समय सीमा में फार्म नहीं जमा किए जाते हैं, तो यह बोर्ड परीक्षा की व्यवस्थाओं में बाधा डाल सकता है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फार्म जमा न करने पर लगेगा जुर्माना
स्कूलों द्वारा फार्म जमा न करने की स्थिति में उन पर प्रति परीक्षा 1540 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यह जुर्माना हाई स्कूल और हायर सेकंडरी दोनों स्तरों के लिए लागू होगा। ऐसे में स्कूलों को समय सीमा का पालन करते हुए अपने छात्रों की जानकारी फार्म में भरकर समय पर जमा करना अनिवार्य है, अन्यथा उन्हें आर्थिक दंड का सामना करना पड़ेगा।

संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान‘ के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में होंगे वर्ष भर कार्यक्रम

26-Nov-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश ) संविधान के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ में संविधान के प्रति  लोगों को जागरूक करने के लिए राज्य के स्कूल, कॉलेज और ग्राम पंचायतों में साल भर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के आयोजन के लिए ‘हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान‘ का टैगलाइन निर्धारित किया गया है। स्कूली बच्चों को www.mygov.in पर MyGov प्रतियोगिताओं और MyBharat.gov.in पर युवा सहभागिता गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। 
संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में स्कूलों और कॉलेजों में प्रश्नोत्तरी वाद-विवाद एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। अनुसूचित जाति, जनजाति गांवों में 15 दिवसीय संविधान यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा के दौरान, जहां भी बाबा साहेब की प्रतिमाएं होंगी, उन पर पुष्पांजलि अर्पित किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का भी आयोजन होगा, जिसमें संविधान के अनुच्छेद 51ए के तहत नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों को पढ़ा और समझाया जाएगा। इस मौके पर जीवित स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित किया जाएगा। संविधान सभा के सदस्यों से जुड़े गांवों में, जिसमें संविधान सभा की महिला सदस्यों के योगदान पर विशेष जोर देते हुए विशेष समारोह आयोजित किए जाएंगे। 
स्कूलों और कॉलेजों में संविधान के प्रावधान, संविधान निर्माण की प्रक्रिया, मौलिक अधिकार, कर्तव्य एवं राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धांत तथा नवीनतम संशोधन आदि विषयों पर प्रश्नोत्तरी आयोजित किया जाएगा। साथ ही नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों तथा अन्य संवैधानिक मुद्दों पर वाद-विवाद सेमिनार, जिसमें सामाजिक सशक्तिकरण, महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने, समय के साथ चुनौतियों का सामना करने के लिए संविधान को लचीला बनाने तथा नवीनतम तथा प्रमुख संशोधनों की जानकारी देने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

 


पढाई में कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान देवें शिक्षक: कलेक्टर

24-Nov-2024
कोरबा।  ( शोर संदेश )  कलेक्टर अजीत वसंत ने हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल की बोर्ड परीक्षा में बच्चों के परीक्षा परिणाम में सुधार लाने के लिए कला संकाय विषय के व्याख्याताओं की समीक्षा बेठक शनिवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में ली। उन्होने शिक्ष्कों को निर्देश दिए कि पढाई में कमजोर बच्चों के शैक्षणिक विकास के लिए उन पर विशेष ध्यान देकर अध्यापन कार्य करें। बच्चों को स्कूल में नियमित आने तथा पढ़ाई में निरंतरता बनाने के लिए प्रेरित करें। उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगायें। ब्लैक बोर्ड पर लिखने का अभ्यास करायें। परीक्षा की तैयारी की दृष्टि से गृह कार्य में प्रश्नोत्तर लिखा कर रिवीजन करायें।
कलेक्टर ने बच्चों के शैक्षणिक विकास एवं परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए विद्यालयवार एवं व्याख्याताओं के विषयवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि विगत वर्ष के परीक्षा परिणामों को ध्यान में रखकर शिक्षक मेहनत करें और इस वर्ष उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम लाने के प्रयास करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की कमजोरियां बताने से अच्छा उनकी कमजोरी दूर करना है। कलेक्टर ने निर्देश दिया कि प्रत्येक विद्यालय के शिक्षक अपने विषयों में 80 प्रतिशत से अधिक परीक्षा परिणाम लाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं के दृष्टिगत शिक्षकों के द्वारा बच्चों की लिखावट की गति एवं शुद्धता पर ध्यान दिया जाये। शिक्षक का मुख्य कार्य अध्यापन कार्य होता है। बच्चों को पढ़ाकर ही आगे बढ़ाया जा सकता है।
कलेक्टर ने कहा कि  विद्यालयों में अनुशासनहीनता करने वाले शिक्षकों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को विद्यालयों का सतत मानिटरिंग करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि डीएमएफ मद से विद्यालयों में नियुक्त अतिथि व्याख्याताओं की निरंतरता उनके विषयों की परीक्षा परिणाम के आधार पर की जायेगी। उन्होंने कहा कि अतिथि व्याख्याताओं का उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर मानदेय में वृद्धि भी की जायेगी।
कलेक्टर ने कहा कि शिक्षक बच्चों के सामाजिक एवं आर्थिक परिवेश को ध्यान में रखकर बच्चों को शिक्षित करने के साथ ही साथ पालक की भी भूमिका निभाएं। बैठक में जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, जिला शिक्षा अधिकारी टी.पी.उपाध्याय, सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, कला संकाय के व्याख्याता एवं अतिथि व्याख्याता उपस्थित थे।



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