
नारायणपुर(शोर सन्देश)।जिले के उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय शासकीय उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय सिंगोड़ीतराई में विभिन्न पदों के लिए आवेदन 21 जुलाई तक आमंत्रित किए गए हैं। ये पद हैं व्याख्याता, प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक/प्राथमिक, शिक्षक, व्यायाम शिक्षक, कम्प्यूटर शिक्षक, सहायक शिक्षक, प्रयोग शाला सहायक, सहायक ग्रेड-02 ग्रंथपाल, सहायक ग्रेड 03, भृत्य एवं चौकीदार।
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कोरिया (शोर सन्देश)। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने आज यहां बताया कि शैक्षणिक वर्ष 2020-21 में प्रयास विद्यालयों में कक्षा 9वीं एवं एकलव्य आदर्ष आवासीय विद्यालयों के कक्षा 6वी में प्रवेश हेतु पूर्व निर्धारित परीक्षा तिथि में संशोधन किया गया है। संशोधित तिथि अनुसार प्रयास विद्यालयों में कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए प्राक्चयन परीक्षा अब 24 जून 2020 को प्रातः 10ः30 बजे से 1 बजे तक एवं एकलव्य आदर्ष आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए प्राक्चयन परीक्षा 26 जून 2020 को प्रातः 10ः30 बजे से 12ः30 बजे तक निर्धारित परीक्षा केन्द्रों में आयोजित की जाएगी।

रायपुर (शोर सन्देश)। राज्य शासन द्वारा राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी उज्जवल पोरवाल को वरिष्ठ प्रबंधक (प्रशासन) पाठ्यपुस्तक निगम रायपुर के पद पर पदस्थ किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आज मंत्रालय से जारी आदेश में उज्जवल पोरवाल उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ की सेवाएं निर्वाचन कार्यालय से वापस लेते हुए अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक वरिष्ठ प्रबंधक (प्रशासन) पाठ्यपुस्तक निगम रायपुर के पद पर पदस्थ करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग को सौंपी गई है।
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जगदलपुर (शोर सन्देश)। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय करपावंड, बेसोली, तोकापाल जिला-बस्तर में कक्षा 6वीं के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन 11 जून 2020 किया जाएगा। प्रवेश परीक्षा के लिए सभी विकासखण्ड मुख्यालयों में किया व्यवस्था किया गया है। जिसमें विकासखण्ड बकावंड में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करपावंड, विकासखण्ड बस्तर में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बस्तर और शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बस्तर, विकासखण्ड बास्तानार में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किलेपाल, विकासखण्ड तोकापाल में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तोकापाल, विकासखण्ड दरभा में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दरभा, विकासखण्ड लोहण्डीगुड़ा में शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लोहण्डीगुड़ा और विकासखण्ड जगदलपुर में बाल बिहार उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जगदलपुर में आयोजित किए जाएंगे।
प्रवेश परीक्षा के आवेदन पत्र के परीक्षण उपरांत परीक्षा के लिए पात्र अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र (हाॅल टिकिट) जिले के सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से 9 जून से 10 जून 2020 के बीच प्राप्त कर सकते हैं। इन तिथियों में भी प्रवेश पत्र नहीं मिल पाने की स्थिति में 11 जून 2020 को परीक्षा प्रारंभ होने के 1 घंटे पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंच कर आवेदन पत्र की पावती तथा परीक्षार्थी की एक रंगीन फोटो के माध्यम से प्रवेश पत्र प्राप्त कर सकेंगे। परीक्षा तिथि 11 जून को प्रातः 10.30 से 12.30 बजे तक जिले के सभी विकासखण्ड मुख्यालय में परीक्षा केन्द्र स्थापित किया गया।
प्रवेश परीक्षा के संबंध में अधिक जानकारी हेतु विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों एवं सहायक आयुक्त, कार्यालय जगदलपुर से सम्पर्क कर सकते हैं। प्रवेश परीक्षा संचालन के दौरान कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए शासन की ओर से जारी सभी दिशा -निर्देशों का पालन करना सुनिश्चित करते हुए परीक्षार्थियों द्वारा निर्धारित सोशल डिस्टेसिंग का पालन किया जाएगा। सभी परीक्षार्थी स्वयं मास्क, साफ कपड़ा, रूमाल से अपना मुंह अनिवार्य रूप से ढंककर या बांधकर आएं और परीक्षा केन्द्र में प्रवेश करने के पूर्व परीक्षार्थी स्वयं को सेनेटाइज करके ही प्रवेश करें।

रायपुर (शोर सन्देश)। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से संचालित “पढ़ई तुंहर दुआर” कार्यक्रम के तहत ऑनलाइन क्लास के लिए सीजीस्कूलडॉटइन (cgschool.in) पोर्टल के लिए प्रदेश के बहुत से शिक्षक डिजिटल सामग्री का निर्माण कर रहे हैं। डिजिटल सामग्री की त्रुटिरहित उपलब्धता व विवादित तथ्यों से रहित गुणवत्तायुक्त सामग्री की जांच के लिए डाइट के प्राचार्यो को कक्षा समन्वयक और अंतिम स्वीकृतकर्ता बनाया गया है। इस कार्य में डाइट का अकादमिक स्टाफ सहयोग करेगा। ज्ञातव्य है कि राज्य के 380 चिन्हांकित और इच्छुक शिक्षकों को प्रथम स्वीकृतकर्ता (फर्स्ट अप्रुवर्स) बनाया गया है। इस कार्य के लिए प्रति मंगलवार और गुरुवार को ऑनलाइन समीक्षा की जाती है।
डाइट के प्राचार्यो को कक्षा समन्वयक के रूप में वेबसाइट में अच्छी क्वालिटी के सामग्री को अपलोड करने और स्वीकृत करने के लिए अपने अकादमिक सदस्यों को प्रेरित करते हुए उचित मार्गदर्शन प्रदान करना है। साथ ही सामग्री को अपलोड करने और अप्रूव करने के लिए समय-सीमा का ध्यान रखकर कार्य को पूरा कराना है। प्रदेश में 16 डाइट प्राचार्यो को यह दायित्व सौंपा गया है। जिला डाइट बेमेतरा से प्राचार्य एस.के.प्रसाद, बिलासपुर से अलका शुक्ला, धरमजयगढ़ से कामिनी पुरी, कोरिया से योगेश शुक्ला, कोरबा से एच.एस. लकरा, महासमुंद से मीना पाणिग्रही, डोंगरगाव से रामावतार साहू, बस्तर से सुषमा झा, दंतेवाडा से के.के.उदेश, अंबिकापुर से ए.पी.लकरा, पेंड्रा से जे.पी.पुष्प, जांजगीर से सविता राजपूत, जशपुर से बी. बक्सला, नारायणपुर से जी.आर.मंडावी, खैरागढ़ से एस.एच.पंडा, कॉलेज ऑफ एजुकेशन से निशि बभरी को कक्षा समन्वयक व अकादमिक सदस्यों को अंतिम स्वीकृतकर्ता का दायित्व सौंपा गया है।
अंतिम स्वीकृतकर्ता का दायित्व होगा कि डिजिटल सामग्री विषयवस्तु से सम्बंधित होना चाहिए और यह शिक्षकों के द्वारा स्व-निर्मित एवं मौलिक होना चाहिए। डिजिटल सामग्री रोचक, आकर्षक और भाषायी त्रुटिरहित होना चाहिए। साथ ही अंतिम स्वीकृतकर्ता को ध्यान रखना होगा कि जो डिजिटल सामग्री उनके पास अप्रूवल के लिए आया है वह धर्म, जाति, वर्ग, लिंग आदि की दृष्टी से विवादित नहीं होना चाहिए।

रायपुर (शोर सन्देश)। स्कूली बच्चों में मौलिक लेखन और सृजनात्मक क्षमता के विकास के लिए नयी पहल की जा रही है। लॉकडाउन के दौरान स्कूली बच्चों की नियमित पढ़ाई के लिए शुरू किए गए ऑनलाईन पोर्टल ‘पढ़ई तुंहर दुआर’ में एक नया स्तंभ शुरू किया गया है। हमारे नायक नाम से शुरू किए गए स्तंभ प्रतिदिन स्कूली बच्चों की स्व-रचित मौलिक कहानियों का प्रकाशन किया जा रहा है। इससे बच्चों में जहां सृजनात्मक क्षमता को बढ़ावा मिल रहा है। वहीं वे दिन-प्रतिदिन इस वेबसाईट से जुड़कर नयी-नयी चीजें सीख रहे हैं।
स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम भी इस पोर्टल के द्वारा दी जा रही ऑनलाईन शिक्षा की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। आज सुबह उन्होंने पोर्टल पर जाकर शीतल राजपूत की कहानी पढ़ी और छात्रा से दूरभाष पर चर्चा की। अचानक मंत्री द्वारा फोन पर सीधे बात करने की जानकारी मिलने पर वह बहुत खुश हुई। गरियाबंद जिले में कक्षा 12वीं पढ़ने वाली इस छात्रा ने मंत्री श्री टेकाम को अपनी पढ़ाई-लिखाई के बारे में जानकारी दी। छात्रा ने पढ़ाई के टाइम-टेबल के बारे में बताया और चर्चा के दौरान डॉक्टर बनने की इच्छा जतायी। डॉ. टेकाम ने कहा कि वेबसाईट के जरिए उच्च स्तरीय शैक्षणिक सामग्री और वीडियो लेक्चर शिक्षकों के द्वारा तैयार कर दिए जा रहे हैं। उन्होंने इसका मन लगाकर नियमित रूप से अध्ययन करने की समझाईश दी। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि पढ़ाई में लगन के साथ-साथ पूरा ध्यान रखने पर सफलता मिलती है। उन्होंने छात्रा को खूब मेहनत करने के लिए अपना आशीष दिया।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग द्वारा ऑनलाईन पढ़ाई के लिए शुरू किए गए इस पोर्टल की लोकप्रियता लगातार बढ़ते जा रही है। लगभग 20 लाख से अधिक विद्यार्थी और शिक्षक जुड़ चुके हैं। इस पोर्टल में ऑनलाईन पढ़ाई के लिए स्तरीय शैक्षणिक सामग्री और वीडियो लेक्चर अपलोड किए गए हैं।

वर्चुअल क्लास से बच्चों में बढ़ रही है सीखने की ललक
रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों ने वर्चुअल क्लास को अपनी पढ़ाई-लिखाई का जरिया बना लिया है। विद्यार्थियों को इस ऑनलाईन पढ़ाई के माध्यम से गणित, भौतिक विज्ञान, जैसे कठिन विषय भी आसानी से समझ आ रही है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा लॉकडाउन की अवधि में बच्चों की पढ़ाई निरंतर जारी रखने के लिए शुरू किए गए ‘पढ़ई तुंहर दुआर‘ ऑनलाईन पोर्टल से खासी मदद मिल रही है।
कोरोना संकट के समय स्कूली बच्चों की पढ़ाई-लिखाई को शिक्षकों ने भी चुनौती के रूप में लिया और ऑनलाईन कक्षाओं के लिए पूरी तैयारी कर, कठिन विषयों की विषयवस्तु समझाने के लिए वीडियों लेक्चर तैयार किए। ऑनलाईन अध्ययन-अध्यापन से जुड़े शिक्षकों का कहना है कि हर संकट से कुछ नया सीखने को मिलता है, नई जिम्मेदारी मिलती है। स्कूली बच्चों को लॉकडाउन की अवधि में उन्हें पढ़ाई से जोड़े रखने शिक्षकों ने आगे बढ़कर काम किया है। इस दौरान कई शिक्षकों ने विद्यार्थियों के बीच अपनी नई जगह बनायी है।
कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण बच्चों की पढ़ाई में हो रहे नुकसान को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने इस समस्या के समाधान के लिए ऑनलाइन शिक्षा पोर्टल ’पढ़ई तुंहर दुआर’ का शुभारंभ किया है। इसके सफल क्रियान्वयन में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अनेक नायक अपना-अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ये नायक अपने साथी शिक्षकों और विद्यार्थियों को संदेश देना चाहते है कि हर काम को एक चुनौती के रूप में स्वीकार करना चाहिए। हर नई जिम्मेदारी हमें नई सीख देती है और हमारे उन्नति के द्वार खोलती है।
बलौदाबाजार जिले में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चांपा में भौतिकी विषय के व्याख्याता श्री कौशिक मुनी त्रिपाठी के द्वारा ली जा रही ऑनलाईन कक्षा में बड़ी संख्या में विद्यार्थी भाग लेते हैं। श्री त्रिपाठी प्रदेश में सबसे अधिक वर्चुअल क्लास लेने वाले शिक्षक है। इसी प्रकार बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की उच्च प्राथमिक शाला खमरिया की शिक्षिका सुश्री सीमा मिश्रा राज्य में वर्चुअल क्लास संचालन करने के माध्यम में दूसरे नंबर पर हैं। इनके साथ 50 हजार से अधिक बच्चे जुड़े हुए हैं।
वर्चुअल क्लास के दौरान स्कूली बच्चों को होमवर्क तथा विभिन्न प्रोजेक्ट भी दिए जा रहे है तथा इनकी ऑनलाईन जांच भी की जा रही है। इससे विद्याथियों में पढ़ाई के प्रति रूझान लगातार बढ़ते जा रहा है। उन्हें हमेशा कुछ नया करने की ललक बने रहती है। वर्चुअल क्लास के जरिए बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया जा रहा है। इसके अलावा उन्हें स्तरीय पाठ्य सामग्री भी उपलब्ध करायी जा रही है।

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ में समग्र शिक्षा की परियोजना स्वीकृति बोर्ड की बैठक आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। भारत सरकार के अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में संचालित नवाचारी कार्यक्रम ’पढ़ई तुंहर दुआर’ की सराहना की। केन्द्र सरकार के अधिकारियों ने इस कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिलों में क्रियान्वित करने पर बल दिया। लॉकडाउन अवधि में मितव्ययता के साथ चलते हुए प्रत्येक स्तर पर प्राथमिक कार्यों पर ही ध्यान देने के निर्देश दिए। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य में समग्र शिक्षा के लिए सत्र 2020-21 की वार्षिक कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में राज्य में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला के द्वारा छत्तीसगढ़ में चल रहे नवाचारी कार्यक्रम ’पढ़ई तुंहर दुआर’ की गतिविधियों के विषय में प्रभावी ढंग से प्रस्तुती दी। समग्र शिक्षा के मिशन संचालक जितेन्द्र शुक्ला ने पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। जितेन्द्र शुक्ला ने प्रस्तुतीकरण में बताया कि छत्तीसगढ़ के परिप्रेक्ष्य में जहां बहुत से नेटवर्कविहीन क्षेत्र और स्मार्टफोन रहित आबादी है, वहीं पर विभिन्न वैकल्पिक तरीकों जैसे - मोटरसाईकल गुरूजी, ब्लूटूथ फोन, ऑडियो सामग्री, टेलीविजन के माध्यम से बच्चों के लिए शिक्षा व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विभिन्न नवाचारी सुझाव दिए। लगभग 3 घंटे चली इस ऑनलाइन बैठक में केन्द्र के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों भी उपस्थित रहे। बैठक में लॉकडाउन के चलते बच्चों के अध्ययन-अध्यापन की निरंतरता के लिए चर्चा की गई। राज्य की वर्तमान परिस्थितियों खासतौर पर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों सहित अन्य विषयों पर विस्तार से समीक्षा की गई।
समग्र शिक्षा के परियोजना स्वीकृति बोर्ड की विडियो कांफ्रेंसिंग बैठक में भारत सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की सचिव अनीता कारवाल, छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव आशीष भट्ट, संचालक समग्र शिक्षा जितेन्द्र कुमार शुक्ला, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एस.सी.ई.आर.टी.) के अपर संचालक आर.एन. सिंह, संयुक्त संचालक डॉ. योगेश शिवहरे, समग्र शिक्षा के उप संचालक डी.के. कौशिक, सहायक संचालक डॉ. एम. सुधीश सहित सभी अधिकारी उपस्थित रहे।

कोरिया(शोर सन्देश)। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। तत्कालीन परिस्थितियों को देखते हुए आनलाईन माध्यम से बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। शासन द्वारा संचालित ‘‘पढ़ई तुंहर दुआर‘‘ लाॅकडाउन और ग्रीष्मकालीन अवकाश में बच्चों की निरन्तर पढ़ाई और समय का सदुपयोग करते हुए घर में रहकर पढ़ाई का सशक्त माध्यम बन रहा है।स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इजात किये गये आनलाईन शिक्षा के इस महत्वाकांक्षी योजना से जिले में कक्षा पहली से 12वीं तक की कक्षाएं वे-बैक्स के माध्यम से ली जा रही हैं। जिससे जिले के विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। इसके लिए राज्य स्तर एवं जिला स्तर से समय सारणी बना कर विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा पढाई करायी जा रही है। साथ ही जिले के सभी विकासखंड में स्कूलों के छात्र-छात्राओं को वाट्सअप ग्रुप के जरिये भी वर्चुअल क्लास ली जा रही है। इस कार्य का सतत मानीटरिंग भी किया जा रहा है। जिसके फलस्वरूप जिले से राज्य शासन एजुकेशन पोर्टल में 56115 बच्चों का पंजीयन कर लिया गया है जो प्राप्त लक्ष्य का 86.40 प्रतिशत है। इसी तरह एजुकेशन पोर्टल में 4478 शिक्षकों एवं 1485 वर्चुअल कक्षाओं का पंजीयन कर लिया गया है।

00 पूर्व में यह परीक्षा 31 मई को होना था
00 विकासखण्ड मुख्यालयों में बनाया गया है परीक्षा केन्द्र
जगदलपुर (छत्तीसगढ़)। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय करपावंड, बेसोली, तोकापाल जिला-बस्तर में कक्षा 6वीं के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन तिथि को संशोधित करते हुए 11 जून 2020 किया गया। पूर्व में यह प्रवेश परीक्षा 31 मई को होना था। प्रवेश परीक्षा के लिए सभी विकासखण्ड मुख्यालयों में किया जाएगा। प्रवेश परीक्षा के आवेदन पत्र के परीक्षण उपरांत परीक्षा हेतु पात्र अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र (हाॅल टिकिट) जिले के सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से 09 जून से 10 जून 2020 के बीच प्राप्त कर सकते हैं। इन तिथियों में भी प्रवेश पत्र नहीं मिल पाने की स्थिति में 11 जून 2020 को परीक्षा प्रारंभ होने के 01 घंटे पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंच कर आवेदन पत्र की पावती तथा परीक्षार्थी की एक रंगीन फोटो के माध्यम से प्रवेश पत्र प्राप्त कर सकेंगे। परीक्षा तिथि 11 जून को प्रातः 10.30 से 12.30 बजे तक जिले के सभी विकासखण्ड मुख्यालय में परीक्षा केन्द्र स्थापित किया गया।
00 परीक्षा केन्द्र :
विकासखण्ड बकावंड में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय करपावंड, विकासखण्ड बस्तर में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बस्तर, विकासखण्ड बास्तानार में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किलेपाल, विकासखण्ड तोकापाल में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तोकापाल, विकासखण्ड दरभा में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दरभा, विकासखण्ड लोहण्डीगुड़ा में शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लोहण्डीगुड़ा और विकासखण्ड जगदलपुर में बाल बिहार उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जगदलपुर में आयोजित किए जाएंगे।
प्रवेश परीक्षा के संबंध में अधिक जानकारी हेतु विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों एवं सहायक आयुक्त, कार्यालय जगदलपुर से सम्पर्क कर सकते हैं। प्रवेश परीक्षा संचालन के दौरान कोविड-19 के संक्रमण से बचाव हेतु शासन द्वारा जारी समस्त दिशा -निर्देशों का पालन करना सुनिश्चित करते हुए परीक्षार्थियों द्वारा निर्धारित सोशल डिस्टेसिंग का पालन किया जाएगा। सभी परीक्षार्थी स्वयं मास्क, साफ कपड़ा, रूमाल से अपना मुंह अनिवार्य रूप से ढंककर या बांधकर आएं और परीक्षा केन्द्र में प्रवेश करने के पूर्व परीक्षार्थी स्वयं को सेनेटाइज करके ही प्रवेश करें।