
जशपुरनगर (शोर सन्देश)। कलेक्टर कावरे के दिशा-निर्देश में जिले में संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2020-21 में कक्षा 9वीं में प्रवेश केलिए परीक्षा का आयोजन 05 नवम्बर को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक जिला मुख्यालय के शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जशपुर नगर में आयोजित किया जाएगा। कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए प्रवेश पत्र 2 नवम्बर से संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। प्रवेश पत्र प्राप्त नहीं होने की स्थिति में परीक्षा केन्द्र में 01 घण्टा पूर्व प्रवेश पत्र प्राप्त कर सकते हैं। इस हेतु परीक्षार्थी को पासपोर्ट साईज का फोटोग्राफ और आधार कार्ड साथ लाना आवश्यक होगा। परीक्षाथिर्यों को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश के पूर्व हाथ साबुन से साफ करना या सेनेटाईज करना होगा। परीक्षा केन्द्र में विद्याथिर्यों को मास्क लगाना सहित अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2019 आगामी 5 से 8 नवम्बर तक दो पालियों में रायपुर के 36 परीक्षा केन्दों में आयोजित होगी। प्रथम पाली सुबह 10 से 12 बजे तक एवं द्वितीय पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। परीक्षा के सुचारू संचालन व्यवस्था हेतु श्रीमती पूनम शर्मा, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी परीक्षा शाखा रायपुर को नोडल अधिकारी बनाया गया हैं।

00 29-30 अक्टूबर को फोन करके करा सकते हैं रिकॉर्डिंग
बिलासपुर (शोर सन्देश)। लोकवाणी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लोकवाणी में इस बार बालक-बालिकाओं की पढ़ाई, खेलकूद, भविष्य आदि विषय पर प्रदेशवासियों से बात करेंगे। इस संबंध में 16 वर्ष से कम आयु के बालक-बालिकाएं आकाशवाणी रायपुर के दूरभाष नंबर 0771-2430501, 2430502, 2430503 पर 29 एवं 30 अक्टूबर को अपरान्ह 3 से 4 बजे के बीच फोन करके अपने सवाल रिकॉर्ड करा सकते हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मासिक रेडियो वार्ता लोकवाणी की 12वीं कड़ी का प्रसारण 8 नवंबर को होगा। लोकवाणी का प्रसारण छत्तीसगढ़ स्थित आकाशवाणी के सभी केंद्रों, एफएम रेडियो और क्षेत्रीय समाचार चैनलों से सुबह 10.30 से 11 बजे तक होगा।

00 छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड ने 19 हजार से अधिक लोगों को जोड़ा रोजगार से
रायपुर (शोर सन्देश)। राज्य शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रुद्रकुमार के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड स्वरोजगार का पर्याय बना है। मंत्री गुरु रुद्रकुमार ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में एक ओर जहाँ विश्व की अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है, वहीं छत्तीसगढ़ राज्य में आर्थिक ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई है। कोरोना संक्रमण जैसे संकट की घड़ी में भी छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग लोगों को रोजगार दिलाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में अपनी सहभागिता निभाई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड ने बीते दो सालों में 19 हजार 26 लोगों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा गया है। ग्रामोद्योग संचालक सुधाकर खलखो ने बताया कि छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम अंतर्गत बीते पौने दो सालों में 1479 स्व-रोजगार इकाई स्थापित कर 11,832 लोगों को रोजगार दिया गया है। इसी अवधि में मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम अंतर्गत 1069 इकाईयां स्थापित की गई जिसके जरिए 7194 लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि कारीगर प्रशिक्षण कार्यक्रम अंतर्गत खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा अब तक 437 युवक-युवतियों को बुनाई का प्रशिक्षण दिया गया है। श्री खलखो ने बताया कि खादी उत्पादन केंद्र द्वारा अब तक 7 करोड़ 84 हजार रुपए का खादी वस्त्रों का उत्पादन कर 1684 कत्तिन-बुनकरों को रोजगार दिया गया है। खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड से जुड़कर जहां ग्रामीणों को स्वरोजगार मिल रहा है वही उनकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हो रही है।

रायपुर (शोर सन्देश)। अनलॉक 5 में केंद्र सरकार ने राज्यों को स्कूल खोलने और बंद करने का अधिकार दिया है। केंद्र की दिशा निर्देश के अनुसार प्रदेश सरकार ने आज स्पष्ट किया कि 15 अक्टूबर से स्कूल नहीं खुलेंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि सभी स्कूल प्रमुखों और अभिभावकों से सहमति लेने के बाद ही तय होगा कि स्कूल खोला जाए या नहीं। वहीं स्कूल खोलने के बाद भी ऑनलाइन क्लासेस चलती रहेगी। ज्ञात हो कि कोरोना के बीच अनलॉक-5 के तहत शिक्षा मंत्रालय ने 15 अक्टूबर के बाद स्कूल, कोचिंग संस्थान खोलने को लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस आदेश में राज्यों को अधिकार दिए हैं कि वे अपने स्तर पर चर्चा कर स्कूल को खुलने का आदेश दे सकते हैं। फिलहाल प्रदेश में अभी स्कूल बंद रहेंगे।

नारायणपुर (शोर सन्देश)। जिले में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने पढ़ई तुंहर दुआर के तहत संचालित किए जा रहे बासिंग, कुरुषनार, बोरण्ड, डूमरतराई और शांति नगर में मोहल्ला क्लास का जायजा लियाा। प्रमुख सचिव डॉ आलोक शुक्ला सर्वप्रथम दूरस्थ वनांचल क्षेत्र बासिंग पहुँचे। जहां उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के लिए बनाए गए लर्निंग गन और ज्ञान का टेलीविजन नवाचार शिक्षा पद्धति की सराहना की। बच्चों से मोहल्ला क्लासों में कराई जा रही पढ़ाई की जानकारी ली, बच्चों से विभिन्न शैक्षिक और सहशैक्षिक बिंदुओं पर मनोरंजक और ज्ञानवर्धक सवाल पूछे। बच्चों ने पूछे गए सवालों का उत्साहपूर्वक जवाब दिया। ग्राम बोरण्ड में संचालित मोहल्ला क्लास के बच्चों ने प्रमुख सचिव को गोण्डी भाषा में गीत सुनाया। डॉ शुक्ला ने बच्चों को बेहतर तरीके से शिक्षण कार्य करने के लिए मोहल्ला क्लास का संचालन कर रहे सभी शिक्षको को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों का भी उत्साहवर्धन किया। डॉ शुक्ना ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि यहां के बच्चे प्रतिभाशाली है। इनकी प्रतिभा को निखारें और योग्य बनाये। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने बच्चों की शिक्षा और उनके ज्ञानवर्धन के लिए कई नए विकल्प तलाश कर प्रयास कर रही है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ राहुल देव, जिला शिक्षा अधिकारी जीआर मंडावी के अलावा जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

00 निजी स्कूलों ने लगातार बच्चों को दिया मानसिक तनाव
राजनांदगांव (शोर सन्देश)। जिला कार्यालय राजनांदगांव के सामने सोमवार को भूख हड़ताल रखी गई है। जिसमें समस्त निजी स्कूल में पढऩे वाले बच्चों के पालक एकजुट होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। पालकों ने शुल्क जमा नहीं करने के कारण निजी स्कूलों के स्कूल संचालकों ने बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा से वंचित किया है। जिससे बच्चों के ऊपर मानसिक दुष्प्रभाव पढ़ रहा है। परंतु पिछले कई महीनों से कोविड-19 के चलते हर परिवार की अर्थव्यवस्था डगमगा गई है। जिसके चलते पालक अभी फिश पटाने में सक्षम नहीं है परंतु प्रदेश के निजी स्कूल संचालकों ने एक याचिका दायर करवाई गई थी। शिक्षकों की सैलरी देने को आधार बनाया गया था, जिस आधार पर उच्च न्यायालय बिलासपुर ने सभी निजी स्कूलों को सिर्फ ट्यूशन फीस पालको से लेने के लिए कहां गया था। उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेशानुसार जो ट्यूशन फीस लेने के लिए निजी स्कूल संचालकों को छूट प्रदान की गई थी। परंतु इन निजी स्कूल संचालकों के मनमाने रूप से पूरे वर्ष की फीस पालको को जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। जिससे पालक बहुत ही परेशान होकर छत्तीसगढ़ छात्र पालक संघ, जिला शिक्षा अधिकारी और प्रशासन को अपनी समस्याओं से आपको अवगत भी कराया था, लेकिन प्रशासन ने अभी तक निजी स्कूलों के ऊपर कोई कारर्नवाई नही की। जिससे समस्त पालकों की नजर में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पर से भरोसा उठ गया है। इतना ही नहीं जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने निजी स्कूल संचालकों के ऊपर कार्रवाई ना करके समस्त पालकों को कोविड-19 संक्रमण काल में भी अपने बच्चों के हितों की लड़ाई लडऩे के लिए सड़कों पर उतरने पर मजबूर किया है। अगर 28 सितंबर को प्रशासन किसी भी प्रकार पालकों के ऊपर दबाव बनाया जाता है तो आने वाले समय में यह आंदोलन पूरे प्रदेश स्तर में उग्र रूप से होगा। राजनांदगांव के समस्त निजी स्कूलों के पालक जिले के समस्त निजी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों के पालक जिला कलेक्टर परिसर राजनांदगाँव के सामने फ्लाई ओवर के नीचे, 28 सितंबर को एकदिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल करेंगे। जिससे पालको की एकजुटता और निजी स्कूलों, प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश दर्ज कराएंगे।

रायपुर (शोर सन्देश)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग में 14 हजार 580 पदों पर भर्ती के लिए व्यापम से प्राप्त परीक्षाफल सूची की वैद्यता में एक वर्ष की वृद्धि कर दी है। राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में आज मंत्रालय से आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश में उल्लेख किया गया है लोक शिक्षण संचालनालय ने 9 मार्च 2019 को 14 हजार 580 पदों पर सीधी भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किया गया था। इस विज्ञापन की कण्डिका में यह उल्लेख था कि व्यापम से प्राप्त परीक्षाफल सूची, परीक्षाफल जारी होने के दिनांक से एक वर्ष तक वैद्य होगी। कोरोना महामारी से उत्पन्न स्थिति के कारण वर्तमान में भर्ती की कार्रवाई पूर्ण नहीं हो सकी है, इसलिए विशेष परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा व्यापम से प्राप्त परीक्षाफल की सूची में एक वर्ष की वृद्धि की है।

00 पिछली उपाधि के प्राप्तांकों के आधार पर मिलेगा दाखिला
रायपुर (शोर सन्देश)। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में कृषि, उद्यानिकी और कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालयों में स्नाकोत्तर, पी.एच.डी. पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया 5 सितंबर, से प्रारंभ की जाएगी। कोविड-19 संक्रमण को ध्यान में रखते हुए, इन पाठ्यक्रमों में बिना प्रवेश परीक्षा के पिछली उपाधि के प्राप्तांकों के आधार पर सीधे दाखिला दिया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक और निर्धारित अर्हताप्राप्त विद्यार्थी इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर 5 से 30 सितंबर के मध्य ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन से निर्धारित आरक्षण नियम लागू होंगे।
ज्ञात हो कि कोविड-19 संक्रमण के कारण इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर और पी.एच.डी. पाठ्यक्रमों में प्रवेश इस वर्ष संयुक्त पात्रता परीक्षा का आयोजन नहीं किया जा रहा है। इन पाठ्यक्रमों में पिछली उपाधि के प्राप्तांकों (मेरिट) के आधार पर सीधे प्रवेश दिया जाएगा। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में सस्य विज्ञान (एग्रोनॉमी), कृषि अर्थशास्त्र, कृषि विस्तार (एग्रीकल्चर एक्सटेंशन), कृषि मौसम विज्ञान, कृषि सूक्ष्म जीव विज्ञान, कृषि सांख्यिकी, कीट विज्ञान, आनुवाशिकी और पादप प्रजनन, प्लान्ट मॉलिक्यूलर बायोलॉजी एण्ड बायोटेक्नोलॉजी, पौध रोग विज्ञान, पादप कायिकी, मृदा विज्ञान और कृषि रसायन, वानिकी, पुष्प विज्ञान, भू-दृश्यावली, फल विज्ञान, सब्जी विज्ञान विषयों में एम.एस.सी. और एग्री बिजनेस मैनेजमेन्ट में एम.बी.ए. तथा एग्रीकल्चरल प्रोसेसिंग एण्ड फूड इंजिनियरिंग, फॉर्म मशीनरी एण्ड पावर इंजिनियरिंग और स्वाइल एण्ड वाटर इंजिनियरिंग विषयों में एम.टेक. उपाधि पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा। इन द्विवर्षीय पाठ्यक्रमों में प्रवेश निर्धारित अर्हता संबंधित स्नातक उपाधि (बी.एस.सी. कृषि, बी.एस.सी. उद्यानिकी और बी.टेक. कृषि अभियांत्रिकी, 10$2$4 सिस्टम) में न्यूनतम 6.00 ओ.जी.पी.ए. निर्धारित की गई है। इसी प्रकार उपरोक्त विषयों में पी.एच.डी. पाठ्यक्रम में प्रवेश स्नातकोत्तर उपाधि में न्यूनतम 3.00/4.00 या 6.50/10.00 ओ.जी.पी.ए और 65 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है। इन पाठ्यक्रमों के प्रवेश के लिए छत्तीसगढ़ के मूलनिवासी ही आवेदन कर सकते हैं। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से स्नातक स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए मूलनिवास प्रमाण पत्र की बाध्यता नहीं होगी। पी.एच.डी. पाठ्यक्रम में सेवाकालीन विद्यार्थियों के लिए मूलनिवास प्रमाण पत्र की बाध्यता नहीं होगी। शैक्षणिक सत्र 2020-21 से पी.एच.डी. पाठ्यक्रम में सेल्फ फायनेन्स सीट्स श्रेणी के अंतर्गत भी प्रवेश दिया जाएगा। इस श्रेणी के तहत कृषि महाविद्यालय, रायपुर में कृषि, उद्यानिकी और कृषि अभियांत्रिक संकायों में मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। इस श्रेणी में प्रवेश के लिए आरक्षण लागू नहीं होगा।

00 बरसते पानी में छात्रों के लिये कांग्रेस ने दिया धरना गांधीमूर्ति के सामने
00 राजधानी रायपुर सहित सभी जिला मुख्यालयों में हुआ प्रदर्शन
रायपुर (शोर सन्देश)। सत्ता के मद और अंहकार में डूबी मोदी सरकार द्वारा करोना महामारी के बावजूद जेईई और एनईईटी परीक्षा आयोजित कर लाखों का जीवन खतरे में डालने के खिलाफ कांग्रेस का राजधानी रायपुर में धरना और प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में धरना दिया गया। बरसते पानी में कांग्रेसजनों ने जमकर नारेबाजी की और मोदी सरकार के छात्र विरोधी रवैये के खिलाफ प्रदर्शन किया। बिहार और असम में बाढ़ के बावजूद घोर लापरवाही और छात्रों की मांग की अनदेखी के खिलाफ कांग्रेसजनों ने मोदी सरकार से मांग की है कि वे अपनी घमंड से बाहर आकर छात्रहित में इन परीक्षाओं को स्थगित करने की छात्रों की मांगों की सुनवाई करें। लाखों छात्रों के जीवन से करोना महामारी के समय खिलवाड़ न करें और एनईईटी, जेईई की परीक्षा तत्काल स्थगित की जाये। कांग्रेस ने छात्रों की मांगों के समर्थन में पूरे देश में और छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित सभी जिला मुख्यालयों में धरना दिया। आज के धरना प्रदर्शन में पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष और कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी, रायपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष उधो राम वर्मा, ब्लाक अध्यक्ष सहदेव व्यवहार, रायपुर ब्लाक अध्यक्ष सुमीत दास, जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष मोहन लाल वर्मा, ब्लाक अध्यक्ष माधव साहू, बिरगांव ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष नंद लाल देवांगन, तिल्दा ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष देवेन्द्र वर्मा, तिल्दा शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील सोनी, झुग्गी झोपड़ी के प्रदेश उपाध्यक्ष सय्यैद असरफ, अभनपुर ब्लाक कांग्रेस कमेटी महामंत्री फतीश साहू, ब्लाक अध्यक्ष टिकेन्द्र बघेल, शब्बीर खान, रमेश्वर विश्वकर्मा, ब्लाक अध्यक्ष देवकुमार साहू, अभिषेक अवधिया, पार्षद ऋषि बारले, मुरली साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।