
कोरबा (शोर सन्देश)। प्रयास आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए चयन परीक्षा उपरांत जिले के 34 बालक व 32 बालिका का चयन हुआ है। चयनित विद्यार्थियों से च्वाइस फिलिंग फाॅर्म भरवाकर प्रमाण पत्रों, जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र सहित आठवीं की अंकसूची तथा फोटो को संलग्न कर वर्गवार सूची तैयार किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों से च्वाइस फिलिंग फाॅर्म, सहमति पत्रक व घोषणा पत्र भरवाने का कार्य प्रयास आवासीय विद्यालय स्याहीमुड़ी कोरबा 11 जनवरी से 14 जनवरी सुबह साढ़े दस से शाम साढ़े पांच बजे तक किया जाएगा। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा एस. के. वाहने ने बताया कि चयनित विद्यार्थियों की सूची कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, प्रयास आवासीय विद्यालय स्याहीमुड़ी एवं समस्त विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के सूचना पटल पर देखा जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए जिला के वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डाॅट कोरबा डाॅट जीओवी डाॅट इन का अवलोकन किया जा सकता है।

00 अशासकीय विद्यालय फीस अधिनियम पर आधारित उन्मुखीकरण कार्यक्रम में कलेक्टर ने दी सीख
धमतरी (शोर सन्देश)। सूचना का अधिकार अधिनियम एवं छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन अधिनियम-2020 के संबंध में आयोजित उन्मुखीकरण कार्यक्रम सह कार्यशाला में कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने निजी स्कूल प्रबंधन एवं संचालकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि किसी समाज को वास्तविक दशा और दिशा शिक्षा से ही मिल सकती है। स्कूल प्रबंधन इस बात पर विशेष ध्यान दें कि शिक्षा में गुणवत्ता लाने के साथ-साथ वह शिक्षा को लाभ देने वाली व्यावसायिक संस्थान न समझें, बल्कि सभी बच्चों में हरहाल में समानता बनाए रखें। स्थानीय विंध्यवासिनी वार्ड के सामुदायिक भवन में आयोजित कार्यक्रम की द्वितीय पाली में निजी शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को ‘नो प्रोफिट, नो लाॅस‘ की नीति के साथ संचालित करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा कल्याणकारी नीति के तहत अनुमति दी जाती है, ताकि बच्चे अपना भविष्य बेहतर ढंग से संवार सकें। इसलिए वे अपने दिमाग से यह बात निकाल लें कि वे व्यावसायिक लक्ष्य लेकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि शुल्क के तौर पर जो राशि पालकों से ली जाती है, उसका अधिकांश हिस्सा बच्चों की शिक्षा-दीक्षा और मानसिक विकास पर ही खर्च करना चाहिए। वहीं स्कूल प्रबंधन के साथ-साथ पालकों को भी यह बात अच्छी तरह से समझ लेनी चाहिए कि अंकों से विद्यार्थी की योग्यता को नहीं आंका जा सकता। यह आवश्यक नहीं कि बेहतर अंक अर्जित करने वाले छात्र ही कामयाब इंसान बने। इसलिए बच्चे के मानसिक स्तर का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण कर उसके हुनर को अंजाम देने का यथासंभव प्रयास करें। कलेक्टर ने बताया कि जिला स्तर पर गठित फीस समिति प्रशासन और निजी स्कूलों के मध्य समन्वय स्थापित कर समय-समय पर शुल्क का आॅडिट भी करेगी, जिसके लिए स्कूल प्रबंधन को आवश्यक सहयोग करना होगा। इसके पहले, जिला शिक्षा अधिकारी रजनी नेल्सन ने छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन अधिनियम-2020 के तहत विभिन्न प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए समिति के अधिकारों एवं कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उक्त समिति का कार्यकाल दो साल का होगा, जिसके अध्यक्ष कलेक्टर होंगे व पांच नामांकित सदस्य होंगे। समिति के सदस्य सचिव जिला शिक्षा अधिकारी होंगे। उन्होंने बताया कि जिले में 216 अशासकीय विद्यालय हैं जिसमें 81 प्राथमिक, 71 माध्यमिक, 18 हाई स्कूल तथा 46 हायर सेकण्डरी स्कूल शामिल हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने यह भी बताया कि उक्त अधिनियम की धारा-3 के तहत गठित समिति विद्यालय की वर्तमान फीस में अधिकतम 8 प्रतिशत तक की वृद्धि का अनुमोदन कर सकेगी। विद्यालय प्रबंधन समिति के सभी सदस्य, वैयक्तिक तथा संयुक्त रूप से इस अधिनियम के प्रावधानों का पालन करने के लिए जिम्मेदार होंगे। यदि विद्यालय प्रबंधन समिति अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करती है तथा सक्षम न्यायालय में दोषसिद्ध होने पर प्रथम उल्लंघन के लिए 50 हजार रूपए एवं उसके बाद भी नियमों का उल्लंघन किए जाने पर एक लाख रूपए या इसके समकक्ष जुर्माने का प्रावधान किया गया है। उन्मुखीकरण कार्यक्रम सह कार्यशाला में जिला फीस समिति के सदस्य, अशासकीय विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य सहित पालकगण उपस्थित रहे।

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ प्रदेश में ‘पढ़ई तुहार दुआर‘ कार्यक्रम के अंतर्गत कोरोनाकाल में बच्चों को ऑनलाइन या ऑफलाइन शिक्षा उपलब्ध करायी जा रही है। बिलासपुर जिले के विकासखण्ड कोटा की तहसील रतनपुर के जमुनाही तिलकडीह प्राथमिक शाला के कक्षा 5वीं के छात्र विमल ने स्टोरीविवर के वेबसाइट में 10 कहानियों का स्थानीय भाषा छत्तीसगढ़ी भाषा में अनुवाद कर एक नई शुरूआत की। कहते हैं, “पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती” यह अपने आप में नई मिसाल है। कोरोना के कारण देश और प्रदेश में स्कूल बंद है, ऐसी स्थिति में बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग में ‘पढ़ई तुंहर दुआर‘ कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए विभिन्न प्रकार के कारगर उपाय किए गए। इसका लाभ सभी विद्यार्थियों को मिल रहा है।
विमल की उम्र अभी 10 वर्ष है। उसने हाल ही में अपने बड़े पिता बलदाऊ सिंह श्याम को लैपटॉप में काम करते देख प्रेरित हो स्वयं कहानी लिखने की ठानी। विमल ने पक्के इरादे के साथ स्टोरीविवर की वेबसाइट पर उपलब्ध कहानियों में 10 हिंदी भाषा की कहानी को स्थानीय छत्तीसगढ़ी भाषा मे अनुवाद किया। वर्तमान में छात्र मोबाइल सहित कम्प्यूटर लैपटॉप में काम करने में बिना किसी प्रशिक्षण के काफी जानकारी रखने लगा है। ऑनलाइन से सम्बंधित पढ़ई तुंहर दुआर के तहत चलने वाले ऑनलाइन क्लास में भी विमल नियमित रूप से शामिल होकर पढ़ाई करता है। विमल ने स्टोरीविवर सहित ऑग्मेंटेड रियलिटी वीडियो बनाने का भी काम कर रहा है। वह लगातार ऑनलाइन सहित ऑफलाइन क्लास का लाभ लेते हुए अपनी पढ़ाई को जारी रखा हुआ है।
ग्रामीण अंचल के छात्र विमल सिंह गोंड जो माता-पिता की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अपने बड़े पिता बलदाऊ सिंह श्याम के पास रहकर अपनी पढ़ाई-लिखाई सतत रूप कर रहा है। छात्र के पिता छोटे कृषक है। आर्थिक स्थिति ठीक नही होने के कारण छात्र बड़े पिता बलदाऊ सिंह के पास रहकर पढ़ाई कर रहा है, बलदाऊ सिंह द्वारा भी पढ़ाई में कभी आर्थिक स्थिति कारण न बने इसका ध्यान रखते हुए विमल को आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराते हैं। छात्र विमल इस कोरोनाकाल में अपने बड़े पिता के साथ रहकर सभी ऑनलाइन तकनीकी जानकारी भी रखने लगा है। ऑफलाइन क्लास के रूप में संचालित मोहल्ला क्लास में अपने साथ पढ़ने वाले बच्चों को लगातार क्लास में आने और पढ़ाई निरंतर जारी रखने के लिए प्रेरित करता है।

जशपुरनगर (शोर सन्देश)। कलेक्टर ने आज अपने कक्ष में शिक्षा विभाग, राजीवगांधी शिक्षा मिशन, संकल्प, अंगे्रजी माध्यम स्कूल के प्राचार्यां की बैठक ली। कलेक्टर महादेव कावरे ने जिले में सभी विकासखंण्डों व नगर मुख्यालय स्तर पर प्रस्तावित स्वामी आत्मांनंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के अधोसंरचना के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने आरईएस विभाग को सभी चिन्हांकित स्कूलों में विद्यार्थियों के पढ़ाई के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्कूलों का सुदृढ़ीकरण करने के लिए कहा है। साथ ही स्कूल में बच्चों के लिए लाईब्रेरी, प्रयोगशाला, क्लासरूम, बालक-बालिकाओं के लिए पृथक-पृथक शौचालय, बच्चों और स्टाप के बैठने के लिए फर्नीचर, सायकल स्टैण्ड, इण्डोर, आउटडोर आदि निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में कार्य को प्रारंभ किया जाना अनिवार्य है। ताकि स्कूल खुलने के लिए पूर्व अंगे्रेजी माध्यम स्कूल में सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। कलेक्टर ने बताया कि जिले के सभी विकासखंडों में 10 स्वामी आत्मांनंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय का चिन्हांकन किया गया है। इनमें उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुनकुरी, कोतबा, सन्ना, कांसाबेल, पतराटोली दुलदुला, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक पत्थलगांव एवं बगीचा, शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय मनोरा, शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम हाईस्कूल फरसाबहार एवं संकल्प शिक्षण संस्थान जशपुर शामिल है।

रायगढ़ (शोर सन्देश)। उत्कृष्टता अपना स्थान स्वयं बना लेती है। इसी बात को प्रमाणित किया है प्राथमिक शाला तूरेकेला की शिक्षिका ललिता चंद्रा ने। ललिता चंद्रा ने मुख्यमंत्री के हाथों शिक्षादूत पुरस्कार प्राप्त कर खरसिया विकासखंड को जिले भर में गौरवान्वित किया है। बीआरसीसी प्रदीप साहू ने बताया कि चंद्रा मैम के कबाड़ से जुगाड़ कार्यक्रम में विशिष्ट शिक्षण सामग्री निर्माण किया गया है। शैक्षिक सामग्री का प्रयोग विद्यार्थियों के अध्यापन के लिए करते हुए शिक्षा में नवाचार को प्रोत्साहन देकर ललिता चन्द्रा ने समझ को सहज और सरल बनाया। वहीं पिछले वर्ष ब्लॉक और जिले स्तर पर एग्जीबिशन का हिस्सा बनी थीं। इनके वीडियोज ने काफी सराहना बटोरीं हैं। इन्हीं उत्कृष्ट कार्यों को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 2 जनवरी रायगढ़ प्रवास के दौरान सराहा, वहीं शिक्षादूत प्रशस्तिपत्र और 5 हजार रुपए का पुरस्कार प्रदान किया।
पूरे विकासखंड को गौरवान्वित करने वाली ललिता चंद्रा को बीआरसीसी प्रदीप साहू, संकुल समन्वयक रामचरण सिदार, प्रधानपाठक हुलसराम बंजारे, सहायक शिक्षक राजेन्द्र कुमार और अनिल भारद्वाज सहित अनेक लोगों ने बधाई दी है।

00 10 वीं के 4 व 12 वीं के 1 विद्यार्थी प्रावीण्य सूची में बनाया स्थान
जशपुरनगर (शोर सन्देश। कलेक्टर ने अपने कक्ष में संकल्प शिक्षण संस्थान के प्रगति प्रतिवेदन के संबंध में बैठक लेकर विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा की और कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उन्होंने वर्ष 2019-20 में प्राप्त आबंटन, किए गए खर्चे की जानकारी, स्कूल के परीक्षा परिणाम के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि 10 वीं, 12वीं के बच्चों को संकल्प संस्था में मार्गदर्शन देने के संबंध में विद्यार्थियों के पालकों से लिखित अनुमति लेकर ही संस्था बुलाए। यदि बच्चों के पालकों की लिखित अनुमति नहीं है तो उन्हें संस्था नहीं बुलाने कहा गया। मार्गदर्शन देने के दौरान कोरोना संक्रमण के सभी नियमों और मापदण्डों का पालन करने के लिए भी कहा गया है। साथ ही संकल्प संस्था परिसर में सायकल स्टैण्ड बनाने के लिए प्रस्ताव बनाकर देने के निर्देश दिए है। संस्था के प्राचार्य विनोद गुप्ता ने बताया कि प्रथम एजेंडा के रूप में संस्थान के वित्तिय वर्ष 2020-21 में हुए व्यय का विवरण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान का गत वर्ष का बोर्ड परीक्षा परिणाम और प्रतियोगी परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट रहा था। जिसमें 4 बच्चे 10 वीं की प्रावीय सूची में और 1 विद्यार्थी 12 वीं बोर्ड परीक्षा के प्रावीय सूची में स्थान प्राप्त किए थे। इसी प्रकार इस वर्ष जे.ई.ई. मेन्स परीक्षा के आधार पर 8 विद्यार्थी राष्ट्रीय प्रौद्यौगिक संस्थान में प्रवेष पाने में सफल रहे हैं। समिति ने संकल्प शिक्षा संस्थान की गतवर्ष की उपलब्धि पर संतोष व्यक्त किया गया। इसके अलावा स्टॉप क्वार्टर के लिए टॉयलेट निर्माण कराए जाने संबंध में निर्णय लिया गया। एजेंडा के अंतिम बिन्दु पर चर्चा पश्चात शिक्षा संस्थान के कोंचिग षिक्षकों का मानदेय 10 प्रतिशत् वृद्धि करने पर सहमति हुई। इस बैठक में डिप्टी कलेक्टर और आदिमजाति विभाग सहायक आयुक्त आकांक्षा त्रिपाठी थी।

अम्बिकापुर (शोर सन्देश)। कलेक्टर झा की अध्यक्षता में आज यहां शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अम्बिकापुर में हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी बोर्ड परीक्षा की तैयारी के संबंध में समस्त प्राचार्यों की बैठक दो पाली में की गई। प्रथम पाली में विकासखंड उदयपुर, मैनपाट, सीतापुर और बतौली तथा द्वितीय पाली में विकासखंड अम्बिकापुर, लखनपुर और लुण्ड्रा के प्राचार्यों की बैठक ली गई। कलेक्टर ने सभी प्राचार्यों से सभी विषयों के पाठ्यक्रम की अध्यापन की जानकारी ली तथा जिन विषयों के पाठ्यक्रम पूर्ण नहीं हुआ हैं, उन्हें जनवरी माह के प्रथम सप्ताह तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राचार्यो को प्रेरित करते हुए कहा कि ऑनलाईन कक्षाओं के माध्यम से समस्त बच्चों को परीक्षा की तैयारी कराएं एवं इस सत्र में कोरोना काल के कठिन दौर में भी बोर्ड परीक्षा में शतप्रतिशत परीक्षा परिणाम लाएं। उन्होंने कहा कि सभी विषयों के पाठ्यक्रम पूर्ण होने के पश्चात तत्काल रिविजन का कार्य प्रारंभ करें और मॉडल टेस्ट पेपर तैयार कराकर बच्चों की परीक्षा लें। इस परीक्षा में जो भी बच्चें कमजोर स्तर पाए जाएं उन पर विशेष ध्यान देते हुए उनके अध्यापन कार्य में सहयोग करें साथ ही उनकी शंका का समाधान भी करें। बच्चों को पिछले सत्र के प्रश्न पत्रों का अभ्यास कराएं और जिन बच्चों के पास मोबाईल और डाटा की सुविधा न हो उन बच्चों को मोबाईल उपलब्ध कराने के लिए विकासखंड में व्यक्ति विशेष द्वारा एंड्राइड मोबाईल नहीं किया जा रहा है, उसे एकत्रित बच्चों को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि बच्चों को नियमित रूप से ऑनलाईन होमवर्क दें और अध्यापन से पहले प्रतिदिन उस होमवर्क के सम्बंध में बच्चों से ऑनलाईन चर्चा करें। जिस भी विद्यार्थी को शंका हो तो उसका तत्काल समाधान शिक्षक की ओर से किया जाएं। उन्होंने प्राचार्यों को निर्देशित किया कि प्रतिदिन अपने शिक्षकों से वीडियों कांफ्रेंस के माध्यम से अध्यापन के संबंध में चर्चा करें और एक टीम बनाकर अध्यापन कार्य कराएं। कलेक्टर ने कहा कि राज्य शासन के निर्देशानुसार वर्तमान में कोविड़-19 को देखते हुए ऑनलाईन कक्षा के अतिरिक्त मोहल्ला क्लास और लाउडस्पीकर के माध्यम से कक्षाओं का संचालन जारी रखें। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि वर्तमान सत्र में हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी शासकीय विद्यालयों की संख्या जिले में 161 है जिनमें हाई स्कूल 89 और हायर सेकेण्डरी स्कूलों की संख्या 72 है। सत्र 2020-21 में इन विद्यालयों की कुल दर्ज संख्या 37 हजार 556 इस सत्र में विद्यार्थियों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 1993 वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष हाई स्कूल परीक्षा का प्रतिशत 83.54 तथा हायर सेकेण्डरी परीक्षा का प्रतिशत 78 रहा। वर्तमान सत्र में कक्षा 10वीं में 12 हजार 394 तथा 12वीं में 8 हजार 84 विद्यार्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना है।

रायपुर (शोर सन्देश)। संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, रायपुर द्वारा शिक्षक संवर्ग के विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किया गया था। इस विज्ञापन के संदर्भ में विस्तृत जानकारी vyapam.choice.gov.in पर जारी किये गये थे। अभ्यर्थियों से शिक्षक पद हेतु संभाग/जिले की प्राथमिकता का क्रम आमंत्रित किये गये है। अभ्यर्थी http:www.eduportal.cg.nic.in पर आनलाईन प्राथमिकता भर सकते है। इसमें शिक्षक सभी विषयों के लिए 7 जनवरी तक, सहायक शिक्षक सभी विषयों के लिए 11 जनवरी तक तथा सहायक शिक्षक विज्ञान सभी विषयों के लिए 12 जनवरी तक प्राथमिकता क्रम भर सकते है। इन पदों के लिए अभ्यर्थी आनलाईन च्वाईस सेंटरों, कैफे, इन्टरनेट के माध्यम से प्राथमिकता क्रम भर सकते है। प्राथमिकता क्रम हेतु कोई भी समस्या होने पर अभ्यर्थियों के लिए संभाग के प्रत्येक जिले में सुविधा केन्द्रों का निर्माण किया गया है। रायपुर जिला के लिए ठा.प्यारे लाल शा.हिन्दु उ.मा.वि.रायपुर, धमतरी जिला के लिए शिवसिंह वर्मा शा.कन्या उच्चत्तर माध्यमिक शाला धमतरी, बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के लिए पं.च.शु.शा.बहु.उ.म.वि बलौदाबाजार, गरियाबंद जिले के लिए संयुक्त जिला कार्यालय कक्ष क्रमांक - 88 और महासमुंद जिले के लिए कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी को अभ्यर्थियों के लिए सुविधा केन्द्र बनाया गया है।

00 अब 31 तक कर सकते हैं आवेदन
सुकमा (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हाई स्कूल हायर सेकेण्डरी हायर सेकेण्डरी परीक्षा सत्र 2020-2021 के लिए नियमित परीक्षार्थियों से परीक्षा आवेदन पत्र भरने एवं कक्षा 9 वीं के परीक्षार्थियों के पंजीयन की तिथि बढ़ा दी गई है। कोविड-19 महामारी के कारण अधिकांश छात्र/छात्राएं अपने विद्यालय से बाहर या दूरस्थ क्षेत्रों में निवास कर रहे हैं। जिसके कारण कुछ छात्र पूर्व में निर्धारित तिथि 15 दिसंबर 2020 तक परीक्षा आवेदन जमा नहीं कर सके हैं। छात्रों का हित देखते हुए छत्तीसगढ़ मांशिम द्वारा आवेदन फार्म भरने की अंतिम तिथि में संशोधन करते हुए 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ा दी गई है। जिला शिक्षा अधिकारी जेके प्रसाद ने बताया कि सुकमा जिले में संचालित समस्त शासकीय/अशासकीय मान्यता प्राप्त विद्यालयों को सभी नियमित छात्र/छात्राओं का आवेदन फार्म समय सीमा में भरवाने हेतु निर्देशित किया गया है। इसके साथ ही सुकमा जिला अन्तर्गत अध्ययनरत समस्त पात्र छात्र/छात्राएं अपने विद्यालय के प्राचार्य/परीक्षा प्रभारी से संपर्क कर बोर्ड परीक्षा हेतु आवेदन पत्र 31 दिसंबर 2020 तक भरना सुनिश्चित करें।

धमतरी (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ ने विभिन्न समस्याओं को लेकर सीएमओ और बीईओ से मुलाकात की। नगर पंचायत मगरलोड में पदस्थ शिक्षकों का आज पर्यन्त जून माह का वेतन जमा नहीं हुआ है। जिस संबंध में मगरलोड सीएमओ ने कहा कि आबंटन के लिए उच्च कार्यालय को लिखा गया है। जैसे ही बंटन आयेगा जून माह का वेतन जमा कर दिया जाएगा। इसी प्रकार अभी नवम्बर में संविलियन हुए शिक्षक साथियों के वेतन और विभिन्न समस्याओं को लेकर विकासखण्ड शिक्षाधिकारी एलआर बरिहा से मुलाकात की गई। जिस पर नवम्बर में संविलियन हुए शिक्षक साथियों के वेतन को लेकर बीईओ ने कहा कि बिल बन रहा है। नवम्बर व दिसम्बर दोनों माह का वेतन एक साथ जमा कर दिया जाएगा। सीपीएस पासबुक संधारण, अर्जित, मेडिकल अवकाश के संबंध में कहा कि पेंडिंग का निपटारा अतिशीघ्र कर दिया जाएगा। मुलाकात करने वालों में जिला उपाध्यक्ष डेवेश कुमार साहू, ब्लॉक अध्यक्ष जयंत साहू, कार्यकारी अध्यक्ष आत्मा राम साहू, कोषाध्यक्ष बेदराम साहू, सचिव झुमुक लाल साहू, भोजपाल साहू, लवेश गुप्ता, दुष्यंत साहू, हरीशचंद्र निर्मलकर इत्यादि पदाधिकारी शामिल थे।