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शिक्षा

छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा 1 फरवरी को, व्यापम ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश

19-Jan-2026
जशपुर।  ( शोर संदेश ) व्यापम छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा 20 (T ET26) में अभ्यर्थियों के लिए जारी निर्देशों व्यापक प्रचार प्रसार किया जाना है। आप सभी के सहयोग से व्यापम की विभिन्न परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है। व्यापम द्वारा 20 जिलों में दिनांक 01 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 (TET26) का आयोजन दो पाली में किया जा रहा है। प्रथम पाली (प्राथमिक कक्षाओं में अध्यापन हेतु) में लगभग 1 लाख 19 हजार तथा द्वितीय पाली (माध्यमिक कक्षाओं में अध्यापन हेतु) में लगभग 2 लाख 05 हजार अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। यद्यपि यह परीक्षा 20 जिलों में आयोजित किया जा रहा है तथापि इस परीक्षा में राज्य के सभी 33 जिलों के अभ्यर्थी शामिल हो रहे है। जिलेवार अभ्यर्थियों एवं परीक्षा केन्द्रों की संख्या संलग्न सूची के अनुसार है। सभी जिले अभ्यर्थियों के हित में उनके लिए जारी निम्न निर्देशों का व्यापक प्रचार प्रसार परीक्षार्थी, परीक्षा के एक दिन पूर्व अपने परीक्षा केन्द्र को अनिवार्य रूप से अवलोकन कर लेवें ताकि उन्हें परीक्षा दिवस को कोई असुविधा न हो।
परीक्षार्थी, परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचे ताकि उनका फ्रिस्किंग (थ्तपेापदह) एवं फोटो युक्त मूल पहचान पत्र से सत्यापन किया जा सके।
परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जायेगा। चूंकि प्रथम पाली की परीक्षा प्रातः 9.30 बजे से प्रारंभ हो रहा है अतः मुख्य द्वार प्रातः 9.00 बजे बंद कर दिया जावेगा। द्वितीय पाली की परीक्षा दोपहर 3.00 बजे प्रारंभ हो रहा है इसलिए मुख्य द्वार दोपहर 2.30 बजे बंद कर दिया जावेगा।
हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर परीक्षा देने आये। काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, गैरून, बैगनी रंग व गहरे चॉकलेटी रंग का कपडे पहनना वर्जित होगा।
केवल साधारण स्वेटर (बिना पॉकेट) की अनुमति है। सुरक्षा जांच के समय स्वेटर को उतारकर सुरक्षा कर्मी से जांच कराना होगा। स्वेटर हेतु हल्के रंग एवं आधे बांह का बंधन नहीं होगा।
धार्मिक एवं सांस्कृतिक पोशाक वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र पर सामान्य समय से पहले रिपोर्ट करना होगा, उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरने उपरांत ही ऐसे पोशाक की अनुमति होगी।
फुटवियर के रूप में चप्पल पहनें।
कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है।
परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक पड़ी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है।परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जायेगी तथा अभ्यर्थिता समाप्त की जावेगी। परीक्षार्थी परीक्षा केन्द्र में केवल काले या नीले बॉल पॉइंट लेकर आए ।

 

झोपड़ी से पक्के भवन तक: बकनागुलगुड़ा में शिक्षा का नया सवेरा

18-Jan-2026
रायपुर, ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी नियद नेल्ला नार योजना अंतर्गत शिक्षा के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि जुड़ गई है। बीजापुर जिले के दूरस्थ ग्राम बकनागुलगुड़ा में निर्मित नवीन प्राथमिक शाला भवन का पूजा-अर्चना के साथ भव्य उद्घाटन हो गया। यह क्षण न केवल विद्यालय परिवार, बल्कि संपूर्ण ग्रामवासियों के लिए ऐतिहासिक एवं उल्लासपूर्ण रहा। ग्रामीणों ने नवीन विद्यालय भवन को क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव बताते हुए शासन की इस पहल के प्रति आभार व्यक्त किया।
वर्षों तक झोपड़ी में संचालित यह प्राथमिक विद्यालय अब एक सुसज्जित, सुरक्षित एवं पक्के भवन में संचालित होगा। इससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। बच्चों में शिक्षा के प्रति ललक बढ़ेगी। यह परिवर्तन शासन-प्रशासन द्वारा शिक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दिए जाने का प्रमाण है।
गौरतलब है कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत अंदरूनी एवं दूरस्थ अंचलों में बुनियादी सुविधाओं और अधोसंरचना का तीव्र गति से विस्तार किया जा रहा है। जहां एक ओर ग्रामीणों के आवश्यक दस्तावेज सरलता से बनाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वर्षों से वंचित शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं को धरातल पर साकार किया जा रहा है। बकनागुलगुड़ा के प्राथमिक शाला का यह नवनिर्मित भवन शिक्षा और सामाजिक विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विज्ञान-वाणिज्य शिक्षा को बढ़ावा देने साय सरकार की विशेष पहल

16-Jan-2026
रायपुर, ।  ( शोर संदेश ) प्रदेश में नक्सल प्रभावित जिलों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों में विज्ञान एवं वाणिज्य विषय के प्रति रुचि बढ़ाने एवं शिक्षकों की कमी दूर करने के उद्देश्य से शासन द्वारा विशेष पहल शुरू की गई है।
सरकार द्वारा आर्यभट्ट विज्ञान-वाणिज्य शिक्षण प्रोत्साहन योजना के तहत दुर्ग एवं जगदलपुर में 500-500 सीटर विज्ञान एवं वाणिज्य शिक्षण केंद्र स्थापित किए गए है। जिससे इन विशेष शिक्षण केंद्रो के माध्यम से इन वर्गाे के विद्यार्थियों को विशेष अवसर मिल रहा है। 
आदिम जाति विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2013-14 से शुरू की गई इस योजना के तहत स्नातक स्तर पर गणित एवं विज्ञान विषय हेतु 80-80 सीटें और वाणिज्य विषय हेतु 40 सीटें आरक्षित हैं। स्नातकोत्तर स्तर पर विज्ञान हेतु 80 तथा वाणिज्य हेतु 20 सीटें निर्धारित की गई हैं। बी.एड. कार्यक्रम के लिए कुल 200 सीटें स्वीकृत हैं। 500 स्वीकृत सीटों में 80 प्रतिशत सीट अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं । अधिकारियों ने बताया कि इस योजना में चयनित विद्यार्थियों को शिक्षक पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित की जाने वाली प्री.बी.एड. और टी.ई.टी. परीक्षा हेतु मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन प्रदान किए जाते हैं। वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए 2 करोड़ 40 लाख रूपए का बजट प्रावधान किया गया है।
प्रदेश में अब प्रवेश और चयन के लिए अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों में आर्यभट्ट विज्ञान-वाणिज्य शिक्षण प्रोत्साहन योजना के माध्यम से रुचि और भागीदारी लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023-24 में विज्ञान-वाणिज्य विकास केन्द्र दुर्ग में 452 बालिकाओं ने प्रवेश लिए थे। इसी प्रकार विज्ञान वाणिज्य विकास केन्द्र जगदलपुर में 168 बालकों ने प्रवेश लिया था। इस वर्ष विभिन्न पदों पर चयनित विद्यार्थियों की संख्या 49 रही। 
इसी प्रकार वर्ष 2024-25 में कन्या शिक्षण केन्द्र दुर्ग में प्रवेशित विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 473 और बालक केन्द्र जगदलपुर में 199 हो गई, जबकि विभिन्न पदों पर चयनित विद्यार्थियों की संख्या इस वर्ष 10 रही। वही वर्ष 2025-26 में कन्या शिक्षण केन्द्र दुर्ग में 477 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ, वहीं बालक शिक्षण केन्द्र जगदलपुर में 275 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया।
राज्य शासन की इस पहल से जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों के न केवल विज्ञान और वाणिज्य विषयों में रुचि में वृद्धि हो रही है, बल्कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के योग्य विद्यार्थियों को शिक्षकों के रूप में विशेष अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे उनके करियर और सामाजिक विकास दोनों को मजबूती मिल रही है।

 

विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अंतर-विभागीय कार्ययोजना पर उच्च स्तरीय बैठक

16-Jan-2026
रायपुर, ।  ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के संरक्षण, संवर्धन एवं समग्र कल्याण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गठित राज्य स्तरीय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक रायपुर में आयोजित की गई। यह बैठक लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के संचालक श्री ऋतुराज रघुवंशी की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें विभिन्न शासकीय विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को एक अनिवार्य एवं अभिन्न घटक के रूप में स्थापित करना रहा। इस अवसर पर संचालक श्री रघुवंशी ने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास तभी संभव है, जब वे मानसिक रूप से स्वस्थ, सशक्त एवं तनावमुक्त हों।
बैठक में अंतर-विभागीय समन्वय पर विशेष बल देते हुए श्री रघुवंशी ने निर्देशित किया कि सभी संबंधित विभाग विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को अपनी कार्यसूची में प्राथमिकता दें। प्रत्येक विभाग को अपनी-अपनी विस्तृत एवं विशिष्ट कार्ययोजना तैयार कर उसे तत्काल प्रभाव से धरातल पर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन की मंशा के अनुरूप विभिन्न विभागों की संसाधनों एवं विशेषज्ञता को समन्वित करते हुए एक एकीकृत कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया।
उल्लेखनीय है कि यह राज्य स्तरीय समिति प्रदेश के छात्र-छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से गठित की गई है। समिति विभिन्न विभागों के बीच समन्वयक सेतु के रूप में कार्य करेगी, ताकि विद्यार्थियों को समय पर परामर्श, सहयोगात्मक सहायता एवं एक सकारात्मक, सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।





 

रायपुर में 19 जनवरी से होंगे प्री-बोर्ड एग्जाम

14-Jan-2026
रायपुर (शोर संदेश)। राजधानी रायपुर में प्री-बोर्ड को लेकर लंबे समय से चली आ रही असमंजस की स्थिति को खत्म करते हुए जिला शिक्षा कार्यालय ने प्री-बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। अब जिले में प्री-बोर्ड परीक्षाएं 19 से 24 जनवरी तक होंगी।
दरअसल, माध्यमिक शिक्षा मंडल और लोक शिक्षण संचालनालय के आदेशों के चलते स्कूलों में एक ही दिन में दो परीक्षाएं आयोजित करने की स्थिति बन रही थी। जिससे शिक्षक और विद्यार्थी दोनों परेशान थे। अब प्रैक्टिकल के बाद ही प्री-बोर्ड कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती ने बताया कि 24 जनवरी तक हमने प्री-बोर्ड कम्पलीट कराने के निर्देश दिए हैं। इस बीच एक का वीक जो स्लॉट होगा उसमें हम ओवरऑल रिजल्ट तैयार कर DPI को प्रेषित करेंगे। 30 जनवरी तक हम ये पूरा काम करने वाले हैं।
ऐसे में हमने शिक्षकों को कहा है कि जिस दिन पेपर हो उसी दिन उस सब्जेक्ट के पेपर चेक कर लें। हालांकि, इसके लिए कोई बंधन नहीं है। वो अपनी सहूलियत के हिसाब से कॉपी चेक करने का काम कर सकते हैं। बस ये ध्यान रहे कि सब कुछ तयशुदा सलीके से हो जाए।
जानिए क्यों बनी थी भ्रम की स्थिति?
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने स्कूलों को 1 से 20 जनवरी के बीच प्रायोगिक परीक्षाएं आयोजित कर अंक भेजने के निर्देश दिए थे। वहीं लोक शिक्षण संचालनालय ने 20 जनवरी तक प्री-बोर्ड परीक्षा कराने को कहा था। इससे कई स्कूलों में एक ही दिन दो परीक्षाएं लेने की स्थिति बन गई।
प्रिंसिपल और टीचर्स के लिए बड़ गई थी परेशानी
आदेश जारी होने के बाद स्कूलों में असमंजस का माहौल था। प्रिंसिपल और शिक्षक इस बात को लेकर चिंतित थे कि एक ही दिन दो परीक्षाएं कैसे कराई जाएं। इसके अलावा छात्रों पर अतिरिक्त दबाव भी बन रहा था। इसी बीच जिला शिक्षा कार्यालय ने हस्तक्षेप करते हुए नई तारीखें घोषित कर दीं।
प्रैक्टिकल एग्जाम की वजह से आई थी दिक्कत
नए साल के चलते अधिकांश स्कूलों में प्रैक्टिकल परीक्षा 5 जनवरी से शुरू हुईं हैं। बोर्ड कक्षाओं की प्रायोगिक परीक्षाओं के लिए अन्य स्कूलों से शिक्षक (पर्यवेक्षक) आते हैं। इस वजह से पहले तय समय पर प्री-बोर्ड कराना संभव नहीं हो पा रहा था।

राष्ट्रीय मंच पर चमका सुकमा: तीन खिलाड़ियों ने जीते स्वर्ण पदक

13-Jan-2026
रायपुर,  ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लागू मुख्यमंत्री शिक्षा एवं खेल प्रोत्साहन नीति के सकारात्मक परिणाम अब सुदूर वनांचल क्षेत्रों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। इसी कड़ी में हरिद्वार (उत्तराखंड) में आयोजित डीएवी राष्ट्रीय खेल आयोजन-2025 में सुकमा जिले के तीन होनहार खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
6 से 8 जनवरी तक आयोजित इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल मुरतोंडा (सुकमा) के कक्षा सातवीं के छात्र शुभम जामी, सौरभ मरावी एवं फिरोज ने छत्तीसगढ़ जोन की अंडर-14 कबड्डी टीम का प्रतिनिधित्व किया। फाइनल मुकाबलों में शानदार खेल कौशल और टीम भावना का परिचय देते हुए छत्तीसगढ़ जोन की टीम ने देश के अन्य जोनों को पराजित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस सफलता के बाद सोमवार को विद्यालय परिसर में विजयी खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया गया। विद्यालय के प्राचार्य अनिरुद्ध मिश्रा ने खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक पहनाकर सम्मानित किया और इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद जिले के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा सिद्ध की है। इस अवसर पर टीम के कोच एवं शारीरिक शिक्षा शिक्षक राकेश कुमार तथा कक्षा शिक्षक बलराम देवांगन का भी विशेष सम्मान किया गया।
 

स्कूल नेशनल गेम्स: छत्तीसगढ़ के तीरंदाजों ने रांची में जीते 8 पदक

12-Jan-2026
रायपुर। ( शोर संदेश ) झारखंड की राजधानी रांची में 7 से 10 जनवरी 2026 तक आयोजित 69वीं स्कूल नेशनल गेम्स (अंडर-17) तीरंदाजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 8 पदक अपने नाम किए। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ छत्तीसगढ़ ने रिकर्व वर्ग में पहली बार पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ प्रदेश से 24 खिलाड़ी, 4 कोच व मैनेजर सहित कुल 28 सदस्यीय तीरंदाजी दल ने भाग लिया। इसमें
इंडियन राउंड – 8 खिलाड़ी
कंपाउंड – 8 खिलाड़ी
रिकर्व – 8 खिलाड़ी शामिल थे।
बालक वर्ग में पदकों की झड़ी
छत्तीसगढ़ तीरंदाजी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाश मुरारका ने जानकारी देते हुए बताया कि— तोरण यादव ने 30 मीटर स्पर्धा में 360 में से 348 अंक प्राप्त कर रजत पदक जीता। विक्रम राज ने 20 मीटर स्पर्धा में 360 में से 343 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। ओवरऑल बॉयज वर्ग में छत्तीसगढ़ टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। टीम बॉयज इवेंट में तोरण यादव, विक्रम राज, प्रियांशु मरकाम और कमलेश साहू की टीम ने रजत पदक जीता।
बालिका व मिक्स टीम में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन
बालिका वर्ग में—
5. स्वाती यादव (शिवतराई) ने 30 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक प्राप्त किया।
6. स्वाती यादव ने ओवरऑल बालिका वर्ग में भी पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया।
7. मिक्स टीम इवेंट में स्वाती यादव और विक्रम राज की जोड़ी ने कांस्य पदक जीता।
8. रिकर्व मिक्स टीम इवेंट में तरुण जांगड़े और फलक यादव की जोड़ी ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
इस शानदार उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाश मुरारका, अमिताभ दुबे, आयुष मुरारका, संघ के प्रदेश पदाधिकारी, कोच, मैनेजर, सांसद-विधायकों सहित सभी खेल प्रेमियों ने विजेता खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
 

 


प्रदेश में अब ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीके भी सीखेंगे शिक्षक

06-Jan-2026
रायपुर (शोर संदेश)। प्रदेश के शिक्षकों को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग के साथ-साथ साइबर ठगी से बचाव के तरीके भी सिखाए जाएंगे। इसके लिए सभी शिक्षकों को 50 घंटे का अनिवार्य ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों के लिए समान रूप से लागू होगा।
नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत इसे सतत व्यावसायिक विकास (सीपीडी) कार्यक्रम में शामिल किया गया है। प्रशिक्षण दीक्षा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन होगा और इसके आगामी परीक्षाओं के बाद शुरू होने की संभावना है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा इसकी कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
बदले हुए पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षकों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना इसका मुख्य उद्देश्य है। हर मॉड्यूल के अंत में प्रश्नोत्तर होंगे। कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने और अंतिम परीक्षा उत्तीर्ण करने पर डिजिटल सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
ये सिखाया जाएगा: डिजिटल कौशल और टेक्नो-पेडागाजी, डिजिटल वेलनेस और मीडिया लिटरेसी, वित्तीय सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी, साइबर ठगी से बचाव के उपाय, रोबोटिक्स, ड्रोन और एआई की बुनियादी समझ।
 
साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर
लैपटॉप, डेस्कटाप और मोबाइल की सुरक्षा कैसे करें।
मजबूत पासवर्ड कैसे बनाएं।
फर्जी काल और संदेशों की पहचान कैसे करें।
एंटीवायरस और सिस्टम सिक्योरिटी का सही उपयोग कैसे हो।
डिजिलॉकर और डिजिटल सिटीजनशिप का प्रभावी इस्तेमाल कैसे किया जाए।

बच्चों को यह सिखाया जाएगा

अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
इंटरनेट मीडिया और इंटरनेट का संतुलित उपयोग करें।
अत्यधिक स्क्रीन टाइम से होने वाले मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद से कैसे बचें।
पहले शिक्षक तकनीकी रूप से प्रशिक्षित होंगे, फिर वही ज्ञान वे स्कूली बच्चों तक पहुंचाएंगे।

प्रशिक्षण की प्रमुख बातें:
50 घंटे का अनिवार्य ऑनलाइन प्रशिक्षण
सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों के शिक्षक शामिल
दीक्षा पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण
साइबर ठगी, एआई और डिजिटल सुरक्षा पर फोकस
परीक्षा के बाद डिजिटल सर्टिफिकेट

कक्षा छठी से एआई पढ़ाने की तैयारी
एससीईआरटी स्कूली पाठ्यक्रम में एआई को शामिल करने की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है। प्रस्ताव है कि कक्षा छठी से एआई आधारित विषय शुरू किए जाएं। इसके लिए पाठ्य सामग्री तैयार करने को लेकर पहले ही बैठक हो चुकी है। इस पहल का उद्देश्य केवल शिक्षकों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भी डिजिटल सुरक्षा और एआई के सही उपयोग के प्रति जागरूक करना है।

राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत 200 विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण शुरू

05-Jan-2026
रायपुर,।  ( शोर संदेश ) राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत जिले के प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित शैक्षणिक भ्रमण को कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह भ्रमण कलेक्टर एस. जयवर्धन के मार्गदर्शन में समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है।
इस अभियान के तहत सूरजपुर जिले के लगभग 200 छात्र-छात्राओं को सरगुजा संभाग के प्रमुख शैक्षणिक एवं तकनीकी संस्थानों इंदिरा गांधी कृषि अनुसंधान केंद्र, आकाशवाणी केंद्र, दरिमा हवाई पट्टी, ठिनठिनी पत्थर तथा संजय पार्क का भ्रमण कराया जा रहा है। छात्र-छात्राएं महिला एवं पुरुष गाइड शिक्षकों के नेतृत्व में इन संस्थानों का अवलोकन कर आधुनिक कृषि तकनीक, रेडियो प्रसारण प्रणाली तथा हवाई यातायात संचालन से संबंधित व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त करेंगे।
इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों में जिज्ञासा, नवाचार और व्यावहारिक दृष्टिकोण विकसित करना है, जिससे उनका शैक्षणिक विजन व्यापक हो और वे पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर वास्तविक जीवन के अनुभव प्राप्त कर सकें। यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रहा है।
इस अवसर पर पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री भीमसेन अग्रवाल, वरिष्ठ समाजसेवीजन सर्वश्री मुरली मनोहर सोनी, राम कृपाल साहू, शशिकांत गर्ग, संदीप अग्रवाल,  कौशल प्रताप सिंह, संत सिंह, अरविंद मिश्रा, राजेश महलवाला, शंकर जिंदिया, अजय अग्रवाल, राजेश्वर तिवारी, शैलेश अग्रवाल, देव गुप्ता, अशोक अग्रवाल, संस्कार अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थित रही। 
शैक्षणिक विभाग की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा, जिला मिशन समन्वयक मनोज कुमार साहू, एपीसी शोभनाथ चौबे, बीआरपी गाइड शिक्षक टंडन, विनोद यादव, हर्ष नारायण शर्मा, गौतम शर्मा, अजीत कुमार गुप्ता, अजय उपाध्याय, श्रीकांत पाण्डेय, लौकेश साहू एवं श्रीमती ज्योति साहू उपस्थित थी। 












 

परीक्षा पे चर्चा 2026 में छत्तीसगढ़ की बड़ी उपलब्धि, पालक सहभागिता में देश में प्रथम

05-Jan-2026
रायपुर,।  ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा को तनावमुक्त उत्सव के रूप में मनाने की पहल “परीक्षा पे चर्चा 2026” में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ ने पालकों की भागीदारी में प्रथम स्थान हासिल कर पूरे देश में उदाहरण प्रस्तुत किया है। 
अब तक छत्तीसगढ़ से 25.16 लाख प्रतिभागियों ने पंजीयन किया है, जिनमें 22.75 लाख विद्यार्थी, 1.55 लाख शिक्षक और 81,533 पालक शामिल हैं। यह उपलब्धि राज्य में परीक्षा प्रबंधन, समय प्रबंधन, पालकों को अपने बच्चों को परीक्षा में अधिक अंक लाने हेतु अनावश्यक दबाव देने से बचने तथा उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए किए जा रहे सुनियोजित प्रयासों को दर्शाती है।
'परीक्षा पे चर्चा' में पालकों की भागीदारी के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। कुल पंजीयन के मामले में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर चौथे स्थान पर है।  बलोदाबाजार जिले में 14,658 तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 9,952 पालकों द्वारा पंजीयन किया गया है, जो इस अभियान के प्रति अभिभावकों की बढ़ती जागरूकता, सहभागिता और विश्वास का स्पष्ट प्रमाण है। यह उपलब्धि केवल संख्यात्मक सफलता नहीं है, बल्कि यह परीक्षा के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव का भी संकेत देती है।
इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे राज्य में अपनाई गई नवाचारपूर्ण रणनीतियाँ महत्वपूर्ण रही हैं। जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों के माध्यम से अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की गई, शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों पर ऑन-साइट पंजीयन की व्यवस्था की गई तथा युवा क्लब और “अंगना म शिक्षा कार्यक्रम” के माध्यम से समुदाय को बड़े पैमाने पर जोड़ा गया। 
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आयोजित “परीक्षा पे चर्चा मेला” से एक ही दिन में 10,000 से अधिक पंजीयन दर्ज हुए, जबकि इससे पहले प्रतिदिन औसत पंजीयन लगभग 1500 के आसपास था। पिछले प्रयासों के रूप में आयोजित शिक्षक-पालक सम्मेलन और मेगा पीटीएम ने भी अभिभावकों की सजगता और सहभागिता को नई दिशा दी है।
परीक्षा पे चर्चा से जुड़े प्रेरक अनुभव भी लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले वर्ष इस कार्यक्रम में शामिल हुई कु. युक्तामुखी ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस वर्ष अधिक से अधिक विद्यार्थियों से पंजीयन कर अपने प्रश्न पूछने की अपील की है। उनका प्रेरक संदेश विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मविश्वास और सक्रिय सहभागिता की भावना जागृत कर रहा है। 
इसी प्रकार सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में शीतकालीन अवकाश के दौरान आयोजित “परीक्षा पे चर्चा मेला” में सभी विद्यालयों, समुदाय, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की और इस आयोजन के परिणामस्वरूप एक ही दिन में 10,000 से अधिक पंजीयन हुए। इस सफलता से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी परीक्षा पे चर्चा मेलों का आयोजन किया जा रहा है और लोग उत्साहपूर्वक इस अभियान से जुड़ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में परीक्षा पे चर्चा में शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक प्रशिक्षण स्थलों पर ही पंजीयन की व्यवस्था की गई। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को पंजीयन प्रक्रिया विस्तारपूर्वक समझाई गई और वहीं पर पंजीयन कराने में सहयोग दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप शिक्षकों द्वारा बहुत बड़ी संख्या में पंजीयन किया गया। 
पंजीयन प्रक्रिया 11 जनवरी 2026 तक खुली रहेगी और इस बात की पूरी संभावना है कि छत्तीसगढ़ में 30 लाख से अधिक पंजीयन का लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि “परीक्षा पे चर्चा” माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का वार्षिक संवाद कार्यक्रम है, जिसमें वे विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों से सीधे संवाद करते हैं। इस संवाद में परीक्षा से जुड़ी चुनौतियों, तनाव प्रबंधन, आत्मविश्वास बढ़ाने के उपायों पर मार्गदर्शन दिया जाता है तथा पालकों को यह संदेश भी दिया जाता है कि वे अधिक अंक लाने के लिए अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि बच्चों का मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ाएँ। यह पहल अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है और परीक्षा को तनाव का विषय न मानकर उत्सव के रूप में मनाने की व्यापक सामाजिक चेतना विकसित कर रही है।
“परीक्षा पे चर्चा 2026 में छत्तीसगढ़ द्वारा प्राप्त की गई यह उपलब्धि पूरे राज्य के विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा परीक्षा को तनाव नहीं बल्कि उत्सव के रूप में मनाने का जो संदेश दिया गया है, उसे छत्तीसगढ़ ने दिल से अपनाया है। कुल पंजीयन में देश में चौथा स्थान और पालक सहभागिता में प्रथम स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि हमारे यहां अभिभावकों में भी जागरूकता बढ़ी है और वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उनका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए आगे आ रहे हैं। मुझे विश्वास है कि इसी उत्साह के साथ हम 30 लाख से अधिक पंजीयन के लक्ष्य को भी प्राप्त करेंगे और परीक्षा को तनावमुक्त बनाने के इस अभियान को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाते रहेंगे।” - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
 



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