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शिक्षा

600 छात्राओं ने देखी ‘द केरल स्टोरी 2’, जागरूकता और आत्मनिर्भरता पर जोर

26-Mar-2026
रायपुर।  ( शोर संदेश ) महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में सूरजपुर जिले में विभिन्न महाविद्यालयों की लगभग 600 छात्राओं को सामाजिक विषय पर आधारित फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ दिखाई गई। 
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में बेटियों को शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को समाज में घटित होने वाली विभिन्न परिस्थितियों और चुनौतियों की जानकारी मिलना जरूरी है, ताकि वे सही निर्णय लेने में सक्षम बन सकें और अपने जीवन को सुरक्षित एवं सशक्त दिशा दे सकें। उन्होंने कहा कि बेटियों का आत्मविश्वास और जागरूकता ही उनके सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्राओं ने सहभागिता करते हुए सामाजिक मुद्दों पर आधारित इस फिल्म को देखा और महत्वपूर्ण संदेशों से अवगत हुईं।
मंत्री राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और पहलों के जरिए बेटियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की हर बेटी शिक्षा, सुरक्षा और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़े तथा समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने फिल्म के माध्यम से सामाजिक विषयों को समझने और स्वयं को सतर्क एवं आत्मविश्वासी बनाने की बात कही। उन्होंने इस पहल के लिए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार के आयोजन उन्हें जीवन में जागरूक और जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देते हैं।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण, महाविद्यालय के प्राध्यापक, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।

तोषगांव प्री मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास में छात्राओं को सुरक्षित आवास के साथ मिल रहा सकारात्मक वातावरण

21-Mar-2026
रायपुर, ( शोर संदेश ) सरायपाली विकासखण्ड में स्थित ग्राम तोषगांव का प्री मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास दूरदराज के अंचलों से आने वाली बालिकाओं के लिए किसी आशा की किरण से कम नहीं है, यहां उन्हें सुरक्षित आवास व सकारात्मक वातावरण के साथ उनके सपनों को नई दिशा प्रदान की जा रही है। आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद यहां की छात्राएं निरंतर शिक्षा की ओर अग्रसर हैं और अपने भविष्य को संवारने में जुटी हुई हैं।
इस छात्रावास में कमजोर परिवार एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र के मेधावी छात्राओं के लिए विद्या, विनय और अनुशासन को आधार बनाकर एक सशक्त शैक्षिक माहौल तैयार किया गया है। स्वच्छ और हवादार कमरों में रहने की सुविधा, पौष्टिक भोजन और शांत पुस्तकालय का वातावरण छात्राओं को पढ़ाई के प्रति पूरी तरह केंद्रित रखता है, वहीं खेलकूद की गतिविधियाँ उनके शारीरिक विकास को भी सुनिश्चित करती हैं। दिन की शुरुआत सुबह योग, व्यायाम और सामूहिक प्रार्थना से होती है, जिससे छात्राओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके बाद निर्धारित अध्ययन समय के माध्यम से उन्हें नियमित रूप से पढ़ाई की आदत डाली जाती है। यह दिनचर्या उनके शैक्षणिक स्तर को मजबूत करने के साथ समय प्रबंधन और आत्म अनुशासन भी सिखाती है।
छात्रावास में बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने के लिए समाचार पत्र वाचन को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया गया है। छात्राएँ प्रतिदिन हिंदी और अंग्रेजी समाचार पत्रों का अध्ययन करती हैं, जिससे उनका सामान्य ज्ञान और करंट अफेयर्स मजबूत होता है। इसी क्रम में कैरियर काउंसलिंग सत्र भी इस छात्रावास की एक विशेष पहल है, जहाँ विशेषज्ञों और पूर्व छात्राओं द्वारा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और कैरियर विकल्पों के बारे में जानकारी दी जाती है। छात्रावास अधीक्षक और छात्राओं के बीच आत्मीय संबंध है। अधीक्षक द्वारा प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाते हुए अभिभावक की तरह छात्राओं की समस्याओं को समझते और उनका समाधान करते हैं।
शिक्षा के साथ-साथ छात्रावास में सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का भी नियमित आयोजन किया जाता है, जिससे छात्राओं की प्रतिभा निखरती है और उनमें आत्मविश्वास तथा नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। आज प्री मेट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास आवासीय सुविधा के साथ  सशक्त मंच बन चुका है जो ग्रामीण बालिकाओं के सपनों को उड़ान दे रहा है।

सरस्वती साइकिल योजना और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ से सशक्त हो रहीं बेटियां

12-Mar-2026
रायपुर।  ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित विभिन्न योजनाओं के सकारात्मक परिणाम अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगे हैं। शासन की दूरदर्शी नीतियों, जनजागरूकता अभियानों और सतत मॉनिटरिंग के कारण जिले में बालिका शिक्षा का प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है।
पहले ग्रामीण क्षेत्रों में बेटियों की पढ़ाई अक्सर प्राथमिक कक्षाओं तक ही सीमित रह जाती थी, लेकिन अब बेटियां उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन कर रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय की दूरी बालिकाओं की शिक्षा में बड़ी चुनौती रही है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए संचालित सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत हाई स्कूल में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है। इस योजना से छात्राओं की नियमित उपस्थिति बढ़ी है और स्कूल छोड़ने की दर में भी कमी आई है।
शासकीय हाई स्कूल कोठली की छात्रा कुमारी पूनम गुप्ता बताती हैं कि साइकिल मिलने से अब उन्हें पैदल नहीं चलना पड़ता। इससे वे समय पर विद्यालय पहुंच पाती हैं और पढ़ाई के लिए अधिक समय भी दे पाती हैं।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से बढ़ी जागरूकता बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान ने समाज में बेटियों की शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई है। अभिभावक अब बेटियों की पढ़ाई को प्राथमिकता देने लगे हैं।
ग्राम स्तर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों, रैलियों और विशेष शिविरों के माध्यम से बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव और शाला त्यागी जैसी समस्याओं पर भी नियंत्रण पाया जा रहा है। इसके साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बालिकाओं को छात्रवृत्ति, शिष्यवृति, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मध्यान्ह भोजन एवं पोषण कार्यक्रमों से बालिकाओं के स्वास्थ्य में भी सुधार देखा जा रहा है।
विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट क्लास और ऑनलाइन अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इससे बालिकाएं तकनीकी रूप से सक्षम बन रही हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी कर पा रही हैं।
जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर विद्यालयों का निरीक्षण, शिक्षकों की बैठक तथा पालक-शिक्षक बैठक की सक्रियता सुनिश्चित की जा रही है। संबंधित अधिकारियों द्वारा योजनाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है, जिससे उनका लाभ पात्र बालिकाओं तक समयबद्ध तरीके से पहुंच रहा है।
उल्लेखनीय है कि शासन के सतत प्रयासों से आज बेटियां आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और समाज में नई पहचान बना रही हैं।

CBSC: 12वीं के गणित का प्रश्नपत्र असली और सुरक्षित

10-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) सीबीएसई के कक्षा 12 के गणित प्रश्नपत्र को लेकर सोशल मीडिया पर कई शंकाएं साझा की जा रही हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने मंगलवार को इन शंकाओं पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्र पूरी तरह असली और सुरक्षित हैं।
बोर्ड के मुताबिक परीक्षा पत्र की सुरक्षा में किसी प्रकार की कोई कमी या सेंध नहीं लगी है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब प्रश्नपत्र पर दिए गए एक क्यूआर कोड को स्कैन करने पर वह यूट्यूब वीडियो से जुड़ने लगा। इसके कारण प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता पर सवाल उठने लगे।
सीबीएसई ने मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में बताया कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड द्वारा कई सुरक्षा व्यवस्था की जाती हैं। इन सुरक्षा उपायों में क्यूआर कोड भी शामिल हैं। क्यूआर कोड का उपयोग किसी संभावित सुरक्षा उल्लंघन की स्थिति में प्रश्नपत्र की सत्यता की पुष्टि करने के लिए किया जाता है।
गौरतलब है कि 9 मार्च को कक्षा 12 के छात्रों की गणित विषय की परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद कुछ छात्रों और अभिभावकों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि प्रश्नपत्र पर दिए गए एक क्यूआर कोड को स्कैन करने पर वह यूट्यूब वीडियो से जुड़ रहा है। इस घटना के बाद कुछ लोगों ने प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता (असली होने) पर सवाल उठाए। यही वह कारण है जिससे छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच प्रश्न पत्र को लेकर चिंता उत्पन्न हो गई।
हालांकि सभी प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता को लेकर बोर्ड ने स्पष्ट कहा है कि प्रश्नपत्र पूरी तरह से सही व असली है। सीबीएसई ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि परीक्षा में वितरित किए गए सभी प्रश्नपत्र पूरी तरह असली हैं। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं हुआ है। बोर्ड के अनुसार, क्यूआर कोड से जुड़े इस मामले के कारण जो संदेह उत्पन्न हुआ था, उसे अब दूर कर दिया गया है।
बोर्ड का कहना है कि उन्होंने इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया गया है। बोर्ड ने कहा कि इस घटना को गंभीरता से लिया गया है और सीबीएसई ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में इस प्रकार की स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है।
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ संयम भारद्वाज ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों को किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास नहीं करना चाहिए, क्योंकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित है। कुछ प्रश्नपत्रों के क्यूआर कोड स्कैन करने पर यूट्यूब वीडियो खुलने की बात सामने आई। भविष्य में ऐसी समस्या न हो, इसके लिए बोर्ड कदम उठा रहा है। हालांकि सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि प्रश्नपत्र असली हैं और सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगी।



 

12वीं बोर्ड परीक्षा: विभिन्न केंद्रों में अनुपस्थित रहे कुछ परीक्षार्थी

28-Feb-2026
सारंगढ़ बिलाईगढ़ ( शोर संदेश ) । 12वीं बोर्ड के जीव विज्ञान एवं अर्थशास्त्र विषय के परीक्षा का कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों में जाकर निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छिंद परीक्षा केंद्र में कुल 110 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। निरीक्षण के दौरान 4 परीक्षार्थी अनुपस्थित पाए गए। कलेक्टर ने केंद्र में बैठने की व्यवस्था, प्रश्नपत्र वितरण, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर शिक्षा शर्मा भी उपस्थित रहीं।
इसी क्रम में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मंधाईभाठा का भी निरीक्षण किया गया। यहां 2 परीक्षार्थी अनुपस्थित पाए गए। कलेक्टर ने केंद्र प्रभारी से उड़नदस्ता दल की उपस्थिति एवं निरीक्षण की जानकारी भी ली और परीक्षा संचालन संबंधी दिशा-निर्देश दिए। 
कलेक्टर ने स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल बालपुर का भी निरीक्षण किया। इस केंद्र में सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे और परीक्षा शांतिपूर्वक संचालन पाया गया। कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने सभी केंद्रों में निष्पक्ष एवं व्यवस्थित परीक्षा संचालन के निर्देश दिए तथा अधिकारियों को नियम अनुसार व्यवस्था बनाने कहा। जिले में 12वीं बोर्ड परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो रहा है।

 


आठ हजार से अधिक छात्रों ने दी 12 वीं बोर्ड परीक्षा,जिले के 82 परीक्षा केंद्रों में हुई परीक्षा

24-Feb-2026
धमतरी।  ( शोर संदेश )धमतरी जिले के 82 परीक्षा केंद्रों में 23 फरवरी को 12 वीं बोर्ड परीक्षा के तहत दूसरा पेपर राजनीति विज्ञान, रसायन शास्त्र, लेखाशास्त्र, फसल उत्पादन एवं उद्यान शास्त्र, वस्तु चित्रण एवं आलेखन और शरीर क्रिया विज्ञान एवं प्राथमिक चिकित्सा विषय का आयोजित किया गया। इस परीक्षा में जिले में कुल पंजीकृत 8055 में 8016 उपस्थित एवं 39 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे।
इस परीक्षा के दौरान जिले में कोई भी नकल प्रकरण दर्ज नहीं किया गया। परीक्षा देकर निकले विद्यार्थियों ने बताया कि माडल प्रश्न पत्रों से सवाल पूछा गया था। जिससे प्रश्नों को हल करने में आसानी हुई। जानकारी के अनुसार राजनीति विज्ञान का प्रश्नपत्र 80 नंबर का था। शहर के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय गोकुलपुर केंद्र से परीक्षा देकर निकले छात्रों ने बताया कि पेपर बहुत सरल आया था। पेपर में कुल 20 प्रश्न पूछे गए थे। जिसमें आतंकवाद क्या है इसको नियंत्रित करने के उपाय, क्षेत्रीय दलों की भूमिका में वृद्धि के कारण, 1990 के बाद राजनीति में उभरती हुई नई प्रवृत्तियों, अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के कार्य, भारत और पाकिस्तान युद्ध व तनाव के प्रमुख विषय, भारत की परमाणु नीति, ग्लोबल वार्मिंग जैसे प्रश्न आए थे।
 

भारत सरकार का पर्यटन मंत्रालय की ‘देखो अपना देश’ पहल ने छात्रों को पर्यटन से जोड़ा

23-Feb-2026
रायपुर।  ( शोर संदेश ) भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय इंडिया टूरिज्म, मुंबई द्वारा स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, रायपुर (एसआईएचएम) के सहयोग से ‘देखो अपना देश’ ब्रोशर निर्माण प्रतियोगिता, पुरस्कार वितरण समारोह एवं पर्यटन शिक्षा प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में भारत के विविध पर्यटन स्थलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पर्यटन एवं आतिथ्य के क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों से उन्हें परिचित कराना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में इंद्र कुमार साहू, विधायक अभनपुर तथा पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के क्षेत्रीय निदेशक मोहम्मद फारूक मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त पश्चिम एवं मध्य क्षेत्रीय कार्यालय के प्रतिनिधि, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की डीजीएम पूनम शर्मा, आईएचएम रायपुर के वरिष्ठ लेखा अधिकारी समीर मिश्रा तथा संस्थान के प्राचार्य विवेक आचार्य के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
समारोह के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य के विजेताओं को नकद पुरस्कार (चेक), पदक, किट एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। राज्यभर से लगभग 300 छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों एवं अभिभावकों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय, दुधली के छात्रों ने राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय पुरस्कार हासिल कर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। पीएम केंद्रीय विद्यालय बैकुंठपुर एसईसीएल एवं पीएम केंद्रीय विद्यालय महाराजपुर कवर्धा ने राज्य स्तर पर द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। वहीं पीएम केंद्रीय विद्यालय खैरागढ़, पीएम केंद्रीय विद्यालय कुरुद तथा पीएम जवाहर नवोदय विद्यालय धमतरी ने राज्य स्तर पर तृतीय पुरस्कार अर्जित किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत पर्यटन एवं आतिथ्य उद्योग में उपलब्ध विविध और बढ़ते करियर अवसरों पर विशेष प्रस्तुति दी गई। छात्रों एवं शिक्षकों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिससे सहभागिता और ज्ञानवर्धन को बढ़ावा मिला। प्रदर्शनी में होटल उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया गया था। प्रतिभागियों को एसआईएचएम रायपुर परिसर का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा। छात्रों ने रिसेप्शन प्रबंधन, खाद्य एवं बेकरी निर्माण, फ्रूट एवं वेजिटेबल कार्विंग, फ्लावर डेकोरेशन, टॉवेल आर्ट तथा मॉकटेल निर्माण जैसी व्यावहारिक गतिविधियों का प्रदर्शन देखा और आतिथ्य उद्योग की बारीकियों को समझा।
‘देखो अपना देश’ पहल के माध्यम से छात्रों में भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के प्रति रुचि और गर्व की भावना विकसित हुई है। यह आयोजन न केवल रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करता है, बल्कि युवाओं को पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं से भी जोड़ता है। पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार की ‘देखो अपना देश’ पहल वर्ष 2020 में प्रारंभ की गई एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है, जिसका उद्देश्य देशवासियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, प्राकृतिक सौंदर्य और विविध परंपराओं से परिचित कराना तथा घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना है। इस पहल के माध्यम से नागरिकों को अपने ही देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों की यात्रा के लिए प्रेरित किया जाता है, ताकि वे भारत की अद्भुत विविधता को निकट से जान सकें और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में योगदान दे सकें। ‘देखो अपना देश’ अभियान के अंतर्गत वेबिनार श्रृंखलाएँ, ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिताएँ, वर्चुअल टूर, रचनात्मक प्रतियोगिताएँ तथा पर्यटन शिक्षा से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह पहल विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों से अवगत कराने का भी कार्य करती है। साथ ही, डिजिटल माध्यमों और जनसहभागिता के जरिए देश के कम प्रसिद्ध लेकिन संभावनाशील पर्यटन स्थलों को भी राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास किया जाता है। इस प्रकार ‘देखो अपना देश’ पहल न केवल नागरिकों में अपने देश के प्रति गर्व और जागरूकता की भावना को सुदृढ़ करती है, बल्कि पर्यटन उद्योग को नई ऊर्जा प्रदान कर आर्थिक विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।

 

बोर्ड परीक्षाओं से पहले उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएँ

20-Feb-2026
रायपुर। ( शोर संदेश ) उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की आगामी बोर्ड परीक्षाओं के पूर्व विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर विद्यार्थियों को दिए शुभकामना संदेश में सभी परीक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रिय विद्यार्थियों छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षाएँ आरंभ होने जा रही हैं। इस महत्वपूर्ण अवसर पर आप सभी को मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ और आशीर्वाद। यह परीक्षाएँ केवल अंकउ प्राप्त करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि आपके संयम, समर्पण और आत्मबल की भी कसौटी हैं।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि पूरे वर्ष आपने जो लगन और परिश्रम किया है, वह निश्चित ही आपको उत्कृष्ट सफलता दिलाएगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि माँ सरस्वती का आशीर्वाद आप सभी पर बना रहे और आप आत्मविश्वास के साथ श्रेष्ठ प्रदर्शन करें। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने विद्यार्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखें और सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा दें। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से भी आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाएँ और उन्हें शांत एवं संतुलित वातावरण प्रदान करें।

स्कूल शिक्षा विभाग में 5000 पदों पर भर्ती, विज्ञापन जल्द होगा जारी

20-Feb-2026
रायपुर। शोर संदेश )स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता एवं सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के कुल 5000 पदों पर भर्ती का विज्ञापन शीघ्र ही जारी किया जा रहा है। शासन ने परीक्षा आयोजन के लिये छत्तीसगढ़ व्यापम को अधिकृत किया है एवं विभाग द्वारा विज्ञापन जारी करने संबंधी सभी प्रक्रियाओं को पूर्ण कर आवश्यक प्रपत्र व्यापम को उपलब्ध करा दिया गया है। इसके साथ ही सीधी भर्ती 2023 की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है।
छत्तीसगढ़ सरकार स्कूल शिक्षा विभाग में 5,000 से अधिक पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया फरवरी 2026 में शुरू करने जा रही है। इन पदों के लिए चयन व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद, यह भर्ती राज्य के विभिन्न स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए की जा रही है। शिक्षा विभाग के इस फैसले से राज्य भर के सरकारी स्कूलों में टीचरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी । भर्ती प्रक्रिया के बारे में डिटेल्ड गाइडलाइंस आने वाले दिनों में जारी की जाएगी। 
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के माध्यम से न केवल हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। खास बात यह है कि इसमें व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक और प्रयोगशाला सहायक जैसे कई पद शामिल किए जा रहे हैं, जिससे अलग-अलग योग्यता वाले उम्मीदवारों को अवसर मिलेगा।
ज्ञातव्य है कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक सीधी भर्ती 2023 अंतर्गत सहायक शिक्षक पद के पांचवें चरण की भर्ती प्रक्रिया में माननीय न्यायालय के निर्देशानुसार सेवा समाप्त किये गये 2621 बी.एड. अर्हताधारियों के स्थापन पर डी.एड. अर्हताधारियों अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर प्रदान किया गया है।

वन अग्नि से बचाव हेतु जागरूकता अभियान, ग्रामीणों व विद्यार्थियों ने ली संरक्षण की शपथ

19-Feb-2026
रायपुर, ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अंतर्गत बारनवापारा परियोजना मंडल की रायकेरा रेंज द्वारा ग्राम सुकुलबाय में वन अग्नि सुरक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शासकीय विद्यालय परिसर एवं ग्राम में आयोजित हुआ, जिसमें विद्यार्थियों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को जंगल में आग लगने के कारणों, उससे होने वाले नुकसान और बचाव के उपायों की सरल भाषा में जानकारी दी गई। विशेष रूप से महुआ बीनने के दौरान आग लगाने की परंपरा से होने वाले दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला गया और ग्रामीणों से इस आदत को छोड़ने की अपील की गई।
निगम के अधिकारियों ने बताया कि फायर सीजन सामान्यतः फरवरी से जून तक रहता है। इस अवधि में तापमान अधिक होने और जंगल में सूखी पत्तियों की मात्रा बढ़ने के कारण आग लगने की संभावना अधिक रहती है।
बहुमूल्य वन संपदा, पौधों और वृक्षों का नष्ट होना। वन्यजीवों के आवास को नुकसान और उनकी मृत्यु, मिट्टी की उर्वरता में कमी, पर्यावरण प्रदूषण और तापमान में वृद्धि और ग्रामीणों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव। ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि जानबूझकर जंगल में आग लगाना दंडनीय अपराध है। भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 एवं 33 के तहत वन क्षेत्र में आग लगाना या वनों को क्षति पहुँचाना अपराध है, जिसमें जुर्माना और कारावास का प्रावधान है।
इस जागरूकता कार्यक्रम में लोगों को आग से बचाव के लिए सुझाव दिए गए जैसे जंगल में बीड़ी, सिगरेट या जलती हुई वस्तु न फेंकें। महुआ या तेंदूपत्ता संग्रह के दौरान आग का प्रयोग न करें। सूखी पत्तियों को हटाने के लिए विभाग को सूचना दें। साथ ही साथ किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें। फायर लाइन निर्माण और साफ-सफाई में सहयोग करें।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और निगम कर्मचारियों ने सभी ग्रामीणों को वन संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने अपील की कि वन हमारी साझा धरोहर है। यदि ग्रामवासी और निगम मिलकर समय पर सूचना दें, जागरूकता फैलाएं और फायर सीजन में सतर्क रहें, तो जंगल में आग की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
 


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