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शिक्षा

युक्तियुक्तकरण नीति से विद्यार्थियों तक पहुँच रही शिक्षकों की विशेषज्ञता का लाभ

08-Nov-2025
रायपुर, ( शोर संदेश ) प्रदेश सरकार की युक्तियुक्तकरण नीति के तहत विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की पदस्थापना से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। इसी कड़ी में कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, लैंगा में हिंदी विषय के शिक्षक  गोरेलाल कंवर की नियुक्ति हुई है। विद्यालय में उनके आने के बाद से हिंदी विषय विद्यार्थियों के लिए रोचक और प्रेरणादायक बन गया है।
कंवर की शिक्षण शैली अत्यंत रोचक, जीवंत और प्रभावशाली है। वे गद्य, पद्य, व्याकरण और साहित्य के हर पहलू को बच्चों तक सरल और रचनात्मक ढंग से पहुँचाते हैं। नाट्य रूपांतरण, संवाद, कहानी, गीत और गतिविधि-आधारित शिक्षण के माध्यम से वे बच्चों को सीखने में सम्मिलित करते हैं।
कक्षा 8 वीं के छात्रों ने बताया कि जब कंवर ने इतिहास विषय में तैमूर लंग के भारत आक्रमण से संबंधित पाठ का मंचन कराया, तो इतिहास जैसे विषय जीवंत हो उठा। बच्चों की आँखों में जिज्ञासा की चमक और सीखने का उत्साह देखने लायक था।
शिक्षक गोरेलाल कंवर के प्रयासों से अब हिंदी विषय विद्यार्थियों के लिए कठिन नहीं बल्कि मनोरंजक और ज्ञानवर्धक बन गया है। रस, छंद, अलंकार जैसे व्याकरण के अंश अब बच्चों को सहज लगने लगे हैं। छात्र-छात्राएँ — कु. अनुसुइया, अंश, रश्मि, कल्पना, महिमा और लवकेश — ने बताया कि अब उन्हें हिंदी पढ़ना आनंददायक लगता है और वे कविता पाठ, कहानी लेखन व भाषण जैसी गतिविधियों में भी भाग लेने लगे हैं।
कंवर केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहते, बल्कि बच्चों में अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास का संचार करते हैं। वे छात्रों को कहानी रचना, पत्र लेखन, कविता पाठ और भाषण देने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास हो रहा है।
विद्यालय के प्रधानपाठक एवं अभिभावकों ने राज्य सरकार की युक्तियुक्तकरण नीति की सराहना करते हुए कहा कि विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति से शिक्षा की गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। यह नीति शिक्षकों की विशेषज्ञता का लाभ सही रूप में विद्यार्थियों तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम सिद्ध हो रही है।






 

युक्तियुक्त करण से शिक्षकों की विशेषज्ञता का लाभ सही रूप में पहुँच रही विद्यार्थियों तक

07-Nov-2025
कोरबा। ( शोर संदेश )  प्रदेश सरकार की युक्तियुक्त करण की नीति छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की दिशा में सार्थक प्रयास है। प्रकिया के तहत पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला लैंगा में हिंदी विषय के शिक्षक गोरेलाल कंवर की पदस्थापना हुई है। विद्यालय में उनके आने से हिंदी विषय बच्चों को रोचक और प्रेरणादायक लगने लगा है।
कंवर का शिक्षण शैली इतनी रोचक, जीवंत और प्रभावशाली है कि बच्चों का मन हिंदी विषय में रम गया है। चाहे कविता हो या गद्य, व्याकरण हो या साहित्य , वे हर पहलू को नाट्य रूपांतरण, संवाद, कहानी, गीत, या रचनात्मक शिक्षण शैली के माध्यम से बच्चों के मन में उतार देते हैं। कक्षा 8वीं में जब उन्होंने तैमूर लंग के आक्रमण से संबंधित गद्यांश पढ़ाया और मंचन के जरिए तैमूर और एक नन्हे बालक के संवाद को प्रस्तुत किया, तब बच्चों की आँखों में जिज्ञासा की चमक साफ दिखाई दी। इससे बच्चे इतिहास को अनुभव कर पाए। बच्चों को हिंदी की रस, छंद, अलंकार जैसे व्याकरण के अंश सरल लगने लगे हैं। साथ ही हिंदी साहित्य का इतिहास और व्याकरण के नियम की उन्हें गहनता से समझ आ रही है। कक्षा 8वीं के छात्र-छात्राएं कृ अनुसुइया, अंश, रश्मि, कल्पना, महिमा और लवकेश जैसे बच्चों ने बताया कि अब उन्हें हिंदी विषय पढ़ना मनोरंजन और ज्ञान“ का स्रोत लगता है। कंवर बच्चों को केवल पाठ्यक्रम की पढ़ाई तक सीमित नहीं रखते, वे उनमें अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास की भावना भी भरते हैं। बच्चों को पत्र लेखन, कहानी रचना, कविता पाठ और भाषण देने के लिए भी प्रेरित करते है, जिससे उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास हो रहा है।
विद्यालय के प्रधानपाठक और अभिभावकों ने राज्य सरकार की युक्तियुक्तकरण नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि विषय शिक्षक की नियुक्ति से ही शिक्षा का असली उद्देश्य पूरा होता है। यह नीति शिक्षकों की विशेषज्ञता का लाभ सही रूप में विद्यार्थियों तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।

 

पीएम श्री विद्यालय बना परिवर्तन की मिसाल: स्मार्ट क्लास से योग और समर कैंप तक, बच्चों का सर्वांगीण विकास

29-Oct-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश )  पीएम श्री विद्यालय योजना के अंतर्गत पीएम शासकीय प्राथमिक शाला बुड़ार के चयन के बाद विद्यालय में अनेक सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिले हैं। विद्यालय का वातावरण अब अधिक अनुशासित, बेहतर और तकनीकी रूप से सशक्त बन चुका है। विद्यालय में स्मार्ट क्लास एवं डिजिटल कक्षाओं की स्थापना से शिक्षण प्रक्रिया में आधुनिकता आई है। विद्यार्थी अब वीडियो, चित्र और इंटरैक्टिव माध्यमों से विषयों को आसानी से समझ रहे हैं, जिससे उनमें आत्मविश्वास और सीखने की रुचि बढ़ी है।
विद्यालय परिसर में सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना ने विद्यालय को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया है तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरक कदम सिद्ध हुआ है। ग्रीन स्कूल के तहत विद्यालय परिपर में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए जिससे विद्यालय का वातावरण हरा-भरा सुसज्जित हुआ। विद्यालय में योग शिक्षक की नियुक्ति के बाद विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। योगाभ्यास से बच्चों में एकाग्रता, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास हुआ है।
ग्रीष्मावकाश के दौरान समर कैम्प तथा शीतकाल में विंटर कैम्प के आयोजन से बच्चों को कला, खेल, विज्ञान, संगीत और व्यक्तित्व विकास से जुड़ने के अवसर प्राप्त हुए हैं। विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का नियमित आयोजन एवं संगीत सामग्री की उपलब्धता से विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिला है। मंच पर प्रस्तुति देने से बच्चों में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ है।
विद्यालय में भौतिक संसाधनों में वृद्धि होने से विद्यार्थियों को बहुत सारी सुविधाएं मिली है बच्चो को पीने के लिए शुद्ध व शीतल जल की उपलब्धता हुई है। बबजअ कैमरे लगने से विद्यालय की व विद्यार्थियों की सुरक्षा और भी अधिक मजबूत हुई है, जिससे पालको में निश्चिन्तता आई है और पालको का विश्वास बड़ा है। इन सभी प्रयासों से विद्यालय का वातावरण जीवंत, प्रेरणादायक और तकनीकी दृष्टि से समृद्ध बन गया है। पीएम श्री योजना के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला बुढ़ार अब वास्तव में एक “आदर्श एवं मॉडल विद्यालय” के रूप में उभर रही है, जहाँ शिक्षा के साथ संस्कार, सृजनशीलता और आत्मनिर्भरता का समन्वय होता है। इसके साथ निजी विद्यालयों से बच्चो का पलायन पीएम श्री विद्यालय की ओर भी हो रहा है जो सबसे सुखद पहलू है।

CSIR-NET आवेदन का आज अंतिम दिन, अभ्यर्थी देर शाम तक भर सकेंगे फॉर्म, जल्दी करें…

28-Oct-2025
बिलासपुर।  ( शोर संदेश ) जिले में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने सीएसआईआर-नेट (CSIR NET) दिसंबर 2025 परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने की घोषणा की है। अब इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी 27 अक्तूबर तक आवेदन कर सकेंगे। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 21 अक्तूबर निर्धारित की गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की मांग को देखते हुए यह समयसीमा बढ़ाई गई है।
CSIR-NET December 2025: अभ्यर्थी देर शाम तक भर सकेंगे फॉर्म
एजेंसी ने बताया कि आवेदन विंडो बंद होने के बाद 27 से 29 अक्तूबर तक सुधार (Correction) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवधि में अभ्यर्थी अपने आवेदन फॉर्म में दी गई किसी भी गलत जानकारी, जैसे नाम, जन्मतिथि, विषय कोड, परीक्षा केंद्र आदि में आवश्यक संशोधन कर पाएंगे। हालांकि, आवेदन फॉर्म की सभी जानकारी में बदलाव की अनुमति नहीं होगी।
दिसंबर सत्र की यूजीसी-नेट परीक्षा 18 दिसंबर 2025 को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा देशभर में विभिन्न केंद्रों पर कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में ली जाएगी। सीएसआईआर-नेट परीक्षा के माध्यम से अभ्यर्थियों को विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) और लेक्चररशिप के लिए पात्रता मिलती है।
एनटीए ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि आवेदन भरते समय सभी जरूरी दस्तावेज, जैसे फोटो, हस्ताक्षर, श्रेणी प्रमाण पत्र और शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी जानकारी ध्यानपूर्वक अपलोड करें। आवेदन शुल्क जमा करने के बाद उसका प्रिंट सुरक्षित रखें।

अनुसूचित जाति के मेधावी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर – श्रेष्ठ योजना के लिए आमंत्रित आवेदन

23-Oct-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )  अनुसूचित जाति के मेधावी विद्यार्थियों को देश के सर्वश्रेष्ठ निजी आवासीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार की “श्रेष्ठ योजना” (Scheme for Residential Education for Students in High Schools in Targeted Areas – SHRESHTA) के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2025, शाम 5 बजे निर्धारित की गई है। इस योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के माध्यम से कक्षा 9 और 11 में प्रवेश के लिए 3000 नए विद्यार्थियों का चयन किया जाता है, जो कक्षा 12वीं तक की शिक्षा पूरी करते हैं। स्कूलों का आबंटन योग्यता और विद्यार्थियों की प्राथमिकता के आधार पर आनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से किया जाता है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा वर्ष 2022-23 से संचालित यह योजना राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों के माध्यम से अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं एवं 11वीं में प्रवेश का अवसर प्रदान करती है। इसके लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा “राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा (श्रेष्ठ)” (NETS) का आयोजन किया जाता है। आगामी परीक्षा दिसंबर 2025 में संभावित है।
श्रेष्ठ योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष सर्वोत्तम निजी आवासीय विद्यालयों का चयन का मापदंड ऐसे विद्यालय हैं जो न्यूनतम पाँच वर्षों से सतत रूप से संचालित हों, पिछले तीन वर्षों में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं में कम से कम 75 प्रतिशत या उससे अधिक उत्तीर्णता दर प्राप्त कर चुके हों, तथा जिनके पास कक्षा 9वीं और 11वीं में अतिरिक्त रूप से कम से कम 10 अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को समायोजित करने हेतु आवश्यक एवं उपयुक्त बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध हों।
इस योजना के अंतर्गत चुने गए विद्यार्थियों को शिक्षण एवं छात्रावास शुल्क का पूरा व्यय भारत सरकार द्वारा वहन किया जाता है। विद्यार्थियों को किसी प्रकार का शुल्क या अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होता। साथ ही, शैक्षणिक समायोजन में सहायता हेतु ‘ब्रिज कोर्स’ के लिए वार्षिक शुल्क का 10% तक का प्रावधान है।
योजना अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन NTA की वेबसाइट पर किया जा सकता है। आवेदन सुधार हेतु विंडो 1 से 2 नवंबर 2025 तक खुली रहेगी। विस्तृत दिशा-निर्देश एवं सार्वजनिक सूचना https://cdnbbsr.s3waas.gov.in पर उपलब्ध हैं।
राज्य शासन ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे अपने जिलों में स्कूलों, वेबसाइटों और सोशल मीडिया के माध्यम से इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, ताकि पात्र विद्यार्थी समय पर आवेदन कर सकें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के इस अवसर का लाभ उठा सकें।

अनुसूचित जाति के मेधावी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर – श्रेष्ठ योजना के लिए आमंत्रित आवेदन

23-Oct-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )  अनुसूचित जाति के मेधावी विद्यार्थियों को देश के सर्वश्रेष्ठ निजी आवासीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार की “श्रेष्ठ योजना” (Scheme for Residential Education for Students in High Schools in Targeted Areas – SHRESHTA) के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2025, शाम 5 बजे निर्धारित की गई है। इस योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के माध्यम से कक्षा 9 और 11 में प्रवेश के लिए 3000 नए विद्यार्थियों का चयन किया जाता है, जो कक्षा 12वीं तक की शिक्षा पूरी करते हैं। स्कूलों का आबंटन योग्यता और विद्यार्थियों की प्राथमिकता के आधार पर आनलाइन काउंसिलिंग के माध्यम से किया जाता है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा वर्ष 2022-23 से संचालित यह योजना राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों के माध्यम से अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं एवं 11वीं में प्रवेश का अवसर प्रदान करती है। इसके लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा “राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा (श्रेष्ठ)” (NETS) का आयोजन किया जाता है। आगामी परीक्षा दिसंबर 2025 में संभावित है।
श्रेष्ठ योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष सर्वोत्तम निजी आवासीय विद्यालयों का चयन का मापदंड ऐसे विद्यालय हैं जो न्यूनतम पाँच वर्षों से सतत रूप से संचालित हों, पिछले तीन वर्षों में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं में कम से कम 75 प्रतिशत या उससे अधिक उत्तीर्णता दर प्राप्त कर चुके हों, तथा जिनके पास कक्षा 9वीं और 11वीं में अतिरिक्त रूप से कम से कम 10 अनुसूचित जाति विद्यार्थियों को समायोजित करने हेतु आवश्यक एवं उपयुक्त बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध हों।
इस योजना के अंतर्गत चुने गए विद्यार्थियों को शिक्षण एवं छात्रावास शुल्क का पूरा व्यय भारत सरकार द्वारा वहन किया जाता है। विद्यार्थियों को किसी प्रकार का शुल्क या अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होता। साथ ही, शैक्षणिक समायोजन में सहायता हेतु ‘ब्रिज कोर्स’ के लिए वार्षिक शुल्क का 10% तक का प्रावधान है।
योजना अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन NTA की वेबसाइट पर किया जा सकता है। आवेदन सुधार हेतु विंडो 1 से 2 नवंबर 2025 तक खुली रहेगी। विस्तृत दिशा-निर्देश एवं सार्वजनिक सूचना https://cdnbbsr.s3waas.gov.in पर उपलब्ध हैं।
राज्य शासन ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे अपने जिलों में स्कूलों, वेबसाइटों और सोशल मीडिया के माध्यम से इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, ताकि पात्र विद्यार्थी समय पर आवेदन कर सकें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के इस अवसर का लाभ उठा सकें।

रितु नाग ने हॉकी में जीता गोल्ड — सुकमा की बेटी ने बढ़ाया बस्तर का गौरव

17-Oct-2025
रायपुर, ( शोर संदेश ) 17 अक्टूबर 2025 सुकमा जिले की धरती एक बार फिर खेल के क्षेत्र में चमक उठी है। यहां की होनहार छात्रा रितु नाग ने अपने शानदार प्रदर्शन से जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है। रितु की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि सुकमा की  बेटियां मेहनत और लगन से हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने रितु की उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं देते उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
कोरबा जिले में 12 से 15 अक्टूबर 2025 तक आयोजित 25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में रितु नाग ने बस्तर संभाग की हॉकी टीम में शामिल होकर बेहतरीन खेल दिखाया। उनकी टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) अपने नाम किया। इस सफलता से सुकमा ही नहीं, पूरे बस्तर संभाग का गौरव बढ़ गया है।
रितु नाग वर्तमान में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, छिंदगढ़ में कक्षा 9वीं की छात्रा हैं और प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, जिला खेल अधिकारी विरूपाक्ष पौराणिक, सहायक खेल अधिकारी श्री कमल कोसरिया और पीटीआई शिक्षिका श्रीमती योगिता नायक को दिया है।






















 

सरस्वती सायकल वितरण योजना: शिक्षा को मिलेगा नया संबल

17-Oct-2025
रायपुर ( शोर संदेश )  सरस्वती साइकिल योजना के तहत आज जिला मुख्यालय मुंगेली स्थित पीएमश्री बी.आर.साव शासकीय हिंदी माध्यम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 73 छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितरित की गई। समारोह में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू सहित स्थानीय विधायक पुन्नूलाल मोहले, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पांडेय सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन किया गया।
इस अवसर पर केन्द्रीय राज्यमंत्री साहू ने कहा कि साइकिल से शिक्षा की राह आसान बनेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का उद्देश्य हर विद्यार्थी तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई कर नाम रोशन करने प्रोत्साहित किया। विधायक मोहले ने भी विद्यार्थियों को पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने प्रेरित किया। इस दौरान गणमान्य नागरिक दीनानाथ केशरवानी, नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला एवं उपाध्यक्ष जयप्रकाश मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे। विद्यालय के प्राचार्य और शिक्षकों की उपस्थिति में साइकिल वितरण से छात्राओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।










 

युक्तियुक्तकरण नीति से बदली तस्वीर धौराभाठा (ब) स्कूल में तीन शिक्षकों की पदस्थापना से लौटी रौनक

14-Oct-2025
रायपुऱ  ( शोर संदेश )  शासन की युक्तियुक्तकरण नीति के तहत अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना होने से विद्यालय में शिक्षण स्तर, अनुशासन और बच्चों की उपस्थिति तीनों में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है। विकासखंड बिलाईगढ़ के शासकीय प्राथमिक शाला धौराभाठा (ब) में शिक्षा व्यवस्था अब पूरी तरह बदल चुकी है। कभी केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित यह विद्यालय आज 03 शिक्षकों की मौजूदगी से नई ऊर्जा और उत्साह से भर गया है।विद्यालय में वर्तमान में अध्ययनरत बचचे नियमित रूप से स्कूल आ रहे हैं और पढ़ाई में गहरी रुचि दिखा रहे हैं। पहले शिक्षकों की कमी के कारण कक्षाओं का संचालन बाधित होता था, लेकिन अब शिक्षक बच्चों को व्यक्तिगत ध्यान देकर पढ़ा रहे हैं, इससे विद्यार्थियों की समझने की क्षमता, प्रदर्शन और आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम धौराभाठा (ब) में के वरिष्ठ नागरिक सुरेश कंवर ने बताया कि पहले स्कूल में केवल एक शिक्षक होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और पालक भी स्कूल भेजने में रुचि नहीं लेते थे। अब तीन शिक्षकों की मौजूदगी से विद्यालय में अनुशासन और शिक्षण का माहौल पूरी तरह बदल गया है। वहीं ग्रामवासी दिलीप साहू ने कहा कि अब शिक्षक नियमित रूप से सभी विषयों की कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। बच्चे न केवल पढ़ाई में बल्कि खेलकूद और अन्य गतिविधियों में भी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय का वातावरण अब सकारात्मक और प्रेरणादायक बन गया है, जिससे गांव में शिक्षा के प्रति नई जागरूकता आई है। युक्तियुक्तकरण नीति का यह असर धौराभाठा (ब) जैसे ग्रामीण विद्यालयों के लिए एक मिसाल बन गया है, जहां अब हर दिन बच्चों की हंसी और सीखने की चाह गूंज रही है।




 

बाँसपारा प्राथमिक शाला में दो शिक्षकों की पदस्थापना से मजबूत हुई शिक्षा व्यवस्था

14-Oct-2025
रायपुर, ।  ( शोर संदेश )  शिक्षा में सुधार और प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पहुंचाने के लक्ष्य के तहत राज्य शासन की युक्तियुक्तकरण नीति अब ग्रामीण स्कूलों में सकारात्मक बदलाव ला रही है। सरगुजा जिले के संकुल उदारी, विकासखंड लुण्ड्रा अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला बाँसपारा, जो पहले एकल शिक्षकीय विद्यालय था, अब दो शिक्षकयुक्त विद्यालय बन गया है। इससे बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतरता सुधार हो रही है।
पहले प्राथमिक शाला बांसपारा  में केवल प्रधान पाठक शिवलाल पैकरा कार्यरत थे। दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने 33 विद्यार्थियों की जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाई। अब शासन की पहल से शिक्षिका संगीता तिर्की की पदस्थापना अम्बिकापुर से की गई है, जिससे विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था को नई गति मिली है और विद्यार्थियों को विषयवार अध्ययन का बेहतर अवसर मिल रहा है। शिक्षिका संगीता तिर्की ने बताया कि अम्बिकापुर से लुण्ड्रा दूरी पर है, लेकिन हमारा शिक्षकीय धर्म है कि जहां भी हमें सेवा का अवसर मिले, हम बच्चों को बेहतर शिक्षा दें। यहां आने के बाद विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति में वृद्धि हुई है। बच्चे अब मन लगाकर पढ़ाई कर रहे हैं। शासन की यह पहल सराहनीय है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में भी शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।
ग्राम पंचायत उदारी की सरपंच सीमा पैकरा ने बताया कि पहले हमारे गांव का स्कूल एकल शिक्षकीय था, जिससे शिक्षा कार्य प्रभावित हो रहा था। अब शासन की युक्तियुक्तकरण पहल से दो शिक्षक पदस्थ हो गए हैं। इससे बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी और अभिभावकों का भी विद्यालय पर भरोसा बढ़ेगा। हम इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और शिक्षा विभाग का आभार व्यक्त करते हैं। विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शिक्षक युक्तियुक्तकरण से न केवल बाँसपारा बल्कि विकासखंड के ग्रामीण बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल रहा है। शासन ने शिक्षा व्यवस्था को सशक्त और सुलभ बनाने की दिशा में एक और सार्थक पहल की है।


 



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