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शिक्षा

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने विद्यार्थियों से की आत्मीय भेंट — अनुशासन, मेहनत और लगन को बताया सफलता का सूत्र

13-Oct-2025
रायपुर। ( शोर संदेश ) प्रदेश के शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव आज अपने अछोटी प्रवास के दौरान मुड़पार गांव में विद्यालय जा रहे विद्यार्थियों से अनौपचारिक रूप से मिले। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उनके शैक्षणिक अनुभवों, पढ़ाई की स्थिति तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा की।
मंत्री यादव ने बच्चों की जिज्ञासापूर्ण बातें सुनीं और उन्हें जीवन में अनुशासन, मेहनत एवं लगन को अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनुशासन सफलता की पहली सीढ़ी है। जो विद्यार्थी अपने समय का सदुपयोग करते हैं, वही आगे चलकर समाज और देश की उन्नति में योगदान देते हैं।
यादव ने आगे कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास और समाज सेवा की भावना को भी विकसित करती है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपने शिक्षकों का सम्मान करें, नियमित अध्ययन करें और अपने सपनों को साकार करने के लिए सदैव प्रयासरत रहें।
इस दौरान मंत्री ने विद्यालयों की शिक्षकीय व्यवस्था, अध्ययन की स्थिति और विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की जानकारी भी ली। उन्होंने क्षेत्र के शिक्षकों और अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर कार्य करें, ताकि ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थी भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहें।
मंत्री यादव ने मुड़पार के विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति गंभीरता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि हर बच्चे को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिले। इसके लिए सरकार निरंतर विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं, शिक्षकों की उपलब्धता और डिजिटल संसाधनों के विस्तार पर कार्य कर रही है।
मुलाकात के अंत में मंत्री यादव ने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि वे निडर होकर अपने सपनों का पीछा करें। उन्होंने कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने के लिए सरकार निरंतर योजनाएँ बना रही है और उनके सफल क्रियान्वयन हेतु समाज के सहयोग की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा
हर विद्यार्थी अपने जीवन में एक उद्देश्य निर्धारित करे और उसे प्राप्त करने के लिए ईमानदारी से प्रयत्न करे। यही सच्ची शिक्षा है।

डीएमएफ निधि से शिक्षा में नई रोशनी : कोरबा जिले के स्कूलों में लौटी रौनक

11-Oct-2025
रायपुर,शोर संदेश )  कोरबा जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने और दूरस्थ अंचलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) से बड़ी पहल की गई है। इस योजना के तहत हायर सेकेंडरी विद्यालयों में 118 लेक्चरर, माध्यमिक शालाओं में 109 शिक्षक और प्राथमिक शालाओं में 243 सहायक शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।
इससे शिक्षकों की कमी से प्रभावित विद्यालयों में अब अध्यापन व्यवस्था नियमित हो गई है। पचरा, श्यांग, कटमोरगा जैसे सुदूर गांवों के विद्यालयों में सभी विषयों की कक्षाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। नई नियुक्तियों से जहां विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, वहीं स्थानीय शिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हुए हैं।
कलेक्टर अजय अग्रवाल के निर्देशन में यह प्रक्रिया पारदर्शिता और पात्रता के आधार पर पूरी की गई। साथ ही विशेष पिछड़ी जनजातियों जैसे पहाड़ी कोरवा और बिरहोर समाज के पात्र अभ्यर्थियों को भी प्राथमिकता दी गई है, जिससे उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने में सहायता मिली है। जिले में शिक्षकों के साथ-साथ 310 भृत्यों की नियुक्ति भी की गई है, डीएमएफ निधि से कार्यरत शिक्षकों के मानदेय में भी इस सत्र से वृद्धि की गई है हायर सेकेंडरी व्याख्याताओं को 15,000 रूपए, मिडिल स्कूल शिक्षकों को 13,000 रूपए, प्राथमिक शिक्षकों को 11,000रूपए और भृत्यों को 8,500 रूपए मासिक मानदेय मिलेगा।

पठियापाली स्कूल में नई शिक्षिका सविता यदु की पदस्थापना से शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार

09-Oct-2025
 कोरबा ( शोर संदेश )   कोरबा जिले के करतला विकासखंड के ग्राम पठियापाली स्थित पूर्व माध्यमिक शाला गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रतीक बन चुकी है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा की गई युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप इस विद्यालय में शिक्षकों की संख्या बढ़ने से शिक्षा का स्तर उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
पूर्व में विद्यालय में केवल तीन शिक्षक कार्यरत थे, जो 107 विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु निरंतर प्रयासरत रहते थे। शिक्षकों की सीमित संख्या के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती थी। शासन की युक्तियुक्तकरण नीति के अंतर्गत हाल ही में हिंदी एवं सामाजिक विज्ञान विषय हेतु सविता यदु की पदस्थापना की गई। उनके आने से विद्यालय के शैक्षिक वातावरण में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
यदु की नवाचारी शिक्षण पद्धति ने विद्यार्थियों में सीखने के प्रति जिज्ञासा और उत्साह उत्पन्न किया है। कहानियों, खेलों और उदाहरणों के माध्यम से वे बच्चों को सहज और रोचक ढंग से पढ़ाती हैं। कक्षा 6वीं के छात्र हिमांशु ने बताया कि “मैडम के आने से पढ़ाई समझ में आने लगी है,” वहीं छात्रा परिधि ने कहा, अब स्कूल में पढ़ाई मजेदार हो गई है। 
विद्यालय में अब प्रत्येक कक्षा को पर्याप्त समय और ध्यान मिल रहा है, जिससे बच्चों की उपस्थिति और अभिभावकों का विश्वास दोनों बढ़े हैं। 

शिक्षा में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने राज्यभर में सामाजिक अंकेक्षण शुरू

08-Oct-2025
रायपुर।  ( शोर संदेश )  राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत शालाओं का सामाजिक अंकेक्षण प्रारंभ किया गया है। इस अंकेक्षण का आयोजन राज्य के सभी 58 हजार शालाओं में 6 से 8 अक्टूबर 2025 तक किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने प्रदेश के सभी जिला एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सामाजिक अंकेक्षण केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि यह बच्चों की शिक्षा की वास्तविक स्थिति जानने और उसे सुधारने का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी और शिक्षक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि समुदाय की भागीदारी सक्रिय हो और अंकेक्षण के निष्कर्षों के आधार पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाया जाए। शिक्षा मंत्री  यादव ने यह भी कहा कि यह अभियान शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी अपेक्षित है। 
इस अभियान का उद्देश्य विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के घटकों का त्वरित क्रियान्वयन कर बच्चों की सीखने की उपलब्धियों में सुधार लाना है। सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित कर शिक्षा की गुणवत्ता पर ठोस प्रभाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।
2 अक्टूबर 2025 को आयोजित ग्राम सभा में विद्यालयों में सामाजिक अंकेक्षण के आयोजन के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई। इसके बाद प्रत्येक शाला के लिए सामाजिक अंकेक्षण टीमों का गठन किया गया है, जिनमें निकटवर्ती विद्यालय के शिक्षक को टीम लीडर तथा स्थानीय समुदाय से शिक्षा में रुचि रखने वाले सदस्यों को शामिल किया गया है।
सामाजिक अंकेक्षण हेतु प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं हाई-हायर सेकेंडरी स्तर पर प्रश्नावली तैयार करने और प्रशिक्षण देने का कार्य राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा किया गया है। समग्र शिक्षा इस कार्यक्रम के नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रही है।
सामाजिक अंकेक्षण के दौरान समुदाय से कुल 20 प्रश्नों पर जानकारी एकत्र की जा रही है। इसमें बच्चों की पठन क्षमता, गणितीय कौशल, शिक्षकों की उपस्थिति, पुस्तकालय उपयोग, परीक्षा परिणाम, स्थानीय भाषा के उपयोग जैसे पहलू शामिल हैं। इसी के साथ समुदाय से प्राप्त प्रतिक्रियाओं के आधार पर विद्यालयों की स्थिति का विश्लेषण किया जाएगा।
विद्यालयों द्वारा सामाजिक अंकेक्षण की तिथि तय कर समुदाय के सदस्यों को उपस्थिति हेतु आमंत्रित किया गया है। विशेष रूप से, यदि कोई परिवार अपने सगे-संबंधी की स्मृति में “न्यौता भोज” आयोजित करना चाहे तो वह भी इसी दिन किया जा सकता है। जिलों के प्रदर्शन की समीक्षा के दौरान समुदाय की उपस्थिति और आयोजित न्यौता भोजों की संख्या को भी आकलन में शामिल किया जाएगा।
अंकेक्षण के बाद भरे गए प्रपत्रों पर समुदाय के हस्ताक्षर लेकर उन्हें विकासखंड स्तर पर जमा किया जाएगा, जहाँ ऑनलाइन प्रविष्टि की जाएगी। विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर कमजोर प्रदर्शन करने वाली शालाओं की सूची तैयार की जाएगी। इन शालाओं का निरीक्षण जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा किया जाएगा ताकि आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
सामाजिक अंकेक्षण के दौरान जिन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता पाई जाएगी, वहाँ समुदाय से इच्छुक प्रतिभागियों की सूची बनाकर उनके सहयोग से सुधार कार्य आरंभ किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त शिक्षकों की क्षमता वृद्धि तथा बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।
सामाजिक अंकेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर 20 अक्टूबर 2025 तक जिलों को कमजोर प्रदर्शन करने वाली शालाओं की सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके आधार पर संबंधित अधिकारियों को स्कूल आबंटित किए जाएंगे ताकि वे सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कर सकें।
मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत किया जा रहा यह सामाजिक अंकेक्षण न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह समुदाय को भी विद्यालयों की प्रगति में सहभागी बनने का अवसर प्रदान करता है।

खेल भावना और एकता का संगम: रायगढ़ में शुरू हुई राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता

06-Oct-2025

रायपुर  ( शोर संदेश ) रायगढ़ स्टेडियम में आज खेल भावना,अनुशासन और एकता के संदेश के साथ 25वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती की आराधना कर प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया।

इस राज्य स्तरीय आयोजन में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा संभाग से चयनित 632 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिताओं में वॉलीबॉल, सॉफ्टबॉल, खो-खो और क्रिकेट शामिल हैं। कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन रायगढ़ एवं स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
सांसद सिंह ने कहा कि खेल केवल जीतने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में संतुलन और प्रेरणा पाने का माध्यम हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वस्थ और सक्रिय युवा ही सशक्त भारत का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सांसद खेल महोत्सव के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का अवसर दिया जाएगा। नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि खेल अनुशासन, आत्मविश्वास और एकता का प्रतीक हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से निष्ठा और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का आग्रह किया।
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के.वी. राव ने बताया कि प्रतियोगिता के सफल संचालन हेतु सभी विभागों का सहयोग प्राप्त हो रहा है। उद्घाटन समारोह में आकर्षक मार्चपास्ट और लोकनृत्य की प्रस्तुतियाँ हुईं।
पहले दिन के मुकाबलों में सॉफ्टबॉल बालक वर्ग में रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर विजेता रहे। क्रिकेट बालिका वर्ग में रायपुर ने दुर्ग को 117 रनों से, जबकि सरगुजा ने बस्तर को 82 रनों से हराया। वॉलीबॉल वर्ग में बिलासपुर और बस्तर की टीमों ने जीत दर्ज की। यह प्रतियोगिता 8 अक्टूबर तक चलेगी, जिसके लिए खिलाड़ियों के ठहरने, भोजन और परिवहन की समुचित व्यवस्था की गई है। 
 

छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अवसरों का विस्तार – रायपुर जिले के आरंग में खुलेगा नया केंद्रीय विद्यालय

06-Oct-2025
रायपुर।  ( शोर संदेश ) केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक कार्य समिति ने रायपुर जिले के आरंग में नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री साय ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल प्रदेश के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगी। 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अवसरों के विस्तार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय न केवल आरंग क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि आस-पास के ग्रामीण अंचलों में भी शिक्षा की नई चेतना जागृत करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के सभी अंचलों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने, स्कूलों के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने और विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में शिक्षा का नया युग प्रारंभ हो रहा है।











 

10-12वीं की परीक्षाओं के लिए स्वाध्यायी विद्यार्थी 31 तक जमा कर सकते है आनलाइन आवेदन

04-Oct-2025
रायपुर।  ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने चालू शैक्षणिक सत्र की 10-12 वीं की परीक्षाओं के लिए स्वाध्यायी विद्यार्थियों से आवेदन लेना 1 अक्टूबर से शुरु कर दिया है। आवेदन मंडल की वेबसाइट पर आनलाइन ही जमा किया जा सकेगा। आवेदन, सामान्य शुल्क के साथ 31 अक्टूबर तक और विलंब शुल्क के साथ 1-16 नवंबर और विशेष विलंब शुल्क पर 17-30 नवंबर तक जमा किए जा सकते हैं।









 

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव का दुर्ग जिले के स्कूलों में औचक निरीक्षण

26-Sep-2025
रायपुरशोर संदेश )  स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने गुरुवार को दुर्ग जिले के विभिन्न स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। शासकीय प्राथमिक शाला गनियारी में शाला संचालन को सही पाया गया। वहीं, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला/हाईस्कूल गनियारी में मुख्य विषय के कालखंड में शिक्षक स्टाफ रूम में बैठे पाए जाने पर मंत्री ने नाराजगी व्यक्त की और निर्देश दिए कि किसी भी एन.जी.ओ. या बाहरी व्यक्ति को जिला शिक्षा अधिकारी की अनुमति के बिना विद्यालय में प्रवेश न दिया जाए। प्रभारी प्राचार्य रजनी पुरोहित के कार्यों पर भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, नगपुरा में शाला संचालन और विद्यार्थियों से संवाद के बाद मंत्री ने प्रशंसा व्यक्त की। संस्था प्रमुख की मांग पर डोम निर्माण और बालक-बालिका के लिए पृथक-पृथक शौचालय निर्माण की घोषणा की गई तथा रिक्त पदों पर परीक्षण कर भर्ती कराने का आश्वासन दिया गया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, हिर्री धमधा में भौतिक और रसायन विषयों के प्रायोगिक कार्य अधूरे पाए जाने पर मंत्री ने प्रभारी प्राचार्य मनिराम  मनडारे और भौतिक शास्त्र के व्याख्याता कल्पना शुक्ला के कार्यों पर नाराजगी व्यक्त की और सुधार हेतु नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
पूर्व माध्यमिक शाला, हिर्री में प्रधानपाठक हरिहरनो द्वारा संचालित अध्यापन व्यवस्था की मंत्री ने प्रशंसा की। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, लिटिया में पात्र छात्राओं को निःशुल्क सरस्वती सायकल वितरित की गई और डोम निर्माण की घोषणा की गई। विद्यार्थियों से उनके भविष्य के लक्ष्य पूछने पर डॉक्टर, इंजीनियर, आई.ए.एस., और शिक्षक बनने की आकांक्षाएँ सामने आईं, जिस पर मंत्री ने सभी बच्चों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
मंत्री गजेन्द्र यादव ने निरीक्षण के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता, शाला संचालन, प्रायोगिक कार्य और छात्राओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया तथा सभी विद्यालयों में सुधार, आवश्यक निर्माण कार्य और विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।






 

छत्तीसगढ़ में जल संसाधन विभाग में होगी भर्ती, ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 20...

25-Sep-2025
रायपुर। ( शोर संदेश )। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा जल संसाधन विभाग के अंतर्गत उप अभियंता (सिविल) एवं उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) पदों की भर्ती हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया है।
इन पदों के लिए इच्छुक अभ्यर्थी 20 जून 2025 तक ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा की तिथि 20 जुलाई निर्धारित की गई है।
इन पदों के लिए अभ्यर्थी को ऑनलाईन आवेदन के समय परीक्षा शुल्क का भुगतान डिजिटल माध्यम से किया जाना है। छत्तीसगढ़ राज्य के पात्र स्थानीय निवासी को नियमानुसार परीक्षा में उपस्थिति होने पर परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा।
अभ्यर्थी को परीक्षा शुल्क की वापसी केवल उसी बैंक खाते में की जाएगी जिससे शुल्क का भुगतान किया गया है। इस संबंध में अधिक जानकारी एवं आवेदन के लिए उम्मीदवार वेबसाइट का अवलोकन कर सकते हैं।

युक्तियुक्तकरण से शिक्षा में सुधार : अब हर बच्चे को विषयवार पढ़ाई

25-Sep-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी सोच और राज्य सरकार की हर शाला में शिक्षक, हर बच्चे को शिक्षा नीति के तहत शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार हो रहा है। ग्रामीण अंचलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए लागू की गई युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया सकारात्मक परिणाम दे रही है। इसका उदाहरण बलरामपुर जिले के प्राथमिक शाला यादवपारा में देखने को मिलता है, जहाँ अब बच्चों को विषयवार पढ़ाई, खेल-आधारित गतिविधियों और व्यक्तिगत ध्यान का लाभ मिल रहा है।
वर्ष 2022 से प्राथमिक शाला यादवपारा एकल शिक्षकीय विद्यालय के रूप में संचालित हो रहा था। कक्षा 1 से 5वीं तक की सभी कक्षाओं को एक ही शिक्षक संभाल रहे थे, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। अभिभावकों की चिंताओं को देखते हुए राज्य सरकार ने युक्तियुक्तकरण नीति के तहत इस विद्यालय में 2025 में सहायक शिक्षिका की पदस्थापना की।
सहायक शिक्षिका आनंदी पल्हे बताती हैं कि अब बच्चों को विषयवार पढ़ाई, गृहकार्य और समूह आधारित गतिविधियों के जरिए शिक्षा दी जा रही है। कहानियों, खेल, चित्रों और पहेलियों के माध्यम से बच्चों की रुचि बढ़ रही है। पहले जहाँ एक ही शिक्षक पर पूरा भार था, वहीं अब बच्चों को समझने योग्य और उच्च गुणवत्ता की पढ़ाई मिल रही है।
स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि पहले बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही थी, छोटे बच्चों को कुछ समझ नहीं आता था और बड़े बच्चे भी पीछे रह जाते थे। लेकिन अब बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा है, वे नियमित विद्यालय आने लगे हैं और पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि आनंद मानने लगे हैं।
राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेश भर के विद्यालयों में शिक्षकों की पदस्थापना हुई है। बच्चों को अब व्यक्तिगत ध्यान, गृहकार्य की समीक्षा और खेल-खेल में सीखने का अवसर मिल रहा है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ी है और बच्चों का समग्र विकास संभव हो रहा है।



 



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