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शिक्षा

*सीबीएसई 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित और 10वीं की परीक्षाएं कैंसिल*

14-Apr-2021

 नई दिल्ली (शोर सन्देश)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। इसके अलावा 10वीं की परीक्षाएं कैंसिल कर दी गई हैं। आज सीबीएसई परीक्षाओं को लेकर पीएम मोदी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक में यह फैसला लिया गया है। 12वीं की मई और जून में होने वाली परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया, अब इनकी तारीख एक जून के बाद तय की जाएगी। बता दें कि दिल्ली में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने परीक्षाओं को रद्द किए जाने की मांग की थी। अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार से परीक्षा रद्द करने की अपील करते हुए कहा कि परीक्षा केंद्र वायरस के संक्रमण को फैलने में सहायक साबित हो सकते हैं। इसी बीच पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी केंद्र को पत्र लिखकर 10वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित किए जाने की अपील की थी।


परीक्षा पे चर्चा में प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को दिए तनाव से बचने मन्त्र

08-Apr-2021

 नई दिल्ली (शोर सन्देश)। प्रधानमंत्री मोदी साल 2018 से परीक्षा से पहले छात्रों से बातचीत कर रहे हैं। पहली बार `परीक्षा पे चर्चा` कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुआ था। `परीक्षा पे चर्चा` कार्यक्रम के जरिए वह हर साल छात्रों से संवाद करते हैं और उन्हें परीक्षा के तनाव को दूर करने के उपाय सुझाते हैं। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार कार्यक्रम का आयोजन वर्चुअल हो रहा है। `परीक्षा पे चर्चा` कार्यक्रम के लिए 12 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए है। प्रधानमंत्री मोदी आज `परीक्षा पे चर्चा` कार्यक्रम के तहत छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ संवाद कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के चलते इस बार आपसे (छात्रों से) वर्चुअल मोड से बातचीत करनी पड़ रही है। छात्रों से प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों को परीक्षा का डर नहीं होता। वो हर साल होती है। परीक्षा ही सब कुछ नहीं होती। असल में आसपास का माहौल स्टूडेंट्स को परेशान करता है। छात्रों के लिए दबाव का माहौल नहीं बनाना चाहिए। बच्चों को घर में तनावमुक्त माहौल में जीना चाहिए। इस दौरान छात्रों, शिक्षकों तथा अभिभावकों ने प्रधानमंत्री मोदी से संवाद किया और अपनी समस्या, प्रश्न सामने रखे। प्रधानमंत्री मोदी ने इन सभी का जवाब दिया और छात्रों को मार्गदर्शन भी दिया।
00 देखें अब तक प्रधानमंत्री मोदी की परीक्षा पे चर्चा के कुछ मुख्य अंश...
-कैसे रखें चीजों को याद
विद्यार्थी कभी यह नहीं सोचें कि वह चीजों को भूल जाते हैं। याद करने की बजाय जीने की कोशिश करें। चीजों को सहजता और सरलता के साथ लें। क्षण में इनवोल्व हों। पढ़ाई के दौरान वहीं मन होना भी चाहिए, खेल के मैदान में नहीं। विजुअलाइज करें। जब घर से निकलें तो याद रखें कि बैग में तीसरे या पांचवें नंबर पर कौन सी किताबें रखीं हैं। जो किताब जब चाहिए, उस वक्त वही निकालें। इससे चीजों को याद रखने का आपका आत्मविश्वास बढ़ जाएगा। पर्ताधानमंत्री ने कहा कि आपको सोचना चाहिए कि आप अपने किस सपने को अपना संकल्प बनाना चाहेंगे। सपना सिर्फ लें नहीं, बल्कि उसे सच करने का संकल्प लें। करियर में शॉर्टकट मारना कई बार अंधकार की शुरुआत होता है। पीएम मोदी ने अभिभावकों से कहा- बच्चे बड़े स्मार्ट होते हैं। जो आप कहेंगे, उसे वो करेंगे या नहीं करेंगे, यह कहना मुश्किल है, लेकिन इस बात की पूरी संभावना होती है कि जो आप कर रहे हैं, वो उसे बहुत बारीक़ी से देखता है और दोहराने के लिए लालायीत हो जाता है। जब आप इन मूल्यों को पुराण, हमारे इतिहास, पुरखों की बातों से जोड़ें। तब बच्चे इनसे प्रेरित होंगे, उनके आचार व्यवहार में मूल्यों को उतारना आसान हो जाएगा। बच्चों पर अपने मूल्य थोपने का प्रयास न करें। बल्कि मूल्यों को खुद जीकर बच्चों को प्रेरित करने का प्रयास करें। पीएम मोदी ने कहा - मैं छात्रों से कहना चाहता हूं कि आप सभी विषयों को बराबर समय दीजिए। पढ़ाई के दौरान सबसे पहले कठिन सवाल हल करे क्योंकि इस दौरान आपका दिमाग ताजा रहता है। अगर आप पहले कठिन सवाल हल कर लेते हैं, तो बाद में सरल सवाल तो और भी आसान हो जाएंगे।
जब मैं प्रधानमंत्री बना तो मुझे भी शुरू में कई मुश्किल चीजों का सामना करना पड़ता था। मैं अपनी सुबह कठिन चीजों से करना पसंद करता हूं। मुश्किल से मुश्किल चीजें अफसर मेरे सामने लेकर आते हैं, मैं उन्हें फौरन समझ लेता हूं, निर्णय करने की दिशा में आगे बढ़ता हूं।
-खाली समय, इसको खाली मत समझिए, ये खजाना है। खाली समय एक सौभाग्य है, आपकी दिनचर्या में खाली समय के पल होने ही चाहिए, वरना जिंदगी रोबोट जैसी हो जाती है।
- उन कामों की लिस्ट बनाएं जो कभी आपको मुश्किल लगा करती थीं, लेकिन अब आप उन्हें बेहद आसानी से कर लेते हैं। जब आप उस लिस्ट को पढ़ेंगे तो आपको वो चीजें मुश्किल लगेंगी ही नहीं।
- किसी विषय का मुश्किल लगना आपकी असफलता नहीं है। आप उसे विषय से भागें नहीं। उसे समय दें। शिक्षक विद्यार्थियों को टोकें रोकें नहीं। प्रोत्साहित करें। आपलोगों को किसी खास सब्जेक्ट या चैप्टर से डर का सामना करना पड़ता है, लेकिन आप दुनिया में अकले नहीं हैं, शायद ही कोई शख्स होगा जिसे इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।
- आजकल बच्चों का आकलन परीक्षा के नतीजों तक ही सीमित हो गया है। परीक्षा में अंकों के अलावा भी बच्चों में कई ऐसी चीजें होती हैं जिन्हें अभिभावक देख नहीं पाते। परीक्षा एक प्रकार से लंबी जिंदगी जीने का अवसर है। समस्या तब होती है, जब हम परीक्षा को जीवन-मरण का सवाल बना देते हैं। परीक्षा के नतीजों से बच्चों की प्रतिभा का आकलन नहीं करना चाहिए। सफल व्यक्ति हर विषय में पारंगत नहीं होता। वह किसी एक विषय में एक्सपर्ट बनता है।
अभिभावकों को उन्होंने कहा -पेरेंट्स को बच्चों के साथ अधिक समय बिताना चाहिए। उन्हें घर में तनावमुक्त माहौल देना चाहिए। परीक्षा जीवन में महज एक पड़ाव है। यह सब कुछ नहीं है। इसे लेकर डरने की कोई जरूरत नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम की तिथि की घोषणा सोमवार को ट्वीट कर की थी। उन्होंने ट्वीट कर कहा था, ``एक नया प्रारूप, विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला पर कई दिलचस्प प्रश्न और हमारे बहादुर योद्धाओं, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ एक यादगार चर्चा ... । सात अप्रैल को शाम सात बजे देखिए `परीक्षा पे चर्चा। प्रधानमंत्री ने इसके साथ ही एक वीडियो भी साझा किया जिसमें वह कह रहे हैं, “हम बीते एक साल से कोरोना के साये में रह रहे हैं और इसकी वजह से मुझे व्यक्तिगत रूप से आपसे मिलने का मोह छोड़ना होगा और नए प्रारूप में `परीक्षा पे चर्चा के पहले डिजिटल संस्करण में आपके साथ रहूंगा।”


*सात अप्रैल को शाम सात बजे मोदी करेंगे छात्रों से परीक्षा पर चर्चा*

06-Apr-2021

 नई दिल्ली (शोर सन्देश)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सात अप्रैल को शाम सात बजे परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के तहत छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद करेंगे।उन्होंने ट्वीट कर कहा, एक नए अवतार में, परीक्षा देने वाले हमारे बहादुर योद्धाओं, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ विभिन्न विषयों पर कई मजेदार सवाल और यादगार चर्चा। सात अप्रैल को शाम सात बजे देखिए परीक्षा पे चर्चा। प्रधानमंत्री ने इसके साथ ही एक वीडियो भी साझा किया जिसमें वह कह रहे हैं, हम बीते एक साल से कोरोना के साये में रह रहे हैं और इसकी वजह से मुझे व्यक्तिगत रूप से आपसे मिलने का मोह छोड़ना होगा और नए फॉरमेट में ‘परीक्षा पे चर्चा’ के पहले डिजिटल संस्करण में आपके साथ रहूंगा। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे परीक्षा को अवसरों के तौर पर देखें न कि जीवन के सपनों के अंत के तौर पर। वीडियो में यह भी बताया गया है कि प्रधानमंत्री बच्चों के साथ दोस्त के तौर पर बातचीत करेंगे और इसके साथ ही डिजिटल कार्यक्रम में शिक्षकों व अभिभावकों से भी संवाद करेंगे। मोदी इस बात की भी चर्चा करते हैं कि लोग या माता-पिता क्या कहेंगे इसका दबाव भी कई बार बोझ बन जाता है। वीडियो में प्रधानमंत्री यह भी कह रहे हैं कि यह ‘परीक्षा पे चर्चा’ है लेकिन यहां चर्चा सिर्फ ‘परीक्षा’ तक सीमित नहीं होगी। इस बार ‘‘परीक्षा पे चर्चा’’ कार्यक्रम डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है। गत फरवरी महीने में शिक्षा मंत्रालय ने इसकी घोषणा की थी। प्रधानमंत्री मोदी साल 2018 से परीक्षा से पहले छात्रों से चर्चा करते रहे हैं। पहली बार इसका आयोजन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुआ था। `परीक्षा पे चर्चा` कार्यक्रम के जरिए वह हर साल छात्रों से संवाद करते हैं और उन्हें परीक्षा के तनाव को दूर करने के उपाय सुझाते हैं।


*शीतल बहु मंडल ने दशमेश विद्यालय के विद्यार्थियों को दी पाठ्य सामग्री*

27-Mar-2021

 00 भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिति के विविध सेवा प्रकल्पों का क्रम जारी
रायपुर (शोर सन्देश)। शीतल बहु मंडल देवेंद्रनगर रायपुर की ओर से दशमेश सेवा सोसायटी द्वारा संचालित दशमेश विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए दैनिक जरूरत की खाद्य सामग्री एवं पाठ्य सामग्री, स्टेशनरी आदि का वितरण किया गया। इस सेवा कार्य में मंडल अध्यक्ष श्रीमती शिखा पींचा, सचिव श्रीमती प्रीति कोठारी, कोषाध्यक्ष श्रीमती मीना कांकरिया, श्रीमती पूनम बैद, श्रीमती पूजा लोढ़ा, प्रीति श्रीश्रीमाल, श्रीमती रश्मि कोचर, श्रीमती कीर्ति सुराना, श्रीमती चेतना गोलछा आदि का योगदान रहा। दशमेश सेवा सोसायटी की प्रशिक्षिका शिक्षिका संध्या ने मंडल के सेवा कार्यों के प्रति आभार मानते हुए विद्यार्थियों को दिए जा रहे विविध प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी।


जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश परीक्षा अब

25-Mar-2021

धमतरी (शोर सन्देश) शिक्षा सत्र 2021-22 में जवाहर नवोदय विद्यालय कुरूद में कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। पूर्व में उक्त प्रवेश परीक्षा 10 अप्रैल को होने वाली थी, जिसकी तिथि में संशोधन किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि अब प्रवेश परीक्षा 16 मई को आयोजित की जाएगी।


*वन मंत्री ने किया 907 छात्र छात्राओं को 45.30 लाख की छात्रवृत्ति का ऑनलाइन भुगतान*

15-Mar-2021
00 शिक्षा के प्रति जागरूक करने राज्य लघु वनोपज संघ का रहा विभिन्न योजनाओं का संचालन
रायपुर (शोर सन्देश)। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज राजधानी के शंकर नगर स्थित अपने निवास कार्यालय से आज व्यावसायिक तथा गैर-व्यावसायिक स्नातक कोर्स हेतु छात्रवृत्ति अथवा अनुदान प्रदाय योजना के तहत 907 छात्र-छात्राओं के बैंक खाते में 45 लाख 30 हजार रूपए का ऑनलाइन भुगतान किया। यह राशि तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा लागू योजना के तहत प्रदाय की गई। इस अवसर पर प्रमुख सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन मनोज पिंगुआ, प्र्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी, प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ संजय शुक्ला, अपर प्रबंध संचालक एस.एस. बजाज, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक जयसिंह म्हस्के, मुख्य वन संरक्षक जे.आर. नायक सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 
इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री अकबर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के हितों का पूरा-पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में तेंदूपत्ता संग्राहण दर की राशि बढ़ाने से जहां एक ओर संग्राहकों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है तथा रोजगार के साधन उपलब्ध हुए हैं। वहीं दूसरी ओर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को मेघावी छात्र तथा छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए भरपूर प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में इसके तहत तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के मेघावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार, प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति तथा व्यावसायिक कोर्स हेतु छात्रवृत्ति और गैर व्यावसायिक स्नातक कोर्स हेतु अनुदान प्रदाय करने की योजना लागू है।
गौरतलब है कि व्यावसायिक कोर्स हेतु छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत प्रत्येक प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति में प्रत्येक वर्ष एक विद्यार्थी जिसने किसी भी व्यावसायिक कोर्स जैसे - इंजीनियरिंग, मेडिकल, विधि, एम.बी.ए. तथा नर्सिंग में प्रवेश लिया हो तथा जिस कोर्स के प्रवेश हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता कक्षा 12वीं हो, उसका चयन इस छात्रवृत्ति के लिए किया जाता है। इसके तहत प्रथम वर्ष में 10 हजार रूपए एवं द्वितीय वर्ष तथा पश्चातवर्ती वर्षाें में 5 हजार रूपए प्रतिवर्ष अधिकतम कुल 4 वर्षाें तक राशि 25 हजार रूपए की छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाती है। इसी तरह गैर-व्यावसायिक स्नातक कोर्स हेतु अनुदान योजना के तहत प्रत्येक प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति क्षेत्र के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष एक छात्र व एक छात्रा जिसने किसी भी राज्य शासन-केन्द्र शासन द्वारा मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्था में किसी गैर-व्यावसायिक स्नातक कोर्स जैसे बी.ए., बी.काम, बी.एस.सी. आदि स्नातक कोर्स में प्रवेश लिया हो, उसको कोर्स के प्रथम वर्ष में 5 हजार रूपए, द्वितीय वर्ष में 4 हजार रूपए एवं तृतीय वर्ष में 3 हजार रूपए अर्थात् तीन वर्षाें में कुल 12 हजार रूपए की अनुदान राशि उपलब्ध कराई जाती है।
 

  


*सहायक प्राध्यापक पद के लिए साक्षात्कार 31 मार्च से*

08-Mar-2021

00 दस्तावेजों का सत्यापन साक्षात्कार तिथि से एक दिन पूर्व
रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग से उच्च शिक्षा विभाग 249 पदों के लिए लिखित परीक्षा के प्राप्तांकों व अर्ह अभ्यर्थियों के उपलब्धता के आधार पर, चिन्हांकित 493 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 31 मार्च से 17 अप्रैल तक आयोजित किया गया है। इन चिन्हांकित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन साक्षात्कार तिथि के एक दिन पूर्व दो पालियों में सवेरे 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और 1 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा। दस्तावेजों के सत्यापन में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल होने की अनुमति नही दी जाएगी। वर्गवार चयन सूची, अनुपूरक सूची जारी की गई है। उपरोक्त पदों के लिए 19 जनवरी को जारी लिखित परीक्षा परिणाम में 493 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित किया गया। सहायक प्राध्यापक सूचना प्रौद्योगिकी के लिए 8, कम्प्यूटर साईंस 12, कम्प्यूटर एप्लीकेशन के लिए 20, राजनीति शास्त्र 59 और रसायन शास्त्र के 150 पदों के लिए अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया जाएगा। अभ्यर्थी के पास आवश्यक शैक्षणिक अर्हताओं और अन्य अर्हताओं के प्रमाण पत्र ऑनलाईन आवेदन करने के लिए निर्धारित अंतिम तिथि या उसके पूर्व प्राप्त कर लिया होना चाहिए।
ऑनकोविड-19 के संक्रमण के नियंत्रण और रोकथाम के लिए आयोग कार्यालय परिसर में केवल अभ्यर्थियों को ही प्रवेश दिया जाएगा। अभ्यर्थियांे के अतिरिक्त अन्य के लिए प्रवेश निशेध है । अभ्यर्थियों को फेस मास्क लगाना सैनिटाइजर रखना अनिवार्य है। जो अभ्यर्थी फेस मास्क, सैनेटाईजर के बिना साक्षात्कार में उपस्थित होगा। उन्हें साक्षात्कार में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।


*कलेक्टर की अभिनव पहल कक्षा 10 वी व 12 वीं के बच्चों के लिये कोचिंग तुहर दुआर की शुरुआत*

04-Mar-2021

महासमुन्द (शोर सन्देश) छत्तीसगढ़ की महंगे स्कूल से लेकर दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले गरीब बच्चें हर तरीके से कुछ कुछ सीखते हैं। लेकिन कोविड-19 ने उनकी स्थितियां पूरी तरह से बदल दी है। कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण और फैलनें के कारण डिजिटल संसाधनों तक पहुंच में बड़ी असमानता छत्तीसगढ़ में भी बड़ी चुनौती बन गई। छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने पढ़ई तुहर दुआर शुरू की। महासमुन्द जिले में कलेक्टर डोमन सिंह (आई..एस.) जिले के 40 शिक्षा केन्द्रों और कार्यालयों के सभाकक्षों में 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की बेहतर पढ़ाई के लिए विषय विशेषज्ञों ने कोचिंग स्थापित कर पढ़ाने की व्यवस्था की गयी है। इस पर व्यय राशि जिला खनिज न्यास मद से दी गयी है। यह कोचिंग विद्यालय संचालन समय के अतिरिक्त समय पर दी जा रही है।छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने बोर्ड परीक्षा की तारीख घोषित कर दी है। कक्षा 10वी की बोर्ड परीक्षा 15 अप्रैल से 1 मई तक और कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा 03 मई से 24 मई तक होंगी। दूसरी ओर कोविड-19 महामारी के कारण सभी विद्यालय 11 माह से बंद थे, जिसके कारण ऑफलाइन पढ़ाई बाधित हुई। पढ़ई तुहर दुआर अंतर्गत इस सत्र में केवल ऑनलाइन के माध्यम से अध्यापन कराया गया। ऑफलाइन क्लासेस के लिये बच्चों को बहुत कम समय पढ़ाने के लिये प्राप्त हो रहा है। इसलिये बच्चों शिक्षकों की मांग के आधार पर महासमुन्द जिले में परीक्षा पूर्व कोचिंग के लिए जिले में 40 कोचिंग केन्द्र स्थापित कर विषय विशेषज्ञ शिक्षकों से गुणवत्ता युक्त शिक्षा चार हजार बच्चों को दी जा रही है। यह कोचिंग स्वैच्छिक है। पालकों की अनुमति प्राप्त होने पर ही यह कोचिंग बच्चें प्राप्त कर सकेंगे। कोचिंग में मास्क अनिवार्य किया गया है। कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के नियमों का पालन किया जाना अनिवार्य है। इसका उद्देश्य है कमजोर बच्चों का परीक्षा परिणाम बेहतर प्राप्त हो सके।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय के सभाकक्ष में संचालन किए जाने का भी निर्देश कलेक्टर ने दिया है। ताकि बच्चों को समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों का भी मार्गदर्शन तथा प्रोत्साहन मिल सके। भौगोलिक स्थिति के आधार पर अध्यापन कार्य के लिए केन्द्र की संख्या महासमुन्द में 8 केन्द्र, बागबाहरा में 7 केन्द्र, पिथौरा में 11 केन्द्र, बसना में 7 केन्द्र, सरायपाली में 7 केन्द्र इस तरह कुल 40 केन्द्र स्थापित किये गये है। 10वीं की किोचिंग 1 मार्च से 10 अप्रैल और 12 वीं की कोचिंग 1 मार्च से 30 अप्रैल तक आयोजित की जायेगी। कोचिंग का समय प्रातः 7.30 से 9.30 बजे तक निर्धारित किया गया है।


डेयरी पाॅलिटेक्निक महाविद्यालय मे प्रवेश 5 मार्च तक *

01-Mar-2021

बेमेतरा (शोर सन्देश) दाउ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय अंजोरा (दुर्ग) अंतर्गत शासन द्वारा स्थापित किए जा रहे डेयरी पाॅलिटेक्निक, बेमेतरा और तखतपुर में प्रवेश 1 मार्च से 5 मार्च तक शैक्षणिक योग्यता गणित, भौतिक, रसायन विषयों के साथ 12वीं कक्षा उत्तीर्ण छात्रध्छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा।
यह दो वर्षीय पाठ्यक्रम तखतपुर एवं बेमेतरा में संचालित होगा। जिसके लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता और दस्तावेज के साथ जिला परियोजना लाइवलीहुड काॅलेज चोरभट्ठी बेमेतरा - तखतपुर शासकीय जे.एम.पाण्डेय महाविद्यालय मे प्रवेश ले सकते हैं। दुग्ध विज्ञान और खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय रायपुर के अधिकारी और कर्मचारी पाॅलिटेक्निक स्थल पर 1 मार्च से 5 मार्च तक सुबह 1030 बजे से शाम 530 बजे तक उपस्थित रहेंगे। 


*हॉस्टल के 190 छात्र कोरोना पॉजिटिव स्कूल प्रशासन में मचा हड़कंप*

25-Feb-2021

विदर्भ (शोर सन्देश) महाराष्ट्र में कोरोना का खतरा प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला विदर्भ के वाशिम जिले का है। जहां पर बीते 24 घंटों में 318 नए मरीज पाए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 190 छात्र भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। एक साथ इतने मामले सामने आने से स्कूल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। सभी छात्र एक हॉस्टल में रहते थे। बताया जा रहा है कि रिसोड़ तहसील के ग्राम देगांव स्थित निवासि आश्रम शाला में छात्र पढ़ने के अलावा यहीं पर स्थित हॉस्टल में रहते हैं। एक ओर जहां प्रशासन कोरोना को नियंत्रण में लाने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहा है, वहीं पर एक ही जगह पर इतने सारे मरीजों का पॉजिटिव पाया जाना चिंता का विषय बन गया। वाशिम जिलाधिकारी एस शन्मुगराजन ने हॉस्टल की स्थिति का जायजा लिया है।
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस की दूसरी लहर धीरे-धीरे विकराल रूप लेती जा रही है। राज्य में पिछले 24 घंटे में 8,807 नए मरीज मिले है। कोरोना के इस विस्फोटक रूप को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मंत्रियों के साथ इस पर गंभीर चर्चा की। इसी तरह मुख्यमंत्री के आदेश के बाद राज्य के सभी जिलाधिकारी भी पूरी तरह से हरकत में गए। राज्य के ज्यादातर जिलों में किसी ना किसी तरह के प्रतिबंध या कर्फ्यू या लॉकडाउन घोषित किया जा चुका है।
बता दे कि कोरोना की दूसरी लहर की शुरुआत अमरावती से ही हुई है। अमरावती में एक हफ्ते का लॉकडाउन लगाया गया है। वहीं महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की सीमा से लगते जिले बालाघाट में नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया गया है।




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