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शिक्षा

*कक्षा 1ली से 10वीं तक के पाठ्य पुस्तक ऑनलाईन उपलब्ध छात्रों को मिलेगी ऑनलाईन पढ़ाई हेतु समुचित बुनियादी सामग्री*

27-May-2021

राजेंद्र ठाकुर बलरामपुर (शोर सन्देश)। जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी.एक्का ने जानकारी दी है कि जिले में कोविड-19 एवं लॉकडाउन के कारण पिछले वर्ष हमारे शिक्षक एवं विद्यार्थियों को पढ़ई तुंहर दुआर आदि कई अनुप्रयोगों के साथ-साथ ऑनलाईन क्लास के माध्यम से अध्ययन एवं अध्यापन कार्य से जुड़ने का अवसर एवं अनुभव मिला है। भविष्य में भी विशेष कर माध्यमिक, हाई तथा हायर सेकेण्डरी की कक्षाओं के विद्यार्थियों में ऑनलाईन पढ़ाई के प्रति पर्याप्त रूझान की संभावना बनी रहेगी। इस संभावित आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम रायपुर द्वारा वेबसाईट http://www.tbc.cg.nic.in  तथा राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् द्वारा वेबसाईट http://www.scert.cg.gov.in  पर कक्षा 1ली से 10वीं तक की सभी पाठ्य पुस्तक को यूनिकोड में परिवर्तित कर अपलोड की गई है। ताकि जिले के सभी इच्छुक विद्यार्थी/शिक्षक भी इस सुविधा का पर्याप्त लाभ उठा सकें एवं उन्हें ऑनलाईन पढ़ाई हेतु समुचित बुनियादी सामग्री निरंतर मिल सके।


*12वीं बोर्ड की परीक्षा के लिए तय केंद्रों से ही मिलेंगे प्रश्न-उत्तर पुस्तिका आदेश जारी*

23-May-2021

00 पुस्तिका प्राप्त करने के 5 दिवस के भीतर केंद्र में करना होगा जमा
रायपुर (शोर सन्देश)। छग माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हायर सेकेंडरी परीक्षा वर्ष 2020-2021 का आयोजन कोविड प्रोटोकॉल के तहत आयोजित करने का निर्णय लिया है। माशिम ने इसके लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए है। जारी आदेश में बताया गया है कि परीक्षार्थी अपने चुने गए केंद्रों से 1 से 5 जून के बीच प्रश्न पत्र व उत्तर पुस्तिका प्राप्त कर सकते है। पुस्तिका प्राप्त होने के 5 दिवस के अंदर छात्रों को इसे भरकर अपने केंद्रों में जमा करना अनिवार्य है। अगर कोई छात्र 5 दिनों के बाद पुस्तिका जमा करता है तो उसे अनुपस्थित घोषित कर दिया जाएगा। परीक्षार्थी उत्तर पुस्तिकाएं स्वयं के द्वारा लिखेगा। उत्तर पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ पर छात्र को समस्त जानकारी यथा रोल नं. विषय, विषय कोड, हस्ताक्षर, दिनांक अंकित करना अनिवार्य है।


*स्वामी आत्मानन्द शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में दाखिला हेतु आवेदन 10 जून तक*

21-May-2021

सूरजपुर (शोर सन्देश) छ.ग.शासन द्वारा राज्य में शिक्ष गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से स्वामी आत्मानन्द शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय योजना अन्तर्गत  जिले में संचालित समस्त 07 विद्यालयों  में प्रवेश की प्रक्रिया प्रारम्भ हो चुकी है। जिसमें शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय प्रतापपुर में सत्र 2021-22 में कक्षा 1 ली में 40 सीट एवं कक्षा 11 वीं के लिये गणित में 20 सीट, बाॅयो में 20 सीट एवं काॅमर्स में 40 सीट पर आवेदन लिया जाना है। एवं नवापारा सूरजपुर, जयनगर, भुनेश्वरपुर, प्रेमनगर, भैयाथान एवं ओड़गी में कक्षा 1 ली से 9 वीं तक 40-40 सीट एवं कक्षा 11 वीं के लिये गणित में 20 सीट, बाॅयो में 20 सीट एवं काॅमर्स में 40 सीटों पर आॅनलाइन प्रवेश फार्म लिया जाना है। उक्त शालाओं में आवेदन करने की तिथि 15 मई से 10 जून तक निर्धारित है। उपलब्ध सीट 40 से अधिक आवेदन की स्थिति में 11 जून से 14 जून तक लाॅटरी के माध्यम से सीट आबंटन किया जायेगा। विद्यालयों में प्रवेश संबंधी अन्य आवश्यक कार्यवाही 15 जून से 20 जून तक की जायेगी। कक्षा पहली को छोड़कर शेष कक्ष दूसरी से कक्षा 11 वीं तक की कक्षाओं में अंग्रेजी माध्यम से पढ़कर आने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश में प्राथमिकता दी जायेगी। कक्षा पहली प्रवेश के लिए बच्चों की आयु 5 वर्ष 6 माह से 6 वर्ष 6 माह के मध्य होनी चाहिए। बीपीएल एवं आर्थि रूप से कमजोर पालकों के बच्चों  को कुल रिक्त सीट के 25 प्रतिशत सीटों के विरूद्ध प्रवेश दिया जायेगा। पालको को शासन द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। पालक अपने क्षेत्र के निकटतम विद्यालय से सम्पर्क कर सकते है एवं आॅनलाइन आवेदन करने के लिए नीचे दिये गये लिंक का उपयोग कर सकते है। 

http://cgschool.in/seams/studentadmission/studentadamission.aspx

*स्कूल शिक्षा मंत्री ने जारी किए 10वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम यहां देखें रिजल्‍ट*

19-May-2021

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट जारी कर दिए हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने आज सुबह 11 बजे वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के माध्यम से ऑनलाइन रिजल्ट जारी किया। इस बार कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए परीक्षा रद्द कर दी गई थी और इंटरनल मार्किंग के आधार पर छात्रों का रिजल्‍ट तैयार किया गया है। मार्किंग स्‍कीम पिछले सप्‍ताह जारी की गई थी। 10वीं के सभी छात्र अपने रोल नंबर की मदद से लॉगिन कर सकेंगे और अपना रिजल्‍ट चेक कर सकेंगे।
छात्र इन साइट्स पर लॉगिन कर देख सकते है अपने परिणाम-
– cgbse.nic.in
– results.cg.nic.in


कोरोना ने मां-बाप को छिन लिया उन बच्चों की फीस माफ करने का फैसला

12-May-2021

रायपुर (शोर सन्देश)।कोरोना संक्रमण की वजह से कई लोगों की मौत हो गई है, किसी ने अपनों को खोया, किसी ने सपनों को. लेकिन इस मुश्किल घड़ी में ऐसे बच्चे जिनके के सिर से कोरोना ने मां-बाप को छिन लिया, उन बच्चों की फीस माफ करने का फैसला छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट ने किया है. संक्रमण के इस दौर में कई लोग ऐसे हैं जिनके सिर से पिता या माता का साया छिन गया है और कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने परिवार के ऐसे सदस्यों खोया है जिनकी कमाई से पूरे घर का खर्चा चलता था. अब ऐसे में उन परिवारों के सामने बच्चों को पालने और उनकी स्कूल फीस भरने की परेशानी सामने आ रही है. ऐसे में निजी स्कूल उन बच्चों के पढ़ाई की जिम्मेदारी संभालने के लिए आगे आए हैंं. इतना ही नहीं बच्चों के स्कूल बस की फीस, किताब और स्कूल ड्रेस की फीस भी माफ किये जाएंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि कई परिवार आर्थिक स्थिति का सामना कर रहे हैं, जिसकी वजह से वे स्कूल की फीस अदा करने की स्थिति में नहीं हैं प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने छत्तीसगढ़ सरकार से ये अपील भी की है कि ऐसे बच्चों को आरटीआई के दायरे में लाया जाए. एसोसिएशन द्वारा ऐसे बच्चों की जानकारी भी मांगी जा रही है.छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल संघ के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि जिन लोगों ने अपना पिता खोया, या ऐसे परिवार जिनमे कमाने वाले किसी सदस्य की मृत्यु हो गई है, उसकी फीस माफ की जाएगी, हमने सरकार से भी मांग की कि ऐसे बच्चों को शिक्षा अधिकार के अंतर्गत लाये, हमने निजी स्कूलों से कहा कि उनसे कोई फीस ना ले, अनाथ बच्चों के लिए भी कहा है कि उन्हें निजी स्कूलों में 12 वीं तक मुफ्त में शिक्षा दी जाए. बता दें कि छत्तीसगढ़ में लगभग 10 हजार निजी स्कूल हैं जहां पढ़ने वाले ऐसे बच्चों की फीस माफ की जाएगी.

 


*हाइकोर्ट ने रद्द की ये परीक्षा 3 मई से होने वाली थी शुरू*

30-Apr-2021

 बिलासपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ में 3 मई से शुरू होने वाली मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी की ऑफलाइन परीक्षा पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। आयुष यूनिवर्सिटी ने एमडीएस परिक्षा का जो कार्यक्रम घोषित किया था, उसके मुताबिक 3 मई से छात्र-छात्राओं को सेंटर पर जाकर ऑफलाइन परीक्षा देनी थी। इसमें करीब 200 छात्र-छात्राओं को शामिल होना था। कोरोनाकाल में जहां सभी परीक्षाएं निरस्त हो रही हैं या ऑन लाइन हो रही हैं, ऐसे में इस परीक्षा से छात्र नाराज थे। इस निर्णय के खिलाफ यूनिवर्सिटी की छात्रा डॉक्टर स्नेहा समेत 14 अन्य छात्र छात्राओं ने वकील धीरज वानखेडे के जरिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा कि इस भीषण कोरोना काल में ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करना गलत है। यूनिवर्सिटी के इस निर्णय से कई छात्र छात्राओं पर संक्रमित होने का खतरा बन जाएगा। इसलिए हाईकोर्ट यूनिवर्सिटी के इस निर्णय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाएं। जस्टिस पी. सेम.कोशी की सिंगल बेंच ने पूरे मामले में सुनवाई के बाद याचिकाकर्ताओं की अपील स्वीकार करते हुए यूनिवर्सिटी के आदेश पर रोक लगा दी है।


*छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 12वीं की परीक्षा रद्द की*

22-Apr-2021

रायपुर (शोर सन्देश) कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने अब 12वीं की बोर्ड परीक्षा को भी रद्द कर दिया है। इसकी पुष्टि राज्य के शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने की है। बता दें इसके पहले राज्य सरकार ने 10वीं की परीक्षा को रद्द करने का निर्देश दिया था और यह कहा था कि संक्रमण की रफ्तार नहीं थमी तो 12वीं की परीक्षा पर विचार किया जायेगा। आगामी 3 मई से 12वीं की परीक्षा होनी थी किन्तु अभी तक राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इसे देखते हुए अब 12वीं की परीक्षा भी रद्द कर दी गयी है। 


*सीआईएससीई ने रद्द की 10वीं की परीक्षाएं देखें आदेश*

20-Apr-2021

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कोरोना के कारण अब सीआईएससीई बोर्ड ने 10वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। पहले बोर्ड के नोटिफिकेशन में कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए परीक्षा वैकल्पिक रखी गई थी। कक्षा 10वीं के जो छात्र परीक्षा में उपस्थित नहीं होना चाहते हैं, बोर्ड उनके लिए विशेष मूल्यांकन पद्वति से परिणाम तैयार करेगा. वहीं, जो छात्र परीक्षा देना चाहते हैं वे कक्षा 12वीं के छात्रों के साथ परीक्षा में भाग ले सकेंगे। सीआईएससीई बोर्ड की ओर से पहले ही 12वीं की परीक्षाएं स्थगित करने की घोषणा की जा चुकी है। बोर्ड की ओर से कहा गया था कि कक्षा 12 परीक्षा (ऑफलाइन) बाद में आयोजित की जाएगी। इसके लिए जून में तारीख घोषित की जा सकती है। सीआईएससीई बोर्ड की 10वीं की परीक्षा 04 मई से शुरू होने वाली थी। इसका आखिरी पेपर 07 जून को होना था, जबकि 12वीं की परीक्षा 8 अप्रैल से जारी थी और इसका समापन 18 जून को होना था। बता दें कि सीआईएससीई दो बोर्ड्स से मिलकर बना है। इसके तहत 10वीं की परीक्षा आईसीएसई बोर्ड के और 12वीं की आईएससी बोर्ड के अंतर्गत होती है।


*सीबीएसई 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित और 10वीं की परीक्षाएं कैंसिल*

14-Apr-2021

 नई दिल्ली (शोर सन्देश)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। इसके अलावा 10वीं की परीक्षाएं कैंसिल कर दी गई हैं। आज सीबीएसई परीक्षाओं को लेकर पीएम मोदी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक में यह फैसला लिया गया है। 12वीं की मई और जून में होने वाली परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया, अब इनकी तारीख एक जून के बाद तय की जाएगी। बता दें कि दिल्ली में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने परीक्षाओं को रद्द किए जाने की मांग की थी। अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार से परीक्षा रद्द करने की अपील करते हुए कहा कि परीक्षा केंद्र वायरस के संक्रमण को फैलने में सहायक साबित हो सकते हैं। इसी बीच पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी केंद्र को पत्र लिखकर 10वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित किए जाने की अपील की थी।


परीक्षा पे चर्चा में प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को दिए तनाव से बचने मन्त्र

08-Apr-2021

 नई दिल्ली (शोर सन्देश)। प्रधानमंत्री मोदी साल 2018 से परीक्षा से पहले छात्रों से बातचीत कर रहे हैं। पहली बार `परीक्षा पे चर्चा` कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुआ था। `परीक्षा पे चर्चा` कार्यक्रम के जरिए वह हर साल छात्रों से संवाद करते हैं और उन्हें परीक्षा के तनाव को दूर करने के उपाय सुझाते हैं। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार कार्यक्रम का आयोजन वर्चुअल हो रहा है। `परीक्षा पे चर्चा` कार्यक्रम के लिए 12 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए है। प्रधानमंत्री मोदी आज `परीक्षा पे चर्चा` कार्यक्रम के तहत छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ संवाद कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के चलते इस बार आपसे (छात्रों से) वर्चुअल मोड से बातचीत करनी पड़ रही है। छात्रों से प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों को परीक्षा का डर नहीं होता। वो हर साल होती है। परीक्षा ही सब कुछ नहीं होती। असल में आसपास का माहौल स्टूडेंट्स को परेशान करता है। छात्रों के लिए दबाव का माहौल नहीं बनाना चाहिए। बच्चों को घर में तनावमुक्त माहौल में जीना चाहिए। इस दौरान छात्रों, शिक्षकों तथा अभिभावकों ने प्रधानमंत्री मोदी से संवाद किया और अपनी समस्या, प्रश्न सामने रखे। प्रधानमंत्री मोदी ने इन सभी का जवाब दिया और छात्रों को मार्गदर्शन भी दिया।
00 देखें अब तक प्रधानमंत्री मोदी की परीक्षा पे चर्चा के कुछ मुख्य अंश...
-कैसे रखें चीजों को याद
विद्यार्थी कभी यह नहीं सोचें कि वह चीजों को भूल जाते हैं। याद करने की बजाय जीने की कोशिश करें। चीजों को सहजता और सरलता के साथ लें। क्षण में इनवोल्व हों। पढ़ाई के दौरान वहीं मन होना भी चाहिए, खेल के मैदान में नहीं। विजुअलाइज करें। जब घर से निकलें तो याद रखें कि बैग में तीसरे या पांचवें नंबर पर कौन सी किताबें रखीं हैं। जो किताब जब चाहिए, उस वक्त वही निकालें। इससे चीजों को याद रखने का आपका आत्मविश्वास बढ़ जाएगा। पर्ताधानमंत्री ने कहा कि आपको सोचना चाहिए कि आप अपने किस सपने को अपना संकल्प बनाना चाहेंगे। सपना सिर्फ लें नहीं, बल्कि उसे सच करने का संकल्प लें। करियर में शॉर्टकट मारना कई बार अंधकार की शुरुआत होता है। पीएम मोदी ने अभिभावकों से कहा- बच्चे बड़े स्मार्ट होते हैं। जो आप कहेंगे, उसे वो करेंगे या नहीं करेंगे, यह कहना मुश्किल है, लेकिन इस बात की पूरी संभावना होती है कि जो आप कर रहे हैं, वो उसे बहुत बारीक़ी से देखता है और दोहराने के लिए लालायीत हो जाता है। जब आप इन मूल्यों को पुराण, हमारे इतिहास, पुरखों की बातों से जोड़ें। तब बच्चे इनसे प्रेरित होंगे, उनके आचार व्यवहार में मूल्यों को उतारना आसान हो जाएगा। बच्चों पर अपने मूल्य थोपने का प्रयास न करें। बल्कि मूल्यों को खुद जीकर बच्चों को प्रेरित करने का प्रयास करें। पीएम मोदी ने कहा - मैं छात्रों से कहना चाहता हूं कि आप सभी विषयों को बराबर समय दीजिए। पढ़ाई के दौरान सबसे पहले कठिन सवाल हल करे क्योंकि इस दौरान आपका दिमाग ताजा रहता है। अगर आप पहले कठिन सवाल हल कर लेते हैं, तो बाद में सरल सवाल तो और भी आसान हो जाएंगे।
जब मैं प्रधानमंत्री बना तो मुझे भी शुरू में कई मुश्किल चीजों का सामना करना पड़ता था। मैं अपनी सुबह कठिन चीजों से करना पसंद करता हूं। मुश्किल से मुश्किल चीजें अफसर मेरे सामने लेकर आते हैं, मैं उन्हें फौरन समझ लेता हूं, निर्णय करने की दिशा में आगे बढ़ता हूं।
-खाली समय, इसको खाली मत समझिए, ये खजाना है। खाली समय एक सौभाग्य है, आपकी दिनचर्या में खाली समय के पल होने ही चाहिए, वरना जिंदगी रोबोट जैसी हो जाती है।
- उन कामों की लिस्ट बनाएं जो कभी आपको मुश्किल लगा करती थीं, लेकिन अब आप उन्हें बेहद आसानी से कर लेते हैं। जब आप उस लिस्ट को पढ़ेंगे तो आपको वो चीजें मुश्किल लगेंगी ही नहीं।
- किसी विषय का मुश्किल लगना आपकी असफलता नहीं है। आप उसे विषय से भागें नहीं। उसे समय दें। शिक्षक विद्यार्थियों को टोकें रोकें नहीं। प्रोत्साहित करें। आपलोगों को किसी खास सब्जेक्ट या चैप्टर से डर का सामना करना पड़ता है, लेकिन आप दुनिया में अकले नहीं हैं, शायद ही कोई शख्स होगा जिसे इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।
- आजकल बच्चों का आकलन परीक्षा के नतीजों तक ही सीमित हो गया है। परीक्षा में अंकों के अलावा भी बच्चों में कई ऐसी चीजें होती हैं जिन्हें अभिभावक देख नहीं पाते। परीक्षा एक प्रकार से लंबी जिंदगी जीने का अवसर है। समस्या तब होती है, जब हम परीक्षा को जीवन-मरण का सवाल बना देते हैं। परीक्षा के नतीजों से बच्चों की प्रतिभा का आकलन नहीं करना चाहिए। सफल व्यक्ति हर विषय में पारंगत नहीं होता। वह किसी एक विषय में एक्सपर्ट बनता है।
अभिभावकों को उन्होंने कहा -पेरेंट्स को बच्चों के साथ अधिक समय बिताना चाहिए। उन्हें घर में तनावमुक्त माहौल देना चाहिए। परीक्षा जीवन में महज एक पड़ाव है। यह सब कुछ नहीं है। इसे लेकर डरने की कोई जरूरत नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम की तिथि की घोषणा सोमवार को ट्वीट कर की थी। उन्होंने ट्वीट कर कहा था, ``एक नया प्रारूप, विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला पर कई दिलचस्प प्रश्न और हमारे बहादुर योद्धाओं, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ एक यादगार चर्चा ... । सात अप्रैल को शाम सात बजे देखिए `परीक्षा पे चर्चा। प्रधानमंत्री ने इसके साथ ही एक वीडियो भी साझा किया जिसमें वह कह रहे हैं, “हम बीते एक साल से कोरोना के साये में रह रहे हैं और इसकी वजह से मुझे व्यक्तिगत रूप से आपसे मिलने का मोह छोड़ना होगा और नए प्रारूप में `परीक्षा पे चर्चा के पहले डिजिटल संस्करण में आपके साथ रहूंगा।”




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