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शिक्षा

*शिक्षण सत्र को कवर करने पाठ्यक्रमों में 30 फीसदी कटौती*

17-Jul-2021

 00 इस सत्र में भी असाइनमेंट के आधार पर तैयार होंगे परीक्षा परिणाम 

रायपुर (शोर संदेश)। कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन में कारण प्रदेश के छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ा है। इसके चलते शिक्षा सत्र पिछड़ गया है। इस पिछड़े शिक्षा सत्र को कवर करने 10वीं और 12वीं के पाठ्यक्रम में 30 प्रतिशत की कटौती की गई है। कोरोना के कारण मोहल्ला क्लास नहीं होने पर छात्रों को अगस्त से जनवारी तक असाइनमेंट दिया जाएगा। जिसे स्कूल में जमा करने होगा। इसी के आधार पर परीक्षा परिणाम तैयार किया जाएगा।स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेम साय सिंह टेकाम ने कहा कि प्रदेश बंद है।  ऐसे में मोहल्ला क्लास से पढ़ाई जारी है, लेकिन पढ़ाई के लिए पाठ्यक्रम अनुरूप जितना समय चाहिए उतना कोरोना के वजह से विद्यार्थियों को नहीं मिल पा रहा है।  इसलिए परिस्थिति को देखते पाठ्यक्रम में 30 प्रतिशत की कटौती की गई है।डॉ. टेकाम ने कहा कि परीक्षा के समय यदि कोरोना का प्रकोप रहा तो इसके लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गई। अगस्त से जनवरी तक सभी 10वीं-12वीं के विद्यार्थियों को सभी विषय में असाइनमेंट दिया जाएगा। असाइऩमेंट देने के बाद जमा करने के लिए समय निर्धारित किया जाएगा। विद्यार्थी अपने असाइनमेंट को स्कूल में जमा करेंगे।गौरतलब है कि पिछले शिक्षा सत्र में भी कोरोना की वजह असाइनमेंट दिया गया था, जिसको आधार मानकर दसवीं का परिणाम जारी किया गया है, और बारहवी की परीक्षा फार्म होम से लिया गया है जिसका अभी तक परिणाम जारी नहीं हुआ है।

 

 


*एकलव्य आदर्श विद्यालय प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए 10 हजार से अधिक विद्यार्थी*

16-Jul-2021

00 मेरिट के आधार पर होगा चयन
रायपुर (शोर सन्देश)। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा प्रदेश में संचालित 71 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए गुरूवार 15 जुलाई को आयोजित प्रवेश चयन परीक्षा में 10 हजार 494 विद्यार्थी शामिल हुए। चयन परीक्षा के लिए प्रदेश के 24 जिलों में परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे। इस वर्ष कोविड महामारी के कारण कक्षा 5वीं की परीक्षा आयोजित नहीं होने के कारण एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय प्रवेश चयन परीक्षा में कक्षा 5वीं में 50 प्रतिशत अंक प्राप्ति की शर्तों को शिथिल किया गया है। इस वर्ष कक्षा 5वीं पास सभी विद्यार्थियों को चयन परीक्षा में बैठने की छूट दी गई। एकलव्य विद्यालयों में प्रवेश हेतु आयोजित चयन परीक्षा में मेरिट के आधार पर चयन किया जाएगा। आयोजित चयन परीक्षा में सर्वाधिक 1158 विद्यार्थी बलरामपुर से और 1004 विद्यार्थी सूरजपुर से शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय को प्रारंभ करने का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर सामान्य जाति के विद्यार्थियों के समकक्ष लाना और उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत कर प्रतियोगी परीक्षाओं के लायक बनाना है। प्रदेश में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय कक्षा 6वीं से 12वीं संचालित हो रहे हैं। वर्तमान में 10 कन्या तथा 6 बालक और 55 संयुक्त इस प्रकार कुल 71 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें कक्षा 6वीं से 12वीं तक 60 सीटर प्रति कक्षा के मान से प्रत्येक विद्यालय में 420 बच्चों को प्रवेश देने का प्रावधान है।


*26 से शुरू होगी मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं*

15-Jul-2021

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड रायपुर द्वारा हाईस्कूल, हायर सेकेण्डरी पत्राचार पाठ्यक्रम परीक्षा 2021(मुख्य एवं अवसर परीक्षा) तथा उर्दू अदीब, उर्दू माहिर के प्रमाण-पत्र की परीक्षा 26 जुलाई से आयोजित की गई है। यह परीक्षा 31 जुलाई तक चलेगी। उल्लेखनीय है कि कोविड-19 कोरोना वायरस संक्रमण से सुरक्षा एवं बचाव को ध्यान में रखते हुए परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। परीक्षार्थियों को अग्रेषण केन्द्र से परीक्षा सामग्री 23 एवं 24 जुलाई को वितरित की जाएगी। सभी परीक्षार्थी अपने घर से ही परीक्षा देंगे। रायपुर के परीक्षार्थियों को उर्दू कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से परीक्षा सामग्री प्रदान की जाएगी।


*स्कूल शिक्षा मंत्री ने अभनपुर में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश स्कूल का किया शुभारंभ*

13-Jul-2021

00 शिक्षा विकास का माध्यम : डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम
रायपुर (शोर सन्देश)। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम ने आज रायपुर के अभनपुर में स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर विद्यालय में नव प्रवेशित प्रथम बच्चे का नाम अपने हाथ से दाखिला पंजी में दर्ज किया। सभी नव प्रवेशित बच्चों को मिष्ठान खिलाकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। मंत्री डॉ.टेकाम ने स्कूल के बच्चों को पाठ्य पुस्तकों का सेट भी प्रदान किया। विद्यालय में अब तक 375 बच्चों ने प्रवेश लिया है और इसके भवन का जीर्णोंद्धार 55 लाख रूपए की राशि से किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं विधायक अभनपुर धनेन्द्र साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष कुंदन बघेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती देवनंदनी साहू, नगर पंचायत के पार्षद, जिला शिक्षा अधिकारी ए.एन.बंजारा सहित जिला प्रशासन के अधिकारी, स्कूल के प्राचार्य, शिक्षक और नवप्रवेशित बच्चे उपस्थित थे। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.टेकाम ने स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल के शुभारंभ और जीर्णोंद्धार कार्यक्रम में कहा कि शिक्षा विकास का माध्यम है। जहां-जहां शिक्षा के दीप जलते है, वहां-वहां विकास की लौ जगमगाती है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा आज समय की मांग है। अंग्रेजी वैश्विक भाषा है। खासकर वैज्ञानिक, मेडिकल, इंजीनियरिंग पढ़ाई में अंग्रेजी का महत्व अधिक है। अंग्रेजी अच्छी तरह से नही जानने के कारण बच्चे वैश्विक प्रतियोगिता में शामिल नही हो पाते। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विचार किया कि गांव-गरीब का बच्चा भी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ सके। इसके लिए हमारी सरकार ने प्रदेश भर में सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में गतवर्ष प्रदेश में 52 अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोले गए। इस वर्ष 119 अंग्रेेजी माध्यम स्कूल खोले गए हैं। वर्तमान में प्रदेश में 171 उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों में पर्याप्त संसाधन जैसे-भवन, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, आधुनिक क्लास रूम उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच है कि डीएमएफ की राशि का उपयोग शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधा को बढ़ाने में किया जाए। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए एक समान गणवेश, लोगो, बैच निर्धारित किया गया है। बच्चों को पढ़ाने के लिए अच्छे शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। मंत्री डॉ.टेकाम ने कहा कि गतवर्ष संचालित 52 स्कूलों में 20 हजार 82 बच्चे अध्ययन कर रहे हैं और 1702 शिक्षक अध्यापन का कार्य कर रहे हैं। इस वर्ष से संचालित हो रहे 119 स्कूलों में बच्चों को 31 जुलाई तक प्रवेश दिया जाएगा। शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया जारी है। कक्षा 8वीं तक गणवेश व पुस्तक उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने अभनपुर नगर में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल के शुभारंभ पर सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी।मंत्री डॉ.टेकाम ने कहा कि कोरोना के कारण बच्चों की पढ़ाई के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। मोहल्ला क्लास पढ़ई तुंहर द्वार के माध्यम से इन्हें संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महतारी दुलार योजना के अंतर्गत कोरोना महामारी से दिवंगत हुए माता-पिता की संतानों को छात्रवृत्ति और निःशुल्क शिक्षा दी जाएगी। इनके द्वारा मांग करने पर अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में भी प्रवेश दिया जा रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व मंत्री एवं विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा कि विकासखण्ड मुख्यालय अभनपुर में शासन की अभिनव योजना के तहत स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी मीडियम स्कूल का शुभारंभ हुआ है, जो अभनपुर विधानसभा क्षेत्र का पहला शासकीय अंग्रेेजी माध्यम स्कूल है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब इस स्कूल में गांव-गरीब और सामान्य परिवार के बच्चे भी पढ़ाई कर सकेंगे। कार्यक्रम को अभनपुर के नगर पंचायत अध्यक्ष कुंदन बघेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती देवनंदनी साहू और शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष श्रीमती रेवती यादव ने भी सम्बोधित किया।


*सीबीएसई का वर्तमान शैक्षणिक सत्र को दो भागों में विभाजित करने का फैसला*

06-Jul-2021

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। केन्‍द्रीय माध्‍यमिक शिक्षा बोर्ड सीबीएसई ने 2021-22 के शैक्षिक सत्र को दो अवधि में विभाजित करने का फैसला किया है। प्रत्‍येक अवधि में लगभग पचास प्रतिशत पाठ्यक्रम शामिल होंगे। बोर्ड ने एक बयान में कहा है कि शैक्षिक सत्र 2021-22 का विभाजन विषय विशेषज्ञों के विचारों और विषयों के परस्‍पर संबंधों को ध्‍यान में रखते हुए प्रणालीबद्ध दृष्टिकोण के आधार पर किया जाएगा। सीबीएसई ने कहा है कि बोर्ड विभाजित पाठ्यक्रम के आधार पर प्रत्‍येक अवधि के अंत में परीक्षाएं आयोजित करेगा। पहली अवधि के अंत में बोर्ड टर्म-I की परीक्षाएं नवंबर-दिसंबर 2021 के मध्‍य में होंगी। दूसरी अवधि के अंत में बोर्ड, टर्म-II के संशोधित पाठ्यक्रम के आधार पर वर्ष के अंत में परीक्षाएं आयोजित करेगा। इस पाठ्यक्रम में कुल पाठ्यक्रम का लगभग पचास प्रतिशत हिस्‍सा शामिल होगा। यह परीक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित परीक्षा केन्‍द्रों में मार्च-अप्रैल 2022 के आस-पास कराई जाएंगी।

 


*पिछले सत्र में अनुत्तीर्ण छात्रों के लिए प्रायोगिक परीक्षा आयोजित करेगा छग राज्य ओपन स्कूल*

03-Jul-2021

 00 11 से 15 तक आयोजित होगी हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी की प्रायोगिक परीक्षा

रायपुर (शोर सन्देश)। छग राज्य ओपन स्कूल के सचिव प्रोफेसर व्ही. के. गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी की परीक्षा में सम्मिलित ऐसे छात्र जिन्होंने उन विषयों का चयन किया है जिसमें प्रायोगिक परीक्षायें होती है उनकी प्रायोगिक परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएगी। उनके सैद्धांतिक परीक्षा में पूर्णांक 75 अंक में प्राप्त अंकों को अनुपातिक रूप से पूर्णाक 100 अंकों के आधार पर प्राप्तांक प्रदान किये जायेंगे।उन्होंने बताया कि परीक्षा वर्ष 2020 के पूर्व की परीक्षाओं में केवल प्रायोगिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण छात्रों का परीक्षाफल प्रायोगिक परीक्षा आयोजित नहीं होने के कारण घोषित नहीं किया जा सका है। ऐसे परीक्षार्थियों की प्रायोगिक परीक्षाएं संबंधित अध्ययन केन्द्रों में 11 से 15 जुलाई के मध्य आयोजित की जायेगी।

 


*शिक्षा का अधिकार : इस वर्ष 83 हजार बच्चों को दिया जाएगा प्रवेश*

25-Jun-2021

00 पालक पोर्टल में कर सकते है आवेदन
रायपुर (शोर सन्देश)। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रदेश में इस वर्ष 6 हजार 622 निजी स्कूलों में 83 हजार 649 सीटों पर बच्चों को प्रवेश दिया जाना है। आयुक्त लोक शिक्षण डॉ. कमलप्रीत सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि निजी स्कूलों में शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत वर्तमान में आरटीई का प्रवेश पोर्टल खुला हुआ है। इस पोर्टल में इच्छुक पालक आवेदन कर सकते है। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रवेश के लिए लिंक eduportal.cg.nic.in/rte पर क्लिक करने पर सीधे आवेदन पत्र प्रदर्शित हो जाता है। इस आवेदन पत्र को भरकर समिट कर सकते है। उल्लेखनीय है कि शिक्षा के अधिकार के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर कमजोर तबके के बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। शासन द्वारा निजी शाला प्रबंधन को इसके एवज में प्रतिपूर्ति राशि प्रदान की जाती है। प्रदेश में गतवर्ष 54 हजार से अधिक बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया। आयुक्त लोक शिक्षण डॉ. कमलप्रीत सिंह ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और नोडल अधिकारियों से कहा है कि इसका अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कर आवेदन पोर्टल में भरवाएं जाए।


*बड़ी खबर : पीएससी मेंस की समय सारणी जारी जानें कब से शुरू होगी परीक्षा*

19-Jun-2021

 रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा की समय सारिणी जारी कर दी है। लोक सेवा आयोग से जारी अधिसूचना के अनुसार मुख्य परीक्षा 26 से 29 जुलाई तक नियमित होगी। परीक्षार्थी अपना प्रवेश पत्र आयोग की वेब साइट से प्राप्त कर सकते हैं।


*प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे बेसहारा बच्चों की फीस का खर्च वहन करेगी छत्तीसगढ़ सरकार*

14-Jun-2021

00 ऐसे बच्चे उसी निजी स्कूल में या स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में अपनी इच्छानुसार कर सकेंगे पढ़ाई
रायपुर (
शोर सन्देश)। मुख्यमंत्री ने आज एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि कोरोना महामारी से अपने माता-पिता या अभिभावक को खो चुके बच्चे जो निजी स्कूल में पढ़ रहे उनकी पढ़ाई का खर्च भी छत्तीसगढ़ सरकार उठाएगी। ऐसे बच्चों को राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई महतारी दुलार योजना का लाभ मिलेगा। प्राइवेट स्कूलों में पिछले एक साल से पढ़ रहे ऐसे बच्चे उसी निजी स्कूल में या स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में अपनी इच्छानुसार पढ़ सकेंगे। राज्य सरकार द्वारा उनके स्कूल की फीस का वहन किया जाएगा। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कोरोना महामारी से मृत व्यक्तियों अथवा पालकों के ऐसे बच्चे जो शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत थे उन्हें निशुल्क शिक्षा और मासिक छात्रवृत्ति देने के लिए महतारी दुलार योजना प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद अब शासकीय स्कूलों के साथ-साथ प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता अथवा पालक की कोरोना महामारी से मृत्यु हो गई है उन्हें महतारी दुलार योजना का लाभ मिलेगा। महतारी दुलार योजना के तहत छात्रों को कक्षा पहली से 8वीं तक 500 रूपए प्रति माह और कक्षा 9वीं से 12वीं तक एक हजार रूपए प्रति माह की छात्रवृत्ति दी जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा महतारी दुलार योजना के क्रियान्वयन के संबंध में बताया गया है कि स्कूल शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याणविभाग के समन्वय से ऐसे बच्चों को इस योजना का लाभ दिलाए जाएगा। छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना 2021 शैक्षणिक सत्र 2021-22 से लागू है। योजना का लाभ छत्तीसगढ़ के मूल निवासी परिवारों से संबंधित बेसहारा बच्चों को मिलेगा। इस योजना की पात्रता शर्तों में ऐसे बच्चे जिनके परिवार से कमाने वाले माता या पिता या दोनों की मृत्यु कोविड-19 से हो गई हो को इसका लाभ मिलेगा। योजना के तहत पात्र पाए गए बच्चों को प्रदेश के शालाओं में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसे पात्र बच्चों को राज्य शासन द्वारा संचालित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में प्रवेश में प्राथमिकता दी जाएगी तथा उनके शिक्षा का सम्पूर्ण व्यय राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा। इसके साथ ही छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। बेसहारा बच्चों के संबंध में किसी भी स्त्रोत से कलेक्टर को जानकारी प्राप्त होने पर, कलेक्टर जिला शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराएंगे। इसके अलावा छात्र स्वयं या अभिभावक द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को सीधे आवेदन कर सकेंगे। प्राप्त आवेदन पत्रों का परीक्षण के लिए जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित होगी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग के एक-एक अधिकारी नामांकित किए गए हैं। समिति की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर द्वारा स्वीकृति दी जाएगी।


*बच्चों की स्कूल फीस को लेकर मुख्यमंत्री बघेल ने की बड़ी घोषणा*

14-Jun-2021

रायपुर (शोर सन्देश)। राज्य शासन की महतारी दुलार योजना को लेकर मुख्यमंत्री बघेल ने आज बड़ी घोषणा की है। शासकीय के साथ अब अशासकीय शालाओं में पढ़ने वाले बच्चों की भी फीस राज्य शासन वहन करेगी। ट्विटर पर इसकी जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा- आप सबके साथ साझा करना चाहता हूँ कि राज्य शासन द्वारा संचालित महतारी दुलार योजना के अंतर्गत अब अशासकीय शालाओं में पढ़ रहे बच्चों की स्कूल फ़ीस भी राज्य शासन द्वारा वहन की जाएगी। हमारे कई बच्चों ने कोरोना काल में अपनों को खो दिया है। हम अपने बच्चों की पढ़ाई नहीं रुकने देंगे।



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