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स्कूलों की दक्षता बढ़ाना सुनिश्चत करें : सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी

17-Nov-2024
रायपुर ( शोर  संदेश )  छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने प्रदेश के स्कूलों में राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण के मद्देजर स्कूलों की दक्षता बढ़ाने के लिए गंभीरता के साथ तैयारी करने के निर्देश दिए है। गौरतलब है कि आगामी माह के 4 दिसम्बर को कक्षा 3री, 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों की दक्षता को राष्ट्रीय सर्वेक्षण होना है। इसके तहत केन्द्रीय स्कूल शिक्षा मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्कूलों में विद्यार्थियों की दक्षता का परीक्षण किया जाएगा।
शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने विभागीय अधिकारियों को राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए हर स्तर पर व्यापक प्रशासनिक, प्रबंधकीय व अकादमिक तैयारी प्रारंभ करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण-2024 के आकलन कार्य के सभी जिलों में शत-प्रतिशत क्रियान्वयन को सुनिश्चित कराने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक तथा प्राचार्य डाइट को संयुक्त रूप से नोडल अधिकारी बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य के 99 जिला स्तरीय अधिकारी जिले में परख क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं 146 विकासखंडों में बीईओ, बीआरसीसी तथा संकुल प्राचार्य को संयुक्त जिम्मेदारी सौंपते हुए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
शिक्षा सचिव परदेशी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत देश भर में एक साथ होने जा रहे इस सर्वेक्षण का प्राथमिक उद्देश्य स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठचर्या रूपरेखा 2023 के साथ उच्च गुणवत्ता युक्त वैश्विक मूल्यांकन विकसित करना है। उल्लेखनीय है कि केंद्र शासन द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जा चुका है। इस राष्ट्रीय सर्वेक्षण में नवीन शिक्षा नीति के लक्ष्यों के अनुरूप कक्षा 3री, 6वीं और 9वीं में आधार भूत प्रारंभिक एवं मध्य चरणों के अंत में छात्रों की दक्षता का आकलन किया जा रहा है। यह सर्वेक्षण छत्तीसगढ़ के मात्र छात्र-छात्रों का नहीं बल्कि, शिक्षक, स्कूल तथा संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था का मूल्याँकन सिद्ध होगा, जिसके आधार पर भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ सहित अन्य सभी राज्यों की शैक्षणिक गुणवत्ता का श्रेणी निर्धारण भी होगा ।
उन्होंने बताया कि परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण में कक्षा 3री के लिए भाषा, गणित एवं हमारे आसपास की दुनिया से 90 मिनट में 45 प्रश्न पूछे जाएँगे। कक्षा 6वीं के लिए उक्त विषयों से संबंधित 51 प्रश्न 90 मिनट में पूछे जाएँगे। कक्षा 9वीं में भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान के 60 प्रश्न 120 मिनट पर हल करने होंगे। परीक्षार्थियों को एक ही प्रश्न पत्र दिया जायेगा। परख मूल्याँकन माइनस मार्किंग नहीं होगी। केंद्र सरकार के नियमानुसार जिस माध्यम की शाला चयनित की गई, उस माध्यम की प्रथम भाषा पर सर्वे अर्थात् प्रश्नपत्र होगा । यदि अंग्रेजी माध्यम की कई शाला सेम्पल शाला के रूप में चयनित की जाती हैं, तो वहाँ अंग्रेजी भाषा में आकलन परीक्षा निर्धारित होगी ।
राज्य में परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 के लिए सेंपल शालाओं के रूप में जिले की शासकीय सहित राज्य शासन से अनुदान प्राप्त शालाओं, गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय शालाओं, केंद्रीय, नवोदय विद्यालयों को सीधे भारत शासन, स्कूल शिक्षा वि नई दिल्ली द्वारा चयनित व निर्धारण किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 33 जिलों में कुल 3420 को चुना गया है। इस मूल्याँकन सर्वेक्षण या परीक्षा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मूल्याँकन कार्य की पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के शासकीय या अशासकीय किसी भी शिक्षक को परीक्षक या पर्यवेक्षक के रूप में कार्य में नियुक्त नहीं किया जायेगा, बल्कि परीक्षा का मूलभूत कार्य राज्य के शासकीय डाइट कालेज में छात्राध्यापक या प्रशिक्षु शिक्षक अर्थात् अध्यनरत डीएलएड, बीएड एवं एमएड के प्रशिक्षणार्थियों द्वारा संपन्न कराया जायेगा ।
विशेष परिस्थिति में शासकीय कॉलेज के विद्यार्थी, अशासकीय प्रशिक्षण संस्थाओं के डीएलएड, बीएड, एमएड प्रशिक्षणार्थियों को लिया जा सकेगा। परीक्षा कार्य संपन्न कराने वाले ऐसे लगभग 3800 छात्राध्यापकों को जिले के 33 डाइट के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वे सुचारू पूर्वक परीक्षा कार्य बिना बाधा के पूरा करा सकें। इस सर्वेक्षण के पारदर्शी क्रियान्वयन हेतु भारत सरकार द्वारा सीबीएसई के प्रशासनिक व अकादमिक अमले को ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त किया गया है जो प्रत्येक निर्धारित परीक्षा केंद्र में मानटरिंग करेंगे।  
राज्य के विद्यार्थी अपनी शैक्षिक दक्षता का राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें इसके लिए परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण की पूर्व तैयारी के रूप में एससीईआरटी तथा समग्र शिक्षा राज्य परियोजना कार्या द्वारा राज्य के सभी स्कूलों के कक्षा 3री, 6वीं तथा 9वीं के विद्यार्थियों को प्रश्न बैंक एवं रीडिंग कार्ड उपलब्ध कराया गया है। उनके लिए विशेष तौर पर सभी निजी व सरकारी स्कूलों में मॉक टेस्ट का विशेष आयोजन किया जा रहा है। इस कार्य में राज्य के लगभग 146 निजी शिक्षा महाविद्यालयों के 19 हजार छात्र अध्यापकों का भी स्वैच्छिक सहयोग लिया जा रहा है।

नीट ‎पीजी की काउंसिलिंग प्रक्रिया के पहले राउंड में शामिल होने के लिए‎ रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 17 तक

12-Nov-2024
रायपुर। ( शोर संदेश ) नीट ‎पीजी की काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके पहले राउंड में शामिल होने के लिए‎ 17 नवंबर तक रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। राउंड-‎1 काउंसिलिंग अलॉटमेंट के परिणाम 20 नवंबर‎ को जारी होगा। इस काउंसिलिंग के माध्यम से देशभर के आल इंडिया कोटे की सीटों में प्रवेश लिया जाएगा।
राज्य के 6 सरकारी मेडिकल कॉलेज में इसकी कुल 155 सीटें हैं। इनमें सबसे ज्यादा नेहरु मेडिकल कॉलेज में 74 सीट हैं। 
नीट पीजी ‎‎उम्मीदवारों को वरीयता क्रम में पाठ्यक्रमों और ‎‎कॉलेजों के विकल्प भरने और पंजीकरण करना ‎होगा। उम्मीदवारों को विकल्प लॉक करने के लिए ‎10 दिन का समय दिया जाएगा। एमसीसी नीट ‎पीजी काउंसिलिंग देश भर के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों की ‎‎एमडी, एमएस, डीएनबी और पीजी डिप्लोमा ‎‎कार्यक्रमों में अखिल भारतीय कोटा (एआइक्यू)‎ सीटों पर प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है।‎
छत्तीसगढ़ में राज्य कोटा और एनआरआई की सीटों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 से शुरु हो चुकी है। इसकी अंतिम तिथि 12 नवंबर तक है। इस दौरान च्वाइस फीलिंग की प्रक्रिया भी होगी। प्रदेश के 9 मेडिकल कॉलेजों में पीजी की कुल 497 सीटें हैं। इनमें सरकारी में 311 व निजी में 186 सीटें हैं। सरकारी कॉलेजों में आधी सीटें ऑल इंडिया कोटे की हैं, जबकि निजी में 15 फीसदी सीटें एनआरआई के लिए आरक्षित है। सरकारी कॉलेजों में राज्य कोटे के लिए 156 व आल इंडिया के लिए 155 सीटें है। जबकि निजी में 160 सीटें स्टेट व 26 सीटें एनआरआई के लिए है। 

स्कूली छात्र-छात्राओं को बाल विवाह एवं बेटी बचाओ बेटी पढाओ विषय पर किया गया जागरूक

11-Nov-2024
बेमेतरा। ( शोर संदेश )   विगत दिवस शासकीय उत्कृष्ट आत्मानंद बालक हाई /हायर सेकेण्डरी स्कूल एवं शासकीय कन्या हाई / हायर सेकेंडरी स्कूल दाढ़ी, परियोजना खंडसरा में बाल संरक्षण एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत स्कूली छात्र/ छात्राओं को अंतरविभागीय टीम द्वारा अलग-अलग टीम बनाकर, बाल संरक्षक विषय में-एक युद्ध नशे  के विरूद्ध, सडक जैसी परिस्थिति वाले बच्चों का चिन्हांकन, बाल विवाह एवं बेटी बचाओं बेटी पढाओं  विषय पर जागरूक किया गया। 
जिसमे राजेंद्र चंद्रवंशी परियोजना समन्वयक, चाइल्ड हेल्पलाइन , जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा बाल संरक्षण के विषय में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया गया कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री द्वारा 10 मार्च 2024 को “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” का शुभारंभ किया गया था। उक्त बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ अभियान के प्रभावी रोकथाम हेतु जिले में लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 2बी के अनुसार ऐसा विवाह जिसमें वर (जिसकी आयु 21 वर्ष से कम) तथा वधु (जिसकी आयु 18 वर्ष से कम) अवयस्क या बच्चे हो, तब उसे बाल विवाह माना जायेगा। बाल-विवाह एक सामाजिक कुप्रथा है जिसके सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक या प्रेम प्रसंग कारण हो सकते हैं, जिन्हें विमर्श में लेकर उन कारणों को पूर्णतः समाप्त कर एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाना आवश्यक है। 
बाल विवाह बच्चों के अधिकारों और उनके विकास को प्रभावित करता है। यह विकास को बाधित करने वाली गंभीर समस्या है जिसके पूर्ण रोकथाम हेतु सामाजिक, कानूनी और आर्थिक स्तर पर लोगों को जागरूक करना एवं इस कुप्रथा से होने वाले दुष्परिणामों को जन-जन को समझाना महत्वपूर्ण है, ताकि इसे प्रभावी तरीके से रोका जा सके और बच्चों का सर्वांगीण विकास कर उन्हें पूर्णतः सुरक्षित रखा जा सके। 18 वर्ष से अधिक आयु का पुरूष, यदि 18 वर्ष से कम आयु की किसी महिला से विवाह करता है तो उसे 2 वर्ष तक के कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि 1 लाख रूपय तक हो तकता है अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है।
कोई व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, करता है अथवा असमें सहायता करता है उसे 2 वर्ष तक का कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि 1 लाख रूपए तक हो सकता है अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है।
कोई व्यक्ति जो बाल विवाह को बढ़ावा देता है अथवा उसकी अनुमति देता है, बाल विवाह में सम्मलित होता है उसे 2 वर्ष तक के कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि 1 लाख रूपए तक हो सकता है अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है। किसी भी महिला को कारावास का दण्ड नही दिया जा सकता है। बाल विवाह के रोकथाम हेतु समस्त छात्र/छात्राओं को जागरूक किया गया।
राखी यादव केंद्र प्रसाशक सखी वन स्टाफ सेंटर के द्वारा सखी वन स्टाप सेंटर में दिये जाने वाले विभिन्न सेवाओं को विस्तार से बताया गया एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से पैरालीगल वालंटियर  संजीव दुबे ने DALSA के सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दिये। उक्त कार्यक्रम में आनंद घृतलहरे, सामाजिक कार्यकर्ता एवं इन्द्राणी मरकाम CHL केस वर्कर विशेष सहयोगी रहे।उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने में बालक/बालिका हाई/हायर सेकेण्डरी स्कूलों के प्राचार्य तथा समस्त उपस्थित व्याख्याता और शिक्षकगणों का विषेश योगदान रहा।

 


पीएमश्री स्कूल में गढ़ा जा रहा है छत्तीसगढ़ का स्वर्णिम भविष्य

10-Nov-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा स्कूली बच्चों के समग्र विकास के प्रयास तेजी से किए जा रहे हैं। राज्य में पीएमश्री योजना के सफल क्रियान्वयन से राज्य के 341 स्कूलों में शिक्षा और अध्ययन-अध्यापन का माहौल बेहतर हो रहा है। पीएमश्री योजना में शामिल राजनांदगांव जिले के 11 स्कूलों का न सिर्फ कायाकल्प हुआ है, बल्कि वहां अध्ययन-अध्यापन को लेकर बेहतर माहौल बना है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई पीएमश्री योजना अंतर्गत स्कूली बच्चों के भविष्य को गढऩे एवं तराशने का कार्य किया जा रहा है। पीएमश्री योजना में शामिल राजनांदगांव जिले की डुन्डेरा शासकीय प्राथमिक शाला, इस योजना की सफलता की एक बानगी मात्र है। पीएमश्री योजना के माध्यम से इस शाला के कायाकल्प को देखकर ही सुखद अनुभूति होती है। इसका एहसास यहां के स्कूली बच्चों के चेहरे पर आई मुस्कान को देखकर सहज ही होता है।
पीएमश्री शासकीय प्राथमिक शाला डुन्डेरा में पढ़ने वाले बच्चों की मुस्कान स्कूल के खुशनुमा माहौल को बयान करती है। सर्वसुविधायुक्त स्कूल की परिकल्पना प्राथमिक शाला डुंडेरा में सार्थक हुई है, जहां न केवल बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जा रहा है बल्कि बच्चों को पीएमश्री पौष्टिक आहार भी दिया जा रहा है। पीएम श्री योजना के तहत लगभग 4 लाख 15 हजार रूपए की राशि से पीएमश्री शासकीय प्राथमिक शाला डुन्डेरा का कायाकल्प किया गया है। इस स्कूल को ग्रीन स्कूल की तर्ज पर विकसित किया गया है। स्वच्छ और हरे-भरे वातावरण के लिए स्कूल परिसर में पौधे रोपित किए गए हैं। स्कूल के फर्श पर सुन्दर टाइल्स लगाए गये है। दीवारों पर ज्ञानवर्धक खूबसूरत पेटिंग बनाई गई हैं।
पीएमश्री शासकीय प्राथमिक शाला डुन्डेरा में बच्चों के लिए संगीत, विभिन्न खेल गतिविधियां तथा व्यक्तित्व विकास हेतु अन्य गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता के लिए वाटर फिल्टर लगाया गया है। बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण भी समय-समय पर कराया जाता है। स्कूल में 109 बच्चे अध्ययनरत है। यहां स्मार्ट क्लास, खेल मैदान, म्यूजिक क्लास रूम, मध्यान्ह भोजन की सुविधा है।
स्कूल में पीएमश्री मुस्कान पुस्तकालय भी है, जहां दीवारों में उकेरी गई पेंटिग तथा प्रेरक पंक्तियां बच्चों को पाठ्य पुस्तकों को पढऩे के लिए प्रेरित करती हैं। लाईब्रेरी में मिसाईल मैन एवं देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पंक्तियां एक अच्छी पुस्तक हजार दोस्तों के बराबर होती है, जबकि एक अच्छा दोस्त एक लाईब्रेरी के बराबर होता है, जैसी प्रेरणादायक पंक्तियां लिखी हुई है। स्कूल में बच्चों के लिए पर्याप्त खेल सामग्री एवं म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट उपलब्ध है। सोमवार से शनिवार तक दोपहर 1 बजे भोजन दिया जाता है, साथ ही बच्चों को खेल सामग्री भी प्रदान की जाती है। उल्लेखनीय है कि जिले में कुल 11 पीएमश्री स्कूल हैं, जहां बच्चों के सर्वागीण विकास के लिए गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक नई पहल की जा रही है। राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू कर किया गया है। नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा 5वीं तक बच्चों को स्थानीय भाषा-बोली में शिक्षा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के 341 स्कूलों में पीएमश्री योजना शुरू की गई है, जिसके तहत इन स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस योजना के तहत स्कूलों में स्थानीय भाषाओं के साथ-साथ रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसे आधुनिक विषयों को भी पढ़ाया जाएगा। पीएमश्री स्कूल अंतर्गत आदिवासी बहुल इलाकों में भी स्कूलों को अपग्रेड किया रहा है, जिससे इन क्षेत्रों के बच्चों को भी आधुनिक, ज्ञानपरक और कौशल युक्त शिक्षा मिल रही है।

छत्तीसगढ़ में कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए जनवरी से शुरू होगी प्री-बोर्ड परीक्षा

09-Nov-2024
रायपुर। ( शोर संदेश ) छत्‍तीसगढ़ में शासकीय हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं आते है।
उसको देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षा के पहले प्री बोर्ड परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह परीक्षा जनवरी 2025 के अंतिम सप्ताह से आयोजित की जाएगी।
इसके लिए शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया है। प्री बोर्ड परीक्षा सत्र 2024-25 से प्रदेश के सभी शासकीय विद्यालयों में कक्षा 10वीं एवं 12वीं शामिल होगा।
प्री-बोर्ड परीक्षा में छात्रों से पूरे पाठ्यक्रम से प्रश्न पूछे जाएंगे।
साथ ही, यह निर्देश भी दिया गया है कि कक्षा 10वीं और 12वीं का पाठ्यक्रम 10 जनवरी 2025 तक पूरा कर लिया जाए, ताकि छात्रों को पर्याप्त समय मिल सके और वे पूरी तैयारी के साथ परीक्षा में बैठ सकें।
प्रश्न पत्र के निर्माण के लिए हर जिले में विषय विशेषज्ञों की समितियां गठित की जाएंगी। इन समितियों को माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा निर्धारित ब्लूप्रिंट के अनुसार प्रश्न पत्र तैयार करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह प्रशिक्षण यह सुनिश्चित करेगा कि परीक्षा का स्तर बोर्ड परीक्षा के अनुरूप हो। इसके अलावा, छात्रों को भी इस ब्लूप्रिंट से परिचित कराया जाएगा, ताकि वे अपनी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को और बेहतर बना सकें।
इस तरह से होगी परीक्षा
- प्रत्येक जिला प्री बोर्ड परीक्षा का आयोजन करेगा।
- प्री बोर्ड परीक्षा पूर्ण पाठ्यक्रम में आयोजित होगी।
- 10वीं और 12वीं का पाठ्यक्रम 10 जनवरी तक पूर्ण करना होगा।
- प्री बोर्ड परीक्षा जनवरी के अंतिम सप्ताह से आयोजित की जाए, प्री बोर्ड का समय सारणी प्रत्येक जिला स्वयं जारी करेगा।
- प्रश्न पत्र निर्माण के लिए विषयवार समिति का गठन जिला शिक्षा अधिकारी करेंगे।
- प्रश्न पत्र का निर्माण छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा निर्धारित ब्लू प्रिंट के अनुसार किया जाएगा।
- प्रश्न पत्र का निर्माण समिति के सदस्यों को ब्लू प्रिंट का प्रशिक्षण छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की विषय समिति के जिलों में उपलब्ध विषय विशेषज्ञों द्वारा दिया जाएगा।
- विषय विशेषज्ञों को संभव प्रश्न निर्माण समिति में रखा जाए।
- 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को भी ब्लू प्रिंट से परिचित कराया जाए, ताकि वे बोर्ड परीक्षा की तैयारी ब्लू प्रिंट के आधार पर कर सके।
रायपुर जिला 2023-24 का परिणाम
कक्षा दसवीं
प्रथम श्रेणी - 32.83
द्वितीय श्रेणी - 33.44
तृतीय श्रेणी - 5.56
अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत - 20.87
पूरक विद्यार्थियों का प्रतिशत - 7.28
कक्षा बारहवीं
प्रथम श्रेणी - 46.55
द्वितीय श्रेणी - 36.54
तृतीय श्रेणी - 3.38
अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों का प्रतिशत - 5.45
पूरक विद्यार्थियों का प्रतिशत - 8.09
 

बाल संरक्षण टीम ने बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत स्कूली छात्रों को किया जागरूक

31-Oct-2024
बेमेतरा।   ( शोर संदेश ) कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देशन में तथा चन्द्रबेस सिंह सिसोदिया जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं सीपी शर्मा के जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, महिला व बाल विकास विभाग बेमेतरा के मार्गदर्शन एवं व्योम श्रीवास्तव जिला बाल संरक्षण अधिकारी, जिला बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग के नेतृत्व में शासकीय मिडिल एवं हाई /हायर सेकेण्डरी स्कूल कारेसरा में बाल संरक्षण एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत  स्कूली छात्रों को अंतरविभागीय टीम की और से अलग-अलग टीम बनाकर, बाल सरक्षण विषय में-एक युद्ध नषे के विरूद्ध, बाल विवाह एवं बेटी बचाओं बेटी पढाओं  विषय पर जागरूक किया गया। 
जिसमे व्योम श्रीवास्तव जिला बाल संरक्षण अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा बाल संरक्षण के विषय में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा 10 मार्च 2024 को “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” का शुभारंभ किया गया था। उक्त बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ अभियान के प्रभावी रोकथाम हेतु जिले में लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 2बी के अनुसार ऐसा विवाह जिसमें वर (जिसकी आयु 21 वर्ष से कम) तथा वधु (जिसकी आयु 18 वर्ष से कम) अवयस्क या बच्चे हो, तब उसे बाल विवाह माना जायेगा। बाल-विवाह एक सामाजिक कुप्रथा है जिसके सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक या प्रेम प्रसंग कारण हो सकते हैं, जिन्हें विमर्ष में लेकर उन कारणों को पूर्णतः समाप्त कर एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाना आवश्यक है। 
बाल विवाह बच्चों के अधिकारों और उनके विकास को प्रभावित करता है। यह विकास को बाधित करने वाली गंभीर समस्या है जिसके पूर्ण रोकथाम हेतु सामाजिक, कानूनी और आर्थिक स्तर पर लोगों को जागरूक करना एवं इस कुप्रथा से होने वाले दुष्परिणामों को जन-जन को समझाना महत्वपूर्ण है, ताकि इसे प्रभावी तरीके से रोका जा सके और बच्चों का सर्वांगीण विकास कर उन्हें पूर्णतः सुरक्षित रखा जा सके। 18 वर्ष से अधिक आयु का पुरूष, यदि 18 वर्ष से कम आयु की किसी महिला से विवाह करता है तो उसे 2 वर्ष तक के कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि 1 लाख रूपये तक हो तकता है अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है।
कोई व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, मरता है अथवा इसमें सहायता करता है उसे 2 वर्ष तक का कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि 1 लाख रूपए तक हो सकता है अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है।
कोई व्यक्ति जो बाल विवाह को बढ़ावा देता है अथवा उसकी अनुमति देता है, बाल विवाह में सम्मलित होता है उसे 2 वर्ष तक के कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि 1 लाख रूपए तक हो सकता है अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है। किसी भी महिला को कारावास का दण्ड नही दिया जा सकता है। बाल विवाह के रोकथाम हेतु समस्त छात्र/छात्राओं से शपथ दिलाई भी दिलवाई गई।

नई पीढ़ी को संस्कार और संस्कृति से जोड़ना महत्वपूर्ण कार्य: विष्णु देव साय

24-Oct-2024
रायपुर।    ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित क्षेत्रीय संस्कृति महोत्सव 2024 का शुभारंभ करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को संस्कारवान् बनाने और भारतीय संस्कृति से जोड़ने में विद्या भारती द्वारा महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तीन दिवसीय संस्कृति महोत्सव में नई पीढ़ी के बच्चे अपने सांस्कृतिक गौरव से परिचित होंगे। साथ ही वे संस्कारवान् भी बनेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने नई शिक्षा नीति 2020 के सफल क्रियान्वयन के लिए सरस्वती शिशु मंदिर रोहिणीपुरम में आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपए की राशि स्वीकृति की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि उनका सरस्वती शिशु मंदिर से बचपन से जुड़ाव रहा है। भारतीय संस्कृति के संवर्धन हेतु क्षेत्रीय संस्कृति महोत्सव का आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण है। नई शिक्षा नीति बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सहायक सिद्ध होगी और शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाएगी। उन्होंने विद्यार्थियोें के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना देते हुए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
रायपुर लोक सभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को नई शिक्षा नीति लागू करने वाला पहला राज्य है। उन्होंने इस मौकेे पर खरोरा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सांस्कृतिक भवन के निर्माण के लिए 20 लाख रुपए की राशि स्वीकृति की मंजूरी दी। कार्यक्रम को विद्या भारती के पदाधिकारी भाल चंद्र रावले, प्रकाश ठाकुर और शशिकांत फड़के ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू और पुरन्दर मिश्रा, विद्या भारती के सचिव  विवेक सक्सेना सहित वल्लभ लाहोटी, अन्य गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित थे।

341 पदों के लिए पुलिस भर्ती परीक्षा आज से आवेदन

23-Oct-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ पुलिस में एसआई, प्लाटून कमांडर की 341 पदों पर भर्ती होगी। पहली बार सीजीपीएससी से एसआई की भर्ती हो रही है। इसके लिए जो मापदंड तय किए गए हैं, इसके अनुसार अभ्यर्थी को आंखों से संबंधित कोई रोग नहीं होना चाहिए। बिना चश्मा एक आंख से 6/6 यानी 6 मीटर की दूरी साफ दिखना जरूरी है।

दूसरी आंख से 6/9 से कम नहीं होनी चाहिए यानी सामान्य आंखों को 9 मीटर दूर से नजर आने वाली वस्तु आपको कम से कम 6 मीटर की दूरी से नजर आनी चाहिए। मुख्य रंगों का भेद करने में अभ्यर्थी सक्षम होना चाहिए। इसी तरह अभ्यर्थी में नॉक-नी, फ्लैट फुट नहीं होना चाहिए। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन बुधवार, 23 अक्टूबर से भरे जाएंगे।

इससे पहले, वर्ष 2018 में एसआई की भर्ती निकली थी। तब साढ़े छह सौ से अधिक पद थे। बाद में पदों की संख्या बढ़ाकर 975 किया गया और संशोधित विज्ञापन जारी हुआ। इसके अनुसार फिर आवेदन मंगाए गए। हालांकि, यह भर्ती अभी तक पूरी नहीं हुई है। इंटरव्यू हो चुका है। इसका रिजल्ट जारी नहीं हुआ है।

उक्त भर्ती के लिए लिखित परीक्षा और मुख्य लिखित परीक्षा व्यापमं से आयोजित की गई थी। इस बार यह भर्ती व्यापमं से होने की चर्चा थी। इसके लिए तैयारी भी की गई थी। बाद में विभिन्न कारणों से यह भर्ती व्यापमं से नहीं आई। अब पीएससी से यह भर्ती होगी।

छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल तीसरी परीक्षा की बदली डेट, अब 14 नवंबर से,

19-Oct-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )   रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव की वजह से ओपन स्कूल ने तीसरी मुख्य परीक्षा की तारीख बदल दी गई है। 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 11 नवंबर के बजाय अब 14 नवंबर से शुरू होंगी। पहले, बारहवीं की परीक्षा 11 नवंबर से और दसवीं की 13 नवंबर से होने वाली थी।
परीक्षा के समय में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है, परीक्षा के लिए नया टाइम टेबल भी जारी कर दिया गया है।
रायपुर दक्षिण उप चुनाव के लिए वोटिंग 13 नवंबर को होगी। इसके दूसरे दिन से परीक्षाएं शुरू होंगी। ओपन स्कूल परीक्षा की तिथि पहले ही घोषित हो गई थी, जबकि उपचुनाव की तिथि बाद में घोषित हुई। परीक्षाएं 11 नवंबर से प्रारंभ होने वाली थी।
पहली बार नवंबर में होगी परीक्षा
ओपन स्कूल के लिए अवसर परीक्षा नवंबर में आयोजित की जाएगी। इससे पहले 2014 में ओपन स्कूल की एक साल में तीन बार परीक्षा हुई थी, लेकिन तब दो परीक्षा अवसर के रूप में थी। यानी इसमें सिर्फ फेल हुए छात्र ही शामिल हुए थे।
यह पहली बार है जब साल में ओपन स्कूल की तीनों परीक्षा मुख्य परीक्षा के रूप में हो रही है। परीक्षा का समय सुबह 8.30 बजे से 11.45 बजे तक निर्धारित है। शासन द्वारा यदि कोई अवकाश और स्थानीय अवकाश घोषित किया जाता है तो भी परीक्षाएं यथावत संचालित होंगी।
ओपन स्कूल परीक्षा की नई समय सारणी-
14 नवंबर, 12वीं- गृह विज्ञान, 10वीं- संस्कृत
16 नवंबर, 12वीं- लेखांकन, 10वीं- गृह विज्ञान
18 नवंबर, 12वीं- भौतिक शास्त्र, 10वीं- उर्दू
19 नवंबर, 12वीं- भूगोल, 10वीं- विज्ञान
20 नवंबर,12वीं- रसायन शास्त्र, 10वीं- अंग्रेजी
21 नवंबर, 12वीं- अंग्रेजी, 10वीं- मराठी
22 नवंबर, 12वीं- गणित, 10वीं- सामाजिक विज्ञान
23 नवंबर, 12वीं-राजनीति शास्त्र, 10वीं- व्यवसाय अध्ययन
25 नवंबर, 12वीं- जीव विज्ञान, 10वीं- गणित
26 नवंबर, 12वीं- इतिहास, 10वीं- अर्थशास्त्र
27 नवंबर, 12वीं- अर्थशास्त्र
28 नवंबर, 12वीं- हिन्दी
29 नवंबर, 12वीं- वाणिज्य, 10वीं- हिन्दी

पीएमश्री प्राथमिक स्कूल केंदवाही बार के सैकड़ों बच्चों हुए प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थान में चयनित

18-Oct-2024
सारंगढ़ बिलाईगढ़। ( शोर संदेश ) कलेक्टर धर्मेश कुमार साहू ने बरमकेला ब्लॉक के पीएमश्री प्राथमिक स्कूल केंदवाही बार का विगत दिवस निरीक्षण किया। कलेक्टर ने स्कूली बच्चों से उनके पढ़ाई के बारे में जाना और उन्हें शाबाशी दी। कलेक्टर ने इस स्कूल के लिए अपनी जमीन दान करने वाले लालमोहन पटेल से मुलाकात की और उनके द्वारा बच्चों की स्कूल के लिए दिए गए दान की तारीफ की।
निरीक्षण के दौरान प्रधान पाठक सुरेंद्र मिश्रा ने कलेक्टर को जानकारी दी कि इस स्कूल के लगभग 110 विद्यार्थी अपनी विशिष्ट पहचान के लिए क्षेत्र में जाने जाते हैं। यह सभी बच्चे होनहार एवं अपने ज्ञान से  जवाहर उत्कृष्ट योजना और अन्य परीक्षा उत्तीर्ण कर कक्षा छठवीं से 12वीं की पढ़ाई नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल और रायपुर के प्रतिष्ठित निजी संस्थान राजकुमार कॉलेज जैसे रायपुर और रायगढ़ के निजी विद्यालयों में अध्यनरत हैं।
प्रधान पाठक सुरेंद्र मिश्रा ने कहा कि वह तन मन धन से स्कूली बच्चों के ज्ञान और उनके उज्जवल भविष्य के लिए हमेशा से निरंतर कार्य कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। उनकी मंशा है कि सभी बच्चे अच्छे से पढ़ाई करें। परीक्षा में  चयनित होकर बेहतर रोजगार और अपना नाम रोशन करें। उन्होंने स्कूल परिसर के दीवाल में सामान्य ज्ञान की जानकारी दीवार लेखन कराया है, जिससे स्कूली बच्चों का सामान्य ज्ञान  बढ़ाने में मददगार है। जमीन के दानदाता लालमोहन पटेल ने कहा कि वे चाहते थे कि गांव के बच्चे गांव में ही स्कूल जाएं इसलिए उन्होंने अपनी जमीन को स्कूल के लिए दान दी।
वे चाहते हैं कि यदि मिडिल स्कूल के लिए भी दान की जरूरत पड़े तो वे दान देना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मैं स्कूल जैसे शिक्षा के मंदिर के लिए और अपने गांव के बच्चों के लिए जमीन दान में दिया है। उन्होंने बताया कि कोरोना काल के दौरान घर के बरामदे में जब शिक्षा देने का अवसर मिला तो उन्होंने अपने घर के परिसर में बड़े शेड के नीचे कक्षा संचालित करने के लिए स्थान दिया। लालमोहन पटेल और उनके परिवारजनों का सहयोग हमेशा से गांव के बालक बालिकाओं के प्रगति के लिए उत्साहपूर्वक सहयोगात्मक रहा है। 
निश्चित ही जमीन दानदाता,  प्रधान पाठक और स्कूली बच्चों की मेहनत से केंदवाही बार के लगभग 110 बच्चों का चयन होना प्रधान पाठक सुरेंद्र मिश्रा, जमीन के दानदाता लालमोहन पटेल और स्कूली बच्चों के मेहनत, सहयोगात्मक और एक आदर्श परिवेश निर्माण और समाज के प्रति अपनी  सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। सुरेंद्र मिश्रा, लालमोहन पटेल और स्कूली बच्चों के मेहनत से पीएमश्री स्कूल बार ने यह कीर्तिमान स्थापित किया है।
 



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