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शिक्षा

सेकेंड चांस बोर्ड परीक्षा के इसी हफ्ते आएंगे नतीजे

09-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )   छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल इसी हफ्ते सेकंड चांस बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी कर सकता है। नतीजे का सबसे ज्यादा इंतजार कक्षा 12वीं के बच्चों को है, जिन्हें कॉलेजों में प्रवेश लेना है। उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में प्रवेश की अंतिम तिथि 14 सितंबर तक बढ़ा दी है।
छत्तीसगढ़ सरकार की नई पहल के तहत प्रदेश में 10वीं-12वीं की पूरक परीक्षा के स्थान पर जून-जुलाई में दूसरी बार मुख्य परीक्षा इस साल से शुरू की गई है। पहली मुख्य परीक्षा हर साल की तरह मार्च में हुई। दूसरी मुख्य परीक्षा जुलाई अगस्त में आयोजित की थी।
दूसरी मुख्य परीक्षा में इस बार प्रदेश के लगभग 80 हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए। इनमें प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण वाले 2 हजार से ज्यादा बच्चे भी हैं, जो कुछ विषयों में कम अंक मिलने के बाद दोबारा परीक्षा देने के लिए बैठे थे।
माशिमं ने पहली बार प्रदेश में साल में दो बार सीजी बोर्ड परीक्षा आयोजित किया। फाइनल मेरिट लिस्ट में द्वितीय अवसर परीक्षा के परीक्षार्थियों को मौका नहीं मिलेगा। यानी उसका अंक नहीं जुड़ेंगा। मूल्यांकन के बाद नतीजे तैयार करने का काम अंतिम चरण में है।

बीएड-डीएलएड के लिए 11 सितंबर तक होंगे रजिस्ट्रेशन

09-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ में बीएड और डीएलएड में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन जारी है। अभ्यर्थी 11 सितंबर तक रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन का काम पूरा होने के बाद मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। जिसके बाद मेरिट लिस्ट के लिए दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की तरफ जारी शेड्यूल के अनुसार, अभ्यर्थी 16 से 18 सितंबर तक आपत्ति दर्ज करा सकेंगे।
अभ्यर्थियों को 16 से 18 सितंबर तक आपत्ति दर्ज कराने की समय सीमा दी गई है। इसके बाद आपत्तियों का निराकरण करने के बाद 19 सितंबर को पहली सूची जारी की जाएगी। इसी लिस्ट के आधार पर 24 सितंबर तक प्रवेश होंगे। प्रदेश के 150 कॉलेजों में बीएड और 91 कॉलेजों में डीएलएड की पढ़ाई हो रही है। बीएड, डीएलएड, बीए बीएड और बीएससी बीएड में प्रवेश दो चरणों में होंगे।

राज्यपाल ने कहा- बच्चों को नैतिक मूल्यों की शिक्षा भी दें शिक्षक

06-Sep-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )   शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन में राज्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 52 शिक्षकों को सम्मानित किया। राज्यपाल ने इस मौके पर कहा कि वे विश्व के सबसे सम्मानित और नोबल प्रोफेशन में हैं, इसलिए वे बच्चों को शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों का भी अध्ययन भी कराएं। उनमें मॉरल वैल्यूस भरें। 

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षक कैसा होना चाहिए इसे जानने के लिए वे रानी मुखर्जी अभिनीत फिल्म हिचकी भी देख सकते हैं। वहीं मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अगले वर्ष सम्मानित होने वाले शिक्षकों के नामों की घोषणा की। साथ ही उन्होंने शिक्षा विभाग की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने प्रसन्नता जाहिर कि नक्सल प्रभावित बस्तर में भी शिक्षा की अलग जग गई है। बंद स्कूल खोले जा रहे हैं। नए स्कूल भी बनाए जा रहे हैं। रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शिक्षा पर फोकस किया जा रहा है। 18 स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई कराने पुस्तकें तैयार की गई हैं। 

ओपन स्कूल के 10वीं-10वीं परीक्षा के लिए आवेदन शुरू

06-Sep-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )   ओपन स्कूल के तहत दसवीं-बारहवीं की तृतीय मुख्य व अवसर परीक्षा नवंबर में होगी। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 5 अक्टूबर तक फार्म भरे जा सकते हैं। जबकि विलंब शुल्क के साथ 10 अक्टूबर तक फार्म भरे जाएंगे। इस संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से आवेदन किए जा सकते हैं। ओपन स्कूल के अलावा सीजी बोर्ड, सीबीएसई या अन्य बोर्ड से फेल हुए छात्र इस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा नए छात्र भी परीक्षा के लिए आवेदन किया जा सकते है। दसवीं-बारहवीं ओपन स्कूल की अब साल में तीन बार परीक्षा होगी। इस साल से ही यह व्यवस्था लागू हुई है।

पिछले दिनों ओपन स्कूल की द्वितीय परीक्षा समाप्त हुई। इस परीक्षा मंे 33 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए थे। जानकारी के मुताबिक मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसे लेकर संभावना है कि इस महीने नतीजे भी जारी हो जाएंगे। तीसरी परीक्षा के आवेदन को लेकर विस्तृत जानकारी ओपन स्कूल की अधिकृत वेबसाइट पर जारी की गई है।

छत्तीसगढ़ में पहली बार गो-विज्ञान परीक्षा, 7 सितंबर से शुरू होंगे रजिस्ट्रेशन

03-Sep-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  प्रदेश में पहली बार गो विज्ञान परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। स्टेट टॉपर को 51 हजार रुपए का कैश प्राइज मिलेगा। 7 सितंबर से रजिस्ट्रेशन शुरू होगा जो 15 अक्टूबर तक चलेगा। राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति परीक्षा आयोजित कर रही है, जिसमें स्कूल और कॉलेज स्टूडेंट्स पार्टिसिपेट करेंगे। संगठन के प्रांत संयोजक इरन्ना सपारे और सुबोध राठी के मुताबिक प्रदेश में 5 लाख विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे।
आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के बीच गाय के प्रति नॉलेज देना है। वर्तमान पीढ़ी को गाय का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व समझाना है। कहीं ना कहीं समाज गो पालन से दूर हो रहा है, जिसके कारण गाय को लावारिस सड़कों पर छोड़ा जा रहा है।
इससे रोज सैकड़ों सड़क दुर्घटनाएं घट रही हैं। इस अभियान में परीक्षा के साथ-साथ, स्कूलों में गाय के महत्व की प्रदर्शनी लगाई जाएगी, सेमिनार, व्याख्यान होंगे।
परीक्षा के आयोजन से जुड़े लोग हर स्कूल-कॉलेज में जाएंगे। रजिस्ट्रेशन के बारे में बच्चों को बताएंगे। एक किताब भी बच्चों को दी जाएगी। ये किताब गाय से जुड़ी नॉलेज पर आधारित है। इसी किताब से जुड़े सवाल परीक्षा में पूछे जाएंगे। स्टूडेंट्स के रजिस्ट्रेशन के लिए 50 से 100 रुपए फीस तय की गई है।
12 जनवरी को आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय गौ सेवा संगम कार्यक्रम में कैंडिडेट्स को सम्मानित किया जाएगा।
 

डीएमएफ से 60 से अधिक नए स्कूल भवन और 10 पीएचसी के बाउण्ड्री वॉल निर्माण की मिली स्वीकृति

03-Sep-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश ) कोरबा जिले के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास मद से प्राप्त राशि वरदान साबित होने लगी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ से जिले में लगातार स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा व्यवस्था एवं जनहित संबंधित आवश्यक कार्य को कराने पहल की जा रही है। इसी कड़ी में कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तथा आसपास मौजूद जर्जर स्कूल भवनों का चिन्हांकन कर नए भवनों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। 
डीएमएफ से कुल 60 से अधिक नए स्कूल भवन निर्माण, अतिरिक्त कक्ष, जीर्णाेद्धार कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अलावा उन्होंने 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुरक्षा के दृष्टिकोण से वहां की आवश्यकताओं को देखते हुए बाउण्ड्री वॉल निर्माण की स्वीकृति भी प्रदान की है। इससे पूर्व बीते माह फरवरी में ही 88 नवीन स्कूल भवन की स्वीकृति प्रदान की थी। दूरस्थ क्षेत्रों सहित आसपास के जर्जर स्कूल भवनों के स्थान पर नए भवन बनने से स्कूल में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों सहित शिक्षकों की समस्याएं दूर होंगी। इन स्वीकृति में ज्यादातर प्राथमिक स्कूल नवीन भवन ( पुराने भवन का विनिष्टिकरण भी ) शामिल है। कुछ स्थानों पर माध्यमिक शाला हेतु भवन,अतिरिक्त कक्ष एवं प्रयोगशाला कक्ष तथा जीर्णाेद्धार की स्वीकृति प्रदान की गई है। 
नए भवन स्वीकृत होने पर विद्यार्थी और शिक्षक खुश -
जिला प्रशासन द्वारा जर्जर हो चुके स्कूल भवनों के लिए नए भवन स्वीकृत किए जाने पर स्कूल के विद्यार्थियों सहित संबंधित शिक्षकों में खुशी है। करतला विकासखण्ड के अंतर्गत आने वाले दूरस्थ ग्राम बैगापारा-घिनारा का प्राथमिक शाला भवन भी है। 38 साल पुराने शीट युक्त छत वाले भवन में प्राथमिक शाला का संचालन किया जा रहा है। दो कमरों में संचालित विद्यालय में 57 विद्यार्थी हैं। विद्यालय की शिक्षिका शशीकला राठिया ने बताया कि यहां नए स्कूल भवन की सख्त आवश्यकता थी। जिला प्रशासन द्वारा नए भवन स्वीकृत किए जाने की सूचना मिली है। यह हमारे लिए खुशी की बात है। नए भवन बनने से विद्यार्थियों के साथ ही हमें भी राहत मिलेगी। 
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बनेगा बाउण्ड्रीवॉल - 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर ने जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए डीएमएफ से दूरस्थ क्षेत्रों के 23 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवास निर्माण एवं बाउण्ड्रीवाल निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में आवास निर्माण होने से चिकित्सक सहित अन्य स्टाफ आसानी से रूक पाएंगे। वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बाउण्ड्रीवॉल बनने पर मरीज सहित चिकित्सकीय स्टाफ खुद को स्वास्थ्य केंद्र में सुरक्षित महसूस करेंगे।
 

प्री. बीएड और प्री. डीएलएड प्रवेश परीक्षा के परिणाम जारी

02-Sep-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )   व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) ने शनिवार को प्री बीएड और प्री डीएलएड प्रवेश परीक्षा के परिणाम जारी कर दिए। इससे पहले व्यापमं ने 26 जुलाई को मॉडल आंसरशीट जारी की और 2 अगस्त तक दावा-आपत्ति मंगाई थी। इसके बाद शनिवार को सभी दावा-आपत्तियों के निराकरण के बाद अंतिम उत्तर के आधार पर परीक्षा परिणाम जारी कर दिए गए। सभी अभ्यर्थी व्यापमं की वेबसाइट में जाकर अपना प्रोफाइल लॉग इन कर परीक्षा परिणाम देख सकते हैं।
बीएड में बैठे थे 1.50 लाख अभ्यर्थी
प्री. बीएड और प्री डीएलएड प्रवेश परीक्षा 30 जून को प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित की गई थी। बीएड की परीक्षा में प्रदेशभर के लगभग 1.50 लाख महिला पुरुष अभ्यर्थी बैठे थे। वहीं, प्री डीएलएड की परीक्षा लगभग 2 लाख अभ्यर्थियों ने दी थी।
बता दें कि सीजी प्री डीएलएड परीक्षा 2024 को 30 जून को राज्य के अनेक एग्जाम सेंट्रो पर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल, रायपुर द्वारा सफलतापूरक पूरा करवाया है। यह परीक्षा उमीदवारो के लिए ऑफलाइन मोड में सम्पन्न हुई थी। अब एग्जाम पूरी होने के बाद सभी अभियर्थी को डीएलएड पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने से पहले अपने छत्तीसगढ़ प्री डीएलएड परीक्षा रिजल्ट 2024 के जारी होने का इंतजार है। जो अब पूरा हो चूका है।

कलेक्टर ने विद्यार्थियों को बताए सफलता के मूलमंत्र

31-Aug-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )    कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने आमापारा स्थित पीएम पंडित आर. डी. तिवारी अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय में उड़ान कार्यक्रम के तहत शालेय विद्यार्थियों के लिए प्ररेक उद्बोधन एवं संवाद की शुरूआत की। कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने विद्यार्थियों को सफलता का मूलमंत्र बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ लक्ष्य निर्धारत कर कड़ी मेहनत करनी चाहिए। इसके लिए पदचिन्ह तय करने की जरूरत है। हर विद्यार्थियों को अपने लिए पढ़ाई करनी चाहिए। इससे माता-पिता की पहचान बनने के साथ गांव, परिवार का नाम रौशन होता है। उन्होंने अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए कहा कि असफलता मिलती तो कभी घबराएं नहीं। कलेक्टर ने कहा कि मैंने कभी कक्षाओं में कभी प्रथम स्थान हासिल नहीं किया, बल्कि द्वितीय स्थान पर ही रहा। शासकीय इंजीनियरिंग काॅलेज से अध्ययन किया और बाद में मास्टर आईआईटी से किया, लेकिन लक्ष्य सोचा था उसके लिए मेहनत की और यूपीएससी पास कर आईएएस बनकर गांव लौटा तो पूरा गांव गौरवान्वित हो उठा।  
डाॅ. सिंह ने कहा कि कोई भी चीज को पाने के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के साथ दृढ़संकल्पित होना जरूरी है। साथ ही जज्बा और कड़ी मेहनत से निश्चित ही सकारात्मक परिणाम आता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में सीखने, समझने की जिज्ञासा होनी चाहिए। पढ़ाई को बोझ समझने से बेहतर हैं कि खेल की तरह मन लगाकर करें।
कलेक्टर डाॅ. सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत कर कुछ बड़ा कर गुजरने की चाहत होनी चाहिए। जीवन में कठिनाई के दौर भी आते हैं, लेकिन मेहनत ही सफलता दिलाती है। वहीं समय ही खुशियों का पल होता है। कलेक्टर डाॅ. सिंह ने पालकों से भी आग्रह किया कि कोई भी पालक अपने बच्चों उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दबाव न बनाएं। प्रत्येक विद्यार्थियों ने आलौकिक प्रतिभा लेकर जन्म लिया है। उन्होंने कहा कि कक्षा में प्रथम स्थान हासिल करना ही सफलता का पैमाना नहीं हैं, बल्कि कड़ी मेहनत और दृढ़ निश्चित से ही विद्यार्थी सफल होता है।
कलेक्टर डाॅ. सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यूपीएससी में चयनित अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में सबसे सरल सवाल पूछे जाते हैं। सर्वप्रथम अभ्यर्थियों से बेसिक जानकारी ली जाती है और अभ्यर्थियों के व्यक्तित्व के बारे में सवाल किए जाते हैं। इंटरव्यू के दौरान अनेकों सवाल होते है। हर विद्यार्थियों को अखबार पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। इससे देश-विदेश की जानकारी मिलती है। साथ ही उन्होंने कहा कि नीट और जेईई की तैयारी के लिए आॅनलाइन कोचिंग की सुविधा प्रारंभ की गई है। इसका लाभ अधिक से अधिक बच्चे उठा सकते है और अपना भविष्य बेहतर बना सकते है। साथ ही कलेक्टर ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए।  
नगर निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने बच्चों को अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कक्षा 6 वीं से 12 वीं तक हर बच्चों को कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता है। क्योंकि इसी दौरान विद्यार्थियों को इतिहास की बेहतर जानकारी मिलती है। यहीं आगे की पढ़ाई में बहुत ही कारगर साबित होती है। जिला पंचायत सीईओ विश्वदीप ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को यूपीएससी की तैयारी करने से पहले सिलेबस की जानकारी रखें। जब भी पढ़े सिद्दत के साथ पढ़ाई करें और अनुभवी लोगों से जानकारी लें। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर अनुपमा आनंद, जिला शिक्षा अधिकारी विजय खंडेलवाल, समग्र शिक्षा जिला समन्वयक के.एस. पटले समेत स्कूल के शिक्षक, पालकगण व बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
 

मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना से शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बरगवाँ का हुआ कायाकल्प

31-Aug-2024
जांजगीर-चांपा।  ( शोर संदेश )  स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के कारण कक्षों की कमी महसूस होने लगी। विद्यार्थियों को एक ही कक्ष में बैठकर पढ़ना पड़ता था, जिससे उन्हें परेशानी होती थी। मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के माध्यम से इस समस्या का समाधान निकालने के लिए अतिरिक्त कक्ष निर्माण का निर्णय लिया। नए कक्षों के निर्माण के बाद विद्यार्थियों को अब अधिक आराम से पढ़ने की सुविधा मिल गई।
जनपद पंचायत अकलतरा के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बरगवाँ में मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के माध्यम से ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग जांजगीर के द्वारा 02 नग अतिरिक्त कक्ष निर्माण कार्य कराया गया है। शाला में अतिरिक्त कक्ष निर्माण हो जाने से विद्यार्थियों को बैठक व्यवस्था में सुविधा होने लगी। कक्षावार विद्यार्थियों की बैठक व्यवस्था होने से उनके अध्ययन कार्य व शिक्षकों के अध्यापन कार्य में सहजता हुई है। मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के माध्यम से 2 नग अतिरिक्त कक्ष का निर्माण 16.10 लाख रुपए की राशि से किया गया है। बेहतर शिक्षा नए कक्षाओं में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल रही है, क्योंकि अब उन्हें पर्याप्त जगह मिल गई है। विद्यार्थियों को अब पढ़ने के लिए आरामदायक वातावरण मिल गया है, जिससे वे अपनी पढ़ाई पर बेहतर ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं। नए कक्षों के बनने से कारण अब कक्षों में कम भीड़ है, जिससे विद्यार्थियों को पढ़ने में आसानी हो रही है। अतिरिक्त कक्ष निर्माण से विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और आरामदायक वातावरण मिल सकता है। अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उपसंभाग अकलतरा के द्वारा सतत रूप से निरीक्षण किया गया और जब कक्ष तैयार होने के बाद शिक्षा विभाग को सौंपा गया। विद्यार्थियों, शिक्षकों ने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना कक्ष बनने के बाद खुशी जाहिर की है।

10 सितंबर तक आएंगे सेकंड चांस परीक्षा के नतीजे, कॉपियों को जांचने का काम पूरा

30-Aug-2024
रायपुर।    ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल 10 सितंबर तक द्वितीय बोर्ड परीक्षा के नतीजे जारी करने की तैयारियों में जुटी है। माशिमं की ओर से कॉपियों को जांचने का काम पूरा कर लिया गया है। साथ ही पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना के परिणाम के बाद 10वीं और 12वीं की मेरिट लिस्ट में भी बदलाव होंगे।
इस परीक्षा में 10वीं और 12वीं में करीब 82 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए हैं। माशिमं ने पहली बार प्रदेश में साल में दो बार सीजी बोर्ड परीक्षा आयोजित किया जा रहा है। फाइनल मेरिट लिस्ट में द्वितीय अवसर परीक्षा के परीक्षार्थियों को मौका नहीं मिलेगा। यानी उसका अंक नहीं जुड़ेंगा।
द्वितीय बोर्ड परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से प्रदेश में 20 केंद्र बनाए गए थे। इसमें राजधानी में दो केंद्र हैं। पहली बोर्ड परीक्षा में राज्य में 36 मूल्यांकन केंद्र बने थे। मार्च में हुई पहली बोर्ड परीक्षा में प्रदेश के करीब 6 लाख छात्र शामिल हुए थे। इस बार छात्रों की संख्या कम है इसलिए मूल्यांकन केंद्रों की संख्या कम है।


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