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शिक्षा

खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय की पूर्व कुलसचिव पर एफआईआर दर्ज, शिक्षक ने की थी थाने में शिकायत

26-Aug-2024
राजनंदगांव।  ( शोर संदेश )  राजनांदगांव खैरागढ़ स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की पूर्व कुलसचिव नीता गहरवार के खिलाफ थाने में जातिगत प्रताड़ना की शिकायत हुई थी। शिकायत बाद पुलिस ने कुल सचिव नीता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय के शिक्षक जितेश कुमार गढ़पायले ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुलसचिव नीता गहरवार के द्वारा जातिगत भावना से प्रताडि़त करने व अपमानित कर दुव्यर्वहार करने व मानसिक रूप से प्रताडि़त करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
खैरागढ़ थाना प्रभारी जितेन्द्र बंजारे ने बताया कि शिकायत बाद मामले की विवेचना की गई। इस दौरान कुलसचिव नीता गहरवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया। पूछताछ में गहरवार ने कक्ष क्रमांक 4 में जाना एवं छात्र-छात्राओं को डांटना स्वीकार किया है और अपने पक्ष में कोई सुसंगत साक्ष्य व गवाह पेश नहीं किया।
वहीं प्रार्थी जितेश द्वारा 29 अप्रैल को कक्ष क्रमांक 4 में हुई घटना की पुष्टि के लिए 3 गवाह प्रस्तुत किए गए। गवाह सुनील यादव व प्रताप जंघेल द्वारा कुलसचिव नीता गहरवार द्वारा जातिगत भावना से अपमानित करने व बदसदलूकी करने के संबंध में अपने कथन में पुष्टि की है।
आगे डॉ जितेश ने अपने शिकायत पत्र में लिखा कि विश्वविद्यालय की तत्कालीन प्रभारी कुल सचिव डॉ नीता गहरवार ने उन्हें जातिगत दुर्भावना के चलते निलंबित भी किया। उनका प्रमोशन रोका गया। स्टूडेंट्स के सामने छवि धूमिल की गई। उनका करियर खराब करने की कोशिश की जा रही है।
 

सीवीआरयू में अंतरिक्ष दिवस पर छात्रों को दी गई ज्ञान, विज्ञान व तकनीक की जानकारी

24-Aug-2024
बिलासपुर। ( शोर संदेश )  डॉ. सीवी रमन विश्वविद्यालय में शुक्रवार को भारतीय अंतरिक्ष दिवस मनाया गया। विश्वविद्यालय के छात्रों एवं कोटा अंचल के कई स्कूलों के छात्रों ने अंतरिक्ष, विज्ञान और तकनीक की जानकारी ली। स्पेस को जाना। कुलपति प्रो. रवि प्रकाश दुबे ने छात्रों को बताया चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारत सरकार ने इस दिवस को भारतीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।
कुलपति प्रो. दुबे ने कहा कि हम वर्ष 2047 में विकसित भारत बनने जा रहे हैं। इसके लिए हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। खासकर अंतरिक्ष विज्ञान में भारत ने नए कीर्तिमान भी रचे हैं। छात्रों को अंतरिक्ष के बारे में बताया गया। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल पीपरतराई, स्वामी आत्मानंद स्कूल डीकेपी सहित कई स्कूलों के छात्रों ने भाग लिया। आयोजन सीवीआरयू के रमन सेंटर फॉर साइंस कम्युनिकेशन एवं भारतीय भौतिकी परिषद, शीला एकेडमिक जन सेवा समिति एवं आइक्यूएसी ने संयुक्त रूप से किया। कुलसचिव डॉ. अरविंद तिवारी, सम कुलपति प्रो. जयति चटर्जी, रविंद्र नाथ टैगोर विवि भोपाल के रजिस्ट्रार विजय सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

ट्रैफिक नियमों पर कार्यशाला: रायपुर पुलिस ने की स्कूली बच्चों से हेलमेट लगाने की अपील

24-Aug-2024
रायपुर। ( शोर संदेश ) राजधानी रायपुर में सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ इकाई और रायपुर पुलिस के संयुक्त तत्वाधान में ट्रैफिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिंदगी ना मिलेदी दोबारा कार्यक्रम के दूसरे दिन द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल रायपुर में कार्यशाला कक्षा दसवीं से बारवीं तक आयोजित की गई।
सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ इकाई के प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने बताया कि तीन विषय पर अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें नशा मुक्ति,ट्रैफिक नियम और हेल्थ शामिल है। इस अभियान पर मुख्य अतिथि बीजेपी के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव द्रोणाचार्य स्कूल पहुंचे।
संजय श्रीवास्तव ने बच्चों से कहा कि बच्चे अपने टास्क को लेकर चले। पढ़ाई के साथ खेल में विशेष रुचि रखें। आप की उम्र में सबसे ज्यादा आपको ध्यान खान पान में रखने की आवश्कता है। ट्रैफिक पुलिस से टीके भोई ने कहा कि हमें टू व्हीलर गाड़ी चलाते समय सिर पर हेलमेट जरूर लगाना चाहिए। जिससे हम अपनी सुरक्षा कर सके और हाईवे पर गाड़ी को ज्यादा गति से न चलाए।
हेल्थ एक्सपर्ट डॉ पलक अग्रवाल ने कहा कि बच्चे को हर तीन माह में टूथ ब्रश बदलना चाहिए। साथ में अपने दांतों पर बहुत ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। नशा मुक्ति पर एक्सपर्ट अलकशेंद्र मोगरे ने बहुत विस्तार से बच्चों को बताया कि इसी उम्र से गलत आदत लगती है, हमे इससे बचना है।
 

महामहिम राष्ट्रपति से सरगुजा संभाग की छात्राओं ने की सौजन्य मुलाकात

23-Aug-2024
अम्बिकापुर।  ( शोर संदेश ) सरगुजा संभाग के सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर और बलरामपुर जिले की पांच छात्राओं ने रक्षाबंधन के अवसर पर राजधानी दिल्ली में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बच्चों का कुशल क्षेम जानते हुए उनका उत्साह वर्धन किया और सभी को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना दी। इस सुनहरे अवसर के लिए छात्राओं ने बेहद उत्साह के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
पढ़ाई के साथ साथ खेल, संगीत तथा अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर छात्राओं का चयन किया गया जिसमें सरगुजा से कस्तूरबा आवासीय विद्यालय लखनपुर की छात्रा ज्योति, जशपुर जिले से रिया एवं रजनी चौहान, सूरजपुर से नंदिनी किंडो और बलरामपुर से प्रशंसा शामिल रहीं। राज्य कार्यालय द्वारा सरगुजा संभाग के बच्चों के साथ प्रभारी के रूप में अधीक्षिका अनुराधा सिंह का चयन कर दिल्ली भेजा गया।
   महामहिम राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा छात्राओं से मुलाक़ात के दौरान उन्हें रक्षाबंधन की बधाई दी गई तथा रक्षाबंधन पर्व के महत्व के बारे में बताते हुए छात्राओं से उनके पढ़ाई और जीवन के लक्ष्य के बारे में जानकारी लेकर लक्ष्य प्राप्ति हेतु ईमानदारी से प्रयास का सुझाव दिया गया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, यहां के प्राकृतिक सौंदर्य तथा अन्य विशिष्टता के बारे में छात्राओं से जानकारी ली। छात्राओं ने उन्हें राखी बाँधते हुए उपहार भी दिए।
पहली बार राष्ट्रपति से मुलाकात और देश की राजधानी नई दिल्ली के महत्वपूर्ण स्थलों के भ्रमण से छात्राएं काफ़ी रोमांचित तथा उत्साहित रहीं। गुरुवार को रायपुर को वापस लौटी छात्राओं ने एमडी समग्र शिक्षा संजीव झा एवं एससीईआरटी डायरेक्टर राजेंद्र कटारा, उप संचालक समग्र शिक्षा श्री राजेश सिंह एवं अन्य अधिकारियों से मुलाकात की और राष्ट्रपति भवन एवं दिल्ली की सुनहरी यादों सहित पहली विमान यात्रा के अनुभव को शेयर करते हुए इस अवसर को प्रदाय करने के लिये धन्यवाद ज्ञापित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भी बच्चों की हौसला आफ़ज़ाई करते हुए भविष्य में भी पढ़ाई के साथ साथ अन्य सभी क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने प्रेरित किया जिससे भविष्य में इस तरह के अवसर पुनः मिल सके।
 

फॉरेस्ट गार्ड भर्ती:22 सितंबर को व्यापमं से होगी परीक्षा

23-Aug-2024
रायपुर।    ( शोर संदेश )   फॉरेस्ट गार्ड भर्ती के लिए अब लिखित परीक्षा व्यापमं से अयोजित की जाएगी। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की आर से इसके लिए व्यापमं को प्रस्ताव भेजा गया है। 22 सितंबर को परीक्षा आयोजित की जाएगी। पिछले साल 151 पोस्ट के लिए यह वैकेंसी निकली थी। बड़ी संख्या में आवेदन मिले थे। शारीरिक मापजोख एवं दक्षता परीक्षा के आधार पर 2934 उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा के लिए चिंहित किया गया है।
जानकारी के मुताबिक व्यापमं से होने वाली लिखित परीक्षा के लिए पात्र उम्मीदवारों को आवेदन करना होगा। इसके बगैर वे परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। इस मामले में पूरी जिम्मेदारी उम्मीदवारों की होगी। इस संबंध में कोई पत्राचार नहीं होगा। अधिकारियों का कहना है कि इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों ने वन विभाग की वेबसाइट पर पूर्व में जो आवेदन किया है उसमें कोई संशोधन नहीं होगा।
फॉरेस्ट गार्ड भर्ती की लिखित परीक्षा के लिए पंजीयन और जिला चयन के लिए आवेदन 23 अगस्त से किए जा सकेंगे। जबकि ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख 8 सितंबर की रात 11.59 बजे तक है। परीक्षा की संभावित तारीख 22 सितंबर है। सुबह 10 से दोपहर 12.15 बजे परीक्षा होगी। इसके लिए रायपुर व बिलासपुर में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।

पं. रविशंकर विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश परीक्षा अगले महीने होने की संभावना

23-Aug-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में पीएचडी अब यूजीसी रेगुलेशन-2022 के अनुसार होगी। नए नियम को लेकर शासन की अनुमति मिल गई है। इसके तहत जिन प्रोफेसरों की नौकरी तीन साल से कम है वे अब गाइड नहीं बन पाएंगे। रविवि की पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2024, अगले महीने होने की संभावना है। इसके लिए जल्द निर्देश जारी होंगे। इसे लेकर विवि से तैयारी की जा रही है। पिछली बार पीएचडी एंट्रेंस के लिए जून-जुलाई में आवेदन मंगाए गए थे। परीक्षा अगस्त में हुई थी। इस लिहाज से इस बार एंट्रेंस एग्जाम के आवेदन में देरी हुई है।

जानकारों का कहना है कि पीएचडी को लेकर नया नियम लागू होने से गाइड की संख्या कम होगी। पूर्व के वर्षों में कई ऐसे प्रोफेसर थे जिनकी नौकरी एक साल या इससे भी कम रहती थी, वे भी गाइड बनते थे। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2024 के लिए जब अधिसूचना जारी होगी तो इसमें यह भी बताया जाएगा कि कौन गाइड होगा।

हालांकि, पिछली बार जिन गाइड के निर्देशन में छात्रों ने कोर्स वर्क किया है। वे गाइड रहेंगे। नया नियम इस साल से मान्य होगा। गौरतलब है कि पीएचडी से संबंधित यूजीसी रेगुलेशन-2022 देश के कई विवि में लागू हो गया है। इस नियम के अनुसार ही वहां पीएचडी हो रही है। छत्तीसगढ़ में दुर्ग विश्वविद्यालय में पिछले साल ही यह नियम लागू किया गया। इसके अनुसार ही पीएचडी में प्रवेश दिया गया। अब रविवि में भी इसे लागू किया जा रहा है। नए नियम के अनुसार पीएचडी की अवधि भी न्यूनतम तीन वर्ष की होगी। इसमें छह माह का कोर्स वर्क भी शामिल होगा।

इन विषयों के लिए होगी पीएचडी प्रवेश परीक्षा पीएचडी प्रवेश परीक्षा को लेकर रविवि से तैयारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक कौन-कौन से विषय में पीएचडी की सीटें खाली है। किस गाइड के पास कितनी रिक्त है। इसकी पूरी जानकारी विवि से मंगवा ली गई है। विवि प्रवेश परीक्षा की अधिसूचना के साथ इसे भी वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। प्रवेश परीक्षा इस बार हिंदी, इंग्लिश, भाषा विज्ञान, संस्कृत, ग्रंथालय एवं सूचना विज्ञान, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, इतिहास, प्राचीन भारतीय इतिहास, कंप्यूटर साइंस, प्राणीशास्त्र, बायोसाइंस, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, बायोटेक्नोलॉजी, वनस्पति शास्त्र, मनोविज्ञान, शारीरिक शिक्षा, फार्मेसी, मैनेजमेंट, वाणिज्य, विधि एवं अन्य के लिए आयोजित की जाएगी।
पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2024 के तहत लिखित परीक्षा और इंटरव्यू दोनों आयोजित किए जाएंगे। 100 अंकों के लिए परीक्षा होगी। इसमें लिखित परीक्षा के लिए 70 प्रतिशत और इंटरव्यू का वेटेज 30 प्रतिशत अंकों का होगा। क्वालीफाई करने के लिए 50 फीसदी अंक जरूरी पाने होंगे। पिछली बार पीएचडी प्रवेश के लिए सिर्फ लिखित परीक्षा आयोजित की जाती थी। उक्त परीक्षा में 714 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इसमें से करीब 140 ही पास हुए थे।

 


पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में प्रोफेसर, एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर के 60 पदों पर भर्ती

22-Aug-2024
रायपुर। ( शोर संदेश )   पं.रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में पदों की संख्या बढ़ी है। अब 49 नहीं 60 पदों पर भर्ती होगी। इसके लिए अगले सप्ताह विज्ञापन जारी होने की संभावना है। रविवि में यह वैकेंसी पिछले साल सितंबर में निकली थी। जिन्होंने पहले फार्म भरा है वह मान्य होगा। नए आवेदन के लिए सूचना जल्द जारी होगी।
बुधवार को रविवि में हुई कार्यपरिषद की बैठक में पद बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था। इस पर कार्यपरिषद ने सहमति दी है।
इसलिए माना जा रहा है कि अगले सप्ताह तक विज्ञापन जारी हाे सकते हैं। इस मामले में विवि के अधिकारियों का कहना है कि जो पुराने आवेदन हैं वह मान्य है। उन्हें दोबारा फार्म भरने की जरूरत नहीं है। लेकिन उम्मीदवार के पास कोई अतिरिक्त दस्तावेज है, जैसे रिसर्च पेपर, अनुभव या अन्य को लेकर तो वे सबमिट कर सकेंगे।
इन विषयों में होगी असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती
रविवि में 24 विषयों में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती होगी। इसमें भूगोल, समाज शास्त्र, इतिहास, प्रचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति और पुरातत्व, कम्प्यूटर साइंस, साहित्य और भाषा, अर्थशास्त्र, फिजिक्स एंड एस्ट्रोफिजिक्स, फिलॉसिफी एंड योगा, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड फोटोनिक्स, ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स एंड लेजर टेक्लोलॉजी, बायो-साइंस, एमबीए, बायो टेक्नालॉजी, मैथ्स, फार्मेसी, एंथ्रोपोलॉजी, लॉ, रीजनल स्टडीज, जिओलॉजी, सेंटर फॉर बेसिक साइंस, हिन्दी, साइंस, लाइब्रेरी इंफॉरमेशन और स्टेटिस्टिक्स विषय के लिए भर्ती होगी।

विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए उचित एवं पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने में सहायक होगा समीक्षा केंद्र

21-Aug-2024

 रायपुर,  ( शोर संदेश )   छत्तीसगढ़ के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के प्रदर्शन पर नजर रखने के लिए राजधानी रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित किया गया है। स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य में एक और बड़ी पहल की गई है, जिसमें स्कूलों के साथ उनमें पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे के प्रदर्शन पर भी अब सीधी नजर रखी जाएगी। सॉफ्टवेयर एवं मोबाइल एप्प का विकास तथा कॉल सेंटर के माध्यम से मॉनिटरिंग आई.आई.टी. भिलाई के सहयोग से किया जा रहा है।

स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं की ऑनलाईन मॉनिटरिंग एवं आंकड़ों के विश्लेषण करने के लिए रायपुर स्थित पेंशन बाड़ा में विद्या समीक्षा केन्द्र की स्थापना की गई है। इस केन्द्र के माध्यम से शासन की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू एवं मॉनिटरिंग करने में आसानी होगी। स्कूल और उनमें पढ़ने वाले एक-एक बच्चों के प्रदर्शन का रीयल टाइम ब्यौरा मुहैया कराएगा।
विद्या समीक्षा केंद्र की स्थापना से शासन की विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं से संबंधित जानकारी एवं सुविधाओं को विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षकों तक आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। शालाओं में मूलभूत संरचनाओं की उपलब्धता, मरम्मत, उपयोगिता आदि की सतत् मॉनिटरिंग की जायेगी ताकि विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए उचित एवं पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो सके तथा बेहतर शिक्षा प्रदान की जा सके। इसके द्वारा शिक्षकों की पदस्थापना से सबंधित जानकारियों की भी मॉनिटरिंग की जा रही है।
विद्या समीक्षा केन्द्र के अंतर्गत शिक्षकों का विवरण, यूडाइस डाटा, मध्यान्ह भोजन, शिक्षक प्रशिक्षण से सबंधित मॉनिटरिंग, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति, अधिकारियों के द्वारा शालाओं का निरीक्षण, विद्यार्थियों का मूल्यांकन आदि तथा केन्द्र सरकार से सबद्ध शैक्षिक योजनाओं की नियमित आनलाइन मानिटरिंग की जायेगी। योजनाओं की मॉनिटरिंग हेतु साफ्टवेयर एवं एप्प भी तैयार किया जा रहे हैं। योजनाओं की मॉनिटरिंग हेतु काल सेंटर स्थापित किया गया है। विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षकों की शैक्षिक गतिविधियों से संबंधित समस्याओं का समाधान करने के लिये एक टोल-फ्री नम्बर भी जारी किया जायेगा।
स्कूल में मूलभूत सुविधाएँ जैसे शाला भवन, शौचालय, विद्युत् व्यवस्था आदि उपलब्ध है अथवा नहीं है, के सबंध में एआई आधारित माड्यूल के उपयोग से जानकारी प्राप्त की जा रही है। प्राप्त जानकारियों की सूची के साथ की सहायता से स्कूलों का चिन्हांकन भी किया जा रहा है।
एआई के उपयोग से ही बच्चों को दी जाने वाली मध्यान्ह भोजन की जानकारी प्राप्त की जा रही है। एआई के माध्यम से ही मध्यान्ह भोजन के अंतर्गत बच्चों को परोसी जानी वाली सामग्रियों की गुणवत्ता का विश्लेषण किया जायेगा जिससे बच्चों को पर्याप्त मात्रा में भोजन मिल रहा है कि नहीं इसकी जानकारी भी प्राप्त हो सकेगी। एआई (Artificial Intelligence) के उपयोग से शिक्षकों के डाटा के विश्लेषण की सुविधा भी विद्या समीक्षा केन्द्र के अंतर्गत तैयार की गई है। विषयवार शिक्षकों की जानकारी, अतिशेष शिक्षकों की जानकारी, एकल शिक्षकों की जानकारी भी प्राप्त की जा सकेगी। भविष्य में एआई के उपयोग से विद्यार्थियों के अकादमिक आंकलन/मूल्यांकन का विश्लेषण किया जायेगा जिससे कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष फोकस किया जा सकेगा। शाला में उपलब्ध सुविधाएँ, शिक्षकों की जानकारी तथा विद्यार्थियों के अकादमिक गतिविधियों के आंकड़े के आधार पर एआई आधारित विश्लेषण किया जायेगा। प्राप्त जानकारी एवं विभिन्न पैरामीटर के आधार पर शालाओं की रैंकिंग की जाएगी।
ज्ञातव्य है कि एन.सी.ई.आर.टी. के द्वारा 12-13 अगस्त 2024 को नई दिल्ली में विद्या समीक्षा केंद्र के सम्बन्ध में कार्यशाला का आयोजन किया था जिसमें छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के नोडल आफिसर शामिल हुये थे। उक्त कार्यशाला में विद्या समीक्षा केंद्र छत्तीसगढ़ द्वारा विकसित एआई-मॉड्यूल की जीवंत प्रस्तुतीकरण किया गया जिसकी भारत शासन, शिक्षा मंत्रालय द्वारा सराहना की गई। छत्तीसगढ़ के एआई-मॉड्यूल को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष कार्य करने तथा अन्य राज्यों के साथ साझा करने के सम्बन्ध में भारत शासन से ई-मेल प्राप्त हुआ है। शीघ्र ही एआई-मॉड्यूल को विकसित रूप भारत शासन, शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा।

सीजी बोर्ड : दसवीं-बारहवीं द्वितीय परीक्षा के नतीजे अगले माह, कापियों का मूल्यांकन शुरू

20-Aug-2024
रायपुर।   ( शोर संदेश )  सीजी बोर्ड की द्वितीय परीक्षा की कापियों का मूल्यांकन शुरू हो गया है। 23 जुलाई से 12 अगस्त तक यह परीक्षा आयोजित की गई। इसमें करीब 82 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए। अगले महीने नतीजे जारी होने की संभावना है। प्रदेश में साल में दो बार सीजी बोर्ड परीक्षा होगी। फरवरी-मार्च प्रथम परीक्षा और जून-जुलाई में द्वितीय मुख्य परीक्षा होगी। इस साल से ही नई व्यवस्था लागू हो चुकी है।

इसके अनुसार ही पूरक की जगह दसवीं-बारहवीं की द्वितीय परीक्षा आयोजित की गई। इसमें फेल व पूरक के अलावा पहली बोर्ड परीक्षा में पास हुए छात्र भी श्रेणी सुधार के लिए शामिल हुए हैं। पास हुए छात्रों में दो हजार से अधिक छात्र फर्स्ट डिवीजन हैं।

इसी तरह सेकंड डिवीजन वाले छात्रों की संख्या साढ़े तीन हजार से अधिक है। जानकारी क मुताबिक द्वितीय बोर्ड परीक्षा की कापियों के मूल्यांकन के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से प्रदेश में 20 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें राजधानी में दो केंद्र हैं। पहली बोर्ड परीक्षा में राज्य में 36 मूल्यांकन केंद्र बने थे। इसमें छात्रांे की संख्या कम है, इसलिए मूल्यांकन केंद्रों की संख्या कम है।
 

मुख्यमंत्री की कलाई पर अभ्यास स्कूल की छात्राओं ने सजाई खुद की बनाई राखी

20-Aug-2024
महासमुंद।  ( शोर संदेश ) रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर शासकीय अभ्यास प्राथमिक शाला महासमुंद की छात्राओं ने अपनी सृजनात्मकता से बनाई राखी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कलाई पर सजाई। सोमवार को प्रधान पाठक डेमेश्वरी गजेंद्र के नेतृत्व में स्कूल की छात्राएं पूर्वी देवार, भूमि देवार, नेहा देवार, पीहू बुंदेला और सारिका ढीमर मुख्यमंत्री निवास रायपुर पहुंचीं। इन छात्राओं में देवार जनजाति की बच्चियों को शामिल देख मुख्यमंत्री ने उन्हें दुलारा और स्नेह जताते हुए शिक्षा के प्रति जागरुकता से बदल रही देवार जनजाति की तस्वीर पर खुशी जताई। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी मोहन राव सावंत भी उपस्थित थे, जिन्होंने इस प्रयास की सराहना करते हुए बच्चियों की राखी स्वीकारने पर सीएम का आभार जताया।
प्रधान पाठक डेमेश्वरी गजेंद्र ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार के प्रभावी कदमों से वे बच्चे, जो कभी कबाड़ बिनते थे, अब स्कूल आकर पढ़ाई कर रहे हैं। मुख्यमंत्री की कलाई पर इन बच्चियों द्वारा राखी बांधने का यह कदम सामाजिक समरसता की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश देता है। मालूम हो कि प्रधान पाठक डेमेश्वरी गजेंद्र ने ऐसे घुमंतू बच्चों को स्कूल तक लाने और उनकी पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए अपनी सैलरी का एक हिस्सा बच्चों के लिए पेंसिल बॉक्स, यूनिफार्म बेल्ट, चॉकलेट और बिस्कुट में खर्च किया, जिससे बच्चों का मनोबल बढ़ा है।
यहां यह बताना जरूरी होगा कि मुख्यमं की अपील पर प्रधान पाठक और उनकी शिक्षकीय टीम की अथक मेहनत के फलस्वरूप, जो स्कूल कभी कम दर्ज संख्या के चलते बंद होने की कगार पर था, वहां अब 90 से अधिक बच्चों की दर्ज संख्या हो गई है, जिनमें 20 से अधिक बच्चे देवार जाति के हैं।



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