जगदलपुर (शोर संदेश)। नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तेलंगाना में शनिवार को 47 नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण कर दिया, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी रणनीतिक सफलता मानी जा रही है। यह सरेंडर ऐसे समय में हुआ है जब नक्सलवाद के खात्मे की तय डेडलाइन पर लगातार सवाल उठ रहे थे, लेकिन इस घटना ने संकेत दिया है कि संगठन के भीतर दबाव और विघटन बढ़ रहा है।
इस सामूहिक आत्मसमर्पण में कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नक्सली शामिल हैं। इनमें डीवीसी इंचार्ज हेमला आयतु उर्फ विज्जा और 9वीं बटालियन कमांडर पोडियम लच्छु उर्फ मनोज जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सभी आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को कुल मिलाकर लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य उन्हें मुख्यधारा में वापस लाना और हिंसा के रास्ते से दूर करना है।