







नागपुर (शोर सन्देश)। नागपुर में बाजारगांव के पास सौर उपकरण बनाने वाली कंपनी में रविवार सुबह विस्फोट हो गया। धमाके में नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए। अधिकारियों के अनुसार, धमाके के समय कंपनी के अंदर कुल 12 कर्मचारी मौजूद थे। विस्फोट कंपनी के एक कास्ट बूस्टर प्लांट में हुआ। इस हादसे को लेकर डिप्टी सीएम ने मुआवजे का एलान किया है। नागपुर ग्रामीण के एसपी हर्ष पोद्दार ने बताया कि नागपुर के बाजारगांव में सौर उपकरण बनाने वाली कंपनी में ब्लास्ट होने से 9 लोगों की मौत हो गई। यह धमाका सोलर एक्सप्लोसिव कंपनी में कास्ट बूस्टर प्लांट में पैकिंग के समय हुआ। धमाके के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने घटना पर दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज नागपुर में सौर कंपनी में हुए धमाके में छह महिलाओं सहित नौ लोगों की मौत हो गई। यह एक कंपनी है, जो रक्षा बलों के लिए ड्रोन और विस्फोटक बनाती है। नागपुर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक लगातार हम संपर्क में हैं। इसके अलावा आईजी, एसपी और कलेक्टर मौके पर हैं। राज्य सरकार इस घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच लाख रुपये की सहायता देगी।' सौर उपकरण बनाने वाली कंपनी के वरिष्ठ महाप्रबंधक आशीष श्रीवास्तव ने कहा, 'घटना की सूचना सुबह करीब नौ बजे मिली। नौ लोगों की मौत हो चुकी है। सभी मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है। अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कोयला खनन विस्फोट में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक कारखाने में बनाए जा रहे थे। इसी की पैकेजिंग चल रही थी, तभी धमाका हुआ है।

भोपाल (शोर सन्देश)। मध्य प्रदेश में नये मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने कामकाज संभाल लिया है। वहीं शिवराज सिंह चौहान अब पूर्व मुख्यमंत्री रह गए हैं। उन्होंने 18 साल तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद का दायित्व निभाया है। लेकिन कुर्सी से बेदखल कर दिये जाने के बावजूद लोग अब शिवराज सिंह चौहान के साथ ही खड़े नजर आ रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान को देखते ही लोग नारे लगाने शुरू कर दे रहे हैं। वहीं शिवराज की विदाई पर जनसैलाब उमड़ पड़ा और काफिले को घेर लिया। जब महिलाएं कहती हैं, भैया छोड़ कर मत जाइये, तो वो उनको भरोसा भी दिलाते हैं कि वो कहीं नहीं जा रहे हैं। ये तो वो पहले ही कह चुके हैं कि दिल्ली जाकर कुछ मांगने की जगह वो मरना पसंद करेंगे।

भोपाल (शोर संदेश)। मुख्यमंत्री पद ग्रहण करने के बाद मध्यप्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक आदेश जारी किया है। इसमें धार्मिक स्थल एवं अन्य स्थानों पर लाउडस्पीकर व डीजे को अवैधानिक रूप से और निर्धारित मापदण्ड से अधिक आवाज में बजाने पर प्रतिबंध लगाये जाने की बात कही गई है। गौरतलब है कि, प्रदेश में धार्मिक स्थल एवं अन्य स्थानों पर मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों तथा सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों के अनुकम में राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि किसी भी प्रकार के धार्मिक स्थल अथवा अन्य स्थान में निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप ही लाउडस्पीकर व डीजे आदि का उपयोग किया जा सकेगा।
उड़नदस्ते का गठन
बता दें कि लाउडस्पीकर एवं अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के नियम विरूद्ध तेज आवाज में बिना अनुमति के उपयोग को पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। राज्य शासन द्वारा ध्वनि प्रदूषण तथा लाउडस्पीकर आदि के अवैधानिक उपयोग की जांच के लिये सभी जिलों में उड़नदस्तों के गठन का निर्णय लिया गया है। उडनदस्तें नियमित और आकस्मिक रूप से धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों जहां ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग होता है, उसका निरीक्षण कर सकेगें तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में अधिकतम 3 दिवस में समुचित जांच कर प्रतिवेदन संबंधित प्राधिकारी को प्रस्तुत करेंगें।
धर्मगुरूओं से करे संवाद
धर्मगुरूओं से संवाद व समन्वय के आधार पर लाउडस्पीकरों को हटाने का प्रयास किया जायेगा तथा ऐसे धार्मिक स्थलों की सूची बनाई जायेगी, जहां उक्त नियमों निर्देशों का अनुपालन नहीं हो रहा है तथा इसकी जिला स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा कर 31 दिसंबर तक पालन प्रतिवेदन गृह विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये है। ध्वनि प्रदूषण के मामलों की सतत निगरानी के लिये अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान विभाग पुलिस मुख्यालय को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी समय-समय पर लाउडस्पीकरों/डीजे आदि के अवैधानिक प्रयोग के संबंध में प्रतिवेदन शासन के समक्ष प्रस्तुत करेगें।