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छत्तीसगढ़ में धान उपार्जन प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी

15-Jan-2026
सरगुजा  ( शोर संदेश )  राज्य शासन के निर्देशानुसार प्रदेश में धान उपार्जन व्यवस्था को पारदर्शी, सुगम और पूरी तरह किसान हितैषी बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं। धान उपार्जन केन्द्रों में डिजिटल तकनीक का प्रयोग, सुव्यवस्थित प्रबंधन और समयबद्ध प्रक्रिया के परिणामस्वरूप किसानों को अपनी उपज बेचने में महत्वपूर्ण सुविधा मिल रही है।
सरगुजा जिले के ग्राम करजी के लघु सीमांत कृषक सूरज राजवाड़े ने बताया कि इस वर्ष की धान खरीदी व्यवस्था पूर्व वर्षों की तुलना में कहीं अधिक सरल और पारदर्शी है। उनके 166 क्विंटल धान की खरीदी के लिए उन्होंने घर बैठे ही “किसान तुहंर टोकन” मोबाइल ऐप के जरिए टोकन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टोकन सुविधा से समिति कार्यालय में अनावश्यक भीड़ समाप्त हुई है और किसानों का मूल्यवान समय बच रहा है।
टोकन तिथि पर धान उपार्जन केन्द्र पहुंचने पर उन्हें शीघ्रता से गेट पास उपलब्ध कराया गया। वहां धान की नमी का परीक्षण, बारदाना उपलब्धता और तौल प्रक्रिया बिना विलंब के संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि नयी प्रणाली से धान विक्रय पूरी तरह सुचारु और व्यवस्थित हो गया है।
राजवाड़े ने उपार्जन केन्द्रों में उपलब्ध सुविधाओं की भी प्रशंसा की। किसानों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था, छायादार बैठने की जगह और समिति कर्मचारियों का सहयोगी व्यवहार उन्हें संतोषजनक लगा।
राज्य शासन द्वारा इस वर्ष धान का सर्वाधिक समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। साथ ही प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की जा रही है। किसान के अनुसार इस निर्णय ने राज्य के कृषकों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बेहतर मूल्य मिलने से खेती को लाभदायक बनाया जा सका है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है।
कृषक राजवाड़े ने पारदर्शी और डिजिटल धान खरीदी प्रणाली के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि वर्तमान प्रबंधन से किसानों में सुरक्षा, सम्मान और भरोसे की भावना बढ़ी है।


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