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किसान

ग्राफ्टेड बैगन की खेती से बढ़ी किसान योगेश अग्रवाल की आय

23-Dec-2025
बलौदाबाजार (शोर संदेश)। राज्य शासन की किसान हितैषी नीतियां अपने शानदार परिणाम दिखा रही हैं।बलौदाबाज़ार-भाटापारा जिले के भाटापारा ब्लॉक के गाँव सेमरिया (बी) के प्रगतिशील किसान योगेश अग्रवाल ग्राफ्टेड बैगन की खेती करके अपनी आमदनी में बढ़ोतरी करने में सफल हुए हैं। अग्रवाल ने बताया कि पहले वे परम्परागत तरीके से सब्जी की खेती करते थे ।फिर उन्हें उद्यानिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अन्तर्गत ग्राफ्टेड बैगन एवं टमाटर प्रदर्शन योजना का लाभ मिला।
उन्होंने बताया कि ग्राफ्टेड बैगन रोगों का प्रकोप सामान्य खेती की तुलना में कम है। साथ-साथ इसमें तीनों सीजन में उत्पादन प्राप्त होता है। कम पानी एवं मजदूरी लागत भी कम आती है। पौधे भी मजबूत होते हैं जिससे उत्पादन में सुधार हुआ है। अग्रवाल ने बताया इस तकनीक से किसानों को आर्थिक लाभ मिल रहा है।
उल्लेखनीय है कि उद्यान विभाग द्वारा जिले में किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अन्तर्गत ग्राफ्टेड बैगन एवं टमाटर प्रदर्शन योजना का संचालन किया जा रहा है, यह योजना जिले में पहली बार लागू की गयी है, योजना के तहत ग्राफ्टेड बैगन एवं टमाटर की खेती कृषकों द्वारा की जा रही है जिसके लिए प्रति प्रदर्शन राशि रू. 30000 का अनुदान दिया जा रहा है।
जिले को 188 नग प्रदर्शन का लक्ष्य प्राप्त हुआ है जिसके विरूद्ध नियमानुसार 188 कृषकों का चयन किया गया एवं कृषकों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
 

आधुनिक तकनीक से बदली खेती की तस्वीर: आत्मा योजना बनी सहारा

22-Dec-2025
रायपुर, ( शोर संदेश ) आत्मा योजना से उन्नत खेती की ओर कदमकिसानों में आधुनिक तकनीक अपनाकर उन्नत खेती करने की प्रवृत्ति निरंतर बढ़ रही है। कृषि विभाग की केन्द्र प्रवर्तित एग्रीकल्चर एक्सटेंशन रिफॉर्म्स (आत्मा) योजना इस दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रही है। राजनांदगांव जिले के छुरिया विकासखण्ड के ग्राम अछोली एवं चांदो के प्रगतिशील किसान एकांत चंद्राकर एवं विवेक वैष्णव का उन्नत खेती का सपना साकार हुआ।
दोनों किसानों ने टेलीविजन के माध्यम से देश-विदेश, विशेषकर इजराइल जैसे देशों में हाईटेक कृषि यंत्रों से हो रही खेती को देखकर आधुनिक तकनीक अपनाने की इच्छा व्यक्त की थी। नवम्बर 2025 में उन्होंने कृषि विभाग से संपर्क किया। उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में आत्मा योजना अंतर्गत उन्हें राज्य के बाहर शैक्षणिक भ्रमण हेतु मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित लाभगंगा एग्जीबिशन सेंटर में आयोजित फार्म-टेक इंडिया अंतर्राष्ट्रीय कृषि मेले में भेजा गया, जहाँ जिले के कुल 6 किसानों ने सहभागिता की।
तीन दिवसीय मेले में मल्टीनेशनल कंपनियों द्वारा प्रदर्शित नवीन कृषि यंत्रों का प्रत्यक्ष अवलोकन एवं विशेषज्ञों से संवाद कर किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा। भ्रमण पश्चात किसानों ने मशीन-बेड प्लांटर कम सीडर मशीन एवं हैरो मशीन क्रय कर मक्का, गेहूं एवं सरसों की फसलों की बोआई की। मशीन से बोआई करने से लागत में कमी, उचित दूरी पर बीज-उर्वरक उपयोग तथा खरपतवार नियंत्रण में लाभ मिला। किसानों का कहना है कि आत्मा योजना के माध्यम से परंपरागत खेती से उन्नत खेती की न सिर्फ जानकारी मिलती है, बल्कि इसको अपनाने का मार्ग भी प्रशस्त होता है।    

 

धान खरीदी केंद्रों का कलेक्टर ने किया आकस्मिक निरीक्षण

20-Dec-2025
रायपुर,। ( शोर संदेश ) समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान हितैषी बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय द्वारा सख्त कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है। जिसके तहत बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने आज डौण्डीलोहरा एवं डौण्डी विकासखण्ड के विभिन्न धान खरीदी केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने डौण्डीलोहरा विकासखण्ड के गैंजी तथा डौण्डी विकासखण्ड के चिखलाकसा, कोटागांव, भर्रीटोला एवं घोटिया धान खरीदी केन्द्रों में उपलब्ध दस्तावेजों का सूक्ष्म अवलोकन किया। उन्होंने अब तक खरीदी गई कुल धान की मात्रा, ग्रामवार औसत पैदावार, रकबा समर्पण की स्थिति तथा पंजी संधारण की विस्तार से समीक्षा की। 
निर्धारित मात्रा से अधिक धान मिलने पर की गई कड़ी कार्यवाही
डौण्डी विकासखण्ड स्थित धान खरीदी केन्द्र चिखलाकसा के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मौके पर धान बोरों की तौल कराई। तौलाई के दौरान चार अलग-अलग बोरों में धान की मात्रा निर्धारित मानक 40 किलो 680 ग्राम से अधिक, लगभग 41 किलोग्राम पाई गई। इस गंभीर अनियमितता पर कलेक्टर मिश्रा ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए समिति प्रबंधक एवं कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई तथा समिति प्रबंधक भगवान सिंह ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन कतई स्वीकार्य नहीं होगा।
रकबा समर्पण और सत्यापन पर विशेष जोर
धान खरीदी केन्द्र गैंजी के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने रकबा समर्पण की स्थिति की जानकारी लेते हुए एक टोकन वाले किसानों के साथ-साथ 02 एकड़ से अधिक एवं 10 एकड़ से अधिक रकबा रखने वाले किसानों की संख्या की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने धान विक्रय हेतु पहुँचे किसान दीपक यामले से चर्चा कर उन्हें धान बिक्री के पश्चात शेष रकबे का अनिवार्य रूप से समर्पण करने की समझाइश दी। किसान द्वारा घर में शेष लगभग 130 क्विंटल धान रखे होने की जानकारी पर कलेक्टर ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी एवं संबंधित अधिकारियों की संयुक्त टीम को किसान के घर भेजकर भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए। 
गुणवत्ता और नमी जांच पर भी सख्ती
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर मिश्रा ने धान खरीदी केन्द्रों में किसानों द्वारा बिक्री हेतु लाए गए धान का अवलोकन किया तथा नमी मापक यंत्र से नमी जांच अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को केवल साफ-सुथरा एवं गुणवत्तायुक्त धान ही बिक्री हेतु लाने की समझाइश दी।
नोडल अधिकारी और निगरानी समिति को दिए आवश्यक निर्देश
धान खरीदी केन्द्र चिखलाकसा में कलेक्टर ने नोडल अधिकारी, समिति प्रबंधक एवं निगरानी समिति के सदस्यों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने रकबा समर्पण पंजी का अवलोकन कर अब तक समर्पण करने वाले किसानों की संख्या की समीक्षा की तथा निर्देश दिए कि नोडल अधिकारी एवं निगरानी समिति के सदस्य प्रतिदिन सुबह अनिवार्य रूप से खरीदी केन्द्र में उपस्थित रहें और धान खरीदी कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराएं।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि डबल टोकन की स्थिति में रकबा सत्यापन के उपरांत ही धान खरीदी की जाए। साथ ही अब तक धान विक्रय करने वाले किसानों की संख्या, कुल खरीदी मात्रा तथा पिछले वर्ष की औसत खरीदी से तुलना की भी जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर मिश्रा ने मौके पर उपस्थित किसानों से संवाद कर खरीदी केन्द्रों की व्यवस्थाओं के संबंध में फीडबैक लिया और धान बिक्री के उपरांत शेष रकबे का अनिवार्य रूप से समर्पण करने की अपील की। इस अवसर पर अनेक किसानों द्वारा मौके पर ही शेष रकबे का समर्पण भी किया गया।


















 

धान की बेहतर कीमत ने बढ़ाया किसान युगल का हौसला

20-Dec-2025
रायपुर,। ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों और समर्थन मूल्य पर सुदृढ़ धान खरीदी व्यवस्था ने प्रदेश के किसानों के जीवन में आर्थिक स्थिरता और आत्मविश्वास का नया संचार किया है। शासन द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी तथा समय पर भुगतान से किसानों का खेती के प्रति भरोसा और उत्साह दोनों बढ़ा है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण ग्राम फेकारी के प्रगतिशील किसान युगल किशोर साहू हैं, जिनकी मेहनत और शासन की नीतियों के समन्वय से परिवार का भविष्य उज्ज्वल हो रहा है।
दुर्ग जिले के ग्राम फेकारी निवासी किसान युगल किशोर साहू ने बताया कि वे लगभग साढ़े सात एकड़ भूमि में धान की खेती करते हैं। इस वर्ष शासन द्वारा की गई बेहतर व्यवस्थाओं के चलते उन्होंने अपनी फसल समर्थन मूल्य पर बेची, जिससे उन्हें संतोषजनक और सुरक्षित आय प्राप्त हुई। उनके चेहरे पर दिखती मुस्कान खेती से मिली आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता की कहानी स्वयं बयां करती है।
साहू ने बताया कि खेती से प्राप्त आय का उपयोग वे परिवार के सामाजिक और घरेलू दायित्वों को पूरा करने में कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस आय से वे नए घर का निर्माण कार्य पूर्ण कर रहे हैं। साथ ही बच्चों के विवाह, छट्ठी जैसे पारिवारिक आयोजनों का खर्च भी अब बिना किसी आर्थिक दबाव के आसानी से वहन कर पा रहे हैं।
 खेती में नवाचार और विविधीकरण की सोच को अपनाते हुए युगल किशोर साहू केवल धान तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने बताया कि धान के साथ-साथ वे चना, मटर और लाखड़ी (तिवड़ा) जैसी दलहन फसलों की खेती भी कर रहे हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी मिल रही है और खेती का जोखिम भी कम हुआ है।
किसान युगल किशोर साहू ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहले की तुलना में अब धान की कहीं बेहतर कीमत मिल रही है। 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी से किसानों को सीधा और बड़ा लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की इन नीतियों से किसान अब पहले से कहीं अधिक आर्थिक रूप से सक्षम, आत्मनिर्भर और संतुष्ट महसूस कर रहे हैं।

तुंहर टोकन ऐप से आसान हुई धान खरीदी, किसानों को मिली राहत

20-Dec-2025
रायपुर,। ( शोर संदेश ) पूरे छत्तीसगढ़ सहित धमतरी जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को पूरी तरह सुव्यवस्थित, पारदर्शी और किसान-हितैषी ढंग से संचालित किया जा रहा है। किसानों की सुविधा और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो लगातार निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। इसका सकारात्मक परिणाम यह है कि किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच पा रहे हैं और शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
धान खरीदी प्रक्रिया में तुंहर टोकन ऐप ने किसानों के लिए व्यवस्था को और अधिक सरल व सुगम बना दिया है। समय पर टोकन उपलब्ध होना, केंद्रों में व्यवस्थित तौल, बैठने की सुविधा, पेयजल एवं छाया जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं ने किसानों का शासन-प्रशासन पर भरोसा और मजबूत किया है। धमतरी जिले के किसान इन व्यवस्थाओं से संतुष्ट होकर खुशी व्यक्त कर रहे हैं।
ऐसी ही एक प्रेरक सफलता की कहानी है ग्राम पोटियाडीह के किसान नरेन्द्र कांकरिया की। कांकरिया ने खरीफ मौसम में अपने 8 एकड़ 15 डिस्मिल रकबे में धान की खेती की। उन्हें तुंहर टोकन ऐप के माध्यम से पहले टोकन में 80 क्विंटल धान बेचने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्र पर पहुंचने से लेकर तौल और रसीद प्राप्त होने तक पूरी प्रक्रिया सहज, पारदर्शी और परेशानी-मुक्त रही।
किसान कांकरिया ने बताया कि पिछले वर्ष समर्थन मूल्य पर धान विक्रय से प्राप्त राशि से उन्होंने ट्रैक्टर खरीदा था, जिससे खेती के कार्य में सुविधा हुई और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई। ट्रैक्टर पर लिया गया ऋण अभी चल रहा है, जिसे वे इस वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि से चुकाने की योजना बना रहे हैं। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का बकाया भुगतान करने की भी उनकी तैयारी है। उनका कहना है कि समय पर भुगतान मिलने से आर्थिक दबाव कम होता है और खेती में पुनः निवेश करने का आत्मविश्वास बढ़ता है।
नरेन्द्र कांकरिया ने बेहतर व्यवस्थाओं के लिए शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि धान उपार्जन केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं और सुचारू व्यवस्था के कारण किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। उन्होंने इसे किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
धमतरी जिले में धान खरीदी की यह सुव्यवस्थित और पारदर्शी व्यवस्था न केवल किसानों की मेहनत को सम्मान दे रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है। यह शासकीय पहल किसानों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त उदाहरण बन रही है।

3100 रुपये समर्थन मूल्य से बदली किसान की तकदीर, बेटे को दिला रहे इंजीनियरिंग की शिक्षा

19-Dec-2025
रायपुर ( शोर संदेश )। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। धान खरीदी की बेहतर व्यवस्था और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मिल रहे लाभकारी मूल्य ने किसानों के जीवन में नई खुशियाँ भर दी हैं। इसी कड़ी में दुर्ग जिले के ग्राम फेकारी निवासी किसान सोमेश्वर साहू की कहानी सुशासन और समृद्धि की एक नई मिसाल पेश कर रही है। 
सोमेश्वर साहू, जो कि ग्राम फेकारी के रहने वाले हैं, जो अपनी 6 एकड़ की खेती से पूरे परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने धान उपार्जन केंद्र में अपनी फसल बेची, जिससे उन्हें कुल 2 लाख 80 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई। इसमें से 1 लाख रुपये का पुराना कर्ज चुकाने के बाद भी उनके पास 1 लाख 80 हजार रुपये की बड़ी राशि शेष बची है। सोमेश्वर के चेहरे की मुस्कान यह बताने के लिए काफी है कि अब उन्हें अपनी आर्थिक जरूरतों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
किसान सोमेश्वर साहू ने उत्साह के साथ बताया कि खेती की इस कमाई से अब मैं अपने बेटे को बी.टेक (इंजीनियरिंग) की पढ़ाई करा पा रहा हूँ। पहले पढ़ाई के खर्च की चिंता रहती थी, लेकिन अब धान की अच्छी कीमत मिलने से हम अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने में सक्षम हो गए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि वह चाहते हैं कि उनका बेटा पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बने और इस सपने को पूरा करने में खेती से हुई यह आय सबसे बड़ा सहारा बनी है। किसान साहू ने मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 3100 रुपये में धान खरीदी की सरकार की पहल से हम किसानों की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत हुई है। अब खेती केवल जीवनयापन का साधन नहीं, बल्कि परिवार के भविष्य को उज्जवल बनाने का जरिया बन गई है। शासन की इस व्यवस्था से दुर्ग जिले के किसान न केवल संतुष्ट हैं, बल्कि अपने बच्चों के बेहतर भविष्य को लेकर भी आशान्वित है।

ऑफलाइन टोकन व्यवस्था बनी बुजुर्ग किसानों का सहारा, बालोद के रूमलाल ने बेचा 152 क्विंटल धान

19-Dec-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश )। राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत बुजुर्ग, बीमार एवं विशेष आवश्यकता वाले किसानों के लिए 30 प्रतिशत तक ऑफलाइन टोकन जारी करने की व्यवस्था किसानों के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध हो रही है। इसी व्यवस्था का लाभ उठाकर बालोद जिले के ग्राम अरौद के किसान रूमलाल यादव ने सहजता से अपनी धान की बिक्री की और राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की।
किसान रूमलाल यादव ने बताया कि वे पढ़े-लिखे नहीं होने के कारण ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने में कठिनाई महसूस कर रहे थे। अपनी इस समस्या से उन्होंने धान खरीदी केन्द्र लाटाबोड़ के कर्मचारियों को अवगत कराया। किसानों की कठिनाइयों को गंभीरता से समझते हुए केन्द्र के प्रबंधक एवं कर्मचारियों द्वारा उन्हें ऑफलाइन टोकन की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
ऑफलाइन टोकन जारी होने के पश्चात किसान रूमलाल ने धान खरीदी केन्द्र लाटाबोड़ पहुंचकर कुल 152 क्विंटल मोटा धान की सफलतापूर्वक बिक्री की। उन्होंने बताया कि उनके पास कुल 7 एकड़ कृषि भूमि है, जिस पर खेती कर उनका परिवार आजीविका अर्जित करता है।
रूमलाल ने बताया कि पिछले वर्ष भी उन्होंने 152 क्विंटल धान की बिक्री की थी, जिससे उन्हें 4 लाख 71 हजार 200 रुपये की राशि प्राप्त हुई थी। इस राशि का उपयोग उन्होंने किसान ऋण चुकाने, बच्चों की शिक्षा, उपचार तथा अन्य आवश्यक पारिवारिक जरूरतों में किया।
किसान रूमलाल ने राज्य सरकार द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी को किसानों के हित में लिया गया एक अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं लाभकारी निर्णय बताया। उन्होंने धान खरीदी केन्द्र में उपलब्ध शौचालय, शुद्ध पेयजल, छांव एवं सुव्यवस्थित तौल जैसी सुविधाओं की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की संवेदनशील और किसान हितैषी नीतियों के कारण आज हम सभी किसान बिना किसी परेशानी के, सम्मानपूर्वक और सहज रूप से अपनी उपज का विक्रय कर पा रहे हैं।

धान उपार्जन केन्द्रों की पारदर्शी व्यवस्था से किसानों को बड़ी राहत

18-Dec-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )।  छत्तीसगढ़ के सभी जिले में संचालित धान उपार्जन केन्द्रों पर लागू की गई पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं किसान-हितैषी व्यवस्था के चलते किसानों को धान विक्रय करने में बड़ी सहूलियत मिल रही है। टोकन प्रणाली, समयबद्ध खरीदी तथा समर्थन मूल्य पर भुगतान से किसानों में उत्साह और संतोष का वातावरण बना हुआ है।
अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत फतेहपुर के कृषक  अमीर हमजा ने धान उपार्जन केन्द्र सुखरी में 80 क्विंटल धान के विक्रय हेतु पहला टोकन कटवाया। उन्होंने बताया कि टोकन प्रक्रिया अत्यंत सरल, सहज और व्यवस्थित रही तथा उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। हमजा ने बताया कि उनके पास कुल 124 क्विंटल धान उपलब्ध है, जिसमें से शेष धान का विक्रय आगामी चरण में किया जाएगा।
किसान अमीर हमजा ने कहा कि शासन द्वारा धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल का सर्वाधिक समर्थन मूल्य दिए जाने से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। इससे उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और आर्थिक स्थिति पहले से अधिक मजबूत हुई है।
हमजा ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि से थ्रेसर मशीन खरीदी। वर्तमान में वे स्वयं के धान की मिसाई करने के साथ-साथ थ्रेसर मशीन को किराये पर देकर अतिरिक्त आमदनी भी अर्जित कर रहे हैं। इससे उनकी आय के नए स्रोत विकसित हुए हैं और वे आधुनिक कृषि साधनों का उपयोग कर पा रहे हैं।
किसान अमीर हमजा ने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं और बेहतर खरीदी व्यवस्था के कारण किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है। पारदर्शी व्यवस्था और समय पर भुगतान से किसान बिना किसी तनाव के अपनी उपज विक्रय कर पा रहे हैं। उन्होंने धान उपार्जन केन्द्रों की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि जिले के समस्त धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा और हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इससे किसानों का समय बच रहा है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक, सुरक्षित और परेशानी-मुक्त वातावरण में अपनी उपज विक्रय करने का अवसर भी मिल रहा है।

धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था से किसानों को मिल रहा सीधा लाभ

18-Dec-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा धान खरीदी व्यवस्था में लागू की गई पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं डिजिटल प्रक्रिया से जिले के किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। टोकन जारी करने से लेकर तौल और भुगतान तक की संपूर्ण प्रक्रिया को सरल, सहज और किसान-हितैषी बनाया गया है। डिजिटल नवाचारों के माध्यम से खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ा है। अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत फतेहपुर के कृषक करीमन राम इस व्यवस्था से लाभान्वित किसानों में शामिल हैं।
कृषक करीमन राम ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष लगभग साढ़े आठ एकड़ भूमि में उच्च गुणवत्ता की धान की खेती की। अनुकूल मौसम, समय पर कृषि आदानों की उपलब्धता और शासकीय सहयोग के परिणाम स्वरूप उन्हें लगभग 181 क्विंटल धान का बंपर उत्पादन प्राप्त हुआ। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत उन्होंने प्रथम चरण में 120 क्विंटल धान का विक्रय उपार्जन केन्द्र में किया। उन्होंने बताया कि धान की तौल पूरी तरह पारदर्शी एवं निष्पक्ष रूप से की गई। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अनावश्यक कटौती या विलंब का सामना नहीं करना पड़ा। शासन द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
करीमन राम ने ‘तुहर टोकन’ मोबाइल ऐप की सराहना करते हुए बताया कि इस डिजिटल सुविधा के माध्यम से उन्होंने घर बैठे ही ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर लिया। इससे समिति और उपार्जन केन्द्रों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़े। उन्होंने बताया कि पूर्व वर्षों में टोकन कटाने के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ता था, जिससे समय और संसाधनों की हानि होती थी, लेकिन इस वर्ष डिजिटल व्यवस्था से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है। ऑनलाइन टोकन मिलने के बाद वे निर्धारित तिथि और समय पर सीधे उपार्जन केन्द्र पहुंचे और आसानी से धान विक्रय किया। इससे किसानों के समय, श्रम और खर्च की बचत हो रही है तथा खरीदी प्रक्रिया अधिक सुगम बनी है।
धान विक्रय से प्राप्त राशि के उपयोग के संबंध में करीमन राम ने बताया कि वे इस आय का उपयोग आगामी फसल की तैयारी, उन्नत बीज एवं खाद की खरीद, आधुनिक कृषि उपकरणों के उपयोग तथा बच्चों की शिक्षा पर कर रहे हैं। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और भविष्य को लेकर आत्मविश्वास बढ़ा है।
करीमन राम ने धान खरीदी की सुचारू, पारदर्शी एवं किसान-हितैषी व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में की गई यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जिले के समस्त धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए डिजिटल टोकन प्रणाली, पारदर्शी तौल व्यवस्था तथा समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। इससे किसानों को बिना किसी परेशानी के अपनी उपज विक्रय करने का अवसर मिल रहा है और शासन की योजनाओं का लाभ सीधे कृषकों तक पहुंच रहा है।

किसान हितैषी शासन की योजनाओं से सुदूर वनांचल में खुशहाली

17-Dec-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश )।  सही दिशा, सतत परिश्रम और शासन की किसान हितैषी योजनाओं के प्रभावी सहयोग से आज सुदूर वनांचल क्षेत्रों के किसान परिवार भी आत्मनिर्भरता और प्रगति के मार्ग पर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं। कांकेर जिले के ग्राम टेमरूपानी का मंडावी परिवार इसका प्रमाण है।
ग्राम टेमरूपानी निवासी किसान विजय मंडावी ने बताया कि उनके पिता के पास कुल 15 एकड़ कृषि भूमि है, जिस पर पूरा परिवार मिलकर खेती करता है। हाल ही में उन्होंने धान खरीदी केंद्र भैंसासुर में 150 क्विंटल धान का विक्रय किया, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। छह सदस्यीय परिवार में माता-पिता पूर्ण रूप से कृषि कार्य से जुड़े हैं और परिश्रमपूर्वक पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।
कृषि से प्राप्त आय से मंडावी परिवार ने न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि शिक्षा को भी प्राथमिकता दी है। विजय स्वयं फार्मेसी की पढ़ाई कर रहे हैं, उनका छोटा भाई आईटीआई तथा छोटी बहन बी.कॉम की शिक्षा प्राप्त कर रही है। सुदूर वनांचल क्षेत्र में निवास के बावजूद शिक्षा के प्रति यह प्रतिबद्धता समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
विजय ने बताया कि कृषि आय से ट्रैक्टर की किश्त का भुगतान किया जा रहा है तथा भविष्य में इसी आय से परिवार की शिक्षा एवं अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति की जाएगी। उन्होंने किसानों के कल्याण हेतु संचालित शासकीय योजनाओं के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। 


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