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किसान

*मुख्यमंत्री की घोषणा : 20 क्विंटल धान खरीदी से किसान हर्षित*

24-Mar-2023
सारंगढ़-बिलाईगढ़ (शोर संदेश)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को किसानों के लिए धान की बिक्री सीमा 15 क्विंटल से बढ़ाकर 20 क्विंटल कर दी है। इससे जिले के किसान बहुत खुश हैं। सारंगढ़ विकासखंड के ग्राम हिच्छा के किसान उमाशंकर पटेल ने कहा कि राज्य सरकार के इस निर्णय से मैं बहुत खुश हूं। मैं 25 से 35 क्विंटल का धान उत्पादन करता हूं। धान अधिक होने पर बिक्री की सीमा होने के कारण हमारा धान बच जाता था। अब हमारा अतिरिक्त पूरा धान बेच सकते हैं। ग्राम भेड़वन निवासी किसान आनंद राम निषाद सरकार के इस फैसले से खुश हैं। उन्होंने कहा कि अब इससे धान की बिक्री और बोनस दोनों से फायदा है। ग्राम कुटेला के किसान बोधिराम चौहान ने कहा कि सरकार ने धान का क्विंटल बढ़ाकर अच्छा काम किया है। ग्राम माधोपाली के किसान लक्ष्मण पटेल ने कहा कि सरकार का यह फैसला बहुत अच्छा है। ग्राम तिलईमुड़ा के किसान सहनीराम निषाद ने सरकार के फैसले से खुशी जाहिर की। बरमकेला विकासखंड के ग्राम सकरतुंगा के किसान दुर्योधन पटेल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मैं प्रतिवर्ष 80 क्विंटल धान बेचता था। अब 100 क्विंटल धान बेच सकता हूं। मैं सरकार के इस फैसले से बहुत खुश हूं। ग्राम गोबरसिंगा के किसान राजू पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की घोषणा से खुश हैं। इसी तरह किसानों के हित में फैसले लेते रहे। धान के अलावा अन्य फसल के लिए किसान उत्साहित होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
 

 


*कलेक्टर ने मिलेट एफपीओ गठन के दिए निर्देश, किसानों की बढ़ेगी आमदनी*

13-Mar-2023

कोंडागांव (शोर संदेश)। कलेक्टर दीपक सोनी ने गत दिवस जिले में राष्ट्रीय आजीविका मिशन तथा अन्य विभागों द्वारा संचालित विभिन्न आजीविका संवर्धन सम्बन्धी परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर अधिकाधिक लोगों को इन आजीविका मूलक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें लाभान्वित किये जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने समीक्षा के दौरान एरोमेटिक कोंडानार राजागांव, अंडा उत्पादन इकाई कुकाड़गारकापाल,मिलेट बीज उत्पादन, मिलेट प्रसंस्करण यूनिट विश्रामपुरी,मिलेट एफपीओ धनोरा, आर्टिशियन प्रोड्यूसर आर्गनाइजेशन आदि की समीक्षा की और एरोमेटिक कोंडानार प्रोजेक्ट में पॉम ऑयल तथा लेमनग्रास के रकबा में वृद्धि करने कहा। उन्होंने इस ओर मनरेगा से ब्लॉक प्लांटेशन करने पर बल देते हुए ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ने कहा। इसके साथ ही पॉम ऑयल तेल तथा लेमनग्रास से तेल उत्पादन को बढ़ाने कहा। कलेक्टर सोनी ने अंडा उत्पादन इकाई में कुक्कुटपालन की जानकारी ली और इसे बेहतर ढंग से संचालित किये जाने कहा। उन्होंने उत्पादित अण्डे के विपणन हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग को सुपोषण अभियान के लिए पूर्ति करने सहित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के केम्पों से सम्पर्क कर मांग के अनुरूप आपूर्ति किये जाने के निर्देश दिये।

 
 

 

किसानों को मिलेट फसलों की खेती के लिये प्रोत्साहित करने सहित प्रसंस्करण पर बल

 

 

 
 

 

कलेक्टर दीपक सोनी ने वर्तमान में मिलेट की बढ़ती मांग के मद्देनजर मिलेट बीज उत्पादन को बढ़ाने के साथ ही अधिक से अधिक किसानों को कोदो-कुटकी रागी की खेती करने प्रोत्साहित किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने इस दिशा में मिलेट उत्पादन करने के इच्छुक किसानों से सम्पर्क कर उन्हें आवश्यक बीज एवं अन्य आदान सामग्री उपलब्ध कराये जाने कहा। वहीं इन किसानों को नियमित तौर पर समसामयिक कृषि परामर्श प्रदान किये जाने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

 
 

कलेक्टर सोनी ने मिलेट की निरंतर बढ़ रही मांग के मद्देनजर मिलेट सीड उत्पादन को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाया जाये,ताकि मिलेट फसलों की खेती के लिए किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज सुलभ कराया जा सके। वहीं अधिकाधिक किसान मिलेट फसलों का उत्पादन कर आय संवृद्धि कर सकें। कलेक्टर सोनी ने जिले के मिलेट उत्पादक किसानों की आय संवृद्धि के लिए मिलेट एफपीओ का गठन कर उन्हें अच्छे आयमूलक व्यवसाय से जोड़ने कहा। वहीं मिलेट प्रसंस्करण यूनिट विश्रामपुरी में अच्छी गुणवत्तायुक्त उत्पाद तैयार किये जाने के निर्देश दिये। इसके साथ ही मिलेट प्रसंस्करण यूनिट धनोरा में प्रसंस्करण कार्य शीघ्र शुरू किये जाने कहा।

 

 

शिल्प उत्पादक कम्पनी के उत्पाद अब अमेजन के ऑनलाइन प्लेटफार्म पर उपलब्ध

 
 

 

कलेक्टर सोनी ने शिल्प उत्पादक कम्पनी में विभिन्न शिल्प कलाओं के शिल्पियों को ज्यादा से ज्यादा जोड़कर उनकी आय वृद्धि के लिए सकारात्मक प्रयास किये जाने कहा। वहीं शिल्प नगरी में उन्हें समुचित सुविधायें उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये। शिल्पकारों को आवश्यक उपकरण, कच्चे माल की सुलभता सहित सुरक्षा मापदंड के अनुरूप हैंड ग्लोब्स इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने कहा। समीक्षा बैठक के दौरान अवगत कराया गया कि आर्टिशियन प्रोड्यूसर एशोसिएशन के उत्पाद अब अमेजन के ऑनलाइन प्लेटफार्म पर उपलब्ध होंगे, इस दिशा में उक्त प्लेटफार्म पर आर्टिशियन प्रोड्यूसर एशोसिएशन का विक्रेता के तौर पर पंजीयन हो चुका है। वहीं मांग के अनुरूप उत्पादों की आपूर्ति करने के लिए अधिकाधिक शिल्पकारों को सम्मिलित किया जा रहा है। शिल्प नगरी में शिल्पकारों के लिए सुविधायुक्त वर्कशेड बनाने की स्वीकृति सहित शिल्प नगरी के परिसर में गार्डन विकसित करने की स्वीकृति दी गयी है।

 

 

 
 

 

इसके साथ ही शिल्पकारों को आवश्यक उपकरण एवं सुरक्षा सम्बन्धी हैंड ग्लोब्स उपलब्ध कराये जाने पहल किया जा रहा है। जिले में मिलेट उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में वर्तमान में रागी बीज उत्पादन के लिए किसानों का चयन कर उन्हें आवश्यक सहायता दी गयी है और इन किसानों द्वारा करीब 156 हेक्टेयर रकबा में बीज उत्पादन किया जा रहा है। उक्त किसानों को प्रोत्साहित करने सहित कृषि परामर्श देने के लिए गत दिवस चिपावंड, कुलझर एवं उमरगांव में क्षेत्र भ्रमण कर उन्हें आवश्यक समझाइश दी गयी। बैठक में सीईओ जिला पंचायत प्रेम प्रकाश शर्मा सहित राष्ट्रीय आजीविका मिशन, कृषि, उद्यानिकी, मनरेगा इत्यादि के अधिकारी मौजूद रहे।

 

 

 


*मध्यप्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान*

08-Mar-2023

भोपाल (शोर संदेश)। मध्यप्रदेश में सोमवार की रात को हुई बारिश और ओलावृष्टि ने कई इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचाया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फसलों के हुए नुकसान का सर्वेक्षण कराने की बात कही है, वहीं कांग्रेस की ओर से भी किसानों को राहत के साथ समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग की है। राज्य की राजधानी भोपाल के अलावा मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर आदि जिलों में सोमवार की रात को तेज हवा चलने के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई, इससे फसलों को नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी चना और गेहूं की फसलें प्रभावित हुई हैं, वहीं आगामी दिनों में भी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई जा रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की सूचना प्राप्त हुई है, किसान भाई-बहन चिंता न करें, मामा शिवराज उनके साथ हैं शीघ्र ही ओलावृष्टि से हुई फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जाएगा।  


*बुजारूराम ने सोलर पंप से की लाभकारी खेती, आर्थिक स्थिति सुधरी*

02-Mar-2023

कांकेर (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए सौर सुजला योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना का लाभ उठाते हुए कांकेर जिले के सैकड़ों किसान अपने खेतों में सौर ऊर्जा से सोलर पंप लगाकर खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। सौर ऊर्जा से पंप चलने से किसानों को विद्युत लो-वोल्टेज की समस्या से राहत मिल रही है, साथ ही बिजली बिल से भी छुटकारा मिला है। जिले में ऐसे गांव तथा खेतों में सोलर पंप लगाने प्राथमिकता दी जा रही है जहां बिजली पोल पहुंचना संभव नहीं है।अंतागढ़ विकासखण्ड के ग्राम तुमसनार निवासी बुजारूराम अपने खेत में सौर सुजला योजना के तहत सोलर पंप स्थापित होने से ड्रीप के माध्यम से सिंचाई कर मक्का, भिण्डी, टमाटर जैसी साग-सब्जियों के साथ-साथ दलहन, तिलहन फसलों का उत्पादन कर रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुई है। उन्होंने कहा कि सौर सुजला योजना मेरे लिए वरदान साबित हो रहा है। मैं अपने क्षेत्र में उन्नत कृषक के रूप पहचान बना रहा हूं। क्षेत्र के किसानों की दशा और दिशा बदलने में सौर सुजला योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।


*29 दिनों में ही जीरो शार्टेज के साथ धान का उठाव पूर्ण, कलेक्टर ने दी बधाई*

02-Mar-2023

बलौदाबाजार (शोर संदेश)।जिले के सभी 162 धान उपार्जन केंद्रों से जीरो शार्टेज के साथ धान का उठाव पूर्ण हो गया है। जिला प्रशासन के इस उपलब्धि पर कलेक्टर रजत बंसल ने गुरुवार को धान खरीदी से जुड़े हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दिए। उन्होनें कहा कि खाद्य, सहकारिता, जिला विपणन एवं जिला सहाकरी बैंक एवं समिति सक्रियताओं से ही यह कार्य संभव हो पाया है, इससे निश्चित ही शासन को नुकसान बचाया गया। गौरतलब है कि इस वर्ष जिले में 61 लाख 86 हजार 50 क्विंटल धान की खरीदी हुई है। बलौदाबाजार के अलावा अन्य जिलों को भी डीओ जारी किया गया था। जिससे पूर्ण धान उठाव में सफलता मिली है। इस वर्ष 29 दिवस के भीतर धान का उठाव हो गया है। जिससे एक नया कायम हुआ है। केंद्रों धान का उठाव हो जाने की वजह गोदाम खाली हो गए हैं। इसकी वजह से अब ग्रीष्म के लिए खाद और बीज के भंडारण में सहूलियत होगी। खास बात यह है कि इस बार धान खरीदी के दौरान बेमौसम वर्षा नहीं हुई। धान में नमी की समस्या नहीं होने से मिलर्स ने तत्परता से धान का उठाव किया। खरीफ वर्ष 2022- 23 के लिए शासन ने जिले को 63 लाख 88 हजार 530 क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य दिया था। धान की वाजिब कीमत मिलने से धान की बोआई रकबा में बढ़ोतरी हुई है। इस कार्य मे डीएमओ केपी कर्ष,जिला खाद्य अधिकारी विमल दुबे,पंजीयक सहकारिता सुरेंद्र गौड़ एवं नोडल अधिकारी शर्मा का विशेष योगदान रहा।


*आम बजट में प्राकृतिक खेती और गोबरधन पर फोकस, सरकार से किसानों को और क्या मिला, जानिए*

01-Feb-2023

नई दिल्ली (शोर संदेश)। आम बजट 2023 में वित्तं मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को किसानों के लिए कई घोषणाएं की। वित्त मंत्री ने कहा कि अगले तीन साल में देश के 1 करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती के गुर सिखाए जाएंगे। देश में 10 हजार बायो इनपुट रिसर्च सेंटर स्थापित किया जाएगा। माइक्रो फर्टिलाइजर की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। रासायनिक खाद के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पीएम-प्रणाम योजना की शुरुआत होगी। गोबर धन स्कीम के तहत 10,000 करोड़ खर्च किये जायेंगे। किसानों को सरकार अब आगे ज्यागदा कर्ज देगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए कर्ज के लक्ष्य को बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा। पशुपालन, मछलीपालन के क्षेत्र में कर्ज देने की रफ्तार बढ़ाई जाएगी। मछली पालन के लिए सब-स्कीम के तहत 6,000 करोड़ की राशि का आंबटन हुआ है। बागवानी उत्पादन बढ़ाने के लिए 2,200 करोड़ की राशि का आंबटन किया गया है। सहकार से समृद्धि, किसानों के लिए ये प्रोग्राम चलाया जाएगा। इसके जरिए 63000 एग्री सोसायटी को कंप्यूटराइज्ड किया जाएगा। किसान सम्मान निधि में नहीं हुई बढ़ोतरी वहीं बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मा न निधि की राशि में बढ़ोतरी और एमएसपी को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई हैं।


*धान खरीदी महाअभियान : महज तीन पखवाड़े में 43.74 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी*

12-Dec-2022

रायपुर (शोर संदेश)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में राज्य में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का आकड़ा अनुमानित लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ता जा रहा है। धान खरीदी महाअभियान के महज तीसरे पखवाड़े तक 43 लाख 73 हजार 591 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है, जिसके एवज में राज्य के 11 लाख 42 हजार 055 किसानों को 9057 करोड़ रूपए का भुगतान बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत किया गया है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष मुख्यमंत्री के मागदर्शन में धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग का कार्य सुचारू रूप से संपन्न हुआ था। किसानों को धान विक्रय में सहुलियत एवं मिलर्स के धान उठाव के लिए बारदाने की भी बेहतर व्यवस्था केे कारण सफलतापूर्वक धान की खरीदी एंव कस्टम मिलिंग हुई थी। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। अब तक के धान खरीदी में से 50 प्रतिशत से अधिक धान का उठाव हो चुका है। खाद्य विभाग के सचिव टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदने के लिए सामान्य टोकन के साथ ही ऑनलाइन टोकन जारी करने की व्यवस्था की गई है। जिसके चलते किसानों को सहूलियत होने लगी है। बड़ी संख्या में किसान टोकन तुंहर हाथ एप के माध्यम से धान बेचने के लिए अपनी मर्जी के मुताबिक तिथि का चयन कर रहें हैं। उन्होंने बताया कि इस साल राज्य में 25.92 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 2.26 लाख नये किसान शामिल हैं। राज्य में धान खरीदी के लिए 2594 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। राज्य में धान खरीदी की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सीमावर्ती राज्यों से धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए चेक पोस्ट पर माल वाहकों की चेकिंग की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 34.56 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डी.ओ. जारी किया गया है, जिसके एवज में उपार्जन केंद्रों से 26.28 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है। प्रदेश में आज 12 दिसम्बर को 53 हजार 284 किसानों से 1,87,162 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है, इसके अलावा ऑनलाइन प्राप्त टोकन के जरिए किसानों से 64 हजार 240 मीट्रिक टन से अधिक धान की भी खरीदी हुई हैं। आगामी दिवस की धान खरीदी के लिए 75,639 टोकन तथा टोकन तुंहर हाथ एप के जरिये 17,966 टोकन ऑनलाइन जारी किए गए हैं।


*सरकार का मिलेट मिशन लाया रंग, साढ़े तीन क्विंटल प्रति एकड़ की दर से बेच सकेंगे कोदो-कुटकी*

12-Dec-2022

धमतरी (शोर संदेश)। प्रदेश सरकार द्वारा कोदो-कुटकी फसलों को प्रोत्साहित करने मिलेट मिशन लागू किया गया है, जिसका असर जिले के किसानों में देखने को मिल रहा है। जिले में कोदो-कुटकी और रागी की खेती को लेकर किसानों का रूझान तेजी से बढ़ रहा है । इनका उत्पादन बड़ी मात्रा में करके समर्थन मूल्य में बेच रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर समर्थन मूल्य में कोदो-कुटकी और रागी की खरीदी से किसानों को बेहतर लाभ मिल रहा है। वन मण्डलाधिकारी एवं पदेन प्रबंध संचालक, जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित धमतरी ने बताया कि इस वर्ष जिले में कोदो, कुटकी और रागी फसल का विक्रय 15 दिसंबर से शुरू होगा, जो कि 15 फरवरी 2023 तक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मिलेट मिशन के तहत मिलेट्स खरीदने के लिए कोदो का समर्थन मूल्य 30 रूपए प्रति किलो, कुटकी का 31 रूपए प्रतिकिलो एवं रागी का समर्थन मूल्य 35.78 रूपए प्रतिकिलो निर्धारित किया गया है। जिले में प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति के अंतर्गत हाट बाजारों में कोदो-कुटकी और रागी की खरीदी की जाएगी। इसके लिए किसान, संग्राहकों को संबंधित प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति का सदस्य होना अनिवार्य है। किसान, संग्राहक फसल पंजीयन गिरदावरी बी-1 खसरा पर्ची साथ लाकर कोदो, कुटकी और रागी फसल को बेच सकते है। इसकी खरीदी प्रक्रिया हेतु जिले की 27 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियां को अधिकृत किया गया है, जिसके अंतर्गत 21 हाट-बाजारों के जरिये किसान से कोदो, कुटकी और रागी की खरीदी होगी। संग्राहक कार्ड में की जाएगी एण्ट्री- इस बारे में बताया गया कि महिला स्वसहायता समूहों के जरिए प्रति किसान प्रति एकड़ साढ़े तीन क्विंटल की दर से कोदो-रागी और कुटकी प्रति एकड़ 2 क्विंटल खरीदा जाएगा। खरीदी के बाद ग्राम स्तर, हाट बाजार स्तरीय महिला स्वसहायता समूहों के द्वारा उक्त वनोपज की गुणवत्ता जांच और प्राथमिक सफाई का कार्य करके वन-धन विकास केन्द्र भेजा जाएगा तथा खरीदे गये मिलेट्स की जानकारी किसानवार संग्राहक कार्ड में एण्ट्री की जाएगी। किसानों के लिये खोला गया समाधान केन्द्र- जिले के किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिये समाधान केन्द्र खोले गये है। किसान सीधे धमतरी वनमंडल के मोबाइल नंबर 9424111624 उप प्रबंध संचालक जिला यूनियन धमतरी, 7587011510 उप वनमंडलाधिकारी धमतरी, 7587011520 उप वनमंडलाधिकारी बिरगुड़ी, 7587011530 उप वनमंडलाधिकारी नगरी, 7587011501 परिक्षेत्र अधिकारी केरेगांव, 7587011503 परिक्षेत्र अधिकारी उत्तर सिंगपुर, 7587011503 परिक्षेत्र अधिकारी दुगली एवं नगरी, 7587011504 परिक्षेत्र अधिकारी सांकरा, 7587011505 परिक्षेत्र अधिकारी बिरगुड़ी, 7587011507 परिक्षेत्र अधिकारी दक्षिण सिंगपुर, 7587011511 परिक्षेत्र अधिकारी धमतरी से मोबाईल नंबर पर कॉल करके सीधे संपर्क कर सकते हैं।


*रबी फसल के लिए सोंढूर जलाशय से दिया जाएगा पानी*

05-Dec-2022

धमतरी (शोर संदेश)। इस बार रबी के सीजन में रविशंकर सागर जलाशय गंगरेल से पानी नहीं दिया जाएगा। केंद्रीय जल आयोग बांध सुरक्षा विशेषज्ञ, नई दिल्ली के निर्देशानुसार गंगरेल बांध के गैलरी में सीपेज नियंत्रण कार्य और बांध के नीचे बकेट फ्लोर, टीथ ग्लासिस में एपॉक्सी ट्रीटमेंट कार्य, स्पील चैनल की खुदाई आदि से जुड़े काम कराए जाने हैं। गंगरेल जलाशय की सुरक्षा को ध्यान में रख आज ज़िला जल उपयोगिता समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि गंगरेल जलाशय से रबी में सिंचाई के लिए पानी नहीं दिया जाए। 


हालांकि मौके पर मौजूद सिहावा विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव और धमतरी विधायक रंजना साहू ने प्रस्तावित किया कि यदि किसानों ने मांग की तो इस जलाशय से पानी दिया जाए। कलेक्टर पी.एस. एल्मा की अध्यक्षता में दोपहर तीन बजे से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आहूत बैठक में इस प्रस्ताव को शासन तक पहुंचाने की बात कही गई। ज्ञात हो कि महानदी जलाशय परियोजना के तहत गंगरेल, मुरुमसिल्ली और दुधावा जलाशय में कुल 40.69 टीएमसी 94.99% है। इसमें रविशंकर सागर जलाशय गंगरेल में 26.27 टीएमसी, मुरुमसिली में पांच टीएमसी, दुधावा में 9.3 टीएमसी पानी है। विभिन्न प्रयोजनों के लिए प्रावधानिक मात्रा में जल आरक्षण की जानकारी देते हुए कार्यपालन अभियंता, जल प्रबंध संभाग रूद्री, कोड 38  ए.के.पालड़िया ने बताया कि वर्ष 2022-23 के लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए 1.73  टीएमसी, निस्तारी के लिए 6.05 टीएमसी, रायपुर नगर निगम पेयजल के लिए  3.03 टीएमसी, धमतरी नगर निगम 0.76 टीएमसी प्रस्तावित है। इसी तरह मुरूमसिल्ली, दुधावा, सोंढूर में न्यूनतम जल की मात्रा 1.40 टीएमसी, वाष्पन और  क्षरण के  लिए  6.39 टीएमसी, खारून नदी में निस्तारी और  नगर पंचायत पाटन  के लिए  पेयजल 0.09 टीएमसी, बीरगांव नगरनिगम पेयजल के लिए  मांग अनुसार 0.15 टीएमसी और चरौदा, भिलाई पेयजल के लिए 0.28 टीएमसी जल की मात्रा प्रस्तावित है। बताया गया है कि सोंढूर जलाशय में कुल उपलब्ध उपयोगी जल भण्डारण क्षमता 6.34 टीएमसी के विरूद्ध उपयोगी जल 5.12 टीएमसी उपलब्ध है। इसमें निस्तारी और जलाशय में स्थानीय उपयोग और वाष्पण क्षरण के लिए दो टीएमसी जल आरक्षित रखने के बाद रबी फसल दलहन, तिलहन के लिए शेष 3.12 टीएमसी जल उपलब्ध हैं।  जिससे सोंढूर प्रदायक नहर के सैंच्य क्षेत्र (नगरी सिहावा) पांच हजार हेक्टेयर के लिए जल प्रदाय किया जा सकता है। पैरी बायीं तट नहर सिकासेर जलाशय से मगरलोड ब्लॉक के दो हजार हैक्टेयर क्षेत्र में रबी फसल के लिए जल दिया जाना प्रस्तावित है। इसी तरह लघु सिंचाई योजनाओं से 300 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसल के लिए जल देना प्रस्तावित है।


*कलेक्टर ने किया धान खरीदी केंद्र का निरीक्षण, किसानों से ली जानकारी*

02-Dec-2022

अंबिकापुर (शोर संदेश)। कलेक्टर ने धान खरीदी केंद्र लटोरी का निरीक्षण किया। कलेक्टर इफ्फत आरा ने खरीदी केंद्र में उपस्थित किसानों से खरीदी केंद्र में मिलने वाली सुविधाओं और राशि से भुगतान के संबंध में चर्चा की जिसमें किसानों ने  खरीदी केंद्र में मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में संतोष व्यक्त किया ।  निरीक्षण के दौरान कुछ बारदानों में स्टेंसिल नहीं लगाया जाना पाया गया जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए समिति प्रबंधक को निर्देशित किया कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। कलेक्टर ने किसानों की सुविधा का ध्यान रखने और  निर्धारित समय अनुसार ही टोकन जारी करने, खरीदी करने के निर्देश समिति प्रबंधक को दिए। इसी दौरान कलेक्टर ने सहकारी बैंक शाखा लटोरी के कर्मचारियों से किसानों को किए जाने वाले भुगतान के संबंध में जानकारी ली, जिसमें बैंक कर्मचारियों ने  अवगत कराया गया कि किसानों को समय पर धान बिक्री की राशि मिल रही है।  निरीक्षण के दौरान  जिला पंचायत सीईओ लीना कोसम, डीआरसीएस जी एस शर्मा, सीईओ जनपद डॉक्टर आकांक्षा त्रिपाठी पंचायत सहित अन्य उपस्थित रहे।

 



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