
रायपुर (शोर संदेश)। छत्तीसगढ़ शासन कृषि विभाग के निर्देशानुसार राज्य के समस्त जिले के कृषकों को गुणवत्तायुक्त बीज, उर्वरक तथा कीटनाशक दवाई उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि आदान विक्रय केन्द्रों का लगातार निरीक्षण तथा अनियमितता पर कार्यवाही की जा रही है।
शासन के निर्देशानुसार अनुदान प्राप्त उर्वरकों का विक्रय पास मशीन के माध्यम से किया जाना अनिवार्य है, पास मशीन से विक्रय पश्चात् ही उर्वरकों का अनुदान निर्माता कंपनी को प्राप्त होता है। इसलिये फुटकर उर्वरक विक्रेता किसी भी परिस्थिति में बिना पास के अनुदान प्राप्त उर्वरकों का विक्रय नही करना चाहिये तथा कृषकों को उर्वरक विक्रय किये बिना भी कतिपय कंपनियों के किसी प्रकार के प्रलोभन में आकर पास से उर्वरक स्कंध नही घटाना चाहिये। फुटकर उर्वरक विक्रेताओं द्वारा उर्वरकों के बिना वास्तविक बिक्री के फर्जी (फेक) पास सेल करने का प्रयास किया जा सकता है, इसलिये राज्य के समस्त जिले के विभिन्न अनुविभागों में नियुक्त अनुविभागीय कृषि अधिकारी, विकासखंडो में नियुक्त वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं उर्वरक निरीक्षकों को नियमित रूप से उर्वरक विक्रय केन्द्रों की निगरानी करने तथा उर्वरक विक्रय केन्द्रों में उपलब्ध भौतिक स्कंध एवं पास में उपलब्ध स्कंध का मिलान करने तथा दोनो स्कंध में भिन्नता पाये जाने पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत तत्काल कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये है।
कृषि विभाग ने कृषकों से भी अपील की है कि पास के माध्यम से उर्वरकों का क्रय करें तथा पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें।

रायपुर (शोर सन्देश)। मुख्यमंत्री बघेल ने अपने जन्मदिन पर दुर्ग जिले के कुम्हारी में आयोजित लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों को 55 करोड़ 33 लाख 56 हजार के विकास कार्यों की सौगात दी। जिसमें 7 करोड़ 95 लाख 43 हजार रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 47 करोड़ 38 लाख 13 हजार रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री को कार्यक्रम में नागरिकों ने उनके जन्मदिवस पर मंच में लड्डुओं और किसानों ने धान से तौला।
मुख्यमंत्री बघेल ने नगर पालिका परिषद कुम्हारी क्षेत्रांतर्गत विभिन्न विकास कार्यों हेतु 4 करोड़ 73 लाख 93 हजार रुपए एवं दुर्ग के कृषि उपज मंडी समिति अंतर्गत 3 निर्माण कार्यों हेतु 3 करोड़ 21 लाख 50 हजार रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसी प्रकार भूमिपूजन अंर्तगत उन्होंने विकासखंड पाटन की भिलाई डिस्ट्रीब्यूट्री एवं इसके 5 नग माइनर नहरों के जीर्णाेद्धार एवं लाइनिंग कार्य हेतु 13 करोड़ 61 लाख 36 हजार, कुम्हारी बड़ा तालाब (वार्ड क्रमांक 13) से कुम्हारी शमशान घाट तक 1.5 किमी क्षेत्र में मार्ग एवं पुलिया निर्माण हेतु 3 करोड़ 49 लाख 15 हजार रुपए, नगर पालिका परिषद कुम्हारी क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न विकास कार्यों हेतु 4 करोड़ 1 लाख 85 हजार रुपए एवं कृषि उपज मंडी समिति, दुर्ग के अंतर्गत 16 निर्माण कार्यों हेतु 26 करोड़ 25 लाख 77 हजार रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री ने पाटन क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की धरती को नमन करते हुए सभी नागरिकों को जन्मदिवस की आशीष देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि पाटन क्षेत्र में राजनीतिक जागरूकता शुरू से रही है। पाटन क्षेत्र के बुजुर्ग लोगो के आशीर्वाद से आज प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिला है। छत्तीसगढ़ प्रदेश किसानों का प्रदेश है। सरकार ने किसानों के आर्थिक स्थिति को ऊपर उठाने योजनाएं संचालित कर रही है। सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ हितग्राहियों को मिल रहा है। विगत पौने पांच साल में 1 लाख 70 करोड़ की राशि विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों के खाते में डाले गए हैं। सरकार कोरोना काल के विषम परिस्थिति में भी लोगों के साथ खड़ी थी, हम सेवाभाव से आगे बढ़े हैं। हर व्यक्ति हर परिवार को ध्यान में रख कर योजना बनायी हैं। इन योजनाओं के सुचारू संचालन से हितग्राही लाभान्वित हो रहे है। उन्होंने कहा कि आज कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ लाभकारी व्यवसाय बन गया है।

रायपुर (शोर सन्देश)। राज्य में 14 लाख से अधिक किसानों को चालू खरीफ सीजन के लिए 6290 करोड़ 19 लाख 71 हजार रूपए का ऋण दिया जा चुका है, जो कि इस साल ऋण वितरण के लिए निर्धारित लक्ष्य का 103 प्रतिशत है। खरीफ सीजन-2023 में राज्य के किसानों को 6100 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज पर सहकारी बैंको के माध्यम से दिए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसकी पूर्ति खरीफ के मध्य में ही हो चुकी है। सहकारी बैंकों द्वारा जरूरतमंद किसानों को खरीफ फसलों की बुआई, निदाई सहित अन्य कार्यों के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण दिए जाने का सिलसिला लक्ष्य पूर्ति के बाद भी जारी है। खरीफ सीजन-2023 में अल्पकालीन कृषि ऋण लेने के मामले में बालोद जिले के किसान सबसे आगे रहे हैं। अभी तक बालोद जिले के सर्वाधिक एक लाख 7 हजार 357 किसानों ने 430 करोड़ 5 लाख रूपए का ऋण आदान सामग्री एवं नगद के रूप में प्राप्त किया है। ऋण लेने के मामले में बेमेतरा जिला दूसरे नंबर पर है इस जिले के 99 हजार 511 किसानों ने 438 करोड़ 70 लाख रूपए का कृषि ऋण अपने-अपने क्षेत्र के सहकारी बैंको से प्राप्त किया है। ऋण लेने के मामले में तीसरे नंबर पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिला है, जहां के 96 हजार 589 किसानों ने 394.59 करोड़ रूपए का ऋण प्राप्त किया है। इसी तरह खरीफ सीजन-2023 में अब तक रायपुर जिले के 67455, गरियाबंद के 43691, बलौदाबाजार-भाटापार के 96589, महासमुंद के 77772, धमतरी के 61719, दुर्ग के 71343, राजनांदगांव के 92,346, कबीरधाम के 82088, खैरागढ़ के 41789, मोहला-मानपुर- चौकी के 35830, जगदलपुर के 27677, कोण्डागांव के 28276, नारायपुर के 5153, कांकेर के 61264, दंतेवाड़ा के 2516, सुकमा के 7639, बीजापुर के 11799, बिलासपुर के 61275, पेण्ड्रा-मरवाही के 5830, मुंगेली के 34235, जांजगीर के 34555, सक्ती 32656, कोरबा 17275, सरगुजा के 36989, बलरामपुर 19077, सूरजपुर के 34320, कोरिया 14075, मनेन्द्रगढ़ के 7426, रायगढ़ के 31319, सारंगढ़ के 20050 और जशपुर जिले के 13695 किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदाय किया गया है।

जशपुर (शोर सन्देश )| मानसून आने के पश्चात् खरीफ फसलों की बोनी कार्यक्रम प्रारंभ हो चुका है। जिसमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2023 के तहत फसल को प्रतिकूल मौसम, बाढ़, कीट व्याधि, ओलावृष्टि, जल भराव, बादल फटने, आकाशीय बिजली, आदि प्राकृतिक आपदाओं, कम वर्षा या विपरीत मौसम अवस्थाओं के कारण बुवाई विफलता, फसल कटाई के उपरांत आगामी 14 दिनों तक खेत में सुखाने हेतु रखी फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात, बे-मौसम, चक्रवाती वर्षा से नुकसान होने पर दावा भुगतान की पात्रता होगी। जिला हेतु किसान धान सिंचित, धान असिंचित, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, मूंगफली, अरहर, उड़द व मूंग फसल का बीमा करा सकते है, जिसके लिए अंतिम तिथि 16 अगस्त निर्धारित है। योजनांतर्गत बीमा इकाई ग्राम एवं राजस्व निरीक्षक मण्डल निर्धारित है। कृषि विभाग के उप संचालक एम.आर. भगत की ओर से बताया गया है, कि योजनांतर्गत ऋणी एवं अऋणी कृषक जो भू-धारक व बटाईदार हो सम्मिलित हो सकते है तथा अधिसूचित फसल उगाने वाले सभी गैर ऋणी कृषक जो योजना में सम्मिलित होने के इच्छुक हो वे बुआई पुष्टि प्रमाण पत्र क्षेत्रीय पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की ओर से त्यापित कराकर और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत कर योजना में सम्मिलित हो सकते है। जिला अंतर्गत फसल बीमा के लिए खरीफ फसलों के लिए 2.00 प्रतिशत कृषक प्रिमियम राशि निर्धारित है। जिसके अनुसार कृषक की ओर से देय प्रिमियम राशि धान सिंचित 900 धान असिंचित 700 मक्का 640 कोदो 300 कुटकी 320 रागी 220 मूंगफली 840 अरहर 420 उड़द 400 व मूंग 400 प्रति हेक्टेयर की दर से देय होगा। कृषक फसल बीमा कराने के लिए अपने संबंधित समिति, संबंधित बैंक, बीमा प्रदाय कंपनी, लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से बीमा करा सकते है।

जशपुरनगर (शोर सन्देश )| कलेक्टर मित्तल ने आज कलेक्टोरेट सभा कक्ष में सप्ताहिक समय सीमा की बैठक में संस्थागत प्रसव की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिक से अधिक संस्थागत प्रसव के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया नोनी सुरक्षा योजना का लाभ दिलाने कहा। उन्होंने जिले में सीएम की ओर से किए गए घोषणाओं की जानकारी ली व जो कार्य पूर्ण हो गए हैं और जो कार्य प्रारंभ किए जाने हैं, उसकी सूची उपलब्ध कराने कहा जिससे भूमि पूजन एवं लोकार्पण की कार्यवाही की जा सके। किसान क्रेडिट कार्ड, आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति, पेंशन, राशन कार्ड, कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण सहित सभी विभागों के लंबित टीएल प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण करने के लिए कहा। उन्होंने आयुष्मान कार्ड की प्रगति के संबंध में जानकारी ली व जिनका शेष है डोर टू डोर सर्वे कर शत प्रतिशत बनाने कहा। कलेक्टर ने जिले में 3 वर्ष से अधिक एक ही स्थान पर पदस्थ पटवारियों की सूची उपलब्ध कराने कहा जिससे वर्षों से एक ही स्थान पर रहने वाले पटवारियों का स्थानांतरण किया जा सके। स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर हो व जरूरतमंद लोगों को ब्लड समय पर उपलब्ध हो सके इसके लिए सभी विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को ब्लड बैंक सेंटर जाकर ब्लड डोनेट करने निर्देशित किया। उन्होंने जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र जिनका नही बना है, स्कूलों से जानकारी लेकर शत प्रतिशत बनाने अभियान चलाने के निर्देश दिए। स्वामी आत्मानंद स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया एवं समय अवधि की जानकारी ली व भर्ती प्रक्रिया समय में पूर्ण करने निर्देशित किया। कलेक्टर डॉ. मित्तल ने सभी जनपद सीईओ को गोबर खरीदी और वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने में प्रगति लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सोसायटी के माध्यम से वर्मी कम्पोस्ट खाद का विक्रय प्राथमिकता से करने के लिए कहा है। बारिश के मौसम को देखते हुए वर्मी खाद और गोबर को बचाने सुरक्षित रखने के लिए उचित व्यवस्था करने के लिए कहा। ताकि गोबर खरीदी व वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने का कार्य प्रभावित ना हो। उन्होंने कहा कि गौठानों में नियमित निगरानी रखते हुए एल्टीएक्टीविटी कार्य में तेजी लाने लाए। उन्होंने रीपा अंतर्गत अधोसंरचना व विभिन्न गतिविधियों के लिए बनाए जा रहे निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कर अन्य गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नए पीडीएस दुकान की स्थिति की जानकारी ली तथा आवश्यक कार्रवाई कर कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए। खाद व बीज की उपलब्धता की जानकारी लेकर किसानों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो शत प्रतिशत खाद व बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने कृषि विभाग व सहकारी नोडल अधिकारी को निर्देशित किया। जल शक्ति योजना की प्रगति की जानकारी ली तथा मत्स्य विभाग, जल संसाधन विभाग व संबंधित विभाग को डबरी, तालाब,कुआं आदि की सूची उपलब्ध कराने कहा जिससे जियो टैग के माध्यम से मैप किया जा सके। सप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में जिला पंचायत सीईओ संबित मिश्रा, डीएफओ जितेंद उपाध्याय,अपर कलेक्टर आईएल ठाकुर, सभी एसडीएम एव विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।


कवर्धा (शोर संदेश)।कबीरधाम जिले में राज्य सरकार की फ्लैगशिप गौधन न्याय योजना का बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है। अब तक जिले में 3 लाख 69 हजार 983 क्विंटल इस योजना के तहत गोबर की खरीदी कर ली गई है। जिले के गौपालकों एवं गोबर विक्रेताओं को अब तक गोधन न्याय योजना के तहत 7 करोड़ 39 लाख 96 हजार 698 रूपए का उनके बैक खातों के माध्यम से सीधे भुगतान कर लिया गया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा इस योजना के तहत प्रत्येक 15 दिनों में गोबर विक्रेताओं को सीधे उनके बैंक खातों के माध्यम से जारी जारी की जाती है। कलेक्टर जनमेजय महोबे ने मंगलवार को समय-सीमा की बैठक में राज्य सरकार की सर्वप्राथमिकता वाली गौधन न्याय योजना की गहनता से समीक्षा की। कलेक्टर ने जनपद सीइओ को निर्देशित करते हुए कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत और गौपालकों का अतिरिक्त आमदानी एवं जैविक खेती को बढ़ाने के उद्ेश्य से यह योजना संचालित हो रही है। गोबर से जैविक खाद बनाने के लिए गोबर प्रति किलो दो रूपए की दर निर्धारित है। उन्होने कहा कि जिले के प्रत्येक सक्रिय गौठानों में पंजीकृत गोबर विक्रेताओं अथवा गौपालकों को इस योजना का लाभ मिलना चाहिए। कलेक्टर ने जिले के सभी गौठानों में गोबर खरीदी सुनिश्चित करने के लिए लिए जनपद सीईओ को निर्देशित किया है। बैठक में डीएफओ चूड़ामणि सिंह, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, अपर कलेक्टर इंद्रजीत बर्मन सहित समस्त एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, जनपद सीईओ एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि कबीरधाम जिले में राज्य सरकार की सुराजी गांव योजना के तहत गांवो में गाय-बैल एवं गौवंशीय मवेशियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए 380 गौठान संचालित है, जिसमें 374 गौठान सक्रिय है। जिले के 253 गौठान स्वावलंबी बन गए है। इन गौठानों में 2 हजार 353 गोबर विक्रेताओं के माध्यम से गोबर खरीदी की जा रही है। अब तक इन गौठानो के गाध्यम से 7 करोड 39 लाख 96 हजार 698 रूपए से 3 लाख 69 हजार 983 क्विंटल गोबर की खरीदी कर ली गई है। अर्थात जिले के गोबर विक्रेताओं ने गोबर बेचकर 7 करोड 39 लाख 96 हजार 698 रूपए कमा लिए है। कलेक्टर ने इस योजना का लाभ जिले के सभी गोपालाकों एवं गोबर विक्रेताओं को पहुचाने के लिए निर्देशित किया है।
आयुष्मान कार्ड बनाने घर-घर पहुचेगी टीम, कार्ड बनाने वाले प्रेरक और बीएलई टीम को मिलेगी पांच-पांच रूपए की इनसेंन्टीव
कलेक्टर जनमेजय महोबे ने कहा कि जिले के प्रत्येक परिवारों के सभी सदस्यों को आयुष्मान स्वास्थ्य कार्ड का लाभ मिलना चाहिए। उन्होने स्वास्थ्य सुविधाओं को लाभ पहुंचाने के लिए जिले के समान्य सेवा केन्द्र संचालक बीएलई और मितानिन कार्यकर्ताओं के घर-घर जानकर आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने कहा कि शासन द्वारा पंजीकृत निजी अस्पतालों में इस योजना के माध्यम से बेहतर उपचार कराया जा सकता है। कलेक्टर ने कहा कि घर-घर जाकर आयुष्मान कार्ड बनाने वाले बीएलई और मितानिन कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा अन्य ऐसे संगठन जो इस कार्ड को बनाने के लिए लोगों के प्रेरित करते है उन्हे प्रत्येक कार्ड के लिए पांच-पांच रूपए प्रोत्साहन भी दिए जाएंगे। बीएलई द्वारा आयुष्मान कार्ड का अपडेट भी किया जाएगा। ऐसे कार्ड धारक जिनका वर्तमान में मृत्यु हो गई है अथवा पलायन कर किसी अन्य जगह चले गए है, ऐसे कार्डो का अपडेट किया जाएगा साथ ही नए हितग्राहियों का कार्ड भी बनाया जाएगा।
जिले के 515 स्कूलों के संधारण एवं मरम्मत के लिए 17 करोड़ रूपए स्वीकृत
कलेक्टर महोबे ने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत स्कूलों भवनों के मरम्मत एवं संधारण कार्य के लिए स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर ने इस योजना के तहत स्वीकृत जिले के 515 स्कूलों को शीघ्र मरम्मत कार्य पूरा करने के निर्देश दिए है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत जिले के 515 स्कूलां को मरम्मत कार्य के लिए राज्य शासन को प्रस्ताव बनाकर प्रेषित किया गया था। इस स्कूलों के मरम्मत एवं संधारण कार्य के लिए 17 करोड़ रूपए की स्वीकृति मिली हैं। आरइएस के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया के बाद एंजेसियों को वर्क आर्डर जारी किया गया है। कलेक्टर ने निर्धारित समय पर सभी कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में अनुपस्थित मंडी सचिव को शोकॉज नोटिस, बिजली शिकायतों का समाधान के करने के निर्देश दिए
कलेक्टर महोबे ने समय-सीमा की बैठक में जिला कृषि उपज मंडी के सचिव की अनुपस्थिति पर खासे नाराज हुए। उन्होने कलेक्टोरेट अधीक्षक को मंडी संचिव के विरूद्ध शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बैठक में लंबित सभी प्रकरणों की समीक्षा करते हुए शीघ्रता से निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बिजली कटौती की शिकायतों का समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि बिजली विभाग से संबंधित शिकायतों का निराकरण करने के लिए हेल्प डेक्स भी संचालित किया जा सकता है।

कोरबा ( शोर संदेश ) बवासीर बीमारी से परेशान एक किसान ने आत्महत्या करने के इरादे से जहर पी लिया था। परिजन ने उसे अस्पताल दाखिल कराया, जहां इलाज के दाैरान उसकी माैत हाे गई। मोरगा चौकी अंतर्गत ग्राम उचलेंगा निवासी ग्रामीण सझऊराम बिंझवार (52) करीब 8 साल से बवासीर बीमारी से परेशान चल रहा था। इलाज कराने के बाद भी राहत नहीं मिलने के कारण उसने शनिवार काे घर पर अकेले हाेने पर जहर पी लिया था। उसका बेटा अमर सिंह बिंझवार परिवार समेत खेत से लाैटा ताे पिता काे जमीन पर पड़ा पाया। पास ही जहर की शीशी पड़ी थी।

अंबिकापुर (शोर संदेश)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के किसानों को उनकी धान की उपज का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में और कदम बढ़ाते हुए अब प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदी की घोषणा की है। इस घोषणा से जिले के किसानों में खुशी की लहर है। अंबिकापुर विकासखंड के ग्राम करेंया निवासी किसान जयकरण राम ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि किसान मुख्यमंत्री ने किसानों से 15 क्विंटल से बढ़ाकर 20 क्विंटल प्रति एकड़ धान ख़रीदने का फ़ैसला किया है। इस फ़ैसले से अब बढ़ी हुई मात्रा में धान बेचने से हमारी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। समर्थन मूल्य में धान खरीदी और राजीव गांधी किसान न्याय योजना से राज्य के किसानों का हौसला बढ़ा है। इसी तरह गोपति सिंह और अरुणेन्द्र ने कहा कि सरकार द्वारा विगत 4 वर्षों में किसान हितैषी फैसलों लेकर खेती- किसानी में परिवर्तन लाया है। खेती-किसानी में किसानों की रूचि बढ़ी है। खेती को नुकसान का व्यवसाय समझने वाले किसान अब फिर से खेती-किसानी की ओर लौटने लगे हैं। दरिमा तहसील क श्यामसुन्दर, बालमुकुन्द, गोरथनाथ, पवनसाय, जूनसाय, शिवमंगल, सुखराम और रमेश ने शासन की धान ख़रीदी योजना कि तारीफ़ करते हुए कहा कि सरकार ने किसान, मजदूर और महिलाओं का विशेष ध्यान रखा है। भूपेश सरकार द्वारा किसानों से अब 20 क्विंटल धान प्रति एकड़ खरीदी करने से दैनिक जीवन की आवश्यकता पूरी होने के साथ-साथ भविष्य के लिए राशि भी बचत होगी। बता दें कि मुख्यमंत्री द्वारा समर्थन मूल्य में अगले खरीफ सीजन से प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी के फैसले से किसानों में काफी उत्साह और खुशी का महौल है। पिछले वर्ष प्रति एकड़ 15 क्विंटल समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की गई थी। अतिरिक्त 5 क्विंटल धान की और खरीदी होने से इसका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा।
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रायपुर (शोर संदेश)। मुंगेली जिले के सरगांव में शनिवार को आयोजित भरोसे के सम्मेलन में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की किश्त मिलने पर किसानों ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए इस योजना को किसानों को ताकत देने वाली योजना बताया। किसान संतोष धृतलहरे, दादूराम साहू सहित अन्य किसानों ने एक स्वर में कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की किश्त मिलने पर संबल मिला है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल किसनिहा मुख्यमंत्री है। वे किसानों के दर्द को समझते हैं। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों की बेहतरी के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। सभी ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की मात्रा 15 क्विंटल से बढ़ाकर 20 क्विंटल करने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि अब अतिरिक्त धान को औने-पौने दाम पर बेचने की मजबूरी नहीं रहेगी। पथरिया ब्लॉक के उमरिया गांव निवासी किसान संतोष धृतलहरे के पास 22 एकड़ कृषि भूमि है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत उन्हें 4 किश्तों में 2 लाख 28 हजार 417 रूपए प्राप्त हुए हैं। वे संयुक्त परिवार में रहते है। उन्होंने बताया कि इस राशि को अच्छे उत्पादन के लिए खेती-बाड़ी में खर्च करते हैं। यह योजना हमारे लिए वरदान साबित हुई है। बच्चों की शादी में भी इस राशि से सहूलियत मिली है। इसी प्रकार लौहदा के किसान दादूराम ने बताया कि वे 20 एकड़ में खेती किसानी करते हैं। उन्हें इस योजना में चौथी किश्त मिलाकर एक लाख 68 हजार रुपए मिले हैं। उन्होंने बताया कि इससे मुझे आर्थिक रूप से मजबूत होने का एक अवसर मिला है। हमें खेती-किसानी के लिए साहूकारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है। अनावश्यक ब्याज देने से हमें मुक्ति मिली है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना से मिलने वाली राशि से हम अन्य जरूरतों को भी पूरा कर पा रहे हैं।