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जनप्रतिनिधि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इथियोपिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलने पर मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई

17-Dec-2025
रायपुर( शोर संदेश )। 17 दिसंबर 2025 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इथियोपिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ़ इथियोपिया’ से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए इसे भारत के लिए एक ऐतिहासिक, अविस्मरणीय और अत्यंत गौरवशाली क्षण बताया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह सम्मान भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा, विश्व मंच पर भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभरती भूमिका तथा प्रधानमंत्री मोदी नरेंद्र मोदी के सशक्त, दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक कूटनीति, विकास, शांति और सहयोग के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छुई हैं। आज 140 करोड़ भारतीय अपने राष्ट्र को विश्व समुदाय के बीच और अधिक सम्मान, आदर और प्रभाव के साथ स्थापित होते देख गर्व का अनुभव कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह सम्मान प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है और देश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में विश्वास को और सुदृढ़ करता है।











 

लाला जगदलपुरी जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने महान साहित्यकार को किया नमन

17-Dec-2025
रायपुर  ( शोर संदेश )।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर के महान साहित्यकार लाला जगदलपुरी की जयंती (17 दिसम्बर) पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लाला जगदलपुरी जी ने साहित्य को माध्यम बनाकर बस्तर की समृद्ध संस्कृति, इतिहास और लोकजीवन को देशभर में पहचान दिलाई। हिन्दी के साथ-साथ हल्बी, भतरी और छत्तीसगढ़ी भाषाओं में किया गया उनका सृजन बस्तर की आत्मा और संवेदनाओं का सशक्त साहित्यिक दस्तावेज है।
उन्होंने कहा कि “बस्तर : इतिहास एवं संस्कृति” और “बस्तर की लोक कथाएँ” जैसी कृतियाँ बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को समझने की दृष्टि से अमूल्य हैं और आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पं. सुन्दरलाल शर्मा आंचलिक साहित्य अलंकरण से सम्मानित लाला जगदलपुरी जी की साहित्यिक विरासत छत्तीसगढ़ की अमूल्य धरोहर है। उनका जीवन और कृतित्व सदैव समाज को संस्कृति से जोड़ने और उसे सहेजने की प्रेरणा देता रहेगा।
 

स्वामी डॉ. रामविलासदास वेदान्ती जी का देवलोकगमन सनातन समाज के लिए अपूरणीय क्षति: मुख्यमंत्री साय

16-Dec-2025
रायपुर( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रामभक्ति की अमर प्रतिमूर्ति, श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी स्तंभ, पूर्व लोकसभा सांसद एवं संत परंपरा के महान प्रतिनिधि परम पूज्य श्रद्धेय स्वामी डॉ. रामविलासदास वेदान्ती जी के देवलोकगमन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वामी डॉ. रामविलासदास वेदान्ती जी का देवलोकगमन समस्त रामभक्तों, सनातन समाज और राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन श्रीराम के काज, धर्म-संरक्षण और लोककल्याण के लिए समर्पित कर दिया। उनका तपस्वी जीवन, स्पष्ट वैचारिक दृष्टि और निर्भीक राष्ट्रवादी चिंतन समाज को युगों तक मार्गदर्शन देता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान स्वामी वेदान्ती जी का योगदान ऐतिहासिक और अविस्मरणीय रहा है। उन्होंने अपने आचरण, विचार और संघर्ष से यह सिद्ध किया कि संत परंपरा केवल साधना तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के उत्थान की सशक्त शक्ति है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वामी वेदान्ती जी का ओजस्वी व्यक्तित्व, धर्म के प्रति अटूट निष्ठा और लोकहित के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उनके द्वारा स्थापित आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों की विरासत सदैव जीवंत रहेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिवंगत संत के श्रीचरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल अनुयायियों और श्रद्धालुओं को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सतनाम पंथ के पदाधिकारियों की सौजन्य मुलाकात

16-Dec-2025
रायपुर, ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में विधायक सम्पत अग्रवाल के नेतृत्व में सतनाम पंथ के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय को 28 दिसम्बर को परम् पूज्य गुरुघासी दास बाबा की जयंती महोत्सव के अवसर पर महासमुन्द जिले के ग्राम साजापाली में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सतनाम पंथ के पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया तथा पूज्य बाबा गुरुघासी दास के सामाजिक और आध्यात्मिक संदेशों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
इस अवसर पर लखनमुनि महाराज, अभय घृतलहरे सहित सतनाम पंथ के अन्य प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
 

‘ऊर्जावान छत्तीसगढ़’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिखाई ऊर्जा क्षेत्र की 25 वर्षों की उपलब्धियां

15-Dec-2025
रायपुर,( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवीन विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में रजत महोत्सव विशेष छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल द्वारा प्रकाशित ‘ऊर्जावान छत्तीसगढ़’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। यह काफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना तथा छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल एवं उसकी उत्तरवर्ती पावर कंपनियों की 25 वर्षों की गौरवमयी यात्रा, उपलब्धियों और विकास गाथा पर आधारित है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह कॉफी टेबल बुक छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तनों, अधोसंरचना विकास, नवाचारों और जनसेवा आधारित कार्यों का सजीव दस्तावेज है। कॉफी टेबल बुक में छत्तीसगढ़ राज्य ने ऊर्जा क्षेत्र में सुदृढ़ नियोजन, आधुनिक तकनीक और उपभोक्ता-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ उल्लेखनीय उपलब्धियों को शामिल किया गया है और सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की स्थापना से लेकर 32 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता, कोयला खनन के सुदृढ़ संचालन और राज्यव्यापी पारेषण- वितरण ढांचे के विस्तार तक बिजली क्षेत्र में व्यापक सुधार को प्रदर्शित किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल की टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण, प्रतिबद्धता और योगदान की सराहना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एवं अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा सचिव एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन तथा डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी रोहित यादव, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर सहित वरिष्ठ अधिकारी जे.एस. नेताम, संजीव सिंह एवं आशुतोष जायसवाल उपस्थित थे।













 

पीएम आवास योजना (ग्रामीण) में ऐतिहासिक उपलब्धि, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया कॉफी टेबल बुक का अनावरण

15-Dec-2025
रायपुर, ,( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत अपनी प्रथम मंत्रिपरिषद बैठक में 18 लाख आवास स्वीकृत किए जाने के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक आकर्षक कॉफी टेबल बुक का अनावरण किया। यह पुस्तक राज्य में ग्रामीण आवास योजना के तहत प्राप्त ऐतिहासिक प्रगति, नवाचारों और उपलब्धियों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करती है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य को प्राप्त 26.27 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जबकि 17.14 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि वर्तमान सरकार ने अपने मात्र दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर राज्य में ग्रामीण आवास निर्माण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
इसी अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का भी शुभारंभ किया। इन डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। मनरेगा के तहत पात्र हितग्राहियों, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी भी शामिल हैं, की निजी भूमि पर इन डबरियों का निर्माण किया जाएगा। इससे न केवल ग्रामीण रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों एवं ग्रामीण परिवारों की आजीविका और आय में भी स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम के दौरान कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल हिंसा से पीड़ित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए, जो सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं महात्मा गांधी नरेगा के आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय से आदिवासी बालक छात्रावास के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

15-Dec-2025
रायपुर ,( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय को शहीद वीर नारायण सिंह जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
शहीद वीर नारायण सिंह जयंती के अवसर पर यह भव्य समारोह 15 दिसंबर 2025 को रायपुर में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन आदिवासी छात्र-छात्राओं द्वारा शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास, पेंशन बाड़ा, रायपुर में शाम 7 बजे से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आयोजन की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और कार्यक्रम के सफल आयोजन की कामना की। इस अवसर पर छात्रावास अध्यक्ष पुरुषोत्तम नेताम सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

बस्तर ओलंपिक समापन में अमित शाह का बड़ा ऐलान: 31 मार्च 2026 तक देश होगा नक्सलमुक्त

14-Dec-2025
रायपुर, ( शोर संदेश ) केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक के समापन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि हमने तय किया था कि 31 मार्च, 2026 से पहले पूरे देश से लाल आतंक को खत्म कर देंगे और आज बस्तर ओलंपिक- 2025 में हम इस कगार पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष नवंबर-दिसंबर तक बस्तर ओलंपिक-2026 के समय तक पूरे भारत और छत्तीसगढ़ से लाल आतंक समाप्त हो चुका होगा औऱ नक्सलमुक्त बस्तर आगे बढ़ रहा होगा।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हमने यह संकल्प लिया है कि पूरे बस्तर और भारत को नक्सलमुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि हमें यहीं नहीं रुकना बल्कि कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के 7 ज़िलों का संभाग बस्तर, दिसंबर 2030 दिसंबर तक देश के सबसे अधिक विकसित आदिवासी संभाग बनेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर के हर व्यक्ति को रहने के लिए घर, बिजली, शौचालय, नल से पीने का पानी, गैस सिलिंडर, 5 किलो अनाज और 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, बस्तर के घर घर में पहुचाने का संकल्प हमारी सरकार का संकल्प है। शाह ने कहा कि हमने अगले पांच साल में बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इसमें प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार और विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार कंधे से कंधा मिलाकर बस्तर को विकसित बस्तर बनाने के लिए मिलकर आगे बढ़ेंगे।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव सड़क से जुड़ेगा, वहां बिजली होगी, 5 किलोमीटर के क्षेत्र में बैंकिंग सुविधाएं होंगी और सबसे घने पीएचसी/सीएचसी का नेटवर्क बनाने का काम भी हमारी सरकार करेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन उपज की प्रोसेसिंग के लिए कोऑपरेटिव आधार पर यूनिट्स लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर के सातों ज़िले सभी आदिवासी ज़िलों में सबसे अधिक दूध उत्पादन कर डेयरी के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने वाले ज़िले बनेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर में नए उद्योग, उच्च शिक्षा की व्यवस्था, भारत में सबसे अच्छा स्पोर्ट्स संकुल और अत्याधुनिक अस्पताल की व्यवस्था भी हम करेंगे। शाह ने कहा कि कुपोषण के लिए भी यहां विशेष स्कीम चलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आत्मसमर्पण किया है और जो नक्सलवाद के कारण घायल हुए हैं, उनके लिए एक बहुत आकर्षक पुनर्वसन योजना भी हम लाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि नक्सलवाद समाप्त हो क्योंकि नक्सलवादी इस क्षेत्र के विकास पर नाग बनकर फन फैलाए बैठे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के साथ ही इस क्षेत्र में विकास की एक नई शुरूआत होगी और प्रधानमंत्री मोदी जी और विष्णुदेव जी के नेतृत्व में यह सबसे विकसित क्षेत्र बनेगा।
अमित शाह ने कहा कि बस्तर ओलंपिक-2025 में सात ज़िलों की सात टीमें और एक टीम आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की थी। उन्होंने कहा कि जब 700 से अधिक सरेंडर्ड नक्सलियों ने इन खेलों में भाग लिया तो यह देखकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के झांसे में आकर उनका पूरा जीवन तबाह हो जाता और हथियार डालकर मुख्यधारा में आने वाले ऐसे 700 से अधिक युवा आज खेल के रास्ते पर आए हैं।  शाह ने दोहराया कि 31 मार्च, 2026 को यह देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। उन्होंने हिंसा में लिप्त नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि अब भी गुमराह होकर हमारे ही जो लोग हाथ में हथियार लेकर बैठे हैं, वो हथियार डाल दें, पुनर्वसन नीति का फायदा उठाएं, अपने और अपने परिवार के कल्याण के बारे में सोचें और विकसित बस्तर के संकल्प के साथ जुड़ जाएं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से किसी का भला नहीं होता, न हथियार उठाने वाले लोगों का, न आदिवासियों और न सुरक्षाबलों का भला होता है। उन्होंने कहा कि सिर्फ शांति ही विकास का रास्ता प्रशस्त कर सकती है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण कर चुके 700 नक्सलियों ने इन खेलों में खिलाड़ी के रूप में सामने आकर पूरे देश के लिए बहुत बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने भय की जगह आशा चुनी, विभाजन की जगह एकता का रास्ता चुना और विनाश की जगह विकास का रास्ता चुना है और यही प्रधानमंत्री मोदी जी की नए भारत और विकसित बस्तर की संकल्पना है। उन्होंने कहा कि हमारे बस्तर की संस्कृति दुनियाभर में सबसे अधिक समृद्ध संस्कृति है। उन्होंने कहा कि सभी जनजातियों का खानपान, परिवेश, कला, वाद्य, नृत्य और पारंपरिक खेल सिर्फ छत्तीसगढ़ की नहीं बल्कि पूरे भारत की सबसे समृद्ध विरासत है।
अमित शाह ने कहा कि हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने आधुनिक रिकॉर्डिंग स्टूडियो बनाकर यहां के पारंपरिक गीतों को सहेजने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई परंपरागत उत्सव और त्योहार जो नक्सलवाद के लाल आतंक के साए में समाप्त होने की कगार पर थे, उन्हें भी आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि आज जिन खिलाड़ियों ने बस्तर ओलंपिक में भाग लिया है, उनकी प्रतिभा को पहचानने के लिए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों  की एक टीम यहां आई है।शाह ने कहा कि इन खिलाड़ियों की प्रतिभा को पहचानकर आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और ओलंपिक खेलों में बस्तर के खिलाड़ी खेलें, वहां तक ले जाने की व्यवस्था हमारी सरकार ने की है। शाह ने कहा कि पिछले वर्ष बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जबकि इस वर्ष  3 लाख 91 हज़ार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है, जो लगभग ढाई गुना की वृद्धि है और बहनों की प्रतिभागिता में लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह उत्साह देखकर आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री मोदी जी ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए छत्तीसगढ़ को चुना है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर अब बदल रहा है और बस्तर अब भय नहीं भविष्य का पर्याय बन चुका है, जहां गोलियों की गूंज सुनाई देती थी, वहां आज स्कूल की घंटियां बज रही हैं। जहां सड़क बनाना एक सपना था, वहां आज रेलवे ट्रैक और राजमार्ग बिछाए जा रहे हैं, जहां लाल सलाम के नारे लगते थे, वहां आज भारत माता की जय के नारे लगते हैं। उन्होंने कहा कि हम सब विकसित बस्तर के लिए कृत संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार ने मुठभेड़ों में नक्सलियों को मारने का लक्ष्य नही रखा था, क्योंकि 2000 से अधिक नक्सली युवाओं ने सरेंडर भी किया है। उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी समाज के प्रमुखों ने इसमें बहुत बड़ा योगदान दिया है, उनके मार्गदर्शन ने नक्सली युवाओं को ढांढस भी बंधाया है और हिम्मत भी दी है। गृह मंत्री ने समाज के प्रमुखों और समाजसेवकों से अपील करते हुए कहा कि जो लोग आज भी हथियार लेकर घूम रहे हैं, वे उन्हें समझाकर समाज की मुख्यधारा वापिस में लाने का काम करें।

 

भारती विश्वविद्यालय दुर्ग में प्रथम दीक्षांत समारोह संपन्न, उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा हुए मुख्य अतिथि

13-Dec-2025
रायपुर( शोर संदेश )। भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग के इतिहास में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई, जब विश्वविद्यालय परिसर में प्रथम दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की।
दीक्षांत समारोह में विभिन्न विषयों के 86 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। इसके साथ ही उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 9 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक तथा 146 विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर डिग्रियां प्रदान की गईं।
समारोह को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री श्री वर्मा ने सभी उपाधि प्राप्त शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दीक्षांत केवल डिग्री प्राप्ति का अवसर नहीं, बल्कि जीवन की नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। अर्जित ज्ञान का उपयोग समाज के विकास और राष्ट्र निर्माण में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी नवाचार की सदी है और शिक्षा को जीवन निर्माण का सशक्त माध्यम बनाना होगा। विश्वविद्यालय द्वारा ज्ञान, संस्कार और नवाचार का जो प्रसार किया जा रहा है, वह प्रदेश और देश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने प्राध्यापकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण की भावना का संचार करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन–2047 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इससे पूर्व मुख्य अतिथि वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन कर दीक्षांत समारोह का शुभारंभ किया तथा अपने करकमलों से शोधार्थियों और विद्यार्थियों को उपाधियां, स्वर्ण पदक एवं डिग्रियां प्रदान कीं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की वार्षिक पत्रिका का विमोचन भी किया गया।
समारोह को छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष  डी.के. गोयल ने भी संबोधित किया। वहीं, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका द्वारा भेजे गए संदेश का वाचन विश्वविद्यालय की डायरेक्टर शालिनी चंद्राकर ने किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.एल. तिवारी, मैनेजिंग डायरेक्टर जय चंद्राकर, कुल सचिव बी.के. सक्सेना, प्राध्यापकगण, गणमान्य नागरिक, शोधकर्ता एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।













 

शासन के 2 वर्ष : जनविश्वास से जनकल्याण तक—छत्तीसगढ़ समग्र विकास की ओर अग्रसर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

13-Dec-2025
रायपुर( शोर संदेश )।   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज वर्तमान सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने पर न्यू सर्किट हाउस सिविल लाइन्स में आयोजित प्रेसवार्ता में राज्य सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और उनकी गारंटियों पर विश्वास जताते हुए छत्तीसगढ़ की जनता ने जो सेवा का अवसर दिया, उसे सरकार ने पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ निभाया है। दो वर्षों में जनता का भरोसा और अधिक सशक्त हुआ है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार के गठन के दूसरे ही दिन 18 लाख से अधिक जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति दी गई। किसानों के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी जारी है, जिससे खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना एक ऐतिहासिक पहल बनी। लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है। डीबीटी के माध्यम से अब तक 22 किस्तों में 14 हजार 306 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि  जनजातीय समाज और वनोपज संग्राहकों के हित में तेंदूपत्ता पारिश्रमिक 4000 से बढ़ाकर 5500 रुपये किया गया है। 13 लाख परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है। चरणपादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई है तथा 73 लाख गरीब परिवारों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, प्रतियोगी परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर लागू हुआ और आयु सीमा में छूट दी गई। 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। पिछले दो वर्षों में 505 नक्सली न्यूट्रलाइज, 2386 ने आत्मसमर्पण किया और 1901 गिरफ्तार हुए। सुरक्षा के साथ-साथ विकास के जरिए बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि  नियद नेल्ला नार योजना के तहत सुदूर गांवों में राशन, आधार, आयुष्मान कार्ड, आवास, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। बस्तर में स्कूल पुनः शुरू हुए हैं और इको-टूरिज्म, बस्तर पंडुम तथा बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन नई पहचान बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण हेतु श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना संचालित की जा रही है। राजिम कुंभ कल्प, बस्तर दशहरा और शक्ति पीठों के विकास को नई भव्यता दी गई है।
उन्होंने कहा कि सुशासन को सुदृढ़ करने के लिए 400 से अधिक सुधार किए गए हैं। सुशासन एवं अभिसरण विभाग, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, ई-ऑफिस और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से योजनाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार और उद्योग के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की गई है। 231 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया गया, जनविश्वास अधिनियम लागू हुआ और अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। लॉजिस्टिक पार्क, एयर कार्गो सुविधा और औद्योगिक पार्क स्थापित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि  जीएसटी संग्रह में 15 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 23,454 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। ई-वे बिल सीमा बढ़ाने, 24×7 प्रतिष्ठान संचालन और जिलों में जीएसटी कार्यालय खोलने से व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में युक्तियुक्तकरण से शिक्षक संकट दूर किया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हुई, स्मार्ट क्लास, विद्या समीक्षा केंद्र, मेडिकल कॉलेजों का विस्तार और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू कीगई है।
उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल विकास के लिए मॉडल आईटीआई, नवा रायपुर को एजुकेशन सिटी के रूप में विकसित करना, अत्याधुनिक लाइब्रेरी, खेलो इंडिया सेंटर और खेल प्रोत्साहन योजनाएं लागू की गई हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में सड़क, रेल, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक और सामाजिक अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। सरकार का संकल्प है कि विकास, सुरक्षा और सुशासन के साथ छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में स्थापित किया जाए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। प्रदेश में 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है तथा खरसिया–परमालकसा रेललाइन को स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे राज्य के प्रमुख इंडस्ट्रियल कॉरिडोर आपस में जुड़ेंगे। विशाखापट्टनम और रांची से जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे पर काम तेज़ी से चल रहा है। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास हेतु 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की 37 परियोजनाएं प्रगतिशील हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एयर कनेक्टिविटी का भी व्यापक विस्तार हुआ है—अंबिकापुर एयरपोर्ट का शुभारंभ माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा किया गया, तथा बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर से नई उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। जशपुर और बलरामपुर हवाई पट्टी के विस्तार हेतु बजट में प्रावधान किया गया है। अटल जी के छत्तीसगढ़ निर्माण के विजन के अनुरूप सरकार संस्कृति-संवर्धन पर भी विशेष ध्यान दे रही है—लोक कलाकारों के कार्यक्रमों की संख्या बढ़ाई गई है, कलाकारों की पेंशन बढ़ाई गई है तथा चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित में 200 यूनिट तक बिजली उपभोग पर सब्सिडी दी जा रही है तथा सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में केंद्र के साथ राज्य सरकार की सब्सिडी भी मिल रही है। शहरी मध्यम व निम्न वर्ग को किफायती भूखंड उपलब्ध कराने छत्तीसगढ़ किफायती जन आवास नियम बनाया गया है। जल जीवन मिशन के तहत 40 लाख से अधिक परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा चुका है और वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य हेतु अंजोर विजन दस्तावेज तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की इस गति का लाभ हर नागरिक के जीवन में दिख रहा है; उन्होंने मीडिया के सहयोग के लिए आभार जताते हुए जनता को भरोसा दिलाया कि सरकार पूरी निष्ठा से छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा करेगी और सभी से प्रदेश की सुख-समृद्धि हेतु एकजुट योगदान का आह्वान किया।








 


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