ब्रेकिंग न्यूज

जनप्रतिनिधि

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धात्री महिलाओं को वितरित की बेबी किट

24-May-2026
रायपुर।  (शोर संदेश)  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत बलौदबाजार-भाटापारा जिले के करही बाजार स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धात्री (लैक्टेटरी) महिलाओं को बेबी किट प्रदान कर उनके स्वास्थ्य एवं बच्चों की देखभाल संबंधी जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने चित्ररेखा पटेल,आशा पाल, ज्योति पटेल, प्रीति पटेल एवं मोहिनी पटेल को बेबी किट वितरित की। किट में प्रोटीन पाउडर, बेबी सूट, बेबी सोप एवं पाउडर, आयरन फोलिक एसिड, कैल्शियम टैबलेट तथा सेनेटरी पैड सहित अन्य आवश्यक सामग्री शामिल थी।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं से आत्मीय चर्चा करते हुए उनका कुशलक्षेम जाना तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार माताओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों को वितरित किए आयुष्मान कार्ड

24-May-2026
रायपुर।  (शोर संदेश) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर में हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए। मुख्यमंत्री ने राजीम देवांगन, दिलीप चक्रधारी, नेहा निषाद, शांति पाल, खुशबू सोनी एवं  मुस्कान चक्रधारी को आयुष्मान कार्ड सौंपकर शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना जरूरतमंद परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को इलाज के लिए आर्थिक सहायता मिल रही है और उन्हें बड़ी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से राहत प्राप्त हो रही है।
हितग्राहियों ने आयुष्मान कार्ड प्राप्त होने पर मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके परिवार के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का बड़ा सहारा बनेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी सौगात: करहीबाजार सहित कई ग्राम पंचायतों के लिए लाखों के विकास कार्यों की घोषणा

24-May-2026
रायपुर,।  (शोर संदेश)  क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में अधोसंरचना और विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बड़ी घोषणाएं की हैं। भाटापारा विकासखंड के ग्राम करहीबाजार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को सांस्कृतिक भवन, सड़कों के जाल और स्कूली भवनों के निर्माण की महत्वपूर्ण सौगातें दीं। मुख्यमंत्री द्वारा की गई इन घोषणाओं से न सिर्फ करहीबाजार बल्कि आसपास की कई ग्राम पंचायतों में भी विकास के नए मार्ग खुलेंगे।
ग्राम करहीबाजार के विकास के लिए विशेष रूप से अधोसंरचना और शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यहाँ सर्व समाज के सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों हेतु 25 लाख रुपये की लागत से एक भव्य सांस्कृतिक भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीणों की सुविधा के लिए सुकालू के घर से लेकर सिद्ध बाबा मार्ग तक 25 लाख रुपये की लागत से सी.सी. रोड बनाई जाएगी। शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने हायर सेकेंडरी स्कूल करहीबाजार के साथ-साथ कोदवा में भी नए स्कूल भवनों के निर्माण की घोषणा की है, जिससे स्थानीय छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा।
करहीबाजार के अलावा मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी लाखों रुपये के विकास कार्यों की झड़ी लगा दी है। इसके तहत ग्राम विटकुली में 20 लाख रुपये की लागत से मांगलिक भवन का निर्माण किया जाएगा। वहीं ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए ग्राम पंचायत कोठमी, ग्राम पंचायत मोपका, ग्राम पंचायत कोनी, ग्राम पंचायत बोरसी, ग्राम पंचायत कोदवा, ग्राम पंचायत पाटन और ग्राम पंचायत रामपुर में 10-10 लाख रुपये की लागत से सी.सी. रोड का निर्माण कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इन घोषणाओं के बाद भाटापारा विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, भवन और शिक्षा के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि इन कार्यों के पूरा होने से गांवों की तस्वीर बदलेगी और ग्रामीणों की राह आसान होगी।

स्वामित्व से संपत्ति का अधिकार, बिहान से आत्मनिर्भरता की राह : कोसरंगी चौपाल में ग्रामीण विकास की दिखी तस्वीर

23-May-2026
रायपुर।  (शोर संदेश) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आरंग विकासखंड के ग्राम कोसरंगी पहुंचकर ग्रामीण विकास, आर्थिक सशक्तिकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी प्रगति का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने चौपाल कार्यक्रम में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को  पट्टे वितरित कर उन्हें वैधानिक अधिकार प्रदान किए, वहीं छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत संचालित आजीविका सेवा केंद्र का निरीक्षण कर महिलाओं की आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री साय ने चौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामित्व योजना ग्रामीणों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने वाली महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से आबादी भूमि और संपत्ति का आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को अपनी जमीन और मकान पर कानूनी अधिकार प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल पट्टा वितरण नहीं, बल्कि ग्रामीणों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संपत्ति का वैधानिक अधिकार मिलने से ग्रामीणों को बैंक से ऋण लेने में सुविधा होगी तथा प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज सहजता से उपलब्ध हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार गांवों में रहने वाले प्रत्येक परिवार को सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और विकास के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के तहत छह हितग्राहियों को पट्टे वितरित किए। पट्टा प्राप्त करने के बाद हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों बाद उन्हें अपनी संपत्ति का वैधानिक अधिकार मिला है, जिससे भविष्य अधिक सुरक्षित हुआ है और योजनाओं का लाभ प्राप्त करना आसान होगा।
मुख्यमंत्री साय ने इसके बाद ग्राम कोसरंगी में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) अंतर्गत संचालित आजीविका सेवा केंद्र का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने बिहान समूह से जुड़ी महिलाओं से आत्मीय संवाद करते हुए केंद्र की गतिविधियों, आय-व्यय तथा रोजगार सृजन से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली।
समूह की अध्यक्ष गीता वर्मा ने मुख्यमंत्री को बताया कि केंद्र में हल्दी-मिर्ची प्रसंस्करण, गेहूं पिसाई, धान बीज क्रय-विक्रय सहित विभिन्न ग्रामीण आजीविका गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जिससे समूहों को नियमित आय प्राप्त हो रही है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बिहान जैसी पहलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बना रही हैं। उन्होंने समूह की महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए आजीविका गतिविधियों को और आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन-प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि सरकार जनता के हित और समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, संभागायुक्त श्याम धावड़े, कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

 


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कचना रेलवे ओवरब्रिज जनता को किया समर्पित

23-May-2026
रायपुर।  (शोर संदेश)  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर में कचना रेलवे ओवरब्रिज का लोकार्पण कर इसे आम जनता को समर्पित किया। साथ ही 22.79 करोड़ रुपये की लागत से बने शंकर नगर-खम्हारडीह-कचना मार्ग के चौड़ीकरण कार्य का लोकार्पण भी किया गया। इस अवसर पर साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आधारभूत संरचना के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और यह ओवरब्रिज उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कचना रेलवे फाटक में लंबे समय से जाम की समस्या बनी हुई थी, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ओवरब्रिज के शुरू होने से अब लोगों को सुगम, सुरक्षित और निर्बाध यातायात सुविधा मिलेगी। इससे विशेष रूप से कचना, खम्हारडीह एवं आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की केंद्रीय सड़क निधि योजना के अंतर्गत इस परियोजना को स्वीकृति मिली थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन कचना, खम्हारडीह और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए खुशी का दिन है। जनता की वर्षों पुरानी मांग आज पूरी हुई है। अब यहां ट्रैफिक जाम और वाहनों की लंबी कतारों से राहत मिलेगी। इससे कार्यालय, स्कूल-कॉलेज जाने वाले लोगों के साथ-साथ व्यापारी एवं व्यवसायियों को भी बड़ी सुविधा होगी। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए क्षेत्रवासियों को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से प्राप्त निधि के माध्यम से इस ओवरब्रिज का निर्माण संभव हुआ है। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूर्ण करने के लिए बधाई दी।
उल्लेखनीय है कि इस ब्रिज की लंबाई 787 मीटर एवं चौड़ाई 13 मीटर है तथा 48.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस ओवरब्रिज के बनने से रायपुर शहर की यातायात व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा समय की बचत भी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़क, पुल और अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने निर्माण कार्य में जुड़े अधिकारियों एवं एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। राज्य सरकार अपने कार्यों का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखने के साथ ही सीधे लोगों के बीच जाकर योजनाओं और विकास कार्यों का फीडबैक भी ले रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहकर आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाकर वास्तविक परिस्थितियों की जानकारी मिलती है। वे स्वयं अचानक गांवों में पहुंचकर पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं। उन्होंने कहा कि लोग शासन की योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं और राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण बस्तर क्षेत्र विकास से वंचित रहा, लेकिन अब नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक शासन की योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं। नियद नेल्लानार 2.0 के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। अब तक 20 लाख से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है तथा 55 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है और उसी के अनुरूप सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है।
उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कहा कि कचना क्षेत्र में लगभग 25 बड़ी कॉलोनियां स्थित हैं और यह रेलवे ओवरब्रिज इन सभी कॉलोनियों को रायपुर शहर से बेहतर तरीके से जोड़ने में अत्यंत प्रभावी साबित होगा। उन्होंने कहा कि कचना का यह ओवरब्रिज केवल एक पुल नहीं, बल्कि रायपुर और कचना को जोड़ने वाली जीवनरेखा है। इससे न केवल कचना और आसपास के रहवासियों को लाभ मिलेगा, बल्कि बिलासपुर और बलौदाबाजार की ओर आने-जाने वाले लोगों को भी यातायात में बड़ी सुविधा प्राप्त होगी।
साव ने कहा कि प्रदेश में अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। पहली बार लोक निर्माण विभाग को 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति मिली है। राज्य सरकार के गठन के बाद रिकॉर्ड संख्या में पुलों का निर्माण किया गया है। यातायात को सुगम बनाने और प्रदेशभर में सड़कों का जाल बिछाने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार द्रुतगामी सड़कों का निर्माण कर रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसे गांवों तक भी सड़क पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है, जहां आज तक सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, पार्षद पुष्पा साहू, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश बंसल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 


केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता की

20-May-2026
रायपुर(शोर संदेश)।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित इन सदस्य राज्यों और केन्द्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। यह बैठक केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत अंतर-राज्य परिषद सचिवालय द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार की मेज़बानी में आयोजित की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह बहुत हर्ष का विषय है कि यह बैठक बस्तर में आयोजित की जा रही है और इससे पहले ही आज पूरा बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि आज भारत के नक्सल मुक्त होने का संपूर्ण श्रेय हमारे सुरक्षाबलों के जवानों के परिश्रम और बहादुरी को जाता है। हमारी एजेंसियों ने बहुत सटीकता के साथ इनपुट एकत्र किए, सभी राज्यों के पुलिसबलों और केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) के साथ मिलकर हर इनपुट पर सटीक कार्रवाई करने से संबंधित समयबद्ध निर्णय किए। इसके साथ ही Whole of the Government Approach के साथ सभी राज्य सरकारों और केन्द्र सरकार के सभी विभागों ने नक्सलमुक्त हुए क्षेत्रों में विकास को पहुंचाने का काम किया।
अमित शाह ने कहा कि हमारी लड़ाई समाप्त नहीं हुई है क्योंकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र लगभग पांच दशक से विकास की दौड़ में पिछड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इन क्षेत्रों को विकास के मामले में देश के बाकी क्षेत्रों के समकक्ष नहीं ले आते, तब तक हमारी लड़ाई समाप्त नहीं होगी। केन्द्रीय गृह मंत्री ने पूरे देश के नक्सल मुक्त होने के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का हार्दिक अभिनंदन किया।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जो भी चीजें चाहिए थीं, उन्होंने भारत सरकार के गृह मंत्रालय के साथ समन्वय कर उन्हें प्राप्त किया और जहां नेतृत्व की जरूरत थी, वहां मुख्यमंत्री जी और उपमुख्यमंत्री जी ने नेतृत्व भी प्रदान किया और इसी का परिणाम है कि आज बस्तर नक्सल मुक्त हो चुका है।
अमित शाह ने कहा कि राज्यों के बीच के और राज्यों और केन्द्र के बीच के सभी विवादित मुद्दे समाप्त कर हम आज एक अच्छे वातावरण में यह बैठक कर रहे हैं। शाह ने कहा कि आज की बैठक में सभी एजेंडा विकास की मॉनिटरिंग से संबंधित थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में हमारा संघीय ढांचा मजबूत हुआ है और क्षेत्रीय परिषद की बैठकें निरंतर हो रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप बहुत बड़े भूभाग में चार राज्यों के बीच और चार राज्यों का केन्द्र के साथ कोई विवाद ही नहीं बचा है, यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य हैं। उत्तर के हिमालय क्षेत्र से लेकर गंगा-यमुना के मैदानी भूभाग से लेकर मध्य भारत के पठारी, वन समृद्ध और खनिज समृद्ध क्षेत्र इस क्षेत्र में आते हैं, जो निश्चित रूप से देश के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होने कहा कि यह क्षेत्र हमें देश के अनाज के भंडारों को भरने में बड़ी मदद करता है। इस क्षेत्र के समृद्ध खनिज भंडार से देश के विकास को गति मिलती है और इसी क्षेत्र की समृद्ध विरासत और संस्कृति ने देश को आगे बढ़ाने में मदद की है। इसी क्षेत्र में देश के आस्था के सभी केंद्र करीब-करीब एक ही जगह पर आए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लगभग सात राज्यों को जोड़ता है और इस दृष्टि से पूरे मध्य क्षेत्र का बहुत महत्व है। गृह मंत्री ने कहा कि आज यह पूरा क्षेत्र ना केवल नक्सल मुक्त हुआ है, बल्कि विवादों से भी मुक्त हुआ है, जो हम सबके लिए बहुत हर्ष का विषय है।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में क्षेत्रीय परिषद बैठकों का एक मजबूत और जीवंत तंत्र बना है - हमने इसे निर्णायक, निरंतर और परिणामदायी बनाया है। 2004 से 2014 के 10 वर्षों में क्षेत्रीय परिषद की मात्र 11 बैठकें हुई थीं, जो 2014 से 2026 के बीच बढ़कर 32 हो गई हैं। पहले 10 वर्षों में स्टैंडिंग कमेटी की 14 बैठकें हुई थीं, जो इस अवधि में ढाई गुना बढ़कर 35 हुई हैं। उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 में मात्र 569 मुद्दों पर चर्चा हुई थी, जबकि 2014 से 2026 में 1729 मुद्दों पर चर्चा हुई है, और उनमें से लगभग 80% मुद्दों का सफल निराकरण भी कर लिया गया है। लंबित मुद्दों में से अधिकांश मॉनिटरिंग से संबंधित हैं, जिनमें किसी भी प्रकार का विवाद शेष नहीं है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन -2 पर हमें अभी से फोकस करना चाहिए और हर घर में नल से जल पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, पोषण और समाज कल्याण बहुत संवेदनशील मुद्दे हैं। गृह मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों और सभी मुख्य सचिवों से आह्वान किया कि कुपोषण के खिलाफ भारत सरकार की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ें। शिक्षा के क्षेत्र में स्कूल ड्रॉपआउट दर और स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए भी और अधिक कार्य हों। वित्तीय समावेशन और बिजली सुधार इस विकसित क्षेत्र को पूर्ण विकसित बनाने में बहुत बड़ा योगदान दे सकते हैं।
अमित शाह ने कहा कि शहरी नियोजन, जन स्वास्थ्य, वित्तीय समावेशन और बिजली सुधार के चारों क्षेत्र में भी और अधिक गति से कार्य करें। गृह मंत्री ने अपील की कि हमारा कम से कम 50% ध्यान ग्रामीण विकास और व्यक्ति को मजबूत बनाने वाली योजनाओं पर रहना चाहिए।
गृह मंत्री ने कहा कि हर 5 किलोमीटर के दायरे में बैंक की सुविधा उपलब्ध होना बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि हमारी सभी योजनाएं Direct Benefit Transfer (DBT) आधारित हैं, इसीलिए सभी राज्यों को इस दिशा में ठोस प्रयास करने की आवश्यकता है।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि POCSO और बलात्कार के मामलों में अगर समय से DNA जांच हो जाए तो इनमें दोषसिद्धि की दर शत-प्रतिशत हो सकती है। शाह ने कहा कि अदालतों में लंबित पड़े पाँच साल से अधिक पुराने मामलों के तेजी से निपटारे के लिए उच्च न्यायालयों को विशेष अदालतें गठित करनी चाहिए। गंभीर अपराधों में शासन को ऐसी गंभीरता दिखानी चाहिए। उन्होंने चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया कि वे 1930 हेल्पलाइन पर केन्द्रीय गृह मंत्रालय के प्रारूप के अनुरूप ही राज्यों का प्रारूप लागू करें और राज्यों की हेल्पलाइन के कॉल सेंटर को अपडेट करें।
अमित शाह ने कहा कि मिलावटखोरी के मामलों में जो केस रजिस्टर्ड होता है और पेनल्टी लगती है तो उसकी प्रसिद्धि की भी व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे जनता को पता चलेगा कि दोषी दुकानों पर मिलावट वाली चीजें मिलती हैं।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि आपराधिक न्याय प्रणाली की तीनों नवीन न्याय संहिता पर बहुत अच्छा अमल हुआ है। उन्होंने कहा कि अब भी इसमें बहुत सारे मुद्दे ऐसे हैं जिनके क्रियान्वयन पर हमें बल देना होगा गृह मंत्री ने कहा कि जिस तरह से हमने देश को नक्सलवाद से मुक्त किया है, उसी तरह से 3 साल में हर आपराधिक मुकदमे को सुप्रीम कोर्ट तक अंजाम देने का लक्ष्य हमें 2029 से पहले पूरा करना है।

रायगढ़ के लाल ने रचा इतिहास: मुख्यमंत्री साय ने स्वर्ण विजेता दिव्यांशु का किया सम्मान

18-May-2026
रायपुर, ।  (शोर संदेश)  सुशासन तिहार के अवसर पर रायगढ़ प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टोरेट स्थित सृजन सभाकक्ष में अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज दिव्यांशु देवांगन को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने दिव्यांशु को मेडल पहनाकर तथा पुरस्कार भेंट कर उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
दिव्यांशु देवांगन ने मिस्र की राजधानी कायरो में आयोजित आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप 2026 में 10 मीटर एयर राइफल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इतना ही नहीं, उन्होंने विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर रायगढ़, छत्तीसगढ़ और पूरे देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है।
मुख्यमंत्री ने दिव्यांशु की माता-पिता और दादी से भी मुलाकात की तथा दिव्यांशु की सफलता के लिए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि दिव्यांशु की उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि दिव्यांशु ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन से यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी विश्व मंच पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को हर संभव प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी.चौधरी ने भी दिव्यांशु देवांगन को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर छत्तीसगढ़ का नाम देश और विदेश में ऊंचा किया है। उन्होंने कहा कि दिव्यांशु जैसे खिलाड़ी प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और उनकी उपलब्धि आने वाली पीढि़यों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
दिव्यांशु देवांगन की इस उपलब्धि को रायगढ़ जिले के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है। कायरो में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुनिया के कई देशों के प्रतिभागियों के बीच दिव्यांशु ने अद्भुत एकाग्रता और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। उनके प्रदर्शन ने न केवल भारत को शीर्ष स्थान दिलाया, बल्कि नया विश्व रिकॉर्ड बनाकर इतिहास भी रच दिया। दिव्यांशु की सफलता से युवा खिलाडि़यों में नई प्रेरणा जागी है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के खेल परिदृश्य को नई पहचान देगी। रायगढ़ सहित पूरे प्रदेश में दिव्यांशु को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। रायगढ़ के इस होनहार खिलाड़ी की सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मेहनत और समर्पण से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
इस अवसर पर सांसदराधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक लालजीत सिंह राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविंद्र गबेल, महापौर जीवर्धन चौहान, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल, आईजी रामगोपाल गर्ग सहित रायगढ़, कोरबा और जांजगीर-चांपा जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ, जिला पंचायत सीईओ एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

सुशासन तिहार में साकार हुआ पक्के घर का सपना, हितग्राहियों को मिली आवास की चाबी

18-May-2026
रायपुर ।  (शोर संदेश) अपना पक्का घर केवल ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और नए जीवन की मजबूत नींव होता है।” धमतरी में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के दौरान यह भाव उस समय जीवंत हो उठा, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत हितग्राहियों को प्रतीकात्मक चाबी सौंपकर उनके वर्षों पुराने सपनों को साकार किया। सुशासन तिहार  में भाटगांव की हितग्राही कुमारी यादव एवं लता साहू को मुख्यमंत्री साय के हाथों आवास की चाबी प्रदान की गई। वर्षों तक कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाले इन परिवारों के लिए यह क्षण केवल एक सरकारी योजना का लाभ मिलने भर का नहीं था, बल्कि आत्मसम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व से भरे नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक बन गया।
हितग्राही कुमारी यादव ने बताया कि बरसात के दिनों में उनका परिवार लगातार परेशानियों का सामना करता था। कच्चे घर की टपकती छत और कमजोर दीवारों के कारण बच्चों की पढ़ाई और परिवार की सुरक्षा हमेशा चिंता का विषय बनी रहती थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिलने से अब उनका परिवार सुरक्षित महसूस कर रहा है और बच्चों के भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है।
इसी प्रकार लता साहू ने कहा कि पहले हर मौसम चिंता लेकर आता था, लेकिन अब पक्का घर मिलने से उनके परिवार को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का आत्मविश्वास मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार अंत्योदय की भावना के साथ कार्य कर रही है और प्रत्येक पात्र एवं जरूरतमंद परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण की योजना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और सामाजिक सम्मान सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं को सीधे आमजन तक पहुंचाया जा रहा है तथा जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। यही कारण है कि आज ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के साथ-साथ शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हो रहा है। 
प्रधानमंत्री आवास योजना ने हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाकर उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की नई दिशा दी है।
इस अवसर पर सांसद महासमुंद रूपकुमारी चौधरी, विधायक कुरूद अजय चन्द्राकर, विधायक धमतरी ओंकार साहू, महापौर रामू रोहरा, जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सार्वा सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

 


ग्रामीण अंचल की बेटी बनी प्रेरणा: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सराहा उत्कृष्ट प्रदर्शन

18-May-2026
रायपुर।  (शोर संदेश)  धमतरी जिले के छोटे से ग्राम कंडेल की बेटी कुमारी कुसुम लता बिप्रे ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प से पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। सीमित संसाधनों के बावजूद कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षा में 97.40 प्रतिशत अंक अर्जित कर प्रदेश की प्रावीण्य सूची में पांचवां स्थान प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल धमतरी जिले का गौरव बढ़ाया है, बल्कि ग्रामीण अंचल की बेटियों के लिए प्रेरणा की नई मिसाल भी प्रस्तुत की है।
सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत धमतरी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कुसुम लता को मंच पर सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने उन्हें शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया तथा आगे की पढ़ाई और तकनीकी शिक्षा में सहयोग के उद्देश्य से टैबलेट प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश की बेटियां आज शिक्षा, खेल, विज्ञान और प्रशासन सहित हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और राज्य सरकार उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से निकल रही ऐसी प्रतिभाएं विकसित छत्तीसगढ़ की नई पहचान हैं और सरकार प्रत्येक मेधावी विद्यार्थी को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कुसुम लता की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि यह ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था, परिवार के संस्कार और विद्यार्थियों की मेहनत का सकारात्मक परिणाम है। साधारण परिवार से आने वाली कुसुम लता ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मन में आगे बढ़ने का संकल्प हो, तो परिस्थितियां सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं।
कुसुम लता ने बताया कि उन्होंने नियमित अध्ययन, अनुशासन और परिवार के सहयोग के बल पर यह सफलता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से जिले के अन्य विद्यार्थियों में भी शिक्षा के प्रति नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार हुआ है। ग्रामीण अंचल की अनेक बेटियां अब उन्हें अपनी प्रेरणा के रूप में देख रही हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मेधावी छात्र-छात्राएं राज्य की अमूल्य पूंजी हैं। शासन उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल संसाधन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि कुसुम लता की उपलब्धि हजारों विद्यार्थियों को यह संदेश देती है कि सपनों की उड़ान गांवों से भी शुरू होकर नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है और प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती।
इस अवसर पर सांसद महासमुंद रूपकुमारी चौधरी, विधायक कुरूद अजय चन्द्राकर, विधायक धमतरी ओंकार साहू, महापौर रामू रोहरा, जिला पंचायत अध्यक्ष अरूण सार्वा सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिखाई संवेदनशील और जिम्मेदार प्रशासनिक कार्यशैली : ईंधन बचत, समय प्रबंधन और सुशासन का समन्वित मॉडल बनी समीक्षा बैठक

17-May-2026
रायपुर(शोर संदेश)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ स्थित सृजन सभाकक्ष में रायगढ़, जांजगीर-चांपा और कोरबा जिले के विकास कार्यों एवं प्रशासनिक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सुशासन, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और प्रशासनिक दक्षता का संतुलित स्वरूप देखने को मिला।
मुख्यमंत्री साय ने पूर्व में ही पेट्रोल-डीजल की अनावश्यक खपत कम करने, ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने और सरकारी कार्यों में तकनीक आधारित व्यवस्थाओं के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए थे। इसी के अनुरूप इस समीक्षा बैठक में जांजगीर-चांपा और कोरबा जिले के अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा गया।
बैठक में केवल संबंधित जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक भौतिक रूप से उपस्थित रहे, जबकि अन्य विभागीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इससे बड़ी संख्या में अधिकारियों के आवागमन में होने वाली पेट्रोल-डीजल की खपत को कम किया जा सका। यह पहल प्रशासनिक कार्यों में मितव्ययिता और जिम्मेदार कार्यसंस्कृति की प्रभावी मिसाल बनी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन की प्राथमिकता केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग भी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि सामूहिक उत्तरदायित्व भी है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि तकनीक का अधिकतम उपयोग कर प्रशासनिक कार्यों को और अधिक तेज, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां संभव हो, वहां वर्चुअल समीक्षा, डिजिटल मॉनिटरिंग और ऑनलाइन समन्वय को प्राथमिकता दी जाए, ताकि समय और संसाधनों दोनों की बचत सुनिश्चित हो सके।
बैठक में मुख्यमंत्री ने तीनों जिलों में संचालित विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, राजस्व मामलों के निराकरण तथा सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और मैदानी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की यह पहल प्रशासनिक कार्यशैली में संवेदनशीलता, व्यवहारिक सोच और दूरदर्शिता का उदाहरण बनकर सामने आई है। तकनीक के माध्यम से ईंधन बचत, समय प्रबंधन और सुशासन को साथ लेकर चलने का यह मॉडल शासन की नई कार्यसंस्कृति को भी रेखांकित करता है।



kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account