ब्रेकिंग न्यूज

जनप्रतिनिधि

नववर्ष पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना

01-Jan-2026
रायपुर  ( शोर संदेश ) 1 जनवरी 2026 नववर्ष के प्रथम दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कबीरधाम जिले के ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की । उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक भावना बोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।










 

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की सौजन्य भेंट

01-Jan-2026
रायपुर ( शोर संदेश ) 1 जनवरी 2026 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज नवा रायपुर, सेक्टर-24 स्थित मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं सुदृढ़ीकरण से संबंधित विषयों पर सौहार्दपूर्ण एवं रचनात्मक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री शेखावत का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें राजकीय गमछा, बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक तथा बेल मेटल से निर्मित स्मृति-चिन्ह भेंट किया। 
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल उपस्थित थे।

औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में संशोधन: छत्तीसगढ़ को निवेश का नया केंद्र बनाने की पहल

01-Jan-2026
रायपुर। ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में महत्वपूर्ण संशोधनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन संशोधनों के माध्यम से नीति को अन्य राज्यों की तुलना में और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक, स्पष्ट एवं निवेश-अनुकूल बनाया गया है। इससे राज्य में औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र के साथ-साथ रोजगार के नए अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावनाएँ सुदृढ़ हुई हैं।
मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए निर्णयों का मुख्य उद्देश्य राज्य के मूल निवासियों के लिए स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण रोजगार का सृजन सुनिश्चित करना है। इसी दृष्टि से ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा रोजगार सृजन अनुदान से संबंधित नए प्रावधान जोड़े गए हैं। अब 50 से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाले विशेष सेक्टर के उद्यम — जैसे फार्मा, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई, आईटी आदि के एमएसएमई इकाइयों को भी छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को दिए जाने वाले वेतन पर अनुदान प्राप्त होगा।
सेवा क्षेत्र के दायरे का विस्तार करते हुए, मंत्रिमंडल ने कंप्यूटर-आधारित टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ई-कॉमर्स एवं ऐप-आधारित एग्रीगेटर, तथा NABL मान्यता प्राप्त डायग्नोस्टिक लैब को भी नीति के अंतर्गत सम्मिलित किया है। इन संस्थाओं को अब औद्योगिक विकास नीति के तहत निर्धारित प्रोत्साहन एवं अनुदान का लाभ मिलेगा।
पर्यटन एवं स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास को गति देने के उद्देश्य से रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में पाँच सितारा होटलों तथा अन्य जिलों में तीन सितारा होटलों की स्थापना के लिए प्रोत्साहनात्मक संशोधन किए गए हैं। इसी प्रकार राज्य में बड़े निजी मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना को भी बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता संवर्धन के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि NIRF Ranking में शीर्ष 100 में शामिल शिक्षण संस्थानों द्वारा राज्य में परिसर स्थापित किए जाने पर उन्हें नीति के अंतर्गत विशेष अनुदान प्रदान किया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ में उच्च स्तरीय शिक्षण संस्थानों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के युवाओं को विश्व-स्तरीय शिक्षा एवं बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत ये संशोधन छत्तीसगढ़ को उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इन निर्णयों से राज्य में निवेश बढ़ने, व्यापक रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास की गति को और अधिक तेज एवं संतुलित बनाने में सहायता मिलेगी।



















 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘जशक्राफ्ट’ की जनजातीय मातृशक्ति के कौशल और आत्मनिर्भरता की सराहना की

31-Dec-2025
रायपुर,। ( शोर संदेश ) भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुमला (झारखंड) में आयोजित अंतर्राज्यीय जन-सांस्कृतिक समागम ‘कार्तिक जतरा’ कार्यक्रम में जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों से जुड़ी जनजातीय महिलाओं के कार्यों, कौशल और आत्मनिर्भरता की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा तैयार किए जा रहे आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद महिला सशक्तिकरण के सशक्त उदाहरण हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जशपुर वनमंडल अंतर्गत वन प्रबंधन समिति शब्दमुंडा, ग्राम कोटानपानी के स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को जनजातीय सृजनशीलता, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रेरक प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास न केवल आजीविका के साधन बढ़ाते हैं, बल्कि परंपरागत कला और हस्तशिल्प को नई पहचान भी दिलाते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  कहा कि जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति, विशेषकर ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के कौशल और स्वावलंबन की प्रशंसा पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम कोटानपानी की स्व-सहायता समूह की बहनों द्वारा तैयार आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और महिलाओं की मेहनत व सृजनात्मकता के जीवंत प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का यह स्नेहपूर्ण आशीर्वाद और प्रोत्साहन जनजातीय मातृशक्ति के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प तथा “वोकल फॉर लोकल” की भावना को और अधिक सशक्त करेगा। उन्होंने जशपुर की समस्त जनजातीय बहनों की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान जनजातीय हस्तशिल्प, पारंपरिक लोककला तथा स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि दल ने जशपुर जिले की विशिष्ट शिल्प परंपरा और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर जनजातीय सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को जनजातीय समुदायों की परंपराओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। अपनी जनजातीय विरासत और पहचान को सुरक्षित रखते हुए हमारे युवाओं को आधुनिक विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनजातीय समुदाय के सभी सदस्य अपनी धरोहर को संजोए रखते हुए प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह अत्यंत सौभाग्य की बात है कि  मांझाटोली (झारखंड) में अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम - कार्तिक यात्रा  का आयोजन हुआ है। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है, बल्कि जनजातीय समाज को जोड़ने वाला सेतु भी है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए गर्व और आस्था दोनों का विषय है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण देश भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाता है।भगवान बिरसा मुंडा केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि जंगल, जल और जमीन की रक्षा के प्रतीक हैं। उनकी प्रेरणा ने आदिवासी समाज में आत्मगौरव की भावना को सशक्त किया है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंकजराज साहेब कार्तिक उरांव जैसे जननायकों ने भी शिक्षा, सामाजिक एकता और जनजातीय पहचान के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय था जब बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद ने विकास के रास्ते रोक रखे थे। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं वहां तक नहीं पहुंच पाती थीं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति के कारण अब स्थितियाँ बदल रही हैं। बस्तर में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और शासन व्यवस्था गांव-गांव तक पहुंच रही है।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। 400 से अधिक गांव नक्सली प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं और लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगी है। आज उन इलाकों में सड़क, बिजली, पानी, राशन, चिकित्सा सुविधाएं और शिक्षा के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। बस्तर के लोग लंबे समय से शांति और विकास चाहते थे, और अब उनका यह सपना धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह भी हर्ष का विषय है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का गठन संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि आज इन राज्यों की जनता अपने अलग पहचान और तेज़ी से प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि तीनों राज्यों का यह सांस्कृतिक संगम आगे भी शांति, प्रगति और समृद्धि का संदेश देता रहेगा तथा नक्सलवाद पर निर्णायक विजय का अध्याय आने वाले समय में पूरा होगा।
 

जनजातीय समाज की सेवा और संरक्षण में कल्याण आश्रम का अमूल्य योगदान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

30-Dec-2025
रायपुर, । ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि वनवासी कल्याण आश्रम का जनजातीयों की सेवा और उनके संरक्षण की दिशा में अमूल्य योगदान है। उन्होंने कहा कि आश्रम का उद्देश्य केवल सेवा करना नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की धर्म-संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करते हुए उनके सर्वांगीण विकास को गति देना है। वे आज जशपुर जिले के ग्राम दोकड़ा अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर 1 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से होने वाले 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। जिसमें 95 लाख रुपये की लागत से दोकड़ा में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के चिकित्सालय भवन, 10-10 लाख रुपए के दो आरसीसी पुलिया, 20-20 लाख रुपए दो सामुदायिक भवन एवं 20 लाख रुपए की लागत के स्वागत द्वार निर्माण कार्य शामिल हैं। 
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में आगे कहा कि दोकड़ा में वनवासी कल्याण आश्रम की शुरुआत वर्ष 1986 में एक छोटे से अस्पताल प्रकल्प के रूप में हुई थी। आश्रम से जुड़े सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने तन-मन-धन से जुड़कर क्षेत्र के लोगों की सेवा की और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हुए भूमिपूजन से बड़े और सुसज्जित अस्पताल भवन के निर्माण से अंचल के जनजातीय समाज को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा। 
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष की सभी नागरिकों को बधाई देते हुए बताया कि फरसाबहार में मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का निर्माण किया जाएगा। इसी प्रकार नर्सिंग कॉलेज और फिजियोथेरेपी कॉलेज की भी स्थापना की जाएगी, उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बगिया सिंचाई योजना प्रारंभ की जा रही है, जिससे 14 ग्रामों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं की मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार के लिए 2800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम को विधायक गोमती साय और अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री योगेश बापट ने भी सम्बोधित किया और अस्पताल भवन के लिए 95 लाख की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
 

सामाजिक आयोजनों से मजबूत होता है आपसी जुड़ाव और युवाओं को मिलती है प्रेरणा: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

30-Dec-2025
रायपुर,  । ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज विकासखंड कांसाबेल के ग्राम ढूढरूडांड में आयोजित अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज विकास समिति के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज के उत्थान हेतु समर्पित भाव से कार्य कर रहे पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए उनके योगदान को सराहा। कार्यक्रम में विधायक गोमती साय, पूर्व सांसद नन्द कुमार साय, पूर्व संसदीय सचिवभरत साय, जिला पंचायत सदस्य गेंद बिहारी सिंह, कलेक्टर रोहित व्यास विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज आपसी जुड़ाव को मजबूत करते हैं। वरिष्ठजनों एवं समाजसेवियों से युवाओं को प्रेरणा मिलती है, जिससे वे एक अच्छे नागरिक बनकर समाज और राष्ट्र की सेवा में अग्रसर होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मोदी की गारंटी को तेजी से लागू कर रही है। सरकार के गठन के साथ ही पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए। किसानों के हित में 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है। महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना के माध्यम से अब तक 70 लाख महिलाओं को 22वीं किस्त प्रदान की जा चुकी है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रति मानक बोरा 5500 रुपये का भुगतान किया जा रहा है तथा चरण पादुका का वितरण भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सभी के लिए अत्यंत आवश्यक है और छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय महत्व के आईआईटी, एम्स, आईआईआईटी, लॉ यूनिवर्सिटी सहित 15 मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा चुके हैं। युवाओं को इन संस्थानों का अधिकतम लाभ लेकर आगे बढ़ना चाहिए।    
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई उद्योग नीति के तहत राज्य को 7.83 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस नीति में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, ताकि यह वर्ग भी व्यापार एवं उद्योग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ सके। जिले में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार हेतु मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद तेजी से समाप्ति की ओर है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित एवं दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। खेलों के क्षेत्र में सन्ना में तीरंदाजी अकादमी का निर्माण करने सहित खेल मैदानों का भी विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह गौरव का विषय है कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी का अवसर छत्तीसगढ़ को मिला है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं विधायक गोमती साय ने कहा कि समाज के उत्थान के लिए युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं के साथ ही उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त एवं सुसंस्कृत नागरिक बनाने पर भी जोर देना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी  कौशल्या साय ने कहा कि समाज को सभी क्षेत्रों में मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को समर्पण भाव से कार्य करना होगा। यदि समाज के बुजुर्ग एवं जागरूक नागरिक संकल्प लें, तो समाज के साथ-साथ देश भी तेजी से प्रगति करेगा। कार्यक्रम में अखिल भारतीय कंवर समाज के महासचिव  अशोक पैंकरा, अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज उत्तरी क्षेत्र-ढूढरूडांड के अध्यक्ष विष्णु प्रसाद साय, सचिव राजेश पैंकरा, कोषाध्यक्ष गुलसागर साय सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 40.25 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण व भूमिपूजन

30-Dec-2025
रायपुर,  । ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज विकासखंड कांसाबेल के ग्राम ढुढरुडांड में आयोजित अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज विकास समिति के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में 40.25 करोड़ रूपए लागत के 18 विकासकार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 13.56 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित 9 विकासकार्यों  का लोकार्पण और 26.68 करोड़ 68 रुपए लागत के 9 विकासकार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इस अवसर पर विधायक गोमती साय, पूर्व सांसद नन्द कुमार साय, पूर्व संसदीय सचिव भरत साय, जिला पंचायत सदस्य गेंद बिहारी सिंह सहित कंवर समाज के पदाधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री साय ने पत्थलगांव विकासखण्ड में जिन नवनिर्मित कार्यों का भूमिपूजन किया उनमें 2.71 करोड़ रूपए लागत से ग्राम आमाटोली में 100 सीटर बालक छात्रावास भवन, 3.04 करोड़ रुपए लागत से ग्राम पंचायत पंगसुवा दर्रापारा तक सड़क, 2.35 करोड़ रुपए लागत से सराईटोला से बरपारा पहुंच मार्ग, 3.06 करोड़ लागत से पालीडीह बस्ती से लाखझार तक सड़क, 6.34 करोड़ लागत से कर्राजोर से होते हुए बरपारा, धनुपारा से काडरो पहुंच मार्ग, 2.73 करोड़ रुपए लागत से बंधनपुर से छातासराई तक पहुंच मार्ग, 2.16 करोड़ रुपए लागत से सूरजगढ़ के मिडिल स्कूल पक्की सड़क से लुडेग गौठान तक पहुंच मार्ग, 2.01 करोड़ लागत के तिलडेगा अटल चौक से आमाकानी पहुंच मार्ग और 2.25 करोड़ रुपए लागत से एस.टी.पी. निर्माण कार्य शामिल है।
इसी तरह जिन नवनिर्मित कार्यों का लोकार्पण किया उनमें विकासखण्ड कांसाबेल में 2.63 करोड़ रुपए लागत से कांसाबेल के कोरंगा बस्ती से ग्यारटोली पहुंच मार्ग, 1.07 करोड़ रुपए लागत से छुरीटोली से अलंगीझार पहुंच मार्ग, 1.97 करोड़ रुपए लागत से करंजटोली डाड़ीडिपा होते हुए चक्रधर नगर पहुंच मार्ग, 1.72 करोड़ रुपए की लागत से कोरंगा बस्ती से खैरवारटोली पहुंच मार्ग, 4.28 करोड़ रुपए की लागत से मुसकुटी से मुख्य मार्ग पहुंच मार्ग, 3 करोड़ रुपए की लागत से करंजटोली-रजौटी पहुचं मार्ग 1.23 करोड़ रुपए की लागत से घोघरा के चौक से फरसाटोली मेन रोड पहुंचमार्ग, 10 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड, नक्टीमुंडा और 54.01 लाख रुपए की लागत से पत्थलगांव में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), कार्यालय भवन शामिल है।





 

बाबा गुरु घासीदास का संदेश आज भी देश-दुनिया के लिए प्रासंगिक: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

29-Dec-2025
रायपुर, । ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास का “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश संपूर्ण मानव समाज, देश और दुनिया के लिए आज भी प्रासंगिक है, जो सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का मार्ग दिखाता है। मुख्यमंत्री आज बेमेतरा जिले में आयोजित गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव एवं राज्य स्तरीय ओपन पंथी नृत्य प्रतियोगिता को संबोधित कर रहे थे। 
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में नवागढ़ क्षेत्र के विकास के लिए 165 करोड़ 54 लाख रूपए की लागत वाले 44 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इस मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नवनिर्मित लगभग 950 पूर्ण आवासों का गृह प्रवेश के लिए हितग्राहियों को घर की चाबी भेंट की। उन्होंने बेमेतरा जिले में सिंचाई परियोजनाओं के विस्तार के लिए 40 करोड़ रुपये, नवागढ़ की 10 ग्राम पंचायतों को सीसी रोड निर्माण के लिए 5-5 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में बनाएं गए नवनिर्मित अटल परिसर का लोकार्पण तथा उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने नवागढ़ के जैतखाम में विधिवत श्वेत ध्वज चढ़ाया और वहां 12 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले सतनाम मंदिर के निर्माण हेतु भूमिपूजन भी किया। 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु घासीदास ने समाज में व्याप्त जाति-पाति, ऊँच-नीच, छुआछूत और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने का कार्य किया। उन्होंने सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाते हुए मानवता को एक सूत्र में बाँधने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उनके संदेशों के अनुरूप जनता के हित में अनेक क्रांतिकारी और जनकल्याणकारी योजनाएँ संचालित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में धान खरीदी, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना तथा आवासहीन परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना प्रदेश के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, सुशासन, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनकल्याण को समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि अटल जी केवल एक महान नेता ही नहीं, बल्कि विचार, संवेदना और समर्पण के प्रतीक थे।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि गिरौदपुरी में निर्मित दुनिया का सबसे ऊँचा जैतखाम आज वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन चुका है, जहाँ देश-विदेश से पर्यटक बाबा के जीवन दर्शन के लिए आते हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव सामाजिक एकता का प्रतीक है। इस अवसर पर गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव एवं राज्य स्तरीय ओपन पंथी नृत्य प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। विभिन्न विभागों द्वारा जन कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित लगाई गई प्रदर्शनी में उन्होंने लाभार्थी हितग्राहियों को सामग्री एवं राशि का वितरण किया। कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री दीपेश साहू, ईश्वर साहू, अनुज शर्मा, पुन्नूलाल मोहले सहित अनेक जन प्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या ग्रामीणजन उपस्थित थे।
 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरगुजा संभागीय पेंशनर सम्मेलन में हुए शामिल

29-Dec-2025
रायपुर,। ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पेंशनर्स समाज की धरोहर हैं, जिन्होंने अपने सेवाकाल में शासन-प्रशासन की नींव को सुदृढ़ किया और आज राज्य के विकास में अपना योगदान दे रहे है। प्रशासनिक व्यवस्था के सुचारू संचालन में पेंशनरों का अनुभव बहुत महत्वपूर्ण है। उनकी कर्तव्यनिष्ठ सेवा के कारण ही प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू रूप से जारी है। मुख्यमंत्री आज पमशाला में आयोजित सरगुजा संभागीय पेंशनर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के वक्त जिन शासकीय सेवकों ने कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हुए राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, वे आज भले ही सेवानिवृत हो चुके है लेकिन उनका अनुभव और मार्गदर्शन नए अधिकारियों के लिए हमेशा काम आएगा। सम्मेलन में मुख्यमंत्री साय ने 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पेंशनरों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने पूर्व सरगुजा कमिश्नर रिटायर्ड आईएएस महेश्वर साय पैंकरा द्वारा लिखित किताब करमडार एवं अन्य कथनी तथा महुवा के फूल का विमोचन किया। उन्होंने पेंशनर संघ की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राधा-कृष्ण मंदिर में दर्शन व पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। 
इस अवसर पर प्रांताध्यक्ष डॉ डीपी मनहर ने कहा कि मुख्यमंत्री साय पेंशनर संघ सम्मलेन में शामिल होने वाले पहले मुख्यमंत्री है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, पूर्व विधायक भरत साय, पेंशनर संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ डीपी मनहर, बड़ी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित रहे।

 


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फरसाबहार, कुनकुरी और मनोरा में पोषण पुनर्वास केंद्रों का किया शुभारंभ

29-Dec-2025
रायपुर। ( शोर संदेश )  सीएचसी फरसाबहार में निर्माणाधीन सत्य साईं मातृत्व-शिशु चिकित्सालय का किया मुआयनामुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाबहार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान फरसाबहार के साथ-साथ कुनकुरी एवं मनोरा में स्थापित किए गए पोषण पुनर्वास केंद्रों का शुभारंभ किया। इन तीनों पुनर्वास केंद्रों को 10-10 बिस्तरों की सुविधा के साथ प्रारंभ किया गया है। इनके शुभारंभ के साथ ही जशपुर जिले में पोषण पुनर्वास केंद्रों की संख्या 6 हो गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कुपोषित बच्चों की माताओं से बच्चों के स्वास्थ्य और उनके ईलाज के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री इस मौके पर बच्चों के लिए पोषण कीट के साथ खिलौने भी प्रदान किए।
मुख्यमंत्री ने सीएचसी फरसाबहार में निर्माणाधीन सत्य साईं मातृत्व शिशु चिकित्सालय का मुआयना किया। यह हॉस्पिटल मुख्यमंत्री साय के विशेष प्रयासों से बन रहा है, इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध हो सकेंगी। इसमें नवजात शिशुओं एवं बच्चों के उपचार के साथ-साथ गर्भवती माताओं के लिए भी ऑपरेशन सहित सभी आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएँ विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएँगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में जिले में मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज का निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कमिश्नर नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।



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