ब्रेकिंग न्यूज

जनप्रतिनिधि

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आबकारी विभाग की डिजिटल क्रांति

15-Jan-2026
रायपुर, ।  ( शोर संदेश ) पारदर्शिता किसी मजबूत व्यवस्था की बुनियादी जरुरत होती है । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने ई-सर्विस को अपनाया । इस डिजिटल पहल ने बॉटलिंग से लेकर डिलीवरी तक की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बना दिया।
आबकारी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार ई-चालान, सिंगल विंडो लॉग इन सिस्टम, यूजर रजिस्ट्रेशन, रियल टाइम कैश कलेक्शन इनफार्मेशन, सेंट्रल विडियो, मोनिटरी सिस्टम पूरी तरह से पारदर्शी है । इसी तरह एनओसी परमिट इशू सिस्टम, ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम, आधार इनेबल्ड बायो-मेट्रिक अटेंडेंस, और टोल-फ्री शिकायत सुविधा इन आधुनिक ऑनलाइन तकनीकों ने आबकारी विभाग को नई दक्षता और विश्वसनीयता दी है ।
पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित व्यवस्था का परिणाम है कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण और राज्य के राजस्व में सतत वृद्धि करना। इस चालू वित्तीय वर्ष में 12 हज़ार करोड़ रुपये के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, दिसंबर माह तक ही 10.50 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ 7 हजार 851 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार के सुशासन के लक्ष्यों को साकार करने के लिए कृत संकल्पित, छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बैठकों व नीति-निर्णय के दृश्य, आधुनिक वीडियो कंट्रोल रूम, कंप्यूटर स्क्रीन पर डिजिटल डैशबोर्ड व लाइव डेटा का संग्रहण किया जाता है l इसी प्रकार QR कोड, मोबाइल स्कैनिंग, GPS आधारित ट्रक ट्रैकिंग, बोतलों पर यूनिक कोड, डिलीवरी की डिजिटल पुष्टि, आधुनिक आउटलेट, सुव्यवस्थित, तकनीक-आधारित कार्यप्रवाह के माध्यम से किया जा रहा है ।








 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से वीर शहीद दीपक भारद्वाज स्मृति समिति की सौजन्य मुलाकात

15-Jan-2026
रायपुर, ।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में कीर्ति चक्र विजेता वीर शहीद दीपक भारद्वाज स्मृति समिति के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को वीर अमर शहीद दीपक भारद्वाज की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री साय ने वीर शहीद दीपक भारद्वाज के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन और कर्तव्यनिष्ठा देश एवं प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि शहीदों का सम्मान करना और उनके बलिदान को सदैव स्मरण रखना हम सभी का कर्तव्य है।
उल्लेखनीय है कि 3 अप्रैल 2021 को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले अंतर्गत तर्रेम थाना क्षेत्र के टेकलगुड़ा में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में 22 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। इनमें सब-इंस्पेक्टर पुलिस दीपक भारद्वाज भी शामिल थे, जिन्होंने अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
शहीद दीपक भारद्वाज के असाधारण पराक्रम और बलिदान को सम्मानित करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के प्रस्ताव पर भारत सरकार द्वारा उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। 9 मई 2023 को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। वीर शहीद दीपक भारद्वाज की प्रतिमा सक्ती जिले के शासकीय वेदराम महाविद्यालय, मालखरौदा (पिहरीद) के समक्ष स्थापित की गई है। 
इस अवसर पर शहीद दीपक भारद्वाज के पिता राधेलाल भारद्वाज, मालखरौदा जनपद अध्यक्ष कवि वर्मा, निर्मल सिन्हा, लालू गबेल, जगदीश चंद्रा एवं प्रतिनिधिमंडल उपस्थित  थे।

खरोरा को मिली विकास की सौगात: समोदा बैराज, बायपास रोड और गौरव पथ की घोषणा

14-Jan-2026
रायपुर, ।  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर जिले के खरोरा में आयोजित सीएम ट्रॉफी ऑल इंडिया फुटबॉल चैंपियनशिप के भव्य समापन समारोह के अवसर पर क्षेत्रवासियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। मुख्यमंत्री साय ने समोदा बैराज के निर्माण कार्य में तेजी लाने, खरोरा में बायपास रोड तथा गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जोहार संगवारी फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा आयोजित सीएम ट्रॉफी के पांचवें संस्करण में शामिल होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि खरोरा जैसे क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन का होना गर्व की बात है, इससे स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आई टीमों का स्वागत किया तथा छत्तीसगढ़ के नारायणपुर स्थित रामकृष्ण मिशन की टीम को विजेता बनने पर बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रामकृष्ण मिशन द्वारा सामाजिक, शैक्षणिक एवं खेल विकास के क्षेत्र में किया जा रहा कार्य सराहनीय है। उन्होंने फाइनल मुकाबले में उपविजेता रही पीएफसी केरल की टीम को भी भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और निरंतर अभ्यास करते रहने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि धरसीवां विधानसभा क्षेत्र में पिछले दो वर्षों में लगभग 400 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए गए हैं। उन्होंने इसके लिए विधायक अनुज शर्मा के सक्रिय प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार बनते ही बंद पड़े खेल अलंकरण समारोह को पुनः प्रारंभ किया गया है। गांव-गांव से खेल प्रतिभाओं को निखारने का कार्य किया जा रहा है तथा ‘खेलो इंडिया’ योजना के अंतर्गत आवश्यकतानुसार खेल मैदानों का निर्माण कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर ओलंपिक की शुरुआत पिछले वर्ष की गई थी, जिसमें दो वर्षों के भीतर प्रतिभागियों की संख्या दोगुनी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों का आयोजन हो रहा है तथा छत्तीसगढ़ में आईपीएल के दो मैच आयोजित किए जाने की चर्चा हो रही है। 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने विजेता एवं उपविजेता दोनों टीमों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जो टीमें इस बार पीछे रह गई हैं, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। निरंतर परिश्रम और समर्पण से सफलता अवश्य प्राप्त होती है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा पिछले दो वर्षों में संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने का संकल्प सभी का है।
विधायक अनुज शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह सीएम ट्रॉफी का पांचवां संस्करण है और इसे अब स्थायी रूप से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम से आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ देश में सबसे तेजी से अपना घोषणा पत्र पूरा करने वाला राज्य बन रहा है। खेल अलंकरण की पुनः शुरुआत, बस्तर ओलंपिक तथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में लगातार अंतरराष्ट्रीय मैचों का आयोजन इसके प्रमाण हैं।
कार्यक्रम में विजेता खिलाड़ियों को एक लाख की राशि एवं सीएम ट्रॉफी प्रदान की गई। साथ ही अन्य खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।












 

राजधानी रायपुर के सर्वांगीण विकास को लेकर सरकार प्रतिबद्ध: सीएम साय

14-Jan-2026
रायपुर, ।  ( शोर संदेश ) रायपुर शहर के विकास में धन की कोई कमी आड़े नहीं आएगी। राज्य सरकार जनादेश और जनभावना के अनुरूप रायपुर को मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहाँ सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं की आधुनिक और सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव  साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में रायपुर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नगरीय निकायों को अधोसंरचना विकास के लिए पूर्व की तुलना में ढाई गुना अधिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे राजधानी क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध विकास कार्य संभव हो सके।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण रायपुर में यातायात, आवास, जल आपूर्ति और सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर ठोस और व्यावहारिक योजना बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है, ताकि शहर की जरूरतों को आने वाले दशकों तक पूरा किया जा सके।
मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि रायपुर का समग्र विकास तभी संभव है जब नगर निगम, रेलवे और लोक निर्माण विभाग आपसी समन्वय के साथ योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा बताए गए जमीनी मुद्दों और आवश्यकताओं को प्राथमिकता के साथ कार्ययोजनाओं में शामिल किया जाए।
बैठक में शहर के ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति, प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिक्रमण, निगम द्वारा निर्मित व्यवसायिक परिसरों में खाली दुकानों के पुनः विक्रय, स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण तथा मेकाहारा मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं के उन्नयन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके साथ ही सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने, पेयजल आपूर्ति, जल शोधन संयंत्रों, सीवरेज नेटवर्क, खेल मैदानों के संरक्षण तथा झुग्गी-झोपड़ी पुनर्विकास योजनाओं की प्रगति की भी गहन समीक्षा की गई, ताकि शहरी जीवन की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार लाया जा सके।
मुख्यमंत्री साय ने भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अंडरग्राउंड विद्युत लाइनें, नए सड़क मार्ग, फ्लाईओवर, सार्वजनिक भवनों तथा स्टेडियमों के निर्माण जैसे प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स के सम्बन्ध में भी निर्देश दिए। 
मुख्यमंत्री साय ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र मुख्य सचिव कार्यालय को भेजे जाएँ और बुनियादी अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए, ताकि रायपुर को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और नागरिक-अनुकूल राजधानी के रूप में विकसित किया जा सके।
बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, वित्त ओ.पी. चौधरी एवं कौशल उन्नयन मंत्री खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी सहित पुरंदर मिश्रा, राजेश मूणत, मोतीलाल साहू,अनुज शर्मा,इंद्र कुमार साहू, रायपुर महापौर मीनल चौबे, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह तथा वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।




 

स्वरोजगार से जुड़ेगा जनजातीय समाज, पलायन पर लगेगी रोक – मुख्यमंत्री साय

13-Jan-2026
रायपुर , ( शोर संदेश )    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित सांसद संकुल विकास परियोजना की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय विकास को सांसद संकुल विकास परियोजना से गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि योजना के तहत लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने महत्वपूर्ण पहल की जा रही है, इससे जनजातीय क्षेत्रों से पलायन पर रोक लगेगी। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने लगातार प्रयास किया जा रहा है। सांसद संकुल विकास परियोजना के तहत गांवों के क्लस्टर बना कर विकास का मॉडल विकसित किया जा रहा है, जिसका सीधा लाभ लोगों को मिल रहा है। स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग द्वारा लोगों का कौशल विकास कर उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाना ही योजना का उद्देश्य है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य को धान का कटोरा कहा जाता है। हमारे यहां धान की कई किस्में हैं जिनके निर्यात की बड़ी संभावना है। कृषि के साथ ही मत्स्य पालन, बकरी पालन, गौ पालन, शूकर पालन से ग्रामीणों को जोड़ कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है। हमारे जनजातीय लोग महुआ, इमली, चिरौंजी आदि वनोपज का पुश्तैनी रूप से उत्पादन करते आ रहे हैं, इनका वैल्यू एडिशन कर मार्केट से जोड़ा जा रहा है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य की नई उद्योग नीति में भी अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सांसद संकुल विकास परियोजना से जुड़े जनप्रतिनिधि और विकास सहयोगी सुनिश्चित करें कि जनजातीय क्षेत्रों में नई उद्योग नीति के लाभ भी मिलें। सांसद संकुल विकास परियोजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए नोडल अधिकारियों की भी नियुक्ति की जाएगी। 
बैठक में वी सतीश ने सांसद संकुल विकास परियोजना की परिकल्पना और लक्ष्य से जुड़े बिंदुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों में लोगों को स्वरोजगार से जोड़कर पलायन रोकने की दिशा में योजना के तहत महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। इस योजना के तहत गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे जनजातीय बहुल राज्यों में आमजन, एनजीओ, जनप्रतिनिधि और सरकार के समन्वित प्रयास से समग्र विकास किया जा रहा है। 
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि विभिन्न विभागों से जुड़े शासकीय अधिकारी भी संकुल से जुड़े गांवों के विकास में अपनी भूमिका का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें। स्थानीय जरूरतों की बेहतर समझ से कौशल विकास कर लोगों को स्थाई रोजगार के अवसर प्रदान किए जा सकते हैं। 
बैठक में रायगढ़ के लैलूंगा संकुल, सरगुजा के परशुरामपुर संकुल, बस्तर के बकावंड संकुल, बलरामपुर के माता राजमोहिनी देवी संकुल और केशकाल के धनोरा संकुल में योजना के तहत किए गए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी गई। 
इस अवसर पर सांसद भोजराज नाग, चिंतामणि महाराज,  राधेश्याम राठिया, देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक रेणुका सिंह,  गोमती साय, प्रसाद इंडेप, कपिल सहस्त्रबुद्धे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी व गणमान्यजन उपस्थित थे।
 

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊँचाइयों पर – मुख्यमंत्री साय

13-Jan-2026
रायपुर ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बालोद जिले के नगर पंचायत मुख्यालय गुण्डरदेही में 233 करोड़ रुपये की लागत से 103 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इसमें ₹163.88 करोड़ के 61 कार्यों का भूमिपूजन तथा ₹69.82 करोड़ के 42 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुण्डरदेही में एक सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के लिए ₹1 करोड़ तथा प्रत्येक वार्ड में विकास कार्यों हेतु ₹1 करोड़ की घोषणा भी की। 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज जिन विकास कार्यों का लोकार्पण शिलान्यास किया गया है, वे सिर्फ इमारतें नहीं, बल्कि अवसरों के नए द्वार हैं। उन्होंने कहा कि ₹1 करोड़ की लागत से बनने वाले व्यावसायिक परिसर से युवाओं को स्वरोजगार और व्यापार के नए अवसर मिलेंगे, वहीं सड़क, पुल एवं अधोसंरचना के निर्माण से आवागमन सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार हर वर्ग के समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है, तेंदूपत्ता संग्राहकों को उच्चतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है, और चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ कर आदिवासी श्रमिकों को राहत पहुंचाई जा रही है। वनोपज के मूल्य संवर्धन से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि रामलला दर्शन योजना से आमजन को देश की संस्कृति और विरासत से जोड़ा जा रहा है। वहीं प्रभावी पुनर्वास नीति के चलते नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति लौट रही है और बस्तर अंचल में विकास की नई रोशनी फैल रही है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जा रहा है। स्वामी विवेकानंद जी के विचार आज भी युवाओं को आत्मबल, राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस वर्ष अपनी रजत जयंती मना रहा है और इस अवसर पर रायपुर में डिजिटल आदिवासी संग्रहालय का निर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक विशेष सौगात है, जहां आदिवासी नायकों की गौरवगाथा सहेजी गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को विकास के नए आयामों तक ले जाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
इस अवसर पर सांसद भोजराज नाग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि बस्तर, जो कभी लाल आतंक के लिए जाना जाता था, अब शांति, प्रगति और समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ रहा है और इससे आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय का स्थानीय व्यापारियों द्वारा लड्डुओं से तौलकर अभिनंदन किया गया। उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को सामग्री एवं प्रमाण पत्र वितरित किए।कलेक्टरदिव्या उमेश मिश्रा ने जिले की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन ने स्वागत उद्बोधन में नगर की विकास आवश्यकताओं की जानकारी दी। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।








 

स्काउट एक जीवन पद्धति है, जो चुनौतियों से जूझना सिखाती है – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

13-Jan-2026
रायपुर ( शोर संदेश )   स्काउट जीवन जीने की एक पद्धति है, जो व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी आत्मनिर्भर बनना, टीम भावना से कार्य करना और समाज के लिए समर्पित रहना सिखाती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के भव्य समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने देश के विभिन्न राज्यों से पधारे रोवर-रेंजरों एवं स्काउट-गाइड्स का भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता शबरी की तपोभूमि छत्तीसगढ़ में आत्मीय अभिनंदन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह जंबूरी केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की विविधता में एकता का जीवंत उत्सव है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश में पहली बार इस स्तर की राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आयोजन होना और उसके लिए छत्तीसगढ़ का चयन होना पूरे राज्य के लिए गौरव की बात है। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के रोवर-रेंजरों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, झांकियों और गतिविधियों के माध्यम से भारत की समृद्ध विविधता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा ही राज्य और देश का भविष्य हैं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के प्रेरक वाक्य –"उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए" – का उल्लेख करते हुए युवाओं को आत्मविश्वास और संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड संगठन द्वारा सिखाए गए अनुशासन, सेवा-भाव, नेतृत्व और टीमवर्क जैसे मूल्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री ने कोरोना काल में स्काउट-गाइड्स द्वारा किए गए सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने समाज को जागरूक और सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत उपस्थित युवाओं को शपथ भी दिलाई।
09 से 13 जनवरी तक आयोजित इस पांच दिवसीय जंबूरी में देश-विदेश से 15 हजार से अधिक रोवर-रेंजरों ने भाग लिया। समापन समारोह के दौरान देशभर से आए प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को भारतीय कला, संस्कृति और सौहार्द से सराबोर कर दिया। विशाल जनसैलाब की उपस्थिति ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
स्कूल शिक्षा मंत्री एवं स्काउट-गाइड के राज्य अध्यक्ष गजेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के मार्गदर्शन में यह राष्ट्रीय जंबूरी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि जंबूरी के दौरान युवा संसद, कौशल प्रदर्शन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आदिवासी एथनिक फैशन शो जैसे कार्यक्रमों ने युवाओं को नई दृष्टि और मंच प्रदान किया।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री यादव को राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल द्वारा सिल्वर एलीफेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
भारतीय स्काउट-गाइड के राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल ने कहा कि स्काउटिंग का मूल मंत्र है –“अपने कार्यों से दूसरों का भला करना।” उन्होंने कहा कि परंपरा और आधुनिकता का संतुलन तथा सेवा-भाव ही एक सशक्त और विकसित राष्ट्र की नींव रखता है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
 

महर्षि महेश योगी के आध्यात्मिक योगदान को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया नमन

12-Jan-2026
रायपुर, ।  ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महर्षि महेश योगी की जयंती (12 जनवरी) के अवसर पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि वे विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु, दार्शनिक एवं योगाचार्य थे, जिन्होंने भावातीत ध्यान (ट्रान्सेंडेंटल मेडिटेशन) के माध्यम से भारत की प्राचीन वैदिक चेतना को वैश्विक पहचान दिलाई।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन भूमि राजिम के समीप पांडुका ग्राम में जन्मे महर्षि महेश योगी ने भारतीय अध्यात्म को आधुनिक विज्ञान और वैश्विक संवाद से जोड़ते हुए मानव कल्याण का एक नया मार्ग प्रशस्त किया। उनका संपूर्ण जीवन साधना, अनुशासन और मानवता की सेवा को समर्पित रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि महेश योगी का यह संदेश कि  मनुष्य के भीतर असीम ऊर्जा, ज्ञान एवं संभावनाएँ निहित हैं, आज के तनावपूर्ण और प्रतिस्पर्धात्मक युग में अत्यंत प्रासंगिक है। उनकी शिक्षाएँ आत्मबोध, मानसिक शांति और संतुलित जीवनशैली के लिए समाज को निरंतर प्रेरित करती हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महर्षि महेश योगी द्वारा स्थापित संस्थाएँ, वैदिक विश्वविद्यालय, ध्यान केंद्र और आयुर्वेदिक परंपराएँ शिक्षा, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक जागरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। उनके विचारों से प्रेरित होकर विश्वभर में लाखों लोग मानवता, शांति और समरसता के लिए कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि महर्षि महेश योगी की दिव्य शिक्षाएँ आने वाली पीढ़ियों को आत्मविकास, आंतरिक शांति और वैश्विक सद्भाव के मार्ग पर निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करती रहेंगी।

 

कर्मचारियों की मेहनत, निष्ठा और अनुशासन से ही धरातल पर साकार होती हैं शासन की नीतियां : मुख्यमंत्री साय

12-Jan-2026
रायपुर, ।  ( शोर संदेश )   कर्मचारी शासन-प्रशासन की रीढ़ होते हैं और उनकी ईमानदारी, कर्मठता तथा संवेदनशीलता से ही सरकार की योजनाएं, नीतियां और निर्णय वास्तविक रूप में धरातल पर उतरते हैं। छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक ढांचा आप सभी की मेहनत, निष्ठा और अनुशासन के कारण ही प्रभावी ढंग से कार्य कर पा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिक्षा संस्थान परिसर में राज्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित त्रैवार्षिक अष्टम प्रदेश अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़ाकर केंद्र सरकार के समान 58 प्रतिशत किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच यह निर्णय कर्मचारियों को वास्तविक राहत प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार की कर्मचारी-हितैषी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री साय ने अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि यह अधिवेशन  संगठनात्मक विचार-विमर्श के साथ ही सुशासन के संकल्प को सुदृढ़ करने का एक सशक्त अवसर है। जब सरकार और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं, तभी विकास का मार्ग प्रशस्त होता है और शासन व्यवस्था अधिक सशक्त बनती है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार ने कर्मचारियों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। स्थानांतरण नीति, पदोन्नति प्रक्रिया और कार्यस्थल संबंधी व्यवस्थाओं में सुधार कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सुचारु और कर्मचारी-अनुकूल बनाया गया है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के गठन से जन-विश्वास आधारित शासन तंत्र को और मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के समयबद्ध भुगतान पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। छत्तीसगढ़ पेंशन फंड की स्थापना कर तथा पेंशन फंड विधेयक को विधानसभा से पारित कर राज्य ने इस दिशा में एक मजबूत विधायी आधार भी प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस, ऑनलाइन सेवाओं और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से कर्मचारियों की कार्यक्षमता को सशक्त बनाया गया है, वहीं प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रमों के जरिए उन्हें बदलते समय के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। एक समय नक्सलवाद प्रदेश के लिए बड़ी चुनौती था, लेकिन हमारे सुरक्षा बलों ने अद्वितीय साहस और पराक्रम से इसका डटकर मुकाबला किया है। उन्होंने मंच से सुरक्षा बलों की वीरता को नमन करते हुए कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए बेहतर और मानवीय पुनर्वास नीति लागू की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बस्तर क्षेत्र में शांति व्यवस्था तेजी से स्थापित हो रही है और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से सुदूर वनांचलों तक बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप राज्य सरकार ने भी ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ तैयार कर प्रदेश के विकास को नई दिशा और गति दी है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष गौरव कुमार सोनी, महामंत्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अरूण तिवारी, प्रदेश महामंत्री अश्वनी चेलक तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित थे।





 

गुड गवर्नेंस कागजों में नहीं, जनता के जीवन में दिखना चाहिए: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

11-Jan-2026
रायपुर, ।  ( शोर संदेश ) गुड गवर्नेंस कागजों पर नहीं, बल्कि जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और अधिकारियों के काम-काज में दिखना चाहिए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  राजधानी नवा रायपुर में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 कार्यक्रम को सम्बोधित करतेभुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 में  सुशासन एवं नवाचारों के लिए 5 विभागों एवं 5 जिलों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने ई-प्रगति पोर्टल का भी शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से अब छत्तीसगढ़ के सभी विभागों के 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की निगरानी की जाएगी। इस पोर्टल के माध्यम से निर्माण की मंजूरी से लेकर बजट, मजदूरी, भुगतान, एमआईएस, स्ट्रक्चर लेवल सहित सभी पहलुओं की मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मॉनिटरिंग की जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गुड गवर्नेंस का उद्देश्य यह है कि समाज के अंतिम व्यक्ति को बुनियादी सेवाओं के लिए भटकना न पड़े। पंचायतों में शुरू किए गए अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को आधार, पेंशन, बैंकिंग और बिल भुगतान जैसी सुविधाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं। हमारी सरकार ने तकनीकी नवाचारों के माध्यम से नागरिकों तक सुशासन की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने के लिए अनेक पहल की हैं। इसी क्रम में आज ई-प्रगति पोर्टल का शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य की वृहद परियोजनाओं एवं योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। इस पोर्टल से योजनाओं की प्रगति का डेटा रियल-टाइम में उपलब्ध होगा। सभी विभागों, जिला प्रशासन तथा मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे राज्य में ई-गवर्नेंस को और मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को योजनाओं का लाभ समय पर और सहज रूप से प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने सभी कलेक्टरों, सचिवों एवं संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति को नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद, श्रद्धेय अटल जी की अंत्योदय की अवधारणा और यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व से हमने सुशासन को गहराई से समझा है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने देश का पहला सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया है, जो सभी योजनाओं के समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन का केंद्र है। पिछले दो वर्षों में हमने 400 से अधिक नीतिगत सुधार किए, पुराने अनुपयोगी नियम-कानून समाप्त किए और कई में संशोधन किए। इन सुधारों से प्रदेशवासियों का जीवन सरल हुआ और प्रशासन अधिक कुशल बना। आज मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के माध्यम से 5 जिलों और 5 विभागों के नवाचारी प्रयासों को सम्मानित किया गया है। इससे अच्छा कार्य करने वाले अधिकारी प्रोत्साहित होंगे। आगामी वर्ष से 8 अलग-अलग क्षेत्रों में यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा, जिनमें ई-गवर्नेंस, सेवा वितरण, ग्रामीण और शहरी विकास जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। इससे स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में नवाचार और सुशासन की एक सशक्त संस्कृति विकसित हो रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए “पहल” और “प्रेरणा” योजनाएँ प्रारंभ की जा रही हैं। “पहल” से नए विचारों को सहयोग मिलेगा और “प्रेरणा” से सफल योजनाओं का विस्तार होगा। शीघ्र ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन भी प्रारंभ की जाएगी, जिससे शिकायत निवारण और जनभागीदारी मजबूत होगी। सेवाओं की उपलब्धता बेहतर बनाने के लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया जा रहा है और लोक सेवा गारंटी अधिनियम को LSG-2.0 के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बदलते दौर में तकनीक जीवनशैली का हिस्सा बन चुकी है। इसलिए हमने डिजिटल संसाधनों की शक्ति को पहचानते हुए तकनीक को सुशासन का प्रमुख हथियार बनाया है। सभी नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ई-ऑफिस ने सरकारी कामकाज में गति और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित की हैं। अब फाइलें हफ्तों-महीनों नहीं, बल्कि एक क्लिक पर आगे बढ़ती हैं। इससे कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो रही है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है। ई-ऑफिस मंत्रालय से प्रारंभ हुआ था और अब विभागाध्यक्ष कार्यालयों में भी लागू हो चुका है। आगामी कुछ महीनों में इसे सभी संभागों और जिलों में भी लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुख्य सचिव विकास शील द्वारा ई-ऑफिस में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जाना एक सराहनीय पहल है, जिससे कार्यसंस्कृति में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। बायोमेट्रिक उपस्थिति को भी चरणबद्ध तरीके से सभी कार्यालयों में लागू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है, जिसके पीछे सुशासन सबसे बड़ा कारक है। डिजिटल भुगतान में भारत का विश्व में अग्रणी स्थान भी गुड गवर्नेंस का ही परिणाम है।
उन्होंने कहा कि खनिज परिवहन की परमिट व्यवस्था को ऑनलाइन किया गया है, जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगी है और विकास कार्यों के लिए संसाधनों की सुरक्षा हुई है। इसी तरह शासकीय खरीदी को जेम पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। उन्होंने अधिकारियों को खरीदी प्रक्रियाओं में समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रजिस्ट्री विभाग में की गई 10 क्रांतिकारी पहल से अब नागरिक घर बैठे ही रजिस्ट्री कर पा रहे हैं। नई औद्योगिक नीति के तहत पिछले वर्ष 7.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से निवेशकों को तेजी से स्वीकृति और क्लियरेंस दिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव जाकर 41 लाख आवेदनों का निराकरण किया गया। यह जनभागीदारी का सशक्त उदाहरण है।उन्होंने कहा कि सांसदों और विधायकों के पत्रों और आवेदनों का समय पर निराकरण होना चाहिए। अच्छे प्रशासन के लिए संवाद, समन्वय और फीडबैक आवश्यक हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। सरकार के निर्णयों और उपलब्धियों का सही संचार भी उतना ही जरूरी है। 
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अंजोर विजन के अंतर्गत 2030 तक के लक्ष्यों की समीक्षा कर प्रदेश को समृद्ध और विकसित राज्य बनाने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव विकास शील ने पुरस्कार प्रक्रिया में भाग लेने वाली सभी टीमों को बधाई दी। 
दंतेवाड़ा जिले की “ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण” पहल एक प्रमुख उदाहरण के रूप में सामने आई। इस नवाचार के माध्यम से मैनुअल और कागजी प्रक्रियाओं को समाप्त कर ब्लॉकचेन आधारित छेड़छाड़-रोधी प्रणाली लागू की गई, जिससे भूमि अभिलेख प्राप्त करने का समय हफ्तों से घटाकर कुछ ही मिनटों में संभव हो सका। इस पहल से दस्तावेज़ी धोखाधड़ी पूरी तरह समाप्त हुई और सेवा प्रदाय में अभूतपूर्व तेजी आई, जिसने आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में राजस्व प्रशासन के लिए एक नया मानक स्थापित किया।
जशपुर जिले की “निर्माण जशपुर” पहल ने यह दर्शाया कि एकीकृत डिजिटल मॉनिटरिंग किस प्रकार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बना सकती है। 16 विभागों की 7,300 से अधिक परियोजनाओं और 444 ग्राम पंचायतों को कवर करने वाली इस प्रणाली ने रियल-टाइम निगरानी, जियो-टैग्ड सत्यापन और GIS आधारित योजना को संभव बनाया, जिससे कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हुआ और विलंब में उल्लेखनीय कमी आई।
मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी में लागू संवर्धित टेक-होम राशन (A-THR) नवाचार ने गंभीर कुपोषण जैसी चुनौती का प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से विकसित इस पोषण-घन आहार के माध्यम से गंभीर कुपोषित बच्चों में 77.5 प्रतिशत सुधार दर दर्ज की गई। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि साक्ष्य-आधारित पोषण हस्तक्षेप बड़े पैमाने पर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
गरियाबंद जिले की “हाथी ट्रैकिंग एवं अलर्ट ऐप” ने मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने में तकनीक की भूमिका को सशक्त रूप से सामने रखा। AI आधारित ट्रैकिंग और रियल-टाइम अलर्ट व्यवस्था के माध्यम से मानव हताहतों की संख्या लगभग शून्य तक लाई गई, साथ ही फसल क्षति और मुआवजा बोझ में भी उल्लेखनीय कमी आई। राज्य के बाहर भी अपनाई जा चुकी यह पहल संघर्ष-संवेदनशील शासन का एक प्रभावी मॉडल बन चुकी है।
नारायणपुर जिले का “इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल” आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में डेटा एकीकरण की उपयोगिता को दर्शाता है। रियल-टाइम, जियो-स्पेशियल और पूर्वानुमान आधारित इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 100 से अधिक नियोजित अभियानों का संचालन संभव हुआ, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर हुआ और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में परिस्थितिजन्य जागरूकता को मजबूती मिली।
इसी तरह विभागीय श्रेणी में शिक्षा विभाग का “विद्या समीक्षा केंद्र (VSK)” डेटा-आधारित शिक्षा शासन का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा। यह AI सक्षम प्लेटफॉर्म 56,000 से अधिक विद्यालयों, 2.83 लाख शिक्षकों और 57.5 लाख विद्यार्थियों की निगरानी करता है, जिससे ड्रॉपआउट की प्रारंभिक पहचान, संसाधनों का बेहतर उपयोग और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेना संभव हो सका है।
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की “वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम” ने व्यवसाय सुगमता सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। 16 विभागों की 136 सेवाओं को एकीकृत करते हुए इस प्रणाली ने अनुमोदन, प्रोत्साहन, शिकायत निवारण और निरीक्षण प्रक्रियाओं को सरल बनाया, जिससे विलंब कम हुआ और पारदर्शिता के साथ निवेशकों का विश्वास बढ़ा।
वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग की समग्र ई-गवर्नेंस सुधार पहल ने राजस्व संग्रह और अनुपालन व्यवस्था को सुदृढ़ किया।एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण, ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली और रियल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से विभाग ने ₹5,425 करोड़ का राजस्व अर्जित किया और पारदर्शिता तथा नियामक निगरानी के नए मानक स्थापित किए।
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की “FDS 2.0 – ई-कुबेर डिजिटल भुगतान प्रणाली” ने मैनुअल चेक आधारित प्रक्रियाओं को समाप्त कर पूर्णतः कैशलेस, RBI एकीकृत भुगतान व्यवस्था लागू की। इसके माध्यम से ₹1,776 करोड़ से अधिक के 18 लाख लेन-देन पूर्ण हुए, जिससे दूरस्थ और नक्सल प्रभावित वन क्षेत्रों में भी समय पर मजदूरी भुगतान, आजीविका सुरक्षा और पारदर्शी फंड प्रवाह सुनिश्चित हुआ।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा अंतर्गत लागू QR कोड आधारित सूचना स्वप्रकटीकरण व्यवस्था ने नागरिक-केंद्रित शासन को नई मजबूती दी। QR कोड के माध्यम से ग्रामीणों को वास्तविक समय की योजना जानकारी उपलब्ध कराकर इस पहल ने मध्यस्थों पर निर्भरता कम की और 11,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता को सुदृढ़ किया।
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत ने दिया तथा धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर डीजीपी अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, एससीएस गृह मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संचालक रजत बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इन सभी नवाचारों के माध्यम से यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में शासन केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि परिणामों, प्रभाव और नागरिक विश्वास पर केंद्रित एक नई प्रशासनिक संस्कृति विकसित हो रही है। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के अंतर्गत सम्मानित ये जिले और विभाग सुशासन, पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और जनकल्याण के नए मानक स्थापित कर रहे हैं। यह उपलब्धियाँ न केवल राज्य के प्रशासनिक तंत्र की क्षमता को दर्शाती हैं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता और भविष्य के लिए स्पष्ट दृष्टि को भी सुदृढ़ करती हैं।



kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account