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जशपुर के बच्चों को मिला स्मार्ट शिक्षा का तोहफा, मुख्यमंत्री साय ने किया स्मार्ट क्लास रूम का शुभारंभ

26-Jan-2026
रायपुर,। ( शोर संदेश )  जशपुर जिले के स्कूली बच्चे अब स्मार्ट क्लास रूम के जरिए पढ़ाई करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कांसाबेल के सरस्वती शिशु मंदिर में स्मार्ट क्लास रूम का शुभारंभ किया। इस परियोजना के लिए एसईसीएल द्वारा सीएसआर मद से 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत जिले के शासकीय विद्यालयों में 206 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगे। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा को रोचक एवं प्रभावी बनाना समय की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी शहरों के समान बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में नवाचार, जिज्ञासा एवं तकनीकी दक्षता का विकास होगा, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा। इस अवसर पर कार्यक्रम में विधायक गोमती साय सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।  
अधिकारियों ने बताया कि एमओयू के तहत जशपुर जिले के चयनित शासकीय विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से इंटरएक्टिव पैनल स्थापित किए जाएंगे। इन उपकरणों के माध्यम से शिक्षक डिजिटल कंटेंट, वीडियो, प्रेजेंटेशन एवं ई-लर्निंग संसाधनों का उपयोग कर कक्षाओं को अधिक रोचक, सरल एवं प्रभावी बना सकेंगे। इस पहल से जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की पहल पर जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दृष्टिकोण से विगत माह जिला प्रशासन एसईसीएल एवं ईडूसीआईएल के मध्य त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राडा ऑटो एक्सपो-2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में हुए शामिल

22-Jan-2026
रायपुर( शोर संदेश ) । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के श्रीराम बिजनेस पार्क में रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित राडा ऑटो एक्सपो-2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर क्षेत्र में निरंतर विकास के लिए प्रयासरत है। राज्य में आम नागरिकों की परचेसिंग पावर बढ़ी है, जिसके चलते बाजारों में रौनक देखने को मिल रही है। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए लोगों से ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की।
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम के दौरान यामाहा एक्सएसआर-155, टाटा सिएरा तथा महिंद्रा 7 एक्सओ वाहनों की लॉन्चिंग की। इसके साथ ही उन्होंने “मनी मैटर्स” पुस्तक का भी विमोचन किया।
राडा ऑटो एक्सपो-2026 को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विगत दो वर्षों में राज्य के किसानों को धान का उचित मूल्य प्राप्त हो रहा है। किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का भी लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जीएसटी की दरों में किए गए सुधारों से कई वस्तुओं की कीमतों में कमी आई है, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने बताया कि विभिन्न स्थानों पर लोगों से चर्चा के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि जीएसटी दरों में कमी से बाइक की कीमत में लगभग 15 से 25 हजार रुपए तक का लाभ हो रहा है। वहीं, एक व्यक्ति ने बताया कि हार्वेस्टर की कीमत में करीब 2 लाख रुपए तक की कमी आई है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य में नई उद्योग नीति लागू की गई है, जिसकी देश-विदेश में सराहना हो रही है। पिछले एक वर्ष में लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और कई परियोजनाओं पर धरातल पर कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी उन्हें ऑटो एक्सपो में आने का अवसर मिला था, उस समय भी सरकार द्वारा रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट दी गई थी, जिसका व्यापक लाभ मिला। उस दौरान 25 हजार वाहनों की बिक्री का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन लगभग 29 हजार वाहनों का विक्रय हुआ। इससे सरकार को करीब 800 करोड़ रुपए का जीएसटी तथा परिवहन विभाग को 129 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। आम नागरिकों को भी ऑटो एक्सपो का प्रत्यक्ष लाभ मिला।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष राडा ऑटो एक्सपो का आयोजन और अधिक वृहद स्तर पर किया गया है। एक्सपो का क्षेत्रफल बढ़ाया गया है तथा इसमें 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। पूरे प्रदेश से उद्यमी और विभिन्न कंपनियां इसमें सहभागिता कर रही हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि पहले ही दिन लगभग 2000 वाहनों का पंजीयन हो चुका है और उन्हें विश्वास है कि इस वर्ष 50 हजार वाहनों की बिक्री का लक्ष्य भी अवश्य पूरा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑटो एक्सपो का आयोजन प्रतिवर्ष इसी तरह किया जाना चाहिए।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि राडा ऑटो एक्सपो का यह नौवां संस्करण केवल वाहनों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश में रोजगार सृजन और ऑटो सेक्टर की प्रगति का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा रोड टैक्स में दी जा रही 50 प्रतिशत छूट से ग्राहकों के साथ-साथ प्रदेश के छोटे और मध्यम व्यवसायियों को भी लाभ मिल रहा है। राज्य में सड़कों का निरंतर विस्तार हो रहा है, जिससे कनेक्टिविटी बढ़ी है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की बिक्री में वृद्धि हुई है। छत्तीसगढ़ में ऑटो सेक्टर लगातार आगे बढ़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि मंत्रिपरिषद द्वारा राजधानी रायपुर में 20 जनवरी से 5 फरवरी 2026 तक आयोजित 9वें ऑटो एक्सपो के दौरान बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। यह छूट एक्सपो में वाहन बिक्री के पश्चात पंजीकरण के समय लागू होगी, जिससे मोटरयान कर में एकमुश्त 50 प्रतिशत की राहत मिलेगी। इस निर्णय का लाभ पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं को मिलेगा, इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने ऑटो एक्सपो में सड़क सुरक्षा शपथ पर हस्ताक्षर किए और आमजन से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने आगामी महिला दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली नारी मैराथन के पोस्टर का भी विमोचन किया।
इस अवसर पर परिवहन सचिव एस. प्रकाश, परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर, कैट के वाइस चेयरमैन अमर परवानी, राजकुमार सिंघानिया, रविन्द्र भसीन, विवेक गर्ग सहित बड़ी संख्या में रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के सदस्यगण उपस्थित थे।

नवा रायपुर में चार सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना को मंत्रिपरिषद की मंजूरी

22-Jan-2026
रायपुर,( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, रायपुर में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर में चार नवीन सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप ( Centres of Entrepreneurship )  की स्थापना हेतु सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के साथ एमओयू के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।
मंत्रिपरिषद का यह निर्णय छत्तीसगढ़ को आईटी-आईटीईएस, स्टार्ट-अप, नवाचार, अनुसंधान एवं विकास तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है, जिसकी स्थापना देश में आईटी-आईटीईएस उद्योग एवं तकनीकी स्टार्ट-अप इको-सिस्टम को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई है। वर्तमान में  एसटीपीआई के देशभर में 68 परिचालित केंद्र हैं, जिनमें से अधिकांश टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में स्थित हैं। 
एसटीपीआई द्वारा पूरे भारत में 24 डोमेन-विशिष्ट उद्यमिता केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं, जो स्टार्ट-अप्स को इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप, फंडिंग सपोर्ट, तकनीकी मार्गदर्शन एवं बाजार से जुड़ने में सहयोग प्रदान करते हैं।
नवा रायपुर अटल नगर, छत्तीसगढ़ शासन के अधीन नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित भारत की पहली ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी है। 237 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित यह नगर थीम-आधारित सेक्टरों, अत्याधुनिक अधोसंरचना एवं शासकीय-शैक्षणिक संस्थानों से युक्त है।
यहाँ महानदी भवन, इंद्रावती भवन, विधानसभा, आईआईआईटी, हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर तथा आगामी भारत का प्रथम निजी एआई आधारित विशेष आर्थिक क्षेत्र स्थित है। ऐसे में  एसटीपीआई के सहयोग से सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना नवा रायपुर को एक राष्ट्रीय तकनीकी हब के रूप में विकसित करेगी।
मंत्रि-परिषद के अनुमोदन के पश्चात  एसटीपीआई राज्य शासन एवं अन्य हितधारकों के सहयोग से नवा रायपुर अटल नगर में कुल चार नए सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एआई, हर्बल मेडिसिन एवं वन उत्पाद आधारित सेंटर, स्मार्ट सिटी सेंटर, स्मार्ट एग्री सेंटर की स्थापना करेगा। ये चारों आगामी 3 से 5 वर्षों में लगभग 135 डोमेन-विशिष्ट स्टार्ट-अप्स को सहयोग प्रदान करेंगे, जिससे स्थानीय युवाओं, उद्यमियों एवं नवाचारियों को बड़ा मंच मिलेगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र राज्य में हार्डवेयर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को सशक्त करने के उद्देश्य से एसटीपीआई  के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र की भी स्थापना की जाएगी। प्रतिवर्ष 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्ट-अप्स एवं एमएसएमई को तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। ईएसडीएम उत्पादों के प्रोटोटाइप विकास में छात्रों, शोधकर्ताओं और उद्योगों को सहयोग देगा। 
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए व्यापक वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। 04 सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप  की स्थापना एवं संचालन हेतु कुल 105.30 करोड़ रूपए, जिसमें से 51.50 करोड़ रूपए राज्य बजट से, शेष राशि एसटीपीआई द्वारा इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय एवं अन्य हितधारकों से प्राप्त की जाएगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र की स्थापना हेतु कुल 78 करोड़, जिसमें से 35 करोड़ राज्य बजट से वहन किए जाएंगे। नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-21 में 2 एकड़ भूमि अथवा 50 से 60 हजार वर्गफुट निर्मित स्थान एसटीपीआई को निःशुल्क लीज पर उपलब्ध कराया जाएगा।
नए आईटी-आईटीईएस टॉवर के निर्माण तक टॉवर-सी, सीबीडी, सेक्टर-21 में 25,000 वर्गफुट स्थान अस्थायी रूप से निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। एसटीपीआई द्वारा एमओयू की तिथि से 12 माह के भीतर सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास केंद्र की स्थापना हेतु आवश्यक स्वीकृतियाँ प्राप्त कर कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि इस निर्णय से राज्य में आईटी निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। स्थानीय युवाओं को स्टार्ट-अप एवं नवाचार का मंच मिलेगा। छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर होगा। हमारी यह पहल राज्य को डिजिटल, नवाचार एवं उद्यमिता आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है।
 

छत्तीसगढ़ की धरती जनजातीय शौर्य और बलिदान की अमर गाथा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

22-Jan-2026
रायपुर,( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के तत्वावधान में साइंस कॉलेज ग्राउंड रायपुर में आयोजित शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने महान जनजातीय नायक एवं स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत शहीद गैंदसिंह का पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने शहीद गैंदसिंह के सम्मान में नया रायपुर में चौक के नामकरण एवं मूर्ति स्थापना, चंगोराभाटा स्थित समाज के सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार, तथा बालोद जिले के देवरी, कांकेर जिले के मरकाटोला, दानीटोला, नगरी, डोंगरगांव एवं बस्तर जिले के भानपुरी तथा करूटोला में हल्बा समाज के सामाजिक केंद्रों के निर्माण हेतु प्रत्येक स्थान के लिए 10-10 लाख रुपये प्रदान किए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही ग्राम कितूर में रंगमंच निर्माण तथा चपका बस्तर में श्रीराम मंदिर के जीर्णोद्धार की भी घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली और समृद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि देश में स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत भले ही वर्ष 1857 से मानी जाती है, किंतु उससे बहुत पहले ही छत्तीसगढ़ की धरती पर जनजातीय क्रांतियों की गूंज सुनाई देने लगी थी। महान क्रांतिकारी शहीद गैंदसिंह अंग्रेजी हुकूमत से संघर्ष करते हुए वर्ष 1825 में शहीद हुए, और उस कालखंड में भी आदिवासी समाज ने आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एक-दो नहीं बल्कि कुल 14 जनजातीय क्रांतियां हुईं, जिन्होंने अंग्रेजों की सत्ता की नींव हिला दी। यह धरती शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंदसिंह और वीर गुण्डाधुर जैसे महान जननायकों की भूमि रही है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश इन वीरों और जनजातीय नायकों को लंबे समय तक इतिहास के पन्नों में उचित स्थान नहीं मिला। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय नायकों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हुई 14 जनजातीय क्रांतियों पर आधारित ट्राइबल म्यूजियम नया रायपुर में निर्मित किया गया है, जिसका लोकार्पण स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। इस संग्रहालय में इन सभी क्रांतियों का सचित्र विवरण एवं गहन जानकारी प्रस्तुत की गई है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि सभी लोग इस म्यूजियम का अवश्य अवलोकन करें, ताकि छत्तीसगढ़ की बलिदानी धरती में जनजातीय नायकों के योगदान को भली-भांति समझा जा सके।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज देश के सर्वोच्च पद पर जनजातीय समाज की बेटी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आसीन हैं और छत्तीसगढ़ प्रदेश का नेतृत्व भी जनजातीय समाज के बेटे के हाथों में है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए। उनके नेतृत्व में जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया गया, जो आज हजारों करोड़ रुपये के बजट के साथ जनजातीय समाज के विकास को नई दिशा दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय ऐतिहासिक है। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से जनजातीय समाज के कल्याण की नई इबारत लिखी जा रही है। जनजातीय बहुल क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता से किया जा रहा है। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे पुरखों ने शिक्षा को विकास का मूलमंत्र बताया है। शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति की है और आज प्रदेश में आईआईएम, आईआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान संचालित हो रहे हैं। उन्होंने समाज के प्रबुद्धजनों से शिक्षा को बढ़ावा देने, शासन की योजनाओं की जानकारी समाज तक पहुंचाने तथा युवाओं को अपने अधिकारों और लक्ष्यों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अंचल में नक्सलवाद लंबे समय तक विकास में सबसे बड़ी बाधा रहा है, किंतु डबल इंजन सरकार के संकल्प और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से इस बाधा को दूर किया जा रहा है। वर्षों से विकास से वंचित इस अंचल में अब विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि शहीद गैंदसिंह छत्तीसगढ़ के पहले वीर शहीद जननायक थे, जिन्होंने वर्ष 1824-25 में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंका। उन्होंने अंग्रेजों द्वारा संसाधनों की लूट और आदिवासियों के शोषण के खिलाफ साहसिक संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के जनजातीय नायकों का योगदान अतुलनीय रहा है।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र माहला, महामंत्री गिरवर सिंह ठाकुर, महेश गागड़ा सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक, शिक्षा, आईटी और स्वास्थ्य से जुड़े अहम फैसले

21-Jan-2026
रायपुर,( शोर संदेश )  21 जनवरी 2026 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -
1) मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्ताव का अनुमोदन तथा इससे संबंधित समस्त अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए विभाग को अधिकृत किया गया। 
2) मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में उच्च कोटि का शैक्षणिक संस्थान स्थापित किये जाने हेतु विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को उनके नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना के लिए सेक्टर-18 में चिन्हांकित लगभग 40 एकड़ भू-खण्ड का आबंटन लीज के रूप में एकमुश्त 90 वर्षाें के लिए करने की स्वीकृति प्रदान की है। 
एसव्हीकेएम एक ख्याति प्राप्त संस्था है, जो वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत तथा वर्तमान में 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित है, जोकि एक लाख से अधिक छात्रों को प्रति वर्ष प्री-प्राइमरी से लेकर डॉक्टोरल कार्यक्रमों में शिक्षा प्रदान करता है। वर्ष 2025 में एनआईआरएफ यूनिवर्सिटी रैकिंग में इस संस्था को 52वां रैंक प्राप्त हुआ है। नवा रायपुर में इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना से राज्य में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और मजबूती मिलेगी।  
3) मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में 04 नवीन उद्यमिता केन्द्रों की स्थापना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू का निर्णय लिया है। इससे राज्य में आईटी/आईटीईएस उद्योग तथा तकनीकी स्टार्ट-अप इको सिस्टम को प्रोत्साहित करने में यह एमओयू महत्वपूर्ण होगा। 
सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के 68 केन्द्र संचालित है, जिनमें 60 भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित है। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से एआई, मेडटेक (हर्बल मेडिसिन एवं वन उत्पाद आधारित), स्मार्ट सिटी तथा स्मार्ट एग्री उद्यमिता केन्द्रों के माध्यम से आगामी तीन से पांच सालों में डोमेन विशेष के 133 स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देंगे। राज्य सरकार द्वारा छात्रों, उद्यमियों, शोधकर्ताओं तथा उद्योगों को ईएसडीएम उत्पादों के प्रोटोटाइप विकसित करने में सहयोग प्रदान करने के लिए एसटीपीआई के माध्यम से एक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास (ईएसडीडी) केन्द्र स्थापित किया जाएगा, जो प्रति वर्ष 30 से 40 हार्डवेयर, स्टार्टअप और एमएसएमई को सभी सहायता प्रदान करेगा।  
4) मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओ में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, वर्तमान संसाधनों को सुदृढीकरण करने तथा निर्धारित मानक के अनुसार जांच की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लैब के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक निर्णय लिए गए हैं। 


 

सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

19-Jan-2026
रायपुर,  ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन अधिकारी-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसके लिए अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और सेवाभाव के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिला अधिकारी मैदानी स्तर पर भ्रमण करें और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों का निराकरण करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करें सभी फील्ड स्तर के अधिकारी अपने मुख्यालय में रहें। 
मुख्यमंत्री साय ने कल सूरजपुर जिले में विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों की क्रियान्वयन की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर को चाँदनी बिहारपुर जैसे दूरस्थ अंचलों में बुनियादी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव बना कर भेजने के निर्देश दिए ताकि उन स्थानो पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सके। उन्होंने बैठक में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की समीक्षा में कहा कि किसानों को धान खरीदी केन्द्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। किसानों को धान बेचने किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली बिल योजना के बेहतर क्रियान्वयन, सड़कों का गुणवत्तायुक्त तथा समय-सीमा में पूर्ण करने और स्वास्थ्य अमले को अस्पतालों में सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  
इस मौके पर कलेक्टर एस.जयवर्धन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ विजेन्द्र पाटले सभी जिला अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पीएम सूर्यघर योजना के तहत लगे सोलर सिस्टम का किया निरीक्षण

18-Jan-2026
रायपुर,  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर विकासखंड के सरना पारा, पर्री निवासी राजकुमारी द्विवेदी के निवास पर पहुँचकर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत स्थापित सोलर सिस्टम का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने घर की छत पर लगाए गए सोलर पैनल  एवं उससे जुड़ी तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी ली और योजना के ज़मीनी क्रियान्वयन को नज़दीक से देखा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने द्विवेदी एवं उनके परिवारजनों से आत्मीय बातचीत की और योजना से प्राप्त हो रहे लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। परिवारजनों ने बताया कि सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद बिजली की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित हुई है और घरेलू बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे आर्थिक राहत मिली है।
मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली बिल में हो रही बचत, दैनिक उपयोग में सुविधा तथा ऊर्जा आत्मनिर्भरता के अनुभवों के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह योजना आम नागरिकों को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा दे रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार को स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराना है। यह योजना बिजली पर निर्भरता को कम करने के साथ-साथ हरित ऊर्जा की दिशा में देश और राज्य को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक परिवार इस योजना से जुड़ें और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को बिना किसी कठिनाई के इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत के विज़न को ज़मीन पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
 

बस्तर अंचल का होगा चहुंमुखी विकास, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा ऐलान

17-Jan-2026
रायपुर,  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि बस्तर अंचल का चहुंमुखी विकास होगा। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद समाप्ति की ओर है और इसके बाद बस्तर अंचल में तेजी से विकास दृष्टिगोचर होगा। मुख्यमंत्री साय कांकेर जिले पखांजूर में आयोजित कार्यक्रम में 284 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास किया। 
मुख्यमंत्री साय ने नेताजी सुभाष स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में परलकोट क्षेत्रवासियों के विकास के लिए विभिन्न घोषणाएं भी की गई, जिनमें नए शिक्षा सत्र से बंग समाज के 135 ग्रामों की प्राथमिक शालाओं में नये शिक्षा सत्र से बांग्ला भाषा में शिक्षा प्रांरभ करने की घोषणा की। उन्होंने संबलपुर से दुर्गूकोंदल होते हुए पखांजूर तक सड़क निर्माण, पखांजूर के मंडी गेट से अंजाड़ी नाला तक गौरवपथ, मछली मार्केट पखांजूर से नर-नारायण सेवा आश्रम तक सीसी सड़क, शासकीय कन्या शाला मैदान में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण, पखांजूर में फायर ब्रिगेड वाहन सेवा शुरू करने तथा सिविल अस्पताल पखांजूर में धनवंतरि जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स स्थापित करने की घोषणा की। 
मुख्यमंत्री ने जनसमुदाय को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार प्रशासनिक कार्याे में स्वच्छता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करने की इच्छा शक्ति के साथ लगातार विकास की ओर आगे बढ़ रही है। साय ने बताया कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों का अनुसरण करते हुए प्रदेश सरकार तेजी से कार्य कर रही है। दो साल की अल्पावधि में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास की स्वीकृति दी है, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 08 लाख हितग्राहियों ने गृह प्रवेश भी कर लिया है। इसी तरह महतारी वंदन योजना में 70 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में नियद नेल्लानार, धरती आबा अभियान, पीएम जनमन जैसी अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही है, जिससे विकास कार्याे कों गति मिली है। मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना को पुनः प्रारंभ किया गया। मेहनतकश किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की जा रही है। कार्यक्रम को कांकेर सांसद भोजराज नाग अंतागढ़ विधायक विक्रमदेव उसेण्डी ने भी सम्बोधित किया।  
मुख्यमंत्री साय ने नर नारायण सेवा आश्रम पहंचे और वहां पूजा अर्चना कर तथा प्रदेशवासियांे की समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि नर सेवा ही नारायण की सेवा है ध्येय से स्थापित किए गए इस आश्रम में आस्था और परंपरा को आगे बढ़ाने का पुण्य कार्य किया जा रहा है। उन्होंने वहां आश्रम के संस्थापक स्वामी सत्यानंद परमहंस के तैलचित्र एवं प्रतिमा का विधिविधानपूर्वक पूजन किया। इसके पश्चात वे पखांजूर के मुख्य मार्ग पर स्थित परकोट विद्रोह के क्रांतिकारी शहीद गैंद सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनकी शहादत को नमन किया। 
इस अवसर पर विधायक आशाराम नेताम, राज्य हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण नरेटी, पूर्व सांसद मोहन मण्डावी, पूर्व विधायक मंतूराम पवार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे। 
 

मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026 का भव्य समापन, मुख्यमंत्री साय ने कीं विकास से जुड़ी अहम घोषणाएँ

17-Jan-2026
रायपुर, ( शोर संदेश ) राजा मोरध्वज की त्याग, धर्म और सत्यनिष्ठा की गौरवगाथा को समर्पित मोरध्वज आरंग महोत्सव–2026 का समापन समारोह ऐतिहासिक गरिमा और भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राजा मोरध्वज का जीवन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों का अमर प्रतीक है, जो आज भी समाज को सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आरंग की यह पुण्यभूमि त्रेता युग में प्रभु श्रीराम के चरण-स्पर्श से तथा द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों से अनुप्राणित रही है। उन्होंने बागेश्वर बाबा में विधिवत जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और सतत विकास की कामना की।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति देने वाली कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने समोदा उप तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने और वहाँ पूर्णकालिक तहसीलदार की पदस्थापना की घोषणा की। इसके साथ ही मोरध्वज महोत्सव के लिए दिए जाने वाले शासकीय अनुदान को ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में प्रस्तावित खेल परिसर सहित अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने का आश्वासन भी दिया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार “मोदी की गारंटी” के अनुरूप जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को सरकार की विकास नीति का प्रमुख आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि संवेदनशील शासन, त्वरित निर्णय और जनता से सीधा संवाद ही सरकार की पहचान है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सैंड आर्टिस्ट हेमचंद साहू को रेत से भगवान श्रीकृष्ण, भगवान श्रीराम एवं भगवान बागेश्वरनाथ की दिव्य आकृतियाँ उकेरने के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कलाकार की सृजनशीलता और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी उत्कृष्ट कला न केवल हमारी आस्था और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करती है, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करती है। उन्होंने कलाकार को भविष्य में भी इसी प्रकार अपनी कला के माध्यम से प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए शुभकामनाएँ दीं।
समापन अवसर पर जनप्रतिनिधियों, साधु-संतों, मातृशक्ति, युवाओं एवं बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों की सहभागिता ने समारोह को ऐतिहासिक बना दिया। मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति को सफल और भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए प्रदेशवासियों को मोरध्वज महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, गुरु बालकदास साहेब, सांसद विजय बघेल, बृजमोहन अग्रवाल, विधायक इंद्रकुमार साहू,मोतीलाल साहू, रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
 

मुख्यमंत्री साय ने जशपुर को 122 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी

16-Jan-2026
रायपुर,।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर प्रवास के दौरान जिले में स्वास्थ्य, अधोसंरचना, जनकल्याण और सामाजिक विकास के कार्यों को ऐतिहासिक गति प्रदान की। उन्होंने जिले में 122 करोड़ से अधिक के विकास कार्यो का लोकार्पण एवं भूमिपुजन किया और उज्ज्वला योजना के तहत 2 हजार से अधिक महिलाओं को घरेलू गैस कनेक्शन प्रदान किए। 
मुख्यमंत्री साय ने विकासखंड बगीचा में लगभग 2.43 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण करते हुए इसे वनांचल और विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा सहित लगभग दो लाख की आबादी के लिए जीवनरेखा बताया। इस आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र में जनरल सर्जरी, ईएनटी, शिशु रोग, अस्थि रोग, स्त्री रोग सहित विशेषज्ञ सेवाएँ और आधुनिक लैब जांच की सुविधा उपलब्ध होगी तथा इसके सुचारु संचालन के लिए 100 मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब लोगों को दूर शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री साय ने इसी परिसर में मेगा हेल्थ कैंप का शुभारंभ भी किया, जिसमें न्यूरो, नेफ्रोलॉजी, हड्डी रोग, स्त्रीरोग, ईएनटी, प्लास्टिक सर्जरी सहित सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने हजारों लोगों की जांच, लैब टेस्ट और निःशुल्क दवा वितरण किया तथा गंभीर रोगियों को उच्चस्तरीय अस्पतालों में रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा सुलभ हो और इसी लक्ष्य से जशपुर में मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना की जा रही है।
बगीचा में उज्जवला महोत्सव में मुख्यमंत्री साय ने 2 हजार से अधिक महिलाओं को घरेलू गैस कनेक्शन प्रदान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उज्जवला योजना से महिलाओं को धुएँ से मुक्ति, स्वास्थ्य सुरक्षा और आत्मसम्मान मिला है। उन्होंने मुद्रा योजना के अंतर्गत युवाओं को रोजगार प्रारंभ करने के लिए ऋण का चेक वितरण भी किया तथा बगीचा में आत्मानंद स्कूल में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, बगीचा-बिंदे मार्ग पर पुल, कन्हर नदी पर पुल और बगीचा रेस्ट हाउस के उन्नयन की घोषणा की। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी की गारंटी पर जनता ने विश्वास जताया है और सरकार बनते ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख घर स्वीकृत किए गए, जिनमें से 8 लाख से अधिक पूर्ण हो चुके हैं, धान की 21 क्विंटल प्रति एकड़ खरीदी, 3100 रूपए प्रति क्विंटल भुगतान, बोनस भुगतान, तेंदूपत्ता दर वृद्धि और महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक-एक हजार रूपए की सहायता जैसे फैसलों से आमजन के जीवन में ठोस बदलाव आया है।
बगीचा में उज्जवला महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने 110.47 करोड़ रूपए की लागत से 46 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया, जिनमें 3.34 करोड़ रूपए के 9 कार्यों का लोकार्पण और 107.13 करोड़ रूपए के 37 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इनमें पोड़ीखुर्द-सुलेशा दनगरी घाट सड़क, पंडरापाठ सन्ना आर्चरी अकादमी परिसर, घेरडेवा नदी पर उच्चस्तरीय पुल, बगीचा-बतौली मार्ग पर पुल, केरापाठ-गायबुढ़ा सड़क और कई ग्रामीण संपर्क मार्ग शामिल हैं, जो क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देंगे।
फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पमशाला में आयोजित अखिल भारतीय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने 12.22 करोड़ रूपए की लागत से 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया, जिनमें उच्चस्तरीय पुल, ग्रामीण सड़कें, सामाजिक भवन, स्कूल सौंदर्यीकरण, मंदिर पहुँच मार्ग, छात्रावास और एसडीएम कार्यालय भवन शामिल हैं। उन्होंने पमशाला सामाजिक भवन के विस्तार हेतु ईब नदी पर एनीकट के लिए 39 लाख रूपए, ढुरूडाड़ में कंवर समाज भवन के लिए 25 लाख रूपए और पोंगराबहार में सामाजिक भवन के लिए 20 लाख रूपए की अतिरिक्त घोषणाएँ भी कीं। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने पमशाला स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने बगीचा में 1 करोड़ रूपए की लागत से निर्माणाधीन मंगल भवन का भी निरीक्षण किया, जिसमें 9,550 वर्गफुट में विशाल हॉल, स्टेज, कक्ष, पार्किंग और आधुनिक सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों को विवाह, सामाजिक और सार्वजनिक आयोजनों के लिए सुसज्जित सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि अंतिम व्यक्ति तक सुविधा पहुँचे और बस्तर-सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचल भी विकास की मुख्यधारा में मजबूती से आगे बढ़ें। 
इन कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय, विधायक रायमुनी भगत तथा गोमती साय, पूर्व विधायक भरत साय, माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवती, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

 

 




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