ब्रेकिंग न्यूज

जनप्रतिनिधि

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से हल्बा हल्बी आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य मुलाकात

25-Dec-2025
रायपुर,। ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अखिल भारतीय राष्ट्रीय महासभा हल्बा हल्बी समाज के प्रतिनिधिमण्डल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री साय को 20 जनवरी 2026 ग्राम खैरवाही जिला बालोद में आयोजित होने वाले क्रांतिकारी अमर शहीद गैंदसिंह जी के 201 वी शहादत दिवस समारोह कार्यक्रम में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए पूरे हल्बा हल्बी समाज के सदस्यों का धन्यवाद देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर अध्यक्ष मंतुराम पवार, जी आर राणा,श्याम सिंह तारण, जी आर चुरेंद्र एवं देवेंद्र सिंह भाऊ सहित समाज के अन्य सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में खेलों का विकास सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

24-Dec-2025
रायपुर,( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय यहां राजधानी रायपुर के कोटा रोड स्थित स्वामी विवेकानंद एथेलेटिक स्टेडियम में आयोजित 45वीं एनटीपीसी जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के शुभारंभ किया। उन्होंने 45वीं एनटीपीसी जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं दी और खिलाड़ियों को उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए उनका उत्साहवर्धन किया। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह सौभाग्य है कि प्रदेश को राष्ट्रीय ट्राइबल गेम्स के आयोजन का अवसर मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया के माध्यम से देश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बहुत अच्छे अवसर मिल रहे हैं। साथ ही आज पूरे देश और प्रदेश में खेल को लेकर बेहतर वातारण तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलों का विकास हमारी प्राथमिकता मे शामिल है। सरकार द्वारा सभी खेलों के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा को निखारने सभी सुविधाएं और प्रोत्साहन दिया जा रहा है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में भी खेलो इंडिया के नये परिसरों की शुरुआत की गई है, इससे खेल प्रतिभाओं को सभी जरुरी सुविधाएं मिल रही हैं। राज्य में खेल अलंकरण समारोह का आयोजन किया जाता है जिससे खिलाड़ियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाता है। हमारी सरकार ओलंपिक में शामिल होने वाले एथलीट को 21 लाख रुपये देगी। यदि हमारे प्रदेश का कोई युवा खिलाड़ी ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतता है तो उसे 3 करोड़, रजत पदक जीतने पर 2 करोड़ तथा कांस्य पदक जीतने वालों को एक करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। 
उल्लेखनीय है कि 45वीं एनटीपीसी जूनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन छत्तीसगढ़ प्रदेश आरचरी एसोसिएशन एवं छत्तीसगढ़ खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 22 से 30 दिसंबर तक आयोजित होगी। प्रतियोगिता में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 500 खिलाड़ी  हिस्सा ले रहे है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाश मोरारका, महासचिव आयुष मोरारका, ईश्वर प्रसाद अग्रवाल सहित विभिन्न प्रदेशों से आए खिलाड़ी, कोच,मैनेजर तथा गणमान्यजन व खेलप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।





 

युवा ही प्रदेश और देश का भविष्य हैं: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

24-Dec-2025
रायपुर( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ के युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और रचनात्मक क्षमता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीन दिवसीय इस महोत्सव का उद्घाटन करते हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़ 2026 के शुभंकर ‘मोर वीर’, थीम सॉन्ग एवं खेलो इंडिया टॉर्च का रिमोट बटन दबाकर अनावरण किया।
मुख्यमंत्री साय ने युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। उद्घाटन समारोह में अबूझमाड़ क्षेत्र के खिलाड़ियों द्वारा मलखंब की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी गई। महिला कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी एवं एथलेटिक्स खिलाड़ी अमित कुमार द्वारा खेलो इंडिया टॉर्च का अनावरण किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा ही देश और प्रदेश का भविष्य हैं। राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और खेल सहित हर क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह युवा महोत्सव न केवल युवाओं की प्रतिभाओं को पहचान देने का मंच है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम भी है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खेलो इंडिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देने, मलखंब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान करने तथा अमेरिका गॉट टैलेंट में चयनित मलखंब खिलाड़ी अनतई पोटाई के अमेरिका आने-जाने का सम्पूर्ण व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस युवा महोत्सव में प्रदेशभर से 3,000 से अधिक युवा भाग ले रहे हैं, जो 14 सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विधाओंकृ8 दलीय एवं 6 एकलकृमें अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। लोकनृत्य, लोकगीत, वाद-विवाद, चित्रकला और कविता लेखन की विजेता प्रतिभाएँ वर्ष 2026 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय युवा उत्सव में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार से अधिक युवाओं की सहभागिता यह प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होकर शांति, विकास और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। जनजातीय अंचलों में खेलों की अपार संभावनाएँ हैं और सरकार इन क्षेत्रों की प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें आगे बढ़ा रही है।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि युवाओं की सृजनशील सोच से ही देश आगे बढ़ता है और केंद्र व राज्य सरकारें मिलकर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर 
प्रयासरत हैं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने घोषणा की कि आने वाले समय में सरगुजा अंचल में भी ओलंपिक-स्तरीय खेल आयोजनों का आयोजन किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर बदल रहा है और आज जनजातीय क्षेत्रों के युवा राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं।इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायकगण अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष राजा पांडे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी और युवा उपस्थित थे।














 

जो कहा, वह किया, और जो नहीं कहा, वह भी करके दिखाया” : केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा

23-Dec-2025
रायपुर, । ( शोर संदेश )  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के सफल दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जांजगीर-चांपा जिले के खोखराभाठा पुलिस लाइन मैदान में आयोजित जनादेश परब में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा  ने मंच से प्रदेश की उपलब्धियों, जनकल्याण और भविष्य की दिशा पर स्पष्ट संदेश दिया। वंदे मातरम और राज्यगीत के साथ आरंभ हुए कार्यक्रम में जनविश्वास, गौरव और निर्माण के संकल्प को दोहराया गया।
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि “जो कहा था, वह किया - और जो नहीं कहा था, वह भी करके दिखाया।” उन्होंने दो वर्षों के रिपोर्ट-कार्ड को रेखांकित करते हुए बताया कि सरकार ने किसानों, महिलाओं, युवाओं और श्रमिकों के हित में संवेदनशील और परिणामकारी निर्णय लिए हैं, जिनका असर जमीनी स्तर पर दिख रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के पहले महीने में किसानों को 3700 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान और बीते दो वर्षों में 1.25 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष अंतरण अन्नदाताओं के सम्मान का प्रमाण है। भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए 5 लाख से अधिक हितग्राहियों को 10-10 हजार रुपये की सहायता दी गई, जिससे उनकी सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा मजबूत हुई। 
केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती तंत्र, 32 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया, लोक सेवा आयोग में पारदर्शिता, नालंदा लाइब्रेरी की स्थापना और आईटीआई के आधुनिकीकरण जैसे कदमों को उन्होंने “भविष्य-निर्माण की नींव” बताया। महिलाओं के स्वावलंबन हेतु महतारी वंदन योजना और महतारी सदन, पीएम जनमन के तहत 70 लाख परिवारों को लाभ तथा धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से आदिवासी समाज के सशक्तिकरण को उन्होंने सरकार की संवेदनशीलता का उदाहरण बताया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट 22 गुना बढ़ा है, 32 अमृत स्टेशन वर्ल्ड-क्लास मानकों पर विकसित हो रहे हैं और आयुष्मान भारत, उज्ज्वला, जल जीवन मिशन, पीएम-किसान जैसी योजनाओं का व्यापक लाभ आमजन तक पहुंचा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा कि सरकार आम जनता के विश्वास पर खरा उतरने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन, भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना, चरण पादुका सहित अनेक योजनाओं से विकास को गति मिली है। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद की कमर तोड़ने और नक्सल-मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में ठोस प्रगति हुई है। सुरक्षा, पुनर्वास और विकास - तीनों मोर्चों पर समन्वित रणनीति से शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट 2047 के माध्यम से संसाधन-समृद्ध छत्तीसगढ़ को सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने का रोडमैप तय किया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को अवसरों का राज्य मिल सके।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि जांजगीर-चांपा में जनादेश परब का आयोजन जिले के लिए ऐतिहासिक क्षण है। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटियों को एक-एक कर पूरा किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सरकार बनने के बाद 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं और विकास के सभी कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे आमजन को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है।
वित्त मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि सरकार ने लोकतंत्र, जनविश्वास और सुशासन को सुदृढ़ किया है। विजन डॉक्यूमेंट के माध्यम से छत्तीसगढ़ विकास के नए मानक गढ़ रहा है। जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर जनता को बधाई देते हुए कहा कि इस अवधि में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 2 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों के रिपोर्ट-कार्ड और “सेवा के 2 साल” पुस्तक का विमोचन किया, जिसमें सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गया है। कार्यक्रम के दौरान जांजगीर-चांपा की विशिष्ट पहचान को रेखांकित करते हुए कोसा और कांसा भेंटकर अतिथियों का पारंपरिक स्वागत-अभिनंदन किया गया।कार्यक्रम में बीते दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित वीडियो का प्रदर्शन हुआ। 
केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विभिन्न विभागों की विकासमूलक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, शिक्षा, महिला-बाल विकास, जल संसाधन, ऊर्जा, सहकारिता सहित कई स्टॉलों पर योजनाओं की जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री साय ने हितग्राहियों से सीधे संवाद कर योजनाओं से जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को सुना। कार्यक्रम में पीएम आवास योजनांतर्गत लाभार्थियों को चाबियां सौंपी गईं। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का आह्वान किया।
इस दौरान कृषि मंत्री राम विचार नेताम, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा सांसद  कमलेश जांगड़े ने जनादेश परब को संबोधित करते हुए विगत 02 वर्ष में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य निरंतर विकास होने की बात कही।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, मंत्रीगण दयालदास बघेल,  केदार कश्यप, लखन लाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, लक्ष्मी राजवाड़े, टंकराम वर्मा, गजेन्द्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, राजेश अग्रवाल अन्य सांसद-विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


 

राज्य सरकार ने आगामी वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ घोषित किया: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

23-Dec-2025
रायपुर  । ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का पहला वर्ष ‘विश्वास वर्ष’ के रूप में समर्पित किया गया था, जिसमें शासन और जनता के बीच विश्वास की पुनर्स्थापना का लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त हुआ। लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हुए सरकार ने पारदर्शिता, संवेदनशीलता और संवाद के माध्यम से जनता का भरोसा फिर से अर्जित किया।
उन्होंने कहा कि सेवा का दूसरा वर्ष भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाया गया। इस दौरान प्रदेश के आधारभूत ढांचे, सामाजिक विकास और जनकल्याण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूरे हुए। इन उपलब्धियों का विस्तृत ‘रिपोर्ट कार्ड’ आज जनता के समक्ष सीधे प्रस्तुत किया गया, जो सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता का परिचायक है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश को सबसे अधिक आशीर्वाद मातृशक्ति से मिलता है। माताओं और बहनों के स्नेह, विश्वास और समर्थन से ही सरकार को जनसेवा की ऊर्जा प्राप्त होती है। इसी भाव से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने आगामी वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में घोषित किया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘महतारी गौरव वर्ष’ के दौरान राज्य की सभी प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों का केंद्रबिंदु माताएँ और बहनें होंगी। यह वर्ष न केवल मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक होगा, बल्कि उनके सशक्तिकरण, सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन और सामाजिक गरिमा को नई ऊँचाई देने का संकल्प भी सिद्ध होगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महतारी गौरव वर्ष के माध्यम से छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति के नेतृत्व, सहभागिता और सम्मान का एक नया अध्याय लिखा जाएगा, जो विकसित और समरस छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा।
मुख्यमंत्री ने जनसभा में उपस्थित  केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  जगत प्रकाश नड्डा के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रेरणास्पद उद्बोधन ने कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मार्गदर्शक विचार छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा के संकल्प को और अधिक दृढ़ बनाते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  प्रदेश के जांजगीर में ‘जनादेश परब’ के अवसर पर आयोजित ऐतिहासिक जनसभा में उमड़े जनसमर्थन के लिए  प्रदेशवासियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह विशाल सहभागिता लोकतंत्र में जनता के अटूट विश्वास और सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों की स्वीकृति का सशक्त प्रमाण है।






 

छत्तीसगढ़ी सिनेमा हमारी लोकसंस्कृति और अस्मिता का जीवंत दस्तावेज: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

22-Dec-2025
रायपुर, ।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम द्वारा आयोजित “छत्तीसगढ़ रजत जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ी फिल्मों का सफर” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ी सिनेमा की विकास यात्रा, उपलब्धियों और उज्ज्वल भविष्य पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के गठन में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि छालीवुड की सशक्त नींव रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने निगम के प्रथम अध्यक्ष स्वर्गीय राजेश अवस्थी का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उनका असामयिक निधन न केवल छत्तीसगढ़ी सिनेमा, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा आज एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने निगम की वर्तमान अध्यक्ष मोना सेन को एक अनुभवी, कर्मठ और समर्पित कलाकार बताते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में छालीवुड का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ी फिल्में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की संस्कृति, कला और पहचान को और अधिक सशक्त रूप में स्थापित करेंगी।
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1957 से प्रदेश में फिल्मों के निर्माण का सिलसिला प्रारंभ हुआ। उन्होंने भूलन कांदा उपन्यास पर आधारित फिल्म “भूलन द मेज” को प्राप्त राष्ट्रीय पुरस्कार को पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा की जड़ें लोक संस्कृति, लोककथाओं और सामाजिक सरोकारों से गहराई से जुड़ी हैं, जो इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा हमारी लोकसंस्कृति और अस्मिता का जीवंत दस्तावेज है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ी फिल्मों के विकास को लेकर पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में चित्रोत्पला फिल्म सिटी का निर्माण किया जा रहा है, जिसके लिए 150 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश में छालीवुड का भविष्य स्वर्णिम है और फिल्म उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक वर्ष प्रदेश के चहुंमुखी विकास की नई इबारत लिख रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ी फिल्म विकास की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। 
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले निर्माताओं और वरिष्ठ कलाकारों मोहन सुंदरानी, सतीश जैन, संतोष जैन, मनोज वर्मा, अनुज शर्मा और प्रेम चंद्राकर को सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष  मोना सेन ने मुख्यमंत्री साय का अभिनंदन करते हुए निगम के पुनर्गठन के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ी फिल्म “मोर छइंहा भुइंया” के निर्माता सतीश जैन को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस फिल्म ने छत्तीसगढ़ी सिनेमा को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री के समग्र और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
 इस अवसर पर कौशल विकास  मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायकगण सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, छत्तीसगढ़ तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य सहित बड़ी संख्या में कलाकार, निर्माता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 


पत्रकारों की लेखनी पर्यटन विकास की मजबूत कड़ी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

22-Dec-2025
रायपुर।  ( शोर संदेश ) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राजस्थान के अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण से लौटने के उपरांत छत्तीसगढ़ के पत्रकारों के दल ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में  सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर पत्रकारों ने 15 से 20 दिसम्बर तक राजस्थान भ्रमण के दौरान वहां की विधायिका, प्रशासनिक कार्यप्रणाली तथा पर्यटन के क्षेत्र में किए गए नवाचारों के अनुभवों को साझा किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पत्रकारों के लिए अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है, ताकि अन्य राज्यों के शासन-प्रशासन, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास से जुड़े नवाचारी प्रयासों को पत्रकारों के दृष्टिकोण से समझा जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे अध्ययन भ्रमणों से प्राप्त अनुभवों के आधार पर छत्तीसगढ़ में भी नई और प्रभावी पहल शुरू की जा सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे इस यात्रा के अनुभवों को यात्रा-वृत्तांत के रूप में लिपिबद्ध करें, जिससे यह आम पर्यटकों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यटन को प्रोत्साहन देने का एक सशक्त साधन भी है।
प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से बस्तर धरती पर स्वर्ग के समान है, किंतु नक्सलवाद लंबे समय तक इसके विकास में एक बड़ी बाधा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने की दिशा में राज्य सरकार पूरी दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पर्यटन को राज्य की नई उद्योग नीति में शामिल किया गया है। इसके तहत सुदूर वनांचलों में होम-स्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि पर्यटक ग्रामीण परिवारों के साथ रहकर उनकी संस्कृति, खान-पान और जीवनशैली को नजदीक से अनुभव कर सकें। इससे पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि  विश्व के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों में छत्तीसगढ़ के धुड़मारास को शामिल किया जाना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों द्वारा दिए गए सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि इन पर गंभीरता से विचार कर उन्हें अमल में लाया जाएगा।
इस अवसर पर जशपुर से विजय त्रिपाठी ने बताया कि राजस्थान भ्रमण के दौरान वहां की विधानसभा देखने का अवसर मिला, जहां आमजन को विधि निर्माण की प्रक्रिया और विधानसभा की कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए एक भव्य संग्रहालय का निर्माण किया गया है। इस संग्रहालय के माध्यम से राज्य निर्माण से लेर्तमान तक की विधायी यात्रा और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के योगदान को समझने का अवसर मिलता है।
कोरबा से विजय खेत्रपाल ने कहा कि इस अध्ययन भ्रमण के माध्यम से यह समझने का अवसर मिला कि राजस्थान में सैकड़ों वर्ष पुराने किलों और महलों को आधुनिक जनसुविधाओं से जोड़कर पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया गया है। इसके साथ ही रेगिस्तानी क्षेत्रों में जीप सफारी, ऊंट सवारी, पैरा-सेलिंग, डेजर्ट कैंप जैसी गतिविधियों के माध्यम से पर्यटन को आकर्षक रूप दिया गया है, जो छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रभावी केस स्टडी हो सकती है।
जगदलपुर के अर्जुन झा ने जयपुर स्थित चोकरधानी के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां ग्रामीण जीवन, लोकसंस्कृति और खान-पान को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसी प्रकार बस्तर पंडुम के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। टिंकेश्वर तिवारी ने भी राजस्थानी खान-पान की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों को पर्यटन स्थलों पर प्रमुखता से बढ़ावा देने पर जोर दिया।
स्टेट न्यूज़ सर्विस के युवा पत्रकार रजत अवस्थी ने राजस्थानी टोपी साफा से मुख्यमंत्री साय का सम्मान करते हुए पत्रकार भ्रमण योजना को प्रारम्भ करने के लिए धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह, जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी, संयुक्त संचालक जितेंद्र नागेश सहित पत्रकारगण एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।








 

 


बाबा गुरु घासीदास का संदेश पूरी मानवता के लिए पथ-प्रदर्शक: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

21-Dec-2025
रायपुर,(शोर संदेश)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सारंगढ़ स्थित गुरु घासीदास ज्ञान स्थली, पुष्पवाटिका में आयोजित तीन दिवसीय संत गुरु घासीदास रजत जयंती समारोह के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने ज्ञान स्थली में स्थापित जैतखाम में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के मार्गदर्शक थे। उनका अमर संदेश “मनखे-मनखे एक समान” सामाजिक समानता, मानवीय गरिमा और भाईचारे की सुदृढ़ नींव रखता है। उन्होंने कहा कि जिस दौर में समाज छुआछूत, भेदभाव और रूढ़ियों से जकड़ा हुआ था, उस समय बाबा गुरु घासीदास ने सत्य, अहिंसा और समानता का निर्भीक संदेश देकर समाज को नई दिशा दी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार संत गुरु घासीदास बाबा के विचारों से प्रेरणा लेकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और न्याय पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अधिकांश गारंटियों को बीते दो वर्षों में धरातल पर उतारा गया है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में धान का रकबा और किसानों की संख्या दोनों में वृद्धि हुई है, जो कृषि क्षेत्र में सरकार की नीतियों के प्रति किसानों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। सरकार प्रत्येक पात्र किसान से धान खरीदी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है, जिससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पीएससी भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि युवाओं को योग्यता के आधार पर अवसर मिल सके। नई औद्योगिक नीति के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग के बेटा-बेटियों को उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह नीति न केवल रोजगार सृजन को बढ़ावा दे रही है, बल्कि सामाजिक न्याय को भी सशक्त कर रही है। मुख्यमंत्री ने सभी समाज वर्गों से संत गुरु घासीदास बाबा के विचारों को आत्मसात करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।
इस अवसर पर अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि “मनखे-मनखे एक समान” का विचार सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे की अडिग आधारशिला है। उन्होंने बताया कि बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती पूरे विश्व में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में अनुसूचित जाति समाज के विकास को नई गति मिली है। गिरौदपुरी धाम के सर्वांगीण विकास के अंतर्गत जैतखाम, मंदिर परिसर, अमृत कुंड, छाता पहाड़ तक सड़क, सीढ़ियों एवं प्रकाश व्यवस्था जैसे अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्य प्रवेश द्वार से मंदिर तक शेड निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये तथा अन्य विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त भंडारपुरी धाम के विकास हेतु 17 करोड़ 11 लाख 22 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे वहां अधोसंरचना संबंधी कार्य शीघ्र प्रारंभ होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान हेतु प्रत्येक वर्ष पांच प्रतिभावान युवाओं को पायलट प्रशिक्षण के लिए 15-15 लाख रुपये की सहायता देने का निर्णय भी लिया गया है।
समारोह को राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में सांसद राधेश्याम राठिया, विधायक उत्तरी गणपत जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय, पूर्व विधायक निर्मल सिन्हा, डॉ. छबिलाल रात्रे, केराबाई मनहर, कामदा जोल्हे, ज्योति पटेल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक पदाधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित थे।

अल्पायु में अदम्य साहस का अद्वितीय उदाहरण हैं गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादे: मुख्यमंत्री साय

20-Dec-2025
रायपुर, (शोर संदेश)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा आयोजित वीर बाल रैली में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस भव्य रैली में लगभग 5,000 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं, स्काउट-गाइड एवं एनसीसी कैडेट्स ने सहभागिता की। रैली में सिख परंपरा की वीरता को दर्शाती गतका जैसी साहसिक गतिविधियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं प्रेरणादायी झांकियों ने उपस्थित जनसमूह को गहरे भावनात्मक स्तर पर जोड़ा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में हम दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों — बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी — के अद्वितीय बलिदान को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल 9 वर्ष और 7 वर्ष की अल्पायु में साहिबजादों ने जिस अदम्य साहस, आस्था और बलिदान का परिचय दिया, वह मानव इतिहास में अनुकरणीय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में भी साहिबजादे किसी दबाव के आगे नहीं झुके, अपनी आस्था से विचलित नहीं हुए और धर्म एवं सत्य की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। यह बलिदान केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। साय ने कहा कि सिख धर्म की यह गौरवशाली परंपरा हम सभी के लिए गर्व का विषय है। नई पीढ़ी को साहिबजादों के बलिदान और मूल्यों से परिचित कराना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 से वीर बाल दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की पहल अत्यंत सराहनीय है। इससे बच्चों और युवाओं में शौर्य, साहस और राष्ट्रप्रेम की भावना प्रबल हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम साहिबजादों के जीवन को देखते हैं, तो हमें दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा दिए गए संस्कारों और शिक्षाओं पर गर्व होता है। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना कर अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग दिखाया। उनकी प्रेरक पंक्तियाँ “सवा लाख से एक लड़ाऊँ, चिड़ियन ते मैं बाज लड़ाऊँ, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहलाऊँ।” आज भी हर भारतीय के भीतर साहस और संघर्ष की चेतना जागृत करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंक्तियाँ हमें सिखाती हैं कि साधन नहीं, साहस और संकल्प ही विजय का मार्ग प्रशस्त करते हैं। भारत की धरती धन्य है, जिसने ऐसे महान गुरुओं और साहिबजादों को जन्म दिया। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग एवं शिक्षा विभाग को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। 
कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि साहिबजादों का बलिदान हमें निर्भीकता, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रथम की भावना का मार्ग दिखाता है। उनका जीवन हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।
छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने साहिबजादों की शहादत के ऐतिहासिक प्रसंगों से उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया।
इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, सीजीएमएससी अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा सहित सिख समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि, समाजसेवी एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से साहू समाज के प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य मुलाकात

19-Dec-2025
रायपुर( शोर संदेश )।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विगत दिवस छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन में साहू समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने साहू समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारी को बधाई और शुभकामनाएं दी। 
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक ईश्वर साहू, विधायक इंद्र कुमार साहू सहित साहू समाज के नवनिर्वाचित प्रांतीय अध्यक्ष डॉ नीरेंद्र साहू,उपाध्यक्ष सत्यप्रकाश साहू,गिरजा साहू, नारद साहू, नन्द लाल साहू चंद्रभूषण साहू सहित साहू समाज के नवनिर्वाचित राज्य स्तरीय तथा जिला स्तरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

 



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